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मकर संक्रांति पर MP के मौसम का मिजाज बदला, जानिए अपने शहर में कैसी है ठंड और धूप

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस बार ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बना हुआ है। वहीं आज मकर संक्रांति के दिन ठंड से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिला।जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाया रहा। राहत की बात यह है कि आज प्रदेश के किसी भी जिले में कोल्ड डे या शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। ग्वालियर-बुंदेलखंड में सर्द हवाएं जारी जिससे शीतलहर की चेतावनी नहीं होने के बावजूद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पतंगबाज बेझिझक उड़ा सकेंगे अपनी पतंगे बुधावर के मौसम के इस मिजाज को देखते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी के शौकीन लोगों के लिए हालात अनुकूल रहने वाले हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार बुधवार को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम बीते 24 घंटों की बात करें तो मध्य प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया. राजधानी भोपाल में भी न्यूनतम तापमान लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है, जिससे लोगों को रात के समय जबरदस्त ठंड का सामना करना पड़ा. दिन में भी शीत लहर का असर साफ नजर आया और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे बनाए रखा. उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंड का दायरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में न तो कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और न ही कहीं कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। ऐसे में लोग मकर संक्रांति का पर्व बिना किसी मौसम संबंधी परेशानी के उत्साहपूर्वक मना सकेंगे। खास तौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मकर संक्रांति पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। साफ मौसम और तेज धूप की मौजूदगी में पतंग उड़ाने में किसी तरह की बाधा आने की संभावना नहीं है। ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। इस कारण यहां के शहरों में सबसे ज्यादा ठंड है। सोमवार-मंगलवार की रात में ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी सबसे ठंडे रहे। ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में पारा 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर कोहरे का असर भी देखने को मिला। इस वजह से ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों लेट रही। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला-राजगढ़ में 6.4 डिग्री और रीवा में पारा 6.5 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में भी उत्तरी हिस्सा ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री, श्योपुर में 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़-उमरिया में 24 डिग्री, मलाजखंड में 23 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं से आज मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार आज मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। सुबह के समय ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जबकि अन्य जिलों में हल्का कोहरा देखने को मिला। बुधवार को भी शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई है, हालांकि उत्तरी हिस्सों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। करौंदी-नौगांव सबसे ठंडा मंगलवार को प्रदेश के पांच सबसे ठंडे शहरों में करौंदी और छतरपुर का नौगांव  पहले स्थान पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद चित्रकूट में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री और खजुराहो में 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो मुरैना में सबसे कम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में 19.8 डिग्री, चित्रकूट में 20.4 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री और पृथ्वीपुर में 21.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। कल से नया सिस्टम, एमपी में 2-3 दिन बाद असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से 2 से 3 दिन बाद एमपी के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने के आसार है। छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर … Read more

Rukmini Vasanth का विलेन अवतार: ‘कांतारा: चैप्टर 1’ में टॉक्सिक किरदार ने मचाई धूम

