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लेटर ने बढ़ाई सियासी तपिश: AAP ने LG को बताया ‘गजनी’, BJP ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली   दिल्ली में हवा चलने की वजह से एक्यूआई में भले ही कुछ सुधार हो गया है, लेकिन इस बीच राजनीति 'गंभीर श्रेणी' में पहुंच गई है। दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी 'आप' के बीच टकराव और आरोप-प्रत्यारोप चरम पर पहुंच गया है। एलजी विनय सक्सेना की ओर से अरविंद केजरीवाल को लिखे गए लेटर के बाद 'आप' भड़की हुई है। अब फिल्मी पलटवार करते हुए केजरीवाल की पार्टी ने एलजी को 'गजनी' बताते हुए उनका पोस्टर जारी किया है। वहीं, भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि भूले तो दिल्ली को केजरीवाल हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। दरअसल पिछले दिनों एलजी वीके सक्सेना ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम 15 पन्नों का लेटर लिखते हुए उन पर कई आरोप लगाए। एलजी ने कहा कि जब केजरीवाल सीएम थे तो उनके सामने प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर करने पर आप प्रमुख ने इसे नजरअंदाज करने को कहा था। एलजी के मुताबिक केजरीवाल ने कहा था, 'सर यह हर साल होता है। मीडिया इसे 15-20 दिन उठाती है। एक्टिविस्ट और कोर्ट मुद्दा बनाते हैं और फिर हर कोई भूल जाता है। आपको भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।' एलजी की ओर से किए गए इन दावों को पहले तो 'आप' ने खारिज किया और फिर फिल्मी पोस्टर के जरिए पलटवार किया है। 'आप' ने आमिर खान की फिल्म 'गजनी' के पोस्टर में फेरबदल करते हुए एलजी पर निशाना साधा। आप दिल्ली के एक्स हैंडल पर इस पोस्टर को साझा करते हुए LG का मतलब बताया गया- लो क्वालिटी गजनी। पोस्टर पर लिखा गया है, 'दिल्ली में भारी प्रदूषण से गई एलजी की याददास्त, केजरीवाल को लिखा पत्र।' फिल्म के पोस्टर को एडिट करके एलजी का चेहरा लगा दिया गया है। शरीर पर- केजरीवाल इज रिस्पॉन्सिबल, बीजेपी, पलूशन, दिल्ली इन 2025 जैसे शब्द लिखे हैं। 'आप' का कहना है कि सक्सेना भूल गए हैं कि अब दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और प्रदूषण से निपटने की जिम्मेदारी उसकी है। वीरेंद्र सचदेवा ने 'आप' पर पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भूले हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए पूर्व की आप सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा, 'जिम्मेदारी हमारी है लेकिन किन चीजों की? उन पापों की जो आपने 12 साल में किए। आज प्रदूषण की जो हालत है उसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। एलजी ने जो कहा वह मेरे लिए भी हैरान करने वाला है। उस समय के मुख्यमंत्री, जब एलजी प्रदूषण पर बात करते हैं, तो कहते हैं कि 15-20 दिन का मुद्दा है, मीडिया उठाएगी, कुछ लोग कोर्ट जाएंगे और फिर बात खत्म हो जाएगी। इस पर बात करने की जरूरत नहीं है। आज की हालत के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।जहां तक पोस्टर की बात है, गजनी को भूलने की बीमारी थी। दिल्ली में करारी हार के बाद कोई भूला है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। आप के विदूषकों ने तस्वीर गलत लगाई है, अरविंद केजरीवाल की लगानी चाहिए थी जो दिल्ली को भूलकर भाग गए।'  

नौकरी के लालच में खून का रिश्ता शर्मसार: पिता की हत्या में शामिल निकला अपना ही बेटा, जानिए पूरी कहानी

भोजपुर भोजपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में झारखंड पुलिस में चालक हवलदार के पद पर तैनात पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही बेटे ने की थी। संपत्ति और नौकरी के लालच में बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। भोजपुर पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के पुत्र ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि पशुपतिनाथ तिवारी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। बेटे को यह उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि करीब दो साल पहले भी आरोपी पुत्र ने पिता को दुर्घटना में मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय उसकी योजना नाकाम हो गई थी। पिछले दिसंबर महीने में जब पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी पर अपने गांव आए थे, उसी दौरान घर में सोए अवस्था में गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक द्वारा कुछ जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने को लेकर भी पुत्र उनसे नाराज था। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

