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मौसम की मार: कोहरे से वाराणसी और प्रयागराज एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन प्रभावित

वाराणसी देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम कुछ ज्यादा ही खराब है। खासकर वाराणसी और प्रयागराज में घने कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ रहा है। इंडिगो ने गुरुवार को यात्रियों को सतर्क रहने के लिए अपनी तरफ से ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। वाराणसी में कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स थोड़ी धीरे चल रही हैं। इससे उड़ानों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, यानी कुछ फ्लाइट्स लेट हो सकती हैं और कुछ रद्द भी हो सकती हैं। एयरलाइन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस वेबसाइट या ऐप पर चेक कर लें। इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा। इंडिगो ने ये भी कहा है कि उनकी टीम मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही हालात सुधरेंगे, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी। यात्रियों से भी धैर्य रखने और समझदारी दिखाने की अपील की गई है। एयरलाइन का भरोसा है कि जल्द ही आसमान साफ होगा और यात्रा फिर से आरामदायक और समय पर हो पाएगी। प्रयागराज में भी दृश्यता कम होने और कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा कि वे मौसम को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपडेट चेक करते रहें और किसी भी मदद के लिए एयरलाइन की टीम से संपर्क कर सकते हैं। इंडिगो ने कहा कि उनका स्टाफ हर कदम पर यात्रियों की मदद के लिए तैयार है। चाहे वह फ्लाइट में बदलाव हो, देरी हो या रद्द हो जाए, एयरलाइन अपनी पूरी कोशिश करती है कि किसी को परेशानी न हो। इंडिगो ने यात्रियों से निवेदन किया है कि थोड़ा धैर्य रखें और समझें कि मौसम की वजह से ये परिस्थितियां अस्थायी हैं। जैसे ही मौसम साफ होगा, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी और यात्रा फिर से सुचारू रूप से हो पाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीधी जिले को देंगे विकास कार्यों की सौगात

बहरी में होगा लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम भी होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में आयोजित विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 201 करोड़ 64 लाख रुपये के 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 179 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 133 करोड़ 62 लाख रुपये लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम'' योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि से लाभान्वित करेंगे। विभिन्न विभागों के 179 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा बहरी में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 179 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों पर 68 करोड एक लाख 40 हजार रुपये की लागत व्यय की गई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। 30 विकास कार्यों का होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत कुल 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन कार्यों पर कुल 133 करोड़ 62 लाख 67 हजार रुपये की लागत अनुमानित है। प्रशिक्षण एवं हितग्राही उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित बहरी में विभिन्न विभागों के हितग्राहियों का प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों तक सीधे पहुँचेगी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, स्थानीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल श्री विश्वामित्र पाठक, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक धौहनी श्री कुंवर सिंह टेकाम, विधायक चुरहट श्री अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, पूर्व विधायक चुरहट श्री शरदेन्दु तिवारी तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री देवकुमार सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में कैंसर यूनिट और अन्य स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

 भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी चिकित्सालय परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कैंसर यूनिट का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर यूनिट का शेष निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएं। कैंसर यूनिट का शुभारंभ होते ही रीवा में गंभीर कैंसर रोगियों को उपचार की सुविधा मिलने लगेगी। जिन रोगियों को कैंसर के उपचार के लिए अभी महानगरों की ओर जाना पड़ता है उन्हें रीवा में ही उपचार की सुविधा मिलेगी। कैंसर यूनिट के लिए आधुनिकतम लीनेक मशीन तथा अन्य चिकित्सा उपकरण खरीदे जा रहे हैं। भवन का निर्माण कार्य पूरा होते ही आधुनिकतम चिकित्सा उपकरण स्थापित कर दिए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हास्टिपल के विस्तार के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल जटिल रोगों के उपचार का केन्द्र बन गया है। इसके विस्तार से बड़ी संख्या में रोगियों को उपचार की सुविधा मिलेगी। संजय गांधी हास्पिटल के विस्तार का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। रीवा को मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के समय मेडिकल कालेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

