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अमेरिकी सीनेटरों ने डोनाल्ड ट्रंप को लिखी चिट्ठी, दाल पर 30% टैरिफ हटाने की अपील

 नई दिल्‍ली कुछ दिन पहले ही अपडेट आया था कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के फर्स्‍ट स्‍टेज की बातचीत लगभग पूरी ही हो चुकी है, जल्‍द ही इसका ऐलान किया जा सकता है. इस बीच अमेरिकी सीनेटर्स ने राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को चिट्ठी लिखी है और भारत को अमेरिकी मटर दाल पर से टैक्‍स हटाने की मांग की है.  ट्रंप को लिखी चिट्ठी में अमेरिकी सीनेटरों ने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट में 'दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान' की मांग की है.  राष्ट्रपति ट्रंप से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि भारत पीली मटर (दलहन) पर 30% टैक्स हटा दे, जिसे अमेरिकी किसान बेचना चाहते हैं.  भारत दालों का सबसे बड़ा यूजर  नॉर्थ डकोटा और मोंटाना मटर समेत दलहन फसलों के टॉप दो उत्पादक हैं और भारत इन फसलों का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो दुनिया की कुल खपत का लगभग 27% हिस्सा यूज करता है. जैसे-जैसे यूनाइटेड स्टेट्स व्यापार में असमानताओं को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, अमेरिकी किसान इस कमी को पूरा करने में मदद करने के लिए तैयार हैं.  उन्‍होंने ट्रंप से कहा कि जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ रही है, हम आपसे रिक्वेस्ट करते हैं कि यूनाइटेड स्टेट्स और रिपब्लिक ऑफ इंडिया के बीच होने वाले किसी भी एग्रीमेंट में दालों की फसलों के लिए जोर दें. भारत में सबसे ज्‍यादा खाई जाने वाली दालें मसूर, चना, सूखी बीन्स और मटर हैं, फिर भी उन्होंने अमेरिकी दालों पर काफी टैरिफ लगाया है. अमेरिका को हो रहा नुकसान ट्रंप को लिखे लेटर में कहा गया है कि भारत ने 30 अक्टूबर, 2025 को पीली मटर पर 30% टैरिफ लगा दिया. यह ड्यूटी 1 नवंबर, 2025 से लागू है, जिस कारण अमेरिकी दालों के प्रोड्यूसर्स को भारत में अपने हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट करते समय कॉम्पिटिशन में काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. पहले भी कर चुके हैं मांग  सीनेटरों ने ट्रंप से कहा कि आपके पहले कार्यकाल में हमने आपको इस मुद्दे पर लिखा था, और आपने 2020 में भारत के साथ ट्रेड बातचीत के दौरान हमारा लेटर प्रधानमंत्री मोदी को खुद दिया था, जिससे हमारे प्रोड्यूसर्स को बातचीत की टेबल पर लाने में मदद मिली.  अमेरिकी खेती के सामान के लिए मार्केट के मौके बढ़ाने का आपका काम बहुत जरूरी रहा है. जैसे-जैसे यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड में असमानताओं को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, अमेरिकी किसान इस कमी को पूरा करने में मदद करने के लिए तैयार हैं. अगर ट्रेड के मौके मिलते हैं, तो उनमें दुनिया को खाना खिलाने और एनर्जी देने की जबरदस्त क्षमता है. हमारे देशों के बीच इकोनॉमिक सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ दालों पर टैरिफ के मुद्दे पर बात करना अमेरिकी प्रोड्यूसर्स और भारतीय कस्टमर्स दोनों के लिए फायदेमंद होगा. 

