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रायपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की

रायपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने की प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र के समक्ष रखी पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग तेज़ सुधारों की राह पर छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य क्षेत्र, ‘मिशन मोड’ में TB मुक्त भारत करने निर्देश रायपुर स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ और प्रभावी सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा तथा जनभागीदारी आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा।” बैठक के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान नड्डा ने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुँचेगा। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा उनकी नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने और उनके माध्यम से क्षय रोगियों के लिए पोषण एवं खाद्य सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। नड्डा ने कहा कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जाँच को तीव्र गति से पूर्ण कर समयबद्ध निदान सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएँ संचालित कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने हेतु निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जबकि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए। इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान,  MMR और IMR पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि TB कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएँगी। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग भी केंद्र के समक्ष रखी गई । नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग हेतु केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर संचालित होती रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जाँच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार हेतु राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएँगे, जिसके लिए केंद्र वित्तीय मदद प्रदान करेगा। विस्तृत चर्चा के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “केंद्र और राज्य की साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित बदलाव है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे।”

दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में योगी सरकार उठा रही ठोस कदम

दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने के निर्देश, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में योगी सरकार उठा रही ठोस कदम शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मिली नई गति पेंशन और निःशुल्क बस सेवा से सामाजिक सुरक्षा हुई मजबूत, खेल, कला और कौशल से दिव्यांग प्रतिभाओं को मिला मंच लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग, के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा, पेंशन, निःशुल्क परिवहन, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना है। इसी क्रम में योगी सरकार की ओर से दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।  पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू हों योजनाएं प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि योगी सरकार की नीतियां केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांग विश्वविद्यालयों को सशक्त बनाने पर सरकार का फोकस डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ये संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर अधिक से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए गए। पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा गया कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मंत्री ने जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और कमजोर प्रगति वाले जिलों में जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में=शादी अनुदान योजना से 72,690 लाभार्थी लाभान्वित, छात्रवृत्ति योजना के तहत 12,76,303 विद्यार्थियों को सहायता, कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 25,588 ‘ओ’ लेवल एवं 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया। दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा और सुविधाओं का विस्तार दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन, 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन, निःशुल्क बस यात्रा योजना के अंतर्गत, 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों को लाभ मिला है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य निधि का उपयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ दिव्यांगजनों के हित में किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 2025-26 में दिव्यांग प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, प्रयागराज और ललितपुर में दिव्यांग पुनर्वासन पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी एवं बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

कांग्रेस में गुटबाजी का नया मामला, पूर्व CM के स्वागत से दूर रहे पूर्व डिप्टी CM और उनके समर्थक

अम्बिकापुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरगुजा प्रवास के दौरान एक बार फिर साफ गुटबाजी देखने को मिली है। इस नजारे के बाद एक फिर भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव के बीच दूरियां सामने आ गई हैं।  दरअसल  छत्तीसगढ़ में सत्ता से बेदखल होने के बाद पहली बार जह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरगुजा संभाग के दौरे पर पहुंचे तो इन दोनों कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी सामने आ गई। गुटबाजी को फिर मिली हवा बघेल सड़क मार्ग से उदयपुर और लखनपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचे, लेकिन उनके स्वागत में  पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनसे जुड़े कांग्रेस समर्थकों ने दूरी बनाए रखी औऱ कोई स्वागत में नहीं पहुंचा। जिसके बाद अटकलों और गुटबाजी को फिर हवा मिल गई और बातें की जाने लगी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के स्वागत में केवल  पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और उनके समर्थक ही देखे गए।  वहीं मीडिया में कुछ भी कहने से भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बचते देखा गया । बघेल का सरगुजा दौरा, कांग्रेस की गुटबाजी दरअसल उदयपुर और लखनपुर में  ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों पर पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव समर्थकों का दबदबा माना जाता है। वैसे भी भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव की अंदरुनी खींचतान को हर कोई जानता है। इसी के चलते पूर्व सीएम भूपेश बघेल के स्वागत के लिए सिंहदेव से जुड़ा कोई भी कांग्रेस नेता या कार्यकर्ता नजर नहीं आया। यही स्थिति अंबिकापुर में भी देखने को मिली।  स्वागत में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत से जुड़े कांग्रेस के लोग ही इस दौरान  सक्रिय दिखे। वैसे आपको बता दें कि  पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव इन दिनों सरगुजा में मौजूद नहीं हैं। जय और वीरू की जोड़ी में अनबन फिर बनी सुर्खियां आपको बता दें कि पूर्व सीए भूपेश बघेल सूरजपुर में कांग्रेस के जिला सम्मेलन में शिरकत करने आए हैं। इसमें जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है, देखना होगा इस सम्मेलन में टीएस सिंह देव के समर्थकों का क्या रुख रहता है। लिहाजा इस स्वागत में भी एक बार फिर जय और वीरू की जोड़ी में अनबन सामने आ रही है।

गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा, विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक; संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य

रायपुर : संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा रायपुर जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम झुलन (पकरिया) निवासी 12 वर्षीय गणेश कश्यप का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। बहु दिव्यांगता, अल्प मानसिक मंदता एवं सेरेब्रल पाल्सी (हेमीप्लेजिया) से ग्रसित गणेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। रोजी-रोटी के लिए माता-पिता को दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाते थे, जिससे गणेश का नियमित रूप से स्कूल जाना संभव नहीं हो पा रहा था। नामांकन सामान्य स्कूल में था, पर प्रवासी जीवन ने उसकी शिक्षा को लगभग रोक दिया था। शासन की संवेदनशील सोच ने ऐसे समय में गणेश के जीवन को नई दिशा दी। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जांजगीर स्थित शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास दिव्यांग बच्चों के लिए संबल बनकर सामने आया। यहां 50 बहु दिव्यांग बालकों को आवास, भोजन, विशेष शिक्षण एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।  विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा विशेष प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम गणेश का इस छात्रावास में प्रवेश हुआ। छात्रावास में प्रवेश के बाद गणेश को विशेष शिक्षकों के मार्गदर्शन में शिक्षण के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार, आत्मनिर्भरता और स्वयं के कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया। असामान्य व्यवहार में सुधार और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। धीरे-धीरे गणेश में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे और उसकी सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। मुख्यधारा में समावेशन की सफल मिसाल समाज कल्याण विभाग के उद्देश्य अनुसार दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना को साकार करते हुए गणेश को कक्षा 5वीं की परीक्षा सामान्य स्कूल से दिलाई गई। सत्र 2024-25 में गणेश ने सामान्य विद्यालय से कक्षा 5वीं की परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण की। यह उपलब्धि उसके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण रही। आज गणेश शासकीय माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में कक्षा 6वीं का नियमित छात्र है। वह पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर रहा है और परीक्षा देना उसे अच्छा लगता है। शिक्षक भी उसकी प्रगति से संतुष्ट हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशावान हैं। अपने बच्चे को सामान्य स्कूल में पढ़ते और आगे बढ़ते देखकर गणेश के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं। वे भावुक होकर समाज कल्याण विभाग और शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग से उनके बच्चे को नई पहचान और नया भविष्य मिला।

कट्टरपंथियों को तेमजेन की चेतावनी: ‘घटोत्कच-हिडिंबा का असली रूप अभी दिखना बाकी है’

