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भारत को नीचा दिखाने वालों की सोच अधूरी है— दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के भव्य मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश, संस्कृति और भारतीयता पर बात की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई भारतीय नेता या व्यक्ति विदेश जाकर अपने ही देश के बारे में हल्के शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह दर्शाता है कि वह इस देश की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा नहीं है और उसने भारत को सही मायने में समझा ही नहीं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "अगर कोई अपने ही देश के लिए विदेश में जाकर नकारात्मक बातें करता है, तो इसका कोई औचित्य नहीं है।" दिल्ली शब्दोत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में किसी सरकारी मंच से ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं हुआ। आज का भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद करता हुआ दिखाई दे रहा है। वैदिक काल से लेकर डिजिटल युग तक भारत ने जो ऐतिहासिक यात्रा तय की है, उसका साक्षी यह शब्दोत्सव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, "न झुका है, न झुकेगा, अमर था, अमर रहेगा मेरा भारत महान।" सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह का आयोजन होना खास मायने रखता है, क्योंकि यहां देश के कोने-कोने से लोग आकर जुड़ते हैं। यह जुड़ाव भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जड़ें इतनी मजबूत रही हैं कि देश ने बार-बार खुद को खड़ा किया है। आज भी ऐसे आयोजनों की जरूरत है जो लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन सवालों का भी जवाब है जो हर भारतीय माता-पिता के मन में होते हैं कि आधुनिकता की राह पर चलते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से कैसे जोड़े रखें। उनके अनुसार, शब्दोत्सव भारतीय विविधता का सजीव उदाहरण है। सीएम ने दिल्ली में मनाए जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार और पूर्वांचल का छठ पर्व दिल्ली में पूरे धूमधाम से मनाया गया। महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी उत्सव, गुजरात का डांडिया, कांवड़ यात्रा और दीपावली पर कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीप जलाना, ये सभी कार्यक्रम दिल्ली की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 40 पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो साहित्य को मजबूत करने की दिशा में एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी अपने विचारों को नहीं छोड़ा और हमेशा विवेक का हाथ थामे रखा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भारतीयता के पुनर्जागरण का काल है। भारत आज विश्व पटल पर एक उभरती हुई शक्ति के रूप में खड़ा है, जहां विकास के साथ-साथ विरासत को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन संस्कृति को छोड़े बिना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आयोजन पहली बार जरूर हो रहा है, लेकिन आखिरी बार नहीं। अगले वर्ष भी दिल्ली शब्दोत्सव को और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

अब मनमाना किराया नहीं! राजस्थान में कैब का रेट तय करेगी सरकार

जयपुर  राजस्थान गिग वर्कर्स के लिए परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पॉलिसी लागू कर दी है। परिवहन विभाग संयुक्त शासन सचिव और अतिरिक्त आयुक्त परिवहन, ओपी बुनकर ने इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।   इस नोटिफिकेशन के बाद अब राज्य में कैब कंपनियां को नियमों के तहत काम करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना होगा साथ ही लाइसेंस भी निरस्त होगा। कैब का किराया अब सरकार तय करेगी। किराए की 80% राशि वाहन मालिक को दी जाएगी। यदि कोई यात्रा बिना उचित कारण रद्द की जाती है, तो ड्राइवर या यात्री पर अधिकतम 100 रुपए तक पेनल्टी लगेगी।  इसी के साथ ही अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर खोलना अनिवार्य होगा। एप के जरिए यात्री अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर सकेंगे और आपात स्थिति में पैनिक अलर्ट सीधे पुलिस और कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। कंपनियां को 5 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। जिसके लिए 10 हजार रुपए आवेदन शुल्क और अधिकतम 5 लाख रुपए तक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गयाय है। कंपनियां को हर साल ड्राइवरों की रिफ्रेशर ट्रेनिंग करानी होगी। इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को प्रत्येक ड्राइवर के लिए 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराना होगा। किसी भी वाहन की आयु आठ साल से ज्यादा नहीं हो सकेगी। सरकारी नियमों के तहत उनकी पालना नहीं करने पर कंपनी का लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित किया जा सकेगा। एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन या किसी गंभीर अपराध की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प भी होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए हर कंपनी को एक ग्रिवेंस ऑफिसर नियुक्त करना होगा। कंपनियों को अपनी वाहन संख्या के आधार पर 10 लाख से लेकर 50 लाख तक सुरक्षा जमा राशि भी देनी होगी। राज्य में संचालन करने वाली प्रत्येक कंपनी के लिए राजस्थान में कार्यालय खोलना और एक अधिकृत एप्लायंस अधिकारी नियुक्त करना होगा।  

हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 5,500 पदों पर नोटिफिकेशन जारी, 11 जनवरी से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

रोहतक  हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबल के 5,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 11 जनवरी से ऑफिशियल वेबसाइट hssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पद का नाम: कॉन्स्टेबल पदों की संख्या: 5,500 पदों का विवरण : पुरुष कॉन्स्टेबल (सामान्य ड्यूटी) 4,500 महिला कॉन्स्टेबल (सामान्य ड्यूटी) 600 पुरुष कॉन्स्टेबल (सरकारी रेलवे पुलिस) 400 योग्यता : 12वीं पास आयु सीमा : 18 वर्ष शारीरिक योग्यता : पुरुष – हाइट : 170 सेंटीमीटर चेस्ट : 83 सेंटीमीटर महिला – हाइट: मिनिमम 158 सेमी दौड़ : पुरुष : 12 मिनट में 2.5 किलोमीटर महिला : 6 मिनट में 1 किलोमीटर वेतन: 69़ृ,100 रुपए प्रतिमाह चयन प्रक्रिया: फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट नॉलेज टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन एग्जाम पैटर्न : जनरल नालेज : 20 प्रश्न कंप्यूटर नॉलेज : 10 प्रश्न क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल : 50% अन्य : 40% आवेदन प्रक्रिया: ऑफिशियल वेबसाइट hssc.gov.in पर जाकर आवेदन करें।

नए साल का जश्न प्रकृति के बीच: लोध फॉल में उमड़ी सैलानियों की भीड़, झरने का नजारा बना आकर्षण

रांची नववर्ष के पहले दिन झारखंड के लातेहार जिले में स्थित राज्य का सबसे ऊंचा जलप्रपात लोध फॉल पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बना रहा। राजधानी रांची से लगभग 200 किलोमीटर और लातेहार जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर महुआडांड़ प्रखंड में स्थित इस प्राकृतिक धरोहर को देखने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचे। लोध फॉल झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात है नए साल की शुरुआत प्रकृति के बीच करने की चाह में आए सैलानियों से पूरा क्षेत्र गुलजार नजर आया। लोध फॉल झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात है, जहां बूढ़ा नदी का पानी लगभग 143 मीटर की ऊंचाई से सीधे धरती पर गिरता है। पहाड़ियों से घिरा यह जलप्रपात न केवल झारखंड बल्कि आसपास के राज्यों के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। नववर्ष के अवसर पर यहां पहुंचे पर्यटक जलप्रपात की ऊंचाई, कलकल करती जलधारा और चारों ओर फैली हरियाली को देखकर मंत्रमुग्ध नजर आए। पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जलप्रपात के नीचे जहां पानी काफी गहरा है, वहां किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए पानी में उतरने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी वन विभाग द्वारा गठित विकास समिति के माध्यम से की जाती है, क्योंकि यहां देश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। नवंबर महीने से यहां पर्यटकों की आमद शुरू हो जाती है घूमने आए सैलानियों ने बताया कि लोध फॉल की खूबसूरती मन को सुकून देने वाली है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी से तीन अलग-अलग दिशाओं में गिरती जलधाराएं इस स्थान की सुंदरता को और भी खास बना देती हैं। हालांकि कुछ पर्यटकों ने यह भी कहा कि यदि जलप्रपात के पास बने लकड़ी के पुल की मरम्मत कर दी जाए, तो भ्रमण का अनुभव और बेहतर हो सकता है। लोध फॉल झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के पर्यटकों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल है। नवंबर महीने से यहां पर्यटकों की आमद शुरू हो जाती है, जो मार्च तक लगातार बनी रहती है। लोध फॉल तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। रांची, पलामू, लातेहार या छत्तीसगढ़ से सड़क मार्ग द्वारा पहले महुआडांड़ पहुंचना होता है। इसके बाद महुआडांड़ से करीब 17 किलोमीटर दूर स्थित पाकिर्ंग स्थल तक वाहन ले जाया जा सकता है। वहां से लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर पर्यटक जलप्रपात तक पहुंचते हैं।  