राजनीतिक उथल-पुथल के साये में बांग्लादेश: 2025 में बढ़ा क्राइम ग्राफ, कमजोर तबके पर सबसे ज्यादा मार

ढाका 2025 में बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंचा। इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा, जबकि हत्या, डकैती और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को आंकड़ों के हवाले से ये जानकारी दी। विश्लेषकों के मुताबिक, अपराध में बढ़ोतरी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का नतीजा है। तख्ता पलट के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में नाकाम रही है। पुलिस क्राइम के आंकड़ों का हवाला देते हुए, बांग्लादेश के बांग्ला अखबार 'बोनिक बार्ता' ने बताया कि 2025 में रेस्क्यू से जुड़े मामलों समेत कुल 1,81,737 केस रजिस्टर किए गए, जिनमें से कुछ 2024 की घटनाओं से जुड़े थे। आंकड़ों से पता चला कि सबसे ज्यादा मामले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे। पिछले साल, पुलिस ने पूरे बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के 21,936 केस पंजीकृत किए, इसके बाद 12,740 चोरी और 3,785 मर्डर के मामले दर्ज किए गए। डकैती की घटनाओं में भी इजाफा हुआ, पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक डकैती के 1,935 केस रजिस्टर किए गए। इसके अलावा, पूरे देश में 702 लूट के मामले, स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत 988 मामले, दंगों के 66, अपहरण के 1,101 मामले, पुलिस पर हमले के 601 मामले और 81,738 दूसरे मामले दर्ज किए गए। पिछले साल साढ़े चार साल की रोजा मणि की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। बच्ची का शव 13 मई 2025 को बिजॉय सरानी ओवरपास के पास तेजकुनीपारा में कूड़े के ढेर में मिला था, उसके एक दिन पहले वह ढाका स्थित तेजगांव इलाके से लापता हो गई थी। रोजा मणि मामले के अलावा, पिछले साल राजधानी में बच्चों के साथ बदसलूकी के कम से कम 1,000 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि देश भर के शैक्षिक संस्थानों और काम की जगहों से भी ऐसी घटनाएं सामने आईं। ढाका यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च में एसोसिएट प्रोफेसर और क्रिमिनोलॉजिस्ट तौहिदुल हक ने बोनिक बार्ता से कहा, "2025 में, हमने क्राइम के आंकड़ों में कुछ डरावने पहलू देखे। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं होने के कारण अपराध बढ़ा है। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है।" उन्होंने आगे कहा, "देश में राजनीतिक बदलाव के बाद बिगड़ी लॉ एंड ऑर्डर का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है। इसके अलावा, गंभीर क्राइम कैटेगरी में टारगेट किलिंग और मॉब लिंचिंग शामिल हैं। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए, हमें कानून को ठीक से लागू करना होगा।" यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश बढ़ती हिंसा और बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जूझ रहा है।

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार करते हुए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत 80 फीट रोड, अशोका गार्डन से भोपाल रेलवे स्टेशन तक, विवेकानंद चौराहे से ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग तक, तथा सुभाष नगर से रायसेन रोड तक डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 71 में नेहरू स्कूल से सेठी नगर पुलिया तक सीसी रोड निर्माण तथा गुप्ता कॉलोनी की आंतरिक सड़कों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मंत्री श्री सारंग ने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में सभी विकास कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। खेल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राजेंद्र नगर में इंडोर एवं आउटडोर सुविधाओं से युक्त आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अशोका गार्डन क्षेत्र में शीघ्र ही स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, जिससे युवाओं और आम नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नरेला विधानसभा के निरंतर विकास के लिये प्रतिबद्ध मंत्री श्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि नरेला विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद नरेला विधानसभा में योजनाबद्ध, सतत और परिणामोन्मुखी विकास की नई दिशा तय की गई है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आज नरेला विधानसभा में बेहतर और सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नाली एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं। इसके साथ ही सांदीपनी विद्यालय, अस्पताल, महाविद्यालय सहित शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसी दृष्टिकोण के साथ नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड और कॉलोनी में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। क्षेत्रवासियों ने इन विकास कार्यों के लिये मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति रही।  