आदित्य धर ने कन्फर्म किया: ‘धुरंधर 2’ मार्च में करेगी धमाकेदार वापसी

मुंबई         रिलीज के डेढ़ महीने बाद भी रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस स्पाई थ्रिलर मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचाया और बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई है. फैंस फिल्म के पार्ट 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. 'धुरंधर 2', 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. इस फिल्म की टक्कर बॉक्स ऑफिस पर रॉकिंग स्टार यश की 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' से होगी. पोस्टपोन हो रही हैं धुरंधर 2  खबरें आ रही थीं कि 'धुरंधर 2' क्लैश से बचने के लिए पोस्टपोन होने वाली है. लेकिन डायरेक्टर आदित्य धर ने फैंस को आश्वस्त किया है कि फिल्म में कोई देरी नहीं होगी. कई फैंस, जिन्होंने 'धुरंधर' को थिएटर में कई बार देखा है, इंस्टाग्राम पर डायरेक्टर को टैग करते हुए पहले पार्ट के लिए अपना प्यार जाहिर किया. ऐसे में आदित्य ने बताया कि पिक्चर पोस्टपोन नहीं हो रही है. एक फैन ने लिखा, 'मुझे धुरंधर दूसरी बार थिएटर में देखे हुए एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है और सच कहूं तो मैं अब भी इसे लेकर पूरी तरह ऑब्सेस्ड हूं. आज भी बार-बार इसे देखने का मन करता है. आप सच में GOAT डायरेक्टर हैं, धुरंधर 2 का इंतजार नहीं हो रहा. भारत ऐसे निर्देशक को पाकर धन्य है.' आदित्य धर ने इस स्टोरी को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'बहुत प्यारा. धन्यवाद. 19 मार्च को सिनेमाघरों में मिलते हैं.' आदित्य धर के निर्देशन में बनी स्पाई एक्शन थ्रिलर 'धुरंधर', 1999 के IC-814 विमान अपहरण, 2001 के भारतीय संसद हमले और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों जैसे असल जिंदगी की पॉलिटिकल घटनाओं से प्रेरित है. सीक्वल में रणवीर सिंह के किरदार हमजा अली मजहरी की बैकस्टोरी दिखाई जाएगी, जिसमें लियारी में उसके गुप्त आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन को पूरा होते दिखाया जाएगा. फिल्म में अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन और राकेश बेदी सहित कई अन्य कलाकार भी नजर आएंगे. 'टॉक्सिक' की बात करें तो ये एक पीरियड गैंगस्टर ड्रामा है. इसमें यश के साथ रुक्मिणी वसंत, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर जैसे कलाकार शामिल हैं. यह फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 2' की जबरदस्त सफलता के बाद यश की बड़े पर्दे पर वापसी है. फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है.

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का हुआ शानदार समापन, मुख्यमंत्री ने की नई विकास योजनाओं की घोषणा

रायपुर : मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं रायपुर राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। समारोह में  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल,  गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राहुल गांधी का इंदौर दौरा: भागीरथपुरा पीड़ितों से संवाद, प्रशासन ने कॉन्फ्रेंस पर लगाई रोक

 इंदौर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पर रहेंगे और दूषित पानी की वजह से अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मिलेंगे. वह भागीरथपुरा भी जाएंगे और प्रभावित परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त करेंगे. MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा है कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई है और आठ से 10 मरीज गंभीर हालत में हैं. हालांकि, राज्य सरकार ने इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या सात बताई है, जिसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है. उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य में सप्लाई होने वाला 70 प्रतिशत पानी दूषित और पीने लायक नहीं है और प्रदूषित पानी को 'धीमा जहर' बताया जो किडनी और दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भागीरथपुरा के निवासियों ने भी दावा किया है कि पिछले महीने इलाके में फैली उल्टी और दस्त की बीमारी से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधते हुए पटवारी ने आरोप लगाया, "इंदौर में दूषित पानी पीने से कई मौतों के बावजूद राज्य के मंत्री बड़े-बड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और हमें गालियां दे रहे हैं, पूछ रहे हैं कि हम इस घटना के बारे में सवाल क्यों उठा रहे हैं?" पटवारी ने बताया कि कांग्रेस गांधी की मौजूदगी में दूषित पीने के पानी की समस्या के समाधान पर चर्चा करने के लिए एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करना चाहती थी, जिसमें राज्य भर के बुद्धिजीवी, पर्यावरणविद और नगर निगम पार्षद शामिल होते, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाज़त नहीं दी. अब हम यह कॉन्फ्रेंस बाद में आयोजित करेंगे." राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के सामने एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि इस बीमारी से सात लोगों की मौत हुई है, जिसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है. इस बीच, सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक समिति की 'डेथ ऑडिट' रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 लोगों की मौत किसी न किसी तरह से इस बीमारी से जुड़ी हो सकती है. राहुल गांधी के दौरे के बारे में पूछे जाने पर, पूर्व लोकसभा स्पीकर और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी भूमिका पूरी ताकत से निभानी चाहिए. महाजन ने कहा, "लोकतंत्र में विपक्ष को पूरी ताकत से अपना काम करना चाहिए. उन्हें (गांधी) आने दीजिए. अगर वे कुछ अच्छे सुझाव देते हैं, तो संबंधित लोगों को उन पर विचार करना चाहिए."

