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दक्षिणी हरियाणा तक एसवाईएल से पहुंचाया जाएगा 6500 क्यूसेक तक पानी

कुरुक्षेत्र. सुप्रीम कोर्ट तक विवाद पहुंचने के बावजूद भले ही एसवाईएल को अभी तक पंजाब से पानी नहीं मिल पाया लेकिन अब यही नहर दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली की प्यास बुझाने में कारगर साबित होगी। जरूरत पड़ने पर इसमें नरवाना ब्रांच नहर के साथ-साथ मारकंडा नदी का पानी भी छोड़ा जाएगा जिससे न केवल मारकंडा से आने वाली बाढ़ का खतरा टलेगा बल्कि नहर का सही प्रयोग भी हो सकेगा। सिंचाई विभाग ने 10 हजार क्यूसेक पानी दक्षिणी हरियाणा की ओर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें एसवाईएल के जरिये 6500 क्यूसेक और नरवाना ब्रांच के जरिये 3500 क्यूसेक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए नहरों का पहली बार बड़े स्तर पर जीर्णेद्धार किया जा रहा है। लंबे समय से सुध न लिए जाने के कारण अपना मूल आकार तक खो चुकी एसवाईएल के जिले की सीमा में ही किए जाने वाले जीर्णोद्धार पर 50 करोड़ का बजट खर्च होगा। इसका प्रस्ताव विभाग की प्रदेश तकनीकी टीम पास कर चुकी है और अब फाइनल मुहर मुख्यमंत्री की ओर से लगाए जाने का इंतजार है। जिले में एसवाईएल नहर की लंबाई करीब 35 किलोमीटर है। 25 के बजाय 15 फीट रह गई चौड़ाई अनदेखी व लंबे समय तक मरम्मत न होने के कारण समय अनुसार एसवाईएल अपना आकार भी खो चुकी है। 25 फीट के बजाय महज 15 फीट ही अधिकतर जगह चौड़ाई रह गई है। यही नहीं कई-कई फीट तक गाद जम चुकी है और झाड़ियां ही नहीं, अनेक जगह इसमें उगे पौधे पेड़ बन चुके हैं। किनारे भी खस्ताहाल हो चुके हैं। ऐसे में इसकी क्षमता भी बेहद कम रह गई है जिसके कारण किसी आपात स्थिति में भी इसमें पानी छोड़े जाने से खतरा पैदा होने लगा है। मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही शुरू कर दी जाएगी प्रक्रिया : एक्सईएन सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर का कहना है कि एसवाईएल का जीर्णोद्धार बेहद जरूरी हो गया है। इसके कारण ही प्रस्ताव तैयार किया गया, जो स्टेट तकनीकी टीम पास भी कर चुकी है। अब मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही टेंडर आदि की प्रक्रिया कर तत्काल काम भी शुरू करवा दिया जाएगा। जीर्णोद्धार के एसवाईएल के जरिये दक्षिणी हरियाणा तक 6500 क्यूसेक पानी पहुंचाया जा सकेगा। नरवाना ब्रांच नहर का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है जिसके जरिये भी 3500 क्यूसेक पानी दक्षिणी हरियाणा तक पहुंचने लगेगा। इस नहर में कई कार्य किए भी जा चुके हैं। उनका कहना है कि न केवल एसवाईएल के जीर्णोद्धार से मारकंडा का पानी दक्षिणी हरियाणा तक पहुंचाया जा सकेगा बल्कि मारकंडा की वजह से आने वाली बाढ़ से भी बचा जा सकेगा। इसके बाद नहर अपने मूल आकार में भी आ जाएगी।

शिरोमणि अकाली दल के वर्चस्व को AAP की चुनौती?

