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Mercedes-Maybach GLS इंडिया-मेड मॉडल भारत में लॉन्च, कीमत में 2.75 करोड़ रुपये की कमी

मुंबई  लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz India ने भारत में बनी Maybach GLS को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस कार को 2.75 करोड़ रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है. यह कार पहले इंपोर्ट की जाती थी और इसकी कीमत 3.17 करोड़ रुपये तक जाती थी, जोकि इंडिया मेड वर्जन से 42 लाख रुपये ज्यादा है. अब Maybach GLS भारत में बनाई जा रही है, जिससे यह अमेरिका के बाहर पहला ऐसा मार्केट बन गया है, जहां यह मॉडल स्थानीय तौर पर बनाया जा रहा है. Mercedes-Maybach GLS का डिजाइन भारतीय बाजार में अभी बेची जा रही Mercedes-Maybach GLS को भारत में आखिरी बार 2024 में अपडेट किया गया था और इसमें उस समय किए गए डिज़ाइन बदलाव जारी हैं. इनमें क्रोम स्लैट्स वाली एक बदली हुई ग्रिल, अपडेटेड फ्रंट और रियर बंपर, रीडिज़ाइन किए गए LED हेडलैंप और टेल-लैंप, और अलग-अलग एग्जॉस्ट आउटलेट शामिल हैं. इस SUV में 22-इंच के अलॉय व्हील वैसे ही हैं, जबकि दो नए 23-इंच व्हील डिज़ाइन ऑप्शनल एक्स्ट्रा के तौर पर दिए जा रहे हैं. Mercedes-Maybach GLS का इंजन Maybach GLS 600 में 4.0-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन इस्तेमाल किया जाता है. यह इंजन 550 bhp की पावर उत्पन्न करता है, जिसे एक इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर सपोर्ट करता है, जो 22 bhp की एक्स्ट्रा पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है. यह इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव के साथ आता है. Mercedes-Benz का दावा है कि यह कार 0-100 kmph की स्पीड 4.9 सेकंड में पकड़ लेती है, और इसकी टॉप स्पीड इलेक्ट्रॉनिक रूप से 250 kmph तक लिमिटेड रखी गई है. Mercedes-Maybach GLS के फीचर्स इस लग्ज़री SUV में स्टैंडर्ड के तौर पर एयरमैटिक एयर सस्पेंशन दिया गया है, जबकि डेडिकेटेड Maybach मोड वाला E-एक्टिव बॉडी कंट्रोल सिस्टम ऑप्शनल फीचर के तौर पर उपलब्ध है. अन्य फीचर्स में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, 360-डिग्री कैमरे, एक्टिव पार्किंग असिस्ट और गार्ड 360 व्हीकल प्रोटेक्शन पैकेज शामिल हैं. लॉन्च के अलावा, Mercedes-Benz India ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 19,007 यूनिट्स की डिलीवरी की रिपोर्ट दी. हालांकि वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम था. कंपनी ने बताया कि उसने अब तक का सबसे ज़्यादा सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है. एंट्री, कोर और टॉप-एंड मॉडल्स ने कुल बिक्री में क्रमशः 13 प्रतिशत, 62 प्रतिशत और 25 प्रतिशत का योगदान दिया.

कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक में सर्वेक्षण और बॉउंड्रेशन हुआ: ऊर्जा मंत्री

