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क्राइम पर करारा प्रहार: दिल्ली में एक रात में 285 गिरफ्तारी, पुलिस का सख्त संदेश

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने नए साल के जश्न से पहले शुक्रवार को रातभर राजधानी में बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में संगठित अपराध को रोकने के लिए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही हथियार, ड्रग्स और बड़ी मात्रा में कैश जब्त किया गया है। साउथ ईस्ट दिल्ली पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के तहत की गई इस कार्रवाई में पूरी रात कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। डीसीपी साउथ ईस्ट हेमंत तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। निवारक कार्रवाई के तहत 504 लोगों को पकड़ा गया। 116 बैड कैरेक्टर (BCs) को पकड़ा गया है। 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को गिरफ्तार किया गया है। क्या-क्या हुआ बरामद 21 सीएमपी, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू जब्त किए गए। 12,258 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। 6.01 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। जुआ खेलने वालों से 2,30,990 रुपये जब्त किए गए। 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए। 231 दोपहिया वाहन और 1 चार पहिया वाहन जब्त/बरामद किए गए। निवारक उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया। दक्षिण पूर्व दिल्ली में रातभर चली छापेमारी पुलिस टीमों ने ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ से संगठित गिरोहों से जुड़े संदिग्धों को निशाना बनाकर साउथ ईस्ट दिल्ली के संवेदनशील इलाकों और क्राइम हॉटस्पॉट वाली जगहों पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान संगठित अपराध, सड़क पर अपराध करने वालों और बार-बार कानून तोड़ने वालों को निशाना बनाकर 285 लोगों को गिरफ्तार किया है। कई कानूनों के तहत सैकड़ों लोग गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आर्म्स एक्ट, एक्साइज एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के अलग-अलग प्रावधानों के तहत 285 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा नए साल की पार्टियों के दौरान संभावित अपराधों को रोकने के लिए एहतियाती कार्रवाई के तहत 504 लोगों को हिरासत में लिया गया। आदतन अपराधियों के खिलाफ खास कार्रवाई के तहत, 116 लिस्टेड बदमाशों को पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने छापेमारी के दौरान 10 प्रॉपर्टी चोरों और पांच ऑटो-लिफ्टरों को भी गिरफ्तार किया। हथियार, कारतूस और चाकू बरामद इस ऑपरेशन में बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ, जिसमें 21 देसी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू शामिल हैं। पुलिस टीमों ने ड्रग्स और अवैध शराब की खेप भी जब्त की गई। चोरी किए गए सामान भी बड़े पैमाने पर बरामद कि गए। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 310 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिन्हें छीना या लूटा गया था या फिर जिनके गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गाड़ियां जब्त, संदिग्ध पकड़े गए पुलिस ने वाहन चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए पूरे जिले में तलाशी और रोड चेकिंग के दौरान 231 दोपहिया वाहन और एक चार पहिया वाहन जब्त या बरामद किए। पुलिस ने कुल मिलाकर रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, चेकिंग, वेरिफिकेशन और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर टारगेटेड रेड कीं, जिसके तहत एहतियाती उपायों के तहत 1,306 लोगों को पकड़ा गया। संगठित अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा पर ध्यान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘ऑपरेशन आघात’ को त्योहारों के मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक निवारक हमले के रूप में डिजाइन किया गया था, जब अपराध दर में पारंपरिक रूप से वृद्धि देखी जाती है। रातभर चले इस ऑपरेशन में पुलिस की कई टीमें एक साथ काम कर रही थीं, जिन्हें लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से इनपुट मिल रहे थे। पुलिस ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद राजधानी में सक्रिय आपराधिक तत्वों को एक कड़ा संदेश देना था। यह ऑपरेशन इस सीजन में राजधानी में नए साल से पहले की सबसे बड़ी कोऑर्डिनेटेड कार्रवाई में से एक है।  

डॉक्टरों की हड़ताल से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल में OPD बंद, आपात सेवाएं जारी