चंडीगढ़. पंजाब की राजनीति में लंबे समय तक पंथक सियासत शिरोमणि अकाली दल के इर्द-गिर्द घूमती रही है। सिख पंथ से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक मुद्दों पर अकाली दल की पकड़ मजबूत मानी जाती थी लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह समीकरण तेजी से बदलता दिख रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र आयोजित करना और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के गायब होने के मामले में तीखी कार्रवाई ने पंथक राजनीति में आप की गंभीर एंट्री का संकेत दिया है। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथक मामले में तलब करके मामले को और गरमा दिया है। अकाली दल का जन्म ही पंथक आंदोलन से हुआ। गुरुद्वारा सुधार आंदोलन से लेकर एसजीपीसी पर नियंत्रण तक, अकाली दल ने सिख धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। ग्रामीण पंजाब, खासकर माझा और मालवा के पंथक बहुल क्षेत्रों में अकाली दल लंबे समय तक स्वाभाविक विकल्प रहा। पंजाब के कुल मतदाताओं में करीब 30-35 फीसदी ऐसे हैं, जो सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से पंथक मुद्दों से प्रभावित होते हैं। इनमें से अधिकांश का झुकाव ऐतिहासिक रूप से अकाली दल की ओर रहा। आप सरकार के तीन बड़े कदम पंथक सियासत में नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं था, बल्कि सिख इतिहास और अस्मिता को संवैधानिक सम्मान देने का संदेश था। वहीं, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप गायब होने के मामले में तेज जांच और कार्रवाई ने पंथक मतदाताओं में यह धारणा बनाई कि सरकार केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने को तैयार है। तीसरा कदम तीन शहरों को धार्मिक दर्जा देने का रहा, जो पंथक वोटर के लिए सकारात्मक संकेत माना गया। अकाली दल पहले ही नेतृत्व संकट, परिवारवाद और सीमित नेतृत्व विकल्पों से जूझ रहा है। विधानसभा और लोकसभा में उसकी सीटें घटकर बहुत कम रह गई हैं। बेअदबी प्रकरणों में निर्णायक कार्रवाई न होना और युवा पंथक मतदाताओं से भावनात्मक दूरी ने उसकी विश्वसनीयता कमजोर की है। ऐसे में जो पंथक वोटर कभी अकाली दल के साथ खड़ा होता था, अब विकल्प तलाश रहा है। सियासी जानकार भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि अगर पंथक वोटर का केवल 10-15 फीसदी हिस्सा भी अकाली दल से खिसकता है, तो इसका सीधा असर 15–20 विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है। माझा क्षेत्र के अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, मोगा, बठिंडा और बरनाला में अकाली दल की पारंपरिक पकड़ कमजोर होने लगी है जबकि आप ने पंथक वोटरों पर सेंधमारी कर ली है। अकाली दल की ऐतिहासिक भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता, लेकिन अब उसका पंथक एकाधिकार कमजोर हुआ है। आम आदमी पार्टी ने प्रशासनिक और नीतिगत कदमों के जरिए पंथक राजनीति में नए समीकरण खड़े किए हैं। पंजाब की पंथक राजनीति अब केवल विरासत से नहीं, बल्कि प्रदर्शन और विश्वसनीयता से तय होगी। यही अकाली दल की सबसे बड़ी परीक्षा है और आम आदमी पार्टी के लिए नया राजनीतिक अवसर। इस वर्ष को चुनावी साल के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में किसी भी तरह के पंथक मामले को सियासत से जोड़ कर देखा जाना स्वाभाविक है।

उत्तर भारत में ठंड का कहर जारी, हिमाचल में सबसे सर्द रात, दिल्ली में फ्लाइट्स प्रभावित

