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पहलगाम आतंकी हमले पर सियासी संग्राम, ममता बनर्जी ने अमित शाह को बताया ‘दुशासन’

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा पलटवार किया है और पूछा है कि अगर बंगाल में आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं तो कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला केंद्र ने करवाया था क्या? उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार दावा करती है कि देश में आतंकवाद पर काबू पा लिया गया है, तो फिर पहलगाम हमला कैसे हुआ। ममता ने यहां तक कह दिया कि क्या यह हमला केंद्र की ओर से कराया गया था। दरअसल, ममता अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहीं थीं, जिसमें शाह ने आरोप लगाया था कि चुनावी राज्य में आतंकी नेटवर्क सक्रिय है। बांकुड़ा जिले के बीरसिंहपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तुलना महाभारत के दो पात्रों दुर्योधन और दुशासन से की। उन्होंने कहा, “जैसे ही चुनाव आते हैं, दुर्योधन और दुशासन बंगाल में नजर आने लगते हैं।” ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमित शाह तीन दिन के बंगाल दौरे पर हैं और राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी भी 20 दिसंबर को बंगाल आए थे। आतंकवाद को लेकर केंद्र से सवाल अमित शाह द्वारा बंगाल को आतंकियों का अड्डा बताए जाने पर ममता ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “अगर जम्मू-कश्मीर में कोई आतंकी नहीं है, तो पहलगाम में हमला कैसे हुआ? दिल्ली में जो घटना हुई, उसके पीछे कौन था?” बता दें कि इसी साल 22 अप्रैल को दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला बोल दिया था, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके अलावा पिछले महीने नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास कार बम धमाके में 15 लोगों की जान चली गई थी। मतदाता सूची संशोधन पर भी हमला ममता बनर्जी ने अपने भाषण में राज्य में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के नाम पर राज्यभर में लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का दावा है कि SIR के तहत करीब 1.5 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें राजबंशी, मतुआ और आदिवासी समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कारण लगभग 60 लोगों की मौत हो चुकी है। EC का करेंगे घेराव बनर्जी ने कहा कि यदि मतदाता सूची से किसी एक भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया तो तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर राज्य के लोगों को ‘‘प्रताड़ित’’ किया जा रहा है। बुजुर्गों को दस्तावेज सत्यापन की सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।’’ बनर्जी ने कहा कि राज्य के लोग इस तरह के ‘‘उत्पीड़न’’ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘लोग भाजपा को पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं आने देंगे।’’ भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला बोलने वालों की पिटाई की जाती है बनर्जी ने कहा कि भाजपा चुनाव नजदीक आते ही ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का वादा करती है, लेकिन हकीकत में जिन राज्यों में वह सत्ता में है वहां बांग्ला बोलने वालों की पिटाई की जाती है। ममता ने कहा कि SIR को AI के जरिए किया जा रहा है, यह एक बड़ा घोटाला है। आखिर में सिर्फ आप (अमित शाह) और आपका बेटा ही बचेंगे। ममता बनर्जी के इस बयान से एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है, और आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। 

महासमुंद : ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में जागरूकता शिविर सम्पन्न

महासमुंद : ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में जागरूकता शिविर सम्पन्न महासमुंद राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा आम उपभोक्ताओं को जागरूकता शिविर के माध्यम से ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में शिक्षित करने हेतु 12 दिसम्बर को ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्रही द्वारा उपस्थित महिला एवं पुरुषों के समक्ष ई-जागृति पोर्टल के संबंध में ई-फाईलिंग व ई-हियरिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उपभोक्ता के अधिकार व कर्तव्य के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान खैरा सरपंच श्री प्रांशु चंद्राकर, कोसरंगी सरपंच श्री सुरेश कुमार साहू एवं लभराखुर्द सरपंच श्री मयंक ध्रुव द्वारा संबंधित ग्राम के उपभोक्ताओं को वर्तमान संदर्भ में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए सुझाव दिया गया। जिला उपभोक्ता आयोग सदस्य श्री गिरीश श्रीवास्तव के द्वारा उपभोक्ता कौन है व उपभोक्ता द्वारा किस प्रकार शिकायत किया जा सकता है व उपभोक्ताओं के अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आयोग के डी.एम.ए. श्री युवराज साहू द्वारा ई फाइलिंग के सबंध में तकनीकी सुझाव की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार घर बैठे अपने उपभोक्ता के शिकायत को न्यायालय तक पहुंचाया जा सकता है। ग्राम खैरा कार्यक्रम में ग्रामीण जन, पंचायत सचिव श्री मोती लाला मेहरा एवं ग्राम पंचायत कोसरंगी तथा लभराखुर्द में ग्राम पंचायत के सदस्यगण, ग्रामीण जन व कर्मचारी श्री सतीश मेनन देव प्रसाद ठाकुर उपस्थित थे।    

