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AI ने कहा ‘नो बिकनी’, X के नए नियमों का दावा और टेस्ट में सामने आई अलग हकीकत

आखिरकार दुनियाभर में भद्द पिटवाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने अपने AI चैटबॉट Grok में जरूरी बदलाव किए हैं। ये बदलाव इसलिए किए गए हैं ताकि X पर लोग Grok का इस्तेमाल करके लोगों की अनुचित तस्वीरें न बनाई जा सकें। बता दें कि इससे पहले AI चैटबॉट Grok के जरिए लोग महिलाओं और नाबालिगों की तस्वीरें X पर शेयर करके डिजिटली उनके कपड़े उतार रहे थे। The Verge की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में आलोचना और कार्रवाई की धमकी मिलने के बाद X ने इसे लेकर जरूरी बदलाव किए हैं। हालांकि इस फीचर को टेस्ट करने वाले पत्रकारों ने बताया है कि Grok अभी भी अश्लील तस्वीरे बना रहा है। इससे पहले X के मालिक एलन मस्क ने कहा था कि वह इसे ठीक कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्रकारों ने टेस्ट में पाया कि Grok अभी भी बेहद आसानी से किसी की भी बिना कपड़ों के तस्वीर बना पा रहा है। क्या है पूरा मामला? दरअसल X के AI चैटबॉट Grok का इस्तेमाल किसी की भी फोटो को अश्लील बनाने के लिए किया जा रहा था। इस अनिचित फीचर के निशाने पर ज्यादातर महिलाएं और यहां तक कि नाबालिग भी थे। बता दें कि इस तरह की तस्वीरों को डीपफेक कहा जाता है, यानी कि ऐसी नकली तस्वीरें जो कि बिलकुल असली लगती हैं। इस खतरनाक फीचर का इस्तेमाल किसी की भी प्रतिष्ठा की धज्जियां उड़ाने के लिए किया जा सकता था। इसे लेकर एलन मस्क का कहना था कि ऐसा यूजर्स और हैकर्स की वजह से हो रहा है लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का कहना था कि बाकी AI टूल्स की तुलना में Grok में अश्लीलता को लेकर किसी तरह के फिल्टर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। मस्क ने रातों-रात किया बदलाव मंगलवार को X की ओर से घोषणा हुई हैं कि उन्होंने Grok की पॉलिसी में बदलाव किए हैं। अब लोग उनके AI टूल का इस्तेमाल कर अश्लील तस्वीरें नहीं बना सकेंगे। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को भी टेस्टिंग में Grok अश्लील तस्वीरें बनाते पाया गया। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि कंपनी की कथनी और करनी में फर्क हैं। क्या कर रहीं सरकारें? X को पहले ही भारत सरकार की ओर से अल्टीमेटम मिल चुका है और X ने अपनी गलती भी मानी है। वहीं ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था Ofcom ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इसी हफ्ते ब्रिटेन में एक कानून पास होने वाला है, जिसके मुताबिक किसी की बिना सहमति अश्लील डीपफेक बनाने को अपराध घोषित किया जाएगा। ब्रिटेन की सरकार ने साफ किया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक X पूरी तरह से अपने AI टूल को सुधार नहीं लेता। क्या सुधर गया Grok? एलन मस्क और X की ओर से भले कहा जा रहा हो कि उन्होंने X में जरूरी बदलाव किए हैं लेकिन इसे टेस्ट करने वाले पत्रकारों ने बताया है कि Grok अभी भी अश्लील तस्वीरें बना रहा है।

गुमला में रफ्तार का कहर: हाईवा ने पिकअप वैन को रौंदा, चार लोगों की मौके पर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई। इस घटना में अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत भड़गांव के पास उस वक्त हुआ, जब एक हाईवा वाहन ने एक पिकअप वैन को पीछे से तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में टाटा मैजिक पिकअप पर सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, टाटा मैजिक पिकअप में सवार सभी लोग रांची से गुमला की ओर तिलकुट बेचने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी रांची के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाईवा चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पिकअप को पीछे से टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक हाईवा लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को पहले सिसई रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के थानों और रांची पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

