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रेलवे परिचालन ठप: मालगाड़ी बेपटरी, यात्री परेशान

जमुई जमुई में हुए बड़े रेल हादसे का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। जसीडीह-झाझा रेलखंड पर पटरी दुरुस्त करने और डिरेल मालगाड़ी के डिब्बे हटाने का काम रविवार रात भर युद्ध स्तर पर चलता रहा, बावजूद इसके दूसरे दिन भी इस रूट पर रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर जसीडीह जंक्शन से दिल्ली की ओर जाने वाली और किउल जंक्शन से हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, वहीं कई ट्रेनों के रद्द या डायवर्ट होने से उनकी यात्रा योजनाएं पूरी तरह बिगड़ गई। हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को पटना के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है, जबकि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को आसनसोल होकर भेजा जा रहा है। पटना-हावड़ा रेल रूट पर सोमवार को भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के अनुसार सोमवार को कुल 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि 13 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, कोलकाता-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, जसीडीह-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस, आसनसोल-मुंबई सीएसएमटी एक्सप्रेस, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस, पटना-हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस और काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस शामिल हैं। कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया, जिससे स्थानीय यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई ट्रेनों को किया गया था डाइवर्ट रविवार को भी रेलवे ने सुरक्षा और परिचालन कारणों से कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया था, जबकि इस ट्रेन को बरौनी से ही डायवर्ट किया गया। वहीं, हावड़ा से मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किऊल के बीच रद्द कर दिया गया। इसके कारण चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे। इसके अलावा पटना-देवघर पैसेंजर (63210) को पूरी तरह कैंसिल कर दिया गया है। कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (22348) को गया के रास्ते आसनसोल तक डायवर्ट किया गया। पंजाब मेल (13005) को बांका-किऊल के रास्ते पटना होकर चलाया जा रहा है। हावड़ा-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस (12351) को मधुपुर से डायवर्ट कर दिया गया है और जसीडीह से पटना साहिब तक इसे कैंसिल रखा गया है। साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) को आसनसोल से डायवर्ट कर बदले हुए रूट से बख्तियारपुर होते हुए आरा तक चलाया जा रहा है। धनबाद-पटना एक्सप्रेस (13331) गया के रास्ते पटना पहुंची, जबकि मधुपुर से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक इसे कैंसिल रखा गया। पटना-धनबाद एक्सप्रेस (913332), पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस (18622), टाटा–बक्सर एक्सप्रेस (18183) और अकालतख्त एक्सप्रेस को भी अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया गया है। Train Accident: बिहार-झारखंड सीमा पर बड़ा ट्रेन हादसा, 8 डिब्बे हुए बेपटरी, तीन नदी में गिरे; रेल परिचालन ठप क्या है पूरा मामला यह हादसा शनिवार की रात करीब 11.25 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप हुआ। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही सीमेंट लदी अपलाइन मालगाड़ी पटरी में आई दरार की वजह से डिरेल हो गई। हादसे में मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी जा रही थी। मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे से जोरदार आवाज आई और कुछ ही सेकेंड में डिब्बे एक के बाद एक डिरेल होने लगे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानिए कैसे हुआ हादसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेलवे ब्रिज के जिस हिस्से में ट्रैक का जोड़ है, वहीं पटरी में पहले से दरार थी। भारी सीमेंट लदी मालगाड़ी जब उस हिस्से से गुजरी तो पटरी उसका बोझ सहन नहीं कर सकी। अपलाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद डिब्बे ट्रैक और नदी में बिखर गए, जिन्हें हटाने में भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोमवार शाम तक भी रेल लाइन प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि विभाग का दावा है कि मरम्मत और मालवा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर परिचालन बहाल करने की कोशिश जारी है।

