samacharsecretary.com

जिस छात्र शक्ति ने उखाड़ी हसीना की सत्ता, वही पार्टी आज टूट के कगार पर, जमात से गठजोड़ और भारत विरोध का खुलासा

ढाका बांग्लादेश में अगले साल 12 फरवरी को प्रस्तावित आम चुनावों से पहले छात्र आंदोलन से बनी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) गंभीर राजनीतिक संकट से जूझ रही है। 2024 में शेख हसीना विरोधी प्रदर्शनों के बाद उभरी इस पार्टी को कभी बांग्लादेश की पारंपरिक राजनीति से बाहर एक तीसरी ताकत के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि पार्टी या तो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) या फिर बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के साथ समझौता करने को मजबूर दिख रही है। NCP वही राजनीतिक दल है, जिसे उन छात्र नेताओं ने मिलकर खड़ा किया था जिन्होंने 2024 में हुए आंदोलन के बाद मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने का रास्ता साफ किया था। पार्टी पर लंबे समय से यूनुस के संरक्षण में होने के आरोप लगते रहे हैं। दूसरी ओर, अवामी लीग फिलहाल प्रतिबंधित होने के कारण चुनावी दौड़ से बाहर है। जमीन पर कमजोर, सोशल मीडिया पर मौजूदगी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, NCP को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भले ही पहचान मिली हो, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका सांगठनिक विस्तार बेहद सीमित रहा है। 350 सीटों वाली संसद (जतिया संसद) में सभी सीटों पर लड़ने की तो बात दूर, पार्टी अब महज 30 से 50 सीटों तक की सौदेबाजी तक सिमटती दिख रही है। रिपोर्ट के अनुसार, NCP और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, जमात ने NCP की 50 सीटों की मांग को अव्यावहारिक बताया है, जिसके बाद चर्चा 30 सीटों पर आकर रुक गई है। पार्टी में फूट और इस्तीफे इन संभावित गठबंधनों ने NCP के भीतर गहरी फूट पैदा कर दी है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि जमात के साथ जाना चुनावी अस्तित्व के लिए जरूरी है, जबकि दूसरा धड़ा BNP के साथ समझौते का पक्षधर है- खासकर BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी के बाद। इसी खींचतान के बीच NCP के संयुक्त सदस्य सचिव और चटग्राम इकाई के प्रमुख मीर अरशादुल हक ने इस्तीफा दे दिया। वह पार्टी के भीतर जमात विरोधी गुट के प्रमुख चेहरे माने जाते थे। द डेली स्टार के मुताबिक, उनका जाना पार्टी के अंदरूनी संकट की गंभीरता को दिखाता है। ‘यूथ पॉलिटिक्स की कब्र खोदी जा रही है’ जमात-NCP बातचीत को लेकर आरोप भी सामने आए हैं कि जमात प्रत्येक सीट के बदले NCP को 1.5 करोड़ टका दे सकती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्र आंदोलन से जुड़े नेता अब्दुल कादर ने कहा- युवा राजनीति की कब्र खोदी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि समझौते की सूरत में NCP बाकी 270 सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी और जमात का समर्थन करेगी। ‘किंग्स पार्टी’ का ठप्पा NCP पर लंबे समय से किंग्स पार्टी का तमगा लगा है। आलोचकों का कहना है कि अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने पार्टी को असामान्य राजनीतिक संरक्षण दिया- कैबिनेट में सलाहकार पद, सुधार आयोगों में नियुक्तियां और चुनावी प्रक्रिया को टालने जैसे कदम इसी धारणा को मजबूत करते हैं। हालांकि, पार्टी ने कई बार यूनुस पर भी BNP के पक्ष में झुकाव रखने के आरोप लगाए हैं, जिससे दोनों के रिश्तों की असहज और लेन-देन वाली प्रकृति उजागर होती है। लोकतांत्रिक सुधार गठबंधन पर भी असर NCP की अंदरूनी कलह का असर उसके नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक रिफॉर्म अलायंस पर भी पड़ा है, जिसमें अमार बांग्लादेश पार्टी और राज्य सुधार आंदोलन शामिल हैं। गठबंधन की शर्त थी कि वे BNP और जमात- दोनों से दूरी बनाए रखेंगे, लेकिन अब उस समझौते के टूटने के संकेत मिल रहे हैं। बांग्लादेश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। लंबे समय से लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 25 दिसंबर को 17 साल बाद स्वदेश लौट आए। उनकी वापसी पर लाखों समर्थकों ने ढाका में भव्य स्वागत किया, जिसने पूरे देश की सुर्खियां बटोर लीं। इसी बीच, छात्रों द्वारा गठित नेशनल सिटिजन पार्टी की हालिया भारत-विरोधी प्रदर्शनों की कोशिशें फीकी पड़ती दिख रही हैं। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के प्रमुख चेहरे हैं। उनका विमान ढाका के हजरत शाहजहां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा। एयरपोर्ट से उनके निवास तक का रोड शो लाखों कार्यकर्ताओं से भरा हुआ था। अनुमान है कि करीब 50 लाख लोग सड़कों पर उतरे। तारिक ने अपने पहली सार्वजनिक संबोधन में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की मशहूर लाइन आई हैव ए ड्रीम का जिक्र करते हुए कहा- मेरे देश के लिए एक प्लान है।

ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 15 साल बाद इंग्लैंड की जीत, भावुक हुए ब्रॉड और स्टोक्स; Joe Root को दिया जीत का श्रेय

नई दिल्ली  5,468 दिनों का सूखा खत्म करते हुए इंग्लैंड ने लगभग 15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच में जीत दर्ज की है। इंग्लैंड ने एशेज 2025–26 के चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर 15 साल बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की। बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन 175 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेन स्टोक्स की इंग्लैंड ने इसे 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और यादगार जीत दर्ज की। 15 साल बाद ऑस्ट्रलिया की सरजमीं पर इंग्लैंड की जीत से पूर्व दिग्गज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड काफी इमोशनल नजर आए। जीत के बाद उनकी आंखों में खुशी साफ देखी गई। कमेंट्री बॉक्स में साथी कंमेंट्रेटर ने उन्हें इमोशनल देखकर पीठ थपथपाई और बधाई दी। स्टुअर्ड ब्रॉड ने इंग्लैंड की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अपने इमोशन को शब्दों के माध्यम से भी बयां किया। स्टुअर्ट ब्रॉड ने इंग्लैंड की जीत पर बेन स्टोक्स और जो रूट को शुक्रिया अदा किया। उन्होंने उनको थैंक्यू बोलते हुए यह भी कहा कि ये खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन के कारण जीत डिजर्व करते हैं। स्टुअर्ट ब्रॉड ने कमेंट्री बॉक्स से माइक उठाते हुए बहुत ही भावनात्मक अंदाज में कहा- "16 दर्दनाक हारें, 2 ड्रॉ और उसके बाद यह जीत। देखिए इस टेस्ट मैच को जीतने का क्या मतलब है। फैंस में कितनी खुशी है। इंग्लैंड ने एमसीजी में यह टेस्ट मैच जीत लिया है और पूरी दुनिया देख रही है। थैंक्यू बेन स्टोक्स, थैंक्यू जो रूट इस जीत के लिए। वे ये जीत डिजर्व करते हैं। बेन स्टोक्स इस सीरीज के वारियर रहे हैं।" स्टुअर्ट ब्रॉड का यह इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और फैंस प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उधर मैच की बात करें तो बॉक्सिंग डे टेस्ट में गेंदबाजों का जलवा रहा। शुक्रवार से शुरू हुआ यह मैच दूसरे ही दिन समाप्त हो गया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 152 रनों पर समेट दिया। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने और घातक गेंदबाजी की। माइकल नेसर और बोलैंड की खतरनाक गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड मात्र 110 रनों पर ऑल ऑउट हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में मात्र 132 रन जोड़े और पहली पारी की 42 रनों की बढ़त के साथ 175 रनों का लक्ष्य दिया, जिसे इंग्लैंड ने 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।  

संघर्ष से सम्मान तक: दिव्यांगता को मात देने वाली JCB चालक की बेटी को ‘वीर बाल दिवस’ पर राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

