samacharsecretary.com

गिरिडीह की सीसीएल वर्कशॉप में गार्डों को बंधक बनाकर लाखों की लूट

गिरिडीह. गिरिडीह जिले के सीसीएल कोलयरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए हथियारबंद चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बीती रात करीब 1:30 बजे 20 से 25 की संख्या में अपराधी सीसीएल वर्कशॉप परिसर में घुस आए। सभी अपराधी हथियारों से लैस थे। उन्होंने वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को अपने कब्जे में ले लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधियों ने पूरी रात बेखौफ होकर वर्कशॉप में लूटपाट की। अपराधियों ने वर्कशॉप में रखे लाखों रुपए मूल्य के लोहे और अन्य कीमती सामान को निशाना बनाया। भारी मात्रा में सामान को वाहनों में लादकर चोर फरार हो गए। सुरक्षा गार्ड श्याम सुंदर महतो ने बताया कि गार्डों को विरोध करने का कोई मौका नहीं दिया गया। हथियारों के बल पर सभी को बंधक बना लिया गया था, जिससे वे किसी तरह की सूचना भी नहीं दे सके। सुबह होने पर घटना की जानकारी सीसीएल प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सीसीएल अधिकारी पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल के वरीय पदाधिकारी और मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने वर्कशॉप परिसर का निरीक्षण किया। चोरी गए सामान की सूची तैयार की जा रही है। घटना स्थल से कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इस वारदात के बाद पूरे सीसीएल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों का हथियारों के साथ वर्कशॉप में घुसना सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है।सीसीएल प्रबंधन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इंग्लैंड क्रिकेट को माइकल वॉन की दो टूक सलाह: बैजबॉल नहीं, पुराने उसूल ही दिलाएंगे जीत

नई दिल्ली इंग्लैंड को अपने उच्च जोखिम वाले और आक्रामक 'बैजबॉल' क्रिकेट स्टाइल से हटने की जरूरत है। एशेज में हार के बाद उसे बेसिक्स पर लौटने की जरूरत है। ये बातें कोई नहीं बल्कि इंग्लैंड के ही पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कही है। 2005 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज में जीत दिलाने वाली टीम के कप्तान रहे वॉन ने बुधवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में इंग्लैंड की 'बैजबॉल' क्रिकेट की आलोचना की।   वॉन ने कहा कि कोच ब्रेंडन मैक्कलम और कप्तान बेन स्टोक्स की तरफ से थोपी गई स्टाइल पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से इंग्लैंड खेल रहा है, बैजबॉल मेथड, हाथ में बल्ला लेकर अल्ट्रा-रिस्की मेथड काम नहीं किया क्योंकि वे एक भी बड़ी सीरीज नहीं जीत पाए।' माइकल वॉन ने कहा, ‘वे भारत को नहीं हरा पाए। वे ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा पाए। और अब तो एक और एशेज सीरीज हार गए हैं और वे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के कहीं आस-पास तक नहीं हैं। इसलिए मैनेजमेंट को, नेतृत्व को और ईसीबी को ये स्वीकार करने की जरूरत है कि बदलाव जरूरी है।’एशेज में इंग्लैंड के लचर प्रदर्शन के बाद कोच ब्रेंडन मैक्कलम भी निशाने पर आ चुके हैं। वह हर फॉर्मेट के कोच हैं और उनका करार 2027 के आखिर तक है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ने चेतावनी दी कि अगर टीम नेतृत्व बदलाव नहीं करता है तो भविष्य और भी खराब होगा। वॉन ने कहा, ‘मैं ये देखना नहीं चाहता कि किसी का कोई पद जाए लेकिन ये चाहता हूं कि आप असलियत स्वीकार करें। अगर आप इंग्लिश क्रिकेट को पिछले दो-तीन साल में देखें तो हमारे लिए ये वाकई बुरा समय रहा है। वाइट-बॉल टीम पीछे जा चुकी है। हमारी महिला टीम पीछे जा चुकी है और अब एक और सीरीज में इंग्लैंड जीत नहीं पाया।’ मौजूदा एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 3-1 की अजेय बढ़त बना चुका है। इंग्लैंड के सामने सिडनी में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट को बचाने की बड़ी चुनौती है। बुधवार को चौथे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 8 विकेट के नुकसान पर 302 रन बना लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया पर उसकी बढ़त महज 119 रन की है। पांचवें और आखिरी दिन इंग्लैंड के पास बस दो ही विकेट बाकी रहेंगे और अगर टीम 150 से ऊपर का लक्ष्य नहीं दे पाई तो ऑस्ट्रेलिया इस मैच को भी आसानी से जीत सकता है।  

