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यातायात पुलिस का रोड सेफ्टी 4E’s आधारित दो दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स संपन्न

सड़क दुर्घटनाओं में कमी एवं संवेदनशील यातायात प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल भोपाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री शाहिद अबसार के मार्गदर्शन एवं विशेष पहल पर पुलिस परिवहन शोध संस्थान (PTRI) द्वारा 23 दिसंबर से 24 दिसंबर तक यातायात पुलिस रिफ्रेशर कोर्स का राज्य स्तरीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेशभर के यातायात पुलिस निरीक्षक से आरक्षक स्‍तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को “रोड सेफ्टी 4E’s मॉडल”—Education (शिक्षा), Engineering (अभियांत्रिकी), Enforcement (प्रवर्तन) और Emergency-Care (आपातकालीन देखभाल) पर आधारित आधुनिक, व्यावहारिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक श्री टी.के. विद्यार्थी द्वारा 4E’s के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए गोल्डन आवर के दौरान घायल व्‍यक्ति को बचाये जाने के लिए राहवीर एवं कैशलैस उपचार योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा द्वारा CPR/BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) का लाइव प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) कर व्यावहारिक रूप से जीवन-रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के समापन सत्र में डॉ. मयंक दुबे एवं श्री एस.एस.लल्‍ली द्वारा यातायात प्रबंधन से संबंधी सड़क अभियांत्रिकी व प्रवर्तन की कार्यवाही एवं संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में पुलिस की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर PTRI के सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिजीत कुमार रंजन, श्री विक्रम रघुवंशी, उप पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु कार्तिकेय सहित अन्य प्रशिक्षण टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा

स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन विभाग की पहल कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा  जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं में भी लोग ऑनलाइन जमा कर रहे टैक्स रायपुर.  स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं। इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है। "छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हमें प्रसन्नता है कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी डिजिटल सुविधाएँ पहुँच रही हैं और लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर रहे हैं। यह स्थानीय स्वशासन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत—तीनों का लाभ मिल सके।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय “नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा से शहरों के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह व्यवस्था पारदर्शी शासन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं के लोग भी घर बैठे आसानी से टैक्स जमा कर पा रहे हैं। इससे नागरिकों का समय बचेगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और स्थानीय स्वशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। हमारी सरकार शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

मध्यप्रदेश के छात्रों को राहत, 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित

भोपाल प्रदेश के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए शीतकालीन अवकाश को लेकर बड़ी और स्पष्ट जानकारी सामने आई है। राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार इस वर्ष प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। यह अवकाश सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा, जिससे छुट्टियों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। शासन के निर्देशों के अनुसार ही होगी छुट्टी इस बार राज्य सरकार ने शीतकालीन अवकाश को लेकर सख्ती बरती है और साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल शासन द्वारा घोषित तिथियों का ही पालन करेंगे। इसी कारण मिशनरी स्कूलों सहित कई निजी स्कूलों ने अपने पुराने नियमों में बदलाव किया है और अब अवकाश की अवधि शासन के आदेश के अनुरूप रखी गई है।   मिशनरी स्कूलों ने बदला पुराना पैटर्न दरअसल, प्रदेश में CBSE से संबद्ध स्कूलों में मिशनरी संस्थानों की संख्या अधिक है। बीते वर्षों में अधिकांश मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 23 दिसंबर से 2 जनवरी तक घोषित कर दिया जाता था, जो कि शासन द्वारा निर्धारित छुट्टियों से अलग था। लेकिन इस बार शिक्षा विभाग की सख्ती और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के चलते मिशनरी स्कूलों ने भी अपने पुराने लंबे अवकाश के नियम को बदल दिया है और शासन की घोषित तारीखों के अनुसार ही छुट्टी देने का निर्णय लिया है। 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक रहेगा अवकाश राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में एपमी बोर्ड (MP Board) से संबद्ध स्कूलों और सभी सरकारी स्कूलों में 31 दिसंबर से 3 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। इसके अलावा 4 जनवरी रविवार होने के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस तरह छात्रों को लगातार पांच दिनों की छुट्टी का लाभ मिलेगा। 5 जनवरी से खुलेंगे स्कूल शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद प्रदेश के सभी स्कूल 5 जनवरी (सोमवार) से दोबारा नियमित रूप से खुलेंगे। शिक्षण कार्य पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार शुरू होगा। अभिभावकों और छात्रों को राहत एक समान अवकाश व्यवस्था लागू होने से अभिभावकों और छात्रों दोनों को राहत मिली है। अब अलग-अलग बोर्डों और स्कूलों की छुट्टियों को लेकर भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शैक्षणिक कैलेंडर में भी अनुशासन बना रहेगा और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। कुल मिलाकर, इस बार शीतकालीन अवकाश को लेकर शासन का रुख साफ है सभी स्कूलों के लिए एक समान नियम और एक समान तारीखें।

