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सीएम से शिकायत करेंगे, तब भी गाड़ी नहीं छोड़ूंगा — अवैध गिट्टी कार्रवाई पर खनिज अधिकारी का सख्त रुख

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से अवैध जीरा गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद और खनिज विभाग के अधिकारी के बीच विवाद सामने आया है. मानपुर इलाके में बिना वैध दस्तावेज के जीरा गिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया. इस दौरान भाजपा पार्षद ने कार्रवाई न करते हुए जब्ती कार्रवाई न करने की मांग की. लेकिन अधिकारी के न मानने पर पार्षद ने विधायक और जिला अध्यक्ष से फोन पर बात कराई जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद को खनिज अधिकारी की विधायक से फोन पर बात कराते हुए देखा जा सकता है. वहीं खनिज अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, “मैं गाड़ी छोड़ नहीं सकता, केवल इतना कर सकता हूं कि जो गाड़ी एक महीने में छूटती है, उसे 15 दिन में छोड़ दिया जाए.” इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि “सीएम से भी शिकायत कर लीजिए, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ूंगा.

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टिकटॉक की एंट्री, वीडियो कंटेंट पार्टनर घोषित

जिनेवा फुटबॉल की संचालन संस्था फीफा ने 11 जून से 19 जुलाई तक चलने वाले पुरुष फुटबॉल विश्व कप में सोशल मीडिया पर वीडियो कंटेंट के लिए ‘टिकटॉक’ को अपना प्रमुख प्लेटफॉर्म चुना है। इस साझेदारी के अंतर्गत ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को 48 टीम वाले विश्व कप में विशेष अनुमति मिलेगी। यह टूर्नामेंट 16 शहरों में आयोजित होगा। इनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के तीन और कनाडा के दो शहर शामिल हैं। फीफा ने बताया कि विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले ब्रॉडकास्टर टिकटॉक ऐप पर बने एक विशेष ‘हब’ के जरिए 104 मैच के कुछ हिस्सों का लाइव प्रसारण कर सकेंगे। अमेरिका में टिकटॉक के 17 करोड़ से अधिक यूजर हैं। ⁠ फीफा ने कहा, ‘‘इसके अलावा बड़ी संख्या में क्रिएटर्स को फीफा के ‘आर्काइव’ फुटेज का इस्तेमाल और इन्हें साथ में बनाने का मौका भी मिलेगा।’’ फीफा ने इस करार की कीमत, निविदा प्रक्रिया या अन्य प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं का विवरण साझा नहीं किया। इससे पहले 2022 कतर विश्व कप में ‘यूट्यूब’ का एक सीमित प्रायोजन समझौता हुआ था जिसमें क्रिएटर्स को विशेष अनुमति मिली थी।  

अपराध बढ़ने का आरोप: कांग्रेस का थाने में जोरदार प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

रायपुर राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में कांग्रेसी देवेंद्र नगर थाना पहुंचे और कानून व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही अपराध पर लगाम लगाने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल एक दिन पहले फाफाडीह स्थित शराब दुकान के पास अमर विश्वकर्मा नाम के युवक की अज्ञात बदमाशों ने चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने बताया कि राजधानी रायपुर में लगातार चाकूबाजी, लूट और हत्या जैसे मामले सामने आ रहे हैं। रायपुर शहर अपराध का गढ़ बन गया है। यह आक्रोश प्रदर्शन है। अब जिस थाना क्षेत्र में घटनाएं होगी कांग्रेस पार्टी उस थाने में पहुंचकर नारेबाजी कर आक्रोश जताएगी।

न्यूजीलैंड के सामने वनडे में इन भारतीय खिलाड़ियों का चला बल्ला, विराट और रोहित भी पीछे