रायपुर: यूनेस्को की दहलीज पर सिरपुर, छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत बनेगी विश्व धरोहर – मंत्री शेखावत

रायपुर : यूनेस्को की दहलीज पर सिरपुर, छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत बनेगी विश्व धरोहर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने नामांकन प्रक्रिया को दी गति केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के सिरपुर दौरे से मजबूत हुआ राज्य सरकार का दावा रायपुर छत्तीसगढ़ का प्राचीन रत्न सिरपुर यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में प्रवेश करने को तैयार है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने नामांकन प्रक्रिया को रफ्तार दी है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के दौरे ने इसे केंद्र स्तर पर अपरिहार्य बना दिया है। नए वर्ष में अंतिम स्वीकृति की मजबूत संभावना है, जो राज्य को पहला विश्व धरोहर स्थल प्रदान करेगा। छठी शताब्दी से बहुधार्मिक शहरी केंद्र के रूप में प्रसिद्ध सिरपुर में बौद्ध, जैन, हिंदू और शैव-वैष्णव परंपराएं एक साथ विकसित हुईं। यहां लक्ष्मण मंदिर, बुद्ध विहार, प्राचीन आवासीय परिसर, बाजार और नदी घाटों सहित 125 से अधिक खुदाई स्थल मौजूद हैं, जिन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व विभाग ने संयुक्त रूप से दस्तावेजित किया है। यूनेस्को टैग के लिए आवश्यक अंर्तराष्ट्रीय मानकों सुरक्षा, प्रस्तुति और आगंतुक प्रबंधन को पूरा करने हेतु भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पर्यटन एजेंसियों ने सिरपुर का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है। यह रिपोर्ट केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रस्ताव को मजबूत बनाने के लिए भेजा गया है, जिसमें नवंबर 2025 तक सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट शामिल है।  01 जनवरी 2026 को शेखावत ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ सिरपुर का दौरा किया। उन्होने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला और हाट बाजार का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि मूल संरचना सुरक्षित रखें और कनेक्टिविटी बढ़ाएं। शेखावत ने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने का प्रयास जारी है।  उन्होने आगे कहा कि सिरपुर एक ऐतिहासिक नगर है, जो कभी इस प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी, सिरपुर में आकर यहां की पुरासंपदा को देखना, एक हजार साल की यहां की विकास यात्रा को देखना समझना और इस गौरवशाली अतीत को अनुभव करना निश्चित रूप से मन मे, शरीर में एक स्पंदन पैदा करता है। यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इन सब का दर्शन करने का, अपने पुरखों के इतिहास और उनके गौरव को देखने और समझने का अवसर मिला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का यह स्थान देश में स्थित 140 केन्द्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों में से एक है, जिसके संरक्षण के लिए यहां के पुरासंपदा का रखरखाव हो सके इसके लिए भारत सरकार व राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र की और इस जगह की जितनी महत्ता है, उसके अनुरूप अभी यहां पर्यटन विकास की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। मैं पर्यटन मंत्री होने के नाते कह सकता हंू कि इस जगह को यदि ठीक से कनेक्टिविटी दी जाए और ठीक से यहां पर्यटन की मूलभूत सुविधाएं का विकास किया जाए तो निश्चित रूप से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन की दृष्टि से एक नया स्वरूप प्राप्त करेगा। छत्तीसगढ़ की पहचान एक समृद्ध, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक संपदा वाले प्रदेश के रूप में बन रही है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन गतिविधियों का केन्द्र बने इस दृष्टिकोण से सिरपुर बहुत महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय पर्यटन मंत्री का यह दौरा राज्य सरकार की रिपोर्ट को मजबूत करता है, क्योंकि सिरपुर 140 संरक्षित स्मारकों में शुमार है।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा है। यूनेस्को मान्यता से वैश्विक पहचान मिलेगी, पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार सृजित होंगे। उनके निर्देश पर सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ 125 खुदाई स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया। इसमें लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला, गंधेश्वर मंदिर सहित प्रमुख साइटें शामिल हैं। नवंबर 2025 की रिपोर्ट केंद्रीय मंत्रालय पहुंच चुकी है, दिसंबर में अंतिम समीक्षा हुई।  वहीं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा की सिरपुर को वैश्विक पर्यटन हब बनाएंगे। बैटरी ई-कार्ट, 3डी इंटरप्रेटेशन सेंटर, होमस्टे क्लस्टर, हेरिटेज शटल और गाइडेड वॉक शुरू हो रहे हैं। चार हेरिटेज सर्किट, बौद्ध विहारों से लक्ष्मण मंदिर तक जोड़ेंगे। सड़क उन्नयन, डिजिटल साइनेज, स्वच्छता और सर्किट मैनेजमेंट पर कार्य किया जा रहा है । स्थानीय लाभ के लिए गाइड ट्रेनिंग, हस्तशिल्प बाजार और ईको-फ्रेंडली स्टे पर जोर दिया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि सिरपुर दक्षिण कोसल की राजधानी थी। लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है। रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है। तिवरदेव विहार एक प्राचीन बौद्ध विहार है, जो 7वीं-8वीं सदी का बताया जाता है। यह बड़े पैमाने पर ईंटों का बना हुआ था और खुदाई में इसका अवशेष मिला है। बौद्ध संप्रदाय से जुड़ा यह विहार सिरपुर में बुद्ध के अनुयायियों द्वारा ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाओं के लिए उपयोग में लाया गया था। आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर का एक प्रमुख बौद्ध स्थल है, जिसे भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा स्थापित किया गया था। यह विहार 14 कमरे वाला एक बड़ा बौद्ध मठ है, जिसमें एक मुख्य प्रवेश द्वार और सुंदर नक्काशीदार स्तंभ पाए गए हैं। यहां बुद्ध की एक विशाल मूर्ति और अन्य बौद्ध प्रतिमाएँ मिलती हैं। सुरंग टीला सिरपुर का एक अनोखा पुरातात्विक स्थल है, जिसमें प्राचीन काल के मंदिर के अवशेष मिले हैं। यह 7वीं सदी का मंदिर था, जिसमें 5 गर्भगृह पाए गए हैं। इन गर्भगृहों में शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा स्थित है, जो इस धार्मिक स्थल की विविधता को दर्शाता है।  यह हिंदू-बौद्ध-जैन का दुर्लभ मिश्रण है जिसकी तुलना अंगकोरवाट या बोधगया से किया जा सकता है। संयुक्त सांस्कृतिक-प्राकृतिक श्रेणी में भारत के 44 विश्व धरोहरों में छत्तीसगढ़ का प्रवेश सिरपुर से होगा। यूनेस्को टैग से वैश्विक फंडिंग, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दस हजार से अधिक रोजगार और 500 करोड़ का … Read more

