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मध्य प्रदेश के 32 प्रमुख प्रशासनिक चेहरे 2026 में होंगे रिटायर, मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई IAS-IPS के नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश प्रशासनिक गलियारे के लिए साल 2026 बड़े बदलावों वाला साबित होने वाला है। प्रदेश कैडर के 16 आईएएस और 16 आईपीएस अधिकारी अगले साल सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इन प्रमुख नामों में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन भी शामिल हैं, जो सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। उन्हें दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो सरकार को नए प्रशासनिक मुखिया की नियुक्ति करनी होगी। पदों के लिए मचेगी होड़ इतनी बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों के रिटायर होने से सरकार के सामने एडीजी इंटेलिजेंस, आईजी लॉ एंड ऑर्डर और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे अहम पदों के लिए नए चेहरों की तलाश की चुनौती होगी। साथ ही, मुख्य सचिव अनुराग जैन को यदि दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो प्रशासनिक मुखिया का पद भी खाली हो जाएगा। गौरतलब है कि साल 2025 में भी 29 अधिकारी रिटायर हुए थे, जिनमें से मुख्य सचिव और डीजीपी को विशेष सेवा वृद्धि (एक्सटेंशन) दी गई थी। यह आईएएस हैं शामिल 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपनी सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। मार्च 2026 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की चेयरमैन स्मिता भारद्वाज, अप्रैल में राजस्व विभाग के अपर सचिव संजय कुमार, मई में केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय, जून के महीने में एमपी खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के एमडी माल सिंह भयड़िया, अगस्त में खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और बालाघाट के अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, सितंबर में मुख्य सचिव अनुराग जैन और चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार रिटायर हो रहे हैं। अक्तूबर से दिसंबर तक ये IAS रिटायर होंगे अक्टूबर माह में लोकायुक्त संगठन की सचिव अरुणा गुप्ता और गृह मंत्रालय में पदस्थ आशीष श्रीवास्तव, नवंबर में राजस्व विभाग के अपर सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे, कलेक्टर—शिवपुरी के रविंद्र कुमार चौधरी और शहडोल के केदार सिंह, दिसंबर 2026 में राजस्व मंडल के सचिव ललित दाहिमा और आयुष विभाग के अपर सचिव संजय कुमार मिश्रा, आर्कियोलॉजी विभाग की कमिश्नर उर्मिला शुक्ला भी इसी वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। रिटायर होने वाले आईपीएस की लिस्ट जनवरी: जगदीश डावर (एसपी, बड़वानी) फरवरी: अंशुमान सिंह (आईजी, लॉ एंड ऑर्डर) मार्च: हिमानी खन्ना (आईजी, सागर रेंज) अप्रैल: सविता सोहाने (डीआईजी, शहडोल) मई: महेश चंद्र जैन (डीआईजी, नारकोटिक्स, इंदौर) जून: संजीव शमी (स्पेशल डीजी, टेलीकॉम) और संजय तिवारी (आईजी, प्लानिंग) जुलाई: आलोक रंजन (डायरेक्टर, एनसीआरबी), अरविंद सक्सेना (आईजी, ग्वालियर रेंज) और शशिकांत शुक्ला (आईजी, एफएसएल) अगस्त: अजय कुमार शर्मा (चेयरमैन, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन), आशुतोष राय (एडीजी, आजाक पीएचक्यू), ए. साई मनोहर (एडीजी, इंटेलिजेंस) और मिथलेश शुक्ला (आईजी, नर्मदापुरम) अक्टूबर: सोनाली मिश्रा (डीजी, रेलवे पुलिस बोर्ड) दिसंबर: कैलाश मकवाना (डीजीपी)

