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ऑपरेशन सिंदूर का कहर: पाकिस्तानी सेना फुल-स्केल वॉर के डर से कांपी, जरदारी को मिली बंकर में जाने की सलाह

इस्लामाबाद   पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान अब तक उबर नहीं पा रहा है। समय-समय पर उसे ऑपरेशन सिंदूर में भारत द्वारा किए गए हमलों की याद आ जाती है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने माना है कि 10 मई की सुबह भारत ने उसके नूर खान एयरबेस पर हमला किया था। भारत ने पाकिस्तान पर कितने करारे हमले किए थे, इसकी भी डार ने खुद जानकारी दी। डार ने बताया कि 36 घंटे में भारत ने 80 ड्रोन से हमले किए थे। डार ने यह भी कहा कि मई के संघर्ष के दौरान इस्लामाबाद ने पाकिस्तान और भारत के बीच मीडिएशन के लिए रिक्वेस्ट नहीं की थी, लेकिन दावा किया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने नई दिल्ली से बात करने की इच्छा जताई थी। भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसमें पहलगाम हमले के बदले में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।  पाक‍िस्‍तान के राष्‍ट्रपत‍ि आस‍िफ अली जरदारी ने एक द‍िन पहले कहा क‍ि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमें बंकर में जाने की सलाह दी गई थी. वे अपनी शेखी बघार रहे थे क‍ि इतने विकट हालात के बावजूद वे बंकर में नहीं गए. लेकिन इसी बीच उन्‍होंने पाक‍िस्‍तान के डर का भी खुलासा कर द‍िया. तो आख‍िर ऐसा हुआ क्‍या?. इससे साफ पता चलता है क‍ि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी सेना को भारत की ओर से एक बड़े और चौतरफा (Full-scale) हमले का डर सता रहा था. इस खौफ के चलते रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय (GHQ) में हड़कंप मच गया था. पाकिस्तानी सेना को आशंका थी कि पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ आतंकी कैंपों तक सीमित नहीं रहेगा. उन्हें डर था कि यह हवाई ताकत, साइबर ऑपरेशन, गुप्त कार्रवाई और जमीनी हमलों के साथ एक बड़े युद्ध में बदल सकता है. यह घबराहट पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व तक में महसूस की गई थी. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद खुलासा किया है कि मई में तनाव बढ़ने पर उन्हें बंकर में जाने की सलाह दी गई थी. शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, जरदारी ने बताया कि उनके मिलिट्री सेक्रेटरी ने उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में बताया था और चेतावनी दी थी कि “जंग शुरू हो चुकी है” क्योंकि भारतीय बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले शुरू कर दिए थे.     