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1101 ट्रैक्टरों की ऐतिहासिक रैली के साथ कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद ट्रैक्टर चलाकर दिया संवेदनशील नेतृत्व का संदेश ट्रेक्टर चलाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बने किसान भोपाल कृषक कल्याण वर्ष-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से रविवार को कृषक कल्याण वर्ष 2026 का भव्य एवं गरिमापूर्ण शुभारंभ किया। उन्होंने शुभारंभ अवसर पर किसानों की ऐतिहासिक 1101 ट्रेक्टरों की रैली का नेतृत्व किया। विशाल संख्या में ट्रैक्टरों की अनुशासित सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। ट्रेक्टर रैली में किसानों के उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की एकजुटता, आत्मविश्वास और प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसानों के हित में निरंतर और ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में भावुक एवं प्रेरक क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं ट्रैक्टर की कमान संभाली। ट्रैक्टर चालक से आग्रह कर ट्रैक्टर पर बैठना और उसे चलाना मुख्यमंत्री की सहजत और किसानों के श्रम के प्रति सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस सादगी और आत्मीयता ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविमोर कर दिया। किसानों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किसान बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र किसान, नारी, युवा और गरीब हैं। इन चारों वर्गों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की। डनहोंने कहा कि इस दौरान किसानों के हितों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, जिससे कृषि से जुड़े सभी आयाम—उत्पादन, लागत, विपणन, आय और कल्याण एक साथ सुदृढ़ हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो राज्य की कृषि क्षमता और नीतिगत प्रयासों की सफलता दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक उपायों को धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संकल्प की पूर्ति का यह पहला दिन है। पूरे वर्ष विकास एवं मंगल कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि किसान समृद्ध हों, कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।  

प्रदेश में नगरीय निकायों द्वारा बेहतर सुरक्षित एवं निर्बाध जल आपूर्ति की प्रभावी कार्रवाई

भोपाल प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित एवं निर्बाध जल एवं सीवर सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी जल अथवा सीवर संबंधी समस्या की सूचना निर्धारित माध्यमों से अवश्य दें, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि रविवार 11 जनवरी तक कुल 1176 जल रिसाव (लीकेज) की मरम्मत की गई है तथा अब तक 7619 जल नमूनों की जांच पूर्ण की जा चुकी है। जल नमूना संग्रहण कार्य में 744 सफाई मित्र/अमृत मित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और जल परीक्षण के लिये अब तक 704 व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 684 ओएचटी/जीएसआर/सम्प की सफाई पूर्ण की जा चुकी है, जिन पर ऑयल पेंटिंग द्वारा सफाई की तिथि एवं अगली प्रस्तावित सफाई की तिथि अंकित की गई है। इसके अतिरिक्त अब तक 1650 छोटे मरम्मत कार्य (माइनर रिपेयर) पूर्ण किए जा चुके हैं। जल से संबंधित कुल 293 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 284 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। वहीं सीवर लाइन लीकेज, मैनहोल ओवरफ्लो आदि से संबंधित कुल 285 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 134 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने सभी नगर निगमों एवं शहरी निकायों को निर्देश दिए हैं कि शेष लंबित शिकायतों का तत्काल, गुणवत्ता-पूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल की गुणवत्ता और सीवर व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा फील्ड अमला निरंतर निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की स्थिति में रहेगा। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिये संबंधित निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वच्छ जल अभियान स्वच्छ जल अभियान में जल सुरक्षा, जल संरक्षण तथा जल से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से प्रदेश में ‘जल सुनवाई’की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से नगर निगमों/शहरी निकायों द्वारा नागरिकों को बेहतर जल एवं सीवर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये निरंतर कार्य किया जा रहा है।इसी क्रम में प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में 11 जनवरी 2025 तक निम्नलिखित प्रगति दर्ज की गई है—         · जल रिसाव (लीकेज) से संबंधित मरम्मत कार्य : नगर निगम- 547, नगर पालिका परिषद – 315, नगर परिषद- 314         · जल नमूनों की जांच : नगर निगम – 4498, नगर पालिका परिषद – 1496, नगर परिषद – 1625         · जल नमूना संग्रहण कार्य में सफाई मित्र / अमृत मित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं : नगर निगम- 158, नगर पालिका परिषद- 284, नगर परिषद- 302             · जल परीक्षण के लिये व्यक्तियों को प्रशिक्षण : नगर निगम- 330, नगर पालिका परिषद- 191, नगर परिषद- 183         · ओएचटी/जीएसआर/सम्प की सफाई की जा चुकी है, (ऑयल पेंटिंग द्वारा सफाई की तिथि एवं अगली सफाई की तिथि प्रस्तावित है) : नगर निगम- 212, नगर पालिका परिषद- 194, नगर परिषद- 278         · छोटे मरम्मत कार्य (माइनर रिपेयर) पूर्ण किए गए हैं : नगर निगम- 829, नगर पालिका परिषद- 440, नगर परिषद- 381         · जल संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका का समाधान कर दिया गया है : नगर निगम कुल 293 शिकायतेंसे 213 शिकायतों का निराकरण।         · सीवर लाइन लीकेज/मैनहोल ओवरफ्लो आदि से संबंधित शिकायतों का निराकरण : नगर निगम कुल 285 शिकायतें में से 134 शिकायतों का निराकरण शेष लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिये संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि जल अथवा सीवर से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना निर्धारित माध्यमों से उपलब्ध कराएं, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।  