एक जनवरी को पदोन्नति का ऐलान, IAS-IPS और IFS अधिकारियों की खुलेगी किस्मत

भोपाल   एमपी कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अफसरों को आज प्रमोशन मिलने वाला है। एक जनवरी 2026 से प्रमोट होने वाले इन अफसरों में जीएडी के सचिव एम सेलवेंद्रन का भी नाम है। जिन्हें प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा। सेलवेंद्रन पहले ही प्रमोशन की पात्रता रखते थे लेकिन डीओपीटी द्वारा प्रमुख सचिव के लिए 25 साल की सेवा की पात्रता तय करने के चलते उन्हें एक जनवरी से पदोन्नत किया जाएगा। दूसरी ओर आईपीएस अफसरों में अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी करेगा। इसी तरह आईएफएस अफसरों के भी प्रमोशन आदेश जारी होंगे। नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के अफसरों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है. प्रदेश कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अधिकारियों को नए साल में प्रमोशन का गिफ्ट मिलने वाला है. इसके साथ ही आईएफएस अधिकारियों के प्रमोशन आदेश भी आज जारी होने की संभावना है. सभी प्रमोशन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जाएंगे. जीएडी से लेकर गृह विभाग तक हलचल सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और गृह विभाग ने प्रमोशन से जुड़ी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. नए साल के पहले ही दिन कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल जाएंगी. एम. सेलवेंद्रन बनेंगे प्रमुख सचिव जीएडी सचिव एम. सेलवेंद्रन को प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा. यह प्रशासनिक स्तर पर एक अहम पदोन्नति मानी जा रही है. IPS में DG-ADG लेवल पर बड़ा फेरबदल आईपीएस कैडर में भी बड़े बदलाव तय माने जा रहे हैं. आईपीएस अधिकारियों अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय में से किसी एक को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी कर सकता है. प्रमोद वर्मा बनेंगे ADG प्रमोद वर्मा, जो वर्तमान में जबलपुर रेंज के आईजी हैं, उन्हें प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा. तीन नए IG, 13 बनेंगे DIG कई अफसरों की पदोन्नति रुकी आईएएस अफसरों में सचिव और अपर सचिव पद के लिए तरुण भटनागर, अनुराग चौधरी और संतोष कुमार वर्मा की पदोन्नति रुक गई है। इसके अलावा ऋषि गर्ग के विरुद्ध भी विभागीय जांच के चलते पदोन्नति रुकी है। इसलिए इन अधिकारियों के अलावा प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, उप सचिव के पदों पर आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग शाम को इसके आदेश जारी करेगा। इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों की भी वर्तमान पदस्थापना स्थल पर पदोन्नति की जा सकती है। इस प्रमोशन लिस्ट में: तीन आईपीएस अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे, इनमें 2008 बैच के ए. शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं. 1999 बैच के निरंजन वी. वायंगणकर को भी आईजी बनाया जाएगा. इसके अलावा 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे. नए साल की शानदार शुरुआत कुल मिलाकर, नए साल की पहली तारीख एमपी के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए नई जिम्मेदारियों और नई रैंक के साथ शुरू होने जा रही है. इसे अफसरों के लिए सरकार का बड़ा न्यू ईयर गिफ्ट माना जा रहा है. इन आईपीएस अफसरों को मिल सकता है प्रमोशन एक जनवरी से उच्च पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों में जिन आईपीएस अफसरों को प्रमोशन मिल सकता है उसमें डीजी का एक पद है। अगर आज शाम तक अनंत कुमार सिंह की एमपी वापसी की सूचना गृह विभाग को मिल जाती है तो वे डीजी के पद पर प्रमोट हो जाएंगे अन्यथा एडीजी आजाक आशुतोष राय को डीजी के पद पर प्रमोट किया जाएगा। जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा को प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा, उनकी पदस्थापना फिलहाल जबलपुर में ही रहेगी। उनके पास शहडोल आईजी रेंज का भी चार्ज है। तीन अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे। जिसमें 2008 बैच के ए शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं। इनके अलावा 1999 बैच के निरंजन वी वायंगणकर भी आठ साल की देरी से आईजी बनेंगे। हालांकि उनके बैच के अफसर अब एडीजी बन चुके हैं। 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे एक जनवरी से मिलने वाली पदोन्नति में 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी बनेंगे। इसमें से कई अधिकारी वर्तमान में जिलों में एसपी के पद पर पदस्थ हैं। डीआईजी बनने वालों में वर्ष 2010 और वर्ष 2011 बैच के चार-चार और वर्ष 2012 बैच के पांच आईपीएस अफसर शामिल हैं। इन्हें डीआईजी बनाए जाने के बाद भी पदस्थापना यथावत रखने के संकेत हैं, क्योंकि चुनाव आयोग की एसआईआर कार्यवाही के चलते फिलहाल कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों की पदस्थापना 21 फरवरी तक रुकी रहेगी। ये अफसर चुनाव आयोग की परमिशन से ही स्थानांतरित किए जा सकेंगे। खंडवा एसपी मनोज राय, भोपाल जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह, झाबुआ एसपी डॉ शिवदयाल, धार एसपी मयंक अवस्थी, रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, भिंड एसपी असित यादव, एसआरपी भोपाल राहुल लोढ़ा और एसआरपी जबलपुर सिमाला प्रसाद प्रमोट होकर डीआईजी बनेंगे।