हंस महापुरुष योग का महासंयोग: 12 साल बाद इन राशियों पर बरसेगा पैसा

12 साल बाद गुरु बृहस्पति अपनी राशि बदलने जा रहे हैं. इस गोचर के कारण हंस महापुरुष योग बनेगा. दरअसल, बृहस्पति कर्क राशि में 2 जून 2026 की रात को प्रवेश करेंगे. इससे तीन राशियों के लोगों को अधिक सौभाग्य प्राप्त होगा. उन्हें अपने कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. हंस महापुरुष योग वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति की ओर से बनाया गया एक शक्तिशाली राज योग है, जो तब बनता है जब बृहस्पति अपनी ही राशि (मीन, धनु) या अपने लग्न भाव (कर्क) में केंद्रीय स्थिति (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम भाव) में होता है. हंस महापुरुष योग बनने से व्यक्ति को ज्ञान, धन, सम्मान और धार्मिक विनम्रता प्रदान हासिल होती है, ऐसे में आइए जानते हैं कि बारह राशियों में से वे कौनसी तीन भाग्यशाली राशियां हैं, जिनके लोगों के लिए ‘सोने पर सुहागा’ वाली कहावत सटीक बैठ रही है? कन्या राशि बृहस्पति द्वारा महापुरुष राजयोग बनने से कन्या राशिवालों को आय के मामले में सकारात्मक लाभ मिलेगा. चूंकि बृहस्पति आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहा है इसलिए इस दौरान आपकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. आप नए तरीकों से भी धन अर्जित करेंगे. शेयर बाजार, सट्टेबाजी और लॉटरी से लाभ होने की संभावना है. आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. आपका करियर ऊंचाइयों को छुएगा. व्यापारियों को बड़े व्यापारिक सौदे करने का अवसर मिलेगा. कन्या राशिवालों को अपने बच्चों से संबंधित खुशखबरी मिलेगी. तुला राशि तुला राशि के लोगों को गुरु-हंस महापुरुष राजयोग के बनने से अपार लाभ प्राप्त होगा. यह राजयोग आपके संचार कुंडली के कर्म भाव में बनेगा इसलिए इस दौरान आपको अपने काम और करियर में अच्छी तरक्की देखने को मिलेगी. काम करने वालों को कार्यालय में उनके काम की सराहना मिलेगी. इस राशि के जातकों को बड़ों का पूरा सहयोग मिलेगा. इस दौरान भविष्य की योजनाएं सुव्यवस्थित और मजबूत नजर आएंगी. सामाजिक सहयोग भी मिलेगा. इस दौरान व्यापारियों को अच्छा आर्थिक लाभ हो सकता है. नए व्यापारियों के लिए यह व्यवसाय शुरू करने का अच्छा समय है. वृश्चिक राशि इस राशि के लिए हंस महापुरुष राजयोग के अच्छे परिणाम मिलेंगे. यह राजयोग आपकी राशि से नौवें भाव में बनेगा. यहां मंगल की स्थिति बहुत मजबूत होगी इसलिए इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी. आप कुछ धार्मिक या शुभ आयोजनों में भी भाग ले सकते हैं. यह अवधि आध्यात्मिक और व्यक्तिगत विकास के लिए अनुकूल रहेगी. रचनात्मक कार्यों और कलात्मक गतिविधियों में आपको सफलता मिलेगी. यात्रा या नए संबंध इस दौरान नए अवसर प्रदान करेंगे. अपनी बढ़ी हुई रचनात्मकता के साथ आप जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त करेंगे.

एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में आएंगे 1836 करोड़ रूपये

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 16 जनवरी को माखन नगर (बाबई), जिला नर्मदापुरम में आयोजित लाड़ली बहनों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत प्रदेश की बहनों के खातों में राशि का अंतरण करेंगे। प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार से अधिक पात्र बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जायेगी। साथ ही 29 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ से अधिक राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 से की गई थी। योजना के अंतर्गत माह नवंबर 2025 से राशि में 250 रुपये की वृद्धि की गई है। अब पात्र हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना में जून 2023 से दिसंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता की 31 किश्तों का नियमित रूप से अंतरण किया जा चुका है। जनवरी 2026 में योजना की 32वीं किश्त का लाड़ली बहनों के खातों में अंतरण किया जायेगा। योजना अंतर्गत अब तक जून 2023 से दिसंबर 2025 की अवधि में कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के दौरान 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपये का अंतरण किया गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित किया गया है। आगामी समय में योजना की हितग्राही महिलाओं को विभिन्न रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें।  

धामी सरकार का बड़ा कदम: यूसीसी में बदलाव, उपनल कर्मियों पर भी आया बड़ा निर्णय

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में आज बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के 19 प्रस्ताव रखे गए। इसमें यूसीसी में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, उपनल कर्मचारियों के लिए भी समान वेतन को लेकर बड़ा निर्णय हुआ है। ये हुए फैसले     पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।     चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।     निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।     उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।     यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।     2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।     वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।     बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50% के साथ अब राज्य से 25% अतिरिक्त मिलेंगे।     दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।     उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से 8000 कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।     सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।     उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।     खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।     विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।     ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।     बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।     यूसीसी में संशोधन को मंजूरी। अध्यादेश आएगा। जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।     उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।      केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।  

BMC चुनाव: Exit Poll ने दिखाया बड़ा उलटफेर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका

मुंबई महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वोटिंग शाम 5.30 बजे खत्म हुई. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, कुल बीएमसी के 227 वार्ड में से बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं यूबीटी को 58 से 68 सीटें मिल सकती हैं. महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित होंगे. महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित होंगे. महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वोटिंग शाम 5.30 बजे खत्म हुई. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, बीएमसी के कुल 227 वार्ड में से बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं यूबीटी को 58 से 68 सीटें मिल सकती हैं. मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, नासिक, मालेगाव, अहिल्यानगर, जलगाव, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिराज-कुपवाड, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर नगर निगमों में भी वोटिंग हुई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका के 227 वार्डों के लिए इस बार 1,700 उम्मीदवार मैदान में थे. नतीजों की घोषणा कल यानी शुक्रवार को होगी. सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी.   मुंबई बीएमसी चुनाव के एग्जिट पोल नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि ठाकरे परिवार अब महाराष्ट्र के लोगों के साथ वह कनेक्शन नहीं रखता, जो पहले कभी हुआ करता था. Axis My India के एग्जिट पोल के अनुसार, बीएमसी चुनाव में यूबीटी गठबंधन को 58 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं बीजेपी गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं.