मुंबई  रुक्मिणी वसंत कन्नड़ सिनेमा की बेहद हसीन एक्ट्रेसेस में से एक हैं. 2019 में उन्होंने अपने एक्‍ट‍िंग करियर की शुरुआत की थी और अब साउथ सिनेमा की सुपरस्टार की लिस्ट में उनका नाम भी शामिल है. लोग इनके बारे में जानने में काफी दिलचस्पी रखते हैं. 'कांतारा चैप्‍टर 1' में एंट्री के बाद रुक्मिणी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. इस फिल्म में उन्होंने राजकुमारी कनकवती का मुख्य किरदार निभाया. इसके बाद से एक्ट्रेस अपनी एक्टिंग को लेकर दर्शकों के बीच छाई हुई हैं. इसके साथ ही वो एक शानदार डांसर भी हैं. रुक्मिणी वसंत ने कई कन्नड़, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम किया है. 'सप्त सागरदाचे एलो ', 'बनादारियाल्ली, 'बघीरा', 'भैरथी रानागल', 'कांतारा: चैप्टर 1', 'अप्पुडो इप्पुडो एप्पुडो' और 'ऐस' उनकी सबसे फेमस फिल्में रहीं. फैंस को उनकी हर रोल काफी पसंद आया. अब एक्ट्रेस कई फिल्मों पर काम कर रही हैं. 2026 में वो 'टॉक्सिक' के साथ ही 'ड्रैगन' और मणिरत्नम की फिल्म में नजर आएंगी, जिसका प्री-प्रोडक्शन चालू है. ऐसे में ये साल एक्ट्रेस के लिए बेहद खान होने वाला है. फैंस को उनकी इन फिल्मों का बेसब्री से इंतजार है. सोशल मीडिया पर भी रुक्मिणी वसंत की अच्छी फैन फॉलोइंग है. इंस्टाग्राम पर उन्हें 3 मिलियन से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. एक्टिंग के साथ ही एक्ट्रेस के स्टाइल के भी लोग दिवाने हैं. वो एथनिक से लेकर वेस्टर्न हर तरह के आउटफिट में बहुत सुंदर और स्टाइलिश लगती हैं. रुक्मिणी वसंत का जन्म कर्नाटक के बैंगलोर में हुआ था. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बैंगलोर में पूरी की. इसके बाद वो लंदन के प्रतिष्ठित ड्रामा स्कूल गईं. वहां से उन्होंने एक्टिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली. भारत लौटने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की. उनकी पहली कन्नड़ फिल्म ‘ब्रायबल ट्रायोलॉजी’ साल 2019 में रिलीज हुई थी.  

हरियाणा लोक सेवा आयोग ने इंजीनियर भर्ती परीक्षाएं अचानक कीं स्थगित

चंडीगढ़. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने जनवरी महीने में प्रस्तावित अपनी सात प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। आयोग की ओर से जारी ताजा नोटिस में इन सभी परीक्षाओं को टालने की जानकारी दी गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि परीक्षाएं स्थगित करने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। इसके साथ ही आयोग ने अभी नई परीक्षा तिथियों को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इन परीक्षाओं के टलने से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी और आगे की योजना पर असर पड़ सकता है। खासकर वे उम्मीदवार, जो लंबे समय से इन भर्तियों की तैयारी कर रहे थे, अब असमंजस की स्थिति में हैं। इन प्रमुख परीक्षाओं पर लगा ब्रेक HPSC द्वारा स्थगित की गई परीक्षाओं में ट्रेजरी अफसर (TO) और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर (ATO) की मुख्य परीक्षाएं सबसे अहम मानी जा रही हैं। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न लेक्चरर और इंस्ट्रक्टर पदों की परीक्षाएं भी फिलहाल टाल दी गई हैं। स्थगित की गई परीक्षाओं का विवरण सिविल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 19 जनवरी 2026 कंप्यूटर इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 19 जनवरी 2026 मैकेनिकल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 20 जनवरी 2026 (सुबह) फोरमैन इंस्ट्रक्टर – 20 जनवरी 2026 (शाम) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 21 जनवरी 2026 फार्मेसी लेक्चरर – 21 जनवरी 2026 ट्रेजरी अफसर एवं असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर – 25 जनवरी 2026 35 पदों के लिए चल रही है भर्ती प्रक्रिया ट्रेजरी अफसर और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर की भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 35 पदों पर चयन होना है। ट्रेजरी अफसर के 5 पदों के लिए मेंस परीक्षा में 83 अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं, जबकि असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के 30 पदों के लिए 843 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। आयोग द्वारा जारी परिणामों के अनुसार ट्रेजरी अफसर भर्ती में 8 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जो आरक्षित वर्ग से होते हुए भी जनरल कैटेगरी की कट-ऑफ में शामिल हुए हैं। वहीं असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर भर्ती में 164 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो रिजर्व कैटेगरी से जनरल कैटेगरी में चयनित हुए हैं।