फ्लाइट से कम खर्च में लंबी दूरी का सफर! आ रही है पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि गुवाहाटी और कोलकाता के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टिकट किराया हवाई यात्रा के मुकाबले काफी कम होगा। देश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में करेंगे। वैष्णव ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "वंदे भारत स्लीपर में 3-AC का किराया लगभग ₹2,300, 2-AC का लगभग ₹3,000 और 1-AC का लगभग ₹3,600 होगा, जिसमें खाना भी शामिल होगा। किराया मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किया गया है।" उन्होंने कहा कि ट्रेन अगले 15-20 दिनों में चलना शुरू हो जाएगी, शायद 18 जनवरी के आसपास, क्योंकि प्रधानमंत्री को इसके लिए अनुरोध भेजा गया है। वैष्णव ने कहा, "मैं अगले दो-तीन दिनों में सही तारीख की घोषणा करूंगा।'' उन्होंने इस डेवलपमेंट को देश के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। खबर के मुताबिक, वैष्णव ने कहा कि गुवाहाटी और कोलकाता के बीच 16 कोच वाली ट्रेन की क्षमता 823 यात्रियों की है और इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। हालांकि, यह दोनों शहरों के बीच 120-130 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी, जिसमें असम और पश्चिम बंगाल के खास जिले शामिल होंगे। ट्रेन के बारे में बताते हुए वैष्णव ने कहा कि गुवाहाटी-कोलकाता हवाई यात्रा का किराया लगभग ₹6,000 से ₹8,000 है। हालांकि, रेल मंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच नई वंदे भारत ट्रेन से लागत कम होगी क्योंकि प्रति किलोमीटर किराया 1 AC के लिए ₹3.8 प्रति किमी, 2AC के लिए ₹3.1 प्रति किमी और 3 AC के लिए ₹2.4 होगा। 16 कोच वाली ट्रेन में 11 3-AC कोच, चार 2-AC कोच और एक 1-AC कोच हैं। कुल 823 बर्थ में से 611 3-AC में, 188 2-AC में और 24 1-AC में हैं।  