US में भारतीयों के खिलाफ नफरत क्यों बढ़ी? ट्रंप दौर की नीतियों ने कैसे बनाया टारगेट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के तहत वीजा नियमों में किए गए बदलाव भारतीयों के लिए कई परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक कुशल कामगारों के लिए मिलने वाले H-1B वीजा नियमों में बदलाव के बाद भारतीय प्रोफेशनल्स और भारतीय मूल के कारोबारियों के खिलाफ अमेरिका में नफरत भरा माहौल बना है और भारतीयों के प्रति भेदभाव भी बढ़ता दिख रहा है।   बता दें कि ट्रंप सरकार ने नए नियमों के तहत H-1B वीजा के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दिया गया है। इसके साथ ही वेतन के आधार पर चयन की व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों को प्राथमिकता मिलेगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। वहीं फरवरी से नियम और सख्त होने वाले हैं। अमेरिकी अधिकारी सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले लेवल-4 H-1B आवेदकों को प्राथमिकता देंगे। इससे कई कुशल विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए वीजा पाना और मुश्किल हो जाएगा। बड़ी कंपनियां निशाने पर रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए इन बदलावों के बाद हालात और बदतर हुए हैं। कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां, जैसे फेडएक्स, वॉलमार्ट और वेरिजोन को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निशाना बनाया गया है। सोशल मीडिया पर इन कंपनियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे गैरकानूनी तरीके से भारतीयों को नौकरियां ‘बेच’ रही हैं। नौकरी चोर’ और ‘वीजा स्कैमर’ का टैग एडवोकेसी ग्रुप ‘स्टॉप एएपीआई हेट’ और काउंटर टेररिज्म फर्म ‘मूनशॉट’ के मुताबिक पिछले साल नवंबर में दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ हिंसा की धमकियों में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गालियों और अपशब्दों के इस्तेमाल में भी 69 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। बीते दिसंबर में भी एक भारतीय कंपनी को जमकर निशाना बनाया गया। दरअसल सोशल मीडिया पर फेडएक्स के एक क्षतिग्रस्त ट्रक का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद भारतीय मूल के सीईओ राज सुब्रमणियम को निशाना बनाया गया। ऑनलाइन पोस्ट में ‘अमेरिकी कंपनियों पर भारतीय कब्जा रोकने’ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। हालांकि फेडएक्स ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। मामले पर बात करते हुए सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकिब नाइक ने बताया कि इनमें से कई हमले संगठित कैंपेन का हिस्सा प्रतीत हैं। उनके मुताबिक, सरकारी स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से लोन लेने वाले भारतीय-अमेरिकी कारोबारियों को खास तौर पर निशाना बनाया गया है। नाइक ने चेतावनी दी कि भेदभाव बढ़ रहा है और भारतीयों को ‘नौकरी चोर’ और ‘वीजा स्कैमर’ तक कहा जा रहा है। ऐसे माहौल में कम्पनियां समावेशी वातावरण बनाने की नीति को होल्ड पर डाल चुकी हैं।  

आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान, साख बचाने के लिए सरकारी उपक्रम बेचने की मजबूरी

नई दिल्ली पाकिस्तान की सरकारी कंपनियों को राजनीतिक दखल, खराब शासन और अव्यवस्था की वजह से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एक पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि हालात ऐसे हैं कि सरकारी कंपनियां बहुत कम कीमतों पर प्रोडक्ट्स और सर्विस बेचने के लिए मजबूर हैं। पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार शासन में सुधार करने के बजाय, एक के बाद एक आने वाली सरकारें मुश्किल फैसले टालती रहती हैं। सरकारी कंपनियों को खराब परफॉर्मेंस, राजनीतिक हस्तक्षेप और कमजोर उत्तरदायित्व के बावजूद नियमित तौर पर बनाए रखा जाता है। जब वे भारी नुकसान और बहुत ज्यादा कर्ज जमा कर लेती हैं, तभी अचानक निजीकरण को हल मान लिया जाता है। यह पैटर्न सभी क्षेत्रों में एक जैसा दिखता है। व्यवसायिक मैनेजमेंट की जगह धीरे-धीरे राजनीतिक नियुक्ति ले लेती है, और कमर्शियल अनुशासन खत्म हो जाता है। सालों की अनदेखी और पब्लिक फंड डालने के बाद ऐसी कंपनियों को बेचने से नुकसान सामाजिक हो जाता है और फायदे प्राइवेट हो जाते हैं। पाकिस्तान में निजीकरण शायद ही कभी कोई जानबूझकर या अच्छी तरह से प्लान किया गया इकोनॉमिक रिफॉर्म रहा हो। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) इस नाकामी को साफ तौर पर दिखाता है। कभी एक जानी-मानी क्षेत्रीय एयरलाइन, पीआईए को ज्यादा स्टाफ, राजनीतिक हस्तक्षेप और बिजनेस लॉजिक की कमी ने कमजोर कर दिया। एक के बाद एक सरकारों ने एयरलाइन को एक कमर्शियल एंटिटी के बजाय सिर्फ पैसे कमाने का जरिया माना। इसे चालू रखने के लिए अरबों रुपए खर्च किए गए, जबकि सर्विस की क्वालिटी खराब होती गई और प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई। पीआईए का निजीकरण किया जाना कोई रणनीतिक योजना नहीं थी। यह लंबे समय से चली आ रही गवर्नेंस की नाकामी को मानना ​​था। प्राइवेटाइजेशन के सपोर्टर अक्सर टेलीकॉम कंपनी पीटीसीएल को इस बात का सबूत बताते हैं कि प्राइवेट ओनरशिप से परफॉर्मेंस बेहतर होती है। असल में, प्राइवेटाइजेशन के बाद पीटीसीएल ने ऑपरेशनल और तकनीकी सुधार किए। नेटवर्क मॉडर्नाइजेशन और सर्विस का विस्तार हुआ। फिर भी यह उदाहरण पाकिस्तान के प्राइवेटाइजेशन के तरीकों में गहरी कमियों को भी सामने लाता है। सालों बाद भी, हजारों पुराने सरकारी कर्मचारी और पेंशनर पेंशन, सर्विस रेगुलराइजेशन, और प्राइवेटाइजेशन के बाद के अधिकारों को लेकर चल रहे केस में फंसे हुए हैं। ये अनसुलझे झगड़े बताते हैं कि कैसे इंसानी और कानूनी खर्चों को दूसरी चिंता माना गया। आर्टिकल में कहा गया है कि वे एक ऐसे प्रोसेस का खुलासा करते हैं जो इंस्टीट्यूशनल जिम्मेदारी को सुरक्षित रखने के बजाय लेनदेन को पूरा करने पर फोकस करता है। प्राइवेटाइजेशन से कंज्यूमर्स को अपने आप कम कीमतों का फायदा मिलता है, यह सोच गुमराह करने वाली है। पाकिस्तान का अपना अनुभव इस सोच को गलत साबित करता है। के-इलेक्ट्रिक इसका एक साफ उदाहरण है। प्राइवेटाइजेशन के बावजूद, बिजली के टैरिफ कम नहीं हुए हैं, बल्कि रिकॉर्ड लेवल तक बढ़ गए हैं।