सुप्रीम कोर्ट कमेटी के समक्ष सतनाम बेहरू की भावुक अपील

चंडीगढ़. सुप्रीम कोर्ट की ओर से रिटायर्ड जस्टिस नवाब सिंह की अगुवाई में गठित कमेटी से मिलने पहुंचे किसान नेताओं ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी विस्तृत राय रखी। इस दौरान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले सतनाम सिंह बेहरू ने समिति के सदस्यों के सामने भावुक अपील की। सतनाम बेहरू ने कहा कि वह न्यायालय के समय का महत्व समझते हैं, इसलिए अपनी बात संक्षेप में ही रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की बातों पर संदेह हो, तो कम से कम खेती के क्षेत्र के विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की राय अवश्य सुनी जानी चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि वह स्वयं पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन समिति के सदस्य तथ्य और तर्क के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम हैं। बेहरू ने बताया कि वह वर्ष 2000 से इस मुद्दे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, इसलिए सरकार को इस दिशा में नीति बनानी चाहिए। 2004 में केंद्र सरकार ने एम.एस. स्वामीनाथन की अगुवाई में एक राष्ट्रीय कृषि आयोग गठित किया, जिसने दो वर्ष की विस्तृत मेहनत के बाद पांच जिल्दों में अपनी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि किसानों को उनकी फसल की लागत पर 50 प्रतिशत लाभ लेना चाहिए। लेकिन सरकारों ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में भी लगी बाधाएं सतनाम ने कहा कि रिपोर्ट का सार तैयार करने के लिए वह प्रो. रंजीत सिंह घुम्मण के पास पहुंचे, लेकिन पहले उन्हें मना कर दिया गया। उनकी अनेक विनतियों के बाद सार तैयार हुआ और इसी आधार पर 2011 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट में मामला कई महीनों तक चला। इस बीच 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी भाषणों में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कही। बेहरू ने इस वादे को भी अपनी याचिका में शामिल किया, परंतु अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी वादों पर फैसला नहीं दिया जा सकता। सतनाम ने समिति को बताया कि यदि खेती नहीं बची तो देश की खाद्य सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। उनकी बातों को सुनकर समिति में मौजूद कई विशेषज्ञ गंभीर होकर उन्हें सुनते दिखाई दिए।