डबवाली  कहते हैं कि जब इरादे बुलंद हों, तो पूरी कायनात आपका साथ देती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है डबवाली हल्के के गांव ओढ़ां में स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय की 11वीं कक्षा की होनहार दिव्यांग छात्रा ज्योति ने। उसने अपनी शारीरिक चुनौतियों को मात देकर राष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया है। ​ज्योति को उसके अदम्य साहस व खेल प्रतिभा के लिए आज 'वीर बाल दिवस' के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। ज्योति एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रो, शॉट पुट व भाला फेंक में अपनी खास पहचान बना चुकी है। उसने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण व रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि सीमाएं केवल सोच में होती हैं, लेकिन ज्योति का जीवन आसान नहीं रहा। बचपन से ही वह ‘लोकोमोटर डिसेबिलिटी’ से ग्रसित है, लेकिन उसने कभी हालातों के आगे हार नहीं मानी। उसके पिता विजयपाल ऐलनाबाद में जेसीबी मशीन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्होंने हर कदम पर बेटी के सपनों को हौसले और विश्वास का सहारा दिया। ज्योति ने वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां की चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा 6 में प्रवेश पाया। यहीं से उसके संघर्षपूर्ण जीवन को नयी दिशा की मजबूत नींव पड़ी। ज्योति की प्रतिभा को सही दिशा तब मिली जब वर्ष 2022 में कक्षा 8 उत्तीर्ण करने के बाद उसे आदित्य मेहता फाउंडेशन द्वारा हरिद्वार में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भेजा गया। सात दिनों के इस कैंप में विशेषज्ञों ने उसकी क्षमता को पहचाना और डिस्कस थ्रो व शॉट पुट में उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावना जताई। विशेषज्ञों की सलाह व अभिभावकों की सहमति से ज्योति को उन्नत प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद के जवाहर नवोदय विद्यालय, रंगा रेड्डी में भेजा गया। वहां कठोर अभ्यास के दौरान उसने अपनी खेल प्रतिभा को और निखारा। दसवीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए वह ओढ़ां लौटी, परीक्षा सफलतापूर्वक पास करने के बाद 11वीं कक्षा में दाखिले के साथ वह फिर से हैदराबाद लौट गई।   हैदराबाद में मिले कड़े प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि ज्योति ने एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं में लगातार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने ज्योति और उसके परिवार को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में वह पैरा एथलेटिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।

कम उम्र, बड़ा साहस: 10 वर्षीय सरवन सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निभाई अहम भूमिका, मिला बाल पुरस्कार

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवानों को सेवा देने वाले 10 साल के नन्हें सिपाही सरवन सिंह को शुक्रवार का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है। पाकिस्तान के साथ तनाव और भयंकर गोलीबारी के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना यह बच्चा अपने गांव के पास तैनात जवानों के लिए दूध, पानी और लस्सी पहुंचाता रहा। सरवन सिंह की इस हिम्मत और देशभक्ति को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। सरवन सिंह ने खुद कहा कि यह उनका अपना ही फैसला था कि किसी भी कीमत पर जवानों के लिए दूध और लस्सी का इंतजाम करना है और उनतक पहुंचाना है।   सरवन सिंह ने कहा, जब मिशन ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ था और हमारे फौजी हमारी रक्षा के लिए आए थे। तब मैं दूध, लस्सी, चाय और बर्फ लेकर रोज जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह अवॉर्ड मुझे दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि 10 साल के बच्चे को उसके परिवारवालों ने भी नहीं कहा था कि वह इतने खतरनाक हालात में बाहर जाए। कैन हैं सरवन सिंह? कक्षा 4 में पढ़ने वाला बच्चा सरवन सिंह आज देशभर के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गया है। वह फिरोजपुर जिले के ममडोट इलाके के तारा वली गांव के रहने वाले है। उनका गांव पाकिस्तान की सीमा से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर है। मई में 7वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल कमांडिंग ऑफिसर मेजर जनरल रंजीत सिंह मनराल ने सरवन के बारे में पहली बार बताया था। उन्होंने बताया था कि एक 10 साल का बच्चा भी ऑपरेशन सिंदूर में जवानों का साथ दे रहा था। सरवन सिंह ने कहा, मैं भी बड़ा होकर फौजी बनना चाहता हूं और देश की सेवा करना चाहता हूं। सरवन सिंह के पिता भी उसकी इस निष्ठा से बेहद खुश हैं। पंजाब में बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरवन सिंह को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाये गये अद्वितीय साहस के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किये जाने पर बधाई दी और कहा कि यह पंजाब के लिए गौरव का क्षण है। जाखड़ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाये गये अद्वितीय साहस के लिए पंजाब के 10 वर्षीय सरवन सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया गया।" यह पंजाब के लिए अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने कहा," मैं बच्चे को शुभकामनाएं देता हूं, और उसके देशभक्ति के जज़्बे को सलाम करता हूं। "  

चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अटल जी के जन्मशती वर्ष में मध्यप्रदेश का हो रहा अभ्युदय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव चित्रकूट को बनाएंगे भव्य और दिव्य धाम सतना का नया बस स्टेण्ड अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के नाम से जाना जाएगा सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ाकर 1800 मीटर तक की जाएगी मध्यप्रदेश में नए साल से चलेंगी सरकारी बसें बरगी नहर परियोजना से सतना जिले की 1.5 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन सतना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशती वर्ष मना रहे हैं। अटल जी के जन्मशती वर्ष में ही मध्यप्रदेश का रीयलस्टिक डेवलपमेंट (अभ्युदय) हो रहा है। हम मध्यप्रदेश में सरकार नहीं, परिवार चलाते हैं। प्रदेश के हर घर को परिवार मानकर जनहित के निर्णय ले रहे हैं। हमारे निर्णयों में अंत्योदय भी है और ग्रामोदय भी। सतना जिला भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रहा है। इसलिए हमारी सरकार चित्रकूट को भव्य और दिव्य धाम के रूप में विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना को स्मार्ट सिटी योजना की सौगात देकर विकास कार्यों की गंगा बहा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना के आईएसबीटी परिसर में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आईएसबीटी का लोकार्पण किया और इसका नामकरण 'अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राज्यीय बस अड्डा' करने की घोषणा की। अटल जी राजनीति में शुचिता और राष्ट्रीयता के प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जनकल्याण के लक्ष्यों को लेकर सरकार चलाई। भारतीय संसद में 50 वर्षो तक अटल जी की निर्भीक वाणी गूंजती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में आईएसबीटी बन चुका है। राज्य सरकार की भी पूरी तैयारी है कि नए साल से प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से प्रदेश के गांव-गांव तक सस्ती और सुविधाजनक बस परिवहन सेवा प्रारंभ कर दी जाएंगी। शहरों में लग्जरी बसें चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि सतना विमानतल की एयरस्ट्रिप की वर्तमान लंबाई बढ़ाकर अब 1800 मीटर तक की जाएगी, जिससे यहां जेट विमान भी उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले का कोना-कोना सिंचित किया जाएगा। बरगी नहर परियोजना का पूरा लाभ सतना जिले को मिलेगा। इससे यहां की डेढ़ लाख हैक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में 652.54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें नवीन आधुनिक आईएसबीटी एवं धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवीनीकरण कार्य के लोकार्पण सहित करीब 383 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले 650 बिस्तरीय नवीन अस्पताल का भूमिपूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों सौगातें सतना के विकास में चार चांद लगाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पूरा सप्ताह मध्यप्रदेश के विकास का ऐतिहासिक सप्ताह रहा है। धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन हुआ। ग्वालियर में "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन हुआ। कुल 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। भोपाल मेट्रो शुरू हुई और आज विन्ध्य के विकास को भी नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम ने सतना के पास चित्रकूट धाम में 11 वर्ष गुजारे थे। राज्य सरकार चित्रकूट धाम सहित सतना जिले के विकास के लिए संकल्पित है। यहां भगवान कामता नाथ विराजे हैं। देश-दुनिया के पर्यटक मंदाकनी नदी के किनारे चित्रकूट आ रहे हैं। अयोध्या के बाद चित्रकूट का अलग ही महत्व है। भगवान श्रीराम के जीवन से रिश्तों की मर्यादा समझी जा सकती है। उन्होंने सुग्रीव से मित्रता करके आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से मित्रता का महत्व सीखने की आवश्यकता है। राज्य सरकार सनातन संस्कृति और राष्ट्र के कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाते हुए विरासत का संरक्षण कर रही है। प्रदेश की बहन-बेटियों को लाड़ली बहना योजना के माध्यम से हर माह 1500 रुपए की राशि मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना में दिल्ली-मुंबई से भव्य बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। राज्य में पहले परिवहन विभाग की लाल बसें चलती थीं। अब गांव-गांव तक प्रधानमंत्री मोदी ने सड़कें बनवा दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात मिल रही है। अटलजी एक आदर्श राजनेता थे। उन्होंने देश में 24 दलों को मिलाकर सरकार चलाई, लेकिन एक वोट कम होने पर पद भी त्याग दिया। अटलजी की 101वीं जयंती के मौके पर ग्वालियर और लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना में 650 बेडेड नए अस्पताल भवन का शिलान्यास हो गया है। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से सतना को अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां 7 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण भी हुआ है। इसमें डे-नाईट क्रिकेट मैच हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए सदैव जनता के साथ खड़ी है। नए साल में बरगी नहर से सतना जिले की डेढ़ लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से चित्रकूट को भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी तीर्थों को भी हम पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार में सतना स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री हैं, इसलिए सतना जिले के नगरीय विकास में वे कोई कमी नहीं रहने देंगे। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में सतना जिला विकास के हर मामले में अव्वल है। उन्होंने सतना … Read more