चंडीगढ़. झारखंड के कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से कोल ब्लॉक से संबंधित कुछ प्रक्रियात्मक पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था जिसका एचपीजीसीएल ने निर्धारित समय के भीतर विस्तृत जवाब भेज दिया है, साथ ही कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द न करने की सिफारिश भी की गई है। एचपीजीसीएल पिछले डेढ़ वर्ष से इस कोल ब्लॉक के विकास कार्य में जुटा हुआ है। इस पर अब तक करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हरियाणा सरकार के अनुसार, इस कोल ब्लॉक में लगभग 102.35 मिलियन टन कोयले का भंडार होने का अनुमान है। यहां खनन की अनुमानित लागत करीब 1,501 रुपये प्रति टन आंकी गई है। 33 वर्ष की अवधि के लिए कुल अनुमानित संविदा मूल्य लगभग 15,364 करोड़ रुपये बताया गया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि कोल ब्लॉक के विकास के लिए एचपीजीसीएल पहले ही माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (एमडीओ) की नियुक्ति कर चुका है। भूमि सर्वेक्षण एवं सीमा निर्धारण (बाउंड्री वर्क) का कार्य पूरा हो चुका है जबकि ड्रिलिंग का काम तेजी से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अन्य विकासात्मक गतिविधियां भी स्वीकृत समय-सीमा के अनुसार शुरू कर दी गई हैं। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि हिसार के खेदड़ में स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के विस्तार के तहत स्थापित की जा रही 800 मेगावाट की नई यूनिट के लिए केंद्र सरकार की शक्ति योजना के अंतर्गत कोल लिंकेज मंजूर कर दी गई है। इस यूनिट के चालू होने से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि क्षेत्र और घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वर्तमान परियोजना कार्यक्रम के अनुसार वर्ष 2030 तक इस कोल ब्लॉक से यमुनानगर स्थित थर्मल पावर प्लांट को कोयले की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल ब्लॉक का आवंटन पूरी तरह सुरक्षित है और सभी विकास कार्य योजनानुसार जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कोयला मंत्रालय की एक विशेष सर्वे एजेंसी द्वारा कोल ब्लॉक के आवंटन में हुई देरी के कारण हरियाणा सरकार की प्रक्रिया भी विलंब से शुरू हो सकी। इसके अलावा, झारखंड में हरियाणा को आवंटित यह कोल ब्लॉक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित है, जिससे कुछ गतिविधियों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

विजय हजारे ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल: कर्नाटक का स्कोर पहुंचा 50 के पार, करुण नायर क्रीज पर मौजूद

बेंगलुरु विजय हजारे ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल गुरुवार को कर्नाटक और विदर्भ के बीच बेंगलुरु में खेला जाएगा। दोनों टीमों जारी टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं। ग्रुप बी में विदर्भ ने सात मैच खेलते हुए पांच में जीत दर्ज की है, जबकि कर्नाटक ने इतने ही मैच खेलते हुए 6 मुकाबले जीते हैं। टूर्नामेंट के इतिहास में दोनों टीमें 4 बार आमने-सामने आईं है, जिसमें हर बार कर्नाटक ने बाजी मारी है। इस मुकाबले में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल पर भी नजरें होंगी। उन्होंने मौजूदा सत्र में चार शतक जड़े हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। अमन मोखाड़े ने भी टूर्नामेंट में खूब रन बटोरे हैं।   कर्नाटक का स्कोर 50 के पार शुरुआती दो झटकों के बाद कर्नाटक की पारी संभलती हुई दिखाई दे रही है। करुण नायर का साथ ध्रुव प्रभाकर दे रहे हैं। कर्नाटक का स्कोर 50 के पार पहुंच गया है।

