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कोर्टरूम में गरमाया माहौल: महिला ने जज से कहा ‘जब तक हम उठ न जाएं खड़ी रहो’, मीलॉर्ड हुए नाराज़

अगरतला त्रिपुरा हाई कोर्ट ने एक अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक महिला को आदेश दिया कि वह पूरे दिन कोर्ट उठने तक अदालत कक्ष में खड़ी रहे। यह मामला वैवाहिक विवाद और तलाक समझौते की शर्तों का पालन न करने से जुड़ा है। महिला पर हाई कोर्ट के जज पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने और आरोप लगाने के आरोप हैं। जस्टिस टी अमरनाथ गौड़ और जस्टिस बिस्वजीत पालित की डिवीजन बेंच एक महिला के खिलाफ तलाक समझौते की शर्तों का पालन न करने और आदेश देने वाले जजों पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने के लिए अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई कर रही थी।   हाई कोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 को दिए गए आदेश में महिला के आचरण पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा, “यदि कोई पक्षकार किसी आदेश से असंतुष्ट है, तो उसके लिए कानूनी उपाय उपलब्ध हैं। मीडिया में जाकर बयान देना या प्रेस विज्ञप्ति जारी करना कोई स्वीकार्य उपाय नहीं है।” अदालत ने महिला को सजा सुनाते हुए कहा, “दंड के तौर पर यह अदालत निर्देश देती है कि कोर्ट उठने तक अदालत में खड़ी रहें। महिला होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और नरमी बरतते हुए यही सजा दी जा रही है।” क्या है पूरा मामला? यह मामला 2023 के एक तलाक समझौते से जुड़ा है। उस समझौते के तहत पत्नी ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह अपनी दो बेटियों के नाम कुछ संपत्तियां गिफ्ट डीड के जरिए ट्रांसफर करेगी। इसके बदले में, पति ने उसके लिए एक नया फ्लैट खरीदने और बढ़ा हुआ मासिक भरण-पोषण भत्ता देने पर सहमति व्यक्त की थी। आरोप है कि पत्नी तलाक के फैसले की शर्तों का पालन करने में विफल रही और उसने संपत्ति ट्रांसफर नहीं किया। महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स भी की थी शर्तों का पालन न करने पर पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ कोर्ट के सामने दिए गए वचन का जानबूझकर उल्लंघन करने के लिए अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की। याचिकाकर्ता पति के वकील ने तर्क दिया कि 2025 में पत्नी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें इस हाई कोर्ट के दो जजों पर बेबुनियाद आरोप लगाए, जो पहले इस मामले को देख रहे थे, जिसे विभिन्न समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया था। महिला ने अपने हस्ताक्षर से एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करवाई थी। उन्होंने आगे तर्क दिया कि वह डीड, जिसे पत्नी के नाम पर निष्पादित किया जाना था, निष्पादित नहीं किया जा सका क्योंकि वह उस समय मौजूद नहीं थी। पत्नी की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी क्लाइंट अपने बर्ताव के लिए पछता रही है और कोर्ट से बिना शर्त माफ़ी मांगती है, और वह याचिकाकर्ता के साथ मिलकर संबंधित प्रमोटरों से याचिकाकर्ता द्वारा अपने नाम पर एक फ्लैट खरीदने के एग्रीमेंट को पूरा करने में सहयोग करने के लिए सहमत है। अदालत का फैसला रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि अवमानना ​​करने वाली महिला ने ऐसे बयान दिए थे जिनमें आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन जस्टिस अरिंदम लोध अपने न्यायिक कर्तव्यों को ठीक से नहीं निभा रहे थे, पक्षपात कर रहे थे और गलत इरादे से पक्षपातपूर्ण फैसले सुनाए थे, जिससे न्याय की भावना को नुकसान पहुंचा। कोर्ट ने महिला को आरोपों का दोषी पाया और अवमानना ​​करने वाली महिला को सजा देने का फैसला किया और उसे अदालत में खड़े रहने की सजा सुनाई।  