जरदारी ने कहा, मेरे मिलिट्री सेक्रेटरी ने मुझसे कहा कि युद्ध शुरू हो गया है और सुझाव दिया कि हम बंकरों में चले जाएं. मैंने मना कर दिया. अगर शहादत लिखी है, तो यहीं होगी. नेता बंकरों में नहीं मरते. मुझे कई दिन पहले ही इस संघर्ष का आभास हो गया था. सेना का सरकार पर अविश्वास राष्ट्रपति को किसी सुरक्षित ठिकाने पर भेजने की सलाह पाकिस्तान के सत्ता ढांचे के उस जाने-पहचाने पैटर्न को दिखाती है, जहां सरकार को छिपा द‍िया जाता है और सारे फैसले आर्मी करती है. जरदारी का बंकर में जाने से मना करना केवल व्यक्तिगत साहस नहीं, बल्कि नागरिक सत्ता की धमक के तौर पर देखा गया. राष्ट्रपति को कभी-कभी सेना की सलाह के खिलाफ फैसले लेने के लिए जाना जाता है, जो पाकिस्तान के इतिहास में बहुत कम देखने को मिलता है. एटॉमिक ‘रेड-लाइन’ और आर्थिक तबाही का डर     सिर्फ जवाबी हमले का ही डर नहीं था, पाकिस्तानी सेना आंतरिक अस्थिरता को लेकर भी चिंतित थी. उन्हें डर था कि देश की इकॉनमी बर्बाद हो सकती है. जनता विद्रोह कर सकती है और राज्‍यों में फूट पड़ सकती है. इस सैन्य कार्रवाई ने रावलपिंडी को अपनी न्‍यूक्‍ल‍ियर रेड लाइन की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि भारत पाकिस्तान की परमाणु सीमा से ठीक नीचे रहकर भी बड़ी कार्रवाई कर सकता है.     पाकिस्तानी आर्मी लीडरश‍िप इस बात से सबसे ज्‍यादा डरा हुआ था क‍ि कहीं भारत अटैक के साथ साथ इंफॉर्मेशन वॉरफेयर न करने लगे. क्‍योंक‍ि इससे निपटने के ल‍िए उसके पास कोई इंतजाम नहीं थे.     बंकर वाली घटना ने यह साबित कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाक सेना के अंदर रणनीतिक डर पैदा किया, बल्कि दबाव के समय देश की राजनीतिक व्यवस्था में उनके भरोसे की कमी को भी उजागर कर दिया. क्या था ऑपरेशन सिंदूर? 7 मई की सुबह, इंडियन आर्मी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए थे. यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी. पहला चरण: अपने शुरुआती चरण में, भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी शिविरों को ध्वस्त किया. इन हमलों में जैश प्रमुख मसूद अजहर के 10 परिवार वालों और चार करीबी सहयोगियों सहित 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. दूसरा चरण: लेकिन जब पाकिस्तान ने भारतीय शहरों और प्रमुख प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना सहित जवाबी सैन्य कार्रवाई का प्रयास किया, तो भारत ने हमले तेज कर दिए. 9-10 मई की रात को अंजाम दिए गए दूसरे निर्णायक चरण में, भारतीय बलों ने नूर खान, सरगोधा, जैकोबाबाद, मुरीद और रफीकी सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेस पर हमला बोल दिया. इसमें पाकिस्तान को इतना नुकसान हुआ कि इस्लामाबाद आज भी सार्वजनिक रूप से उसका हिसाब देने में संघर्ष कर रहा है. यह संघर्ष चार दिनों तक चला था, जिसमें फाइटर जेट, मिसाइल और तोपखाने का जमकर इस्तेमाल हुआ था.

