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लोग पहली नजर में क्या नोटिस करते हैं? एटिकेट कोच की 5 अहम टिप्स

कभी ना कभी आपने ये तो जरूर सुना होगा कि 'फर्स्ट इंप्रेशन इज योर लास्ट इंप्रेशन'। कुछ हद तक ये बात सही भी है। अब कोई कितना भी कहे कि बाहरी लुक्स मैटर नहीं करते हैं, लेकिन प्रैक्टिकल लाइफ में लोग आपको इसी के बेसिस पर जज करते हैं। यहां लुक्स का मतलब आपके नैन-नक्श से नहीं है, बल्कि आपकी पर्सनेलिटी से है। आप कैसे खुद को कैरी करते हैं, कैसे ड्रेसअप करते हैं; ये छोटी-छोटी चीजें काफी मायने रखती हैं। एटिकेट कोच माणिक कौर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि जब भी आप किसी रूम में एंटर करते हैं, किसी से मिलते हैं, तो आपके मुंह खोलने से पहले ही लोग कुछ चीजें नोटिस करते हैं और अपने दिमाग में आपको ले कर एक इंप्रेशन बना लेते हैं। आइए जानते हैं वो क्या चीजें हैं। आपके पैर नोटिस करते हैं लोग एटिकेट कोच कहती हैं कि आमतौर पर लोग सबसे पहले आपके पैरों को नोटिस करते हैं। अगर आप गंदे-फटे जूते या फुटवियर पहनते हैं, पैरों का ध्यान नहीं रखते हैं; तो इसका सामने वाले पर खराब इंप्रेशन पड़ता है। ये छोटी-छोटी चीजें आपकी पर्सनेलिटी पर काफी असर डालती हैं। आपके चेहरे के एक्सप्रेशन आपको कुछ कहने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि आपके फेशियल एक्सप्रेशन यानी चेहरे के भाव आपके बारे में काफी कुछ बयां कर देते हैं। अगर आप इरिटेट हैं या गुस्से में किसी से मिल रहे हैं, तो जाहिर है इसका अच्छा इंप्रेशन बिल्कुल नहीं पड़ेगा। आपको हर समय हंसने की जरूरत नहीं है, लेकिन चेहरे पर एक सॉफ्ट स्माइल रखें। इससे लोग आपके साथ जल्दी कनेक्ट कर पाते हैं और सेफ महसूस करते हैं। आपकी खुशबू माणिक कौर कहती हैं कि लोगों को आपका पहनावा बेशक याद ना रहे, लेकिन वो आपकी स्मेल को जरूर याद रखते हैं। अगर आप अच्छा स्मेल करते हैं, तो लोगों के माइंड पर एक अच्छा इंप्रेशन पड़ता है। ये छोटी सी ट्रिक आपको ज्यादा पॉलिश्ड और हाइजीनिक दिखाती है। आपका बॉडी पोस्चर आप खुद को किस तरह कैरी करते हैं, ये भी लोग पहली नजर में नोटिस करते हैं। किसी रूम में अगर आप कॉन्फिडेंस के साथ वॉक करते हैं, तो अपने आप एक स्ट्रांग और पॉजिटिव इंप्रेशन जाता है। वहीं खराब बॉडी पोस्चर आपके लुक्स और पर्सनेलिटी दोनों को नेगेटिव दिखा सकता है। आपका पहनावा कोच कहती हैं कि आपका पहनावा आपके बारे में बहुत कुछ बताता है। इसका मतलब ये नहीं है कि आपको हमेशा महंगे और डिजाइनर कपड़े ही पहनने चाहिए। बल्कि हमेशा साफ सुथरी, आयरन किए हुए कपड़े वियर करें। इससे सामने वाले पर ये इंप्रेशन जाता है कि आप खुद की रिस्पेक्ट करते हैं। आप खुद भी और ज्यादा कॉन्फिडेंट और बेहतर महसूस करते हैं।