पंजाब हुआ महंगाई वाले टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर

चंडीगढ़. कर्ज के बोझ में डूबे और महंगाई की मार झेल रहे पंजाब के लिए नया साल अच्छी खबर लाया है। सूबा उन टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर हो गया है जो महंगाई की सबसे अधिक मार झेल रहे हैं। राज्य की महंगाई दर कम होकर 1.82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार का जीएसटी दरों में कटौती करना प्रदेश के लिए राहत लेकर आया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में महंगाई दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि जरूरी सामान की कीमतें में कमी आई है। लोगों की जेब पर बोझ भी कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में सूबे की महंगाई दर 1.82 प्रतिशत तक दर्ज की गई है जबकि पिछले काफी महीनों से नवंबर 2025 तक पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल था जहां महंगाई दर सबसे अधिक थी। राष्ट्रीय स्तर पर भी महंगाई दर 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं 9.49% महंगाई दर के साथ केरल टॉप पर है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक की महंगाई दर 2.99%, आंध्र प्रदेश 2.71%, तमिलनाडु 2.67% और जम्मू एंड कश्मीर की 2.26% है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2026 में जीएसटी दरों में कटौती से पंजाब के जीएसटी राजस्व में 6.7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है जिससे सरकार को 1786 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी का कुल राजस्व वर्ष में बढ़कर 28,507 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्रदेश पर कर्ज के बोझ के बीच यह अच्छे संकेत हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य पर अनुमानित कर्ज 3.82 लाख करोड़ था जो 2025-26 के बजट के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष के अंत तक 4.17 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में भी आई कमी इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में भी कमी आई है। पंजाब में नवंबर 2025 के दौरान सीपीआई 190.8 दर्ज किया गया था, जो दिसंबर 2025 में कम होकर 190.4 हो गया है। अनुमान है और आगे सीपीआई में और कमी हो सकती है। सबसे अधिक सीपीआई केरल में 221.6 दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सीपीआई में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। नवंबर में यह 197.9 था, जो दिसंबर में बढ़कर 198 हो गया है। सीपीआई एक तरह का पैमाना है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि समय के साथ आम लोगों की तरफ से खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इसमें खाने-पीने का सामान, किराया, कपड़े, शिक्षा, इलाज, परिवहन, बिजली व पानी समेत अन्य सेवाएं शामिल होती हैं।

खराब प्रदर्शन पर नीतिश रेड्डी को नहीं ठहराया जिम्मेदार, भारतीय कोच ने किस पर डाला दोष? रोहित पर टिप्पणी

राजकोट भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने स्वीकार किया है कि ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी मौके दिए जाने के बावजूद ‘अधिकतर कुछ खास नहीं कर पाए’। उन्होंने साथ ही कहा कि रोहित शर्मा दो विजय हजारे ट्रॉफी मैच खेलने के बाद भी ‘कम क्रिकेट’ खेल रहे हैं। दूसरे वनडे के लिए भारत की एकादश में एकमात्र बदलाव के तौर पर शामिल रेड्डी बल्ले या गेंद दोनों से कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए जिससे मेजबान टीम बुधवार को यहां न्यूजीलैंड से सात विकेट से हार गई।   