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हॉस्टल मेस में खराब खाना बांटने पर घासीदास यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने कुलपति निवास घेरा

बिलासपुर. न्यायधानी बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी आए दिन चर्चा में रहती है। पिछले कुछ समय से यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे मामले हुए हैं, जिसकी हर तरफ चर्चा होती रही है। वहीं वहीं एक बार फिर से गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने हंगामा किया है। इतना ही नहीं हंगामा करने वाले छात्रों ने कुलपति के निवास को घेर दिया और जमकर नारेबाजी की। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आंबेडकर हॉस्टल के छात्रों ने देर रात कुलपति निवास का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने हॉस्टल मेस की बदहाल व्यवस्था को लेकर ये प्रदर्शन किया। छात्र खानें की ख़राब क्वालिटी से नाराज है। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि, खाने की क्वालिटी ठीक की जाए, लेकिन उनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इन्ही सब से आक्रोशित छात्रों ने बीती रात कुपलपाती निवास का घेराव कर दिया। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, हाल ही में, तात्या भील बॉयज़ हॉस्टल के मेस में नाश्ता लेने गए बीटेक छात्र हर्ष अग्रवाल पर रसोइए द्वारा चाकू से हमले की कोशिश का मामला सामने आया था। रसोइए का हाथ में चाकू लेकर छात्र को दौड़ाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। नाश्ते का समय समाप्त होने के बाद नाश्ता मांगने को लेकर छात्र और मेस कर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि मेस में काम करने वाले दीपेंद्र और दीपक केवट ने छात्र के साथ मारपीट की और चाकू लेकर उसे दौड़ाने लगे।

तीसरा विकेट गिरते ही बढ़ी चिंता, अय्यर रहे नाकाम, कोहली-राहुल ने संभाली पारी

नई दिल्ली आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। न्यूजीलैंड और भारत दोनों ने ही एक-एक बदलाव किया है। न्यूजीलैंड की टीम में आदित्य अशोक की जगह जेडन लेनेक्स खेल रहे हैं, जो डेब्यू करेंगे। वॉशिंगटन सुंदर की जगह नितीश कुमार रेड्डी खेल रहे हैं। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की फिराक में होगी, क्योंकि भारत ने वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की थी। कप्तान शुभमन गिल लौटे पवेलियन कप्तान शुभमन गिल फिफ्ट जड़कर पवेलियन गए हैं। उन्हें काइल जैमीसन ने 17वें ओवर में डेरिल मिचेल को कैच कराया। गिल ने 53 गेंदों का सामना करने के बाद 56 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और एक सिक्स है। कोहली 11 गेंदों में 14 रन बनाकर खेल रहे हैं। शुभमन गिल ने फिर ठोकी फिफ्टी कप्तान शुभमन गिल ने फिर फिफ्टी ठोक दी है। उन्होंने 47 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का 17वां अर्धशतक है। रोहित फिर बड़ी पारी नहीं खेल पाए भारत को पहला झटका रोहित शर्मा के रूप में लगा है। वह फिर बड़ी पारी नहीं खेल पाए। उन्होंने 38 गेंदों में चार चौकों की मदद से 24 रन बनाए। रोहित ने शुभमन (41)* के साथ 70 रनों की साझेदारी की। शुभमन का साथ देने विराट कोहली आए हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड और चांदी का नया भाव