कस्‍तूरबा छात्रावास अधीक्षकों का प्रशिक्षण

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर तैयार की गई प्रशिक्षण मार्गदर्शिका भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बालिकाओं की स्‍कूली शिक्षा के लिए संचालित कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की पहचान केवल आवासीय विद्यालय के रूप में ही नहीं है, ये छात्रावास सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समुदायों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये विशेष छात्रावास के रूप में पहचाने जाते हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए इन दिनों यहॉ की छात्रावास अधीक्षकों को सशक्तिरण के लिये राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय शैक्षणिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा) के सहयोग से केजीबीवी वार्डन के सशक्तिकरण के लिये राष्‍ट्रव्‍यापी प्रशिक्षण प्रारंभ किया है। नीपा नई दिल्‍ली ने इसके लिए राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों और मूल भावनाओं के अनुरूप एक प्रशिक्षण मार्गदर्शिका भी तैयार की है, जिसमें वार्डन की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन एवं उपयोग, लैंगिक संवेदनशीलता, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा तथा सामाजिक भावनात्मक विकास जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के अपर संचालक डॉ. अरूण सिंह ने बताया कि प्रत्येक कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय केन्द्र में वार्डन होती है, वार्डन छात्रावास में रह कर अध्‍ययन कर रही बालिकाओं की एक मार्गदर्शक, अभिभावक, संरक्षक, प्रशासक के रूप में छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशिक्षण के बाद वार्डन की कार्यक्षमता में और वृद्धि होगी और वे कुशलतापूर्वक कार्य कर सकेंगी। 207 कस्तूरबा छात्रावास प्रदेश में वर्तमान में 207 कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 40 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को आवास सुविधा के साथ भोजन, स्पोटर्स, आत्मरक्षा, उपचारात्मक शिक्षा, करियर कॉउंसिल भी शामिल हैं।  

तस्वीरों से सोशल मीडिया पर ‘आग’ लगाने वाली नेहा भसीन, कभी बॉडीशेमिंग ने पहुंचाया था सुसाइड की कगार तक

मुंबई सिंगर और एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट नेहा भसीन ने कुछ हफ्ते पहले तब सुर्खियां बटोरी थीं, जब उनका पंजाबी गाना 'जूत्ती मेरी' वायरल हुआ था और खूब रील्स बने। अब वह अपनी नई तस्वीरों को लेकर चर्चा में हैं। नेहा भसीन ने कहीं बाहर जाकर क्रिसमस मनाया और अपनी तीन तस्वीरें शेयर की हैं, जो कतई बवाल हैं। नेहा भसीन की इन तस्वीरों पर फैंस प्यार उड़ेल रहे हैं, तो यूजर्स भी सिंगर के बिंदास अंदाज पर रिएक्ट कर रहे हैं। नेहा भसीन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये तस्वीरें शेयर कर लिखा है, 'मैं इस बार शरारती और अच्छों की लिस्ट में आ गई। क्रिसमस की शुभकामनाएं। प्लीज अच्छे बनो, दयालु बनो।' तस्वीरों पर यूजर्स के धड़ाधड़ कमेंट्स आने लगे। तस्वीरों के साथ नेहा ने सभी से एक रिक्वेस्ट भी की है। नेहा भसीन की तस्वीरों पर फैंस के धड़ाधड़ कमेंट एक यूजर ने नेहा भसीन की तस्वीरें देख लिखा, 'नॉटी फिर भी क्लासी, तुमने आग लगा दी।' एक बोला, 'वाह, क्या धमाका किया है।' एक एक कमेंट है, 'आपने तो हमारा क्रिसमस ही रोशन कर दिया।' वहीं कुछ ने नेहा भसीन की फिटनेस और एक्सप्रेशन्स की तारीफ की। 20 की उम्र में की थी सुसाइड की कोशिश नेहा भसीन के करियर और स्ट्रगल की बात करें, तो 42 वर्षीय सिंगर एक परफॉर्मर भी हैं और खुद ही अपने गाने भी लिखती हैं। वह 9 साल की उम्र से गाने गा रही हैं और कई म्यूजिक वीडियोज कर चुकी हैं। हालांकि, 20 साल की उम्र में नेहा भसीन ने सुसाइड की कोशिश की थी। उन्होंने इसकी वजह भी बताई थी। नेहा भसीन को किया गया बॉडीशेम, पी लिया था फैट बर्नर नेहा भसीन ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में बताया था कि जब वजन 50 किलो था, तो भी उन्हें बॉडीशेम किया गया था। टीवी की स्क्रीन पर उनके पेट पर घेरा बनाकर दिखाया गया था कि उनका फैट बहुत ज्यादा है, तो इसलिए उनका म्यूजिक वीडियो रिलीज नहीं किया जा सकता। नेहा इससे बुरी तरह टूट गई थीं। तब उन्होंने घर आकर आधे से ज्यादा फैट बर्नर की बोतल पी ली थी। इसके बाद उन्हें लगातार दो दिनों तक उल्टियां होती रहीं। अभी इस डिसऑर्डर से जूझ रही हैं नेहा भसीन नेहा भसीन ने बताया था कि उन्होंने 2003 में अपना करियर शुरू किया था और 2007 से ही उन्हें फैट बर्नर दिए जाने लगे थे, बिना यह सोचे कि उस कम उम्र में उन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। वहीं, नेहा ने साल 2024 में खुलासा किया था कि वह अभी प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (PMDD) से जूझ रही हैं। वह टीनएज से इसका सामना कर रही हैं।