दिल्ली के तुर्कमान गेट विवाद में क्यों पहुंचे UP के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली में मंगलवार देर रात पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास के अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा बुलडोजर ऐक्शन चलाया गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया। कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसमें वहां मस्जिद के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया जा रहा है। इस बीच यूपी के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के भी मौके पर मौजूद होने की तस्वीरें सामने आई हैं। नदवी ने वहां जाने की बात स्वीकार करते हुए कहा है कि उन्हें मस्जिद को नुकसान पहुंचाए जाने के मकसद से इंतजाम किए जाने की सूचना मिली थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस से बातचीत और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील के बाद वह लौट गए थे।   सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिसमें रामपुर के सांसद नदवी बवाल के बीच पुलिकर्मियों से बहस करते दिख रहे हैं। पुलिसकर्मी नदवी को आगे जाने से रोकते हुए नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में उपद्रवी हंगामा करते दिख रहे हैं। रात को बुलडोजर ऐक्शन के बीच उग्र भीड़ ने पथराव किया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस सीसीटीवी के जरिए उपद्रवियों की पहचान करके उन्हें दबोचने में जुटी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस नदवी से भी पूछताछ कर सकती है। सपा सांसद क्या बोले एनडीटीवी से बातचीत में नदवी ने कहा, 'मैं गया था रात। जब मुझे इत्तेला मिली कि हाई कोर्ट से ऑर्डर आए बिना मस्जिद को नुकसान पहुंचाने के लिए भारी बंदोस्त किया गया है। इससे पहले महरौली में एक मस्जिद को रातोंरात हटा दिया गया था। हम वहां गए तो देखा कि बहुत भीड़ है और (सुरक्षा) तैनाती भी है। हमने भीड़ से शांत रहने की अपील की। हम मस्जिद कमेटी के पास गए।' नदवी ने दावा किया कि पुलिस से बातचीत और भीड़ से शांति की अपील के बाद वह लौट गए थे। उन्होंने कहा कि एक खास वर्ग को उकसाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में नदवी ने कहा, ‘हिन्दुस्तान में कहीं भी मुझे खबर मिलेगी कि किसी मस्जिद को नाजायज तरीके से घेरा जा रहा है या रातोंरात खत्म करने की कोशिश है तो मैं जाऊंगा और वहां कानून की जानकारी लूंगा। मैं जनप्रतिनिधि हूं। मेरा जिम्मेदारी बनती है। मैं जनता और प्रशासन के बीच कड़ी हूं। मैंने डीसीपी से बात की, उन्होंने कहा कि आप चले जाइए तो हम चले गए।’ मस्जिद के नाम पर लोगों को भड़काया गया कुछ ऐसे भी वीडियो सामने आए हैं जिसमें कुछ आरोपी वीडियो बनाते हुए लोगों को एकत्रित होने की अपील कर रहे हैं। एक आरोपी मस्जिद को नुकसान पहुंचाए जाने की बात करते हुए लोगों को दुकानें बंद करने और रात काली करने की बात कहता है। दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक रात को उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया जिसमें करीब 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू किया।  

देश विदेश की 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान, जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