2026 की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान टकराव का खतरा? अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

वॉशिंगटन  भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर जारी तनाव साल 2026 में सशस्त्र संघर्ष में बदल सकता है। इस बात की चेतावनी एक अमेरिकी थिंक टैंक ने दी है। इसके अलावा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी संघर्ष की आशंका जताई गई है। इस थिंक टैंक ने अमेरिकी फॉरेन पॉलिसी एक्सपर्ट्स का सर्वे किया है। यह थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (सीएफआर) है। सीएफएआर का कहना है कि दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष की संभावना अमेरिकी हितों पर भी असर डाल सकती है। सीएफआर ने 2026 में होने वाले संघर्षों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान द्वारा सीमा पर आतंकवाद को लेकर चिंता जाहिर की गई है।   मई में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई में चार दिन तक लड़ाई चली थी। पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा किए गए हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी। पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य टकराव समाप्त करने पर राजी हुए थे। जम्मू-कश्मीर से आई हैं रिपोर्ट्स भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर स्थित पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट किया था। इसके बाद पाकिस्तान के तेवर थोड़े ठंडे पड़े हैं, लेकिन यदा-कदा उसके नेता गीदड़-भभकियां देते रहते हैं। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में भी कमी देखने को मिली है। हालांकि हाल ही में कुछ इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स आई हैं, जिनमें कहा गया है कि सर्दियों के मौसम में 30 पाकिस्तानी आतंकी जम्मू क्षेत्र में सक्रिय हैं। अफगानिस्तान पर क्या कहा इसके अलावा सीएफआर रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को एक और मोर्चे पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके मुताबिक इस बात की आशंका है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान 2026 में आपस में भिड़ सकते हैं। हालांकि इस लड़ाई का अमेरिकी हितों पर उतना ज्यादा असर पड़ने की आशंका नहीं है। बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया समय काफी तनावपूर्ण रहा है। दोनों देशों के बीच अभी भी तलवार खिंची हुई है। गौरतलब है कि 25 नवंबर को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने मंगलवार को पाकिस्तान पर तीन पूर्वी प्रांतों में देर रात हवाई हमले करने का आरोप लगाया, जिसमें नौ बच्चों सहित 10 नागरिक मारे गए।  

सीमा पार ड्रग्स सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई, अमृतसर से सात आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर  पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भांडाफोड किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे लोगों से था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 4.75 किलो हेरोइन, 1 किलो मेथाम्फेटामाइन और एक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही थी और पंजाब में छोटे-छोटे ग्रुप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट की जा रही थी। इन ग्रुप्स का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था। इनके द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स का कारोबार करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गिरोह और कहां-कहां तक फैला हुआ है और इससे कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स तस्करी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और पुलिस हर स्तर पर सतर्क है। आम लोगों से भी अपील है कि अगर किसी को किसी तरह की ड्रग्स या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पहले 28 दिसंबर को फाजिल्का में भी पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने पांच किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था। यह ऑपरेशन फाजिल्का राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर किया गया। जांच में पता चला कि हेरोइन पाकिस्तान स्थित तस्करों ने ड्रोन के जरिए भेजी थी और इसे आगे पूरे राज्य में फैलाया जाना था। पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह खेप पकड़ी गई और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।

हंसी के माहौल में राजनीति: सीएम योगी का रवि किशन-संजय निषाद पर हल्का-फुल्का तंज

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ और रविकिशन जब कहीं किसी मंच पर साथ होते हैं तो फिर सीएम, रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते। कुछ ऐसा ही सोमवार को गोरखपुर में हुआ जब सीएम योगी ने एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली। स्पोर्ट्स कॉलेज में संपन्न हुए विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में ठंड में हो रही कुश्ती के बहाने सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में बाहर नहीं निकलते हैं। जरूर दोनों कहीं खाने पर मिले होंगे और साथ-साथ यहां आ गए। खेल देखकर इनकी ठंड गायब हो गई। सीएम योगी ने बीच में यह कहकर एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली कि कुश्ती यहां सामने हो रही है और पसीना रवि किशन को मंच पर आ रहा है। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। सोमवार को खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने महानगर स्तर पर खेल प्रोत्साहन को लेकर तैयारियों को भी साझा किया। सीएम ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। बैठक में संस्थाओं से आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। वहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।  

HCS परीक्षा नियमों में अहम संशोधन, 6 पेपर और 600 अंकों की लिखित परीक्षा; उम्मीदवारों के लिए क्या बदला?