मध्यप्रदेश में 2026-27 के लिए प्रस्तावित टैरिफ, नए साल से बिजली बिल में 15% की बढ़ोतरी

भोपाल  नए साल में शहर के 33 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगेगा। बिजली कंपनी ने बिलिंग फार्मूले में परिवर्तन करते हुए किलोवॉट की जगह किलो वोल्ट एम्पियर से बिलिंग का फार्मूला लागू करने का फैसला लिया है। इसके असर यह होगा कि अनुपयोगी बिजली का बिल बनेगा और उपभोक्ता से इसकी वसूली की जाएगी। इसका सबसे ज्यादा असर बड़े संस्थान, उद्योग उपभोक्ताओं पर आएगा। इससे इनका बिजली बिल पंद्रह फीसदी तक बढ़ जाएगा। बिजली दर बढ़ाने का या पिछले दरवाजे का रास्ता है। मप्र विद्युत नियामक आयोग को कंपनी ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित टैरिफ में इसे प्रस्तावित किया है। केवीए को प्रकट शक्ति यानी अपेरेंट पावर भी कहते हैं। ये सप्लाई की गई कुल बिजली है। प्रस्ताव आयोग को दिया कंपनी ने अपना एआरआर प्रस्ताव आयोग को दिया है। इसमें तमाम तरह के प्रस्ताव है। आयोग के निर्णय के आधार पर ही दर और तरीका तय होगा। – क्षितिज सिंघल, एमडी, मध्यक्षेत्र ऐसे समझें पूरा हिसाब बिजली का बिल किलोवॉट की बजाय किलो वोल्ट एम्पीयर के आधार पर बनाना तय किया जा रहा है। किलोवॉट बिजली की वास्तविक खपत को बताता है, जबकि किलो-वोल्ट एम्पीयर लॉस वाली बिजली का भी आंकलन करता है। यदि पुराने उपकरण, वायरिंग से परिसर में बिजली का तकनीकी हानि होती है तो वह भी उपभोक्ताओं के बिल में जुड़ जाएगी। अभी एचटी उपभोक्ताओं के बिल इससे बनेंगे, धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं तक भी इसे बढ़ाएंगे। जिले में फिलहाल 33000 एचटी उपभोक्ता इसके दायरे में रहेंगे। बिजली कंपनी को ये लाभ लाइन लॉस कम। ट्रांसफॉर्मर व केबल पर कम दबाव। सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी। बिल केवीए पर शिफ्ट इसका उद्देश्य है पावर फैक्टर सुधारना। ग्रिड पर अनावश्यक लोड कम करना। बिजली आपूर्ति को अधिक कुशल बनाना। उपभोक्ता को तकनीकी रूप से जिम्मेदार बनाना। जिले में बिजली लाइन के तकनीकी लॉस को घटाने 15 साल में 3000 करोड़ खर्च कर चुके हैं। इससे एचवीडीएस सिस्टम विकसित करने से लेकर नई लाइन बिछाने, फीडर सेपरेशन समेत ट्रांसफार्मर – सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि तक की गई। ये औसत 15 फीसदी है जो बिलिंग सिस्टम बदलने से ग्राहक की जेब पर शिफ्ट हो जाएगा। लापरवाही से बढ़ेगा बिल केवीए आधार पर बिलिंग से वही उपभोक्ता लाभ में रहेंगे जो सही तरीके से बिजली का उपयोग करेंगे। लापरवाही करने वालों का बिल बढ़ेगा। यदि किसी परिसर में बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर, वायरिंग, उपकरण नए व बेहतर है तो किलोवॉट व केवीए एक समान रहेंगे। यहां बिल में अंतर नहीं होगा। जहां पुराने उपकरण, पुरानी वायरिंग है वहां बिजली का पॉवर फैक्टर खराब होगा। केवीए और किलोवॉट में अंतर होगा। इससे बिल बढ़ेगा। बीएमसी ने नहीं भरा बिजली बिल, बिजली कटी राजधानी के कोटरा क्षेत्र स्थित पीएम आवास योजना के गंगानगर में निगम न बिल का भुगतान नहीं करने से बिजली कंपनी ने कनेक्शन काट दिया। इससे रविवार को ब्लॉक सी-1 और सी-3 की लिफ्ट 10 घंटे तक बंद रहीं। नौ मंजिला इमारत में रहने वाले रहवासियों, विशेषकर जैसे बने रहे। रहवासियों के बुजुर्ग और मरीज दिनभर बंधक अनुसार रविवार 12 बजे अचानक लिफ्ट बंद हो गई। जब लिफ्ट मेंटेनेंस स्टाफ से संपर्क किया तो पता चला कि बिजली बिल बकाया होने से सप्लाई काट दी है। काफी हंगामे और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम 6 बजे बिजली बहाल हुई। ब्लॉक सी-1 के फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले 62 वर्षीय परशुराम कुम्हरे ने बताया कि उनकी पत्नी की हाल ही में सर्जरी हुई है। लिफ्ट बंद होने से पत्नी को सीढ़ियों से ले जाने में भारी दिक्कतें हुई। इस मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त तन्मय शर्मा का कहना है कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार रहवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी

शिवराज सिंह चौहान ने एमपी में 2 ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाने की घोषणा, जनता से किया ‘सेवा’ का वादा

विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा रेलवे स्टेशन पर नई ट्रेन सुविधाओं की सौगात दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे जीवन के दो आदर्श है एक प्रेम और दूसरा जनता की सेवा। सबसे प्रेम करो, हम सब एक ही परिवार है। समाज के अलग-अलग वर्गों के कल्याण के लिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक है, इसलिए विदिशा को सड़क व रेल मार्ग से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है।  विदिशा रेलवे स्टेशन को मिला स्टॉपेज विदिशा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज को समर्पित करते हुए उन्होंने बताया कि विदिशा स्टेशन पर गाड़ी संख्या 12629/12630 का ठहराव दिया गया है। इसके अलावा रायसेन जिले के सांची स्टेशन पर गाड़ी संख्या 16031/16032 तथा दीवानगंज स्टेशन पर गाड़ी संख्या 18235/18236 के प्रायोगिक ठहराव (हाल्ट) की घोषणा की गई है। बेंगलुरु तक आना जाना होगा आसान इस मौके पर उन्होंने कहा कि यशवंतपुर-हजरत निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का प्रदेश में दूसरा स्टॉपेज विदिशा है। इस सुविधा से विदिशा के नागरिकों का बेंगलुरु की और आना-जाना आसान होगा। इन नवीन स्टॉपेज से विदिशा के नागरिको को पढ़ाई, रोजगार, व्यापार और उद्योग के लिए विशेष सहलियत मिलेगी। विदिशा, गंजबासौदा और नहीं छोड़ी जाएगी। यह ट्रेनें विदिशा को समर्पित है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विदिशा में हाल्ट का समय विदिशा स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12629 यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (Yesvantpur-New Delhi Sampark Kranti) का आगमन रात 12.45 बजे होगा. जहां यह दो मिनट का ठहराव करेगी। यह हाल्ट 1 जनवरी से प्रारंभ होगा। इसी प्रकार बेंगलुरु की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 12630 नई दिल्ली-यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का आगमन शाम 5.28 बजे होगा। इस ट्रेन की सुविधा विदिशावासियों को 31 दिसंबर से मिलने लगेगी। सांची पर अंडमान एक्सप्रेस का हाल्ट सांची रेलवे स्टेशन पर अंडमान एक्सप्रेस (Andaman Express) का भी ठहराव दिया गया है। कटरा की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 16031 चेन्नई-श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस (Chennai-Shri Vaishno Devi Katra Express) सुबह 9.38 बजे रुकेगी, जबकि चेन्नई की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 16032 श्री वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई एक्सप्रेस रात 1.18 बजे रुकेगी। यह हाल्ट 29 दिसंबर से प्रारंभ हो जाएगा। सांची में इस ट्रेन के स्टॉपेज से विदिशा जिले के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। विधायक के घर पहुंच श्रद्धा सुमन अर्पित किए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) गंजबासौदा पहुंचे जहां उन्होंने क्षेत्रीय विधायक हरि सिंह रघुवंशी के निवास पर पहुंचकर उनकी मां के निधन हो जाने पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है उनके साथ कुरबाई विधायक हरिसिंह सप्रे सहित कई भाजपाई मौजूद थे। कार्यक्रम में नेता रहे मौजूद कार्यक्रम को विदिशा विधायक मुकेश टंडन, सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी तथा नपा अध्यक्ष प्रीति शर्मा ने भी संबोधित किया। कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, डीआरएम, स्टेशन मास्टर, रेलवे अधिकारी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

उज्जैन के महाकाल मंदिर में साल के आखिरी रविवार को पहुंचे डेढ़ लाख भक्त, सर्दियों में बढ़ी श्रद्धा

 उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में साल के आखिरी रविवार करीब डेढ़ लाख भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया गया। शनिवार को जिस सम्राट अशोक सेतु पर ताला लगा दिया गया था। रविवार को उसे 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों के लिए खोला गया। महाकाल मंदिर में श्री महाकाल महालोक का निर्माण होने के बाद से सप्ताहंत में भक्तों की संख्या सर्वाधिक रहती आ रही है। इसका असर साल के आखिरी रविवार को भी नजर आया। देशभर से आए डेढ़ लाख से अधिक भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंचे। शनिवार से भक्तों का उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया था, जनदबाव के चलते प्रशासन को अपनी व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा था। रविवार को भी इसका असर दिखाई दिया। मंदिर प्रशासन ने उत्तर व पूर्व के सभी द्वारों को बंद कर केवल पश्चिम दिशा के श्री महाकाल महालोक व सम्राट अशोक सेतु से सामान्य व शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया। अतिरिक्त इंतजाम शुरू किए बीते दो दिनों की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति व जिला प्रशासन द्वारा 31 दिसंबर व 1 जनवरी के लिए अतिरिक्त इंतजाम जुटाए जा रहे हैं। चारधाम पार्किंग में जिगजेग लगाने का काम शुरू हो गया है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए अन्य इंतजाम भी किए जा रहे हैं। कालभैरव मंदिर में भी दर्शनार्थियों का ताता महाकाल मंदिर के अलावा कालभैरव, मंगलनाथ, अंगारेश्वर व चिंतामन गणेश मंदिर में भी आस्था उमड़ रही है। रविवार को 75 हजार से अधिक भक्तों ने भगवान कालभैरव के दर्शन किए। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए कालभैरव मंदिर में भी प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था स्थगित रही। जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची के आधार पर ही प्रोटोकाल दर्शन कराए जा रहे थे। मंदिर में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के बाहर अब भी अव्यवस्था का अंबार महाकाल मंदिर के बाहर अब भी अव्यवस्था का अंबार है। आसपास गली तथा शहनाई गेट के सामने मुख्य द्वार पर अवैध पार्किंग हो रही है, जो थोड़ा बहुत रास्ता बचता है उस पर हार फूल, माला, पूजन सामग्री बेचने वाले दुकान लगा लेते हैं। भारी भीड़ के बीच में सड़कों पर हो रहे इस अतिक्रमण को देखने वाला कोई नहीं है।