ढाका  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार और कट्टरपंथी नेताओं की ओर से भारत को तोड़ने की धमकियों के बीच नागालैंड में बीजेपी विधायक तेमजेन इमना अलोंग ने उन्हें करारा जवाब दिया है। इम्ना ने कहा कि जो पागल लोग चिकन नेक को काटने और पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की बात करते हैं उन लोगों ने हमारे घटोत्कच और हिडिंबा को नहीं देखा है। गला-वला काटना हम अच्छी तरह जानते हैं। आपको बता दें कि बांग्लेदेश में कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हैं और वे चिकन नेक का जिक्र करके पूर्वोत्तर को भारत से काटने का दंभ भर रहे हैं। इम्ना ने महाभारत काल के दो पात्रों का उदाहरण देकर उन्हें जवाब दिया है। दरअसल पांडवों के वनवास के दौरान हिडिंबा नाम की राक्षसी का विवाह भीम से हुआ था। भीम ने हिडिंबा के भाई हिडिंब का वध किया था। हिडिंबा बेहद ताकतवर और मायावी थी। वहीं हिडिंबा और भीम से एक पुत्र का जन्म हुआ जिसका नाम घटोत्कच था। घटोत्कच भीमकाय और बहुत बलिशाली था। महाभारत के युद्ध में कर्ण अमोघ वाण से घटोत्कच की मौत हुई थी। वहीं घटोत्कच ने अपनी जान देकर अर्जुन के प्राण बचा लिए थे। इमना ने कहा, बांग्लादेश वाले जो कुछ भी कह रहे हैं, हम तो इतना निंदा नहीं करते हैं। हम चाहते हैं कि वे लोग पूर्वोत्तर में आकर तो देखें। हम जान गए हैं कि उनका इरादा क्या है। वे चिकन नेक की बात करते हैं लेकिन हम लोगों का कोई नेक नहीं है। ये केवल मीडिया केशब्द हैं। हम बहुत मजबूत कड़ी से भारत के साथ जुड़े हैं और हम भारतीय हैं। हम यह भी नहीं कहते कि सब बांग्लादेशी गलत हैं। कुछ पागल लोग हैं जो ऐसी बात करते हैं, उन लोगों ने हमारा घटोत्कच और हिडिंबा नहीं देखा है। अगर आ सकते हैं तो एक बार भारत आ जाएं। हम लोग उन्हें दिखाएंगे। अलोंग इमना ने कहा, वे लोग राजनीति में जो कुछ बोल रहे हैं उन्हें बोलना नहीं चाहिए। 1971 में भारत ने ही उनको आजाद किया और वे इतनी जल्दी भूल गए। और गले काटने का जो चक्कर है वे हमसे अच्छा नहीं जानते हैं। वे लोग अभी बहुत नए हैं। किसे कहा जाता है भारत का चिकन नेक? सिलिगुड़ी कॉरिडोर को चिकन नेक के नाम से जाना जाता है। यह पश्चिमी बंगाल के उत्तरी हिस्से में दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी शहर के पास एक संकरा कॉरिडोर है। एक जगह इसकी चौड़ाई 20 से 22 किलोमीटर है। इससे ही अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालट, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपूरा औऱ सिक्किम भारत के बाकी हिस्सों से जुड़ता है। मैप में देखने पर यह मुर्गी के गले की तरह दिखता है इसलिए इसका नाम चिकन नेक पड़ गया। इस की सीमाएं नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं। इसके पास हीचीन की चुंबी घाटी भी है।

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर संचालित कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की प्रगति, अवैध परिवहन नियंत्रण, ई-केवाईसी एवं आवास योजनाओं सहित अन्य विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने प्रशासन गांव की ओर अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। जनपद सीईओ, आरईएस एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीईओ नंदनवार ने निर्देश दिए कि जिला नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करें, विशेषकर शनिवार एवं रविवार को। जिन राइस मिलों का डीओ कट चुका है, वहां से उठाव सुनिश्चित किया जाए। धान उठाव को लेकर  निर्देश दिए कि मिलरों एवं परिवहन एजेंसियों के समन्वय से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नियमित एवं सुचारू उठाव सुनिश्चित किया जाए। उठाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही राइस मिल्स का भी पीवी ऐप के माध्यम से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी में छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने राशन कार्ड ई-केवाईसी पर समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में अब भी लंबित राशन कार्डों का ई-केवाईसी मिशन मोड में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को बुलाकर वहीं बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाए और मृत व अनुपलब्ध सदस्यों का विलोपन किया जाए। सीईओ ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति, निर्माण प्रगति, लंबित प्रकरण, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त के भुगतान तथा जियो-टैगिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही उन्होंने अपार आईडी शिविर लगाने, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मलाइका अरोड़ा ने कहा- अरबाज खान से तलाक के बाद शादी को लेकर नहीं है पछतावा, अगर प्यार मिला तो करूंगी दूसरी शादी