धर्म-आस्था का वैश्विक इतिहास: 2025 में अयोध्या और काशी में रिकॉर्डतोड़ भीड़, उत्तर प्रदेश बना विश्व विजेता

अयोध्या  साल 2025 उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन के चलते आज यूपी न केवल भारत का, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है। अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता और काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं की संख्या में वो उछाल लाया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ों ने सबको चौंकाया पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में उत्तर प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शनार्थियों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए एक नई संजीवनी साबित हो रही है। अयोध्या: दुनिया की नई आध्यात्मिक राजधानी रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां न केवल देश के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हाई-टेक रेलवे स्टेशन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और चौड़ी सड़कों ने श्रद्धालुओं की राह आसान कर दी है। 2025 में अयोध्या में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि यह शहर अब दुनिया का प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है। काशी और मथुरा का कायाकल्प काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद बनारस की गलियों में अब आस्था का नया उत्साह दिखता है। गंगा आरती से लेकर मणिकर्णिका घाट तक, हर जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। वहीं, मथुरा-वृंदावन में भी 'बांके बिहारी कॉरिडोर' और अन्य विकास कार्यों के चलते भक्तों का रेला लगा हुआ है। ब्रज क्षेत्र में भी पर्यटन की अपार संभावनाओं ने स्थानीय रोजगार को पंख लगा दिए हैं।   बुनियादी ढांचे का बड़ा योगदान पर्यटन में इस ऐतिहासिक वृद्धि का मुख्य कारण यूपी का आधुनिक ढांचा है। कनेक्टिविटी एक्सप्रेसवे और नए हवाई अड्डों ने यात्रा का समय आधा कर दिया है। सुविधाएं तीर्थस्थलों पर बेहतर ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों ने पर्यटकों का भरोसा जीता है। डिजिटल दर्शन ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और दर्शन की सुगम व्यवस्था ने भीड़ प्रबंधन को आसान बनाया है। अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिली नई दिशा धार्मिक पर्यटन के इस केंद्र बनने से उत्तर प्रदेश में होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार में भारी तेजी आई है। लाखों युवाओं को गाइड, होटल मैनेजमेंट और अन्य सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं। पर्यटन अब यूपी की 'ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' के लक्ष्य को पूरा करने का सबसे बड़ा इंजन बन गया है।

नगर परिषद मौ के वार्ड-4 के पार्षद पद के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित

भोपाल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर परिषद मौ जिला भिण्ड के वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद पद के उप निर्वाचन का संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 26 दिसम्बर से शुरू हो चुका है। नाम निर्देशन पत्र 2 जनवरी तक लिये जायेंगे। नाम निर्देशन पत्रों की जाँच 3 जनवरी को होगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 जनवरी, 2026 है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। मतदान 16 जनवरी को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 19 जनवरी को सुबह 9 बजे से होगी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ राजनेता और त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष श्री बिस्वा बंधु सेन के देवलोक गमन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री सेन को विनम्र श्रद्धांजलि दी एवं बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को संबल देने के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री बिस्वा बंधु सेन ने त्रिपुरा के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य किया।