सेहत का खजाना है यह आम-सा मसाला, इसके पानी से शरीर को मिलती है जबरदस्त ताकत

 नई दिल्ली हम सुबह उठकर सबसे पहले क्या खाते-पीते हैं, इसका सीधा असर सेहत पर नजर आता है। अजवाइन एक ऐसा भारतीय मसाला है, जो औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। अजवाइन सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। खासकर जब इसे पानी में भिगोकर या उबालकर पिया जाए, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। आप इसे हर मौसम में अपनी डाइट में शामिल करके सेहत में कई बदलाव देख सकते हैं। पाचन तंत्र को रखें दुरुस्त पेट की समस्याओं के लिए अजवाइन का पानी बेहतरीन उपाय है। यह पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो सुबह खाली पेट अजवाइन पानी पीना पेट को साफ और हल्का बनाता है। वजन कम करने के लिए अच्छा अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो अजवाइन का पानी बेहतरीन ऑप्शन है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे कैलोरी जल्दी बर्न होती है और शरीर हल्का महसूस होता है। शरीर से निकलते हैं टॉक्सिन्स अजवाइन पानी एक तरह का नेचुरल डिटॉक्सिफायर है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। हार्मोन और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद ब्लड शुगर और हार्मोन बैलेंस को कंट्रोल करने के लिए अजवाइन पानी पिएं। यह डायबिटीज और हार्मोनल इंबैलेंस से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। सूजन की परेशानी में राहत अजवाइन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका पानी पीने से हाथ या पैरों के सूजन से राहत पा सकते हैं। साथ ही, यह बैक्टीरिया और वायरस को रोकने की क्षमता रखता है। त्वचा और बालों के लिए अच्छा अजवाइन का पानी शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे त्वचा की डेड स्किन हटती है और नेचुरल ग्लो आता है। बालों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है। यह ड्राईनेस कम करता और नए बालों को मजबूत बनाता है। अजवाइन पानी कैसे बनाएं?     1-2 चम्मच अजवाइन लें।     रातभर पानी में भिगो दें या हल्का उबालें।     सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं।     स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू या शहद मिला सकते हैं।  