जिद्दी दाग-धब्बों से छुटकारा पाने का आसान तरीका: चावल का घरेलू नुस्खा

चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहासों के निशान या पिगमेंटेशन आजकल एक आम समस्या बन गई है। प्रदूषण, गलत खान-पान और तनाव के कारण त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है। ऐसे में कई लोग महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्राकृतिक उपाय अक्सर ज्यादा असरदार और सुरक्षित साबित हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है चावल से बनाया गया फेस पैक। सदियों से एशियाई संस्कृतियों में चावल के पानी और आटे का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। आइए जानें कैसे बनाएं चावल का फेस पैक और यह आपकी स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है। चावल फेस पैक बनाने की विधि सामग्री-     1/2 कप चावल (अच्छे से धुले हुए)     2 बड़े चम्मच दही     1 चम्मच शहद     आधा नींबू का रस  बनाने की विधि-     चावल को 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।     इसके बाद चावल को पीसकर महीन पेस्ट बना लें।     इसमें दही, शहद और नींबू का रस मिलाएं।     अच्छी तरह मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार कर लें। लगाने का तरीका- चेहरे को अच्छी तरह साफ करके इस पैक को लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें। हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करते हुए धो लें। सप्ताह में 2 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल फेस पैक के फायदे     दाग-धब्बों को कम करना- चावल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन-बी त्वचा के काले धब्बों, हाइपरपिगमेंटेशन और मुंहासों के निशान को हल्का करने में मदद करते हैं। नींबू का रस विटामिन-सी से भरपूर होता है जो त्वचा को ब्राइटनिंग इफेक्ट देता है।     त्वचा की रंगत में निखार- चावल के पानी में फेरुलिक एसिड और एलेन्टोइन पाया जाता है जो त्वचा को पोषण देकर उसकी रंगत में सुधार लाता है। यह प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है।     त्वचा को कोमल और मुलायम बनाना- चावल में मौजूद स्टार्च त्वचा को मुलायम बनाता है, जबकि शहद प्राकृतिक मॉइश्चराइजर का काम करता है। दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को एक्सफोलिएट करता है।     ऑयल कंट्रोल- चावल का पैक ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को सोख लेता है और पोर्स को साफ रखता है।     एंटी-एजिंग इफेक्ट- चावल में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा पर उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।     त्वचा में कसाव- चावल का पेस्ट त्वचा को टाइट करने में मदद करता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक और ताजगी आती है। इन बातों का रखें ध्यान     अगर स्किन सेंसिटिव है तो नींबू का रस न मिलाएं।     पहली बार इस्तेमाल से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।     पैक लगाने के बाद त्वचा पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।  

राजधानी में सुबह रहेगी धुंध, मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहर का पूर्वानुमान

रायपुर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेशवासियों को नए साल में ही ठंड से ही राहत मिलेगी. दिसंबर अंत तक तापमान में विशेष राहत की कोई संभावना नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा. इस दौरान अर्थात अगले 2 दिनों तक जिलों में एक-दो स्थानों में शीत लहर चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने तत्पश्चात 1-2 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. प्रदेश में एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की आशंका भी प्रकट की गई है. राजधानी में देर शाम से सुबह तक बगैर गर्म कपड़ों लोगों के लिए रहना मुश्किल हो चला है, जबकि आउटर में ठंड अधिक होने के कारण दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है. अंबिकापुर में ठंड का सितम किसी भी स्थान पर पारा 30 डिग्री तक नहीं पहुंच पाया है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया. यहां हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. कुछ क्षेत्रों में बर्फ जमने की स्थिति निर्मित हो गई है. छग में वर्षा के आंकड़े निरंक रहे अर्थात पूरे प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई. फिलहाल प्रदेश का मौसम शुष्क ही रहेगा. रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि 29 दिसंबर को धुंध छाए रहेंगे. इसके पूर्व रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 27.3 डिग्री रहा. वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 12.1 डिग्री दर्ज किया गया. माना क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज हुआ. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज धुंध छाए रहने के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है.