योगी सरकार की पुलिस का यूपीकॉप एप बना आमजन का सारथी

घर बैठे आमजन एफआईआर समेत 27 सुविधाओं का उठा रहे लाभ यूपीकॉप एप से थाने के चक्कर लगाने से आमजन काे मिली मुक्ति एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में दर्ज हुई उल्लेखनीय कमी लखनऊ, योगी सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर कई कदम उठाए हैं। योगी सरकार की यह मुहिम पुलिस से लेकर आमजन के लिए बड़ी राहत और भरोसे का माध्यम बन गयी है। योगी सरकार की यूपी पुलिस का यूपीकॉप एप और सिटीजन पोर्टल आज प्रदेशवासियों के लिए “डिजिटल पुलिस स्टेशन” की तरह काम कर रहा है। प्रदेशवासी एप के माध्यम से न सिर्फ घर बैठे एफआईआर दर्ज करा रहे हैं बल्कि 27 प्रकार की पुलिस सेवाओं का लाभ बिना थाने गए उठा रहे हैं। 50 लाख से अधिक लोगों ने एप को किया डाउनलोड, 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की गई डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसिंग को जनकेंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए टेक्नोलॉजी से जोड़ा है। उनकी दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि आज यूपी पुलिस तकनीक के जरिये आम जनमानस की सेवा में नई मिसाल कायम कर रही है। यूपीकॉप एप ने थानों के चक्कर लगाने की मजबूरी को काफी हद तक कम कर दिया है। वहीं एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया कि एप के जरिए लोग ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने, एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने, खोये सामान (Lost Article)की रिपोर्ट दर्ज कराने, चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायक सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन समेत 27 प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अब तक 50 लाख से अधिक यूजर्स एप को डाउनलोड कर चुके हैं। वहीं एप के माध्यम से 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर डाउनलोड की जा चुकी हैं जबकि 7.3 लाख से अधिक लोगाें ने खोये सामान की रिपोर्ट दर्ज करायी है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल पुलिसिंग की सोच के महत्व को दर्शाते हैं। एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण की समयावधि में दर्ज की गई भारी कमी डीजीपी ने बताया कि यूपी कॉप एप में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसमें रीयल-टाइम नोटिफिकेशन के जरिए आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की तुरंत जानकारी मिल रही है। यह एप हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से इसका उपयोग कर रहे हैं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से लोकेशन ट्रैकिंग और एसओएस बटन जैसी सुविधाओं को भी अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा एप पर नजदीकी पुलिस स्टेशन को मैप पर देखने की सुविधा भी दी गई है, जो आपात स्थिति में काफी उपयोगी साबित हो रही है। एप से विभिन्न सेवाओं के निस्तारण में लगने वाले समय में भारी कमी आयी है। वर्तमान में चरित्र सत्यापन में लगभग 6 दिन का समय लग रहा है जबकि पहले इसमें 8 दिन लगते थे। इस तरह किरायेदार सत्यापन में करीब 8 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 24 से 25 दिन लगते थे, कर्मचारी सत्यापन में करीब 5 दिन लग रहे हैं जबकि पहले 13 दिन लगते थे।इसके साथ ही योगी सरकार का पब्लिक ग्रेवांस रिव्यू पोर्टल भी आमजन के लिए प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। पोर्टल के जरिए आमजन अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिनकी नियमित समीक्षा और समयबद्ध निस्तारण भी किया जा रहा है। इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और शिकायतकर्ताओं को यह भरोसा मिला है कि उनकी बात सुनी जा रही है। “यूपीकॉप ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘डिजिटल पुलिस स्टेशन’ है, जो नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था देता है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम सेवा-प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर रहे हैं—ताकि हर आवेदन पर समान गति, समान पारदर्शिता और निश्चित समय-सीमा सुनिश्चित हो। टेक्नोलॉजी-आधारित जनशिकायत निवारण से पुलिसिंग अधिक जनकेंद्रित और जवाबदेह बन रही है—यही स्मार्ट पुलिसिंग का वास्तविक अर्थ है।” राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश

रेवाड़ी में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़

रेवाड़ी (हरियाणा). देर रात मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। एनकाउंटर में घायल बदमाश रोहतक के आनंदपुर निवासी विकास उर्फ मोटू और रेवाड़ी के गोलकगढ़ निवासी हर्ष उर्फ पोपला है। हर्ष उर्फ पोपला पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों बदमाश अक्टूबर 2025 में सिटी थाना रेवाड़ी में दर्ज हत्या, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर मामले में नामजद आरोपी हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जींद जिले के गुड़ा खेड़ा निवासी रितिक और गोकलगढ़ निवासी नीरज उर्फ अज्जू को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि बदमाश एक कार में सवार होकर इलाके में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर तुरंत टीम गठित कर मीरपुर यूनिवर्सिटी के पास नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस के अनुसार, जैसे ही बदमाशों की कार को रोका गया, उन्होंने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान हर्ष और विकास के पैर में गोली लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाशों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पुलिस सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। घटनास्थल से हथियार और कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद गिरफ्तार बदमाश लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनसे पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से अपराध को अंजाम देता था और रेवाड़ी व आसपास के जिलों में वारदात की तैयारी कर रहा था।