शिवराज सिंह चौहान का क्रिकेट मैच में धमाल, सांसद खेल महोत्सव में मारे चौके-छक्के

विदिशा  पढ़ाई ही नहीं खेलों से भी भविष्य बनाया जा सकता है। मेहनत और धैर्य के साथ खेलों में अभ्यास कर यहां के खिलाड़ी भी शिखर को प्राप्त कर सकते हैं। खिलाड़ियों को कुछ ऐसे ही शब्दों के साथ विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने खुद बल्लेबाजी करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने बल्ला घुमाकर खूब चौके-छक्के मारे जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री रविवार को विदिशा के एसएसएल जैन कॉलेज के मैदान में आयोजित सांसद खेल महोत्सव (Sansad Khel Mahotsav) के तहत विधानसभा स्तरीय प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर उपिस्थत हुए।  खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य में अनंत शक्तियों का भंडार है। उन शक्तियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित क्षेत्र में सफल होने के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि सांसद खेल महोत्सव आयोजन के अगले चरण में और बेहतर प्रयास किए जाएंगे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों को विकसित किया जाएगा। ताकि युवाओं को खेलने व अभ्यास करने के लिए मैदान की सहू‌लियत मिल सकें। खिलाड़ियों को दी शील्ड और मेडल इस दौरान उन्होंने विधानसभा स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शील्ड व मेडल देकर सम्मानित किया। सांसद खेल महोत्सव प्रतियोगिता का समापन रायसेन जिले में होगा। वहां नगद राशि से विजेता व उप विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। क्रिकेट और कबड्‌डी की प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाली टीमों को डेढ़ लाख, एक लाख और पचास हजार रुपए की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। 7020 खिलाड़ियों ने लिया भाग लिया विदिशा क्षेत्र में मुख्य रूप से किक्रेट, कब्बड्‌डी व फुटबाल के अलावा रस्साकस्सी, नीबू रेस व कुर्सी रेस की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। क्रिकेट में 750 खिलाड़ी, कबड्डी में 240, फुटबाल में 180, रस्साकसी में 1600, नीबू रेस में 1750 व चेयर रेस में 2500 खिलाड़ी कुल 7020 खिलाड़ी शामिल हुए। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों को कृषि मंत्री ने ट्रॉफी व मेडल से पुरस्कृत किया। 

अक्षय खन्ना पर भड़के दृश्यम 3 के निर्देशक अभिषेक? बोले– अकेले फिल्म चलाकर दिखाओ

मुंबई अक्षय खन्ना जहां एक तरफ धुरंधर की सक्सेस को एंजॉय कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दृश्यम 3 से उनके बाहर होने को लेकर भी काफी चर्चा में है। अब अक्षय के बाहर होने पर दृश्यम के डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने इस पर अपना रिएक्शन दिया है। उन्होंने बताया कि आखिर हुआ क्या था और कब अक्षय ने फिल्म छोड़ने का फैसला किया। शूटिंग से 5 दिन पहले छोड़ी फिल्म अक्षय के फिल्म छोड़ने को लेकर अभिषेक ने ई टाइम्स से बात करते हुए कहा, 'ये सब हुआ नवंबर में कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के बाद। उन्होंने शूटिंग से 5 दिन पहले फिल्म छोड़ दी थी। लुक लॉक हो गया था, कॉस्ट्यूम बन गए थे, नरेशन हो गया था और उन्हें पसंद भी आई थी।' इस वजह से अक्षय को नहीं पहना सकते थे विग उन्होंने यह भी बताया कि अक्षय ने यह फिल्म धुरंधर की रिलीज से एक दिन पहले छोड़ी थी जब एक्टर ने विग पहनने के लिए कहा। अभिषेक ने बताया कि क्योंकि फिल्म वहीं से शुरू होगी जहां पहले पार्ट खत्म हुआ तो अक्षय के किरदार को तीसरे पार्ट में विग नहीं पहना सकते थे। उन्होंने इस बारे में अक्षय से बात भी की और उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं माने। अभिषेक ने हालांकि समझाया कि इस पर आगे देख सकते हैं कुछ, लेकिन अक्षय फिल्म से बाहर हो गए। फीस को लेकर गलत अपडेट अभिषेक ने इस खबर को भी गलत बताया जिसमें कहा गया कि अक्षय को 21 करोड़ मिल रहे थे फिल्म के लिए। उन्होंने फाइनल अमाउंट बताने से मना किया जिस पर उन्होंने अभिषेक को साइन किया था। अक्षय को लेकर अभिषेक बोले- सोलो फिल्म करके देखो अभिषेक ने आगे अक्षय के इस फैसले को लेकर कहा, ‘मुझे लगता है कि उनके पास के लोग उन्हें बोल रहे हैं कि वह सुपरस्टार बन जाएंगे और उन्हें कुछ ऐसा देखना चाहिए जो सिर्फ उन पर हो। तो मैं उन्हें ऑल द बेस्ट कहना चाहूंगा और कहूंगा कि एक सोलो फिल्म की कोशिश करो। जब उनके पास कोई जवाब नहीं होगा तब उन्हें पता नहीं होगा क्या कहना है। ये सब काफी बेवकूफी है क्योंकि हम एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। मैं रुक गया क्योंकि मुझे लगा कोई पॉइंट नहीं है इस इंसान से बात करने का अभी। वह किसी और ही प्लैनेट में हैं।’ फिल्म की जो सिचुएशन है उसको लेकर अजय देवगन का क्या सीन है उसको लेकर अभिषेक ने कहा, ‘उन्होंने सब कुछ अब मुझपर छोड़ दिया है। खैर ये मुझसे ज्यादा अक्षय और प्रोडक्शन से है। मैं इस बात को छोड़ना चाहूंगा कि हमें इसे कैसे निपटना है।’