मध्‍यप्रदेश पुलिस की नकबजनी, लूट और ठगी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्यवाही तीन दिनों में 1 करोड़ 64 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों (चोरी, लूट, नकबजनी एवं धोखाधड़ी) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तीन दिनों में महत्‍वपूर्ण सफलता दर्ज की गई है। प्रदेश के गुना, इंदौर, खरगोन, जबलपुर, सागर, छतरपुर और कटनी पुलिस ने नकबजनी, लूट और ठगी के नेटवर्क पर त्वरित कार्रवाही कर न केवल शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके कब्जे से कुल 1 करोड़ 64 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति बरामद की है। गुना: दो बड़ी सफलता कुल 88 लाख 53 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त थाना विजयपुर एसआईटी ने गेल टाउनशिप में हुई नकबजनी घटना का पर्दाफाश किया है। तकनीकी विवेचना से एक शातिर नकबजन को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 84 लाख 03 हजार रूपए मूल्‍य के सोने के आभूषण एवं नगदी बरामद की है। इसी प्रकार थाना कोतवाली पुलिस ने ज्वैलर्स की दुकान से चोरी करने वाले  आरोपी को गिरफ्तार कर 4 लाख 50 हजार रूपए के जेवर और नगदी जब्त की है। इंदौर: ‘बंटी-बबली’ स्टाइल में चोरी का पर्दाफाश राऊ थाना पुलिस ने फिल्म से प्रेरित होकर ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी का मात्र 48 घंटे में पर्दाफाश‍किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर उनके कब्‍जे से 16 लाख 17 हजार रूपए के सोने-चांदी के आभूषण व घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए है। सागर: लूट का त्वरित खुलासा जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई 14 लाख की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 10 लाख 40 हजार रूपए नगद और घटना में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 11 लाख 90 हजार की संपत्ति जब्त की है। जबलपुर: 30 से अधिक अपराध करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार थाना माढ़ोताल पुलिस ने एक आदतन अपराधी अज्जू उर्फ गणेश (जिस पर 31 अपराध पूर्व से दर्ज हैं) को गिरफ्तार कर 8 चोरियों का खुलासा किया। आरोपी से सोने-चांदी के जेवर, एलईडी टीवी और एक्टिवा सहित कुल 9 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर: सूने मकान की चोरी का खुलासा थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में हुई चोरी का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, तीन मोबाइल और मोटरसाइकिल सहित कुल 7 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। खरगोन (₹20 लाख): अंतर्राज्यीय ठग गिरोह पकड़ा गया बेड़िया थाना पुलिस ने नकली सोना थमाकर असली जेवर व नकदी ठगने वाले यूपी और हरियाणा के अंतर्राज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 17 लाख रूपए नगद और 3 लाख रूपए के आभूषण बरामद किए। कटनी: सस्ते सोने के नाम पर डकैती करने वाला गिरोह गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने सस्ते सोने' के नाम पर ठगी और लूट करने वाले अंतर्राज्यीय पारधी गिरोह को गिरफ्तार किया है। छिंदवाड़ा निवासी फरियादी को आरोपियों ने सस्ते दाम में 7-8 किलो सोना देने का झांसा देकर कटनी बुलाया। जब पीड़ित 8 लाख रूपए लेकर पहुंचे, तो पारधी गिरोह के सदस्यों ने चाकू अड़ाकर रुपयों से भरा बैग और मोबाइल लूट लिए और फरार हो गए। गईं। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर कैलवारा बायपास के पास घेराबंदी कर 4 पुरुषों और 2 महिलाओं (कुल 6 आरोपी) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 8 लाख रूपए नगद, घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल, 4 चाकू, 6 मोबाइल फोन और ठगी के लिए इस्तेमाल नकली सोने की गिन्नियां (वजनी 250 ग्राम) सहित कुल 11 लाख 45 हजार रूपए की संपत्त्ति जब्‍त की है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।  

आर्थिक बदहाली के बीच पाकिस्तान को IMF से राहत, नियमों की अनदेखी के बाद भी मिली मदद