मैच के बाद डोएशे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘नितीश के साथ हम उन्हें तैयार करने और मैच खिलाने के बारे में बात करते रहते हैं और जब आप उन्हें खेलने के लिए मैच देते हैं तो वह अक्सर मैच में कुछ खास नहीं कर पाते हैं।’’ डोएशे ने संकेत दिया कि रेड्डी को दूसरे वनडे में मिले मौके का फायदा उठाना चाहिए था लेकिन वह सिर्फ 20 रन बना पाए और अपने दो ओवर में कोई विकेट नहीं ले पाए। न्यूजीलैंड ने भारत के 285 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट से मैच जीतकर तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘जो खिलाड़ी टीम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है, उसके लिए आज रात (बुधवार) बल्ले से यह शानदार मौका था जहां आपको विकेट पर 15 ओवर बिताने का मौका मिलता है। आपको टीम में चयन की अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए ऐसे मौकों का फायदा उठाना ही होगा।’’ डोएश ने कहा कि अगर अगर पीछे मुड़कर देखें तो भारत रेड्डी की जगह तीसरे स्पिनर को खिलाना पसंद करता, विशेषकर यह देखते हुए कि न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने परिस्थितियों का कितनी अच्छी तरह से फायदा उठाया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के फरमान के बाद भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों अपने-अपने राज्य की टीम के लिए 50 ओवर के शीर्ष घरेलू टूर्नामेंट में लौटे लेकिन इसके बावजूद डोएशे ने कहा कि रोहित पर्याप्त क्रिकेट नहीं खेल रहे। डोएशे ने कहा, ‘‘‘दोनों विकेट नई गेंद के लिए अच्छी थी। बल्लेबाजी करना आसान नहीं लग रहा था। अगर आप पहले वनडे में देखें तो वह (रोहित) उस लय में नहीं थे जिसमें वह आमतौर पर रहते हैं और यह उनके लिए एक चुनौती होगी, दो श्रृंखलाओं के बीच क्रिकेट नहीं खेलना।’’ जब डोएशे से पूछा गया कि क्या रोहित ने विकेट के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी शैली में बदलाव का फैसला जानबूझकर किया तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह जानबूझकर किया गया फैसला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह खतरनाक खिलाड़ी हैं लेकिन असल में वह लय में खेलने वाले खिलाड़ी हैं। वह गेंद को टाइम करते हैं इसलिए जैसे ही विकेट बहुत अच्छे नहीं होते तो उनके लिए उस लय में खेलना मुश्किल हो जाता है।’’ डोएशे ने कहा कि लोकेश राहुल जिस फॉर्म में हैं उसे देखते हुए उन्हें पांचवें नंबर पर भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल पांचवें नंबर पर खेलने के लिए अच्छा खिलाड़ी है। उसने शानदार शतक जड़ा और 50 ओवर के क्रिकेट में विकेटकीपिंग से भी असर पड़ता है। ऐसा नहीं है कि हम उसे बचा रहे हैं।’’ डोएशे ने कहा, ‘‘पिछले 18 महीने में हमारी एक रणनीति बल्लेबाजी क्रम को लंबा करना रही है और हम ऑलराउंडर का इस्तेमाल या तो ऊपरी क्रम या पांचवें नंबर पर करना पसंद करते हैं जैसा कि हमने पहले वाशी (वाशिंगटन सुंदर) के साथ किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह निश्चित रूप से एक विकल्प है जिस पर विचार किया जा सकता है। राहुल जिस फॉर्म में हैं उसे देखते हुए वह नियमित रूप से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और फिर आप ऑलराउंडर को खिला सकते हैं।’’ डोएशे ने पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में रविंद्र जडेजा के साधारण प्रदर्शन का भी बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि वह दबाव महसूस कर रहे हैं। उनके आंकड़े शानदार हैं। हाल में उन्हें शायद थोड़े कम विकेट मिले हैं। लेकिन यह चिंता की बात नहीं है। हमने उनकी गेंदबाजी की गति के मामले में जो चीजें देखी हैं, जिन चीजों पर हमने उसे काम करने के लिए कहा है, मुझे लगता है कि वह असल में बेहतर गेंदबाजी कर रहे हैं। इसलिए उम्मीद है कि विकेट भी मिलने लगेंगे।’’  