SC का बड़ा फैसला: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को नहीं मिली राहत

उन्नाव सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच ने उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है। उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट ने निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया था। सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट के जिस जज ने फैसला सुनाया है वह बहुत अच्छे जज हैं। हालांकि गलती किसी से भी हो सकती है। पॉक्सो के तहत अगर कॉन्स्टेबल लोक सेवक हो सकता है तो विधायक को अलग क्यों रखा गया, यह चिंता का विषय है। बता दें कि सीबीआई ने हाई कोर्ट के फैसले को कानून के खिलाफ, गलत और समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल की। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की सजा को सस्पेंड करके पॉक्सो ऐक्ट के लक्ष्य को ही नजरअंदाज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले पीड़िती का तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता भी मौजूद थी। एजेंसी का कहना है कि हाई कोर्ट यह समझ ही नहीं पाया कि सेंगर विधायक थे और वह जनता के विश्वास के पद पर थे। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी आम नागरिक से कहीं ज्यादा बनती है। ऐसे में उनका दोषी पाया जाना भी बहुत बड़ी बात है। सुनवाई के दौरान क्या तर्क दिए गए? सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बच्ची के साथ हुआ बलात्कार बेहद भयावह है। उस समय वह 16 साल की भी नहीं थी। आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो ऐक्ट् की धारा 5 और 6 के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर कोई कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर है और वह ऐसा काम करता है तो वह दोषी साबित होगा। कोई आर्मी ऑफिसर ऐसा काम करता है तो वह भी एग्रिवेटेड सेक्शुअल असॉल्ट का दोषी होगा। वहीं अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसे पॉक्सो की धारा में पब्लिक सर्वेंट नहीं कहा गया है लेकिन उसके पास जिम्मेदार ओहदा है तो वह भी दोषी होना चाहिए। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कह कहा कि आपके कहने का मतलब है कि अगर कोई बड़े पद पर है और कोई उसके पास मदद के लिए आता है और उसके साथ गलत होता है तो इसे अग्रेवेटेड ऐक्ट माना जाए। तर्कों को सुनने के बाद सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में हैं। आम तौर पर अगर व्यक्ति जेल से बाहर चला गया होता तो शायद उसकी स्वतंत्रता का ध्यान रखा जाता लेकिन यहां स्थिति खास है क्योंकि वह एक अन्य मामले में जेल में है। क्या है पूरा मामला उन्नाव की रहने वाली पीड़िता ने 2017 में बीजेपी नेता और तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था। पहले पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था। 2018 में कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास पीड़िता ने आत्महाद का प्रयास किया तो यह मामला सीबीआई को सौंप दिया या। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। साल 2019 में दिल्ली की एक निचली अदालत ने सेंगर को पॉक्सो ऐक्ट के एग्रेवेटेड पेनिट्रेटिव सेक्शुअल असॉल्ट के प्रावधान के तहत उम्र कैद की सजा सुना दी थाीसेंगर के वकीलों का कहना था कि ट्रायल कोर् ने विधायक को लोक सेवक मानने में गलती की है क्योंकि विधायक को लोक सेवक नहीं माना जा कता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 1984 के एक फैसले का आधार लिया था जिसमें एक निर्वाचित प्रितनिधि को आपराधिक कानून की परिभाषा में लोकसेवक नहीं माना गया था। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक सजा सस्पेंड कर दी है और सशर्त जमानत दे दी। शर्त यह रखी गई है कि सेंगर पीड़िता के गांव के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएंगे। वह किसी पर दबाव बनाने की कोशिश नहीं करेंगे। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके चलते वह अब भी जेल में ही हैं।  

राजस्थान में बवंडर, दिल्ली में झमाझम बारिश—कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिज़ाज