तीन फेज़ में बंगाल चुनाव का ऐलान, डबल फोर्स के साथ सख्त तैयारी में चुनाव आयोग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं और इलेक्शन कमिशन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बीच जानकारी मिली है कि इलेक्शन तीन ही राउंड में इस बार कराए जा सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह आयोग की बड़ी सफलता होगी क्योंकि 2021 में राज्य में 8 राउंड में वोटिंग हुई थी। आमतौर पर पश्चिम बंगाल में सुरक्षा को लेकर संवेदनशील स्थिति होती है। इसके अलावा चुनावी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इलेक्शन के राउंड ज्यादा होते थे, लेकिन इस बार कम चरणों में ही इन्हें निपटाने की तैयारी है। 2021 में ज्यादा राउंड होने की एक वजह कोरोना भी था, लेकिन ऐतिहासिक तौर पर भी बंगाल में ज्यादा राउंड में वोटिंग होती रही है।   चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बंगाल में अर्ध सैनिक सुरक्षा बलों के करीब ढाई लाख जवान तैनात हो सकते हैं। यह आंकड़ा पहले के मुकाबले करीब डबल होगा। इसका मकसद यही है कि कम चरणों में चुनाव कराए जा सकें। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा के लिहाज से भी बंगाल एक संवेदनशील राज्य रहा है। फिलहाल राज्य चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इसके बाद जल्दी ही केंद्रीय चुनाव आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल बंगाल का दौरा करेगा और तैयारियों का जायजा लेगा। इस संबंध में 5 जनवरी को एक मीटिंग भी हुई थी। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों के चुनाव अधिकारियों से बात की थी, जहां इस साल चुनाव होने हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान बंगाल के चुनाव अधिकारियों ने दिल्ली में हुई मीटिंग में बताया कि आखिर कितने राउंड घटाए जा सकते हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि राज्य तीन राउंड में वोटिंग के लिए तैयार है। इसके लिए सुरक्षा बलों की संख्या में थोड़ा इजाफा करना होगा। फिलहाल चुनावी पंडित इसके भी आकलन में जुट गए हैं कि यदि राउंड कम हुए तो इससे किसे फायदा मिलेगा। भाजपा सूत्र तो इससे उत्साहित दिख रहे हैं। उनका मानना है कि लंबे चलने वाले चुनाव में ममता बनर्जी के पास एडवांटेज रहता है। वह कभी बांग्ला कार्ड चलती हैं तो कभी कोई और मुद्दा ले आती हैं। लंबे चुनाव में उनके पास अपने खिलाफ बनी ऐंटी इनकम्बैंसी की काट के लिए मौका होता है। लेकिन यदि चुनाव की अवधि कम हो तो ऐसा नहीं हो पाता। बता दें कि 2021 में बंगाल में चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल तक चले थे और फिर 2 मई को नतीजे आए थे। इस बार राज्य की 294 सीटों पर अप्रैल के आखिरी सप्ताह या फिर मई की शुरुआत में वोट डाले जा सकते हैं।  

ईरान संकट गहराया: बिगड़ते हालात पर भारत का अलर्ट, नागरिकों को तत्काल निकलने की सलाह

तेहरान ईरान में विरोध प्रदर्शन के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं। अब तक इन प्रदर्शनों में दो हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। बिगड़ते हालात के बीच भारत ने ईरान में रह रहे अपने लोगों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की है। ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिक- टूरिस्ट, बिजनेसमैन, छात्र आदि से देश छोड़ने के लिए कह दिया है। दूतावास ने कहा है कि वे कमर्शियल फ्लाइट्स समेत उपलब्ध ट्रांसपोर्ट के साधनों का इस्तेमाल करके ईरान छोड़ दें। यह फैसला बदलती स्थिति को देखते हुए लिया गया है।   दूतावास ने ईरान में सभी भारतीय नागरिकों और PIO को सावधानी बरतने की सलाह दी है, और उनसे उन इलाकों से दूर रहने को कहा है जहां विरोध प्रदर्शन या धरने हो रहे हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और किसी भी नई जानकारी के लिए स्थानीय मीडिया रिपोर्ट पर नजर रखें। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपने इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने का आग्रह किया है। एडवाइजरी में कहा गया है, "ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स, जिसमें पासपोर्ट और आईडी शामिल हैं, अपने पास तैयार रखें। इस संबंध में किसी भी सहायता के लिए उनसे भारतीय दूतावास से संपर्क करने का अनुरोध किया जाता है।"