स्कॉर्पियो में आए बदमाशों ने शराब दुकान के कर्मचारी को किया किडनैप

रायपुर. तिल्दा के अंग्रेजी और देशी शराब की दुकान से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां अज्ञात बदमाशों ने अचानक दुकान में घुसकर पांच कर्मचारियों को अगवा कर लिया। इस घटना के दौरान एक कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला, जबकि चार कर्मचारियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। जानकारी के मुताबिक, दुकान में काम कर रहे कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्ति दुकान में घुस आए और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें जबरदस्ती दुकान के अंदर से अगवा कर लिया। इस दौरान आसपास के अन्य लोग और दुकान में काम करने वाले कर्मचारी दहशत में आ गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में छानबीन शुरू की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चार कर्मचारियों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, उनकी पहचान और पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिल्दा इलाके में पहले भी कभी-कभी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि शराब दुकान जैसी सार्वजनिक जगह पर कर्मचारियों का अगवा किया जाएगा। इसके चलते आसपास के व्यापारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए सभी संभावित ठिकानों और मार्गों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि अगर किसी को संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस मामले ने तिल्दा और आसपास के इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। वहीं, पुलिस जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाशों ने कर्मचारियों को अगवा क्यों किया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना किसी पहले से योजना बद्ध अपराध का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दे सकी है, लेकिन पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि जल्द ही चारों कर्मचारियों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।

पानी का प्रदूषण: हाईकोर्ट ने कहा- नालों में सीवेज मिलना बंद हो, पॉल्युशन बोर्ड की रिपोर्ट में 99 मिलियन लीटर सीवेज का खुलासा