‘कोई शर्म नहीं…’, ओलंपिक मेडलिस्ट एलिशा न्यूमैन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म से कमाई की, ब्रांड पर नियंत्रण बनाए रखने की बात की

लंदन  पेरिस ओलंपिक 2024 में पोल वॉल्ट के आसमान को चीरती एलिशा न्यूमैन सिर्फ एक एथलीट नहीं थीं- वो एक घोषणा थीं. एक चुनौती. एक ऐसा सवाल, जिसने खेल की 'सभ्यता' और 'संस्कार' दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया. कनाडा को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली एलिशा न्यूमैन ने बाद में जो सच बताया, उन्होंने खेल जगत में भूकंप ला दिया- ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता OnlyFans से होकर गया था. हां, वही OnlyFans, जिसे लेकर फुसफुसाहटें होती हैं, भौंहें तनती हैं. एलिशा ने बिना झिझक कहती हैं ,'OnlyFans से जो पैसा आया, उसने मेरी ट्रेनिंग को सांस दी. वो किसी टॉप स्पॉन्सर से कम नहीं था- बल्कि ज्यादा ईमानदार था.' कनाडा सरकार के  Athlete Assistance Program से सालाना महज 21 हजार डॉलर (करीब 18 लाख रु.) एक ओलंपिक एथलीट के सपनों के लिए ये रकम मजाक जैसी है. ट्रैवल, कोच, इक्विपमेंट, रिकवरी- सब महंगा. ऐसे में एलिशा ने वही किया, जो बहुतों के लिए अस्वीकार्य था, लेकिन उनके लिए जरूरी. उन्होंने अपनी खूबसूरती को छुपाया नहीं- बेचा नहीं, बल्कि ब्रांड बनाया. खेल जगत में महिलाओं को अक्सर दो खांचों में बांटा जाता है- या तो 'सीरियस एथलीट' बनो, या 'ग्लैमरस चेहरा'. एलिशा ने दोनों को एक साथ जीने का ऐलान कर दिया- वह कहती हैं- 'मैंने तय किया कि मैं किसी एक पहचान में कैद नहीं रहूंगी….मेरी बॉडी मेरी है.. मेरी छवि मेरी है और कमाई भी मेरी होगी.' यहीं से शुरू हुआ विवाद- – आरोप लगे, 'ये महिला खिलाड़ियों को वस्तु बना रहा है.' – सवाल उठे, 'क्या ओलंपिक एथलीट को ऐसा करना चाहिए?' एलिशा का जवाब और ज्यादा धमाकेदार था-  'अगर लोग मुझे देख रहे हैं, तो मैं तय करूंगी कि कैसे देखें. मुझे सेक्शुअलाइज किया जाना कमजोर नहीं बनाता- मुझे ताकत देता है.' उनके शब्दों में कोई शर्म नहीं, कोई सफाई नहीं- सिर्फ आत्मविश्वास. 'Look good, feel good' मेरे लिए स्लोगन नहीं, रणनीति है. जब मैं खुद को लेकर कॉन्फिडेंट होती हूं, तो मुझे हराना आसान नहीं होता.' एलिशा न्यूमैन सिर्फ मेडल जीतने वाली खिलाड़ी नहीं रहीं, वो उस सिस्टम की पोल खोलने वाली आवाज बन गईं, जो खिलाड़ियों से देशभक्ति तो चाहता है, लेकिन आजादी से डरता है. वो साबित करती हैं कि आज की महिला एथलीट देह और दिमाग- दोनों की मालिक हैं. उनकी कहानी डॉक्यूमेंट्री ‘Big Feminine Energy’ का हिस्सा है, जहां ‘गर्लहुड’, ‘सॉफ्ट लाइफ’ और आधुनिक स्त्रीत्व पर खुलकर बात होती है. लेकिन एलिशा की मौजूदगी इस बहस को और तेज कर देती है- क्या खिलाड़ी सिर्फ खेलें, या अपनी शर्तों पर जिएं भी? ओलंपिक पोडियम पर चमकता ब्रॉन्ज मेडल अब सिर्फ जीत की निशानी नहीं-  वो एक संदेश है- खूबसूरती अपराध नहीं, और आजादी किसी की इजाजत से नहीं मिलती. एलिशा न्यूमैन की कमाई, जिसने ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता खोला एलिशा न्यूमैन 2021 में इस प्लेटफॉर्म से जुड़ीं और करीब £9 प्रति माह (लगभग 1,000 रु) वाले सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई से उन्होंने पेरिस ओलंपिक की तैयारी का एक हिस्सा खुद फंड किया. न्यूमैन के पेज पर शुरुआत में थोड़ी सनसनीखेज तस्वीरें मुफ्त में दिखाई जाती थीं, जो बाद में निजी संदेशों के जरिए और अधिक स्पष्ट कंटेंट के लिए £50 (करीब 6,000 रु.) या उससे ज्यादा में उपलब्ध कराए जाते थे. 2024 की गर्मियों तक इस काम से उन्होंने £1,70,000 (करीब 2 करोड़ रु.) से अधिक की कमाई की थी. OnlyFans … आखिर क्या? OnlyFans एक पेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर अपने कंटेंट के बदले सीधे फॉलोअर्स से पैसे लेते हैं. यह इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसा ही है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां कंटेंट देखने के लिए सब्सक्रिप्शन देना होता है और कमाई का 80 फीसदी हिस्सा क्रिएटर को मिलता है.  हालांकि इसकी पहचान एडल्ट कंटेंट से बनी है, लेकिन OnlyFans पर फिटनेस, कुकिंग, म्यूजिक, एजुकेशन और स्पोर्ट्स से जुड़ा प्रोफेशनल कंटेंट भी मौजूद है. इसी वजह से कई खिलाड़ी इसे वैकल्पिक कमाई के प्लेटफॉर्म के तौर पर अपना रहे हैं. कुछ ट्रेनिंग वीडियो और फिटनेस टिप्स बेचते हैं, तो कुछ बोल्ड कंटेंट भी बनाते हैं. यह पूरी तरह उनकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है. भारत में यह प्लेटफॉर्म अभी बहुत लोकप्रिय नहीं है और सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों से इसे लेकर झिझक और विवाद ज्यादा है, खासकर इसलिए क्योंकि खेल संगठनों और स्पॉन्सर्स इसे फैमिली-फ्रेंडली नहीं मानते. आसान शब्दों में, OnlyFans एक ऐसा डिजिटल टूल है जहां कंटेंट का पूरा कंट्रोल क्रिएटर के पास होता है और फैन सीधे उसके काम के लिए भुगतान करता है.