भोपाल नगर निगम का बड़ा ऐलान: 29 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 1 मई 2024 से 28 फरवरी 2025 तक का एरियर

 भोपाल  नगर निगम के 29 दिवसीय कर्मचारियों को 10 महीने का एरियर देने के लिए निगम के वित्त विभाग ने पत्र जारी किया है। इसमें वित्त विभाग ने सभी शाखा प्रभारी सहित नगर निगम के सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और जोनल अधिकारियों से कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। वित्त विभाग ने जारी लेटर में साफ कहा है कि कर्मचारी की उपस्थिति के हिसाब से ही पत्रक बनाकर भेजे जाएं। दरअसल, नगर निगम के सभी विभागों में लगभग 12 हजार से अधिक 29 दिवसीय कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हें कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किया जाता है। बीते साल नई कलेक्टर दरें लागू हो चुकी हैं। इसके आदेश भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब जाकर निगम कर्मचारियों को एरियर देने जा रहा है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिये थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि 29 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को एक मई 2024 से 28 फरवरी 2025 तक का एरियर दिया जाएगा। यह कुल 10 महीने के वेतन का एरियर होगा, इसलिए सभी शाखा प्रभारी सहित सभी 21 जोन के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और सभी 21 जोन के जोनल अधिकारियों से उनके यहां काम कर रहे कर्मचारियों के पत्र मांगे गए हैं।  

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में बिजली संकट: चार दिन से हजारों घरों में अंधेरा

बर्लिन   जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हजारों घरों में बिजली गुल हो गई है। ग्रिड पर हमले के बाद दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में हजारों घरों के साथ-साथ सुपरमार्केट, दुकानें, रेस्टोरेंट और दूसरे बिजनेस क्षेत्रों में बिजली ना होने की वजह से अंधेरा छा गया। हालांकि, बिजली मरम्मत का काम जारी है, लेकिन कई इलाकों में तमाम घर बिना बिजली के ही रहे। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जर्मन राजधानी के कुछ हिस्से लगातार चौथे दिन अंधेरे में रहे। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तक, निकोलासी, जेहलेंडोर्फ, वानसी और लिक्टरफेल्ड के इलाकों में करीब 24,700 घर और 1,120 कारोबार अभी भी प्रभावित थे। ऑपरेटरों ने अनुमान लगाया था कि गुरुवार दोपहर तक पूरी ग्रिड को पूरी तरह से ठीक करके बिजली सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी। लेकिन ग्रिड को ठीक करने में काफी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  सुबह एक पावर स्टेशन तक जाने वाले केबल में आग लगने के बाद करीब 45,000 घरों और 2,200 से ज्यादा कारोबारियों की बिजली चली गई। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि प्रभावित जिलों के पांच अस्पतालों में सभी सेवाएं रविवार सुबह से फिर से शुरू कर दी गई हैं। दूसरी ओर, राजधानी बर्लिन में बर्फबारी और कम तापमान की वजह से लोगों को घरों के अंदर जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। निकोलासी की रहने वाली निवासी क्रिस्टियन ने कहा कि उनके अपार्टमेंट का थर्मामीटर 11.5 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा था। उन्होंने कहा, "यह तो सब जानते हैं कि आपको थोड़ी ठंडी जगह पर सोना चाहिए। लेकिन इतनी ठंड?" खुद को वल्कनग्रुप कहने वाले एक समूह ने ऑनलाइन पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने लिक्टरफेल्ड में एक गैस पावर स्टेशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को "सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया।" बर्लिन के मेयर, काई वेगनर ने मंगलवार को एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में इस घटना को एक आतंकवादी हमला बताया। वेगनर ने कहा, "हमने इस शहर में एक आतंकी हमला देखा है। एक वामपंथी आतंकी हमला। मैं दोहराना चाहता हूं: यह कोई मामूली आगजनी का हमला नहीं था, न ही यह तोड़फोड़ थी। यह एक आतंकी हरकत थी।" जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए ने बताया कि जर्मनी का फेडरल प्रॉसिक्यूटर ऑफिस आतंकी हमले के शक में ही इस मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आतंकी संगठनों में मेंबरशिप, तोड़फोड़, आगजनी और पब्लिक सेवा में रुकावट जैसे अपराधों का शक है। बर्लिन के इंटीरियर सेनेटर आइरिस स्प्रेंगर ने कहा, "हम अपने पावर ग्रिड पर एक वामपंथी आतंकी हमले के बारे में बात कर रहे हैं, जिसे बहुत ध्यान से प्लान किया गया था और पूरी तरह आपराधिक मंशा से किया गया था।"