नई दिल्ली  भारत के अधिकांश राज्यों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। इसी बीच अब IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि, संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आने वाले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। राजधानी दिल्ली सोमवार को भी कोहरे की चादर में छिपी रही। IMD ने सोमवार को बताया है कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक बारिश के आसार हैं। वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 29 दिसंबर को बारिश और 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बर्फबारी या बारिश की संभावनाएं हैं। नए साल के जश्न में ‘रंग में भंग’ पड़ सकता है. मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. दरअसल, दिल्ली और आसपास के राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने बताया कि 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इससे दिल्ली को भारी प्रदूषण से राहत मिलेगी. अब सवाल उठता है कि अचानक बारिश का पूर्वानुमान क्यों जारी किया गया है? दरअसल, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से बारिश का यह अलर्ट जारी हुआ है. मौसम विभाग जयपुर ने बताया कि राजस्थान में एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इसका प्रभाव 31 दिसंबर और 1 जनवरी तक रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, इसके असर से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश हो सकती है. बीकानेर और शेखावाटी संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या ‘मावठ’ का असर दिखने भी लगा है. बता दें कि यह बेमौसम बरसात रबी की फसलों के लिए वरदान मानी जाती है और यह किसानों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से होगी बारिश IMD ने बताया है कि पश्चिमी हिमालयी इलाके में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है. इस सिस्टम की वजह से, 31 दिसंबर की शाम को दिल्ली NCR में हल्के बादल छाए रहने की उम्मीद है. ये बादल 1 जनवरी तक बने रहने की उम्मीद है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे बाहर नए साल के जश्न पर असर पड़ सकता है. ये राज्य झेलेंगे ठंड और कोहरे की दोहरी मार 31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सुबह और रात में घना कोहरा छा सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी तक ऐसा मौसम बना रह सकता है। 30 दिसंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और 1 जनवरी तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में घना कोहरा छाया रहेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 29 दिसंबर को शीत दिवस के आसार हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक शीत दिवस की संभावनाएं हैं। IMD ने बताया है कि 30 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शीत लहर का सामना कर सकते हैं। दिल्ली को प्रदूषण से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है. पिछले हफ्ते में दो दिनों के लिए दिल्ली में वायु प्रदूषण से राहत मिली थी. पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया है. कोहरे और शीत लहर के साथ प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश प्रदूषित कणों को धोकर हटा सकती है, जिससे अस्थायी तौर पर एयर क्वालिटी में सुधार हो सकता है. हालांकि, यह सुधार लंबे समय तक नहीं रह सकता है. साल के अंत में बारिश इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिलेगा. जहां साल के अंत में बारिश की संभावना है, वहीं, जनवरी के पहले हफ्ते में इन इलाकों में मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. घना कोहरा छाने के आसार हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.

सरकार की योजना से सोयाबिन उत्पादक किसानों को मिली राहत, 810 करोड़ रुपये का ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने  भावांतर योजना के अंतर्गत रतलाम जिले के जावरा में 3.77 लाख सोयाबीन किसानों के खाते में 810 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। राशि सिंगल क्लिक के जरिए सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई गई है। गवर्नमेंट भगत सिंह कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस अवसर पर विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया। नुकसान की भरपाई की जाती है भावांतर योजना हाल में शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों को अगर अपनी फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम मिलता है तो सरकार की तरफ से भरपाई की जाती है। भावांतर योजना के तहत इससे पहले 6.44 लाख किसानों के खातों में 1,292 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी थी। आय में स्थिरता लाई जा रही योजना का फायदा उन्हीं किसानों को दिया जाता है जिन्होंने भावांतर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार सरकार की ओर से इस योजना का फायदा सोयाबिन उत्पादक किसानों को दिया गया है। योजना के जरिए किसानों की आय में स्थिरता लाई जा रही है और उन्हें कम दाम में फसल बेचने के बावजूद भी नुकसान नहीं झेलना पड़ता है। सरकार की प्राथमिकता किसान सरकार ने सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, ऐसे में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से कर दी गई है। मोहन यादव कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनकी सरकार की प्राथमिकता किसान हैं। सीएम कह चुके हैं कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य हासिल होना चाहिए।