जीवन बदल देने वाले नीम करौली बाबा के विचार, तनाव से दिलाएंगे मुक्ति

नीम करोली बाबा का नाम ज्यादातर लोग जानते हैं। कलियुग में हनुमान का अंश बोले जाने वाले ये बाबा इस धरती पर नही हैं। लेकिन उनकी शिक्षाएं और उपदेश लोगों को रास्ता जरूर दिखा रही हैं। जीवन में आगे बढ़ने, निराशा और असफलता को छोड़ कर आगे बढ़ने की सीख देने वाले उपदेशों को आप भी एक बार जरूर पढ़ लें। इन्हीं उपदेशों की बदौलत स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्क तक उनके आश्रम तक चले जाए और उपदेशों से प्रभावित हुए। अगर मन की शांति और सुकून छिन गया है तो पढ़ लें नीम करोली बाबा के ये उपदेश। नीम करोली बाबा के उपदेश 1) सबकी सेवा करो, सबको भोजन दो और सबसे प्यार करो। इन तीन कामों को करते हुए बस भगवान को याद करो। 2) चाहे किसी ने तुम्हें तकलीफ दी हो लेकिन सबको भगवान समझकर ही प्यार करो। 3) जब आप दुखी, बीमार या परेशान होते हैं तो उस समय आप जीवन की सच्चाईयों को सीख रहे होते हैं। इसलिए दुख-तकलीफ से घबराना नहीं चाहिए। ये आपके लिए किसी लेसन की तरह होते हैं। 4) कर्म की सबसे बड़ी पूजा है। इसलिए भागवद् गीता के इस उपदेश को मानना चाहिए। 5) बाहर की दुनिया देखने की बजाय अपने अंदर देखों, झांको और खुद को समझने की कोशिश करो। 6) किसी को माफ कर देना सबसे बड़ा हथियार होता है। क्योंकि संत अपने गुस्से को तुरंत ही छोड़ देते हैं। 7) हमेशा ऐसे लोगों की संगत में रहो जो पॉजिटिव सोचते हैं। ऐसे लोगों का साथ आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। 8) हर इंसान में ईश्वर को देखो। धर्म और कर्म के आधार पर शिक्षा देना पूरी तरह से गलत है। 9) खुद को साधारण मानों और अपने भगवान से पूछो क्या मैं कुछ नहीं कर सकता। इसके साथ ही ये मान कर चलो कि जो कुछ भी आप करते हैं वो सब भगवान कर रहा है।