नई दिल्ली उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सोमवार को कड़ाके की ठंड और बर्फबारी का दौर जारी रहा. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और कश्मीर के गुलमर्ग में पारा फ्रीजिंग पॉइंट से 10 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. हिमाचल के कोक्सर में 2 सेंटीमीटर ताजी बर्फबारी हुई, जिससे नदियां और झरने जमने लगे हैं.  दिल्ली में भी अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए घने कोहरे की चेतावनी जारी की है. हिमाचल और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में तापमान गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है. लाहौल और स्पीति के साथ-साथ गुलमर्ग में तापमान शून्य से 10 डिग्री नीचे चला गया है.  बर्फ में तब्दील हुईं नदियां… भीषण ठंड के कारण पहाड़ों पर पानी की धाराएं, सहायक नदियां और झीलें बर्फ में तब्दील हो गई हैं. चंबा के पांगी और लाहौल के कुछ हिस्सों में नए साल से ही बर्फ की चादर बिछी हुई है. कश्मीर का पहलगाम भी माइनस 4.8 डिग्री के साथ 'चिल्ला-ए-कलां' की सख्त ठंड झेल रहा है. हवाई यात्राओं पर कोहरे का साया राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे ने दस्तक दे दी है. दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ानों की जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करें, क्योंकि कोहरे के कारण देरी हो सकती है.  मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले दो दिनों में दिल्ली में घना कोहरा छाने की संभावना है. सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया, और आने वाले दिनों में इसके 6 से 8 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. हरियाणा-पंजाब में शीतलहर का येलो अलर्ट हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सूबे का नारनौल 3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि हिसार में पारा 3.6 डिग्री तक गिर गया. मौसम विभाग ने सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर और मंडी जैसे जिलों में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. निचले पहाड़ी इलाकों में भारी पाला पड़ने से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ‘मिशन कर्मयोगी’ की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे 'मिशन कर्मयोगी' की प्रगति की  समीक्षा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा प्रदेश में जारी प्रयासों का पेश किया जाएगा खाका फील्ड स्तर के कर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर हो रहे कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस कई विभागों के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठक में रहेंगे मौजूद लखनऊ उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति और भविष्य में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समीक्षा करेंगे। मंगलवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी और राज्य में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर एक विस्तृत खाका पेश करेंगी । बैठक में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक स्तरों पर कार्यरत लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण की दिशा और प्राथमिकताओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं। इस समीक्षा बैठक में कई विभागों के प्रमुख सचिव भी उपस्थित रहेंगे, जो अपने-अपने विभागों में क्षमता निर्माण से जुड़ी प्रगति और चुनौतियों से मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराएंगे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस  राधा चौहान ने मुख्य सचिव एसपी गोयल से भी मुलाकात कर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत जारी कार्यों को लेकर चर्चा की। प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में समीक्षा हाल ही में आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्यों को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के मार्गदर्शन में क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मुख्यमंत्री योगी द्वारा यह समीक्षा बैठक की जा रही है, जिसमें अब तक की प्रगति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्यों में क्षमता निर्माण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने उत्तर प्रदेश सहित 28 राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। फील्ड कार्मिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय नगरीय निकायों (ULB) के फील्ड स्तर के कर्मियों के लिए व्यवहारिक और कार्यात्मक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस रहेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य है। UPAAM है नोडल की भूमिका में, iGoT पर उपलब्ध होंगे पाठ्यक्रम राज्य सरकार ने विभागों को क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने में सहयोग के लिए UPAAM को नोडल संस्था नामित किया है। इसके तहत तैयार किए जाने वाले प्रशिक्षण पैकेज iGoT पोर्टल पर कर्मयोगी भारत के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां अब तक 18.8 लाख से अधिक उपयोगकर्ता ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। राज्य के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विभागों में स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग प्रमुख हैं। इनके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, होम गार्ड्स, कृषि, पावर कॉरपोरेशन तथा पंचायती राज विभाग उल्लेखनीय रूप से आगे हैं। कर्मयोगी भारत (iGOT) प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में हिंदी भाषा में 840 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज तैयार मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर सड़क, सिंचाई, भवन, पुल और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण पैकेज भी तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य तकनीकी दक्षता के साथ-साथ प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस बैठक को राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और एक सक्षम, आधुनिक व उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इस बैठक का उद्देश्य हिंदी में राज्य-विशेष पाठ्यक्रमों के विकास के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है।