योगी सरकार की नीतियों का बड़ा असर, भू-आबद्ध राज्यों में मिला प्रथम स्थान

निर्यात नीति, ओडीओपी, ट्रेड शो और अवसंरचना सुधारों ने बदली तस्वीर योगी सरकार के प्रयासों से बढ़ी निर्यात तत्परता लखनऊ,  उत्तर प्रदेश आज न केवल तेजी से उभरता निर्यातक राज्य बन रहा है, बल्कि निर्यात को रोजगार, निवेश, क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ते हुए नए राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इसका ताजा उदाहरण नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 (Export Preparedness Index—EPI 2024) की रैंकिंग है। बुधवार को जारी इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए ओवरऑल चौथा स्थान तथा भू-आबद्ध (LANDLOCKED) राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्ष 2022 की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ओवरऑल सातवें स्थान पर और भू-आबद्ध राज्यों में दूसरे स्थान पर था। केवल दो वर्षों में यह बड़ी छलांग राज्य के निर्यात क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों और योगी आदित्यनाथ सरकार की निर्यात-प्रोत्साहन नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। योगी सरकार की नीतियों ने दी निर्यात को नई रफ्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निर्यात अवसंरचना को सुदृढ़ करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, विविध उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और कारोबारी माहौल को सुगम बनाने पर विशेष बल दिया गया। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति, एक जिला–एक उत्पाद (ODOP) योजना, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, लॉजिस्टिक्स सुधार, रोड-कनेक्टिविटी और ड्राई पोर्ट जैसी पहल निर्यात तत्परता को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। सरकार द्वारा माल भाड़ा व्यय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग शुल्क, कुरियर एवं एयर-फ्रेट व्यय तथा निर्यात क्रेडिट गारंटी पर प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाओं ने निर्यातकों का लागत बोझ कम किया है और उन्हें वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है। इंटरनेशनल ट्रेड शो ने खोले वैश्विक बाजारों के दरवाजे पिछले तीन वर्षों से आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने राज्य के निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म का कार्य किया है। इसके माध्यम से यूपी के एमएसएमई और पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बायर्स से सीधा संपर्क मिला, जिससे नए बाजारों में प्रवेश और निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि दर्ज की गई। इससे प्रदेश के हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य-प्रसंस्करण, चमड़ा, फार्मा और एग्री-बेस्ड उत्पादों को नई पहचान मिली है। चार स्तंभों और 70 संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन नीति आयोग ने EPI-2024 रैंकिंग तैयार करते समय चार प्रमुख स्तंभ—निर्यात अवसंरचना, बिजनेस इकोसिस्टम, नीति एवं सुशासन और निर्यात प्रदर्शन के साथ 13 उप-स्तंभों के 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया। इन विभिन्न मानकों पर उत्तर प्रदेश ने व्यापक सुधार दर्ज कराए हैं। निर्यात पोर्टफोलियो का विस्तार, नए बाजारों तक पहुंच, लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम का विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने यूपी की स्थिति को मजबूत किया है। भू-आबद्ध राज्य होते हुए भी विशेष उपलब्धि रैंकिंग में पहले तीन स्थान पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे तटीय राज्य रहे हैं, जबकि समुद्री तट न होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान तक पहुंचना एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। समुद्री तट न होने के कारण उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अधिक समय और लागत वहन करनी पड़ती है। इसके बावजूद राज्य का ओवरऑल चौथे स्थान तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, नीति समर्थन और सक्रिय हैंड-होल्डिंग ने निर्यातकों को वास्तविक लाभ पहुंचाया है।

कल मकर संक्रांति, आज से ही गोरखनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था; खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे हजारों भक्त

गोरखपुर मकर संक्रांति 2026 को लेकर लोगों में भ्रम था कि इसे 14 जनवरी को मनाया जाए या फिर 15 जनवरी को। ज्योतिषाचार्यों ने भ्रम की इस स्थिति को खत्म करते हुए बता दिया है कि सूर्य 14 जनवरी यानी आज रात 9 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार संक्रांति का पर्व उदया तिथि के आधार पर यानी अगले दिन 15 जनवरी को मान्य होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में होने वाला सार्वजनिक अवकाश भी 14 जनवरी के स्थान पर 15 जनवरी कर दिया है। लेकिन इस बीच 14 जनवरी को तड़के चार बजे गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पर सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो गई। ब्रह्ममुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करनी शुरू कर दी। एक दिन पहले मंगलवार से ही बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए थे।   सुबह चार बजे से आठ बजे तक खिचड़ी चढ़ाने वालों की भारी भीड़ रही। इस दौरान मुख्य रूप से वे श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, जो पहले से गोरखनाथ मंदिर परिसर में मौजूद थे। सुबह आठ बजे के बाद कुछ समय के लिए भीड़ में कमी आई, लेकिन दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या एक बार फिर तेजी से बढ़ गई। दरअसल, इस समय ट्रेन और अन्य साधनों से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार अनाउंसमेंट करता रहा। श्रद्धालु सिंह द्वार पर खिचड़ी स्वरूप चावल अर्पित कर दर्शन के लिए आगे बढ़ते दिखे। भीड़ अधिक होने के कारण एक बार में 70 से 80 श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। फिलहाल पुरुष श्रद्धालुओं की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। गोरक्षपीठाधीश्वर कल तड़के चढ़ाएंगे खिचड़ी इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है। ऐसे में गुरुवार को विशेष उत्साह देखने को मिलेगा, जब तड़के सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर समिति श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि खिचड़ी इधर-उधर न फेंकें। खिचड़ी अर्पित करने के बाद श्रद्धालु उत्तरी द्वार से बाहर निकलकर हनुमान मंदिर के पास से होते हुए पूरे परिसर का भ्रमण कर रहे हैं।  