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 11 जनवरी को वडोदरा में खेला जाएगा। फैंस वाइट बॉल क्रिकेट के दो सबसे बड़े सुपर स्टार विराट कोहली और रोहित शर्मा को खेलते हुए देखने के लिए बेताब हैं। दोनों इस फॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मुकाबलों में अगर सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले भारतीयों की लिस्ट देखें तो दोनों टॉप 5 में नहीं है। इनसे ऊपर रविंद्र जडेजा और गौतम गंभीर तक हैं।   दोनों टीमों को मिलाकर टॉप 10 में न्यूजीलैंड का सिर्फ एक खिलाड़ी भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे मुकाबलों में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट की बात करें तो टॉप 10 में न्यूजीलैंड का सिर्फ एक खिलाड़ी है। लिस्ट में सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को रखा गया है जिन्होंने कम से कम 250 गेंदों का सामना किया है। लिस्ट में 5 ऐसे बल्लेबाज हैं जिनका स्ट्राइक रेट 100 से ऊपर है। इनमें से 4 भारतीय हैं। टॉप पर कीवी बल्लेबाज टॉप 10 में मौजूद न्यूजीलैंड के इकलौते खिलाड़ी जेस राइडर लिस्ट में शीर्ष पर हैं। इस पूर्व बल्लेबाज ने भारत के खिलाफ 11 मैचों में 107.77 के स्ट्राइक रेट से 319 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर भारत के केएल राहुल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 106.14 का है। भारतीयों में केएल राहुल शीर्ष पर न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो शीर्ष पर केएल राहुल हैं। उन्होंने 8 मैच में 106.14 की औसत से 328 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल हैं जिन्होंने 12 मैच में 104.7 की औसत से रन बनाए हैं। टॉप 5 में सिर्फ यही दो खिलाड़ी हैं जो अभी खेल रहे हैं। एआई से तैयार ग्राफिक्स गिल के बाद विस्फोटक ओपनर रहे वीरेंदर सहवाग का नाम है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 मैच में 103.95 की औसत से 1157 रन बनाए हैं। भारतीयों की लिस्ट में चौथे नंबर पर महान ऑलराउंडर कपिल देव हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 29 मैच में 102.24 की औसत से 684 रन बनाए हैं। रोहित शर्मा टॉप 10 में नहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में पांचवें पर गौतम गंभीर, छठे पर हार्दिक पांड्या, सातवें पर श्रेयस अय्यर, आठवें पर रविंद्र जडेजा, नौंवे पर विराट कोहली और दसवें पर सचिन तेंदुलकर हैं। रोहित शर्मा 85.84 के स्ट्राइक रेट के साथ लिस्ट में 11वें नंबर पर हैं।   न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट वाले भारतीय बल्लेबाज खिलाड़ी का नाम- स्ट्राइक रेट 1. केएल राहुल- 106.14 2. शुभमन गिल- 104.7 3. वीरेंदर सहवाग- 103.95 4. कपिल देव- 102.24 5. गौतम गंभीर- 99.54 6. हार्दिक पांड्या- 98.82 7. श्रेयस अय्यर- 98.38 8. रविंद्र जडेजा- 97.72 9. विराट कोहली- 95.5 10. सचिन तेंदुलकर- 95.36 भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज 2025 भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 वनडे मैच की सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी से हो रही है। पहला मैच वडोदरा में खेला जाएगा। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट में तीसरा 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा।  