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा के नियमों में बदलाव किया है। अब मुख्य लिखित परीक्षा में चार की बजाय कुल 600 अंकों के छह प्रश्नपत्र होंगे। इसमें अंग्रेजी, हिंदी और चार सामान्य अध्ययन के पेपर शामिल हैं। पर्सनालिटी टेस्ट 75 अंकों की होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में इसी महीने हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बदले हुए नियमों पर मुहर लगने के बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। बदले हुए नियमों के अनुसार, मुख्य लिखित परीक्षा में छह प्रश्नपत्र होंगे, जो कि 600 अंकों के रहेंगे। अंग्रेजी और हिंदी का पेपर प्रत्येक 100-100 अंकों का होगा।इसके अलावा चार जनरल स्टडीज के पेपर होंगे और प्रत्येक 100-100 अंकों के रहेंगे। पहले चार पेपर हुआ करते थे, जिनमें बदलाव किया गया है। हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषा में तैयार होंगे प्रश्नपत्र प्रश्न पत्र एक अंग्रेजी (अंग्रेजी निबंध सहित) होगा, जबकि प्रश्न पत्र दो हिंदी (हिंदी निबंध सहित) रहेगा। प्रश्न पत्र तीन सामान्य अध्ययन-वन का होगा, जबकि प्रश्न पत्र चार सामान्य अध्ययन-टू का रहेगा। प्रश्न पत्र पांच सामान्य अध्ययन-तीन और प्रश्न पत्र छह सामान्य अध्ययन-चार का होगा। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र परंपरागत (निबंध) प्रकार का होगा। भूतपूर्व सैनिकों को सभी पेपरों में बैठना अनिवार्य मुख्य लिखित परीक्षा में सम्मिलित किए जाने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार, अगर कोई होगा, सहित विज्ञापित रिक्तियों की संख्या से बारह गुणा होगी। इसी प्रकार पर्सनालिटी टेस्ट के लिए बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार, यदि कोई होगा, सहित विज्ञापित रिक्तियों का तीन गुणा होगी। भूतपूर्व सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों को सभी पेपरों में बैठना अनिवार्य होगा।   सेलेक्शन के लिए कितना नंबर लाना होगा? किसी भी उम्मीदवार को व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा के लिए तब तक नहीं बुलाया जाएगा, जब तक उसने सभी लिखित पेपरों के कुल योग के कम से कम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त न किए हों और हिंदी व अंग्रेजी भाषा में प्रत्येक में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त न किए हों। जहां बेंचमार्क दिव्यांगता वाले उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होंगे, हरियाणा राज्य लोक सेवा आयोग 45 प्रतिशत अंकों की उक्त सीमा को घटा कर 35 प्रतिशत अंक तक कर सकता है। अंतिम चयन, उम्मीदवारों द्वारा प्रयोग किए गए सेवा के अधिमान को ध्यान में रखते हुए मुख्य लिखित परीक्षा तथा व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा अर्थात 675 अंकों में से उम्मीदवार द्वारा प्राप्त किए गए कुल अंकों के आधार पर तैयार की जाने वाली वरिष्ठता सूची पर आधारित होगा।