रायपुर: मुख्य सचिव ने साइबर अपराध रोकने और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की दी निर्देश

रायपुर : साइबर अपराध रोकने, डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएः- मुख्य सचिव राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न  रायपुर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में  मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 100वीं तिमाही बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में शासन की जनहित योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश बैंकर्स को दिए गये हैं। बैठक में राज्य स्तरीय लीड बैंक तथा अन्य बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी तरह से राज्य के विभिन्न जिलों में बैंक नेटवर्क की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य के सभी इलाको में लोगों को बैकिंग सुविधा मिले यह सुनिश्चित किया जाये। बैठक में जानकारी दी गई की राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात का औसत उपलब्धि स्तर अब राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष पहुंच गया है, जो राज्य की मजबूत बैंकिंग प्रगति को दर्शाता है। बैठक में बैंकर्स को डिजिटल लेन-देन के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम  आयोजित करने कहा गया है।   मुख्य सचिव विकासशील ने उद्गम पोर्टल की चर्चा करते हुए कहा कि विभिन्न बैंको के खातों में लोगों की राशि पिछले कई वर्षों से जमा है। बैंक में पड़ी ऐसी राशि जिसका अपने या अपने परिवार का  दावा नहीं किये गये है ऐसे बचत खाताओं का पता लगाकर लोगों की मदद की जाये और उनकी जमा राशि वापिस की जाये। इसके लिए उद्गम पोर्टल की जानकारी लोगों को प्रचार-प्रसार कर दी जानी चाहिए। उद्गम पोर्टल बैंक खातेदारों को बताता हैं कि आपका पैसा कहां है और फिर आपको उस पैसे को पाने के लिए बैंकर्स से मिलकर आवश्यक औपचारिकताएं कर बैंको में कई वर्षों से पड़ी राशि प्राप्त की जा सकती है।   बैठक में डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाए जायें, ताकि आमजन डिजिटल अपराधों से सावधान एवं सतर्क रहें। उन्होंने आधार से बैंक खातो को लिंक करने की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बैंक खातों में आधार से लिंक किया जाये जिससे   सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।  मुख्य सचिव ने बैंकों को ऋण वितरण (डिस्बर्समेंट) की प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरल और शीघ्र प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से राज्य के बस्तर क्षेत्र  सहित अन्य ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा जनहितकारी सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।  बैठक में बताया गया कि वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत राज्य में अब तक 11,680 शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, महिला स्वयं सहायता समूहों और कमजोर वर्गों को बैकिंग सुविधा एवं योजनाओं की जानकारी दी गई। जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास 0.2, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण अनुदान योजना सहित अन्य जनहित की योजनाओं के अंतर्गत बैंक प्रकरणों से फायदा पहुंचाने के लिए बैंकर्स को निर्देश दिये गये है। बैठक में बैंको में ऋण प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य लीड बैंक अधिकारी ने एस.एल.बी.सी. में बैंकिंग प्रकरणों के बारे में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड सहित विभिन्न बैंको के प्रतिनिधी, राज्य शासन के अधिकारी सहित बैंकर्स एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेंटी के अन्य सदस्य मौजूद थे। 

छत्तीसगढ़: शिमला मैनपाट में विकसित होगा नया पर्यटन–आवासीय परिसर, गृह निर्माण मंडल ने की घोषणा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल बनाएगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन–आवासीय परिसर मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम रायपुर छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेगा लग्जरी अनुभव, ऑटोमैटिक दरवाजे और नई सुविधाओं का आनंद