घर बनाने वालों को झटका: यूपी में सरिया और ईंटों की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ अपना सपनों का घर बनाने का बजट बना रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। निर्माण सामग्री की कीमतों में आई हालिया बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। मकान की मजबूती के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले सरिया (Steel) और ईंटों के दामों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है, जिससे निर्माण लागत में बड़ा अंतर आ गया है। सरिया की कीमतों में लगी आग बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कॉलम, बीम और छत ढलाई में इस्तेमाल होने वाली सरिया के दाम 52 रुपये से बढ़कर सीधे 57 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाली 8 एमएम (8mm) की सरिया, जिससे रिंग बनाई जाती है, अब 59 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याम मूर्ति गुप्ता का मानना है कि ये दाम बहुत दिनों तक टिकेंगे नहीं और जल्द ही इसमें 2 से 3 रुपये की गिरावट देखने को मिल सकती है।   सीमेंट पर बढ़ रहा है दबाव सीमेंट के बाजार में फिलहाल संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ ट्रेडर्स ने प्रति बैग 5 रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है, वहीं नामी कंपनियां प्रति बैग 10 रुपये बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। फिलहाल बाजार में खपत कम होने के कारण कंपनियां पूरी तरह दाम बढ़ाने में सफल नहीं हो पा रही हैं, लेकिन भविष्य में इसके और महंगे होने के स्पष्ट संकेत हैं। प्रमुख ब्रांड्स के वर्तमान दाम (अनुमानित)     ACC: 370 रुपये     अल्ट्राटेक: 360 रुपये     प्रिज्म/माईसेम: 350 रुपये     बिरला सम्राट: 340 रुपये ईंट, मौरंग और बालू भी हुए महंगे सिर्फ सरिया ही नहीं, ईंटों के दाम भी सात हजार से बढ़कर 8,000 रुपये प्रति हजार तक पहुंच गए हैं। वहीं, प्लास्टर में इस्तेमाल होने वाली अच्छी मौरंग अब 60 से 62 रुपये प्रति फीट और स्लैब वाली मौरंग 58 रुपये प्रति फीट के भाव पर है। बालू की कीमतों में भी 1 से 2 रुपये का इजाफा हुआ है।   कहां मिली राहत? निर्माण सामग्री के इस बढ़ते ग्राफ के बीच गिट्टी के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। पौना इंच की कबराई गिट्टी 52 से 53 रुपये प्रति फीट पर टिकी हुई है, जबकि जीरा गिट्टी 43 रुपये प्रति फीट के पुराने रेट पर ही उपलब्ध है। जानकारों का कहना है कि यदि सीमेंट और सरिया के दामों में यह अस्थिरता जारी रही, तो मध्यवर्गीय परिवारों के लिए अपना घर पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल बाजार की स्थिति को देखते हुए बजट में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

कैदियों को मिल रही मोबाइल सुविधा पर हाई कोर्ट नाराज़, जेल व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