मुंबई  मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान एक समय पर बॉलीवुड इंडस्ट्री के पावर कपल थे. दोनों की केमिस्ट्री चर्चा में रहती थी. मगर फिर शादी के कुछ सालों बाद उनके रिश्ते में दरार आ गई और दोनों तलाक लेकर अलग हो गए. मलाइका और अरबाज के तलाक से फैंस समेत इंडस्ट्री के लोगों को भी झटका लगा था. अब मलाइका ने अपने डिवोर्स पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया कि तलाक के बाद उन्हें काफी गलत तरीके से जज किया गया था.   तलाक पर क्या बोलीं मलाइका? मलाइका ने कहा कि उन्होंने साल 2016 में अरबाज खान संग तलाक अनाउंस कर दिया था, जबकि उनका डिवोर्स साल 2017 में फाइनल हुआ. उस वक्त सिर्फ आम जनता ने ही नहीं, बल्कि उनके करीबी लोगों ने भी उन्हें लेकर काफी जजमेंट पास की थी.  बातचीत में मलाइका ने अपने दिल का दर्द बयां किया. एक्ट्रेस बोलीं- मैंने काफी जजमेंट और ट्रोलिंग का सामना किया. सिर्फ लोगों ने ही नहीं, बल्कि मेरे परिवार और दोस्तों ने भी मुझे खरी-खोटी सुनाई थी. उस वक्त मेरे फैसलों पर सवाल उठाए गए थे. लेकिन मुझे खुशी है कि मैं अपने फैसले पर डटी रही. मुझे आज कोई पछतावा नहीं है. उस वक्त मुझे आइडिया भी नहीं था कि मेरे साथ आगे क्या होगा. मुझे नहीं पता था कि मेरे लिए आगे क्या लिखा है. लेकिन मुझे ये बात पता थी कि मुझे मेरी जिंदगी में उस रिश्ते से निकलने की जरूरत है.  'मुझे एहसास हो गया था कि खुश रहने के लिए मूव ऑन करना जरूरी है. मगर किसी ने ये नहीं समझा था. हर किसी ने मुझपर सवाल उठाए थे और कहा था- तुम अपनी खुशी को सबसे ऊपर कैसे रख सकती हो? लेकिन मैं ऐसा करके खुश थी. मुझे लगा था कि इससे मेरे साथ कितना बुरा हो जाएगा? कुछ समय के लिए मुझे काम नहीं मिलेगा. लोग मेरे बारे में बुरा-भला कहेंगे.'   हेटर्स को मलाइका का जवाब मलाइका ने उन लोगों को भी लताड़ लगाई, जो आदमियों के तलाक लेने पर ना ही सवाल उठाते हैं और ना ही उन्हें उनके फैसलों पर जज करते हैं. एक्ट्रेस बोलीं- दुर्भाग्य से आदमियों से ये सभी सवाल कभी नहीं पूछे जाते. कहीं न कहीं, यह बस मान लिया जाता है कि हम एक पुरुष-प्रधान समाज (patriarchal society) में रहते हैं और चीजें ऐसी ही होती हैं. जब पुरुषों की बात आती है, तो कभी कोई आलोचना नहीं की जाती. दुर्भाग्य से, महिलाओं को हर रोज इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है और अगर कोई महिला लोगों के सामान्य दायरे से बाहर निकलती है, तो वो 'आदर्श महिला' नहीं कहलाई जाती. महिलाओं पर तुरंत ही उंगलियां उठने लगती हैं. लेकिन अगर आप इन सब से आगे बढ़कर अपनी जिंदगी बनाते हैं, एक मिसाल कायम करते हैं, तो आप कुछ सही कर रहे हैं.  दूसरी शादी पर क्या बोलीं मलाइका? मलाइका ने ये भी कहा कि वो अभी भी शादी में यकीन रखती हैं. एक्ट्रेस बोलीं- मैं शादी में यकीन रखती हूं. लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि ये मेरे लिए ही बनी है. अगर होती भी है तो अच्छी बात है, लेकिन मैं शादी के पीछे नहीं भाग रही. मैं खुद में बहुत संतुष्ट हूं. मेरी शादी हुई थी. फिर मैंने इससे मूव ऑन कर लिया. मैं रिश्तों में रह चुकी हूं. पर मैं हताश नहीं हूं. मैं आज भी अपनी जिंदगी से प्यार करती हूं. मैं प्यार के आइडिया से प्यार करती हूं. मुझे प्यार करना और प्यार बांटना पसंद है. मैं प्यार के लिए पूरी तरह से ओपन हूं, लेकिन मैं इसे तलाश नहीं रही हूं. अगर यह नेचुरली हो जाता है और अगर यह मेरी जिंदगी में दस्तक देता है, तो मैं इसे स्वीकार करूंगी.  मलाइका ने आगे बताया कि अरबाज खान संग शादी के वक्त वो सिर्फ 25 साल की थीं. एक्ट्रेस ने लोगों को सलाह दी कि छोटी उम्र में शादी न करें. एक्ट्रेस ने सलाह देते हुए कहा कि पहले जिंदगी को खुलकर जिएं, एक्सपीरियंस कर लें उसके बाद ही शादी करने का फैसला करें. शादी से पहले फाइनेंशियली और इमोशनली इंडीपेंड जरूर हो जाएं. 

