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ईरानी डेरा में अपराध का ‘कॉर्पोरेट’ ऑफिस, पंचायत तय करती है लूट का हिस्सा, सरदार राजू का दबदबा

भोपाल  भोपाल की अमन कॉलोनी में स्थित ईरानी डेरा केवल एक रिहायशी बस्ती नहीं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़े लोगों का ठिकाना बन चुका है. यहां रहने वाले परिवारों के तार देश के कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस का दावा है कि डेरे में रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े जैसे मामलों में इनके नाम मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों की एफआईआर में भी दर्ज हैं. ईरानी डेरे से जुड़े गिरोहों की गतिविधियां महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक समेत करीब एक दर्जन राज्यों तक फैली हुई बताई जाती हैं. पुलिस के अनुसार, ये लोग अक्सर समूह बनाकर दूसरे राज्यों में जाते हैं और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं. पहचान बदलकर करते हैं ठगी गिरोह की सबसे खास रणनीति है फर्जी पहचान. जांच में सामने आया है कि आरोपी कभी खुद को CBI या पुलिस अधिकारी तो कभी सेल टैक्स, कस्टम अफसर कुछ मामलों में पत्रकार बताकर लोगों को डराते हैं और जांच या छापेमारी के नाम पर पैसे ऐंठ लेते हैं. पुलिस की कार्रवाई में उनके ठिकानों से नकली पहचान पत्र और दस्तावेज भी बरामद होने की बात कही गई है. पुलिस दबिश और विरोध हाल ही में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे में बड़ी कार्रवाई की. भारी पुलिस बल के साथ की गई इस दबिश के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए. शुरुआती विरोध के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी और 32 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई फरार आरोपियों की तलाश में की गई थी. ईरानी डेरे की दबिश में पुलिस ने 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक्स, नकली नोट और अवैध हथियार भी बरामद किए. कबीलाई ढांचे में चलता है गिरोह ईरानी डेरे की कार्यप्रणाली पारंपरिक अपराध गिरोहों से अलग बताई जाती है. यहां अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है. वही तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा. किसी सदस्य की गिरफ्तारी पर उसके परिवार की जिम्मेदारी भी कबीला संभालता है. सरदार का चयन कबीलाई पंचायत में होता है, जहां पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को अहम माना जाता है. ईरानी डेरे का सरदार राजू ईरानी फिलहाल ईरानी डेरे की अगुवाई राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर ईरानी कर रहे हैं. वैसे तो राजू ईरानी की उम्र करीब 47 वर्ष है. रहता तो वह भोपाल में है लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर संगीन वारदातों को अंजाम देता है. मध्य प्रदेश में ही 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. राजू इतना शातिर है कि वो कभी CBI अधिकारी तो कभी पत्रकार बनकर लोगो के साथ ठगी करता है. महाराष्ट्र और राजस्थान पुलिस को भी उसकी तलाश है. हाल ही में उस पर मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक व्यापारी से ठगी करने का मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने डेरे में दबिश दी थी, हालांकि वह फरार होने में कामयाब हो गया. राजू का भाई जाकिर ईरानी राजू का भाई जाकिर ईरानी भी खुद बड़े गिरोह का संचालन करता है. जाकिर पर प्रॉपर्टी पर कब्जा करना, विवादित मामलों को निपटाना, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज है. जाकिर लग्जरी गाड़ियों और महंगे वाहनों का शौक रखता है. अपराध के लिए सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी डेरे के कई युवक महीनों तक कबीले से दूर रहते है. वारदात के लिए लंबे समय तक बाहर रहते हैं, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं. इस दौरान कुछ सदस्य सीधे अपराध में शामिल होते हैं. कुछ केवल लूट का माल सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी निभाते हैं. कुछ युवक अपराध का पैसा लेकर कबीले तक पहुंचते हैं. तो कुछ चोरी या अपराध से हथियाया हुआ समाना बाजार में बेचते हैं. सबसे खास बात ये है कि कुछ कुछ दिनों में अपना हुलिया बदल लेते है. रिश्तों से मजबूत हुआ जाल गिरोह के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं. महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे रिश्तों के कारण वहां इनका नेटवर्क और मजबूत हुआ. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में इनके नाम लगातार सामने आते रहे हैं. 2014 की घटना से भोपाल में बढ़ी पहचान ईरानी डेरा वर्ष 2014 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब अमन कॉलोनी क्षेत्र में विवाद के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. इसके बाद से यह इलाका लगातार पुलिस निगरानी में रहा. अमन कॉलोनी में सिया सुन्नी विवाद के बाद कई घरों में आगजनी की घटनाएं हुई थी. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इसी साल दिल्ली पुलिस ने ईरानी डेरे से जुड़े दो आरोपियों मुर्तुजा अली ओर शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. जांच में उनके खिलाफ कई राज्यों में गंभीर लुट, चेनस्नेचिंग ओर ठगी के संगीन अपराध सामने आए थे. इनकी हुई गिरफ्तारी सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद , मिसम खान हैदर उर्फ मो. अली, रकीब कुबरा, नूरजहां, अफसरा, अली जिशान, खान रिजवान, हसन सब्बीर अली उर्फ जुबैर, यासिम फातिमा उर्फ सलमा, शादिक हुसैन उर्फ जफर अली, अली आबिद उर्फ अरबाज, मो. शादिक अली उर्फ इशान, हसीब अली उर्फ मरीना, साबिर खान, तोफिक हुसैन, जाफरी हजरत अली वनी, अली रजा उर्फ तालिब पुलिस गिरफ्त में है. पुलिस अन्यों की तलाश में जुटी है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से बिहार समेत 4 राज्यों को मिलेगा फायदा इस महीने से