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में विदिशा की दो बेटियां कर्तव्य पथ पर कदम रखेंगी

विदिशा   नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष विदिशा की बेटियां भी कदमताल करती नजर आएंगी. राजमाता विजया राजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय विदिशा की एनसीसी कैडेट्स सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा और लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार का चयन गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए हुआ है. बेहद कठिन प्रक्रिया के बाद चयन इन दो बेटियों के चयन से महाविद्यालय के साथ ही पूरे विदिशा जिले में खुशी की लहर है. विदिशा की 14 एमपी बटालियन एनसीसी से कुल 5 कैडेट्स का चयन हुआ है, जिनमें से दो कैडेट्स कन्या महाविद्यालय से होना जिले में बालिका सशक्तिकरण और अनुशासनात्मक प्रशिक्षण की मजबूती को दर्शाता है. कैडेट्स का चयन बेहद कठोर प्रक्रिया के बाद किया गया, जिसमें शारीरिक दक्षता, ड्रिल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा ली गई. कम संसाधन के बाद भी छुआ शिखर कैडेट्स सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा बीसीएसी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं. वह दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम अंबाड़ी की निवासी हैं और कृषक परिवार से आती हैं. वहीं लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, जो विदिशा जिले के दूरस्थ ग्राम नरखेड़ा ताल से संबंध रखती हैं. सिमरन वर्तमान में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास विदिशा में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना उनकी मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण है. लेफ्टिनेंट कर्नल सनी वैद्य का मार्गदर्शन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता (शौर्य चक्र) एवं प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सनी वैद्य के मार्गदर्शन में दोनों कैडेट्स ने लगातार दो माह तक आरडीसी चयन प्रक्रिया में भाग लिया. विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों और कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उनका अंतिम चयन हुआ. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने इस उपलब्धि को छात्राओं की अनुशासनप्रियता, समर्पण और निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया. 