‘बांग्ला बोलने वालों पर हमले चिंता का विषय’, स्थिति बिगड़ने से पहले कार्रवाई जरूरी: पीएम मोदी से बोले अधीर रंजन

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर भाजपा-शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर हो रहे कथित हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पश्चिम बंगाल में साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा को बढ़ावा दे सकती हैं। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में चौधरी ने कहा कि बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों का एकमात्र अपराध यह है कि वे बंगाली भाषा बोलते हैं, जिसे कई जगहों पर प्रशासन गलत तरीके से उन्हें पड़ोसी देश बांग्लादेश से आया अवैध घुसपैठिया समझ लेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी गलतफहमी के चलते बंगाली भाषी लोगों को परेशान किया जा रहा है और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी ने पत्र में यह भी जिक्र किया कि पश्चिम बंगाल के कई इलाके मुस्लिम बहुल हैं और उनकी सीमा बांग्लादेश से लगती है। देश के अन्य राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों के कारण इन सीमावर्ती इलाकों में भी समुदायों के बीच तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया तो इससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे सभी राज्य सरकारों को संवेदनशील बनाने के लिए निर्देश दें, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रवासी मजदूरों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव, हिंसा या उत्पीड़न न हो। चौधरी ने जोर देकर कहा कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी नागरिक के साथ अन्याय स्वीकार्य नहीं है। इस बीच, हालिया घटनाओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर इलाके के रहने वाले 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर ज्वेल राणा की ओडिशा के संबलपुर में ‘बीड़ी’ को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर हत्या कर दी गई। इसी तरह, मुंबई में दो प्रवासी मजदूरों को बांग्लादेश के अवैध अप्रवासी होने के संदेह में गिरफ्तार किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल प्रवासी कल्याण बोर्ड ने दावा किया है कि पिछले 10 महीनों में उसे देश के विभिन्न हिस्सों से बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों के उत्पीड़न से जुड़ी 1,143 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकांश मामले भाजपा-शासित राज्यों से जुड़े बताए गए हैं। कांग्रेस ने इन घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। पार्टी ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और देश में कहीं भी किसी नागरिक के साथ भाषा या पहचान के आधार पर भेदभाव न किया जाए।

फर्जीवाड़े का खेल: अपनी मिल का नाम बदला, रिश्तेदार के नाम करवाई एंट्री, जींद के आढ़ती से 2.25 करोड़ की ठगी