शिमला हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर संकट में आ गई हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला के रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में OPD और रूटीन ऑपरेशन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। हड़ताल के पहले दिन ही मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज इलाज के लिए निजी अस्पतालों या पड़ोसी राज्यों का रुख करने को मजबूर हैं। SOP जारी, फिर भी हालात चिंताजनक मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने हड़ताल को लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इसमें कहा गया है कि इलाज और पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि OPD पूरी तरह बंद हैं और मरीज बिना इलाज लौट रहे हैं। सीएम के आश्वासन के बावजूद हड़ताल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मांगें मानने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। शुक्रवार को सीएम और डॉक्टरों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन बात नहीं बनी।शनिवार से डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। 3000 से ज्यादा डॉक्टर हड़ताल पर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के समर्थन में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी उतर आई हैं। इससे करीब 3000 डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। क्या है पूरा विवाद? 22 दिसंबर को IGMC में पल्मोनरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर राघव निरूला और एक मरीज के बीच मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जिसके बाद सरकार ने जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में डॉक्टर और मरीज—दोनों को दोषी बताया गया। 24 दिसंबर को सरकार ने डॉ. राघव निरूला को टर्मिनेट कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया। मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। AIIMS दिल्ली के डॉक्टर भी RDA के समर्थन में आ गए हैं। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें डॉ. राघव निरूला की बर्खास्तगी वापस ली जाए IGMC परिसर में हुई हिंसा के दोषियों पर FIR दर्ज हो डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी देने वालों पर कार्रवाई हो अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट शनिवार को भी अस्पतालों की OPD बंद रही। मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।

पाकिस्तान की आपत्तियाँ बेअसर, भारत ने चिनाब नदी पर नई परियोजना को दी मंजूरी

श्रीनगर भारत ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर 260 मेगावाट की दुलहस्ती स्टेज-II जलविद्युत परियोजना को पर्यावरण मंजूरी दे दी है। पर्यावरण मंत्रालय के अंतर्गत विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (ईएसी) ने इस महीने की शुरुआत में अपनी 45वीं बैठक में इस रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना के लिए मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 3,200 करोड़ रुपये से अधिक है। यह मंजूरी निर्माण टेंडर जारी करने का रास्ता साफ करती है।   पाकिस्तान लंबे समय से सिंधु जल समझौते का राग अलापता रहा है, लेकिन भारत के ताजा कदमों से उसकी चिंताएं और बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के निलंबन से भारत को पश्चिमी नदियों पर अधिक स्वतंत्रता मिली है, जिससे जल सुरक्षा और ऊर्जा उत्पादन में मजबूती आएगी। जानकारी के अनुसार, समिति ने नोट किया कि चिनाब बेसिन का जल भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुसार साझा किया जाता था और परियोजना के पैरामीटर संधि के अनुरूप योजना बनाई गई थी। हालांकि, सिंधु जल संधि 23 अप्रैल 2025 से प्रभावी रूप से निलंबित है। सिंधु जल संधि लागू होने के दौरान पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों पर अधिकार थे, जबकि भारत को रावी, ब्यास और सतलुज पर। संधि के निलंबन के साथ अब केंद्र सरकार सिंधु बेसिन में कई जलविद्युत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है जैसे सावलकोटे, रतले, बुरसर, पाकल दुल, क्वार, किरु, और किर्थई-I तथा II।   दुलहस्ती स्टेज-II मौजूदा 390 मेगावाट की दुलहस्ती स्टेज-I जलविद्युत परियोजना (दुलहस्ती पावर स्टेशन) का विस्तार है, जो नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचपीसी) द्वारा 2007 में चालू की गई थी और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। योजना के तहत, स्टेज-I पावर स्टेशन से पानी को 3,685 मीटर लंबी और 8.5 मीटर व्यास वाली अलग सुरंग के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा, जिससे स्टेज-II के लिए घोड़े की नाल आकार का तालाब बनेगा। परियोजना में एक सर्ज शाफ्ट, प्रेशर शाफ्ट और भूमिगत पावरहाउस शामिल है, जिसमें दो 130 मेगावाट की इकाइयां होंगी, जिससे कुल स्थापित क्षमता 260 मेगावाट हो जाएगी और वार्षिक ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा। परियोजना के लिए कुल भूमि आवश्यकता 60.3 हेक्टेयर अनुमानित है। इसमें किश्तवाड़ जिले के बेंजवार और पालमार गांवों से 8.27 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। यह परियोजना क्षेत्र में बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगी और जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत क्षमता के दोहन की केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मैच से पहले टूटा टीम पर दुखों का पहाड़, कोच के अचानक निधन से क्रिकेट जगत सन्न