भोपाल. अनुनय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान भोपाल में बुधवार को 25 महिला विभूतियों को ऊर्जस्विता सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने की और मुख्य अतिथि की भूमिका पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने निभाई। महापौर मालती राय और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर कई जिलों में कलेक्टर की भूमिका निभाने वाली जयश्री कियावत को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।   महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि महिलाएं घर का काम तो करती हैं, लेकिन जब बाहर निकलती हैं तो औरों को भी प्रेरणा देने का काम करती हैं। आज जिन महिलाओं को सम्मानित किया गया है, वह अपने-अपने क्षेत्रों में अलग मुकाम बना चुकी है। इससे निश्चित ही बड़ी संख्या में महिलाओं को और भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल रही है। हमारी सरकार भी महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर योजनाओं को क्रियान्वित कर रही हैं।  इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि भागवत कथा का आयोजन हो या समाज की बेहतरी के लिए कुछ अन्य आयोजन, बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी उसमें होती है। इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए, जिससे महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। अनुनय संस्था की अध्यक्ष माही भजनी ने संस्था के साथ ही पुरस्कारों की जानकारी दी। संस्था के सचिव रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एके भट्टाचार्य ने पुरस्कार के लिए चुनी गई महिलाओं के साथ ही प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर पार्षद अरविंद वर्मा भी मौजूद थे। इन महिला विभूतियों का किया गया सम्मानः स्विट्जरलैंड से इजाबेल (इकोटूरिज्म), इंदौर से डॉ. सीमा अलावा (प्रशासनिक सेवा), उज्जैन से महामंडलेश्वर देवी माँ शिवांगी नंद गिरी जी (अध्यात्म), उत्तराखंड से अनुपमा जोशी (डिफेंस सर्विसेस), नीतू शर्मा (सामाजिक नेतृत्व), नर्मदापुरम से डॉ. स्मिता रिछारिया (लेखक), यूके से सोफी हार्टमैन (कम्युनिटी डेवलपमेंट), ग्वालियर से डॉ. महिमा तारे (महिला सशक्तिकरण), छत्तीसगढ़ से तान्या मरावी (आदिवासी कला) और दीप्ति ओग्रे (जनजातीय संस्कृति एवं उद्यमिता), शाजापुर से अनुज्ञा शर्मा (स्पोर्ट्स), भोपाल से श्रीमती डॉली शर्मा (समाज सेवा), प्रीति शर्मा जैन (प्रिंट मीडिया), डॉ. प्रिया सिंह कुशवाह (स्वास्थ्य सेवा), सुश्री गुंजन चौकसे (राजनीति), विनीता सिंह तोमर (समाज सेवा), जया शर्मा (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया), मुद्रा केसवानी (इन्फ्लुएंसर), तरु सक्सेना (आतिथ्य शिक्षा), अविशी श्रीवास्तव (शिक्षा और प्रशिक्षण), डॉ. मनेन्द्र कटियार (लोक स्वास्थ्य), डॉ. राखी माहेश्वरी (स्वास्थ्य सेवा प्रशासन), दिल्ली से नमिता छेत्री (सामाजिक उद्यमिता), छतरपुर से डॉ. श्वेता गर्ग (सामुदायिक विकास)। 

राप्तीनगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत बनी स्मार्ट सड़क का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राप्तीनगर में सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत राप्तीनगर में बनी स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतरीन यूटिलिटी डक्ट से युक्त यह स्मार्ट सड़क नगर निगम की निश्चित आय का जरिया भी बनेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त से इसके सभी पहलुओं, पार्किंग, बेंच, यूटिलिटी डक्ट, ग्रीनरी, बनाने की तकनीकी आदि की विस्तार से जानकारी ली। नगर आयुक्त ने बताया कि पहले चरण में यह स्मार्ट सड़क पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बनी है। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट सड़क में स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट के साथ ही यूटिलिटी डक्ट भी बनाया गया है। इससे पाइपलाइन डालने के लिए बार बार सड़क की खोदाई नहीं करनी पड़ेगी। यह स्मार्ट सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यूटिलिटी डक्ट नगर निगम के लिए निश्चित आय का आधार भी बनेगा। यूटिलिटी डक्ट का उपयोग जिन संस्थाओं द्वारा अपने कार्य के लिए पाइपलाइन (बिजली, गैस) आदि डालने के लिए किया जाएगा, वे नगर निगम को इसके लिए किराया देंगी। सीएम ग्रिड की स्मार्ट सड़क नगर निगम को सालाना दो करोड़ रुपये का आय कराने में सफल होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा यह स्मार्ट सड़क मॉडल रोड है। इससे नगर निकायों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सीएम योगी ने कहा कि सामूहिक प्रयास के अच्छे परिणाम सामने आते हैं। जब सबका सहयोग मिलता है तो महानगर, जनपद और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छूता है। गोरखपुर में विकास इसी रूप में देखने को मिल रहा है।