योगी मॉडल का असर: भूमि से उद्योग तक यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

भूमि से उद्योग तक: यूपी टॉप, योगी के विजन पर निवेशकों का भरोसा मजबूत औद्योगिक भूमि के प्रभावी उपयोग में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में 33,327 हेक्टेयर भूमि पर संचालित हैं 286 औद्योगिक पार्क यूपी बना भरोसेमंद परिणाम देने वाला औद्योगिक गंतव्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने देश के औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसकी ठोस झलक औद्योगिक भूमि के उपयोग के आंकड़ों में दिखाई देती है। जहां देश के कई प्रमुख राज्यों में औद्योगिक पार्कों की बड़े क्षेत्रफल में भूमि आज भी निष्क्रिय पड़ी है, वहीं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कराई गई औद्योगिक भूमि का अधिकांश हिस्सा उद्योगों के लिए उपयोग हो चुका है। प्रदेश में अब तक 286 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों की सक्रियता यह स्पष्ट करती है कि निवेश प्रस्ताव केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहे। यही कारण है कि देश और विदेश के निवेशक उत्तर प्रदेश को एक भरोसेमंद और परिणाम देने वाले औद्योगिक गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। उद्योग जगत के विशेषज्ञ एसके आहूजा का कहना है कि उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश के बड़े औद्योगिक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। उत्तर प्रदेश में 286  विकसित औद्योगिक पार्कों का कुल क्षेत्रफल 33,327 हेक्टेयर है। इनमें लगभग पूरी औद्योगिक भूमि पर उद्योग या तो स्थापित हो चुके हैं या स्थापना की प्रक्रिया में हैं। इससे जहाँ उत्पादन गतिविधियों को बल मिल रहा है और वहीँ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का भी सृजन हो रहा है। यदि देश के अन्य राज्यों की स्थिति पर दृष्टिपात किया जाए तो अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। जैसे कि तेलंगाना में 157 औद्योगिक पार्कों में 30,749  हेक्टेयर भूमि आज भी निवेश के लिए उपलब्ध है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने औद्योगिक नीति को स्पष्ट दिशा प्रदान करने का काम किया है। सरकार का फोकस केवल भूमि आवंटन पर ही नहीं वरन उद्योगों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण देने पर भी रहा है। कानून-व्यवस्था में सुधार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और बुनियादी ढांचे का तेज विस्तार इस नीति के मुख्य स्तंभ बने। एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाया जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रदेश भर में संतुलित औद्योगिक विस्तार एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी), डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क और टेक्सटाइल हब जैसी योजनाओं ने औद्योगिक विकास को केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहने दिया। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उद्योग स्थापित हुए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और क्षेत्रीय असमानता में कमी आई है। राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में उत्तर प्रदेश आज ठोस परिणामों के साथ अग्रणी प्रदेश के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर जोर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार अब उद्योगों को गति देने के लिए ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर विशेष जोर दे रही है। इसके अंतर्गत निवेशकों को पहले दिन से ही तैयार अवसंरचना मिलेगी। यही मॉडल उत्तर प्रदेश को औद्योगिक मामले में अन्य राज्यों से आगे लेकर जाएगी।