नई दिल्ली  क्रिकेट जगत उस समय सन्न पड़ गया, जब बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल के एक मैच से पहले एक टीम के असिस्टेंट कोच का निधन हो गया। बीपीएल टीम ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी का मैच शुरू होने से चंद मिनट पहले निधन हो गया। संभवतः उनको हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी जान चली गई। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए भी सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम कर महबूब अली जाकी के निधन की पुष्टि खुद बोर्ड ने की है। बीपीएल टीम ने भी आधिकारिक तौर पर कोच जाकी के निधन का जानकारी दे दी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने सोशल मीडिया पर बताया, "बोर्ड, BCB गेम डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट पेस बॉलिंग कोच और बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) T20 2026 में ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली ज़की (59) के निधन पर गहरा दुख जताता है। आज, 27 दिसंबर 2025 को सिलहट में दोपहर करीब 1:00 बजे उनका निधन हो गया। फास्ट बॉलिंग और बांग्लादेश क्रिकेट के विकास में महबूब अली जाकी के समर्पण और अमूल्य योगदान को बहुत सम्मान और आभार के साथ याद किया जाएगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस बहुत बड़े नुकसान की घड़ी में उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और पूरी क्रिकेट बिरादरी के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।" बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल 2026 की शुरुआत 26 दिसंबर से हुई है, लेकिन अगले ही दिन यानी 27 दिसंबर को एक बहुत बुरी खबर इस लीग से जुड़ी हुई सामने आई। ढाका कैपिटल्स टीम के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी मैच से पहले मैदान पर गिर पड़े। महबूब अली जाकी मैच से पहले टीम को तैयारी करा रहे थे। इसी दौरान वह मैदान पर गिर पड़े। उनको मैदान पर सीपीआर दिया गया, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ। जल्द ही एंबुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बीपीएल 2026 का तीसरा लीग मैच ढाका कैपिटल्स वर्सेस राजशाही वॉरियर्स के बीच सिलहेट में खेला जाना था। एक बजे से ये मैच था। मैच के लिए तैयारी हो रही थी। इसी बीच कोच जाकी मैदान पर अचानक गिर पड़े और फिर उठ नहीं सके।  

महाराष्ट्र के शोलापुर से 53 मजदूरों को आज़ादी दिलाई, प्रतापगढ़ पुलिस ने किया रेस्क्यू

प्रतापगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी मानवीय कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में बंधक बनाए गए 53 आदिवासी मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करना है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन में थाना घंटाली के उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 13 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं, जो जिले के विभिन्न आदिवासी बहुल गांवों से संबंधित हैं। मजदूरी का झांसा देकर बनाया गया बंधक : दिनांक 22 दिसंबर 2025 को जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना प्राप्त हुई कि प्रतापगढ़ जिले के थाना घंटाली, पीपलखूंट एवं पारसोला क्षेत्र के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला, कुमारी सहित अन्य गांवों के महिला-पुरुषों को मजदूरी दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र के जाबुड़ गांव ले जाया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दलाल सीताराम पाटिल (महाराष्ट्र निवासी) एवं खान निवासी अलवर (राजस्थान) ने स्थानीय व्यक्ति की मदद से मजदूरों को इंदौर में ₹500 प्रतिदिन मजदूरी, मुफ्त भोजन व आवास का झांसा दिया। इसके बाद लगभग 100 मजदूरों को शोलापुर ले जाकर अलग-अलग जमींदारों के यहां गन्ने के खेतों में काम पर लगा दिया गया। दलालों द्वारा लाखों की रकम हड़पी : जांच में यह भी सामने आया कि दलाल खान ने जमींदारों से मजदूरों की मजदूरी के रूप में करीब 9.50 लाख रुपये अग्रिम लेकर फरार हो गया, वहीं दलाल सीताराम पाटिल ने भी लगभग 18 लाख रुपये एडवांस के रूप में प्राप्त किए। इसके बाद मजदूरों को न तो मजदूरी दी गई और न ही वापस जाने दिया गया। अत्याचार और अमानवीय व्यवहार : मजदूरों द्वारा मजदूरी मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जबरन खेतों के फार्म हाउसों और बाड़ों में बंद कर बंधक बनाकर रखा गया। महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी सामने आई है। कई मजदूर मौका पाकर किसी तरह वहां से भाग निकले, जबकि 53 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था।पुलिस की तत्परता से रेस्क्यू : सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उप निरीक्षक श्री सोहनलाल मय टीम मजदूरों के परिजनों के साथ महाराष्ट्र रवाना हुए। कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से सभी 53 मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान मजदूरों के पास न भोजन था और न ही वापसी का किराया। ऐसे में थाना घंटाली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से भोजन, यात्रा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर सभी मजदूरों को सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया। मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी : इस प्रकरण में थाना घंटाली पर प्रकरण संख्या 128/2025 के तहत आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। सभी रेस्क्यू किए गए मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जिला पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल 53 परिवारों को राहत मिली है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि प्रतापगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।