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चयनित खिलाड़ियों को दिए हॉकी किट

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को दिए हॉकी किट राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में प्रशिक्षण ले रहे तीनों खिलाड़ी, असेसमेंट कैंप में भारतीय हॉकी कोच पी.आर. श्रीजेश परख रहे खिलाड़ियों को रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बेंग्लुरू स्थित साई (Sports Authority of India) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट के लिए चयनित खिलाड़ियों को हॉकी किट प्रदान किया। उन्होंने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय में गोलकीपर अल्फाज खान को गोलकीपिंग का संपूर्ण किट तथा फॉरवर्ड पोजिशन में खेलने वाली मधु सिदार और दामिनी खुसरो को हाकी स्टिक प्रदान किया। ये तीनों खिलाड़ी बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में पिछले तीन सालों से हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।  उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तीनों खिलाड़ियों के साई के परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में चयन पर खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी। उन्होंने तीनों को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। जून-2022 से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बहतराई के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में 67 खिलाड़ी अभी हॉकी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। राज्य शासन और प्रशिक्षकों के सहयोग से यहां से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। हॉकी किट के वितरण के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का और राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में हॉकी के वरिष्ठ कोच श्री राकेश टोप्पो भी मौजूद थे। रायपुर के अल्फाज खान हाल ही में 12 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक बेंग्लुरू के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल हुए थे। वहां भारतीय हॉकी कोच श्री पी.आर. श्रीजेश ने देशभर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखा। जशपुर की मधु सिदार और बोड़ला (कबीरधाम) की दामिनी खुसरो इसी महीने 16 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप में शामिल होंगी। इन तीनों खिलाड़ियों ने 15वीं हॉकी इण्डिया जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर पर परफॉर्मेंस असेसमेंट कैंप के लिए हुआ है। दामिनी खुसरो और मधु सिदार पिछले वर्ष  हुए वेस्ट जोन हॉकी चैम्पियनशिप में विजेता टीम का हिस्सा रही थी। इसमें मधु सिदार सर्वाधिक गोल कर टॉप स्कोरर रही थी।

ED की बड़ी कार्रवाई: गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल गिरफ्तार, जानिए आरोप

गांधीनगर गुजरात के IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। ED की तरफ से हुई ये गिरफ्तारी रिश्वत से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। मामला 1500 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है। शुक्रवार को ईडी की तीन टीमें गांधीनगर स्थित उनके आवास पर पहुंची और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।   इससे पहले भी हुई थी छापामारी इससे पहले भी टीम ने 20 और 21 दिसंबर को सुरेंद्रनगर जिले में छापामीरी की थी। तब कलेक्टर राजेंद्र पटेल के अलावा उनके पीए जयराजसिंह झाला, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी और क्लर्क मयूरसिंह गोहिल के घर छापा मारा था। मोरी के घर से 60 लाख से अधिक का कैश भी बरामद हुआ था, जो उसने अपने बेडरूम में छिपाकर रखा था। अधिकारी के पास मिली आय से अधिक संपत्ति राजेंद्र कुमार पटले गुजरात के अहमदाबाद जिले के रहने वाले हैं। वह 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सिविल सर्विस परीक्षा पास करने से पहले उन्होंने बीडीएस और पब्लिक पॉलिसी में एमए किया है। ईडी की जांच में पता चला है कि राजेंद्र पटेल के पास ज्ञात आय से कहीं ज्यादा की संपत्ति थी। उनके पास पांच करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां पाई गई हैं। छीन ली गई थी कलेक्टर की कुर्सी पटेल पर पहले से जांच चल रही थी। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पटेल के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही थी। ईडी की छापामारी के बाद पटेल से कलेक्टर की कुर्सी छीन ली गई थी। वो सुरेंद्रनगर कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। फिलहाल उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में तैनात कर दिया गया था। बड़े पैमाने पर हो रहा था घोटाला अपनी जांच में, जांच एजेंसी ने पाया कि सुरेंद्रनगर कलेक्टर ऑफिस में सरकारी कर्मचारियों द्वारा सिस्टमैटिक एक्सटॉर्शन, मांग और गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करके बड़े पैमाने पर करप्शन और क्राइम से पैसे बनाए जा रहे थे। मोरी पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और एप्लीकेशन को जल्दी अप्रूवल देने के लिए एप्लीकेंट्स से रिश्वत ली। ED ने कहा था कि रिश्वत की रकम स्क्वायर मीटर के हिसाब से कैलकुलेट की गई थी।  