किसान कल एक बार फिर टोल प्लाजा करवाएंगे फ्री

पटियाला. भारतीय किसान यूनियन एकता भटेड़ी कला के राजपुरा ब्लॉक की एक अहम मीटिंग आयोजित की गई। इसमें कई अहम फैसले लिए गए। मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया कि 12 जनवरी को 4 घंटे के लिए टोल प्लाजा फ्री किए जाएंगे। यूनियन के नेता बलकार सिंह फौजी जस्सोवाल ने बताया कि धेरडी जट्टां पटियाला, शंभू हरियाणा-पंजाब बॉर्डर और बनूड़ में टोल प्लाजा को टोल फ्री करने के साथ-साथ पंजाब के अन्य टोल प्लाजा भी फ्री करने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा 13 जनवरी को लोहड़ी के मौके पर बिजली बिल 2025 की कॉपियां जलाकर रोष प्रदर्शन किया जाएगा और साथ ही 21 और 22 जनवरी दूसरे फेज के तहत चिप वाले मीटर निकालकर सब-डिविजन दफ्तरों में जमा करवाए जाएंगे। मीटिंग में यह भी फैसला लिया गया कि जत्थेबंदी द्वारा पहले जारी किए गए सभी पुराने पहचान पत्र रद्द कर दिए गए हैं। अब नए पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिनमें जत्थेबंदी के प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर सहित स्कैन की गई फोटो लगाई गई है ताकि कोई भी व्यक्ति नकली कार्ड न बना सके। जत्थेबंदी ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे अपने-अपने नेताओं से संपर्क करके नए चिप वाले पहचान पत्र बनवा लें। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर कोई भी व्यक्ति कहीं भी पुराने या नकली कार्ड तैयार करता या पहचान के लिए पुराने कार्ड का इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर गुरदेव सिंह राजपुरा, गुरविंदर सिंह रामपुर खुर्द, गुरदीप सिंह खिजरगढ़ कनौड़, भगवान दास पवरी, मेवा सिंह, खेम सिंह रामपुर, हरि किरसन तख्तू माजरा समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

रायपुर कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन  संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।  

हरियाणा CM नायब सैनी पहुंचे लुधियाना

लुधियाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज लुधियाना दौरे पर हैं। यहां उन्होंने आज गुरुद्वारा चरण कंवल साहिब में माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की शांति, सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के इतिहास की जानकारी ली। मौके पर ग्रामीण क्षेत्र के भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी की तपोभूमि पर नतमस्तक होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि गुरुओं के बलिदान और शिक्षाएं देश और समाज के लिए अमूल्य हैं और इन्हीं के कारण आज लोग स्वतंत्रता के साथ जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने माछीवाड़ा साहिब के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस स्थान पर गुरु महाराज ने समाज को दिशा दी, वहां पहुंचना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन गुरुओं के त्याग और संघर्ष के प्रति गलत सोचना भी अपराध के समान है। उन्होंने कहा कि गुरुओं और उनके परिवारों ने देश के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समराला की न्यू अनाज मंडी, चावा रोड में भाजपा कार्यकर्ताओं की रैली को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

प्रशांत तमांग का निधन: इंडियन आइडल 3 से पाताल लोक 2 तक का सफर हुआ समाप्त

मुंबई इंडियन आइडल 3 के विनर प्रशांत तमांग अब इस दुनिया में नहीं रहे। नेपाल न्यूज के मुताबिक एक्टर-सिंगर को आज सुबह उनके दिल्ली वाले घर में हार्ट अटैक हुआ और उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रशांत की डेथ की खबर फिल्म प्रोड्यूसर राजेश घटानी ने कन्फर्म की है। प्रशांत, सिंगिंग के साथ एक्टिंग भी कर रहे थे। उन्हें जयदीप अहलावत की वेब सीरीज पाताल लोक के सीजन 2 में विलेन बने देखा गया था। ऐसी भी खबरें हैं कि एक्टर सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान में काम कर रहे थे। नहीं रहे प्रशांत तमांग रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत की उम्र 45 साल थी,आज सुबह दिल्ली वाले घर पर उन्हें हार्ट अटैक आया। तबीयत बिगड़ने पर एक्टर को द्वारका के हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि एक्टर अरुणाचल प्रदेश में परफॉरमेंस के बाद लौटे थे। स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी। प्रशांत अपनी पत्नी और बेटी के बेहद करीब थे। फिल्मों में गाए गाने प्रशांत नेपाल के रहने वाले थे लेकिन उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए कई पॉपुलर गाने गाए। फिल्म गोरखा पलटन में एक्टर का गाना है। इसके अलावा प्रशांत एक्टिंग भी करते थे। पिछले साल उन्हें जयदीप अहलावत की वेब सीरीज पाताल लोक सीजन 2 में डेनियल लेचो देखा गया था। हालांकि, उनके ज्यादा सीन नहीं थे। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि एक्टर सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान में काम कर रहे थे। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इंडियन आइडल से बनाई पहचान इंडियन आइडल में रहने के दौरान प्रशांत की सादगी भरी आवाज ने लोगों को प्रभावित किया था। शो जीतने के बाद सिंगर ने कई म्यूजिक एल्बम में काम किया। कई गीत नेपाली और बंगाली में भी गाए। नेपाली फिल्मों में भी काम किया और फिर अचानक इंडस्ट्री से गायब होते गए। पाताल लोक 2 में एक्टर को देखना किसी सरप्राइज से कम नहीं था।  