नई दिल्ली 17 जनवरी 2026 का दिन भारतीय रेलवे के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह एयर-कंडीशंड है और लंबी दूरी की रात की यात्रा को बहुत आरामदायक और सुरक्षित बनाएगी. यह ट्रेन हावड़ा (कोलकाता) से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलेगी.   वंदे भारत स्लीपर एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन है, जिसमें कुल 16 कोच हैं. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं. थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ हैं. ट्रेन में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे. वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है. यह पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच 958 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 14 घंटे में तय करेगी. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेंगे. कोई RAC या वेटिंग लिस्ट नहीं होगी, जिससे यात्रा बिना किसी तनाव के होगी. आइए जानते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की आधुनिक सुविधाएं जो यात्रियों को एयरलाइन जैसा अनुभव देंगी.     – आरामदायक और बेहतर कुशनिंग वाले बर्थ (स्लीपर बेड)     – आसानी से ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए नई डिजाइन वाली सीढ़ी     – ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे जो स्टेशन पर ही खुलते-बंद होते हैं     – KAVACH एंटी-कोलिजन सिस्टम (ट्रेन की सुरक्षा के लिए)     – हर कोच में CCTV कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और फायर डिटेक्शन     – आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट और टच-फ्री फिटिंग्स     – क्षेत्रीय खाने की कैटरिंग (जैसे बंगाली और असमिया व्यंजन)     – डिसइन्फेक्टेंट तकनीक से कोच हमेशा साफ और कीटाणुमुक्त रहेंगे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया  (हावड़ा से गुवाहाटी)     AC थ्री-टियर: लगभग ₹2,000 से ₹2,300 (5% GST के साथ)     AC टू-टियर: ₹2,500 से ₹3,000 के आसपास     फर्स्ट AC: ₹3,000 से ₹3,600 तक किराया  राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा महंगा है लेकिन सफर ज्यादा आरामदायक और तेज होगा.  180 की स्पीड से दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, रूट-किराया सबकुछ तय, जानें खासियत ट्रेन हावड़ा से कामाख्या के बीच इन स्टेशनों पर रुकेगी.     बंदेल     नवद्वीप धाम     कटवा     अजीमगंज     न्यू फरक्का     मालदा टाउन     अलुआबारी रोड     न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी)     जलपाईगुड़ी रोड     न्यू कूच बिहार     न्यू अलीपुरद्वार     न्यू बोंगाईगांव     रंगिया ट्रेन का टाइम शेड्यूल शुरुआती अनुमान है कि हावड़ा से शाम 6:20 बजे निकलेगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी. वहीं, वापसी में कामाख्या से शाम 6:15 बजे चलेगी और सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी. बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि साल 2026 में कई और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू होंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अब और आसान हो जाएगी.

छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

रायपुर : प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री साव छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल  जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर   छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।  उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं। जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल उत्सव में भाग लिया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत उत्सव प्रिय संस्कृति में विश्वास रखता है। जहां उत्तर भारत में मकर संक्रांति उल्लास से मनाई जाती है वहीं दक्षिण भारत विशेष रूप से तमिलनाडु में पोंगल त्यौहार आनंद और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। यह प्रकृति की पूजा और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। पोंगल त्यौहार पर दूध, गुड़ और उबले चावल की खीर बहुत पसंद की जाती है। अब देश भर में सभी प्रांतों में सभी समुदायों के व्यंजन उपलब्ध हैं और भारतीय नागरिक सभी पर्वों और त्योहारों का आनंद का भी लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम होटल पलाश में आयोजित हैप्पी पोंगल उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल त्यौहार के विविध आयामों पर प्रदर्शित स्टॉल देखे और आयोजक एवं भागीदारी करने वाले नागरिकों को बधाई दी। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री और मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैया राजा टी और तमिल समुदाय के अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। भारतीय लोक संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व पोंगल में भागीदारी करने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक अंग वस्त्र से स्वागत किया गया।  