मुंबई बम्बई हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि यह बात अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है कि उत्तरी गोवा के कोलवाले स्थित केंद्रीय जेल के भीतर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाए गए थे। जज श्रीराम वी. शिरसाट ने हाल में एक आदेश में जेल परिसर में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी का संज्ञान लिया। उन्होंने जेल अधिकारियों को मजबूत जैमर नेटवर्क स्थापित करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने चंदू पाटिल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए, जो एक बच्चे की हत्या के आरोप में जेल में है। आरोप है कि पाटिल ने जेल से पीड़ित परिवार को फोन करके अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी थी।   जज ने कहा, ‘जेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ त्वरित और व्यापक कड़े उपाय करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’ आदेश में जेल प्रशासन से 20 जनवरी, 2026 को जवाब मांगा गया है। आदेश में कहा गया, ‘यह बात स्पष्ट है कि चार्जिंग पॉइंट वहां थे, वे क्यों लगाए गए हैं।’ अदालत ने कहा कि उसके पास ऐसे ही कई मामले आए हैं जिनमें मादक पदार्थों के अलावा मोबाइल फोन भी जेल परिसर में तस्करी करके लाए गए थे। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जेल के अंदर पहले भी मोबाइल फोन मिलने के बावजूद, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अदालत ने दिए सख्त निर्देश न्यायाधीश ने कहा, ‘केवल एक कैदी के खिलाफ मोबाइल या प्रतिबंधित सामान रखने के आरोप में कार्रवाई करना कोई निर्णायक समाधान नहीं होगा, बल्कि मामले की तह तक जाना आवश्यक है।’ उच्च न्यायालय ने कहा कि वह इस धारणा पर आगे बढ़ रहा है कि जेल में सिग्नल जैमिंग सिस्टम स्थापित नहीं हैं। न्यायाधीश ने कहा कि अब समय आ गया है कि अधिकारी इस मुद्दे को गंभीरता से लें। अदालत ने कहा कि वह इस बात को समझने में असमर्थ है कि मोबाइल फोन इतनी आसानी से अंदर कैसे ले जाए जा सकते हैं, खासकर तब जब जेल अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। जांच और निगरानी पर उठे सवाल जज ने पूछा, ‘क्या यह निरीक्षण सतही और दिखावा है या प्रवेश द्वार पर जानबूझकर ढिलाई बरती जाती है ताकि मोबाइल फोन बिना किसी रुकावट के जेल परिसर के अंदर पहुंच सकें?’ अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की घटनाएं नियमित अंतराल पर हो रही हैं, इसलिए कुछ जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसने कहा, ‘कुछ कड़े कदम उठाना समय की मांग है।’ चंदू पाटिल का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ कारण बताओ नोटिस से काम नहीं चलेगा। न्यायालय ने कहा कि संबंधित तिथि और समय के कॉल डेटा रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और सेल टावर लोकेशन का पता लगाना जरूरी है। एससी के न्यायाधीश ने कहा, ‘इस तरह की गतिविधियों के लिए मामूली सजा से जेल के कैदियों का हौसला बढ़ता है। ’उच्च न्यायालय ने कहा कि जेल के उप अधीक्षक या अधीक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि तत्काल मजबूत फोन जैमर या सेलुलर निरीक्षण प्रणाली स्थापित की जाए और इनका संचालन सख्ती से जेल परिसर तक ही सीमित रखा जाए ताकि आसपास के निवासियों पर इसका कोई प्रभाव न पड़े। इसने यह भी निर्देश दिया कि जांच बिंदुओं पर निरीक्षण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए अतिरिक्त नियम बनाए जाएं।  

युवा ऊर्जा का राष्ट्रीय मंच बना बालोद, रोवर-रेंजर जंबूरी में बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।