कृषि मंत्री कंषाना ने की मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की अपील

मंडी प्रांगणों को कृषि उन्मुख बनाने की प्रभावी कार्ययोजना करें तैयार : कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मंडी प्रांगणों को कृषक उन्मुख बनाये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाये। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी विपणन व्यवस्था एवं फसलों का उचित मूल्य दिलाना भी सुनिश्चित किया जाये। कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संचालक मंडल की 144वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किये गये। बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास निशांत बरबड़े, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, पंजीयन सहकारी संस्था तथा मंडी बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव     किराये के वाहनों के देयक भुगतान की संचालक मंडल से स्वीकृति।     म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आवंटित वाहनों में माह अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक अवधि में पात्रता से अधिक डीजल/पेट्रोल व्यय की स्वीकृति।     भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम में खरीफ वर्ष 2025 के लिये सोयाबीन भावांतर भुगतान।     योजना के सतत् क्रियान्वयन के लिये ऋण लिये जाने की स्वीकृति बावत्।     राष्ट्रीय कृषि बाजार योजनांतर्गत / राष्ट्रीय कृषि विकास योजना / बोर्ड निधि मद अंतर्गत स्वीकृत प्रोजेक्ट एपीएमसी में क्लीनिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग फेसिलिटी के संबंध में।     किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सह अध्यक्ष मंडी बोर्ड से प्राप्त प्रस्ताव के अनुक्रम में बोर्ड निधि मद स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।     प्रदेश अंतर्गत विभिन्न मण्डी समितियों में बोर्ड निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का अनुसमर्थन।     प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिये वित्तपोषण बोर्ड निधि मद से करने सम्बन्धी अनुमोदन।  

मध्यप्रदेश का 2026 हॉलीडे कैलेंडर घोषित, 127 दिन होंगे अवकाश, फाइव-डे वर्किंग नियम लागू