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट पेश करके चौंकाने वाला खुलासा किया है। बोर्ड का कहना है कि जबलपुर के नालों का पानी जहरीला है। इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस जहरीले पानी से पैदा की जा रहीं सब्जियां कैसी होंगी? इस रिपोर्ट पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने  गहरी चिंता जताई है। बेंच ने अपना विस्तृत अंतरिम आदेश सुनाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की रिपोर्ट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित करके बेंच ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने कहा है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सरकार को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सुझावों पर तत्काल अमल किया जाए और इसकी रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई है। लॉ स्टूडेंट के पत्र को माना याचिका जबलपुर के एक लॉ स्टूडेंट समर्थ सिंह बघेल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर जबलपुर में नाले के पानी से सब्जियां पैदा किए जाने को चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस पत्र की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में कर रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। बोर्ड द्वारा 23 नवंबर 2025 को विभिन्न नालों, स्रोतों और खेतों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में साफ हुआ है कि यह पानी अत्यधिक दूषित है और इसमें बीओडी, टोटल कोलीफॉर्म व फीकल कोलीफॉर्म तय मानकों से कहीं अधिक पाए गए हैं। यह पानी न तो पीने योग्य है, न नहाने योग्य और न ही खेती के लिए सुरक्षित, इसके बावजूद इसका खुलेआम उपयोग हो रहा है। चेतावनी-गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि नालों का यह दूषित पानी किसी भी स्थिति में वॉटर पाइप लाइन में मिल गया, तो इससे गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि घरों से निकलने वाले सीवेज को सीधे नालों में जाने से तत्काल रोका जाए और नाले के पानी के किसी भी तरह के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। जहरीले पानी से खेती पर प्रतिबंध की मांग अपनी रिपोर्ट में PCB ने कहा है कि यह पानी पूरी तरह अनट्रीटेड सीवेज है, जिसमें फीकल कोलीफॉर्म जैसे घातक तत्व मौजूद हैं। ये तत्व मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे पानी से की जा रही खेती को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, विशेषकर वे खेत जो शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे में हैं या नालों के गंदे पानी से सिंचाई कर रहे हैं। वापस घरों में पहुंच रहा जहरीला पानी PCB के अनुसार, जबलपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 174 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि उपलब्ध 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स केवल 75.14 एमएलडी ही ट्रीट कर पा रहे हैं। वह भी कई बार आंशिक रूप से या रखरखाव के कारण बंद रहते हैं। नतीजतन, करीब 98.86 एमएलडी गंदा पानी रोज नालों और नदियों में जाकर वापस घरों में पहुंच रहा है। नवंबर में नालों से लिए थे सैंपल प्रदूषण बोर्ड की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने 23 नवंबर 2025 को ओमती नाला, मोती नाला, खूनी नाला सहित अन्य प्रमुख नालों से पानी के सैंपल लेकर जांच की थी। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि पानी में बीओडी, टोटल कॉलीफॉर्म और फीकल कॉलीफॉर्म की मात्रा निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार यह पानी पीने, नहाने, खेती या किसी भी अन्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है। नगर निगम पर लगा था 17.80 करोड़ का दंड मामले में यह भी सामने आया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जबलपुर नगर निगम पर 17.80 करोड़ रुपए का पर्यावरणीय दंड लगाया था। यह जुलाई 2020 से 31 मार्च 2025 के बीच घरों से सीधे नदियों और नालियों में सीवेज व प्रदूषित जल मिलाने के कारण लगाया गया था, लेकिन अब तक नगर निगम ने यह राशि जमा नहीं की है। दंड की वसूली की जिम्मेदारी जबलपुर जिला कलेक्टर की है, जिस पर हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है। 98.86 मिलियन लीटर दूषित पानी नालों में पहुंच रहा रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 174 मिलियन लीटर सीवेज उत्पन्न होता है। शहर में वर्तमान में 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं, जिनमें से केवल 75.14 मिलियन लीटर सीवेज का ही उपचार हो पा रहा है। ये ट्रीटमेंट प्लांट भी पूरी क्षमता से कार्यरत नहीं हैं। परिणामस्वरूप करीब 98.86 मिलियन लीटर अनुपचारित और दूषित पानी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नालों में पहुंच रहा है। सरकार व नगर निगम को नोटिस जबलपुर शहर में नालियों से गुजर रहीं पाइपलाइनों पर सवाल उठाने वाली एक अन्य जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार व नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। डेमोक्रेटिक लॉयर्स फोरम के अध्यक्ष ओपी यादव की ओर से दाखिल याचिका में राहत चाही गई है कि इन्दौर के भगीरथपुरा जैसे हालात जबलपुर में न बनें, इसके लिए नगर निगम को जरूरी निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र कुमार गुप्ता का पक्ष सुनने के बाद बेंच ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने दी धमकी, 8 राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग

तेहरान      ईरान में पिछले 18 दिन से जारी विरोध-प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं जिनमें अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इन मौतों के बीच अमेरिका लगातार धमकी दे रहा है कि अगर ईरान के खामेनेई शासन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी सख्ती नहीं रोकी तो वो सैन्य कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हाल ही में ट्रंप ने अगवा करवा लिया था और ऐसे में ईरान को लेकर उनकी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा रहा है. इस बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरान से कहा है कि वो राजनीतिक कैदियों को भी जल्द से जल्द रिहा करे. ट्रंप प्रशासन के फारसी भाषा के एक्स अकाउंट से एक ट्वीट में ईरान से राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग की गई है. ट्वीट में लिखा गया, 'हम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर चिंता जता रहे तो ये न समझा जाए कि हमने उन राजनीतिक कैदियों को भुला दिया है, जिन्हें इन विरोध प्रदर्शनों से पहले ही जेल में डाल दिया गया था.' ट्वीट में ईरान की जेल में बंद आठ राजनीतिक कैदियों के नाम लिखे गए हैं जिनमें शामिल हैं- नरगिस मोहम्मदी, सपीदेह गोलियान, जवाद अली-कोर्दी, पूरान नाजेमी, रजा खंदान, मजीद तवक्कोली, शरीफेह मोहम्मदी, हुसैन रोनागी.  ट्रंप प्रशासन की तरफ से ट्वीट में आगे लिखा गया, 'इन लोगों को लगातार हिरासत में रखा गया है जो गंभीर चिंता का विषय है. हम मांग करते हैं कि इस्लामिक रिपब्लिक का शासन इन सभी कैदियों को तुरंत रिहा करे.' कौन हैं वो 8 राजनीतिक कैदी जिन्हें जेल से छोड़ने की मांग कर रहा अमेरिका? नरगिस मोहम्मदी 2023 में शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली नरगिस मोहम्मदी ईरान की महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं. 53 साल की नरगिस मोहम्मदी एक लेखिका हैं और डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर (डीएचआरसी) की उप निदेशक भी हैं. महिला अधिकारों के अलावा वो अन्य मानवाधिकार मुद्दों पर भी काम करती हैं जिनमें मृत्युदंड के खिलाफ कैंपेन चलाना और भ्रष्टाचार के विरोध की मुहिम शामिल है. 2023 में 'ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ उनकी लड़ाई और सभी के लिए मानवाधिकार व स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के संघर्ष' के लिए उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया. नरगिस मोहम्मदी पर ईरान का खामेनेई शासन हमलावर रहा है और वो कई बार जेल जा चुकी है. जब उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया था तब भी वो जेल में ही थीं. मेडिकल ग्राउंड पर उन्हें जेल से बाहर रखा गया था लेकिन फिर पिछले साल दिसंबर में एक स्मृति सभा से दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और फिलहाल वो राजधानी तेहरान की एविन जेल में बंद हैं. सपीदेह गोलियान ईरान की महिला अधिकार कार्यकर्ता गोलियान खामेनेई शासन के निशाने पर रही हैं और कई बार जेल जा चुकी हैं. गोलियान एक लेखिका और फ्रीलांस जर्नलिस्ट भी हैं जो कि महिला अधिकारों और महिला श्रम के क्षेत्र में काम करती हैं. हड़ताल कर रहे श्रमिकों के समर्थन के लिए गोलियान को पहली बार 2018 में गिरफ्तार किया गया था और 11 जून 2025 को रिहा कर दिया गया. हालांकि, मोहम्मदी के साथ इन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि ये भी स्मृति सभा का हिस्सा थीं. जवाद अली कोर्दी- अली-कोर्दी ईरान के मानवाधिकार वकील, यूनिवर्सिटी लेक्चरर और सिटी काउंसिल के पूर्व सदस्य हैं. 1 मार्च 2025 को इन्हें मशहद स्थित उनके ऑफिस से गिरफ्तार किया गया और ईरान के खिलाफ प्रोपेगेंडा के आरोप में हिरासत में लिया गया. उन्हें 11 अगस्त 2025 को रिहा किया गया, लेकिन अधिकारियों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कंट्रोल में रखा गया. उनके भाई और सहकर्मी खोसरो अली-कोर्दी की दिसंबर में मौत हो गई थी जिसके लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ही नरगिस मोहम्मदी और गोलियान को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की. 10 दिसंबर को जवाद अली-कोर्दी को मशहद की क्रांतिकारी अदालत ने तलब किया और 12 दिसंबर 2025 को उन्हें उनके ऑफिस से सुरक्षा बलों ने हिंसक तरीके से गिरफ्तार कर लिया. उनके खिलाफ 'राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ सभा करने और साजिश रचने' तथा 'राज्य के खिलाफ प्रोपेगेंडा' के आरोप लगाए गए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें एकांत कारावास में रखा गया है. पूरान नाजेमी नाजेमी ईरान के करमान प्रांत से हैं और महिला और नागरिक अधिकारों के लिए काम करती हैं. इन्हें भी नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी के साथ गिरफ्तार किया गया था.  रजा खंदान खंदान ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और ग्राफिक डिजाइनर हैं. इन्होंने हिजाब आंदोलन के दौरान प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था और मौत की सजा के खिलाफ भी आवाज उठाते रहे हैं. इन्हें 2018 और 2021 के बीच कई बार जेल भेजा जा चुका है. 14 दिसंबर 2024 को ईरानी अधिकारियों ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया और अभी वो जेल में ही हैं मजीद तवक्कोली  तवक्कोली ईरान के स्टूडेंट लीडर और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं जो लंबे समय से जेल में हैं. छात्रों के समर्थन में सरकार की आलोचना के लिए 2009 में पहली बार वो जेल गए थे. ईरानी शासन की आलोचना को लेकर फिलहाल वो 9 साल की कैद में हैं. शरीफेह मोहम्मदी मोहम्मदी ईरान की सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिन्हें देशद्रोह के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है. 22 वर्षीय ईरानी छात्रा महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में सितंबर 2022 से देशव्यापी आंदोलन शुरू हुए थे. हुसैन रोनागी रोनागी ईरान के ब्लॉगर, इंटरनेट की आजादी के हिमायती और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. इन्हें भी कई बार जेल भेजा जा चुका है. ईरानी शासन की आलोचना के लिए पहली बार 13 दिसंबर 2009 को इन्हें जेल भेजा गया था. 15 साल की सजा हुई लेकिन 2019 में रिहा कर दिए गए. फिर फरवरी 2022 में गिरफ्तार हुए और जल्द ही छोड़ दिए गए. हिजाब आंदोलन के दौरान फिर से गिरफ्तार हुए और खराब सेहत के बावजूद अब भी जेल में कैद हैं.