ईरान पर मंडराया अमेरिकी खतरा, कहा– वेनेजुएला से ज्यादा भयावह होगा संकट

वाशिंगटन बीते सप्ताह लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड, कोलंबिया, नाइजीरिया और ईरान समेत कई अन्य देशों को भी खुली धमकी है। उनकी इस धमकी के बाद प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने अमेरिका की विदेश नीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि अमेरिका में कानून महज एक काल्पनिक कहानी बन गई है। उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिकी राष्ट्रपति का अगला निशाना ईरान हो सकता है। बता दें कि सैक्स ने हाल ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गवाही दी थी। उन्होंने मीडिया के साथ इंटरव्यू में अमेरिका की मौजूदा स्थिति को लेकर आगाह किया है। जेफ्री सैक्स ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं और अमेरिका एक ऐसे डीप स्टेट सैन्य तंत्र से चल रहा है, जो संविधान से परे काम कर रहा है। क्या बोले जेफ्री सैक्स? जेफ्री सैक्स ने ईरान में अमेरिका के संभावित हमले पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई करेगा तो हालात वेनेजुएला से भी ज्यादा खराब होंगे। उन्होंने कहा है कि नए साल से ठीक पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में ट्रंप से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों ने संकेत दिए कि अगला नम्बर ईरान का हो सकता है। जेफ्री सैक्स के मुताबिक इजरायल ईरान को लेकर जुनूनी है और वहां की सरकार को गिराना चाहता है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका किसी ना किसी वजह से इजरायल के दबाव में काम करता दिखता है और कई बार वही युद्ध लड़ता है, जो इजरायल चाहता है। उन्होंने इसे बेहद खराब स्थिति बताई। वहीं ईरान में मौजूदा प्रदर्शनों पर ट्रंप की धमकी को लेकर उन्होंने कहा है कि यह डीप स्टेट की पुरानी रणनीति है, जहां मानवाधिकारों का हवाला देकर किसी देश पर हमला करने की जमीन तैयार की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ युद्ध विश्व युद्ध की वजह भी बन सकती है।

धुन के पक्के प्रदीप ने अपनी जिद से बदली किस्मत की तस्वीर

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह रायपुर, धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है। योजना के तहत 10 लाख रूपए तक सब्सिडी         प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।  प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह             प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।  लघुवनोपज आधारित उद्योग से मिली आर्थिक मजबूती          प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।  महिला स्वसहायता समूह को मिला स्थायी रोजगार         उद्योग की स्थापना के साथ ही देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।  आधुनिक मशीनों से बढ़ी उत्पादन और मूल्य संवर्धन क्षमता         योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।  सोलर ऊर्जा से संचालित प्रोसेसिंग यूनिट            ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।  चार राज्यों तक विस्तारित कारोबार, सालाना 4 लाख की आय             चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है। वन संरक्षण, आजीविका और जागरूकता का समन्वय             इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।  प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार            प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।  

धर्मेंद्र के निधन के बाद बदली हेमा मालिनी की तस्वीर, गम को पीछे छोड़ काम पर लौटीं ‘ड्रीम गर्ल’

मुंबई हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका पूरा परिवार और फैंस दोनों ही इस क्षति से उबर नहीं पा रहे हैं। हेमा मालिनी के लिए ये समय काफी दुख और कठिनाइयों से भरा है। हालांकि अब अभिनेता के निधन के बाद हेमा मालिनी ने अपने काम पर वापसी कर ली है, और पहली बार उनके चेहरे पर खुशी देखी गई है। हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वे मथुरा में आयोजित हुए संसद खेल महोत्सव का हिस्सा बनी हैं। वीडियो में हेमा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रही हैं और अपने गम को पीछे छोड़ अपने काम पर फोकस करने की कोशिश कर रही हैं। वीडियो में सांसद के चेहरे पर लंबे समय बाद खुशी देखी गई। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा, "कल मथुरा में मैराथन संसद खेल महोत्सव का उद्घाटन हुआ। राज्य के कोने-कोने से विभिन्न विधाओं में प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। विशेष रूप से उल्लेखनीय है शूटिंग, कुश्ती और इसी तरह की अन्य बहु-विधाओं में कई लड़कियां न केवल भागीदारी कर रही हैं बल्कि शानदार प्रदर्शन भी कर रही हैं!" उन्होंने आगे लिखा, "पीएम मोदी की पहल के कारण, योग्यता को महत्व दिया जा रहा है और अब हम देखते हैं कि जीवन के हर क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। मथुरा का यह उदाहरण साबित करता है कि अब सभी को समान अवसर मिल रहे हैं।" यूजर्स भी हेमा मालिनी को वापस मुस्कुराता देखकर बहुत खुश हैं। एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, "आप हमेशा चट्टान की तरह मजबूत, कोमल हृदय और पवित्र आत्मा वाली एक अच्छी इंसान हैं। हेमा जी, आपका हृदय कितना पवित्र और शुद्ध है, ऐसे ही हंसती-मुस्कुराती रहिए, भगवान आपको हिम्मत दे। एक अन्य यूजर ने लिखा, "आपकी शक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है, हेमा जी। अपने गम को भुलाकर कर्म ही सच्ची सेवा है।" बता दें कि हाल ही में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की दो अलग-अलग प्रार्थना सभा रखने के सवाल पर चुप्पी तोड़ी थी और मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि वे दोनों परिवारों का आपसी मामला है। दरअसल, एक प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने आयोजित की थी, जबकि दूसरी सनी देओल के घर रखी गई थी। हालांकि इसके बाद सवाल उठने लगे थे कि आज भी दोनों परिवारों के बीच मतभेद जारी है।

मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग से कुछ राशियों की बढ़ेगी परेशानी

नए साल यानी 2026 की महीना चल रहा है। इस साल ग्रहों की चाल में कई बदलाव होंगे। एक ऐसा ही बदलाव मकर संक्रांति के कुछ दिनों बाद होगा। इस दौरान पांच ग्रह मकर राशि से गुजरेंगे। इस दौरान पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों की इस परिवर्तन की वजह से कई राशियों की जिंदगी में बहुत सारे बदलाव लाएंगे। हालांकि कुछ राशियों की परेशानियां भी बढ़ेगी। चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति कब है और किन राशियों पर क्या असर पड़ेगा। पंचांग के मुताबिक इस साल यानी 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस तारीख को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश दोपहर 3:07 बजे हो रहा है। वहीं, मकर संक्रांति के कुछ दिन बाद मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा की युति से दुर्लभ पंचग्रही राजयोग बन रहा है। मकर राशि को सबसे अधिक लाभ इस शक्तिशाली योग का सबसे अधिक लाभ मकर राशि को होगा। इससे उनके करियर, धन, प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। कुंभ राशि मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग कुंभ राशि के जातकों के लिए घातक साबित हो सकता है। वर्तमान में राहु भी इसी राशि में गोचर कर रहा है। ऐसे में पंचग्रही योग का निर्माण आपके जीवन में कई बड़े बदलाव ला सकता है। इस समय आपके व्यक्तिगत संबंधों में तनाव बढ़ सकता है और अपने करीबी लोगों, यहां तक कि माता-पिता के साथ भी मतभेद या बहस हो सकती है। यह समय थोड़ा कठोर रह सकता है क्योंकि यह आपको आपके अपनों का वास्तविक चेहरा दिखा सकता है। साथ ही इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि आप मानसिक तनाव, चिंता और थकावट महसूस कर सकते हैं। आध्यात्मिक गतिविधियों जैसे ध्यान, योग, पूजा या मंत्र जाप में शामिल होना आपके लिए लाभदायक रहेगा, क्योंकि इससे मन को शांति मिलेगी और मानसिक संतुलन बना रहेगा। कर्क राशि पंचग्रही योग कर्क राशि के जातकों के लिए भी सही नहीं रहेगा। इस राशि के लोग चंद्र ग्रह द्वारा शासित होते हैं। इस दौरान नौकरी जाने की संभावना बन सकती है या व्यवसाय में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह समय उनके लिए एक कठिन परीक्षा की तरह होगा। प्रेम संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं और साथी से अलगाव या ब्रेकअप का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यह क्षण आपके लिए भावनात्मक रूप से काफी कष्टदायक रहेगा। इस दौरान कर्क राशि के जातकों को चिंता, घबराहट और मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। इसलिए उन्हें विशेष रूप से ध्यान, योग और खुद की देखभाल पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। यदि समय रहते अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा गया, तो मनोवैज्ञानिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। सलाह- इस दौरान सकारात्मक सोच बनाए रखें और अपने परिवार के साथ समय बिताएं।

पुनर्वासन योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का योगी सरकार का निर्देश

  दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल और रोजगार में समान अवसर देना सरकार की प्राथमिकता लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों में समान भागीदारी प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्य धारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। इसी क्रम में “दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता योजना” लागू की गई है, जिसके तहत पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजन इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके पुनर्वासन की एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार करना है। सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि दिव्यांगजन शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। दिव्यांगजनों के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता प्रदान करने की योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में उल्लिखित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए संचालित पुनर्वासन परियोजनाओं को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे दिव्यांग बच्चों और युवाओं को प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास की समुचित सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रुग्ण दिव्यांगजनों को छोड़कर अन्य दिव्यांग वर्गों के लिए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है उद्देश्य योजना के अंतर्गत अर्ली इंटरवेंशन सेंटरों की स्थापना, डे-केयर सेंटरों एवं प्री-प्राइमरी विद्यालयों का संचालन, प्राथमिक से हाईस्कूल स्तर तक विशेष विद्यालयों का संचालन, दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, पाठ्य सामग्री निर्माण, ब्रेल एवं सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा दिव्यांगजनों से संबंधित पुस्तकालयों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को सहायता अनुदान के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रारंभिक अवस्था से ही पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है। पारदर्शी एवं तकनीक आधारित आवेदन प्रक्रिया मंत्री ने बताया कि योगी सरकार की  नीति है कि दिव्यांगजनों के पुनर्वासन में केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि अनुभवी और समर्पित स्वैच्छिक संस्थाओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं के लिए पारदर्शी एवं तकनीक आधारित आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। केवल वही संस्थाएं योजना के अंतर्गत पात्र होंगी, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत हों, नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण के साथ विशिष्ट पहचान संख्या रखती हों तथा दिव्यांगजनों के क्षेत्र में न्यूनतम दो वर्षों का कार्यानुभव रखती हों। सहायता केवल वास्तविक, सक्रिय एवं प्रभावी संस्थाओं को उन्होंने यह भी कहा कि योजना के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों का परीक्षण जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसके पश्चात निदेशालय स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सहायता केवल वास्तविक, सक्रिय एवं प्रभावी संस्थाओं को ही मिले और सरकारी धन का समुचित एवं परिणामोन्मुखी उपयोग हो सके। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर मंत्री ने बताया कि सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि अधिक से अधिक स्वैच्छिक संस्थाएं आगे आकर दिव्यांगजनों के पुनर्वासन के इस अभियान में सहभागी बन सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के संकल्प के साथ दिव्यांगजनों को सशक्त, शिक्षित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

उड़ान के दौरान बिगड़ी तबीयत: इंदौर में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान की आपात लैंडिंग, मासूम ने तोड़ा दम

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जयपुर से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-1240) को उस वक्त इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जब विमान में सवार एक साल के मासूम बच्चे की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। मंगलवार शाम उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। परिजनों ने तत्काल केबिन क्रू को सूचना दी। हालात बिगड़ते देख पायलट ने शाम करीब 7:20 बजे इंदौर एयरपोर्ट से संपर्क कर मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत इंदौर एयरपोर्ट पर मेडिकल इमरजेंसी घोषित की। एयरोब्रिज पर डॉक्टरों और एम्बुलेंस की टीम पहले से तैनात कर दी गई।   शाम 7:50 बजे जैसे ही विमान इंदौर में उतरा, बच्चे को तुरंत बाहर निकाला गया। विमान में मौजूद एक डॉक्टर पहले से ही सीपीआर दे रहे थे। एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीम ने भी लगातार प्रयास किए और बच्चे को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। बच्चे को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर डॉल्फिन हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया।   कौन था मासूम? हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, बच्चे का नाम मोहम्मद अबरार, उम्र एक साल थी। वह अपने पिता मोहम्मद अजलान, मां फिरोजा और बड़े भाई के साथ जयपुर से बेंगलुरु अपने घर लौट रहा था। क्या रही वजह? जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट में बैठने से पहले ही बच्चे की तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि उड़ान के दौरान पानी या दूध पिलाते समय तरल पदार्थ श्वासनली में चला गया, जिससे उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। मासूम की मौत ने कई सवाल छोड़े इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान शिशुओं की मेडिकल सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परिवार खुशियों के साथ घर लौट रहा था… लेकिन सफर के बीच आसमान में ही उनकी दुनिया उजड़ गई।