नई दिल्ली  पाकिस्तान वर्षों से एक के बाद एक आर्थिक संकट में फंसता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बेलआउट पैकेजों पर उसकी निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि आईएमएफ की शर्तों का बार-बार उल्लंघन करने के बावजूद पाकिस्तान को लगातार कर्ज मिलता रहा है। अब पाकिस्तान अपने 25वें आईएमएफ ऋण कार्यक्रम की ओर बढ़ चुका है। ताजा समझौते के तहत पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर का एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) पैकेज 37 महीनों के लिए मिला है, साथ ही 1.4 अरब डॉलर का रेज़िलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फंड (आरएसएफ) भी शामिल है। अक्टूबर में हुए स्टाफ-लेवल एग्रीमेंट के अनुसार, पाकिस्तान को ईएफएफ के तहत 1 अरब डॉलर और आरएसएफ के तहत 20 करोड़ डॉलर मिलेंगे। इस तरह दोनों व्यवस्थाओं के तहत अब तक कुल 3.3 अरब डॉलर का वितरण हो चुका है। एशियन लाइट अखबार में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यह वित्तीय मदद अस्थायी राहत जरूर देती है, लेकिन यह पाकिस्तान की बाहरी बेलआउट पर बढ़ती निर्भरता को भी उजागर करती है। आईएमएफ के कार्यक्रमों का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता और अनुशासन लाना होता है, लेकिन पाकिस्तान अब तक दीर्घकालिक सुधार लागू करने में असफल रहा है। आईएमएफ का काम घरेलू नीतियों का सूक्ष्म प्रबंधन करना नहीं, बल्कि राजकोषीय घाटा कम करना, राजस्व बढ़ाना और सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना है। इसके बावजूद, पाकिस्तान की सरकारें राजनीतिक रूप से सुविधाजनक लेकिन सामाजिक रूप से प्रतिगामी फैसले लेती रही हैं। इसका नतीजा यह है कि वेतनभोगी वर्ग और आम उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता गया, जबकि कृषि, रियल एस्टेट और रिटेल जैसे शक्तिशाली क्षेत्रों को कर के दायरे से बाहर रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में केवल करीब 2 प्रतिशत लोग ही आयकर देते हैं, जो कर व्यवस्था की गंभीर असमानता को दर्शाता है। नवंबर 2025 में जारी आईएमएफ की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान में भ्रष्टाचार की लगातार बनी हुई समस्या को रेखांकित करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए 15-सूत्रीय सुधार एजेंडा तुरंत लागू करने की मांग की गई थी। आईएमएफ की गवर्नेंस एंड करप्शन डायग्नोस्टिक असेसमेंट रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान का बजट विश्वसनीय नहीं है। कई परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें पूरे कार्यकाल में पर्याप्त धन नहीं मिल पाता, जिससे देरी और लागत में भारी वृद्धि होती है। वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने 9.4 ट्रिलियन रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच गुना अधिक है। सांसदों के प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष भी पूंजी निवेश को प्रभावित करते हैं और निगरानी को कमजोर बनाते हैं, जिससे सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है। आईएमएफ भले ही वित्तीय अनुशासन पर जोर देता हो, लेकिन असली समस्या पाकिस्तान के शासक वर्ग की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। सरकारी संस्थानों के विलासितापूर्ण खर्च जारी हैं, सब्सिडी का गलत दिशा में इस्तेमाल हो रहा है और अभिजात वर्ग के विशेषाधिकार बने हुए हैं। वहीं पेंशनरों को कटौती झेलनी पड़ रही है और गरीब उपभोक्ताओं पर गैस के फिक्स्ड चार्ज का बोझ डाला जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में यह असमानता साफ दिखती है। खपत आधारित बिलिंग के बजाय फिक्स्ड चार्ज लागू किए गए हैं, जिससे कम आय वाले परिवारों पर बेमेल असर पड़ता है। आईएमएफ लागत वसूली की बात करता है, लेकिन प्रगतिशील टैरिफ और लाइफलाइन स्लैब लागू करना पूरी तरह पाकिस्तान सरकार के हाथ में है। आईएमएफ और पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) दोनों ने डेटा आधारित सुरक्षा उपायों, भ्रष्टाचार-रोधी दिशानिर्देशों और उचित जांच की जरूरत पर जोर दिया है, लेकिन इन सिफारिशों को लागू करने में प्रगति बेहद धीमी रही है।