इंदौर     सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) ने बीते साल 2025 में गदर मचाया था, तो वहीं इस साल 2026 की शुरुआत से ही ये फिर रॉकेट की रफ्तार से बढ़ते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ती हुईं नजर आ रही हैं. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी चांदी का भाव (Silver Price) खुलने के साथ ही एक झटके में 12000 रुपये से ज्यादा बढ़ गया. वहीं सोने के भाव (Gold Rate) की बात करें, तो इसमें भी तगड़ी तेजी आई है. अमेरिका-ईरान के बीत तनाव से बढ़ी ग्लोबल टेंशन ने एक बार फिर निवेशकों को सोना-चांदी में निवेश (Gold-Silver Investment) की ओर मोड़ने का काम किया है.  चांदी का गदर लगातार जारी  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ये कीमती धातु खुलते ही रॉकेट की रफ्तार से भागती नजर आई है. 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव (Silver Price) मिनटों में अपने पिछले बंद के मुकाबले 12,803 रुपये बढ़ गया. बीते कारोबारी दिन चांदी की वायदा कीमत 2,75,187 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन बुधवार को ये 2,87,990 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई.  10 दिन में 52000 रुपये महंगी हुई चांदी  चांदी के वायदा भाव में इस साल अब तक महज 10 कारोबारी दिनों में आई तेजी पर गौर करें, तो 1 Kg Silver Price इस दौरान 52,117 रुपये उछला है. दरअसल, साल के पहले दिन 1 जनवरी को चांदी की वायदा कीमत 2,35,873 रुपये प्रति किलो थी, जो बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बढ़कर 2,87,990 रुपये पर पहुंच गई. इस सप्ताह के महज तीन कारोबारी दिनों की बात करें, तो ये 19,020 रुपये प्रति किलो चढ़ी है.  सोना भी रुकने को तैयार नहीं न सिर्फ चांदी, बल्कि सोना भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार नए रिकॉर्ड बनाता जा रहा है. इसकी वायदा कीमतों में इस साल अब तक 10 दिनों में 7,369 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आ चुकी है. 1 जनवरी 2026 को 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड रेट (10 Gram 24 Karat Gold Rate) 1,35,804 रुपये था, जो कि बुधवार को करीब 832 रुपये की उछाल के साथ 1,43,173 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई.     क्या US-Iran टेंशन का है असर?  सोना-चांदी की कीमतों में इस साल आए तगड़े उछाल के पीछे के कारणों की बात करें, तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी टेंशन का भी अहम रोल माना जा सकता है. आमतौर पर ग्लोबल टेंशन बढ़ने के निवेशक सेफ हैवेन के तौर पर Gold-Silver की ओर भागते हुए नजर आते हैं और फिलहाल भी ऐसा ही नजर आ रहा है.

ईरान से व्यापार पर ट्रंप का 25% टैरिफ ऐलान, भारत सरकार ने कहा— चिंता की बात नहीं

 नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को घेरने के लिए उसके व्यापारिक साझेदार देशों पर 25% टैरिफ (US 25% Iran Tariff) लगाने का ऐलान किया है. इसका बड़ा असर चीन, यूएई समेत भारत पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि ईरान के पांच सबसे बड़े बिजनेस पार्टनर्स में भारत भी शामिल है. लेकिन, ट्रंप के इस 25% Iran Tariff का भारत पर कितना और क्या असर होगा, इसे लेकर मोदी सरकार (Modi Govt On Trump Tariff) की ओर से बयान आ गया है और केंद्र सरकार की ओर से भारतीय निर्यातकों को भरोसा दिलाते हुए कहा गया है कि अमेरिका के इस कदम का देश के निर्यात पर बेहद सीमित असर होगा.  'ट्रंप टैरिफ से भारत पर ज्यादा असर नहीं' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने Trump 25% Tariff Bomb के भारत पर असर को लेकर अपना बयान जारी किया है और इसमें ट्रेड से जुड़े तमाम आंकड़े भी शेयर किए हैं. सरकार ने भारतीय निर्यातकों को आश्वस्त किया है कि ईरान को लेकर अमेरिकी टैरिफ अटैक का भारत पर सीमित प्रभाव पड़ेगा. बयान में कहा गया है कि भारत के अपेक्षाकृत सीमित व्यापारिक संबंधों और विविध निर्यात संबंधों को देखते हुए इस कदम का भारत पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है.  ये आंकड़े क्या कर रहे इशारा?  भारत पर ट्रंप के ईरान टैरिफ के असर का एक अंदाजा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है. FY2024-25 में ईरान को भारतीय निर्यात 1.24 अरब डॉलर और आयात 440 मिलियन डॉलर रहा यानी कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.68 अरब डॉलर का था. इस हिसाब से भारत के व्यापारिक साझेदारों की लंबी लिस्ट में ईरान बहुत नीचे 63वें स्थान पर आता है. ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक, भारत का ईरान के साथ कारोबार तंजानिया, अंगोला, टोगो, मोजाम्बिक, सेनेगल, घाना जैसी बेहद छोटी अर्थव्यवस्थाओं से भी पीछे है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत बासमती चावल, चाय, चीनी और दवाइयां निर्यात करता है, जबकि ईरान से सेब, पिस्ता, खजूर और कीवी के अलावा कांच के बर्तनों का आयात करता है. भारत के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर भारत के साथ तमाम देशों के व्यापार की बात करें तो देश के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर्स में अमेरिका ही टॉप पर है. US के साथ 132 अरब डॉलर से अधिक के कुल द्विपक्षीय व्यापार है, जबकि China 127 अरब डॉलर से अधिक, UAE 100 अरब डॉलर से अधिक, Russia 68 अरब डॉलर से अधिक और सऊदी अरब 41 अरब डॉलर से अधिक के व्यापार के साथ लिस्ट में आगे हैं.  सरकार का आश्वासन, फिर भी यहां बड़ी चिंता सरकार ने हालांकि, ईरान टैरिफ के सीमित असर की बात कहते हुए Indian Exporters को नो-टेंशन बोला है. इसके बावजूद कुछ सेक्टर्स में निर्यातकों में चिंता है. खासतौर पर बासमती चावल का निर्यात करने वालों में, बता दें कि पारंपरिक रूप से ईरान Indian Basmati Rice के सबसे बड़े खरीदारों की लिस्ट में शामिल रहा है. आंकड़े देखें, तो सालाना 12 लाख टन (करीब 12000 करोड़ रुपये) का निर्यात किया जाता है. ऐसे में भारत ईरान के कुल चावल आयात का करीब दो-तिहाई हिस्सा पहुंचाता है.  सरकार ने बताया- क्यों होगा कम असर? सरकारी अधिकारियों ने US Iran Tariff के असर को लेकर साफ कहा है कि भले ही इसका कुछ निर्यात क्षेत्रों को शॉर्ट टर्म प्रेशर का सामना करना पड़े, लेकिन भारत पर इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव सीमित ही रहेगा. उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि भारतीय निर्यातकों ने पिछले एक दशक में पश्चिम एशिया, अफ्रीका और साउथ-ईस्ट एशिया में अपने बाजारों का लगातार विस्तार किया है, जिससे किसी एक देश पर हमारी निर्भरता काफी कम हुई है.

हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन के तकनीकी ट्रायल के कारण देरी

चंडीगढ़. सोनीपत-जींद स्टेशन के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल तकनीकी परीक्षणों के चलते जनवरी में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ट्रैक, ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं में आ रही – जटिलताओं के कारण ट्रायल की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अब हाइड्रोजन ट्रेन के फरवरी में ही ट्रैक पर दौड़ने की संभावना है। पहले जनवरी के अंत तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह – कार्य फरवरी में पूरा होने की संभावना बन रही है। दरअसल, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पहले केवल ट्रैक की जांच ही नहीं, बल्कि ट्रेन की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और इंधन आपूर्ति प्रणाली की भी बारीकी से टेस्टिंग की जानी है। खास तौर पर हाइड्रोजन गैस के भंडारण और उपयोग को लेकर अतिरिक्त सामभानी बरती जा रही है। हाइड्रोजन गैस अत्यधिक संवेदनशील होती है और इसमें मौजूद नमी ट्रेन के इंजन व फ्यूल सेल सिस्टम को प्रभावित कर मकती है। इसी समस्या के समाधान के लिए हाइड्रोजन प्लांट में विशेष हीटर लगाए जाएंगे, ताकि गैस में मौजूद नमी को पूरी तरह सुखाया जा सके। हाइड्रोजन ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन में करीब 180 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम होगी। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग २० किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। संचालन से पहले सुरक्षा नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेसर और कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति स्तरों पर परखा जाएगा, ताकि ट्रेन निधारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। स्टेशनरी ट्रायल के बाद रनिंग ट्रायल किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ और समय लग सकता है। अभी सोनीपत ट्रैक और हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल होना की है। इनकी टेस्टिंग को जाएगी। इन कायों में अभी समय लगेगा। बिजेंद्र कुमार, एसएसई, नई दिल्ली रेलवे प्रबंधन इस परियोजना में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता और न ही सुरक्षा से समझौता। इसी कारण सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को अंतिम रूप दिया जाएगा।

पंजाब में ठंड के बीच खुले सभी स्कूल

चंडीगढ़. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच आज से पूरे पंजाब में स्कूल खुल गए हैं। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में असमंजस बना हुआ था और सभी को उम्मीद थी कि मौसम को देखते हुए अवकाश बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया। इसके बाद आज पंजाब के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल खुल गए हैं। आपको बता दें कि प्राइमरी स्कूलों के लिए स्कूल का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा, जबकि मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3.20 बजे तक रहेगा। गौरतलब है कि पहले सर्दियों की छुट्टियां 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक घोषित की गई थीं। बाद में ठंड और कोहरे की स्थिति को देखते हुए इन्हें बढ़ाकर 13 जनवरी तक कर दिया गया था। चूंकि इसके बाद छुट्टियां आगे नहीं बढ़ाई गईं, इसलिए अब पूरे प्रदेश में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है।