IIT कानपुर के पूर्व छात्रों ने सिल्वर जुबली पर दी ₹100 करोड़ की मदद, संस्थान को मिली ऐतिहासिक सौगात

 कानपुर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के वर्ष 2000 बैच के पूर्व छात्रों ने सिल्वर जुबली पुनर्मिलन समारोह के दौरान संस्थान को 100 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व 'महा गुरुदक्षिणा' देने की घोषणा की. यह पहली बार हुआ है कि किसी एक बैच ने एक ही वर्ष में इतना बड़ा योगदान दिया है.  इस राशि का उपयोग संस्थान में 'मिलेनियम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी' (MSTAS) की स्थापना के लिए किया जाएगा. इनमोबी और ग्लांस के संस्थापक नवीन तिवारी जैसे प्रमुख दानदाताओं के सहयोग से यह पहल भविष्य की पीढ़ी को उन्नत तकनीकी शिक्षा और शोध के अवसर प्रदान करने हेतु शुरू की गई है. संस्थान के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने इस दान को पूर्व छात्रों और संस्थान के अटूट संबंध का प्रमाण बताया है. यह सहयोग शैक्षणिक और शोध परितंत्र को मजबूत करते हुए तकनीकी विकास के नए रास्ते खोलेगा. पिछले वर्ष भी IIT कानपुर को दाताओं से 265.24 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी स्कूल को अब तक लगभग 500 करोड़ रुपये का दान मिल चुका है. इसमें इंडिगो के संस्थापक राकेश गंगवाल का 108.7 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत योगदान भी शामिल है. अन्य संस्थानों में भी दान की परंपरा मजबूत पूर्व छात्रों द्वारा सहयोग की यह लहर सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है. इसी साल 21 दिसंबर को IIT कानपुर के 1986 बैच ने मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सुविधाओं के लिए 11 करोड़ रुपये दिए. इसके अलावा, IIT BHU को पिछले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है, जिससे लाइब्रेरी और शोध केंद्र जैसे प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं. वहीं, MNNIT प्रयागराज में 1998 बैच के सहयोग से अत्याधुनिक स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर का निर्माण हो रहा है.

PM Surya Ghar Yojana: 25 लाख घरों को मिला तोहफा, 300 यूनिट फ्री और ₹78,000 सब्सिडी के साथ मुफ्त बिजली का लाभ