जालंधर में 50 साल पुराने घरों में रहने वालों को नहीं होने देंगे बेघर: CM Mann

जालंधर. आम आदमी पार्टी जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी नितिन कोहली ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की और क्षेत्र से जुड़े कई अहम जनहित मुद्दों को उनके समक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। नितिन कोहली ने बताया कि अंबेडकर नगर के संदर्भ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि किसी भी हालत में किसी का भी बसा हुआ घर नहीं तोड़ा जाएगा और किसी परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री संजीव अरोड़ा द्वारा अंबेडकर नगर के हित में लिए गए निर्णय पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति जताई, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसी प्रकार लद्देवाली फ्लाईओवर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने तुरंत डीसी और नगर निगम कमिश्नर को मौके पर ही सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि फ्लाईओवर को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को यातायात संबंधी दिक्कतों से राहत मिल सके। नितिन कोहली ने सिविल अस्पताल में मेडिको-लीगल मामलों के लिए एक अलग वार्ड बनाने की महत्वपूर्ण मांग भी रखी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा मिल सके और ऐसे मामलों का निपटारा व्यवस्थित तरीके से हो सके। मुख्यमंत्री ने इस मांग को भी गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही चौगिट्टी सरकारी स्कूल को तंग और भीड़भाड़ वाली गलियों से निकालकर किसी खुली और उपयुक्त जगह पर स्थानांतरित करने का मुद्दा भी मजबूती से उठाया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस विषय पर भी मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एक दूरदर्शी, संवेदनशील और विकास-केन्द्रित नेता हैं, जो जनता की भावनाओं को समझते हुए जमीनी स्तर पर ठोस फैसले लेने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री न केवल मुद्दों को सुनते हैं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में तुरंत कदम भी उठाते हैं। जालंधर सेंट्रल के विकास के प्रति उनका सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता वाकई सराहनीय है। नितिन कोहली ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में जालंधर सेंट्रल क्षेत्र में विकास कार्य और अधिक गति पकड़ेंगे और मुख्यमंत्री की विकासोन्मुख सोच का सकारात्मक प्रभाव सीधे जनता तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े ठोस फैसलों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भजनलाल शर्मा सरकार की युवा कल्याण नीति से राजस्थान बनेगा सशक्त और स्वावलंबी

श्रीगंगा नगर. राजस्थान की प्रगति का मार्ग युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और आत्मविश्वास से होकर गुजरता है। इसी मूल भावना को केंद्र में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में युवा कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उनकी स्पष्ट सोच है कि जब तक युवा सशक्त, शिक्षित, प्रशिक्षित और रोजगारयुक्त नहीं होंगे, तब तक समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी रहेगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियां और योजनाएं इसी दूरदृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवा कल्याण नीति का मूल उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को बहुआयामी अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए एक लाख पदों पर भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जाना ऐतिहासिक कदम है। यह कैलेंडर युवाओं के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी तैयारी को समयबद्ध और योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता ने युवाओं में विश्वास को और मजबूत किया है। पिछले दो वर्षों में बिना किसी गड़बड़ी के 351 प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरकार पेपर लीक जैसी समस्याओं पर सख्त नियंत्रण रखने में सफल रही है। यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री की पहल पर अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं, जबकि करीब एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। यह आंकड़े युवाओं के प्रति सरकार की गंभीरता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हैं। मुख्यमंत्री की युवा कल्याण नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रोजगार के विविध अवसरों का सृजन है। सरकार द्वारा दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए तीन लाख से अधिक युवाओं को आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं। यह प्रशिक्षण युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से करीब दो लाख युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया है, जिससे वे कार्यस्थल की वास्तविक चुनौतियों से परिचित हो सकें। यह पहल युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक सिद्ध हो रही है। साथ ही आई-स्टार्ट राजस्थान के अंतर्गत 65 आई-स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट की स्थापना और 658 स्टार्टअप्स को लगभग साढ़े 22 करोड़ रुपये की सहायता देकर नवाचार और उद्यमिता को नई गति दी गई है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना भी युवा कल्याण नीति का एक प्रभावशाली उदाहरण है। इस योजना के अंतर्गत अब तक चार लाख से अधिक युवाओं को साढ़े ग्यारह सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि भत्ते के रूप में प्रदान की गई है। यह सहायता न केवल आर्थिक संबल देती है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रह सकें। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का शुभारंभ युवाओं के लिए एक नई दिशा लेकर आया है। इस योजना के तहत एक लाख युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें सूक्ष्म उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी। इसके अतिरिक्त राजस्थान युवा नीति-2026 और राजस्थान रोजगार नीति-2026 का विमोचन मुख्यमंत्री की दीर्घकालिक सोच का परिचायक है। ये नीतियां आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा के नए अवसर सृजित करेंगी। इन नीतियों के माध्यम से राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि युवा केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य निर्माण के सहभागी हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की युवा कल्याण नीति सशक्तिकरण, पारदर्शिता और अवसरों की समानता पर आधारित है। यह नीति युवाओं को न केवल आज की चुनौतियों से लड़ने में सक्षम बनाती है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए भी तैयार करती है।