महासमुंद के किसानों को रबी फसल के लिए जलाशय से छोड़ा गया पानी

महासमुंद. किसानों की मांग और आवश्यकताओं को देखते हुए गत दिवस कोडार जलाशय से रबी फसल के लिए खेतों में पानी देने पर निर्णय लिया गया। महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की पहल पर 5 जनवरी से ही खेतों में पानी दिए जाने का निर्णय लिया गया था, जिस पर आज अमल किया गया। जिले के कोडार जलाशय परियोजना (बायीं तट नहर प्रणाली से) वृहद परियोजना अंतर्गत पानी छोड़ा गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल उपयोगिता समिति विनय कुमार लंगेह ने के लिए गए निर्णय अनुसार जल संसाधन के मुख्य कार्यपालन अभियंता कुमार खरे को पानी छोड़ने का निर्देश दिया। रबी सिंचाई के लिए कोडार वृहद परियोजना में बांयी तट नहर प्रणाली से 13 गांवों के 1600 हेक्टेयर क्षेत्र का रकबा सिंचाई सुविधा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन गांवों में बंजारी, घोंघीबाहरा, बनसिवनी, कौंदकेरा, सोरिद, चोरभट्ठी, नयापारा, परसदा, बेमचा, मुस्की, कांपा, खरोरा एवं बरोंडाबाजार शामिल हैं। इसके अलावा केशवा नाला जलाशय से भी पानी छोड़ा गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री बोलीं- महतारी वंदन योजना से शीघ्र जुड़ेंगी नई महिलाएं

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग के पिछले दो वर्षों के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। महतारी वंदन योजना को उन्होंने राज्य की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया। मंत्री राजवाड़े ने बताया कि, महतारी वंदन योजना ने दो वर्षों में राज्य की 69 लाख से अधिक महिलाओं तक आर्थिक संबल पहुंचाया है। उन्होंने कहा- 'यह सिर्फ एक राशि नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का हस्तांतरण है। इससे घर-परिवार में महिला की भूमिका और मजबूत हुई है।' ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शेष पात्र महिलाओं को भी लाभ प्रदान किया जाएगा। बस्तर के नियद नेल्लानार जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी योजना ने असर दिखाया है, जहां 7,000 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।  

उत्तर प्रदेश में आज जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, तीन करोड़ नाम हो सकते हैं बाहर, घर बैठे ऐसे करें चेक