अमेरिका में भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल: पत्रकार के बयान में मंदिरों और समुदाय को निशाना बनाने की बात

वाशिंगटन अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत और धमकियों के बीच एक अमेरिकी पत्रकार के बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े अमेरिकी पत्रकार मैट फॉर्नी ने दावा किया है कि आने वाले साल यानी 2026 में अमेरिका में भारतीयों को निशाना बनाया जाएगा और हिंदू मंदिरों पर हमले हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नस्लवादी और जहरीली टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट कर देना चाहिए। अमेरिकी पत्रकार ने कहा है कि भारतीय-अमेरिकियों की जान बचाने और देश में सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी को भारत वापस भेज दिया जाना चाहिए। मैट फॉर्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि वर्ष 2026 में अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत चरम पर पहुंच सकती है और भारतीय मूल के लोगों, उनके घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमले हो सकते हैं। फॉर्नी ने लिखा, "हमें DEI करना चाहिए: हर भारतीय को डिपोर्ट करो।" हालांकि, भारी विरोध के बाद उन्होंने यह पोस्ट हटा ली है। फॉर्नी ने खुद को “अमेरिका में शांति चाहने वाला” बताते हुए यह दावा किया कि भारतीयों को देश से बाहर भेजना ही इस नफरत का समाधान है। उन्होंने अपने पोस्ट में “Deport Every Indian” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे भारतीयों के खिलाफ नफरती बयान माना जा रहा है। पहले भी दे चुके हैं भारत विरोधी नफरत भरे बयान मैट फॉर्नी एक अमेरिकी कॉलमनिस्ट, लेखक और पत्रकार हैं, जिनका X जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर भारत विरोधी नफरत भरे बयान फैलाने और उन्हें डिपोर्ट करने का आह्वान करने का इतिहास रहा है। उन्हें ऐसी ही हरकत की वजह से एक अमेरिकी मीडिया संस्थान से नौकरी से भी निकाला जा चुका है। हाल ही में उन्होंने एक भारतीय-अमेरिकी महिला अधिकारी की नियुक्ति पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विशेषज्ञों और शोध संस्थानों के अनुसार, अमेरिका में खासकर भरतीय मूल के लोगों और H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर हाल के दिनों में नकारात्मक बयानबाजी बढ़ी है। भारतीयों के खिलाफ घृणास्पद पोस्ट बढ़े हैं एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ नस्लवादी और घृणास्पद पोस्ट्स की संख्या में तेजी आई है। नवंबर 2025 की CNN रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के रिसर्चर्स ने पिछले एक साल में X पर भारत विरोधी भावना में बढ़ोतरी दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर ने अक्टूबर में भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ नस्लवाद और ज़ेनोफ़ोबिया को बढ़ावा देने वाली लगभग 2,700 पोस्ट रिकॉर्ड कीं हैं। फॉर्नी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया फॉर्नी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे हिंसा भड़काने वाला बयान बताया है और अमेरिकी जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की है। कुछ यूजर्स ने भारत के विदेश मंत्रालय को भी टैग कर इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। इस पूरे मामले ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और बढ़ती नस्लीय नफरत को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

हजारों साल पुरानी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है राखीगढ़ी महोत्सव: नायब सैनी