नई दिल्ली आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वंदे भारत 4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। 180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।

Hariyana News: सीएम सैनी के नेतृत्व में पार्टी बना रही मजबूती, शैडो MLA बनाए

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के लिए 2025 उपलब्धियों से भरा रहा। साल की शुरुआत में नगर निगम चुनाव में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन कर बाजी मारी। संगठन में रिकॉर्ड नियुक्तियां कर प्रदेश में सबसे बड़े संगठन का तमगा हासिल किया। साल भर संगठन के कार्यक्रम चलते रहे, जिससे विधायक से लेकर आखिरी पंक्ति का कार्यकर्ता भी सक्रिय रहा। जिन विधानसभा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार नहीं जीते वहां शेडो विधायकों की नियुक्ति कर जनता के बीच पार्टी की उपस्थिति भी दर्ज कराई। मन की बात से लेकर पार्टी के हर कार्यक्रम में नेता के तौर पर सक्रिय रह कर मुख्यमंत्री नायब सिंह ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वे हर महीने संगठन के साथ बैठक कर सरकार के कामकाज का फीडबैक भी ले रहे हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में वे बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ रहा है। 2024 के विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने वाली भाजपा ने 2025 की शुरुआत में दस में से नौ नगर निगमों पर कब्जा कर अपनी जीत का सफर जारी रखा। दमदार संगठन व मजबूत नीतियों की वजह से पार्टी ने पांच नगर निगमों में भारी मतों से जीत हासिल की।  इस जीत ने यह भी बता दिया कि शहरी इलाकों में भाजपा का दबदबा कायम है। उधर, नए भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर साल भर कश्मकश चलती रही। कई अटकलों के बावजूद मोहन लाल बड़ौली पद बचाने में कामयाब रहे। भविष्य पर नजर, 27 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए  नगर निगम चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने संगठन को मजबूत किया। पार्टी ने संगठन का विस्तार करते हुए 27 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए। यह नया प्रयोग पार्टी की भविष्य की रणनीति दिखाता है। दरअसल पार्टी ने उन जिलों में दो अध्यक्ष नियुक्त किए जो संगठन के हिसाब से बड़े हैं ताकि कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिल सकें। पार्टी ने जो 5 नए जिले बनाए हैं उनमें हांसी शामिल है। इसे हिसार से अलग किया गया है। सोनीपत से अलग गोहाना, सिरसा से अलग डबवाली, फरीदाबाद से अलग बल्लभगढ़, गुरुग्राम से अलग पटौदी में अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति में सभी जातियों का ख्याल रखा गया है।  हारी 42 विस सीटों पर प्रभारी लगाए भाजपा की नजर अब 2029 के विधानसभा चुनाव पर है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने हारी हुई 42 विधानसभा सीटों के लिए बड़ी रणनीति तैयार की। इन सीटों के लिए पार्टी ने मंत्रियों व विधायकों को प्रभारी बनाकर शैडो विधायक के तौर पर जिम्मेदारी दी है। इन विधानसभा क्षेत्रों में जितने भी काम होंगे उसकी देखरेख अब यही प्रभारी करेंगे। इसके अलावा हलके में संगठन का काम भी इनके जिम्मे रहेगा। हालांकि पार्टी के इस कदम का विरोध भी हुआ। कांग्रेस ने इसे अलोकतांत्रिक कदम बताया।  एसआईआर के लिए दी ट्रेनिंग  हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अगले चरण में होना है। इसके लिए भाजपा ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने 90 विधानसभा क्षेत्रों में 90 बीएलओ नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी की ओर से इन बीएलओ को ट्रेनिंग भी दे दी गई है। पार्टी एसआईआर को गंभीरता से लिया है। अब पार्टी बीएलओ -2 की नियुक्ति कर रही है जो हर बूथ पर तैनात होंगे। मुख्यमंत्री कई बैठकों में कार्यकर्ताओं से कह चुके हैं कि वे एसआईआर की तैयारी करें। कार्यकर्ताओं को नहीं मिला मेहनत का प्रतिफल पूरा साल निकल गया और कार्यकर्ता चेयरमैनी का इंतजार करते रह गए। तीन-तीन चुनावों में पार्टी के लिए दिन-रात एक करने वाले कार्यकर्ताओं व विधानसभा चुनाव में त्याग करने वाले ईमानदार कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि इस साल उन्हें गाड़ी व कोठी मिलेगी मगर उन्हें निराशा मिली। पार्टी की ओर से कई मौकों पर कहा गया कि सूची तैयार है। कभी भी घोषणा हो सकती है मगर ये दावे कोरे ही साबित हुए। हालांकि मार्केट कमेटी व जिला कष्ट निवारण समिति में कई कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया है।  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है। खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