राज्यपाल डेका ने रायपुर में गोद ग्रामों में आजीविका कार्यों को तेज करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यो को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए गए है।          राज्यपाल डेका ने आज समाज कल्याण विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं हथकरघा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर गोद ग्रामों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।           उल्लेखनीय है कि राज्यपाल द्वारा खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी तथा गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली को गोद लिया गया है। इन ग्रामों में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने की पहल की है।          राज्यपाल डेका ने लाइवलीहुड मिशन के अंतर्गत कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि गोद ग्रामों मे विस्तृत सर्वेक्षण कर स्थानीय आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण, पात्र हितग्राहियों को पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने और आजीविका गतिविधियों में उनकी सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि कौशल विकास के लिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंनेे गोद ग्रामों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।          बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्वनी देवांगन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. नुसरत समेत आयुष डॉक्टरों को एक और मौका, ज्वाइनिंग डेट बढ़ाने का फैसला

पटना हिजाब विवाद से चर्चित डॉ. नुसरत परवीन को नीतीश सरकार ने नौकरी ज्वाइन करने का एक और मौका दिया है। 31 दिसम्बर को लास्ट डेट तक नुसरत ने योगदान नहीं दिया था। शुक्रवार को एक बार फिर आयुष चिकित्सकों के लिए योगदान करने की तारीख बढ़ा दी गई। अब सात जनवरी तक आयुष डॉक्टर नौकरी ले सकते हैं। 15 दिसम्बर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंतिम रूप से चयनित डॉक्टरों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया था। वितरण समारोह का एक वीडियो विपक्षी दल राजद ने वायरल कर नीतीश कुमार की जमकर आलोचना की। इस मामले में बिहार के अलावे झारखंड और कश्मीर में भी राजनीति की गई।   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिन आयुष चिकित्सकों की बहाली की गई उनमें करीब 12 प्रतिशत डॉक्टरों ने योगदान नहीं किया है। इनमें डॉ.नुसरत भी शामिल हैं। इन्हें फिर से मौका दिया गया है। पहले ज्वाइनिंग के लिए 20 दिसम्बर की तारीख तय थी। बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया। उसके बाद 31 दिसम्बर तक तारीख बढ़ा दी गई। इंतजार किया जा रहा था कि नुसरत नौकरी पर आ जाएंगी। पर ना वह खुद पहुंची और ना ही उनके परिजनों से कोई जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। पटना सिविल सर्जन ने यह जानकारी दी। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर डेट बढ़ा दिया। अब सात जनवरी तक आयुष डॉक्टर योगदान दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि सरकार चाहती है कि नुसरत नौकरी करें और मरीजों की सेवा करें क्योंकि इस प्रकरण में नीतीश कुमार की काफी किड़किड़ी हुई थी। नियुक्ति पत्र लेने आई डॉ नुसरत ने नकाब पहन रखा था जिसे नीतीश कुमार ने हटा दिया। राजद ने यही वीडियो वायरल कर दिया। दरअसल डॉ नुसरत की नौकरी स्वास्थ्य विभाग से ज्यादा सियासी मामला बन गया है। पॉलिटिकल वार, प्रतिवार के बीच नुसरत और उसका पूरा परिवार खामोश है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी उन्हें नौकरी कर लेने की सलाह दी है। उधर झारखंड में हेल्थ मिनिस्टर डॉ इरफान अंसारी ने उन्हें तीन लाख मासिक तनख्वार पर नौकरी पेशकश कर दी। बाद में सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी ने इस पर अलग राय जाहिर कर दिया। कश्मीर में पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की बहू बिल्किस सीएम नीतीश कुमार पर केस दर्ज कराने थाने पहुंच गईं।