 नई दिल्ली कड़ाके की सर्दी का मौसम हो, तो घरों में गीजर-हीटर का इस्तेमाल बढ़ जाता है. वहीं तेज झुलसाती हुई गर्मी में लोग एसी-फ्रिज के बिना रह नहीं पाते. इस बीच आमतौर पर उनके दिमाग में बढ़े हुए बिजली के बिल को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है. लेकिन एक सरकारी स्कीम (Govt Scheme) ने तगड़े बिजली बिल से लोगों को निजात दिलाने का काम किया है. हम बात कर रहे हैं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) की, जिसने बिजली बिल के झंझट से मुक्ति दिलाने का काम किया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बीते साल फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना से अब तक 25 लाख से ज्यादा परिवार बढ़े हुए बिजली बिल को Bye-Bye कह चुके हैं और उनकी बिल 'जीरो' हो गया है.  सरकार का टारगेट- 1 करोड़ घर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के लोगों, खासतौर पर ज्यादा बिजली बिल की चिंता करने वाले परिवारों को एक बड़ी सौगात देते हुए फरवरी 2024 में इस पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojna) को लॉन्च किया था. केंद्र सरकार ने इस स्कीम के तहत साल 2027 तक 1 करोड़ घरों पर Solar Panel लगवाने का टारगेट सेट किया है और इसे शुरुआत से ही जोरदार रिस्पांस भी मिल रहा है. मोदी सरकार की सबसे खास सरकारी योजनाओं में शामिल इस स्कीम में मिलने वाले लाभ इसे खासा पॉपुलर बना रहे हैं. बता दें पीएम सूर्य घर योजना में जहां 300 यूनिट फ्री बिजली मिलती है, तो सरकार की ओर से अपने घर की छत पर Solar Panel लगवाने पर आने वाले खर्च में 78000 रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है.  अब तक 25 लाख घर हुए रोशन सरकारी सूत्रों की मानें, तो इस PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को अपनाकर देश के करीब 25 लाख से ज्यादा परिवारों ने ज्यादा बिजली बिलों को अलविदा कह दिया है. PM सूर्य घर के जरिए दी जाने वाली 78,000 रुपये तक की तगड़ी सब्सिडी के साथ सोलर पैनल पूरे भारत में इन लाखों घरों को रोशन कर रहे हैं, जिससे राहत, बचत और क्लीन एनर्जी एक साथ मिल रही है. इस योजना के जरिए Zero Electricity Bill प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.  सबसे ज्यादा Solar Panel इन राज्यों में (PIB Data 9 दिसंबर 2025) राज्य      सोलर पैनल इंस्टॉलेशन डेटा गुजरात     4,93,161  महाराष्ट्र     3,63,811   उत्तर प्रदेश      3,02,140  केरल      1,69,227  राजस्थान     1,08,584 मध्य प्रदेश     78,062 आंध्र प्रदेश     76,617 असम     63,887 उत्तराखंड     55,229 हरियाणा     44,937 25 साल कर बिजली बिल से मुक्ति PM Surya Ghar Yojna के तहत आप सिर्फ एक बार निवेश करके दो दशक से ज्यादा समय के लिए 'जीरो बिजली बिल' के साथ खूब बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है. दरअसल, इस Govt Scheme के तहत घर की छतों पर जो सोलर पैनल इंस्टॉल किए जाते हैं, आमतौर पर इनकी लाइफ करीब 25 साल अनुमानित होती है. इन्हें आप स्कीम के तहत अपनी खपत के आधार पर लगवा सकते हैं.    सरकार दे रही फ्री बिजली और तगड़ी सब्सिडी PM Surya Ghar Scheme में सरकार की ओर जहां 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाती है, तो वहीं इस स्कीम के तहत सोलर पैनल लगावाने पर सरकारी सब्सिडी (Govt Subsidy) भी मिलती है. सरकार 0-150 यूनिट खपत के लिए उपयुक्ति 1-2 किलोवाट के सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर 30-60 हजार रुपये, 150-300 यूनिट बिजली की खपत के लिए जरूरी 2-3 किलोवाट या तीन किलोवाट से ज्यादा के पैनल पर 60-78 हजार तक सब्सिडी दे रही है.  आवेदन करना है बेहद आसान     वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं.     होमपेज पर 'अप्लाई फॉर रूफटॉप सोलर' के ऑप्शन को चुनें.     नए पेज पर अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करें.      इसके बाद बिजली उपभोक्ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें.     नए पेज पर कंज्यूमर नंबर और मोबाइल डालकर लॉगइन करें.     अब फॉर्म खुलेगा, जहां दिशा-निर्देशों के तहत RTS पैनल अप्लाई करें.     इस प्रोसेस के बाद आपको फीजिबिलिटी अप्रूवल मिलेगा.     इसके बाद आप अपने DISCOM के साथ रजिस्टर्ड वेंडर से प्लांट इंस्टॉल करा सकेंगे.     इंस्टालेशन के बाद आपको प्लांट डीटेल के साथ नेट मीटर के लिए आवेदन करना होगा.     मीटर इंस्टॉल होने और DISCOM से जांच के बाद कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा.     इसके जारी होने पर आप पोर्टल से बैंक खाता डीटेल और कैंसिल चेक देंगे, जिसमें सब्सिडी आएगी.  