ईरान में विरोध की नई आवाज़: रजा पहलवी कौन हैं और अमेरिका से उनका क्या रिश्ता है

तेहरान ईरान में इन दिनों आंदोलनों का दौर है। राजधानी तेहरान से लेकर सुदूर इलाकों तक में देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। इन प्रदर्शनों को लेकर कहा जा रहा है कि ये महंगाई और अर्थव्यवस्था की बदहाली के खिलाफ हो रहे हैं। लेकिन ईरान की सरकार समेत दुनियावी मामलों के कई जानकार इसके पीछे अमेरिका हाथ भी मान रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इन आंदोलनों में कुछ जगहों पर ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के नाम से भी नारे लग रहे हैं। इसके बाद यह भी कयास लग रहे हैं कि क्या 46 साल से चले आ रहे ईरान में खामेनेई शासन का अब अंत होने वाला है।   अमेरिका के डीप स्टेट को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं रही हैं। कहा जाता है कि अमेरिका ही दुनिया के कई देशों में यह तय करने की कोशिश करता है कि कौन सत्ता में रहे और कौन नहीं। इसके लिए वह अकसर पॉलिटिकल वारफेयर भी इस्तेमाल करता है और इसकी मदद से वह अपने खिलाफ जा रही सत्ताओं के विरुद्ध आंतरिक तौर पर असंतोष पैदा करने का प्रयास करता है। इसके बाद फेरबदल की स्थिति में ऐसे किसी नेता को सत्ता पर लाने के लिए माहौल तैयार करता है, जो उसकी नीतियों का समर्थक हो। ऐसा बांग्लादेश, वेनेजुएला, अफगानिस्तान, इराक और सीरिया तक में देखा जाता रहा है। अब ईरान में आंदोलन और रजा पहलवी के नाम के नारों को लेकर भी ऐसी ही स्थिति मानी जा रही है। रजा पहलवी के पिता मोहम्मद रजा पहलवी लंबे समय तक ईरान के शासक रहे थे। 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति की शुरुआत हुई थी और इसी दौरान बीमार अवस्था में ही वह अपने परिवार को लेकर निकल गए थे। तब से ही यह परिवार ईरान से बाहर बसा हुआ है। निर्वासित जीवन के दौरान ही रजा पहलवी को ईरान का क्राउन प्रिंस घोषित कर दिया गया था। इस परिवार के अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते माने जाते हैं, जबकि अयातुल्लाह खामेनेई के अमेरिकी सरकार खिलाफ रही है। रजा पहलवी फिलहाल 65 साल के हैं और अब भी ईरान से बाहर ही हैं। रजा पहलवी का अमेरिका से क्या रहा है कनेक्शन वह मोहम्मद रजा पहलवी के सबसे बड़े बेटे हैं और इसीलिए उन्हें उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है। रजा पहलवी के पिता को 1967 में ईरान का राजा बना गया था। वहीं रजा पहलवी ईरान की एयर फोर्स में कैडेट थे। फिर जब परिवार को ईरान से निकलना पड़ा तो उन्होंने अमेरिका में पायलट के तौर पर ट्रेनिंग ली थी। पश्चिमी मूल्यों में पला-बढ़ा यह परिवार ईरान में उदारवादी विचारों वाली सत्ता लाने का समर्थक रहा है। हालांकि बीते 45 सालों से यह परिवार ईरान से बाहर ही रहा है। अब जब रजा पहलवी के नाम के नारे लग रहे हैं तो यह सवाल उठने लगा है कि क्या करीब 5 दशक बाद ईरान में फिर से सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन सकती है।  

पुलिस बैरिकेडिंग पर बवाल: अतुल प्रधान को रूबी के घर जाने से रोका, समर्थकों से झड़प

मेरठ मेरठ में रूबी के अपहरण और उसकी मां की हत्या के बाद से शहर में तनाव की स्थिति बन गई है। गुरुवार को सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस फोर्स ने कपसाड गांव जाने से रोक दिया। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में अंतिम संस्कार में शामिल होने गांव जा रहे थे। गंगनर पटरी के विधायक अतुल प्रधान और समर्थकों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर ब्लॉक कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ विधायक और उनके समर्थकों के धक्कामुक्की हुई। हालांकि फोर्स ने विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया। काफी विवाद और कहासुनी के बाद विधायक मौके पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ।   सपा विधायक अतुल प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "खुलेआम तालीबानी ढंग से एक महिला की हत्या कर दी गयी और उसकी बेटी को दबंग उठाकर ले गये और उस परिवार के दुख में स्थानीय विधायक होने के बावजूद में शामिल नही होने दे रही है। पुलिस गुड़ागर्दी दुख में शामिल होने वाले को दिखा रही है। वो अपहरणकर्ता कहां छुपे बैठे है जिन्होने उस मां की खुले आम हत्या कर दी। जो लोग न्याय से वंचित करने का काम करने का प्रयास कर रहे है वो लोग जान ले हम परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष करेगे।" जघन्य घटना के विरोध में सपा का कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन जघन्य अपराध के विरोध में कमिश्नरी पार्क पर सफाई होने पार्टी के प्रदेश सचिव विपिन चौधरी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेटी की सकुशल बरामदगी करने, दोषियों की गिरफ्तारी के साथ खिलाफ कठोरता करवाई करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़प भी हुई| सपाईयों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शनकारियों ने बेटी के अपहरण कर ले जाने एवं विरोध करने पर मां की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। कहां की पुलिस अभी तक बेटी को बरामद नहीं कर पाई है और नहीं आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी है। सपा प्रदेश सचिव विपिन चौधरी एवं सपा वरिष्ठ नेत्री नेहा गौड़ ने कहा कि इस मामले में पुलिस प्रशासन और सरकार सख्ती के साथ कार्रवाई करे। बुलडोजर से लेकर अन्य सख्त कार्रवाई करें।  

विराट कोहली का ऐतिहासिक T-20 वर्ल्ड कप रिकॉर्ड अब भी कायम, क्या बुमराह या सैम करन रच पाएंगे इतिहास?