बलूचिस्तान में खूनी वार: BLF ने कहा— पाक सेना के 10 सैनिक मार गिराए

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि कई हमलों में पाकिस्तानी सेना के 10 जवानों को मौत की नींद सुला दी है। बीएलएफ ने सोमवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने झाओ, बरखान, तुम्प और तुरबत में कई हमले किए, जिसमें पाकिस्तानी सेना के दस सदस्यों की मौत हो गई। ये हमले बलूच सशस्त्र गुटों द्वारा उन कार्रवाइयों की जिम्मेदारी लेने के एक दिन से भी कम समय के भीतर हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर कम से कम पंद्रह सैनिकों की मौत हो गई थी।   बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर गोहरम बलोच ने बताया कि समूह के लड़ाकों ने 28 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे अवारान जिले के झाओ क्षेत्र में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया। उन्होंने बताया कि घात लगाकर किए गए हमले में सेना की पैदल गश्ती दल, बम निरोधक इकाई और एक पिकअप वाहन को निशाना बनाया गया था, जो सभी एक ही स्थान पर मौजूद थे। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बयान में कहा गया है कि आठ शत्रु सैनिक मौके पर ही मारे गए और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। समूह ने आगे बताया कि काफिले की सुरक्षा के लिए तैनात एक बख्तरबंद वाहन घात लगाकर किए गए हमले के दौरान पीछे हट गया, जिससे शव और घायल सैनिक वहीं छूट गए। उन्होंने दावा किया कि उसी रात दूसरा हमला हुआ, जिसमें उन्होंने बरखान जिले के राखनी के पास स्राती-टिक इलाके में स्थित एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया। बयान के अनुसार, लड़ाकों ने रॉकेट-चालित ग्रेनेड सहित भारी हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसके परिणामस्वरूप शिविर के अंदर आरपीजी के गोले गिरने से दो कर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने बताया कि 28 दिसंबर को तुंप के गोमाजी इलाके में तीसरा हमला किया गया था, जहां लड़ाकों ने सुरक्षा बलों की एक चौकी पर कई गोले दागे, जिससे वहां तैनात पाकिस्तानी सैनिकों को 'हताहत और भौतिक नुकसान' हुआ। इसके अलावा, समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 27 दिसंबर को रात 8:20 बजे मध्य तुरबत में एक नौसेना शिविर के मुख्य प्रवेश द्वार पर पाकिस्तानी नौसेना कर्मियों को निशाना बनाते हुए हथगोले से हमला किया। बयान में दावा किया गया कि गेट पर तैनात कर्मियों को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते विस्फोट के बाद पाकिस्तानी सेना ने इलाके में गश्त तेज कर दी है। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने 'स्वतंत्र बलूचिस्तान की प्राप्ति तक' सशस्त्र हमले जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

घने कोहरे ने रोका सफर: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 14 फ्लाइट्स कैंसिल, शताब्दी ट्रेन लेट

चंडीगढ़ धुंध और कोहरे के कारण शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे चंडीगढ़ से 14 फ्लाइट्स रद्द और 8 ने लेट उड़ान भरी है। इसके साथ ही शताब्दी तय समय से करीब 4 घंटे 45 मिनट लेट पहुंची। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से चंडीगढ़ आने वाली अधिकतर ट्रेनें अपने तय समय से लेट पहुंची रही है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के सी.ई.ओ. अजय वर्मा का कहना है कि सुबह के समय विजिबिलटी कम होने के कारण फ्लाइट्स की उड़ानें प्रभावित हुई है। धुंध और कोहरे के कारण चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने वाली 5 और जाने वाली 9 फ्लाइट्स रद्द हुईं। आधा दर्जन फ्लाइट्स तय समय से लेट उड़ान भरी है, जिसमें मुम्बई, गोवा, जयपुर और अहमदाबाद की फ्लाइट शामिल है। सद्भभावना सुपरफास्ट 4 घंटे देरी से पहुंची शताब्दी, जो 11 बजे पहुंचती है, वह दोपहर 3.45 बजे पहुंची। ऊंचाहार एक्सप्रेस सुबह 9.15 बजे की जगहरात 7.30 बजे पहुंची, जो तय समय से करीब 10 घंटे लेट रही। इसके साथ ही हावड़ा से वाया चंडीगढ़ होकर कालका जाने वाली हावड़ा मेल तय समय से 12 घंटे लेट पहुंची। सद्भभावना सुपरफास्ट 4 घंटे लेट, केरल संपर्कक्रांति 4 घंटे लेट, रामनगर ट्रेन 1 घंटे 20 मिनट लेट पहुंची।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस, श्रवण कुमार बोले– फैसला उन्हें खुद लेना है