रायपुर: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का उद्घाटन 01 जनवरी को

रायपुर : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का 01 जनवरी को होगा शुभारंभ जन-जागरूकता के लिए होंगे विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजन 1 जनवरी को रायपुर में बाइक रैली का होगा आयोजन रायपुर लोगों को सड़क सुरक्षा की गंभीरता, चुनौतियों और नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सहित सम्पूर्ण देश में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन 1 से 31 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान राज्य के सभी जिलों में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिलों में सड़क सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण एवं नेत्र जांच शिविर, स्कूल डे आयोजन, स्कूली बच्चों के लिए स्लोगन, निबंध, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, ई-रिक्शा, ऑटो व बस चालकों का प्रशिक्षण, एम्बुलेंस ड्राइविंग ट्रेनिंग, वाहनों की फिटनेस एवं रेडियम स्ट्रिप्स की जांच/संधारण, शराब सेवन कर वाहन चलाने से होने वाले नुकसान पर रैली, ग्राम चौपालों में जन-जागरूकता कार्यक्रम, गंभीर सड़क दुर्घटना स्थलों का चिन्हांकन एवं सड़क सुरक्षा मितानों का प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए एरोबिक्स-जुंबा के माध्यम से 'स्वस्थ शरीर – स्वस्थ मन, सुरक्षित जन' थीम पर कार्यक्रम, हेलमेट धारी वाहन चालकों को प्रोत्साहन स्वरूप टॉफी वितरण तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विविध गतिविधियां भी आयोजित होंगी। 1 जनवरी 2026 को सर्किट हाउस रायपुर के समीप शाम 5:00 बजे सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री अभय मनोहर सप्रे की उपस्थिति में जनजागरूकता के लिए हेलमेट एवं बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, हेलमेट उपयोग और सुरक्षित वाहन संचालन का संदेश देगी।  जनजागरूकता के लिए भिलाई में मैराथन का हुआ आयोजन इसी क्रम में रविवार को भिलाई में आयोजित मैराथन को सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन के उपरांत सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।

2026 में गजकेसरी योग से इन 3 राशियों को मिलेगा खास लाभ, करियर में प्रगति और धन में वृद्धि के योग

नए साल 2026 के शुभारंभ पर देवगुरु बृगहस्पति और चंद्रमा की अनुकूल स्थिति गजकेसरी योग का निर्माण करने वाली है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को मिथुन राशि में गुरु और चंद्रमा की युति होगी और गजकेसरी योग बनेगा. ज्योतिषविदों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. गजकेसरी योग इन राशियों के करियर में उन्नति, धनधान्य में वृद्धि और जीवन में सुख-शांति को बनाए रखने का काम करेगा. वृषभ राशि गजकेसरी राजयोग के प्रभाव से वृषभ राशि के जातकों का रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं. इन्हें निवेश से अच्छा लाभ होगा. खासतौर से प्रॉपर्टी या मूल्यवान चीजों में निवेश से लाभ की संभावना अधिक रहेगी. इससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है. पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा और घर में सुख-संपन्नता बढ़त पर रहेगी. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों पर भी गजकेसरी योग का सकारात्मक असर दिखाई दे सकता है. करियर में उन्नति के योग बनेंगे. आत्मविश्वास में बढ़ोतरी से भी आपको कार्यस्थल पर लाभ मिलेगा. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. सफलता के नए अवसर हाथ लगेंगे. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. लंबे समय से अटके हुए काम भी पूरे हो सकते हैं. पिता के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे. तुला राशि तुला राशि के जातकों को इस योग से नौकरी, व्यापार में विशेष लाभ मिलने की संभावना है. किसी बड़ी डील पर सहमति बनने से आपको अच्छा धन लाभ अर्जित कर सकते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ विदेश यात्रा के योग भी बनते दिख रहे हैं. धन की सरलता से प्राप्ति होगी और उसे बाचकर रख पाना भी आपके लिए आसान होगा. वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी. करियर में तेज प्रगति होगी और सफलता प्राप्त होने के संकेत हैं.