Punjab News: बढ़ती नशाखोरी को रोकने प्रेगाबालिन कैप्सूल की बिक्री पर लगी रोक

इस दवाई की बिक्री पर लगी रोक, सख्त आदेश जारी कपूरथला. जिला मैजिस्ट्रेट अमित कुमार पांचाल ने इंडियन सिटिजनशिप प्रोटैक्शन कोड-2023 के सैक्शन 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए और सीनियर सुपरिटेंडैंट ऑफ पुलिस की मांग पर, कपूरथला जिले की सीमा के अंदर बिना लाइसेंस के प्रेगाबालिन कैप्सूल रखने, मंजूर मात्रा से ज्यादा रखने/बेचने, बिना बिल और रिकॉर्ड के खरीदने/बेचने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि सुपरिटेंडैंट ने उनके ध्यान में लाया है कि अलग-अलग इंटेलिजेंस रिपोर्ट और नशा करने वालों से संपर्क करने पर पता चला है कि नशा करने वाले लोग बड़ी मात्रा में प्रेगाबालिन कैप्सूल का इस्तेमाल नशा करने के लिए कर रहे हैं। 

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को मिली भावभीनी विदाई

जगदलपुर. बस्तर जिला प्रशासन ने वर्ष के अंतिम दिन बुधवार 31 दिसम्बर को कलेक्टोरेट स्थित आस्था कक्ष में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे अपने 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी। कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशानुसार प्रशासन ने संवेदनशीलता और सुशासन का परिचय देते हुए सभी सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीयता के साथ सम्मानित किया। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई की बेला में ही कर्मचारियों के हाथों में उनके पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश सौंप दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने सेवानिवृत्त हो रहे सहयोगियों की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी शासकीय सेवा के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं और अपने-अपने कार्यों में पूरी तरह निपुण हैं। भले ही आज आप शासकीय दायित्वों से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन आपका संचित अनुभव समाज के लिए अमूल्य है। मेरी आप सभी से अपील है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी आप सक्रिय रहें और अपने दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ समाज और नई पीढ़ी को प्रदान करते रहें। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विदाई की इस बेला में प्रशासन द्वारा त्वरित गति से किए गए भुगतान और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मिले सम्मान से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक बेहद अभिभूत और प्रसन्न नजर आए। हाथों-हाथ पेंशन और ग्रेच्युटी के आदेश प्राप्त करना उनके लिए एक सुखद अनुभव था। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल बहुत ही सराहनीय और राहत भरी है, जिससे उन्हें सेवा के अंतिम दिन ही भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मिल गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक ने पेंशनरों को मिलने वाले समस्त हितलाभों के बारे में विस्तार से बताया और बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। कार्यक्रम में सहायक कोषालय अधिकारी सुश्री ममता ध्रुव और श्री नरेंद्र सिंह नाग सहित कोषालय एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के परिजन भी मौजूद रहे।