एम.पी. ट्रांसको की डिजिटल पहल, पेंशनर्स को अब वेबसाइट से मिलेंगी पेंशन स्लिप्स

पेंशनर्स के लिए एम.पी. ट्रांसको की एक और डिजिटल पहल पेंशनर्स को अब वेबसाइट पर मिलेगी पेंशन स्लिप भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अपने पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। कंपनी की आईटी सेल एवं पेंशन विभाग की संयुक्त टीम के प्रयासों से अब एम.पी. ट्रांसको के तकरीबन 4500 पेंशनर्स, चाहे वो किसी भी बैंक से पेंशन प्राप्त करते हों, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। एम.पी. ट्रांसको के मुख्य वित्तीय अधिकारी मुकुल मेहरोत्रा ने बताया कि अब तक केवल यूनियन बैंक से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स को ही वेबसाइट पर पेंशन स्लिप उपलब्ध कराने की सुविधा थी। लेकिन अब भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों से पेंशन लेने वाले पेंशनर्स के लिए भी यह व्यवस्था सफलतापूर्वक विकसित कर ली गई है। ऐसे प्राप्त करें स्लिप कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध पेंशन पोर्टल में “पेंशन स्लिप प्राप्त करें” नामक विकल्प जोड़ा गया है। इसके माध्यम से पेंशनर अपने न्यूमेरिक पीपीओ नंबर , बैंक खाता संख्या तथा माह का चयन कर आसानी से पेंशन स्लिप ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में दिसंबर 2025 से संबंधित पेंशन स्लिप उपलब्ध कराई गई हैं, शीध्र ही वर्ष 2025 से पूर्व अवधि की पेंशन स्लिप भी वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जायेगी।  

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘नशा लहर से होगा समाधान’

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है? पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मौजूद रहेंगे। पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी। आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का मकसद युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

PM मोदी का 2 दिन का बंगाल दौरा: देश की नई Sleeper Vande Bharat को 17 जनवरी को मिलेगी हरी झंडी

 मालदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री राज्य को रेलवे से जुड़ी कई अहम प्रोजेक्ट और नई ट्रेनों की सौगात देंगे. 17 जनवरी: मालदा से स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी दौरे के पहले दिन, 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मालदा से देश की नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. इस मौके पर दो अहम ट्रेन सेवाओं की शुरुआत होगी. एक ट्रेन गुवाहाटी के लिए रवाना होगी. दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन हावड़ा के लिए चलाई जाएगी. सूत्रों के अनुसार, यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी, जिसे असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बीच संचालित किया जाएगा. इससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है. 18 जनवरी: हावड़ा में बड़ा कार्यक्रम प्रधानमंत्री का दूसरा दिन, 18 जनवरी को हावड़ा में प्रस्तावित कार्यक्रम को समर्पित रहेगा. इस कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री रेलवे से जुड़ी कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान अमृत भारत ट्रेन और इंटरसिटी ट्रेनों की नई खेप को भी जनता को समर्पित किया जाएगा. इन नई सेवाओं से राज्य के भीतर और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक, तेज और आधुनिक बनने की उम्मीद है. पूर्वी भारत को रेल कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ प्रधानमंत्री के इस दौरे और घोषणाओं को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है. खास तौर पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की संभावना है. जानें इसका किराया कितना होगा इसका किराया किलोमीटर के हिसाब से तय होगा. फर्स्ट AC में 3 रुपये 80 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से किराया देना होगा. 1.AC: 3.80 p/km 2. AC: 3.10 p/km 3AC: 2.40 p/km बता दें कि स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. यह ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की.  16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार की गई है.बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस हाई-स्पीड ट्रायल का वीडियो भी शेयर किया था. इस वीडियो में दिखाया गया था कि तेज रफ्तार के बावजूद पानी से भरे गिलास हिले नहीं और पानी नहीं गिरा. इससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता, आधुनिक सस्पेंशन और उन्नत तकनीक का पता चलता है. किस रूट पर चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? भारतीय रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूर्वोत्तर और पूर्व भारत को जोड़ने का काम करेगी. यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के हावड़ा स्टेशन तक चलेगी. इस ऐतिहासिक ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे. रेलवे सूत्रों के मुताबिक 17 या 18 जनवरी 2026 को इसकी शुरुआत हो सकती है.  अभी तक वंदे भारत ट्रेनों में सिर्फ चेयर कार की सुविधा थी, जो कम दूरी के लिए बेहतर मानी जाती है. लेकिन स्लीपर वर्जन के आने से लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. इस ट्रेन में आरामदायक बेड, बेहतर सस्पेंशन और शांत केबिन होंगे. जिससे यात्रियों के लिए रात का सफर और भी अच्छा हो जाएगा.  कितना होगा किराया? अब बहुत से यात्रियों के मन में यह सवाल भी आ रहा है वंदे भारत  स्लीपर में इतनी सुविधाओं के लिए कितना किराया चुकाना होगा. तो आपको बता दें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया गुवाहाटी से हावड़ा रूट पर 3AC का किराया 2300 रुपये रखा गया है. जिसमें यात्रियों को खाना भी दिया जाएगा. 2AC में सफर करने के लिए 3000 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं 1AC का किराया 3600 रुपये तय किया गया है.  क्या मिलेंगी सुविधाएं? वंदे भारत स्लीपर में सुविधाओं की बात करें तो ट्रेन पूरी तरह मॉडर्न होगी. इसमें सेंसर बेस्‍ड नल वाले वॉशरूम, बेहतर सफाई व्यवस्था और आरामदायक इंटीरियर मिलेगा. सेफ्टी के लिहाज से इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट दी गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ या लोको पायलट से काॅन्टेक्ट कर सकेंगे. कुल मिलाकर यह ट्रेन लंबी दूरी की रेल यात्रा को नए लेवल पर ले जाने वाली है.  वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की प्रमुख सुविधाएं     आरामदायक स्लीपर बर्थ     आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम     ऑटोमैटिक दरवाजे     आधुनिक शौचालय     फायर डिटेक्शन और सेफ्टी सिस्टम     सीसीटीवी निगरानी     डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली     ऊर्जा बचाने वाली तकनीक     सुरक्षा और तकनीकी विशेषताएं     कवच सुरक्षा प्रणाली     झटके रहित सेमी-परमानेंट कपलर     हर कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे     आग लगने पर तुरंत चेतावनी और नियंत्रण की व्यवस्था     रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम     यूवी-सी लैंप आधारित एसी डिसइंफेक्शन सिस्टम     चौड़े और पूरी तरह सील गैंगवे     सभी कोचों में सीसीटीवी     आपात स्थिति में बात करने के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम     दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय     सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम     ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ी