लखनऊ यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करेगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा खुद मीडिया के सामने आकर मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी देंगे. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के जारी होते ही प्रदेश के मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम देख सकेंगे. यह सूची आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके जरिए साफ हो जाएगा कि किसका नाम मतदाता सूची में बना है और किसे दावे या आपत्ति दर्ज कराने की जरूरत पड़ेगी. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता दर्ज थे. लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद जो ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जा रही है, उसमें करीब 12 करोड़ 55 लाख मतदाता ही शामिल होंगे. यानी लगभग 2 करोड़ 89 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. किन वजहों से कटे नाम ? निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से ये श्रेणियां शामिल हैं :  – जिनका निधन हो चुका है – स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, जो किसी अन्य जिले या राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं – दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाता, जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज था – गणना प्रपत्र (Enumeration Form) न भरने वाले मतदाता – लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता, जिनका दिए गए पते पर सत्यापन नहीं हो सका निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को साफ और त्रुटिरहित बनाने के लिए इन नामों को हटाना आवश्यक था. 1 करोड़ मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग, भेजा जाएगा नोटिस इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है. करीब 1 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है. ऐसे मतदाताओं को संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की ओर से नोटिस भेजा जाएगा. नोटिस मिलने के बाद मतदाता को तय समयसीमा में अपनी पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 12 वैध दस्तावेजों की सूची पहले से तय कर रखी है, जिनमें से किसी एक की छायाप्रति हस्ताक्षर के साथ जमा करनी होगी. दस्तावेज सही पाए जाने पर नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा जा सकेगा. 6 फरवरी तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. मतदाता आज से 6 फरवरी तक अपने नाम से जुड़ी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या यदि नाम गलती से कट गया हो तो उसे जोड़ने का दावा कर सकते हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार यह तारीख तय की गई है :   दावे और आपत्तियां: आज से 6 फरवरी तक दावे-आपत्तियों का निस्तारण: 7 फरवरी से 27 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 6 मार्च को अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान हर दावे और आपत्ति की निष्पक्ष जांच की जाएगी. लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटने की आशंका प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़े आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं. सूत्रों के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम लखनऊ जिले में कटे हैं. यहां करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर होने की बात सामने आ रही है. जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार 4.57 लाख मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिले वहीं 1.27 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है.  5.39 लाख मतदाता दूसरी विधानसभा या जिले में शिफ्ट हो चुके हैं जबकि कई मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरने से मना कर दिया.  इन सभी कारणों से उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं. 2003 की सूची बनी आधार निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया, या जिनके अभिभावकों का नाम उस सूची में शामिल था, उनके नाम सुरक्षित रखे गए हैं. ऐसे मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी कर ली गई है. इसके उलट, जिन मतदाताओं या उनके अभिभावकों का नाम 2003 की सूची में नहीं मिल पाया है, उन्हें नोटिस भेजकर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा. वेबसाइट पर ऐसे करें नाम की जांच ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मतदाता निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र, और मतदाता विवरण में से जरूरी जानकारी भरकर आसानी से देख सकेंगे. यदि किसी को नाम में त्रुटि या नाम गायब होने की शिकायत है, तो वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आपत्ति दर्ज करा सकता है. 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस, सभी की नजरें निर्वाचन आयोग पर पूरे मामले को लेकर आज दोपहर 3 बजे लखनऊ में निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा इस दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े, नाम कटने के कारण, आगे की प्रक्रिया और मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश मीडिया के सामने रखेंगे. राजनीतिक दलों से लेकर आम मतदाताओं तक, सभी की नजरें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद प्रदेश की सियासत में भी हलचल तेज हो सकती है. अंतिम सूची पर टिकी नजर फिलहाल, आज जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम नहीं माना जाएगा. निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. उसी सूची के आधार पर आगामी चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

CBI जांच में खुलासा- 1 करोड़ लेकर टामन गिरोह ने बना दिया डिप्टी कलेक्टर

रायपुर. राजधानी से लगभग 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की साजिश रची जा रही थी। सीबीआइ की अंतिम चार्जशीट में राजफाश हुआ है कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी ने 35 चयनित अभ्यर्थियों को जंगल के एक रिसार्ट में ठहराकर परीक्षा की विशेष तैयारी कराई। कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने इसमें सहयोग किया। इसी रिसार्ट के एक कमरे में प्रश्नपत्र लीक करने और चयन सूची तैयार करने की योजना बनाई गई। जांच में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों का चयन किया गया। भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सीजीपीएससी 2021 की परीक्षा 26 से 29 जुलाई को हुई थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि बारनवापारा के रिसार्ट में 11 से 24 मई 2022 के बीच 35 परीक्षार्थियों को ठहराया गया था। ये सभी कारोबारी, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े थे। इनकी बुकिंग राहुल हरपाल ने की थी। अभ्यर्थियों को राज्य सेवा परीक्षा का असली प्रश्न पत्र दिया गया और उन्हें कमरों में ही परीक्षा हल करने की व्यवस्था की गई। आरोपितों ने परीक्षा से लेकर चयन तक की प्रक्रिया के कई राज सीबीआइ के सामने उजागर किए हैं। विकास और उत्कर्ष चंद्राकर ने सीजीपीएससी मेंस का प्रश्नपत्र साल्वर को दिया। चार्जशीट में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीएससी में चयन के लिए पद के अनुसार भारी-भरकम रेट तय थे, जैसे डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए एक करोड़ रुपये।