20 लड़कियों और एक लड़के की अजीब घटना, मेरठ में मांगी गई लोकेशन, मामला सनसनीखेज

 मेरठ मेरठ शहर में अनधिकृत रूप से चल रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और एक साथ की गई कार्रवाई में ऐसा सच उजागर किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. बाहरी तौर पर मसाज और रिलैक्सेशन के नाम पर चल रहे इन स्पा सेंटरों के भीतर क्या हो रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस की छापेमारी में चार स्पा सेंटरों से 20 लड़कियों के साथ एक युवक को हिरासत में लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि मेरठ के विभिन्न इलाकों में कुछ स्पा सेंटर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं. इन सेंटरों की आड़ में अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की भी आशंका जताई जा रही थी. इन्हीं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने योजना बनाकर एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की. ऑनलाइन बुकिंग और ‘लोकेशन शेयर’ का खेल जांच में सामने आया कि इन स्पा सेंटरों की बुकिंग पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से की जाती थी. ग्राहक सीधे सेंटर पर नहीं पहुंचते थे, बल्कि पहले संपर्क किया जाता था. इसके बाद उनसे लोकेशन मांगी जाती थी या उन्हें सेंटर की लोकेशन भेजी जाती थी. यही वजह रही कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में ग्राहक को सीधे सेंटर पर न बुलाकर पहले बातचीत की जाती थी और ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी दी जाती थी. इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होती थी. इस तरीके ने न सिर्फ गोपनीयता बनाए रखी, बल्कि कानून से बचने का रास्ता भी तैयार किया. एक साथ चार जगह छापेमारी मंगलवार को पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया और एक तय समय पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों पर छापा मारा. अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मौके से 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया. सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस को स्पा सेंटरों से रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज बताई जा रही है. इसके अलावा कई मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं. प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है. मोबाइल से मिले सबूत  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कुछ मोबाइल फोन में ऐसे फोटो और चैट मिले हैं, जो स्पा सेंटरों में हो रही गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन स्पा सेंटरों को कौन संचालित कर रहा था, इनके पीछे कौन लोग थे और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों के खिलाफ अनधिकृत रूप से संचालन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. सिर्फ एक युवक, 20 लड़कियां कई सवाल छापेमारी में 20 युवतियों के साथ केवल एक युवक का होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है. जांच अधिकारी इसे महज संयोग नहीं मान रहे हैं. माना जा रहा है कि युवतियों को अलग-अलग स्थानों से यहां लाया गया था और उनका इस्तेमाल स्पा सेंटर की ‘सर्विस’ के नाम पर किया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन युवतियों को किसी दबाव या लालच में यहां काम करने के लिए मजबूर किया गया था या वे स्वयं इसमें शामिल थीं. इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के मानव तस्करी या जबरन काम कराने के पहलू को नजरअंदाज न किया जाए. लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम ने बताया कि पुलिस को बीते कई दिनों से इन स्पा सेंटरों को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं. कुछ स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि इन जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां होती हैं और देर रात तक आवाजाही बनी रहती है. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि फिलहाल हिरासत में ली गई सभी युवतियों और युवक से पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि किसी बड़े नेटवर्क या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. पूरे नेटवर्क की जांच जारी पुलिस फिलहाल पूरे मामले को एक नेटवर्क के तौर पर देख रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन बुकिंग का संचालन कौन कर रहा था, भुगतान कैसे होता था और क्या इसमें किसी तीसरे व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी. डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में ऐसे अन्य स्पा सेंटरों पर भी नजर रखी जाएगी, जो बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी. पुलिस का दावा है कि शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