पत्र लिखकर सुझाव देना सरकार के खिलाफ नाराजगी नहीं : MP बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर. मौजूदा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बीते कुछ दिनों से सरकार से उनकी नाराजगी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रायपुर के विकास को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर के चारों विधायकों के साथ गहन मंथन किया। बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को बार-बार पत्र लिखने और नाराजगी के सवाल पर मौन तोड़ते हुए कहा कि वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ऐसे सुझाव देते हैं, जिन पर अमल कर सरकार और बेहतर काम कर सके। बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष बंटा हुआ और कमजोर है। विपक्ष जनहित के मुद्दे उठाने में असफल रहा है, इसलिए उन्हें ही अपनी सरकार को सही दिशा दिखाने के लिए पत्र लिखने पड़ रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर कांग्रेस नेता अब भी यह दोहरा रहे हैं कि बृजमोहन अग्रवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को अपनी ही सरकार पर भरोसा नहीं है। यह भी जगजाहिर है कि 2023 में सत्ता में आने के बाद से मौजूदा सरकार को लेकर सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री जैसे राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल और बृजमोहन अग्रवाल के नाराज होने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। खुद बृजमोहन अग्रवाल बीते दो वर्षों में अलग-अलग मुद्दों पर अपनी ही सरकार को आठ बार पत्र लिख चुके है।

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को हाईकोर्ट से राहत, पासपोर्ट के मामले में बड़ी जीत

सोनीपत  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अधीनस्थ अदालत को डांसर सपना चौधरी को पासपोर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेत्री को 10 वर्ष की सामान्य अवधि के लिए पासपोर्ट जारी किया जाए। न्यायमूर्ति प्रकाश भाटिया ने सपना चौधरी द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। सपना की वकील प्रीति सिंह ने दलील दी थी कि अधीनस्थ अदालत ने याचिकाकर्ता को एनओसी जारी करने से मना कर दिया, जबकि उनके खिलाफ दर्ज एक मामले संबंधी जमानत के आदेश में पासपोर्ट से वंचित करने की कोई शर्त नहीं है। अदालत ने पाया कि इसकी कोई संभावना नहीं दिखती कि 2018 में लखनऊ के आशियाना में स्टेज शो नहीं करने से जुड़े आपराधिक मामले में मुकदमा जल्द खत्म होगा। इस मामले में वह जमानत पर हैं। जमानत आदेश में ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई गई है कि वह अदालत की अनुमति के बगैर देश नहीं छोड़ेंगी। सपना के वकील का कहना था कि ऐसे में उनके पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति न देने से उनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उधर, केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि सपना के पासपोर्ट, जिसका 10 साल के लिए नवीनीकरण होना है, के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र मंजूर करे।   सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला…     लखनऊ में मामला दर्ज हुआ: सपना चौधरी के खिलाफ 2018 में लखनऊ के आशियाना थाने में एक शो रद्द होने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने उनके पासपोर्ट को रिन्यू कराने के लिए मिलने वाली एनओसी जारी करने से मना कर दिया था। सपना ने कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की थी।     कोई डॉक्यूमेंट जमा नहीं कराया: याचिका में 30 जून 2025 के एक आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा की अनुमति इस आधार पर खारिज कर दी गई थी कि यात्रा की अवधि, देश और उद्देश्य से जुड़े डॉक्यूमेंट सपना ने उपलब्ध नहीं करवाए थे।     पासपोर्ट से वंचित रखना उचित नहीं: कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कलाकार या आम नागरिक को अनिश्चितकाल तक पासपोर्ट से वंचित रखना उचित नहीं है, खासकर तब जब उसके फरार होने की कोई आशंका न हो। सपना चौधरी की सामाजिक पहचान, पारिवारिक जिम्मेदारियां और भारत में परमानेंट रेसिडेंट संकेत हैं। जून 2024 में मांगी थी एनओसी जून 2024 में सपना ने अपना पासपोर्ट रिन्यू कराने के लिए कोर्ट से NOC मांगी थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था। इसके बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को सपना ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। 2 बच्चों की मां, देश छोड़कर नहीं भागूंगी सुनवाई के दौरान सपना चौधरी की ओर से दलील दी गई कि वह 2 बच्चों की मां हैं। भारत में उनकी काफी संपत्ति है। उनका पूरा करियर और परिवार यहां है, इसलिए उनके देश छोड़कर भागने का कोई सवाल ही नहीं है। इस मामले में पहले 7 जनवरी को हुई सुनवाई हुई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने एनओजी जारी करने के आदेश दिए हैं।