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी साल 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर फाइनल कर लिया है। नए कैलेंडर के साथ ये भी स्पष्ट हो गया है कि, अगले वर्ष राज्य के सरकारी कर्मचारियों को कितने दिन छुट्टी मिलेगी और कितने दिन काम करना होगा। ये आम लोगों के लिए भी लाभकारी होगा, इसी के आधार पर हम संबंधित विभाग में काम के लिए कार्य दिवस में जा सकेंगे। राज्य सरकार के अनुसार, साल 2026 में कुल 127 दिन छुट्टी रहेगी। ऐसे में यहां 238 दिन सरकारी दफ्तर खुलेंगे। इन अवकाशों में शनिवार, रविवार और सार्वजनिक छुट्टी भी शामिल हैं। छुट्टियों पर गौर करें तो साल 2026 में 52 शनिवार, 52 रविवार और 23 सार्वजनिक अवकाश शामिल हैं। यानी पूरे साल में आधे से ज्यादा दिन कार्यालय बंद रहेंगे। कार्यदिवसों की संख्या 238 रहेगी, जिसमें सामान्य प्रशासन और शासकीय कामकाज किया जाएगा। 2025 की तुलना में एक छुट्टी का इजाफा साल 2025 की तुलना में 2026 में कर्मचारियों को एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। सरकार ने इस बार गणेश चतुर्थी (14 सितंबर) को भी सार्वजनिक अवकाश की सूची में शामिल किया है, जिससे कुल सार्वजनिक छुट्टियों की संख्या 23 हो गई है। इसके अलावा, कर्मचारियों को 62 ऐच्छिक अवकाशों की एक लंबी सूची भी दी गई है, जिसमें से वे अपनी सुविधानुसार किन्हीं तीन छुट्टियों का चुनाव कर सकते हैं। साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों को 2025 की तुलना में एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। इस बार गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश की सूची में जोड़ा गया है। 14 सितंबर को पड़ने वाली इस छुट्टी के शामिल होने से कुल सार्वजनिक अवकाशों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। ऐच्छिक अवकाश भी निर्धारित इसके अलावा राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए 62 ऐच्छिक अवकाश भी निर्धारित किए हैं। हालांकि, इनमें से कर्मचारियों को सिर्फ 3 छुट्टियां ही चुनने की अनुमति होगी। ये अवकाश अलग-अलग धर्मों, समाजों और स्थानीय पर्वों से जुड़े हैं, ताकि कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत आस्था और जरूरत के हिसाब से छुट्टी दी जा सके। 6 बड़े त्योहार वीकेंड पर हालांकि, इस कैलेंडर में कर्मचारियों को थोड़ी चिंता में डालने वाली बात भी सामने आई है। वो ये कि, साल 2026 में पड़ने वाले 6 प्रमुख त्योहार और जयंतियां शनिवार या रविवार को पड़ रही हैं। इसका मतलब ये है कि, इन मौकों पर अलग से अतिरिक्त छुट्टी नहीं दी गई है। इससे लगातार छुट्टियों का फायदा उठाने की संभावनाएं कम हुई हैं और लंबी यात्रा या पारिवारिक योजनाओं पर असर पड़ने की संभावना बढ़ी है। फाइव-डे वर्किंग सिस्टम रहेगा सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था यानी फाइव-डे वर्किंग सिस्टम आगे भी जारी रहेगा। ये व्यवस्था कोरोना महामारी के दौरान लागू हुई थी और तब से कर्मचारी इसे बनाए रखने की मांग कर रहे थे। लंबे समय से चर्चा थी कि, पहले और तीसरे शनिवार को कार्यदिवस बनाया जा सकता है, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। ड्यूटी आवर में भी कोई बदलाव नहीं सरकार के स्तर पर काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन था। हालांकि इस पर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी। नतीजतन, मौजूदा ड्यूटी आवर ही लागू रहेंगे। नए कैलेंडर के साथ अब कर्मचारियों और विभागों की वार्षिक कार्ययोजना भी इसी के अनुसार तय की जाएगी। शनिवार-रविवार ने 'खाई' 6 छुट्टियां, कर्मचारियों को नुकसान हालांकि 2026 में 6 महत्वपूर्ण त्योहार और जयंतियां शनिवार या रविवार को पड़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों को अलग से छुट्टी का लाभ नहीं मिल पाएगा। इन प्रमुख त्योहारों के वीकेंड पर पड़ने से कर्मचारियों को लगातार मिलने वाली छुट्टियों के अवसर कम हो गए हैं, जिसका असर उनके घूमने-फिरने या लंबे अवकाश की योजनाओं पर पड़ सकता है। कर्मचारियों के लिए 62 ऐच्छिक अवकाशों का विकल्प सार्वजनिक अवकाशों के अलावा, कर्मचारी दिए गए 62 ऐच्छिक अवकाशों में से कोई भी तीन चुन सकते हैं: अवकाश नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन (1 जनवरी 2026 से लागू) सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1977 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगे। इन बदलावों का सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा।     संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव): महिला कर्मचारियों को मिलने वाले 730 दिनों के संतान पालन अवकाश के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अवकाश के पहले 365 दिनों के लिए पूरा वेतन मिलेगा, लेकिन दूसरे 365 दिनों के लिए केवल 80% वेतन का ही भुगतान किया जाएगा। यह अवकाश 18 वर्ष तक की संतान के लिए स्वीकृत होगा।     अवकाश लेने की सीमा: एक कैलेंडर वर्ष में कोई भी कर्मचारी तीन बार से अधिक संतान पालन अवकाश नहीं ले सकेगा। हालांकि, एकल महिला (सिंगल मदर) कर्मचारियों को विशेष छूट देते हुए एक कैलेंडर वर्ष में छह बार तक यह अवकाश लेने की पात्रता दी गई है।     शिक्षकों के लिए अर्जित अवकाश: प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को अब वर्ष में दस दिन के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है। 5-डे वर्किंग सिस्टम रहेगा जारी प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि सप्ताह में पांच दिन (सोमवार से शुक्रवार) काम करने की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण को रोकने के लिए इस व्यवस्था को लागू किया गया था। लंबे समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार पुरानी व्यवस्था (पहले और तीसरे शनिवार को कार्य दिवस) को फिर से बहाल कर सकती है, लेकिन फिलहाल इसे यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही काम के घंटे बढ़ाए जाने को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बनी। दशहरा से पहले अतिरिक्त छुट्टी का प्रस्ताव खारिज भोपाल के जिला प्रशासन ने दशहरा के एक दिन पहले स्थानीय अवकाश का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा था। विभाग ने इसे आगे भी बढ़ाया, लेकिन मुख्य सचिव कार्यालय से इसे हरी झंडी नहीं मिली। इसका कारण यह बताया गया कि अक्टूबर महीने में पहले से ही कई छुट्टियां थीं … Read more