कुबेरेश्वरधाम में मकर संक्रांति पर विशेष आयोजन, 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं से बनेगा शिव भोग

सीहोर सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम पर मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी गहन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो प्रकृति, कृषि और आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में बांधता है। कुबेरेश्वरधाम में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है, जो सूर्य के उत्तरायण होने की इस शुभ बेला में भगवान शिव की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित करती है। 5100 तिल-गुड़ लड्डुओं का विशेष भोग मकर संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष कुबेरेश्वरधाम में लगभग 5100 तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। तिल और गुड़ का विशेष महत्व इस पर्व से जुड़ा हुआ है, जो स्वास्थ्य, मधुरता और आपसी सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। आधुनिक भोजनशाला में इन लड्डुओं के निर्माण की तैयारियां पूरे विधि-विधान और शुद्धता के साथ की जा रही हैं। भोग अर्पित होने के पश्चात इन्हें श्रद्धालुओं में प्रसादी के रूप में वितरित किया जाएगा, जिससे हर भक्त इस पावन पुण्य का सहभागी बन सके। हजारों श्रद्धालुओं के लिए भव्य प्रसादी व्यवस्था धाम पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक स्तर पर भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई है। तिल-गुड़ के लड्डुओं के साथ-साथ खिचड़ी, नुक्ती, मिठाई और नमकीन भी वितरित की जाएगी। मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाने, खाने और दान करने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही कारण है कि इस पर्व पर खिचड़ी का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। कुबेरेश्वरधाम में यह परंपरा पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से निभाई जाती है। सेवा कार्यों में जुटे मंदिर पदाधिकारी मंगलवार को मंदिर व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं समिति के वरिष्ठ सदस्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। सेवा को ही साधना मानकर कार्य कर रहे स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बनता है। पूरा वातावरण “सेवा ही शिव है” की भावना से ओतप्रोत दिखाई देता है। मकर संक्रांति का सांस्कृतिक महत्व विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और नई फसल की कटाई का प्रतीक है। यही कारण है कि यह त्योहार केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। कुबेरेश्वरधाम पर इस दिन आस्था के साथ-साथ लोक परंपराओं का भी सुंदर संगम देखने को मिलता है। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों की रूपरेखा मकर संक्रांति के आयोजन के साथ ही विठलेश सेवा समिति द्वारा आगामी रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार किया। कुबेरेश्वरधाम निरंतर धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां मनाए जाने वाले पर्व न केवल श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति जगाते हैं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  