21 गेंदों में 10 छक्के, वैभव सूर्यवंशी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली विस्फोटक पारी

नई दिल्ली    जब भी वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर उतरते हैं, गेंदबाजों के लिए हालात मुश्किल हो जाते हैं. अगर यह बल्लेबाज शुरुआत में आउट नहीं हुआ, तो फिर छक्कों की बरसात तय मानी जाती है. कुछ ऐसा ही नज़ारा सोमवार को भी दिखा जब साउथ अफ्रीका अंडर-19 टीम के खिलाफ दूसरे यूथ वनडे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया. बेनोनी में खेले जा रहे इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने महज 21 गेंदों में 10 छक्के जड़ दिए. मैदान पर जो भी गेंदबाज आया, वैभव ने उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ खेला और दर्शकों को एक के बाद एक रोमांचक शॉट्स देखने को मिले. पहली गेंद से ही दिखाए तेवर वैभव सूर्यवंशी जैसे ही क्रीज पर पहुंचे, उन्होंने साफ कर दिया कि वह किस इरादे से बल्लेबाजी करने आए हैं. तेज गेंदबाज बैसॉन की दूसरी और अपनी पारी की पहली ही गेंद पर उन्होंने डीप बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में जोरदार छक्का जड़ दिया. इसके बाद पांचवीं गेंद पर फाइन लेग के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया.     बयांदा मजोला की गेंदबाजी पर भी सूर्यवंशी ने कोई रहम नहीं दिखाया. मजोला की पांचवीं गेंद पर उन्होंने डीप एक्स्ट्रा कवर के बाहर लंबा छक्का जड़ा. इसके बाद बैसॉन के अगले ओवर में भी वैभव ने दो और छक्के लगाकर दबाव पूरी तरह गेंदबाजों पर डाल दिया. 19 गेंदों में अर्धशतक, बिना एक भी चौके के वैभव सूर्यवंशी ने मजोला की गेंद पर अपना सातवां छक्का लगाया और इसके बाद आठवां छक्का जड़ते ही सिर्फ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया. खास बात यह रही कि इस अर्धशतक में एक भी चौका शामिल नहीं था. वैभव का पूरा फोकस गेंद को स्टैंड्स तक पहुंचाने पर था और वह इसमें पूरी तरह सफल रहे. छक्के ने रुकवा दिया खेल वैभव सूर्यवंशी की आतिशी बल्लेबाजी का असर इतना गहरा था कि एक समय खेल को रोकना पड़ा. जब उन्होंने अपना सातवां छक्का लगाया, तो गेंद मैदान से बाहर चली गई और काफी देर तक ढूंढने के बावजूद नहीं मिली. इसके चलते खेल कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. गेंद बदली गई, लेकिन सूर्यवंशी के इरादे नहीं बदले और उन्होंने अगली ही गेंदों पर फिर से बड़े शॉट्स खेलना जारी रखा. क्रूसकैंप ने लगाया ब्रेक आखिरकार दाएं हाथ के तेज गेंदबाज क्रूसकैंप ने वैभव सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर ब्रेक लगाया. बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में सूर्यवंशी ने गेंद को कवर्स के ऊपर हवा में खड़ा कर दिया, जहां डैनियल बॉसमैन ने आसान कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी ने 24 गेंदों में 68 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 283.33 का रहा. भले ही उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच और दर्शकों दोनों पर गहरी छाप छोड़ दी. बता दें कि इस मैच में भारत को जीत के लिए साउथ अफ्रीका ने 246 रनों का लक्ष्य रखा था.