जींद करनाल के एक दम्पति ने जींद के एक अनाज मंडी के आढ़ती के साथ सवा 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। अनाज मंडी में आढ़ती का काम करने वाले अरविंद गोयल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि निसिंग स्थित एक राइस मिल में अनिल कुमार व उनकी पत्नी डायरैक्टर हैं। वे मिल के सभी कार्यों में भागीदारी करते हैं। इन दोनों ने उससे संपर्क किया और विश्वास में लेकर आश्वासन दिया कि वह जींद के अन्य आढ़तियों व किसानों से जीरी लेकर उन्हें सप्लाई करे। इसकी अदायगी वे सप्लाई के 15 दिनों के अन्दर कर देंगे जिसमें उसे कुल रकम का एक प्रतिशत की दर से कमीशन मिलेगा। वर्ष 2014-15 व वर्ष 2015-16 के सीजन में अरविंद गोयल ने मंडी के आढ़तियों से संपर्क किया और उनसे उधार में जीरी खरीद ली। इसकी सप्लाई अलग-अलग बिलों द्वारा आरोपियों को की गई परंतु उन्होंने पैसे हड़पने की नीयत से जीरी का कोई भुगतान नहीं किया। आरोपियों ने जीरी से चावल निकालकर बाजार में अधिक मूल्य पर बेच दिया है। इसके बाद जब भुगतान के लिए बातचीत की तो आरोपियों ने उसे जान से मारने, झूठे आत्महत्या करने के लिए उकसाने के मुकद्दमे में फंसाने के लिए धमकी दी। अरविंद गोयल ने शिकायत में कहा है कि 31 मार्च, 2016 को आरोपियों की तरफ 2,20,86,140 रुपए बकाया थे जो कि उन्होंने धोखे से हड़प लिए हैं और भेजी गई जीरी को भी खुर्द-बुर्द कर दिया है। एक रात वह परेशान होकर उनके घर के बाहर बैठ गए जिसके बाद उन्होंने अगले दिन उसे चैक दिया जिस पर 22 जनवरी, 2018 की तारीख डाल दी। इसके बाद आरोपियों ने किसी और से धमकी दिलवाई कि अगर आज के बाद दोबारा पैसों की मांग करने व घर पर आए तो तुम्हें और तुम्हारे बेटे को जान से मरवा देंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपियों ने अपनी राइस मिल का नाम बदलकर अपने रिश्तेदार के नाम पर रख दिया। इसका संचालन उक्त आरोपियों का रिश्तेदार कर रहा है। जींद शहर थाना पुलिस ने आरोपी दम्पति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

ममता बनर्जी के किले में अमित शाह का शंखनाद, बोले— बंगाल को चाहिए बॉर्डर सील करने वाली सरकार

कोलकाता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को डर और घुसपैठ वाला शासन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो बॉर्डर सील कर सके। शाह सोमवार रात कोलकाता पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। शाह ने कहा, 'अप्रैल में बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की जगह विकास, विरासत और गरीब कल्याण की एक मजबूत सरकार बनाने का बंगाल की जनता का संकल्प दिखाई पड़ता है।' उन्होंने कहा, 'टीएमसी के 15 साल के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ से बंगाल की जनता भयभीत भी है, आशंकित भी है।' उन्होंने कहा, 'हम बंगाल की जनता को आश्वासन भी देना चाहते हैं और वादा भी करते हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को पुनर्जीवित करेंगे, विकास की गंगा फिर से तेज गति से बहेगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देंगे।' उन्होंने कहा, 'बंगाल की सीमा से हो रही घुसपैठ सिर्फ बंगाल का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। देश की संस्कृति को बचाना है, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, तो बंगाल की सीमाओं को सील करने वाली सरकार लानी पड़ेगी। यह टीएमसी नहीं कर सकती, यह सिर्फ भाजपा कर सकती है।' भाजपा सरकार बनने का दावा शाह ने कहा, '14 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार, बंगाल की पहचान बना हुआ है। 15 अप्रैल, 2026 के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बंग गौरव, बंग संस्कृति और उसके पुनर्जागरण की हम शुरुआत करेंगे। विवेकानंद जी, बंकिम बाबू, गुरुदेव टैगोर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाने का प्रयास करेंगे।' उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 39 प्रतिशत वोट प्राप्त किए और 12 सीटें प्राप्त कीं। 2026 में हम निश्चित रूप से प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने वाले है। कांग्रेस पर निशाना गृहमंत्री ने कहा, '2014 के लोकसभा चुनाव में हमें बंगाल में 17 प्रतिशत वोट और दो सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में हमें 10 प्रतिशत वोट मिले और तीन सीटें मिलीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमें 41 प्रतिशत वोट मिले और 18 सीटें मिलीं। 2021 के विधानसभा चुनाव में हमें 38 प्रतिशत वोट मिले और 77 सीटें मिलीं। जिस पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, उसे पांच साल के अंतराल में 77 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस, जिसकी स्थापना ही बंगाल से शुरू हुई, वह कांग्रेस पार्टी शून्य पर पहुंच गई, और 34 वर्षों तक राज करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक भी सीट प्राप्त नहीं कर पाया, और हम प्रमुख विपक्ष बने।'