पोंगल समारोह में पीएम मोदी ने की भागीदारी, कहा- यह त्योहार तमिलनाडु तक सीमित नहीं, पूरे देश का हिस्सा है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के सरकारी आवास पर आयोजित हुए पोंगल समारोह में शामिल हुए. उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उसके बाद गौसेवा भी की. उन्होंने तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत पर जोर देते हुए कहा कि यह सिर्फ तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की साझा विरासत है. राष्ट्रीय राजधानी में एल मुरुगन के आवास पर पोंगल उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल जैसे त्योहार 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करते हैं. वहीं, इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सभी देशवासियों को मकर संक्रांति, भोगली बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं भी दीं. उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ये पर्व आप सबके साथ मनाना मेरे लिए काफी सौभाग्य की बात है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन गया है और कहा कि उन्हें इसके जश्न का हिस्सा बनकर खुशी हुई. उन्होंने कहा कि यह त्योहार किसानों की कड़ी मेहनत को दिखाता है और प्रकृति, पृथ्वी और सूरज के प्रति आभार जताता है. पूरी दुनिया में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति को पसंद करने वाले लोग इसे बहुत उत्साह से मनाते हैं, और मैं भी उनमें से एक हूं. आप सभी के साथ यह खास त्योहार मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. हमारी जिंदगी में पोंगल एक सुखद अनुभव की तरह है. इसके साथ ही, यह त्योहार हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का रास्ता दिखाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान लोहड़ी, मकर संक्रांति और माघ बिहू जैसे त्योहारों के लिए देश भर में बड़े उत्साह का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू और कई दूसरे त्योहारों को लेकर भी बहुत उत्साह है. मैं भारत और दुनिया भर में रहने वाले तमिल भाइयों और बहनों को पोंगल और इन सभी त्योहारों की दिल से बधाई देता हूं. बता दें, पोंगल, दुनिया भर में तमिल लोगों के लिए सबसे खास त्योहारों में से एक है. यह प्रकृति, सूरज, खेत के जानवरों और किसानों को धन्यवाद देने का त्योहार है. इसे पारंपरिक रूप से परिवार के त्योहार के तौर पर मनाया जाता है, जो खुशहाली, शुक्रिया और साथ रहने का प्रतीक है. इस त्योहार को आसान बनाने के लिए, तमिलनाडु सरकार ने पहले सभी योग्य लाभार्थियों के लिए एक किलो कच्चा चावल, एक किलो चीनी और एक पूरा गन्ना वाला पोंगल गिफ्ट पैकेज देने की घोषणा की थी. पीएम मोदी ने इस संबंध में देशवासियों के नाम एक लेटर भी लिखा. जिसमें उन्होंने लिखा कि फसल से जुड़े यह पर्व आशा, सकारात्मकता और कृतज्ञता के प्रतीक हैं. मकर संक्रांति देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं से मनाई जाती है, लेकिन इसके पीछे की भावना और उत्साह सबका एक ही है. 

मकर संक्रांति पर राजिम त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर महादेव का किया जलाभिषेक

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में आज मकर संक्रांति उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम के त्रिवेणी संगम में सुबह भक्तों ने स्नान कर पूजा पाठ किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। दीप दान कर भगवान कुलेश्वर नाथ और राजीव लोचन का जलाभिषेक किया। बुधवार (14 जनवरी) को मकर संक्राति पर प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में खास आयोजन होंगे। इस अवसर रायपुर के कई जगहों पर पतंगबाजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। वहीं मंदिरों में दीपोत्सव और विशेष भोग की व्यवस्था की गई है। भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास स्थित हेलीपेड ग्राउंड में सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित पतंगबाजी उत्सव आज खास आकर्षण रहेगा। जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। पुलिस इस दौरान लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और जागरूकता फैलाने की भी सलाह देगी।

रेल हादसा थाईलैंड: क्रेन गिरने से ट्रेन हुई तबाह, मौके पर 22 लोगों की मौत

 सिखियो  थाईलैंड में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है. यहां एक क्रेन गिरने की वजह से यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. नाखोन रत्चासिमा प्रांत के पुलिस प्रमुख थाचापोन चिन्नावोंग ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इस हादसे में 22 लोगों की जान चली गई है और कई घायल हैं. ये हादसा बुधवार सुबह सिखियो जिले में हुआ. यह इलाका राजधानी बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है. हादसे का शिकार हुई यात्री ट्रेन उबोन रत्चाथानी प्रांत की ओर जा रही थी. स्थानीय मीडिया के दिखाए गए लाइव वीडियो में देखा गया कि राहतकर्मी मौके पर मौजूद हैं. रंगीन यात्री ट्रेन पटरी से उतरकर एक ओर पलटी हुई थी और मलबे से धुआं उठ रहा था. आग पर काबू पा लिया गया है और बचाव कार्य अब भी जारी है. नाखोन रत्चासिमा के जनसंपर्क विभाग ने फेसबुक पर जानकारी दी है कि अब तक चार शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है.अधिकारियों ने बताया कि क्रेन एक ऊंची हाई-स्पीड रेलवे बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही थी, जो बैंकॉक से उबोन राचथानी प्रांत जा रही चलती ट्रेन पर गिर गई, जिससे ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई. नाखोन राचासिमा के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है और बचावकर्मी ट्रेन के अंदर फंसे लोगों को ढूंढ रहे हैं.