यूपी में नया आदेश: सीएम योगी ने मकान मालिक और किरायेदारों के लिए आसानियां बढ़ाईं

लखनऊ यूपी में लोगों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे मकान मालिक, किरायेदार और पारिवारिक संपत्ति विवादों से जूझ रहे लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. योगी सरकार ने किराया रजिस्ट्रेशन और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों को न सिर्फ सरल बनाया है, बल्कि उन्हें बेहद सस्ता भी कर दिया है. सरकार का दावा है कि इस एक निर्णय से जहां आम लोगों का समय और पैसा बचेगा, वहीं पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से चले आ रहे विवादों में भी कमी आएगी. योगी सरकार ने किराया एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक बड़ा सुधार किया है. अब तक मकान मालिक और किरायेदार रेंट एग्रीमेंट के पंजीकरण से बचते रहे हैं, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क काफी अधिक था. इसी वजह से अधिकतर लोग कच्चे या अनरजिस्टर्ड समझौते पर ही मकान किराये पर दे देते थे, जिससे बाद में विवाद की स्थिति पैदा होती थी. अब योगी सरकार ने स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है. नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराये की श्रेणियों के अनुसार शुल्क तय किया गया है, जो पहले की तुलना में बेहद कम है. इससे अब आम नागरिक भी बिना किसी झिझक के अपना रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत करा सकेगा. मकान मालिक और किरायेदार दोनों को फायदा सरकार के इस फैसले से मकान मालिक और किरायेदार, दोनों को कई स्तर पर राहत मिलेगी. रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट होने से मकान मालिक को यह सुरक्षा मिलेगी कि किरायेदार समय पर किराया देगा और तय अवधि के बाद मकान खाली करेगा. वहीं किरायेदार को भी मनमानी किराया वृद्धि या जबरन मकान खाली कराने जैसी समस्याओं से बचाव मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कानूनी सुरक्षा मजबूत होगी. साथ ही अवैध और कच्चे समझौतों पर भी रोक लगेगी, जो अक्सर विवाद की जड़ बनते हैं. उत्तर प्रदेश में किराये और संपत्ति से जुड़े विवाद लंबे समय से अदालतों में लंबित रहते हैं. रेंट एग्रीमेंट के रजिस्टर्ड होने से किरायेदार और मकान मालिक के अधिकार और जिम्मेदारियां साफ होंगी, जिससे विवाद की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे अदालतों पर भी बोझ घटेगा. पैतृक संपत्ति के बंटवारे में बड़ी सहूलियत योगी सरकार ने सिर्फ किराया रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए महंगे खर्च और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. नए नियमों के तहत अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री मात्र 10 हजार रुपये में कराई जा सकेगी. इसमें 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 5,000 रुपये निबंधन शुल्क शामिल होंगे. पहले इसी प्रक्रिया में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का खर्च आ जाता था, जिसकी वजह से लोग आपसी सहमति से बंटवारा नहीं करा पाते थे. किन संपत्तियों पर लागू होगा नियम यह सुविधा केवल पैतृक अचल संपत्ति पर लागू होगी. इसमें कृषि भूमि, आवासीय संपत्ति और वाणिज्यिक संपत्ति शामिल हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार कानून के तहत प्राप्त हिस्से के अनुपात में ही किया जाएगा. यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी, जिससे बड़े संयुक्त परिवारों को खासतौर पर फायदा मिलेगा. उत्तर प्रदेश में पारिवारिक संपत्ति विवाद एक बड़ी सामाजिक समस्या रहे हैं. अक्सर जमीन या मकान के बंटवारे को लेकर भाई-भाइयों और रिश्तेदारों के बीच सालों तक मुकदमे चलते रहते हैं. योगी सरकार का मानना है कि बंटवारे की सस्ती और सरल प्रक्रिया से लोग समय रहते कानूनी रूप से संपत्ति का विभाजन करा लेंगे, जिससे विवाद की स्थिति ही पैदा नहीं होगी. योगी सरकार इन सुधारों को ईज ऑफ डूइंग लिविंग की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है. जिस तरह व्यापार और उद्योग के लिए नियम सरल किए गए हैं, उसी तरह अब आम नागरिकों के रोजमर्रा के कानूनी काम भी आसान बनाए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि किराया रजिस्ट्रेशन और पैतृक संपत्ति बंटवारे में पारदर्शिता आने से कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी. जब समझौते और बंटवारे कानूनी दायरे में होंगे, तो विवाद और अपराध की संभावनाएं अपने आप कम होंगी.

कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन महाराष्ट्र में चंद घंटों में टूटा, हुई किरकिरी के बाद नेताओं का एक्शन

 मुंबई महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में हुआ बीजेपी-कांग्रेस का गठबंधन कुछ ही वक्त में टूट गया है. बुधवार को इससे जुड़ी खबर सामने आई थी, जिसके बाद दोनों ही पार्टियों की किरकिरी हो रही थी. अब कांग्रेस ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. दूसरी तरफ सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इसपर आपत्ति जताई थी. बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की पार्टी का खेल बिगाड़ने के लिए दोनों दल साथ आए थे. लेकिन ये समीकरण ज्यादा नहीं टिक पाया.अब कांग्रेस ने अंबरनाथ के ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड किया है. बीजेपी के साथ स्थानीय स्तर पर अलायंस करने के लिए उनपर एक्शन हुआ है. सीएम फडणवीस ने लगाई थी फटकार कांग्रेस के एक्शन से पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने के आरोप में भाजपा नेताओं की कड़ी आलोचना की और कार्रवाई की चेतावनी दी थी. उन्होंने साफ किया था कि इस तरह के गठबंधन पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी के बिना किए गए हैं और संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन करते हैं. फडणवीस ने कहा था, 'मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी तरह का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा. अगर किसी स्थानीय नेता ने ऐसा फैसला अपनी मर्जी से लिया है, तो यह अनुशासन के विरुद्ध है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि ऐसे गठबंधनों को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं. अंबरनाथ नगर परिषद का समीकरण अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 पार्षद हैं. यहां 20 दिसंबर 2025 में चुनाव हुए थे. फिर 21 को नतीजे आए. एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी. उसने 27 सीटें जीतीं (बहुमत से सिर्फ 4 कम). वहीं, अन्य पार्टियों में बीजेपी (15), कांग्रेस (12), NCP (अजित पवार गुट) (4) को कुल 31 सीट मिली. दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस से गठबंधन किया. इस गठबंधन को ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम दिया गया, जिसके पास 31 पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 30 से एक अधिक है. अंबरनाथ में कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन को लेकर शिवसेना (शिंदे) के नेताओं में नाराजगी थी. शिवसेना (शिंदे) के विधायक डॉक्टर बालाजी किनीकर ने इसे शिवसेना के साथ विश्वासघात बताया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाली बीजेपी का अंबरनाथ की सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना शिवसेना (शिंदे) की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.

झटकों के बीच भारत की बड़ी पारी, तीसरे वनडे में 300 रन का आंकड़ा पार

नई दिल्ली   यूथ ओडीआई सीरीज में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा मुकाबला बुधवार को बेनोनी में खेला जा रहा है। भारत ने तीसरे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की है। भारत को वैभव सूर्यवंशी के रूप में पहला झटका लगा। वैभव 74 गेंद में 127 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 10 छक्के लगाए। वैभव और आरोन के बीच पहले विकेट के लिए 154 गेंद में 227 रन की साझेदारी हुई। आरोन जॉर्ज 106 गेंद में 118 रन बनाकर आउट हुए। वेदांत 43 गेंद में 34 रन बनाकर आउट हुए। हरवंश रन आउट हुए। अभिज्ञान कुंडू ने 20 गेंद में 21 रन बनाए। कनिष्क 10 और एम्ब्रिश 8 रन बनाकर आउट हुए। इस मैच में साउथ अफ्रीका की अंडर 19 टीम ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ गेंदबाजी चुनी है। युवा वनडे सीरीज में भारतीय युवा खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला है। दोनों मैच बारिश से प्रभावित रहे हैं, पहले मैच में भारत ने अफ्रीका को 25 रनों से हराया, जबकि दूसरे मैच में वैभव सूर्यवंशी के नेतृत्व वाली टीम ने 8 विकेट से दमदार जीत हासिल की। भारत ने गंवाए सात विकेट भारत ने 44वें ओवर तक सात विकेट गंवा दिए हैं। कनिष्क 10 और एम्ब्रिश 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अभिज्ञान कुंडू सस्ते में लौटे पवेलियन बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके। अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में उन्होंने 20 गेंद में 21 रन का योगदान दिया। वेदांत और हरवंश लौटे पवेलियन वेदांत और हरवंश पवेलियन लौट गए हैं। वेदांत ने 43 गेंद में 34 रन की पारी खेली, जबकि हरवंश दो के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।