नक्सलवाद से वापसी: 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा छोड़ने का लिया निर्णय

सुकमा  नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए दरभा एवं केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे 29 नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के समक्ष आत्मसमर्पण किया। गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। लगातार बढ़ी सुरक्षा मौजूदगी, विकास कार्यों में तेजी और शासन की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से दरभा और केरलापाल एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय थे और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है। एएसपी रोहित शाह ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ संवाद और विश्वास निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि गोगुंडा में कैंप की स्थापना से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे आम नागरिकों में विश्वास बढ़ा है और नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ा है।

मध्यप्रदेश में एक नई तहसील का गठन, शासन ने किया ऐलान

 ग्वालियर  मध्यप्रदेश को एक नई तहसील मिली है। मध्यप्रदेश शासन ने ग्वालियर जिले की पिछोर को उप तहसील से तहसील बनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही मौजूदा नायब तहसीलदार पूजा यादव को पिछोर की तहसीलदार बनाया गया है। बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व में मध्य प्रदेश शासन के तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद यहां पदस्थ नायब तहसीलदार को पूजा यादव को ही तहसीलदार नियुक्त किया गया है। पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद पिछोर नगर वासियों में हर्ष का माहौल है। 1965 में पिछोर तहसील हुआ करता था लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दिया गया तब पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिल गया है। अब पिछोर क्षेत्र के अलावा बिलौआ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा तक नहीं जाना पड़ेगा । तहसील का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर पिछोर को तहसील बनाए जाने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। लोगों की काफी समय से रही ये मांग अब जाकर पूरी हुई है। पिछोर के तहसील बनने से लोगों को कई तरह से फायदा होगा और उनके कई काम यहीं हो जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछोर नगर परिषद को तहसील का दर्जा दिलाने की पूर्व गृहमंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी। अब सोमवार को मध्य प्रदेश शासन द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि  सन 1965 में पिछोर तहसील ही हुआ करती थी, लेकिन बाद में डबरा को तहसील का दर्जा दे दिया गया और पिछोर को उप तहसील बनाया गया। लेकिन अब फिर से पिछोर को तहसील का दर्जा मिला है। इस फैसले के बाद  पिछोरवासियों में काफी खुशी है। ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े मामलों के लिए डबरा का रुख नहीं करना पड़ेगा और इसके साथ ही दूसरी कई समस्याओं से भी निजात मिलेगी जो तहसील स्तर की होती हैं । बिलौआ क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा। यहां मौजूदा नायब तहसीलदार को ही बना दिया गया तहसीलदार वहीं  यहां पदस्थ नायब तहसीलदार पूजा यादव को ही पिछोर का तहसीलदार बना दिया गया है। वहीं पिछोर के तहसील बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में  तहसीलों की संख्या भी 9 हो गई हैं। राजस्व संबंधी समस्या के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान पिछोर के उप तहसील से तहसील बनने से अब पिछोर के साथ ही बिलौआ क्षेत्र के रहवासियों को राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा और पिछोर में ही उनकी समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। क्योंकि अब पिछोर में तहसीलदार के साथ चार नायब तहसीलदार भी बैठेंगे। पिछोर के बनने के बाद अब ग्वालियर जिले में 9 तहसील हो गई हैं। इनमें ग्वालियर, डबरा, भितरवार, चीनोर, घाटीगांव, तानसेन, मोरार और पिछोर शामिल हैं। सिटी सेंटर पिछोर की पहली तहसीलदार बनने पर पूजा यादव का गुलमेर खान ,अर्जुन यादव, दीपक पटसारिया रहीश खान, राम जानकी, राजेश पंडा, प्रमोद पांडे, प्रमोद यादव, कल्लू खान आदि ने स्वागत किया ।