विवाह निमंत्रण पत्र की ये चूक बन सकती है वैवाहिक जीवन में बाधा

शादी का कार्ड सिर्फ एक निमंत्रण पत्र नहीं होता, बल्कि यह आपके नए जीवन की शुरुआत का पहला औपचारिक संदेश होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, विवाह पत्रिका में रंग, शब्द और प्रतीकों का सही चयन घर में सुख-समृद्धि लाता है। अगर कार्ड बनवाते समय वास्तु के नियमों की अनदेखी की जाए, तो यह वैवाहिक जीवन में अनचाही बाधाएं पैदा कर सकता है। वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आइए जानते हैं कि शादी के कार्ड में क्या चीजें होनी चाहिए और क्या नहीं- रंगों का चुनाव वास्तु के अनुसार, शादी के कार्ड के लिए लाल, पीला, केसरिया या क्रीम रंग सबसे शुभ माने जाते हैं। लाल रंग: प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक है। पीला रंग: ज्ञान और नई शुरुआत का सूचक है। क्या न करें: शादी के कार्ड में कभी भी काले या गहरे भूरे (Dark Brown) रंग का इस्तेमाल मुख्य रंग के तौर पर नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। शुभ प्रतीकों का महत्व कार्ड पर देवी-देवताओं और मंगल प्रतीकों का होना सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है। गणेश जी की प्रतिमा: किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से होती है, इसलिए कार्ड पर उनकी छवि अनिवार्य है। स्वास्तिक और कलश: ये चिन्ह सुख और वैभव का प्रतिनिधित्व करते हैं। ध्यान दें: आजकल मॉडर्न दिखने के चक्कर में लोग अजीबोगरीब आकृतियां बनवाते हैं, जिनसे बचना चाहिए। शब्दों और भाषा की शुद्धता 1. कार्ड पर लिखे शब्दों का प्रभाव गहरा होता है। 2. निमंत्रण की भाषा सौम्य और आदरपूर्ण होनी चाहिए। 3. ध्यान रखें कि कार्ड पर अपशब्द या भारी-भरकम शब्द न हों जो पढ़ने में नकारात्मक लगें। किन चीजों से बचें? नुकीले किनारे: वास्तु के अनुसार, कार्ड के कोने बहुत ज्यादा नुकीले नहीं होने चाहिए। गोलाई वाले या चौकोर किनारे बेहतर माने जाते हैं। अधूरी जानकारी: कार्ड पर शुभ मुहूर्त और तिथि साफ-साफ लिखें। अधूरी जानकारी भ्रम और वास्तु दोष पैदा करती है। चित्रों का चयन: कार्ड पर युद्ध, सूखे पेड़ या किसी भी उदास कर देने वाले चित्र का प्रयोग भूलकर भी न करें। वितरण का सही समय वास्तु शास्त्र कहता है कि शादी का पहला कार्ड हमेशा अपने कुलदेवता या भगवान गणेश को अर्पित करना चाहिए। इसके बाद ही सगे-संबंधियों को बांटना शुरू करें। शादी का कार्ड आपके खुशहाल भविष्य की नींव है। वास्तु के इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपने विवाह उत्सव को और भी मंगलमय बना सकते हैं।

गेंदबाजी में भारत का कहर, अमेरिका के बल्लेबाज टिक नहीं सके

जिम्बाब्वे भारत और अमेरिका के बीच अंडर 19 विश्व कप का पहला मुकाबला गुरुवार को बुलावायो (जिम्बाब्वे) में खेला जा रहा है। आयुष म्हात्रे के नेतृत्व वाली भारतीय टीम शानदार फॉर्म में हैं। टीम ने हाल ही में अफ्रीका को 3 मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। वहीं उससे पहले अंडर-19 एशिया कप में फाइनल तक का सफर तय किया था। भारतीय टीम अंडर 19 विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ करेगी, जोकि कागज पर काफी कमजोर टीम नजर आ रही है। अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में भारत सबसे सफल टीम रही है। अब तक 16 अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम 5 बार चैंपियन रही है। टूर्नामेंट की शुरुआत 1988 में हुई थी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था। अमेरिका ने पूरे किए 50 रन अमेरिका ने भारत के खिलाफ अंडर-19 विश्व कप के पहले मुकाबले में 20वें ओवर में 50 रन पूरे कर लिए हैं। अमेरिका की आधी टीम पवेलियन लौटी अमेरिका की आधी टीम 17 ओवर के अंदर ही पवेलियन लौट गई है। अमोघ 13 गेंद में 3 रन बनाकर आउट हुए। दीपेश देवेन्द्रन ने दिलाई दूसरी विकेट हेनिल पटेल के बाद चमके दीपेश देवेन्द्रन, साहिल गर्ग को आउट कर उन्होंने भारत को दूसरी सफलता दिला दी है। 10 ओवर के बाद यूएसए 2 विकेट के नुकसान पर 32 रन।