नारनौंद/हांसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी में तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हड़प्पा ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया और म्यूजियम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मॉक खुदाई, स्वयं सहायता समूह और सरकारी विभाग द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया और पहलवानों के दांव-पेंच देखे। सीएम ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली जीवन का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर दिया और पुरातत्व स्थलों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी म्यूजियम 22 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।   पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी ऐतिहासिक महत्व का गांव है, जहां खुदाई में पहिए और स्विमिंग पूल के अवशेष मिले हैं। सरकार यहां रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देगी और भविष्य में कार्यक्रम और भव्य तरीके से आयोजित होंगे। म्यूजियम में प्रदर्शनी में हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष और छात्रों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। इस महोत्सव में देशभर के पर्यटक और इतिहास प्रेमी जुड़े। वहीं, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा विभाग के निदेशक अमित खत्री ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध राखीगढ़ी स्थित पुरातत्व विभाग की विभिन्न साइटों का दौरा किया। सीएम ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से अब तक 54 संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल लाडो लक्ष्मी योजना भी शामिल है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।   अब तक 10 लाख महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान करते हुए कहा कि जो महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को योजना के अंतर्गत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। सीएम सैनी ने जानकारी दी कि अब तक योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में दो किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा लगभग 10 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचे, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले और वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त भूमिका निभा सकें।

उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक: पंजाब-हरियाणा व चंडीगढ़ के कई इलाकों में घना कोहरा

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा इन दिनों तेज ठंड की चपेट में हैं। शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले का बल्लोवाल सौंखड़ी राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के अन्य इलाकों में लुधियाना में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री, अमृतसर में 5.1 डिग्री (सामान्य से दो डिग्री अधिक) और पटियाला में 7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पठानकोट, बठिंडा, फरीदकोट और गुरदासपुर में क्रमशः 5.4, 6, 4.9 और 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, हरियाणा में गुरुग्राम सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के अन्य शहरों में अंबाला में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री (सामान्य से तीन डिग्री अधिक), हिसार में 5 डिग्री और करनाल में 8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से दो डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। वहीं नारनौल, रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 5.5, 7.2, 6.5 और 7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

चुनाव से पहले बड़ा मौका: वोटर लिस्ट विवाद पर SIR की सुनवाई शुरू, 32 लाख मतदाता हो सकते हैं शामिल

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में भी एसआईआर की प्रक्रिया जारी है और शनिवार से लोगों की शिकायतों और दावों पर सुनवाई होने जा रही है। इसके लिए राज्य में 3234 केंद्र स्थापित किए गए हैं। 2022 की वोटर लिस्ट से जिन लोगों का लिंक नहीं मिला है, उन 32 लाख लोगों को पहले चरण में बुलाया गया है। वोटर 12 में से कोई भी एक डॉक्युमेंट जमा करके अपना नाम लिस्ट में जुड़वा सकते हैं। इसमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र भी शामिल है। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि केवल आधार से लिस्ट में नाम नहीं जुड़ेगा। उसके साथ कोई सपोर्टिंग डॉक्युमेंट भी देना होगा।   अधिकारियों ने कहा है कि बिहार में बनाई गई लिस्ट को भी वैध दस्तावेज के तौर पर स्वीकार किया जाएगा। हालांकि किसी तरह के फर्जी दस्तावेज देने पर सजा भी हो सकती है। राज्य में निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि सुनवाई की सारी तैयारियों हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 4500 माइक्रो ऑब्जर्वर्स की देखरेख में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी। वहीं सेंटर पर सुनवाई के लिए केवल ईआरओ, बीएलओ और एआरओ को ही अनुमति दी गई है। सुनवाई केंद्रों पर जरूरी प्रक्रिया हो जाने के बाद कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना मुख्य उद्देश्य है। चुनाव आयोग ने हर ईआरओ के लिए 150 मामलों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य तय कर दिया है। सुनवाई की शुरुआत उन अनमैप्ड वोटर्स की सुनवाई की जाएगी जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं है। पश्चिम बंगाल में 2002 में भी एसआईआर किया गया था।एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान कई तरह के संदिग्ध मामले सामने आए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक जो लोग 15 साल की उम्र से पहले ही पिता बन गए हैं. 40 साल की उम्र में दादा बन गए हैं, या फिर माता और पिता के नाम एक ही हैं, उनकी पहचान की गई है। 16 दिसंबर को वोटर लिस्ट पब्लिश की गई थी। वही फाइनल लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का भी ऐलान कर सकता है।