मजीठिया अरेस्ट टीम के पूर्व हेड SSP सस्पेंड, अमृतसर में टेंडर घोटाले का आरोप

अमृतसर  पंजाब सरकार ने अमृतसर के SSP विजिलेंस लखबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एक सीनियर IAS अधिकारी की शिकायत के बाद की गई है। हालांकि, अभी तक किसी उच्च अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, SSP को निलंबित करने के पीछे शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह पहला मामला नहीं है जब अमृतसर में SSP पर ऐसे आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर चल रही खबरों के माध्यम से ही उन्हें इस बारे में जानकारी मिल रही है। चर्चा यह भी है कि इस मामले से जुड़ी एफआईआर को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। गौरतलब है कि लखबीर सिंह की तैनाती अप्रैल महीने में अमृतसर में हुई थी। उनके कार्यकाल के दौरान ब्लैकमेलिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े कई बड़े आरोपितों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामले को लेकर स्थिति फिलहाल अस्पष्ट बनी हुई है। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई गौरतलब है कि इससे पहले इसी वर्ष अप्रैल महीने में पंजाब सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर समेत दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया था। उस समय आरोप था कि इन अधिकारियों ने कथित ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में समय रहते कार्रवाई नहीं की और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उस कार्रवाई के बाद सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया था कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और कर्तव्य में कोताही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे अधिकारी कितना ही वरिष्ठ क्यों न हो। रंजीत एवेन्यू प्रोजेक्ट में करोड़ों का गबन सूत्रों के मुताबिक, अमृतसर के प्रमुख इलाके रंजीत एवेन्यू में 55 करोड़ रुपये के एक टेंडर प्रोजेक्ट में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ। इसके बजाय, करोड़ों रुपये का गबन किया गया और पैसे कई लोगों में बांट दिए गए। इस मामले की शिकायत सरकार तक पहुंच चुकी थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। यह कदम राज्य प्रशासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि लखबीर सिंह को इसी वर्ष मार्च में अमृतसर में विजिलेंस विभाग का एसएसपी नियुक्त किया गया था। 25 जून 2025 को चर्चित  विक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई में भी उनकी अहम भूमिका बताई जाती रही है। लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप सामने आए, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। इससे पहले भी अमृतसर देहाती  के एसएसपी मनिंदर सिंह को निलंबित किया जा चुका है, जिससे पुलिस महकमे में हलचल बनी हुई है।   

लीगल एड डिफेंस काउंसिल में चयन प्रक्रिया निरस्त, नए निर्देशों का इंतजार

लीगल एड डिफेस काउंसिल के नवीन चयन प्रक्रिया निरस्त भोपाल       मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा जारी नवीन एस.ओ.पी.एंव  अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भोपाल में लीगल एड डिफेंस काउंसिल मोडिफाईड स्कीम 2022 के अंतर्गत स्थापित कार्यालय-लीगल एड डिफेंस काउंसिल में 01 चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, 03 डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं 06 असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदो पर संविदा के आधार पर नियुक्ति किये जाने के सम्बंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल द्वारा 17 दिसम्बर 2025 जारी किया गया था।     माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट पिटिशन कमांक 36687/2025, रामकिशन सोनी एवं अन्य विरूद्व यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य संबंधित याचिकाओं में 18 दिसम्बर 2025 को आदेश पारित किया गया है। उक्त भर्ती विज्ञप्ति मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसिल की भर्ती के संबंध में बनायी गई नवीन एस.ओ.पी. के अनुपालन में जारी की गयी थी जिस एसओपी को माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के द्वारा निरस्त कर दिया गया है।        उक्त आदेश के अनुपालन में लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के अंतर्गत संविदा आधार पर चीफ डिप्टी चीफ / असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चयन हेतु 17 दिसम्बर 2025 को जारी विज्ञप्ति को निरस्त किया गया है।  

पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को राहत, हाईकोर्ट के आदेश से घर का सपना हो सकता है पूरा

छिन्दवाड़ा   प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छिन्दवाड़ा में 6 साल पहले मकान बनाकर देने और फिर प्रोजेक्ट कैंसिल करने के मामले में बड़ा अपडेट है. 6 साल पहले हितग्राहियों से लाखों रुपए लेने के बाद अचानक प्रोजेक्ट कैंसिल कर देने के मामले में हाईकोर्ट के फैसले से हितग्राहियों को बड़ी राहत मिली है. 15 दिन में हितग्राही को मकान करें हैंड ओवर : हाईकोर्ट नगर निगम के पीएम हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से मामला सुर्खियों में रहा है. आनंद एसोसिएटस द्वारा बरती गई अनियमितता, खजरी प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने, ईमलीखेड़ा प्रोजेक्ट में साढ़े तीन लाख रु बढ़ाने और परतला प्रोजेक्ट को 6 साल तक काम बंद रखने के बाद अचानक प्रोजेक्ट निरस्त करने के मामले ने तूल पकड़ा था. इधर निगम प्रबंधन परतला प्रोजेक्ट को निजी या अर्धशासकीय एजेंसी को हैंडओवर करने की प्लानिंग कर रहा था, इसी बीच हाईकोर्ट द्वारा खजरी टाउनशिप में एक हितग्राही की याचिका पर अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने निगम द्वारा जारी किए आवंटन निरस्त के आदेश को रद्द करते हुए हितग्राही को 15 दिनों के अंदर शेष राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद मकान हैंड ओवर करने के आदेश दिए हैं. रेरा नियमों के विरुद्ध आवंटन निरस्त याचिकाकर्ता आरती बघेल ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल 2023 को याचिका दायर की थी, जिसमें उल्लेख किया था, कि उन्हें आवंटित मकान एमआईजी 31 का आवंटन रदद कर दिया गया है. इसे चुनौती दी गई थी, जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि रेरा समझौते के तहत बुकिंग के समय पहली किश्त 10 प्रतिशत व कब्जे के समय दूसरी किश्त जमा करना थी. आरती ने निविदा निकलने पर आवेदन दिया व पहली किश्त के रूप में 4 लाख 30 हजार रूपए जमा किए, जिस पर उन्हें एमआईजी 31 आवंटित किया गया. इसके बाद 2 सितंबर 2022 को उन्हें डिमांड नोटिस जारी किया गया, जिसमें शेष राशि 38 लाख 70 हजार जमा करने के लिए कहा गया, जो कि रेरा समझौते के विपरीत है. राशि जमा नहीं करने पर आवंटन रदद करने की धमकी दी गई थी. इसके विपरीत मकान का निर्माण भी पूरा नहीं किया गया, इस वजह से याचिकाकर्ता ने बाकी राशि जमा नहीं की, तो उनका आवंटन 24 अप्रैल 2023 को मनमाने तरीके से रद्द कर दिया गया. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने रेरा के समझौते के तहत पूर्व में निर्धारित शर्तों को बदलने पर सवाल उठाए, जिसके बाद याचिकाकर्ता को निर्देश दिए गए कि वह शेष राशि को इस आदेश से 15 दिनों की अवधि के अंदर जमा करे और नगर निगम 15 दिनों में उसे मकान दे. इस मामले में नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने बताया, ''अभी कोर्ट के ऐसे किसी भी आदेश की जानकारी नहीं मिली है. कोर्ट ने अगर फैसला सुनाया है और हमें आदेशित किया जाता है तो कोर्ट के फैसले के अनुसार नगर निगम के एडवोकेट से सलाह लेंगे और उसके बाद ही आगे कुछ कह सकेंगे.'' परतला हितग्राहियों को भी मिला आधार हाईकोर्ट का फैसला पूरे प्रदेश में स्वाभाविक रूप से लागू होता है. ऐसे में परतला हितग्राहियों द्वारा भी शुरुआत में बुकिंग राशि जमा की थी, ऐसे में प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने पर व मकान का आवंटन किए जाने के बाद हैंडओवर नहीं किए जाने पर यह फैसला एक बड़ा आधार बन सकता है, जिससे एक बार फिर परतला प्रोजेक्ट में हितग्राहियों को अपना मकान मिलने की उम्मीद नजर आ रही है इमलीखेड़ा,परतला और खजरी में पीएम आवास योजना 2019 में नगर निगम छिंदवाड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफॉर्डेबल हाउस सरकारी जमीन पर बनाकर बेचने के लिए टेंडर निकाले थे, जिसमें इमलीखेड़ा में 78 खजरी में 43 और परतला में 23 ड्यूप्लेक्स मकान बनाकर पहले आओ पहले पाओ की योजना के तहत बेच दिए गए थे. इमलीखेड़ा और खजरी प्रोजेक्ट अभी भी अधूरे पड़े हैं लेकिन परतला प्रोजेक्ट को नगर निगम की अनुशंसा पर सरकार ने निरस्त कर दिया है.