मार्कर इंक पर बवाल: बीएमसी चुनाव में धांधली का दावा, राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को घेरा

मुंबई बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। इस बीच कुछ वोटर्स ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि उनके अंगुलियों पर लगाया गया मार्कर का निशान आसानी से साफ हो जाता है। इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने भी चिंता जाहिर की है। वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर चुनाव जीतना चाहती है। सरकार ने तय कर लिया है कि इस चुनाव को किसी भी तरह जीतना है। ये वही तरीका है जो उन्होंने विधानसभा चुनावों में अपनाया था। पहले अमिट स्याही इस्तेमाल होती थी, लेकिन अब मार्कर का उपयोग किया जा रहा है। ये मार्कर सैनेटाइजर से आसानी से साफ हो जाता है। ऐसे चुनाव जीतकर सत्ता में आना लोकतंत्र नहीं कहला सकता। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए पूछा कि विकास की बात करने वाले लोग अगर वोट की सच्चाई को मिटाकर दोबारा वोट डाल सकते हैं, तो ये किस तरह का विकास है? राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार और आयोग मिलकर लोकतंत्र के नियमों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बीएमसी चुनाव में सत्ता को जीत मिल सके। उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई। राज ठाकरे का आरोप है कि मुख्यमंत्री फडणवीस की सरकार जानबूझकर विपक्ष को हाशिए पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि जो सिस्टम है, उसमें सत्ता पक्ष किसी भी हद तक जीतना चाहता है। मनसे प्रमुख का कहना है कि जब हमने डुप्लिकेट वोटर्स का मुद्दा उठाया, तो चुनाव आयोग ने दूरी बना ली। वीवीपीएटी मशीनों पर सवाल उठाए, तो अनसुना कर दिया गया। राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद भी उम्मीदवार घर-घर जाकर मिल रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने सत्ताधारी पार्टी को पैसे बांटने की सुविधा देने के लिए ये अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह सत्ता पक्ष के हाथ की कठपुतली बना हुआ है। ये मरते हुए लोकतंत्र का संकेत है। दरअसल, इस मामले में मामला तब और गंभीर हो गया, जब दादर के छाबिलदास स्कूल में एक डुप्लिकेट वोटर पकड़ा गया। इसके बाद राज ठाकरे ने अपने समर्थकों और शिवसेना कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और वोटिंग बूथों की निगरानी करें ताकि कोई भी फर्जीवाड़ा न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि धोखाधड़ी से चुनाव जीतना असली जीत नहीं है। उनकी पार्टी ऐसे गड़बड़ियों को रोकने के लिए काम कर रही है, लेकिन लोकतंत्र की लंबी उम्र को लेकर गहरी चिंता है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ही चुनाव से जुड़ी सभी चीजों का फैसला करता है। मार्कर पेन पहले भी इस्तेमाल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर संदेह है तो आयोग अलग पेन इस्तेमाल करे। यहां तक कि ऑयल पेंट भी इस्तेमाल कर सकते हैं। फडणवीस ने यह भी चेतावनी दी कि संस्थान और चुनाव प्रक्रिया पर लगातार शक करना सही नहीं है। बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने जांच का आदेश दिया। कई शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने नए निर्देश दिए कि वोटर्स की अंगुलियों पर जो इंक लगाई जाए, वह त्वचा में अच्छी तरह से लगे ताकि आसानी से न मिट सके। नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पारंपरिक इंडलेबल इंक की जगह मार्कर किट उपलब्ध कराई थी। चुनाव आयोग का कहना है कि ये मार्कर 2012 से हर लोकल बॉडी चुनाव में इस्तेमाल हो रहे हैं।