कार निकोबार वायुसेना बेस का रनवे अपग्रेड, सीडीएस जनरल अनिल चौहान 2 जनवरी को करेंगे उद्घाटन

 नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के कार निकोबार एयर बेस को बड़ा अपग्रेड मिला है. अंडमान और निकोबार कमांड के तहत आने वाले इस महत्वपूर्ण बेस का रनवे नया बनाया गया है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान 2 जनवरी 2026 को इस अपग्रेडेड रनवे का उद्घाटन करेंगे. यह बेस अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में स्थित है. रणनीतिक रूप से बहुत अहम है. यहां से मलक्का जलडमरूमध्य पर नजर रखी जा सकती है, जो दुनिया की सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. रनवे की खासियतें कार निकोबार एयर फोर्स स्टेशन का रनवे करीब 2717 मीटर लंबा और 43 मीटर चौड़ा है. यह कंक्रीट का बना हुआ है. तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना, नौसेना) के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल हब का काम करेगा. अपग्रेड में शामिल हैं…     बड़ा एप्रन एरिया – अब ज्यादा विमान एक साथ खड़े हो सकते हैं और ऑपरेशन तेजी से हो सकेंगे.     नया टैक्सी ट्रैक – जो जरूरत पड़ने पर दूसरा रनवे बन सकता है.     नई डिटैचमेंट के साथ 37 विंग बेस अब और मजबूत हो गया है. लड़ाकू विमानों की तैनाती यहां Su-30MKI लड़ाकू विमान मुख्य भूमिका निभाएंगे. इसके बाद मिराज विमान भी आएंगे. ये विमान लंबी दूरी की फायरिंग और स्ट्राइक अभ्यास करेंगे, जिससे पूर्वी क्षेत्र में लड़ाकू तैयारी बढ़ेगी. मिसाइल परीक्षण में मदद यह अपग्रेड अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भारतीय सेनाओं की मिसाइल परीक्षण क्षमता को भी बढ़ाएगा. इससे भारत की रक्षा स्थिति और मजबूत होगी. यह अपग्रेड भारत की चल रही आधुनिकीकरण योजनाओं का हिस्सा है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत होगी.

ऋषिकेश में नए साल पर होगा बजरंग सेतु का उद्घाटन, लक्ष्मण झूला पुल को मिलेगा प्रतिस्थापन

ऋषिकेश उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत के साथ ही ऋषिकेश के लोगों और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यह सेतु 1929 में बना ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला की जगह लेगा। गंगा नदी पर निर्माणाधीन अत्याधुनिक बजरंग सेतु को जल्द ही आम जनता के लिए खोलने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पुल का निर्माण कार्य 26 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि किसी तकनीकी कारण से यदि मामूली देरी होती है, तो भी जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्ताह तक बजरंग सेतु को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अंतिम चरण में निर्माण कार्य PWD अधिकारियों ने बताया कि गंगा पर बन रहा यह आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज अब अपने अंतिम चरण में है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए, ताकि वर्ष 2026 की शुरुआत में यह पुल पूरी तरह जनता को समर्पित किया जा सके। इसके शुरू होने से तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बजरंग सेतु गौरतलब है कि वर्ष 1929 में बना ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला जर्जर स्थिति के चलते वर्ष 2019 में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र में एक सुरक्षित और आधुनिक पुल की जरूरत महसूस की गई, जिसके तहत बजरंग सेतु के निर्माण की योजना बनाई गई। ग्लास डेक होगा आकर्षण का केंद्र पुल का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। डेक पर ग्लास लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। फिलहाल फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) का काम चल रहा है। कुल करीब 2400 वर्ग मीटर क्षेत्र में एफआरपी लगाया जाना है, जिसमें से लगभग 1200 वर्ग मीटर का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द पूरा करने का दावा किया जा रहा है। करीब 132 मीटर लंबे इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज की निर्माण लागत लगभग 68 करोड़ रुपये है। पुल का ग्लास डेक इसकी सबसे बड़ी खासियत है, जो गंगा के ऊपर से गुजरते समय पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देगा। टिहरी और पौड़ी को जोड़ेगा पुल भौगोलिक रूप से ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित यह पुल प्रशासनिक तौर पर टिहरी और पौड़ी जिलों को जोड़ेगा। पुल को और आकर्षक बनाने के लिए रंग-बिरंगी लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। पर्यटन को मिलेगी नई पहचान उत्तराखंड का यह पहला आधुनिक ग्लास सस्पेंशन ब्रिज नई तकनीक का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। इसके उद्घाटन से न सिर्फ यातायात को नई गति मिलेगी, बल्कि ऋषिकेश की पर्यटन छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की भी उम्मीद है।