कम प्रोडक्ट्स, ज्यादा निखार: क्यों ट्रेंड में है ‘स्किनिमलिज्म’ स्किनकेयर

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर '10-स्टेप कोरियन स्किनकेयर' जैसे भारी-भरकम रूटीन काफी ट्रेंड में थे। हर कोई बेहतर स्किन के लिए तमाम तरह के प्रोडक्ट्स स्किन केयर में शामिल कर रहे थे। लेकिन वहीं अब एक नया और असरदार बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसे स्किनिमलिज्म कहते हैं। यह शब्द 'Skin' और 'Minimalism' से मिलकर बना है। इसका सीधा सा मतलब है, अपनी स्किन की जरूरतों के मुताबिक कम प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके स्किन की देखभाल करना। आइए जानते हैं कि यह ट्रेंड क्या है और आप इसे अपने जीवन में कैसे शामिल कर सकते हैं। स्किनिमलिज्म क्या है? स्किनिमलिज्म का मकसद ‘Less is More’ के प्रिंसपल पर चलना है। यह आपकी त्वचा पर लेयर-दर-लेयर प्रोडक्ट्स थोपने के बजाय, केवल उन्हीं चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर देता है जिनकी आपकी त्वचा को वास्तव में जरूरत है। इसका मकसद त्वचा के नेचुरल बैरियर को सुरक्षित रखना और उसे सांस लेने का मौका देना है। इसे अपने रूटीन में कैसे शामिल करें? अपने स्किनकेयर को 'मिनिमल' बनाने के लिए आपको बस इन बुनियादी स्टेप्स पर ध्यान देना होगा- अपनी जरूरतों को पहचानें सबसे पहले यह समझें कि आपकी स्किन टाइप क्या है (ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन)। बाजार में दिखने वाले हर नए सीरम या मास्क को खरीदने की जरूरत नहीं है। अपनी त्वचा की मुख्य समस्याओं, जैसे- मुंहासे, पिग्मेंटेशन या ड्राइनेस के आधार पर प्रोडक्ट्स लें। बेसिक 'ABC' रूटीन अपनाएं स्किनिमलिज्म में तीन सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं-     क्लींजिंग- एक सौम्य क्लींजर से दिन में दो बार चेहरा साफ करें।     मॉइस्चराइजिंग- त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए अपनी स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाएं।     सनस्क्रीन- यह सबसे जरूरी स्टेप है। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, सनस्क्रीन कभी न भूलें। मल्टी-टास्किंग प्रोडक्ट्स चुनें ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो एक साथ दो काम करते हों। जैसे-ऐसा ऐसा लिप बाम जो गालों पर टिंट का काम भी करे। इससे आपके पास प्रोडक्ट्स की संख्या कम होगी और समय भी बचेगा। स्किनिमलिज्म के फायदे     त्वचा की बेहतर सेहत- जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स त्वचा के pH लेवल को बिगाड़ सकते हैं। कम प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से जलन और ब्रेकआउट्स की संभावना कम हो जाती है।     समय और पैसे की बचत- जब आपको 10 स्टेप्स फॉलो नहीं करने होंगे, तो आपका कीमती समय बचेगा और साथ ही गैर-जरूरी खर्चों पर भी लगाम लगेगी।     पर्यावरण के अनुकूल- कम प्रोडक्ट्स खरीदने का मतलब है-कम प्लास्टिक वेस्ट और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल।  

Punjab News: मनरेगा में बदलाव के खिलाफ PM को AAP भेजेगी 10 लाख मजदूरों की चिट्ठी

चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मनरेगा कानून में संशोधन के​ खिलाफ अभिया शुरू किया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि एक बार फिर AAP ने खुद को गरीबों और मजदूरों की सच्ची हितैषी साबित किया है. हमने राज्य के 10 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर परिवारों की पीड़ा और मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है. केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G-RAM G) अधिनियम से बदल दिया है. उन्होंने कहा, 'पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्रों के साथ सदन में पहुंचे. इन पत्रों में उन मेहनतकश परिवारों का दर्द और संघर्ष दर्ज है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. इस दौरान मनरेगा मजदूर भी विधानसभा में मौजूद रहे, जिससे सदन में गरीबों की आवाज और मजबूत हुई.' आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन पत्रों को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इन्हें सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया है. सरकार का उद्देश्य केंद्र को जमीनी हकीकत से अवगत कराना और मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराना है. पंजाब के मनरेगा मजदूर लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. मजदूरी के भुगतान में देरी सबसे बड़ी परेशानी है, जिससे गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने कहा, 'कई इलाकों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा फंड समय पर जारी न किए जाने के कारण योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है. आम आदमी पार्टी फाइलों में दबकर रह जाने वाली गरीबों की आवाज को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पत्र अभियान केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक ठोस कोशिश है, ताकि मनरेगा फंड समय पर जारी हों और मजदूरों को उनका पूरा हक मिल सके.' आम आदमी पार्टी ने दोहराया है कि वह हमेशा गरीबों और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी.

केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव से पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।