नई दिल्ली 2026 टी-20 विश्व कप का आगाज फरवरी महीने से होगा, जो अब बहुत दूर नहीं है। क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप के विश्व कप रिकॉर्ड्स को लेकर काफी चर्चा हो रही है। टी-20 विश्व कप के इतिहास में कई दिग्गजों ने अपनी छाप छोड़ी है, जिसमें इस फॉर्मेट से 2024 में ही रिटायर हो चुके विराट कोहली का भी नाम शामिल है। टी-20 विश्व कप के इतिहास में विराट कोहली के नाम एक ऐसा ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। हालांकि, जसप्रीत बुमराह और सैम करन के पास 2026 में यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर करने का सुनहरा मौका है।   दो बार जीता प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट खिताब टी-20 विश्व कप के इतिहास में दबदबे की बात आती है तो भारत के विराट कोहली का नाम सबसे ऊपर आता है। कोहली टूर्नामेंट के इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो बार 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब अपने नाम किया है। 2014 में लगाया रनों का अंबार साल 2014 का टी-20 विश्व कप विराट कोहली के करियर के सबसे यादगार टूर्नामेंटों में से एक रहा। इस संस्करण में उन्होंने बल्ले से विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए रिकॉर्ड 319 रन बनाए। हालांकि, भारतीय टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और वे उपविजेता रहे, लेकिन कोहली के अविश्वसनीय प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना। 2016 में भी दिखाई निरंतररा ठीक दो साल बाद 2016 के विश्व कप में कोहली ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 273 रन जड़े और टीम इंडिया को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगातार दूसरी बार 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनकर उन्होंने क्रिकेट जगत में वह मुकाम हासिल किया, जो आज भी एक अटूट रिकॉर्ड बना हुआ है। जसप्रीत बुमराह और सैम करन के पास बराबरी का मौका बता दें कि अब तक टी-20 विश्व कप के 9 संस्करण खेले गए हैं, जिसमें 8 खिलाड़ियों को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब (विराट कोहली को दो बार) दिया गया है। इनमें से 6 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टी-20 क्रिकेट या क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं। जबकि दो खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह और सैम करन साल 2026 के टी-20 विश्व कप में हिस्सा लेंगे। ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों के पास विराट कोहली के टी-20 विश्व कप में दो बार प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट खिताब जीतने की बराबरी करने का मौका होगा। जसप्रीत बुमराह ने साल 2024 के टी-20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था ऐसे में उनके पास विराट की तरह बैक-टू-बैक एडिशन में यह खिताब जीतकर बराबरी करने का मौका होगा। सैम करन ने साल 2022 में टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था। टी-20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट खिताब जीतने वाले प्लेयर्स की लिस्ट • 2007: शाहिद अफरीदी (पाकिस्तान) – 91 रन और 12 विकेट • 2009: तिलकरत्ने दिलशान (श्रीलंका) – 317 रन • 2010: केविन पीटरसन (इंग्लैंड) – 248 रन • 2012: शेन वॉटसन (ऑस्ट्रेलिया) – 249 रन और 11 विकेट • 2014: विराट कोहली (भारत) – 319 रन • 2016: विराट कोहली (भारत) – 273 रन • 2021: डेविड वॉर्नर (ऑस्ट्रेलिया) – 289 रन • 2022: सैम करन (इंग्लैंड) – 13 विकेट और 12 रन • 2024: जसप्रीत बुमराह (भारत) – 15 विकेट • 2026?