डॉ. यादव ने महाभारत समागम का किया उद्घाटन, सांस्कृतिक विविधता का संगम

मुख्यरमंत्री डॉ. यादव ने किया महाभारत समागम का शुभारंभ भारत भवन परिसर में बिखरे बहुरंगी संस्कृति के रंग आगामी 24 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन होंगे सांस्कृतिक, वैचारिक आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विरासत से विकास की ओर देश को मंजिल दर मंजिल आगे ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। वे भारतीय संस्कृति को विभिन्न देशों तक पहुंचाने का प्रयत्न करते हैं। अन्य देशों के राष्ट्रपति जब भारत आते हैं तो उनको पवित्र श्रीमद्भागवत गीता हमारे प्रधानमंत्री भेंट करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारत भवन भोपाल में वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम का शुभारंभ किया। यह आयोजन 9 दिन चलेगा। समागम के शुभारंभ अवसर पर परिसर के खुले विशाल मंच पर मेत्रैयी पहाड़ी और उनके कलाकार साथियों ने विश्व को शांति और न्याय का संदेश देने वाली सशक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने भारत भवन परिसर की कला दीर्घाओं में आयोजित दो विशेष प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का प्रथम और अब तक के सबसे वृहद आयोजन के साक्षी होने का यह अवसर है। इस महाभारत समागम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे महाभारत काल में पहुंचकर घटनाओं को देख रहे हों। कलाकारों ने अपने पात्रों को जीते हुए पूर्व जन्म से कथा का तानाबाना बुना है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस जैसे विशेष अवसर पर भी ऐसी प्रस्तुति की जाएगी। महाभारत समागन में इंडोनेशिया सहित अन्य राष्ट्रों के नाट्य समूह आमंत्रित किए गए हैं। वीर भारत न्यास का यह महत्वपूर्ण वैचारिक और सांस्कृतिक उपक्रम है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी नई ऊर्जा देगा। रामायण और महाभारत काल से देश को समझना आसान, उदारता हमारी विशेषता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत काल की घटनाओं को देखने पर भारत को अच्छी तरह समझा जा सकता है। भारत की सभ्यता को नष्ट करने के कई सदियों के कृत्य देखें तो कष्ट के वे क्षण पीड़ादायक लगते हैं। लेकिन इसके साथ ही भारत की उदारता की छवि सबसे अलग है। हमारी सभ्यता में जो लचीलापन और औदार्य रहा है, यह एक ऐसी विशिष्टता है जिसके बलबूते हमारी सभ्यता ने विशेष मुकाम बनाया है। काल प्रवाह में अनेक सभ्यताएं आईं और चली गईं। भारत कठिन परिस्थितियों से निकलकर पुन: उठकर खड़ा हो सकता है। नगरों में गीता भवन, गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति मार्ग को समझ रहे हैं युवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता जयंती पर राज्य स्तर पर गीता पाठ प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा श्रीमद्भगवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बहुत संतोष का विषय है कि इसमें युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। लाखों विद्यार्थियों ने गीता जयंती के माध्यम से गीता को अमर कर दिया। युवा गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति के मार्ग को समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतियोगिता के 88 विजेताओं में से कुछ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि कुल 90 लाख के पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें नगद राशि के अलावा, लैपटॉप, ई रिक्शा और ई बाइक शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एक लाख रुपए का पुरस्कार जीतने वाली सुहिमांशी मिश्रा ने भी भेंट की और साथ में चित्र खिंचवाया। सुहिमांशी ने मुख्यमंत्री डॉ यादव के इस प्रश्न पर कि गीता पाठ किससे सीखा तो हिमांशी ने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता से यह सब सीखने को मिला है। प्रतियोगिता में रायसेन की दीक्षा सिंह ने भी यह पुरस्कार जीता है। इसके अलावा ग्वालियर की मान्या भटनागर और छिंदवाड़ा के गोविंद सिंह को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की पत्रिका और वेबसाइट का लोकार्पण किया। साथ ही भूली बिसरी सभ्यताएं का विमोचन किया। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री, वीर भारत न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव, टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मोहन तिवारी, मुकेश मिश्रा और अन्य अतिथि उपस्थित थे।