पटना  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री की मांग जदयू के कार्यकर्ता काफी लंबे वक्त से कर रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारी और नेता भी चाहते हैं कि निशांत जल्द सियासी पारी शुरू करें। इस बीच नीतीश सरकार में मंत्री और जदयू विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि परिवार और पार्टी, दोनों स्तर पर इस विषय पर सकारात्मक माहौल है, लेकिन अंतिम निर्णय नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत को लेना है। हम सब लोगों की तो यही इच्छा है कि उन्हें (निशांत) को पॉलिटिक्स में आना चाहिए।   इससे पहले निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग करते हुए जदयू के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुकुंद सेना के बैनर तले भूख हड़ताल की थी। मुकुंद कुमार के नेतृत्व में बैनर-पोस्टर के साथ बीते रविवार को गर्दनीबाग धरना स्थल पर 12 घंटे भूख हड़ताल पर बैठे। धरना में जदयू के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे। मुकुंद कुमार ने कहा कि निशांत कुमार शिक्षित युवा हैं। उनमें पूरी क्षमता है कि वह राजनीति में आएं और अपने पिता की तरह राज्य की सेवा करें। बता दें कि निशांत कुमार के राजनीति में आने और पार्टी में शामिल होने की मांग कई जदयू नेता और कार्यकर्ता कर चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी कह चुके हैं कि हमलोग चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आयें, पर फैसला उन्हें ही लेना है।  

अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा

विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण बनी अयोध्या नगरी, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा अयोध्या नगरी: विकास और विरासत का जीवंत उदाहरण, आस्था से समृद्ध अर्थव्यवस्था की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्षों में अयोध्या ने लिखी विकास की महागाथा, पर्यटन में बना कीर्तिमान, युवाओं को मिला रोजगार  लखनऊ  अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि गौरवशाली नवीन भारत के आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे होने के साथ ही अयोध्या ने यह साबित कर दिया है कि विरासत और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प एक ऐसी गाथा बन चुका है, जिसमें आस्था, समृद्ध अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार और भविष्य की स्पष्ट दिशा समाहित है।  आस्था से अर्थव्यवस्था तक की स्वर्णिम यात्रा श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का स्थायी स्तंभ भी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई। इस साल जनवरी-जून के बीच लगभग 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक रामनगरी आए और यहां के विकास और समृद्धि से आश्चर्यचकित हो गए। लगभग 85 हजार करोड़ की परियोजनाओं से अयोध्या वर्ल्ड क्लास शहर का रूप ले रहा है। इसका श्रेय विकसित अयोध्या के शिल्पकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमामय अनुभव के साथ रामनगरी आकर भगवान प्रभु श्रीराम का दर्शन करें।  अंतराष्ट्रीय शहर के रूप में बन रही है पहचान योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का महर्षि वाल्मिकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, चौड़ी और सुदृढ़ सड़कों का नेटवर्क, आधुनिक रेलवे स्टेशन, रामपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ ये सब अयोध्या को एक आधुनिक तीर्थ और पर्यटन नगरी में बदल रहे हैं। यह विकास केवल इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को नई गति दे रहा है।  पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने बनाया कीर्तमान अयोध्या आज उत्तर प्रदेश के पर्यटन का केंद्र है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और हेरिटेज टूरिज्म को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया गया। होटल, होम-स्टे, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिली। योगी आदित्यनाथ सरकार ने आस्था से आय और आय से आत्मनिर्भरता का नया रोडमैप तैयार किया है। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होम स्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है। इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। अब तक जिले में 1136 से ज्यादा होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल भी विदेशी पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधा प्रदान कर रहे हैं।  अयोध्या गढ़ रहा युवाओं का भविष्य  इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभार्थी बना है प्रदेश का युवा। टूरिज्म, एविएशन, ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, इवेंट मैनेजमेंट और सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। अयोध्या अब पलायन का कारण नहीं, बल्कि रोजगार का केंद्र बन रही है। यह वही युवा शक्ति है जो विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतार रही है। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, हस्तशिल्प, हथकरघा, मल्टीनेशनल कंपनियों में युवाओं को मनमाफिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अयोध्या में जो दुकानदार पहले प्रतिदिन 1000 रुपये कमाते थे अब वो 5 से 8 हजार रुपये कमा रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले स्थानीय युवाओं को औसतन 40 हजार की मासिक सैलरी मिल रही है। दो वर्षों में अयोध्या ने जो यात्रा तय की है, वह साफ संदेश देती है जब नेतृत्व दृढ़ हो, दृष्टि स्पष्ट हो और नीयत राष्ट्रहित की हो, तब विरासत भी चमकती है और विकास भी। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में अयोध्या आज केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की भूमिका बन चुका है।