10 साल बाद वतन वापसी: भारत ने किया इलाज, अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम पर उठे सवाल

नई दिल्ली  अमेरिका में करीब एक दशक गुजारने वाले प्रवासी भारतीय (NRI)का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने अमेरिका के हेल्थ सिस्टम का एक ऐसा सच उजागर कर दिया है, जिस पर लोगों की काफी टिप्पणियां आ रही हैं। उन्होंने रेडिट पर इस शीर्षक से एक डिटेल पोस्ट लिखी है कि 'भारत ने मुझे ठीक कर दिया।' उन्होंने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए कहा कि मैं आभारी हूं कि भारत में आकर ठीक हो गया। अमेरिका में तो किसी भी व्यक्ति की हेल्थ से ज्यादा तवज्जो कमाई पर दी जाती है। वहां पर मरीजों को सिर्फ मनी मेकिंग मशीन के तौर पर देखा जाता है। NRI शख्स ने लिखा, 'भारत ने मुझे बचा लिया। यह बात सच है। मैंने अमेरिका में 10 साल गुजारे। वे लोग मेरी शिक्षा और करियर को लेकर हैरान होते थे, लेकिन मैं अपने घर और परिवार को मिस कर रहा था।' उन्होंने लिखा कि मैं डेटा साइंटिस्ट के तौर पर काम कर रहा था और 2017 में वह बीमार हो गए थे। इस दौरान जब उन्हें अमेरिकी अस्पतालों का रुख करना पड़ा तो परेशानी का सामना करना पड़ा। NRI शख्स ने लिखा, 'अमेरिका का हेल्थकेयर सिस्टम ऐसा है कि लोगों में डर पैदा कर देता है। एक सामान्य एंजाइटी की समस्या को लो इतना जटिल और डरावना बना देते हैं कि पूछिए मत।' उन्होंने लिखा कि 2018 की शुरुआत में मुझे पता चला था कि सिज़ोअफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या मुझे हो गई है। यह बढ़ता ही रहा, जबकि मैंने अमेरिका में कई डॉक्टरों को दिखाया था। यूज़र ने लिखा, 'अगर मुझे अब भी सिज़ोफ्रेनिया होता तो नौकरी नहीं कर पाता। सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित लोग मतिभ्रम और भ्रम के शिकार होते हैं।' इसके बाद वह लिखते हैं कि मैंने सेकेंड ओपिनियन के लिए भारत का रुख किया। मैं बेंगलुरु NIMHANS अस्पताल के एक डॉक्टर से मिला। इसके बाद मेरा सिज़ोअफेक्टिव डिसऑर्डर कुछ समय से ठीक हो गया। अब मुझे मूड डिसऑर्डर और कभी-कभी एंग्जायटी है।' उनकी इस पोस्ट पर कई लोगों ने सहमति जताई और कहा कि भारत लौटने का आपका फैसला ठीक था। इसके अलावा कई लोगों ने अमेरिका में हेल्थकेयर की महंगी कीमतों पर भी सवाल उठाया। एक यूजर ने लिखा कि यह बात सही है कि भारत दुनिया के उन कुछ देशों में शामिल है, जहां हेल्थकेयर की सुविधा अच्छी है और दाम भी कम है। मैं इस बात की हर जगह सराहना करता हूं।