मध्यप्रदेश से असम को दिये जायेंगे एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ

असम से आगामी 3 साल में 3 समूहों में आयेंगे 50 जंगली भैंस एक जोड़ा गेंडा और 3 कोबरा भी आयेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ वन्य जीवों के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की। दोनों राज्यों के बीच में सहमति बनी कि असम से 50 जंगली भैंसे 3 समूहों में 3 साल में, गैंडे का एक जोड़ा और 3 कोबरा मध्यप्रदेश में लाये जायेंगे। इन्हें भोपाल के वन विहार में रखा जायेगा। मध्यप्रदेश इसके बदले में असम की मांग के अनुसार एक जोड़ा टाइगर और 6 मगरमच्छ देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में चीते के बाद अब भैंस पुनर्स्थापना से प्रदेश की जैव विविधता में एक नया आयाम जुड़ेगा। यह प्रयास एक प्रजाति के संरक्षण के साथ ही प्रदेश के जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मध्यप्रदेश पहले ही ‘टाइगर स्टेट’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। सफल चीता पुनर्स्थापना के बाद जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना से राज्य के जैव विविधता संरक्षण क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ेगा। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ ही उन प्रजातियों की वापसी के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, जो कभी इस भूमि की पहचान हुआ करती थीं। मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों की आबादी पिछले सौ वर्षों से भी अधिक समय पहले समाप्त हो चुकी थी। वर्तमान समय में देश में जंगली भैंसों की प्राकृतिक आबादी मुख्य रूप से असम राज्य तक सीमित रह गई है। छत्तीसगढ़ में भी ये हैं, किंतु इनकी संख्या अत्यंत सीमित है। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए गए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया कि कान्हा टाइगर रिज़र्व जंगली भैंसों के पुनःस्थापन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र है। अध्ययन में घास के मैदानों की गुणवत्ता, जल स्रोतों की उपलब्धता, मानव हस्तक्षेप की न्यूनता और अन्य शाकाहारी जीवों के दबाव जैसे कारकों का मूल्यांकन किया गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) तथा भारत सरकार से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुनर्स्थापन को चरणबद्ध और सुरक्षित ढंग से अंजाम दिया जाएगा। यह योजना दीर्घकालिक संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन को ध्यान में रखकर तैयार की गयी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का करेंगे शुभारंभ

प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को किया जाएगा सम्मानित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, शुक्रवार 9 जनवरी को सुबह 11 बजे, कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में प्रतिष्ठित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह में 19वां डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल को सम्मानित करेंगे। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। भारत के विरासत एवं ज्ञान परिदृश्य में यह राष्ट्रीय आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसमें देशभर से प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ प्रशासक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं विरासत क्षेत्र के विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश की धरोहर प्रशासन, अंतर्विषयक अनुसंधान एवं वैज्ञानिक संरक्षण पद्धतियों में बढ़ती भूमिका को प्रतिबिंबित करता है। पुरातत्वविद् डॉ. मठपाल को यह सम्मान पुरातत्व एवं शैल-चित्र अध्ययन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। डॉ. मठपाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद्, चित्रकार, क्यूरेटर एवं शैल-चित्र संरक्षण विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने पश्चिमी घाट, हिमालय, विंध्य एवं कैमूर पर्वत श्रृंखलाओं में 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज की है। शैल-चित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों के विकास में उनके योगदान ने भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के अध्ययन एवं संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा प्रदान की है। संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विचारकों एवं विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, सत्र अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इनमें श्री कल्याण कुमार चक्रवर्ती (आईएएस), प्रो. रवि कोरिसेट्टर, श्री अरुण सिंघल (सेवानिवृत्त आईएएस), श्री हरसहाय मीणा (आईएएस), प्रो. आलोक त्रिपाठी, डॉ. नंदिनी भट्टाचार्य साहू, डॉ. ए.के. सिन्हा तथा डॉ. डी. दयालन सहित अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय अभिलेखागार एवं विभिन्न राज्य अभिलेखागारों से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ इन सत्रों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे शैक्षणिक गहनता एवं नीतिगत प्रासंगिकता सुनिश्चित होगी। संगोष्ठी में तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। पुरातत्व, नृवंश-पुरातत्व, पुरातत्वमिति, कलाकृति विश्लेषण एवं सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन में नवीन उपलब्धियाँ; अभिलेखागार एवं दस्तावेज प्रबंधन में उभरती प्रौद्योगिकियाँ, जिनमें हाइब्रिड सिस्टम शामिल हैं; तथा मूर्त एवं अमूर्त विरासत के संग्रह, भंडारण, उपलब्धता एवं संरक्षण में नवीनतम विकास, विशेष रूप से डिजिटल क्यूरेशन पर केंद्रित विमर्श होगा। कार्यक्रम में शोध-पत्रों की प्रस्तुति, विचार-विमर्श एवं साक्ष्य-आधारित अनुशंसाएँ तैयार करने की प्रक्रिया भी सम्मिलित है। शैक्षणिक विमर्श के अतिरिक्त, आयोजन में विशेष प्रदर्शनियाँ, वृत्तचित्र प्रदर्शन तथा भोपाल एवं आसपास के प्रमुख विरासत स्थलों के लिए निर्देशित भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रतिभागियों को क्षेत्र की समृद्ध पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।  