बीए की किताब में पीएम मोदी और सावरकर पर अध्याय, छात्रों को पढ़ाई जाएगी ‘मन की बात’

बड़ौदरा गुजरात की एक यूनिवर्सिटी में बीए (इंग्लिश) के स्टूडेंट अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर वाला चैप्टर पढ़ेंगे। महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (MSU) में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए बीए (इंग्लिश) माइनर कोर्स में पीएम मोदी के मन की बात को भी शामिल किया गया है। खबर के मुताबिक, एमएसयू में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स ने बीए माइनर कोर्स की शुरुआत की है। इसमें एनालाइजिंग एंड अंडरस्टैडिंग नॉन-फिक्शनल राइटिंग्स शीर्षक के तहत पीएम मोदी की लिखी 'ज्योतिपुंज' और सावरकर की 'इनसाइड द एनिमी कैंप' को शामिल किया गया है। कोर्स को मौजूदा अकादमिक वर्ष 2025-26 से लागू किया गया है। नए सिलेबस में और क्या-क्या पढ़ाया जाएगा? पाठ्यक्रम के तहत मोदी की ‘ज्योतिपुंज’ को एक जीवनीपरक कृति के रूप में पढ़ाया जाएगा, जबकि सावरकर की ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ का आत्मकथात्मक रचना के तौर पर शामिल किया जाएगा। सिलेबस में श्री अरबिंदो, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और स्वामी विवेकानंद के लेखों को भी अपनाया गया है। इनके अलावा पीएम मोदी के रेडियो संबोधन 'मन की बात' के चुनिंदा एपिसोड्स को भी स्थान मिला है। यूनिवर्सिटी का क्या कहना है? एमएसयू के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हितेश डी. रविया ने टीओआई से कहा, 'यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी अध्ययन को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने के लिए तैयार किया गया है। यह एक आत्मविश्वासी भारतीय दृष्टिकोण है जिसमें भारत के अपने विचारकों, नेताओं और विचारों को पढ़ाया जा रहा है, इसके बजाय कि सिर्फ औपनिवेशिक या यूरोपीय साहित्यिक परंपराओं तक सीमित रहा जाए।'  

खंडवा में फर्जीवाड़े का आरोप: कलेक्टर और सीईओ ने कहा, अवॉर्ड के लिए लगाए गए सभी आरोप झूठे