जीत के साथ ओडिशा का आगाज़, सर्विसेज पर 4 विकेट की रोमांचक जीत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के दूसरे राउंड का आगाज आज यानी 26 दिसंबर से होने जा रहा है। पहले दिन जिस तरह बल्लेबाजों ने कहर बरपाया, उतना ही कहर आज गेंदबाज बरपा रहे हैं। रोहित शर्मा गोल्डन डक पर आउट हुए, वहीं विराट कोहली ने 77 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि वह अपने दूसरे शतक से चूक गए। सर्विसेज की टीम 83 के स्कोर पर ढेर हो गई। ओडिशा ने सर्विसेज के खिलाफ दर्ज की जीत ओडिशा ने सर्विसेज को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की है। उन्होंने विपक्षी टीम के 83 रनों के स्कोर को 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। 83 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत के करीब पहुंची ओडिशा की टीम। टारगेट से बस कुछ ही रन दूर सभी टीमों ने सेट किए टारगेट सभी टीमों ने टारगेट सेट कर दिया है। सौराष्ट्र ने 254, रेलवेज ने 267, दिल्ली ने 255, छत्तीसगढ़ ने 254, सिक्किम ने 151, गोवा ने 285 रनों का टारगेट अपनी विपक्षी टीम को दिए हैं। मुंबई ने 332 विदर्भ ने 366, उत्तर प्रदेश ने 368, बंगाल ने 206, जम्मू कश्मीर ने 342, पाडुंचेरी ने 151, तमिलनाडु ने 281, केरल ने 285, झारखंड ने 302, मेघालय ने 191, अरुणाचंल प्रदेश ने 255, बिहार ने 285 रनों का लक्ष्य अपनी विपक्षी टीमों के लिए रखा है।

ड्रग्स तस्करी पर करारा प्रहार: नागौर में 21 लाख की स्मैक जब्त, दो आरोपी पकड़े गए

नागौर नागौर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में मेड़ता थाना पुलिस ने 21 लाख रुपए कीमत के 101.12 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में प्रयुक्त एक वेन्यू कार भी पुलिस ने जब्त की। नागौर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन नीलकंठ के तहत मोहम्मद आबिद (32) पुत्र मोहम्मद सुलेमान निवासी तारकिशन जी की दरगाह और जयसिंह उर्फ राजेंद्र सिंह (31) पुत्र कल्याण सिंह निवासी जैन मंदिर रेलवे स्टेशन को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी मोहम्मद आबिद नागौर कोतवाली थाना का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है और पहले कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मेड़ता रोड थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। मेड़ता रोड थाना अधिकारी सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि पुलिस रात्रि गस्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रेण कस्बे क्षेत्र में नाकाबंदी कर एक वेन्यू कार (RJ 21 CD 0253) को रोका। तलाशी लेने पर दोनों आरोपियों के पास 101.12 ग्राम स्मैक मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 21 लाख रुपए बताई जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि ऑपरेशन नीलकंठ का उद्देश्य जिले को मादक पदार्थों के जहर से मुक्त करना है। इस कार्रवाई से नशे के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पुलिस अब आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई चेन का पता लगाएगी, ताकि बड़े तस्करों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह कार्रवाई जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की सतत मुहिम और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने के प्रयासों का उदाहरण है।  

संभागायुक्त सिंह का आह्वान: महिलाएं और बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा में आंगनबाड़ी निभाए महत्वपूर्ण भूमिका

समाज में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा में आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं – संभागायुक्त सिंह   संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की समीक्षा  की टीएल बैठक संपन्न   भोपाल          संभागायुक्त संजीव सिंह ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा में  आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी नियत समय-सीमा में निर्माण कार्य को पूर्ण कर संबंधित विभाग को जानकारी दे। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास एवं आरईएस के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का संयुक्त दल निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में टीएल बैठक में संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ, महिला एवं बाल विकास डीपीओ, आरईएफ के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर्स के साथ सभी जिलों में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति की व्हीसी के माध्यम से समीक्षा की।                संभागायुक्त  सिंह को इंजीनियर ग्रामीण यांत्रिकीय विभाग श्री आर के शर्मा ने जानकारी दी कि भोपाल संभाग के सभी जिलों में कुल 666 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र स्वीकृत किए गए जिसमें से 365 पूर्ण कर लिए गए हैं एवं शेष आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्य निर्माणाधीन प्रक्रिया में हैं। संभागायुक्त श्री सिंह ने सभी जिलों के कार्यपालक इंजीनियर (आरईएस) से व्हीसी के माध्यम से एक-एक आंगनबाड़ी केन्द्र की प्रगति की जानकारी ली एवं एक माह में निर्माण पूर्ण करने के लक्ष्य निर्धारित किए। उन्होंने लंबित कार्यों पर अप्रसंन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।        संभागायुक्त  सिंह ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तेजी से किया जाए। जो शिकायतें 100 दिवस से अधिक समय से लंबित हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों द्वारा सड़कों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रो-एक्टिव एवं रुचि लेकर हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।                  संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर्स- कमिश्नर्स कांफ्रेंस के बिंदुओं पर अधिकारियों से प्राथमिकता से कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने किसान एवं कल्याण विभाग, उद्यानिकी, पशुपालन, एवं मत्स्य पालन विभाग को विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति, पशु हानि संबंधी प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि देने का कार्य समय से करें।       समीक्षा बैठक के दौरान व्हीसी के माध्यम से संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ शामिल हुए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त संचालक श्रीमती नकी जहां कुरैशी, संभागीय अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