प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप और प्रगति प्लेटफार्म से देश में अटकी निवेश परियोजनाओं को पुन: किया गया सक्रिय

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से दशकों से लम्बित परियोजनाओं को करना हुआ संभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस से भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों मीडिया प्रतिनिधियों से साझा की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम "प्रगति" और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक विशिष्ट छवि बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही दलों में मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से सभी राज्यों का महत्व है। "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। 

मिशन क्लीन यूपी: 282 वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों से साकार होगी कचरे से कंचन की अवधारणा

103 यूनिटें बनकर तैयार, 132 इकाइयां निर्माणाधीन, शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा स्थापित 304 विकास खंडों में शुरू हुआ प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, 515 विकास खंड नगरीय एमआरएफ से आच्छादित प्लास्टिक मुक्त यूपी की ओर बड़ा कदम, जमीन पर उतर रहा योगी सरकार का मेगा प्लान लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। मिशन क्लीन यूपी के तहत प्रदेश में कुल 282 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस मेगा प्लान के जरिए यूपी को प्लास्टिक कचरे से मुक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है।प्रदेश में अब तक 103 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 132 यूनिटों का काम तेजी से निर्माणाधीन है। शेष इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा। इन यूनिटों के जरिए प्लास्टिक कचरे का संग्रहण, छंटाई और वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता को भी नई मजबूती मिलेगी और कचरे से कंचन की अवधारणा साकार होगी। प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार के इस अभियान के तहत 304 विकास खंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में 515 विकास खंड नगरीय मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से आच्छादित किए जा चुके हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि प्लास्टिक कचरा खुले में फेंके जाने के बजाय व्यवस्थित रूप से प्रोसेस होगा और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। सभी विकास खंडों में होगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी विकास खंडों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय निकायों तक एकीकृत मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ स्वच्छता अभियान को गति देगी, बल्कि प्रदेश को प्लास्टिक से मुक्ति भी देगी। स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में मिलेगी नई पहचान पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों के माध्यम से जहां एक ओर पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योगी सरकार का यह मेगा प्लान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने जा रहा है।

सीएम योगी ने संक्रांति पर्व पर लॉन्च किया खास कैलेंडर, परंपरा और संस्कृति की दिखेगी झलक

गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ मकर संक्रांति के मौके पर गोरखपुर में हैं। यहां बुधवार की सुबह उन्होंने गोरखपुर नगर निगम के ‘वार्षिक स्वच्छता कैलेंडर 2026’ का विमोचन किया। इस दौरान गोरखपुर के महापौर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र और कई पार्षद मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 की नगर निगम की उपलब्धियों के लिए महापौर और नगर आयुक्त समेत सभी पार्षदों और महानगरवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही महानगर को गारबेज फ्री सिटी में 7 स्टॉर का लक्ष्य हासिल करने का लक्ष्य भी दिया। नगर निगम का वार्षिक स्वच्छता कैलेंडर 2026 सिर्फ तिथियों का संग्रह न होकर नगर निगम की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का दस्तावेज है, जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में प्राप्त 5-स्टार रेटिंग और सफाई मित्र सुरक्षित शहर में देश के शीर्ष तीन शहरों में स्थान बनाने जैसी गौरवशाली उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें अर्बन फ्लड मैनेजमेंट, अर्बन फैसिलिटेशन सेंटर, और राप्ती नदी के संरक्षण के लिए फाइटोरेमेडिएशन जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ 'वेस्ट टू वंडर' और लिगेसी वेस्ट निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का विवरण दिया है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि इस कैलेंडर का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और जन-भागीदारी के माध्यम से गोरखपुर को एक 'आदर्श एवं आधुनिक नगर' के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करना है। महापौर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह कैलेंडर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के थीम स्वच्छता की एक पहल – बढ़ाये हाथ करे सफाई साथ को जोड़ते हुए आम जनमानस में भी जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा। कल बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे सीएम योगी गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सीएम योगी आदित्यनाथ मकर संक्रांति पर गुरुवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी अर्पित करेंगे। साथ ही वे समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना करेंगे। नाथपंथ की यह विशिष्ट व ऐतिहासिक परंपरा सदियों से आस्था का केंद्र रही है।  

गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का ज्वार

बुधवार भोर से ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार श्रद्धालुओं को न हो कोई दिक्कत, व्यवस्थाओं की खुद मॉनिटरिंग करते रहे मुख्यमंत्री मकर संक्रांति के पुण्य काल में आज आस्था की खिचड़ी चढ़ाएंगे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर,  मकर संक्रांति का मुख्य पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा लेकिन इससे एक दिन पहले बुधवार को ही गोरखनाथ मंदिर में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। लाखों श्रद्धालुओं ने मुख्य पर्व से एक दिन पहले ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में मकर संक्रांति के पुण्य काल में महायोगी गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी भोग अर्पित करेंगे। बाबा गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डेरा डालना शुरू कर दिया था। बुधवार भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच समूचा मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ के जयकारों से गूंज उठा। सुख समृद्धि की मंगलकामना को लेकर उत्तर प्रदेश, पड़ोसी राज्य बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी निवेदित की। उसके बाद मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी देवताओं का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में अलग-अलग गेट और बैडिकेडिंग से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंगलवार रात से गोरखनाथ मंदिर में प्रवास कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत खुद सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे थे। मंगलवार रात को मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुधवार सुबह भी उन्होंने परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएम योगी ने की गोसेवा, बच्चों को दुलारा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया और उनकी समुचित देखभाल के लिए गोशाला के कार्यकर्ताओं को जरूरी निर्देश दिए। इसी क्रम में मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए सीएम योगी ने श्रद्धालुओं के साथ आए उनके बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद और चॉकलेट दिया।

वोट के लिए कत्लेआम? 7 दिन में 500 कुत्ते मारे गए, कई गांवों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली चुनावी वादा पूरा करने में नेताओं का रिकॉर्ड भले ही खराब रहता हो, लेकिन हाल ही में तेलंगाना से चुनावी वादा को पूरा करने के लिए कुत्तों की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कुछ गांव के सरपंचों ने लोगों से किया हुआ वादा निभाने के चक्कर में एक सप्ताह में करीब 500 कुत्तों को मार डाला है। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।   समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में कई गांवों में 500 कुत्तों को जहर देकर मार दिया गया। पशु कल्याण कार्यकर्ता अडुलापुरम गौतम द्वारा 12 जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कामारेड्डी जिले के भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाडी और बंदारमेश्वरपल्ली सहित कई गांवों में आवारा कुत्तों को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन दिनों में ही लगभग 200 कुत्तों को मारा गया है। सरपंचों ने करवाई हत्या शिकायत के मुताबिक गौतम को 12 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे कुत्तों की कथित सामूहिक हत्या को लेकर विश्वसनीय जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये काम गांव के सरपंचों के कहने पर किए गए। हत्याओं को क्रूर बताते हुए गौतम ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कुत्तों को लगाए गए जहरीले इंजेक्शन वहीं पुलिस के मुताबिक पांच गांव के सरपंचों और किशोर पांडे नाम के एक व्यक्ति सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन दिए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में दफना दिया गया था और बाद में पशु चिकित्सा टीमों द्वारा पोस्टमार्टम जांच के लिए उन्हें बाहर निकाला गया। आगे की जांच जारी है। चुनाव से पहले किया था वादा ग्रामीणों के मुताबिक कुछ उम्मीदवारों ने हाल ही में हुए पंचायत चुनावों के दौरान ग्रामीणों से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने का वादा किया था। ग्रामीणों ने बताया, "पिछले साल दिसंबर में हुए चुनावों से पहले, कुछ उम्मीदवारों ने ग्रामीणों से वादा किया था कि वे आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटेंगे। अब वे आवारा कुत्तों को मारकर उन वादों को 'पूरा' कर रहे हैं।"