खंडवा   केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0)’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खंडवा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला था। खंडवा के कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड लेने दिल्ली गए थे। दो करोड़ रुपए की इनाम राशि जिले को मिला था। अब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस इनाम के लिए फर्जीवाड़ा हुआ है। काम दिखाने के लिए एआई की तस्वीरें अपलोड की गईं। इन आरोपों पर खंडवा कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ ने सच बताया है। साथ ही मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। छवि धूमिल करने की है कोशिश खंडवा जिला प्रशासन ने आधिकारिक रूप से उस रिपोर्ट को भ्रामक, तथ्यहीन और प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का अभियान से कोई संबंध नहीं है। समाचार बिना सत्यापन और अपूर्ण जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया। अभियान में 1.29 लाख जल संरक्षण कार्यों की फोटो अपलोड डॉ. गौड़ा ने जानकारी दी कि JSJB 1.0 अभियान पिछले वर्ष शुरू हुआ था और 31 मई 2025 को समाप्त हो चुका था। अभियान के दौरान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर जनभागीदारी से विभिन्न संरचनाएं तैयार कराई गईं। मीडिया रिपोर्ट में 1714 फोटो की जानकारी उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में मात्र 1714 फोटो अपलोड करने का दावा किया गया है, जबकि वास्तविक रूप से 1,29,046 कार्यों की फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई, जिसका डेस्क और फील्ड वेरिफिकेशन जल शक्ति मंत्रालय द्वारा किया गया। इसी आधार पर खंडवा को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इन संरचनाओं में रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा, रिचार्ज पिट, डगवेल-बोरवेल रिचार्ज, चेकडैम और स्टॉपडैम की मरम्मत, गली प्लग, बोल्डर वॉल, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन पॉन्ड सहित कई कार्य शामिल थे। प्रशासन के अनुसार अभियान में न्यूनतम लागत और अधिकतम जनभागीदारी को सिद्धांत बनाया गया। आरोपों पर दी सफाई अक्टूबर 2025 की जिन फोटो को आधार बनाकर आरोप लगाए गए हैं, वे जल शक्ति अभियान- कैच द रेन के पोर्टल की हैं, जो JSJB 1.0 से पूरी तरह अलग है। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि पुरानी जनसुनवाई शिकायतों को मिलाकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। गौड़ा ने कहा कि रिपोर्ट पुरानी जनसुनवाई शिकायतों पर आधारित है, जिन पर पहले ही जांच और कार्रवाई की जा चुकी है। इसे राष्ट्रीय पुरस्कार से जोड़ना एक सुनियोजित भ्रम फैलाना प्रतीत होता है। कौन हैं डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा और खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता गौरतलब है कि डॉ नागार्जुन बी गौड़ा 2019 बैच के अधिकारी हैं। हरदा में पोस्टिंग के दौरान भी इन पर जुर्माना माफ करने और जमीन खरीदने के आरोप लगा थे। वह मूल रूप से कर्नाटक के निवासी हैं। एमबीबीएस करने के बाद 2018 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। पहले मणिपुर कैडर मिला था। इसके बाद कैडर ट्रांसफर करवाकर एमपी आए है। अभी खंडवा जिला पंचायत के सीईओ हैं। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जल संरक्षण और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल की वजह से चर्चा में हैं। इसी काम में जिला प्रशासन पर खेल करने का आरोप लगा है।

दिग्विजय सिंह का कांग्रेस से पलटवार, कहा- RSS नहीं तो शिवसेना से सीखो, कांग्रेस को दी नसीहत

भोपाल  BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस में तनातनी जारी है। अब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले दल ने कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सीख लेने की सलाह दी है। खास बात है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की तरफ से हाल ही में आरएसएस की तारीफ की गई थी, जिसपर पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई थी। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, 'आरएसएस पूरे देश में 60-70 लाख स्वयं सेवकों के माध्यम से देश की सेवा कर रहा है। हालांकि, वो राजनीति में सक्रिय नहीं होते, लेकिन पीछे से राजनीतिक दलों की मदद करते हैं। हम तो यही कहेंगे कि आरएसएस का जो संगठन है, जो अनुशासन है, मातृभूमि के प्रति जो समर्पण है, उससे कांग्रेस को सीखना चाहिए। दिग्विजय सिंह वही बात कर रहे हैं, जो सब बात करते हैं।' इस दौरान उन्होंने संघ की जमकर तारीफ की। दुबे ने कहा, 'देखिए आरएसएस देश की परंपरा चलाने वाली, धरोहर चलाने वाली सांस्कृतिक संगठन है। तो उसके जैसा कौन बन पाएगा। जो नरेंद्र मोदी जी को उठाकर प्रधानमंत्री बना सकती है संगठन। जो सारे बड़े बड़े हिन्दुत्व के आंदोलन में आगे रहती है। हमारी शिवसेना के भी साथ आंदोलन में भी आरएसएस साथ रहती है।' उन्होंने कहा, 'ऐसी आरएसएस से कांग्रेस नहीं सीखेगी, तो क्या कांग्रेस से कांग्रेस सीखेगी। जहां खुद ही नहीं पता कि कांग्रेस में क्या अनुशासन है, क्या रणनीति है, क्या उनकी बैठकें हैं, कौन कहां गठबंधन करेगा, कौन क्या बनाएगा। कुछ पता ही नहीं है। सब राम भरोसा चल रहे हो आप।' दिग्विजय ने क्या कहा दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। फोटो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। सिंह ने पोस्ट किया, 'कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।' विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं।