हेयर फॉल का असली कारण आपकी थाली में! इन 4 चीजों को खाते ही बाल होने लगते हैं कमजोर

नई दिल्ली आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और खराब खान-पान के कारण बाल झड़ने की समस्या एक आम बात हो गई है। हम अक्सर महंगे शैम्पू, तेल और हेयर ट्रीटमेंट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन अपनी डाइट पर ध्यान देना भूल जाते हैं। जी हां, हो सकता है आपके हेयर फॉल की असली वजह आपकी डाइट में ही छिपी हो। दरअसल, हम जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारे बालों की सेहत पर पड़ता है। इसलिए अगर आप भी गिरते बालों से परेशान हैं, तो आपको अपने किचन में मौजूद कुछ चीजों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। आइए जानें इन्हीं फूड्स के बारे में, जो बालों के लिए दुश्मन साबित हो सकते हैं। चीनी चीनी सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ाती, बल्कि यह बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण है। जब आप बहुत ज्यादा मीठा खाते हैं, तो शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ इंसुलिन लेवल पुरुष और महिला दोनों के शरीर में 'एंड्रोजन' हार्मोन को एक्टिव कर देता है। यह हार्मोन बालों के फॉलिकल्स को सिकोड़ देता है, जिससे बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, चीनी स्कैल्प में सूजन पैदा करती है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। हाई-ग्लाइसेमिक फूड्स मैदा से बनी चीजें जैसे पिज्जा, पास्ता, सफेद ब्रेड और रिफाइंड कार्ब्स शरीर में शुगर की मात्रा को तेजी से बढ़ाते हैं। इन फूड्स से शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा होता है। जो लोग अपनी डाइट में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ज्यादा लेते हैं, उनमें समय से पहले बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या ज्यादा हो सकती है। इनकी जगह होल ग्रेन को डाइट में शामिल करना एक बेहतर ऑप्शन है। डाइट सोडा और आर्टिफिशियल स्वीटनर कई लोग वजन घटाने के चक्कर में सामान्य चीनी की जगह 'डाइट सोडा' या 'शुगर-फ्री' ऑप्शन को चुनते हैं। इनमें आर्टिफिशियल स्वीटनर होता है, जो बालों के फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचा सकता है और स्कैल्प की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप सोडा या ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, तो यह आपके बालों की चमक छीन सकता है और उन्हें जड़ों से कमजोर बना सकता है। शराब और कैफीन शराब शरीर को डिहाइड्रेट करती है। शरीर में पानी की कमी होने पर बाल सूखे और बेजान होकर टूटने लगते हैं। इसके अलावा, शराब शरीर में जिंक के स्तर को कम कर देती है। जिंक बालों की ग्रोथ के लिए एक जरूरी मिनरल है। इसी तरह, बहुत ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी पीना भी शरीर में पोषक तत्वों के अब्जॉर्प्शन में बाधा डालता है। इनकी जगह क्या खाएं? सिर्फ इन चीजों को छोड़ने से काम नहीं चलेगा, आपको अपनी डाइट में कुछ अच्छी चीजें जोड़नी भी होंगी-     प्रोटीन- अंडे, दालें और पनीर।     आयरन- पालक, मेथी और अनार।     ओमेगा-3- अखरोट और अलसी के बीज।  

अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट फाइनल, 15 मई 2026 को मचेगा सिनेमाघरों में धमाल

मुंबई, बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की आने वाली हॉरर कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' 15 मई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म 'भूत बंगला' का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं। 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन फिर से एक साथ आए हैं। 'भूत बंगला' से पहले अक्षय और प्रियदर्शन 'हेराफेरी', 'गरम मसाला', 'भागम भाग', 'भूल भुलैया', 'दे दना दन' और 'खट्टा मीठा' में साथ काम कर चुके हैं।  इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, तब्बू और परेश रावल जैसे कलाकार नजर आने वाले हैं। फिल्म में दिवंगत अभिनेता असरानी भी नजर आएंगे। शोभा कपूर और एकता आर कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स, अक्षय कुमार की केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर, भूत बंगला को प्रोड्यूस कर रही हैं। बालाजी मोशन पिक्चर्स ने इंस्टाग्राम पर इसका एक पोस्टर जारी किया है। इसमें अक्षय कुमार लालटेन लेकर एक टीले पर बैठे हैं। पोस्टर पर लिखा है 15-05-2026। इसके कैप्शन में लिखा है 'बंगले से एक खबर आई है। दरवाजे 15 मई 2026 को खुलेंगे। सिनेमाघरों में मिलते हैं।'  

बेलगावी शुगर मिल में बड़ा हादसा, बॉयलर विस्फोट में 6 श्रमिकों की जान गई

बेलगावी कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक दुखद हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। बैलहोंगल तालुका के मारकुंबी गांव स्थित इनामदार शुगर फैक्ट्री में बॉयलर में विस्फोट हो गया, जिसमें अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। शुरुआती रिपोर्टों में तीन मौतें बताई गई थीं। लेकिन, इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। यह हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ, जब फैक्ट्री के नंबर एक कंपार्टमेंट में दीवार की मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा था। अचानक वाल्व फेल होने से गर्म गुड़ का रस बाहर निकला और आसपास खड़े मजदूरों पर गिर गया, जिससे उन्हें गंभीर जलन हुई। पुलिस के अनुसार, यह एक पुरस्कार विजेता चीनी मिल है, जो विक्रम इनामदार, प्रभाकर कोरे और विजय मेटागुडी की साझेदारी में चल रही है। मृतकों में अक्षय चोपाडे (45 साल), दीपक मन्नोली (31 साल), सुदर्शन बनोशी (25 साल), भरतेश सरवाडे (27 साल), गुरु तम्मनावर (26 साल) और मंजुनाथ कजागार (28 साल) शामिल हैं। पहले अक्षय, दीपक और सुदर्शन की मौत हुई, जबकि अन्य घायलों की बाद में मौत हो गई। घायल मजदूरों को तुरंत बैलहोंगल सरकारी अस्पताल और बेलगावी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए और मातम छा गया। दो शवों का पोस्टमॉर्टम एक निजी अस्पताल में शुरू हो चुका है। परिजनों का गुस्सा फैक्ट्री प्रबंधन पर है, क्योंकि हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मालिकों की तरफ से कोई मुआवजे का ऐलान नहीं हुआ है और न ही कोई संवेदना व्यक्त की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेलगावी ग्रामीण एसपी ने घटना की पुष्टि की और कहा कि लापरवाही की आशंका पर गहन जांच की जा रही है। फैक्ट्री का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है।