ट्रेविस हेड की आंधी जारी, सात मैदानों पर शतक लगाकर रचा नया कीर्तिमान

 सिडनी   एशेज सीरीज 2025-26 का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में जारी है. इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म का सबूत देते हुए बेहतरीन शतक लगाया. हेड ने मुकाबले के तीसरे दिन (6 जनवरी) अपना शतक पूरा किया, जिसके लिए उन्होंने 105 गेंदें लीं. हेड ने वनडे स्टाइल में बैटिंग करते हुए 24 चौके और एक छक्के की मदद से 166 गेंदों पर 163 रन बनाए. हेड के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साथ ही मौजूदा ऐशेज सीरीज में ये उनका तीसरा शतक रहा, जिससे उनकी निरंतरता साफ झलकती है. यह शतक ट्रेविस हेड के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने पहली बार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में शतकीय पारी खेली. इस शतक के साथ उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. हेड अब ऑस्ट्रेलिया के सात अलग-अलग मैदानों पर टेस्ट शतक लगाने वाले दुनिया के सिर्फ पांचवें बल्लेबाज बन गए. इस खास सूची में पहले से स्टीव वॉ, जस्टिन लैंगर, मैथ्यू हेडन और डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज शामिल हैं. अक्टूबर 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में टेस्ट डेब्यू करने वाले ट्रेविस हेड का ये 65वां टेस्ट मैच है. घरेलू मैदानों पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. एडिलेड ओवल में उन्होंने लगातार चार टेस्ट मैचों शतक लगाए हैं. वहीं द गाबा (ब्रिस्बेन) में दो शतक जड़े हैं. हेड ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, ऑप्टस स्टेडियम (पर्थ), बेलेरिव ओवल (होबार्ट), मानुका ओवल (कैनबरा) और अब सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में एक-एक शतक जड़े हैं. ऑस्ट्रेलिया से बाहर सिर्फ एक 1 टेस्ट शतक दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया के बाहर उनका इकलौता टेस्ट शतक वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2021-23 के फाइनल में आया था. इंग्लैंड के द ओवल में भारत के खिलाफ खेले गए उस मुकाबले में हेड ने 174 गेंदों पर 163 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई.  ट्रेविस हेड ने अपनी पारी में 152 गेंदों पर 150 रन पूरे किए, जो एशेज में गेंदों के लिहाज से पांचवां सबसे तेज रहा. हेड अब उन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने किसी एशेज सीरीज में तीन शतक लगाए. एक एशेज सीरीज में तीन से ज्यादा शतक ऑस्ट्रेलिया के किसी सलामी बल्लेबाज ने अब तक नहीं लगाया है. एशेज में सबसे तेज 150 रन (गेंदों के आधार पर) 129 – जो डार्लिंग, सिडनी, 1898 141 – एडम गिलक्रिस्ट, एडजबेस्टन, 2001 143 – ट्रेविस हेड, ब्रिस्बेन, 2021 152 – जैक क्राउली, ओल्ड ट्रैफर्ड, 2023 152 – ट्रेविस हेड, सिडनी, 2026 166 – डॉन ब्रैडमैन, लॉर्ड्स, 1930 एशेज सीरीज में सबसे ज्यादा शतक (ऑस्ट्रेलियाई ओपनर) 3- जो डार्लिंग (1897/98, घरेलू) 3- बिल वुडफुल (1928/29, घरेलू) 3- आर्थर मॉरिस (1946/47, घरेलू) 3- आर्थर मॉरिस (1948, विदेशी) 3- बिल लॉरी (1965/66, घरेलू) 3- माइकल स्लेटर (1994/95, घरेलू) 3- माइकल स्लेटर (1998/99, घरेलू) 3- मैथ्यू हेडन (2002/03, घरेलू) 3- ट्रेविस हेड (2025/26, घरेलू) ट्रेविस हेड का मौजूदा सीरीज में प्रदर्शन इनिंग्स: 9 रन: 600 एवरेज: 66.66 स्ट्राइक रेट: 87.59 शतक: 3 लगातार टूटते रिकॉर्ड और बेहतरीन फॉर्म के साथ ट्रेविस हेड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद स्तंभों में से एक क्यों हैं.