रेलिंग लगाने को लेकर बवाल, भीड़ ने राजस्थान पुलिस पर किया पथराव, आधा दर्जन पुलिसकर्मी जख्मी

जयपुर  जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के सांप्रदायिक तनाव और पुलिस पर हमले की खबर सामने आई है। बस स्टैंड के पास स्थित एक मस्जिद की रेलिंग लगाने के विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि उपद्रवियों ने पुलिस जाब्ते पर जमकर पथराव किया। इस हिंसक झड़प में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।   विवाद की जड़ मस्जिद के बाहर सड़क किनारे लगे पत्थरों को हटाने से जुड़ी है। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में समुदाय के लोगों ने खुद पत्थर हटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे, पत्थर हटाने के बाद वहां लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री बनाने का काम शुरू कर दिया गया। जब मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने इस निर्माण को रोकने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला कर दिया। अचानक हुए पथराव में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका नहीं मिला। घायल 6 जवानों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार और डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा थानों की पुलिस तैनात है। उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।

किसानों के लिए राहत: ई-टोकन से खाद वितरण शुरू, अब लंबी कतारों में समय नहीं खोएंगे

जबलपुर  किसानों को रसायनिक खाद वितरण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने लगातार अनेक उपाय किए पर सफलता नहीं मिली। वितरण केंद्रों में खाद पाने किसानों की कतार लंबी होती गई। स्थाई समाधान की दिशा में कार्य करते हुए शासन ने एक अक्टूबर 2025 से खाद वितरण की नई व्यवस्था ‘ई-टोकन’ का प्रयोग किया। इसके बेहतर परिणाम सामने आए। किसानों से प्राप्त फीडबैक के बाद यह व्यवस्था अब एक जनवरी 2026 से प्रदेशभर में लागू की जा रही है। जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी। योजना का फायदा यह रहा कि खाद लेने के लिए किसानों को न तो कतार में खड़ा होना पड़ा, न ही दस्तावेज लेकर भटकने की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ई-टोकन पोर्टल पर वांछित जानकारी दर्ज की, जिसके साथ ही तय मात्रा में खाद बुक हो गई। उसके बाद किसानों ने अपनी सुविधा के मुताबिक वितरण केंद्र से खाद प्राप्त कर ली। विभाग ने खाद को घर तक पहुंचाने की वैकल्पिक सुविधा भी दी है। जबलपुर में तीन माह के भीतर 40 हजार से अधिक किसानों ने ई-टोकन के माध्यम से लगभग 20 हजार 770 टन खाद ली। रबी सीजन में लगभग 59 हजार से ज्यादा किसानों ने खाद लेने के लिए ई-टोकन प्रणाली में पंजीयन कराया है। कतार से राहत, समय की भी बचत ई-टोकन व्यवस्था से किसान तय तारीख और समय पर केंद्र पहुंचकर आसानी से खाद ले सकेंगे। इससे न समय की बचत होगी, बल्कि वितरण केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण लगेगा। ई-टोकन के साथ-साथ किसानों के घर तक खाद पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की गई है, लेकिन यह व्यवस्था किसानों को खास पसंद नहीं आई। जबलपुर जिले में अब तक केवल तीन किसान ही घर-घर खाद वितरण योजना से जुड़े हैं। अधिकांश किसानों का मानना है कि केंद्र से सीधे खाद लेना अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद है। आंकड़ों पर नजर     01 अक्टूबर से जबलपुर सहित तीन जिलों में ई-टोकन की सुविधा शुरू हुई।     18 दिसंबर तक जबलपुर में 40 हजार किसानों ने 20 हजार 770 टन खाद ली-     59 हजार 732 किसानों ने रबी सीजन में ई-टोकन के जरिए खाद लेने पंजीयन कराया।     03 माह के भीतर चार हजार से अधिक किसानों को ई-टोकन से खाद दी गई। ऐसे ले सकते हैं ई पोर्टल से खाद     ई-टोकन पोर्टल पर किसान पंजीयन कराना जरूरी है।     इसके लिए ई-टोकन डट एमपीकृषि डाट ओआरजी ओपन करें।     ट्रस्ट/पट्टा/अन्य कृषक का पंजीयन पर क्लिक करें।     आधार नंबर दर्ज करें और आधार सत्यापन पर क्लिक करें।     ओटीपी प्रविष्ट करें एवं आधार सत्यापित पर क्लिक करें।     आधार सत्यापन के बाद स्वतः प्रदर्शित जानकारी दें।     किसान का नाम, मोबाइल और आधार नंबर व पते की जानकारी दें।     भूमि विवरण जोड़ने की प्रक्रिया में जाकर और कुल रकबा, सिंचित रकबा और खसरा नंबर दें।     स्थान विवरण चयन कर जिला, विकासखंड, ग्राम की जानकारी दें।     इसके बाद भूमि जोड़ें पर क्लिक करें।     अंत में चेक बाक्स में क्लिक कर अनुमोदन को प्रेषित करें। यह डाटा राजस्व विभाग के पास चला जाएगा। डा. एसके निगम, उप संचालक, कृषि ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन की व्यवस्था जबलपुर समेत प्रदेश के तीन जिलों में लागू की गई थी। इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। किसानों से फीडबैक लेने के बाद अब इसे प्रदेशभर में एक जनवरी 2026 से लागू किया जा रहा है।