वीर बाल दिवस पर विवाद: नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने कहा- बाल वीर शब्द का उपयोग सही नहीं

लुधियाना  नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के लिए बाल वीर शब्द के इस्तेमाल का विरोध किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि यह गलत है और उनके असली आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को नहीं दिखाता है। नापा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चहल ने कहा कि साहिबजादे सिर्फ बहादुर बच्चे नहीं थे, बल्कि आध्यात्मिक रूप से जागरूक शहीद थे जिन्होंने सिख मूल्यों और न्याय को बनाए रखने के लिए जानबूझकर अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने एक बयान में कहा कि "बाल वीर" शब्द उनके बलिदान की गहराई को कमजोर करता है और सिख इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को बहुत ज़्यादा सरल बना देता है। चहल ने कहा कि साहिबजादों को सम्मानजनक और ऐतिहासिक रूप से सही शब्दों जैसे साहिबजादे, शहीदी साहिबजादे या छोटे साहिबजादे से संबोधित किया जाना चाहिए, जैसा कि सिख परंपरा में इस्तेमाल होता है। नापा ने कहा कि सिख इतिहास को बचाने के लिए सही भाषा का इस्तेमाल ज़रूरी है, खासकर युवा पीढ़ियों के लिए, और संगठनों और संस्थानों से अपील की कि वे "बल वीर" शब्द का इस्तेमाल करने से बचें और इसके बजाय सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करें। 2022 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि साहिबजादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।  

बैज का बयान: बड़ी मछलियां अभी भी रडार से बाहर, ED की कार्रवाई जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर दबिश दी. ईडी की कार्रवाई को लेकर सियासी बजानबाजी तेज है. मंत्री टंकराम वर्मा का कहना है कि जो भी भ्रष्टाचार करेगा, वह बचने वाला नहीं है. किसी को बक्शा नहीं जाएगा. वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई को खानापूर्ति बताया है. रायपुर और महासमुंद में 9 ठिकानों पर पड़े ईडी के छापे को लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. जो भ्रष्टाचार करेगा, वह बचाने वाला नहीं है. इस मामले में संभाग आयुक्त भी नजर रखे हुए हैं. बाकी बची सभी रिपोर्ट को मंगवाया जा रहा है. उस पर भी कार्रवाई भी होगी. इसलिए जमीन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए विधानसभा में विधेयक लाया गया था. दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई को खानापूर्ति बताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां केवल छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर रही है. भारत माला मुआवजा घोटाले में बड़ी मछलियां रडार से बाहर हैं. ईडी खानापूर्ति करने कार्रवाई कर रही है. आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में बीजेपी के बड़े नेताओं का नाम भी आ रहा है. 9 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी बता दें कि आज सुबह रायपुर में हरमीत खनूजा और महासमुंद में कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा के घर पर ईडी की टीम ने छापेमारी की. अधिकारियों की सात अलग-अलग टीमें जांच करने के लिए पहुंची थी. वह कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है. घर के भीतर जांच चल रही है, जबकि बाहर सुरक्षा के पुलिस बल तैनात है.