कीमती धातुओं के दाम बेकाबू, सोना और चांदी में हुई तेज़ी, 17000 रुपये महंगी हुई रजत

 नई दिल्‍ली  चांदी की कीमत में तेजी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हफ्ते के अंतिम दिन यह नए रेकॉर्ड पर पहुंच गई। एमसीएक्स पर इसकी कीमत में 17,000 रुपये से अधिक तेजी आई। कारोबार के दौरान यह 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी और अंत में 2,40,935 रुपये पर बंद हुई। कॉमेक्स पर इसका भाव $79.70 प्रति औंस के नए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही चांदी दुनिया की दूसरे सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने के करीब पहुंच चुकी है। इसका मार्केट कैप 4.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है और यह एनवीडिया की वैल्यू को पार करने से मात्र 4.5% दूर है। अगर यह एनवीडिया को पछाड़ती है तो सोने के बाद दुनिया की दूसरी बड़ी एसेट बन जाएगी। शुक्रवार के बंद भाव पर एनवीडिया का मार्केट कैप 4.638 ट्रिलियन डॉलर है और यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। सोना और चांदी के दाम बेकाबू हो चुके हैं. हर दिन इनकी कीमत तेजी से चढ़ जाती है. रिटेल से लेकर बड़े निवेश भी अब खुलकर इसपर दाव लगा रहे हैं. इस तेजी के साथ ही बड़े-बड़े एक्‍सपर्ट भी ये मान रहे हैं कि सोने-चांदी के दाम (Gold-Silver Rates)  लॉन्‍ग टर्म में ऊपर की ओर जाएंगे. कीमती धातुओं के दाम रुकने वाले नहीं हैं. आए दिन ये धातुएं अपने रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच रही हैं.  अब कल यानी शुक्रवार को ही देखें तो एमसीएक्‍स पर चांदी के भाव में गजब की तेजी रही. कमोडिटी मार्केट में कारोबार बंद होने तक 5 मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 17145 रुपये चढ़कर 2,40,935 रुपये पर थी. हालांकि चांदी दिन के कारोबार के दौरान 19,000 रुपये चढ़कर 2 लाख 42 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी, जो इसका ऑल टाइम हाई लेवल है.  वहीं सोने की कीमत में भी तेज उछाल देखने को मिली थी. MCX पर कल 5 फरवरी वायदा के लिए 10 ग्राम सोने का भाव 70 रुपये चढ़कर 139940 रुपये पर पहुंच गई, जबकि दिन के कारोबार के दौरान सोने के भाव में करीब 1200 रुपये की उछाल आई थी. सोने ने भी कल अपना ऑल टाइम हाई लेवल टच किया था.  एक सप्‍ताह में ही सोने-चांदी के दाम बेकाबू पिछले एक हफ्ते में ही सोने-चांदी के दाम में गजब की उछाल आई है, जो आम आदमी की पहुंच से बाहर की चीज हो चुकी है. 19 दिसबंर को 10 ग्राम सोने का भाव 1,34,196 रुपये था और आज इसकी कीमत  1.40 लाख रुपये के करीब है. यानी एक सप्‍ताह में ही इसकी कीमत में 6000 रुपये की तेजी आई है. इससे भी ज्‍यादा तेजी चांदी की कीमत में आई है. 19 दिसंबर को चांदी की कीमत 2 लाख 8 हजार रुपये प्रति किलो पर थी, लेकिन इसकी कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये हो चुकी है. एक सप्‍ताह में ही इसके दाम में 32 हजार रुपये की उछाल आई है.  क्यों बढ़ रही है डिमांड? चांदी ने 52 सप्ताह के निचले स्तर $27.545 प्रति औंस से लगभग 190% की बढ़ोतरी है। जानकारों का कहना है कि अल्पावधि से मध्यावधि में चांदी की कीमत $100 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। सेफ हेवन की बढ़ती मांग बढ़ती औद्योगिक खपत और लगातार आपूर्ति की कमी के कारण चांदी की कीमत में उछाल आई है। साथ ही सॉलिड-स्टेट बैटरी की मांग भी बढ़ रही है जिसमें चांदी एक मुख्य कच्चा माल है। यह बैटरी केवल 10 मिनट में सेल फोन को पूरी तरह चार्ज कर सकती है। जानकारों का कहना है कि दुनिया में अभी चांदी का उत्पादन करीब 850 मिलियन औंस है जबकि इसकी मांग लगभग 1.16 बिलियन औंस है। सॉलिड-स्टेट बैटरी के अलावा ईवी और सोलर एनर्जी में भी चांदी की डिमांड बढ़ रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव ने चांदी के पारंपरिक कैरिबियन शिपिंग मार्ग को बाधित कर दिया है। इससे दुनिया के सबसे बड़े सप्लायर पेरू से चांदी का निर्यात प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में चांदी की कीमत में और तेजी आने की उम्मीद है। सोने और चांदी के भाव में क्‍यों आ रही इतनी तेजी?      इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच चुकी है. जिस कारण घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के दाम लगातार उछाल पर है.       गोल्‍ड और सिल्‍वर ETF में निवेशकों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है. मार्केट में गिरावट के बीच लोग सोने और चांदी ईटीएफ के माध्‍यम से सेफ निवेश की ओर बढ़ रहे हैं.      डॉलर कमजोर हुआ है और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्‍याज दर में कटौती की उम्‍मीदें बढ़ी है, जिस कारण सोने और चांदी के लिए मांग बढ़ रही है.     इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे सेक्‍टर्स में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है. इससे इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ा है और निवेशक इसकी तेजी में भाग ले रहे हैं.       राजनीतिक तनाव, तेल बाजार और संघर्ष के कारण निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी ज्‍यादा मात्रा में खरीद रहे हैं.     केंद्रीय बैंकों द्वारा भी कीमती धातुएं ज्‍यादा मात्रा में खरीदी जा रही हैं, जिससे इसकी मांग बनी हुई है और दाम ऊपर की ओर चढ़ रहे हैं.  क्‍या करना चाहिए?  एक्सपर्टस का कहना है कि सोने और चांदी की मांग बनी रहेगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें मुनाफावसूली देखी जा सकती है और गिरावट आ सकती है. ऐसे में निवेशकों को सावधानी से पैसे लगाने चाहिए. उनका कहना है कि गोल्‍ड और सिल्‍वर फिजिकल नहीं खरीदकर, ETF के माध्‍यम से हर हफ्ते या महीने में खरीद सकते हैं और धीरे-धीरे करके मोटा पैसा लगा सकते हैं. लॉन्‍ग टर्म में ये आपको ज्‍यादा मुनाफा करा सकता है.   

हिंदू युवक की हत्या पर गुस्सा, जालंधर में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन और पुतला दहन

जालंधर  बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र की निर्मम हत्या के विरोध में जालंधर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार का पुतला फूंका और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रोष जताया।  जालंधर शहर में यह प्रदर्शन हुआ, जहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और दीपू चंद्र की हत्या उसी का एक गंभीर उदाहरण है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय असुरक्षित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिपू चंद्र की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उनका कहना था कि वहां धार्मिक आधार पर हिंसा बढ़ती जा रही है, लेकिन बांग्लादेश सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है। इसी के विरोध में आज यह पुतला दहन कर सरकार को चेतावनी दी गई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेताओं ने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दीपू की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नारेबाजी के दौरान माहौल काफी गर्म दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी तरह की हिंसा फैलाना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करना है। अंत में प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं को न्याय और सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।