Gold और Silver की कीमतों में जबरदस्त उछाल, सोना ₹1,287 बढ़कर रिकॉर्ड पर, चांदी ₹2.32 लाख पार

इंदौर  सोने-चांदी की दहाड़ से सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। आज सोने-चांदी के भाव एक और नया इतिहास लिख चुके हैं। दोनों धातुएं आज भी एक नए ऑल टाइम हाई पर हैं। चांदी के भाव एक झटके में 13117 रुपये प्रति किलो उछकर 232100 रुपये प्रति किलो पर खुले। जबकि, सोने के भाव में 1287 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 239063 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 142051 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। MCX पर दोनों कीमती धातुएं अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से बुलियन सेगमेंट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। MCX पर सोना 1.39 लाख के पार, बना नया रिकॉर्ड मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना तेज उछाल के साथ नया इतिहास रच गया। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,39,290 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया, जो अब तक का सबसे ऊंचा भाव है।दोपहर के कारोबार में भी सोना मजबूती बनाए हुए नजर आया और करीब एक प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा। निवेशकों का रुझान साफ तौर पर सोने की ओर बढ़ा है। चांदी की रफ्तार और तेज, 2.33 लाख रुपये के पार सोने के साथ-साथ चांदी ने भी बाजार में तूफान ला दिया। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 2,33,183 रुपये प्रति किलो का स्तर छूकर नया ऑल-टाइम हाई बना दिया।दिनभर के कारोबार में चांदी में हजारों रुपये की तेजी देखने को मिली, जिसने इसे निवेशकों का सबसे पसंदीदा एसेट बना दिया। कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 1282 रुपये उछल कर 137362 रुपयेकै प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 141482 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1179 रुपये चढ़कर 126329 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 130118 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 966 रुपये की तेजी के साथ 103436 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 106539 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 753 रुपये चढ़ा है। आज यह 80680 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 83100 रुपये पर है। 2025 में सोना-चांदी ने दिया जबरदस्त रिटर्न इस साल की बात करें तो सोना और चांदी दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सोने ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है, वहीं चांदी ने तो उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाई कराई है। यही वजह है कि मौजूदा समय में बुलियन मार्केट को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चमक, डॉलर के मुकाबले मजबूती वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा, जबकि चांदी ने भी नया उच्चतम स्तर छू लिया।अमेरिकी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितता ने इस तेजी को और बल दिया। आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक तनाव, महंगाई की चिंता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर में उतार-चढ़ाव जैसे कारणों से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर जा रहे हैं। ऐसे माहौल में सोना और चांदी सबसे भरोसेमंद निवेश बनकर उभरे हैं। आगे क्या रहेगा ट्रेंड, निवेशकों को क्या करना चाहिए? मौजूदा हालात में बुलियन बाजार का ट्रेंड मजबूत नजर आ रहा है। हालांकि, जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होती हैं, तो मुनाफावसूली का जोखिम भी बढ़ जाता है।निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें और बाजार की दिशा को समझते हुए ही निवेश करें। इस साल सोना ₹61,752 और चांदी ₹1,46,083 महंगी हुई     इस साल अब तक सोने की कीमत 61,752 रुपए बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,37,914 रुपए हो गया है।     चांदी का भाव भी इस दौरान 1,46,083 रुपए बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,32,100 रुपए प्रति किलो हो गई है। गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण     डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।     जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।     रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं। चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण     इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।     ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।     मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी। आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि चांदी की डिमांड में अभी तेजी है जिसके आगे भी बने रहने का अनुमान है। ऐसे में चांदी इस साल के आखिर तक चांदी की कीमत 2.50 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है। वहीं अगर सोने के बात करें इसकी डिमांड में भी तेजी बनी हुई। ऐसे में अगले साल तक ये 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। वहीं इस साल के आखिर तक इसकी कीमत 1.40 लाख रुपए किलो पहुंच सकती है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड … Read more