यूपी में बवाल: राम मंदिर पर आपत्तिजनक पोस्ट के बाद हिंदूवादी नेताओं पर हमला, कई बाइक क्षतिग्रस्त

फिरोजाबाद यूपी के फिरोजाबाद में पुलिस के सामने ही हिंदू वादी नेताओं पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पथराव कर दिया। हमलावरों ने बाइकों में भी तोड़फोड़ की। दरअसल कुछ दिन पहले राम मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर डौरी गांव के एक युवक ने अश्लील टिप्पणी की थी। इसको लेकर हिंदूवादी नेताओं में नाराजगी थी। इस संबंध में वह आरोपी से बातचीत करने के लिए पहुंचे थे। पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। गांव के लोगों ने पुलिस और हिंदूवादी नेताओं को चारों तरफ से घेर लिया और फिर उन पर पथराव शुरू कर दिया। किसी ने लोगेां ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। अराजक तत्वों ने हिंदूवादी नेताओं की बाइक भी तोड़फोड़ दी। पथराव में कुछ लोग चुटैल भी हुए हैं।   बताया जाता है कि नारखी के गांव डौरी निवासी राशिद नामक युवक ने अयोध्या के राममंदिर को लेकर बीत दिनों आपत्तिजनक पोस्ट की थी। इसकी जानकारी जब राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों को मिली तो राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष शुभम प्रताप सिंह के साथ में अन्य कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर 12 बजे वह गांव पहुंच गए। जानकारी मिलने पर थाना नारखी से एक दरोगा एवं कुछ सिपाही भी पुलिस की गाड़ी में पहुंच गए। आरोप है कि गांव में जब युवक द्वारा की गई अश्लील पोस्ट के संबंध में राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारी बातचीत कर रहे थे। इस दौरान ही समुदाय विशेष के लोगों ने चारों तरफ से घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। पथराव होते ही यहां पर भगदड़ मच गई। हिंदूवादी संगठन से जुड़े हुए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता खेतों की तरफ दौड़े तो मौके पर मौजूद पुलिस को भी अपना बचाव करना पड़ा। इस दौरान गांव में रह गई हिंदूवादी नेताओं की बाइक में भी कुछ अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ की। पुलिस कर्मियों ने इसकी जानकारी अफसरों को दी। पथराव की सूचना पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। वहीं सीओ टूंडला अमरीश कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। तनावपूर्ण माहौल देखते हुए फोर्स तैनात इधर घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए थाना रजावली का पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। गांव में गलियों के बाहर पुलिस का पहरा है तो लोग घरों में छिपे हुए हैं। वहीं बताया जाता है कि कई पुरुष घटना के बाद घर से दूर चले गए हैं, ताकि कहीं पुलिस कार्रवाई में उनका नाम न शामिल हो जाए। मिश्रित आबादी वाला गांव है डौरी थाना नारखी का गांव डौरी मिश्रित आबादी वाला गांव है। एक तरफ यहां पर समुदाय विशेष की आबादी है तो दूसरी तरफ हिंदू आबादी है। यह पूरी घटना समुदाय विशेष की आबादी वाले क्षेत्र में घटी। थाने पर एकत्र हुए हिंदूवादी गांव में पथराव के बाद किसी तरह से खुद को बचाकर निकले हिंदूवादी थाना नारखी पर पहुंचे। वहीं जैसे ही लोगों को इस घटना की जानकारी मिली तो धीरे धीरे यहां पर हिंदू नेताओं की भीड़ बढ़ने लगी। पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।