पूर्व कप्तान का बड़ा बयान: टी20 वर्ल्ड कप टीम में अभी से वैभव सूर्यवंशी को मौका दो

नई दिल्ली भारत के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णमचारी श्रीकांत ने बीसीसीआई से गुजारिश की है कि वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द सीनियर सेटअप में शामिल किया जाए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी कम उम्र में टीम इंडिया के सीनियर सेटअप का हिस्सा बन गए थे। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंडिया के स्क्वाड का ऐलान पहले ही हो चुका है लेकिन श्रीकांत का कहना है कि भले ही अब देर हो चुकी है लेकिन चयनकर्ता चाहे तो सूर्यवंशी को फास्ट-ट्रैक करके अब भी वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल कर सकते हैं। एज-ग्रुप क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के तेजी से उभार और डोमेस्टिक क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए श्रीकांत ने कहा कि इस युवा की तकनीक और रनों की भूख उसे बाकी से अलग बनाती है। पूर्व कप्तान ने कहा कि सचिन तेंदुलकर ने 16 की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव ने भी अपने से बड़े उम्र के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी क्षमता को दिखाया है। उसने हायर लेवल के हिसाब से तेजी से खुद को ढाला है और अब सिलेक्टर को इंतजार करने के बजाय इस प्रतिभा को जल्द से जल्द टी म में लाना चाहिए। वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की तरफ से पहले मैच में इतिहास रच दिया। वह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रन की पारी खेली थी और अपना शतक सिर्फ 36 गेंद में पूरा किया था। वैभव सूर्यवंशी के अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से श्रीकांत काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सिलेक्टर्स को तत्काल इस युवा खिलाड़ी पर ध्यान देना चाहिए। अपने यूट्यूब चैनल चीकी चीका पर श्रीकांत ने कहा, ‘वैभव हर जगह शतक जड़ रहा है। चाहे आईपीएल हो, अंडर19 हो। हर जगह। आप कह सकते हैं कि ये तो अरुणाचल प्रदर्श के खिलाफ था लेकिन वह एक अलग कहानी है। ये लड़का हर किसी को और हर तरह के मैच में कूट रहा है। मैंने पिछले साल भी कहा था कि उन्हें इसे टी20 वर्ल्ड कप के लिए फास्ट-ट्रैक करना चाहिए। हो सकता है कि अब बहुत देर हो गई हो लेकिन अब भी वे उसे टीम में फास्ट ट्रैक कर सकते हैं। इस लड़के के अंदर जबरदस्त संभावना है, क्षमता है। उसे फास्ट ट्रैक किया जाना चाहिए और जल्द ही भारतीय टीम में लाना चाहिए।’ श्रीकांत ने कहा, 'लोग कहते हैं कि अभी उसे कुछ और समय खेलने दो। उसे ये करने दो। उसे वो करने दो। सचिन ने भी कम उम्र में खेला था। सही है कि वह हर स्तर पर शतक जड़ने के बाद इंडिया के लिए खेले थे लेकिन यही चीज इस लड़के के लिए वाइट बॉल क्रिकेट को लेकर किया जा सकता है।'