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सीएम भगवंत मान ने कनाडा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर ब्रिटिश कोलंबिया प्रीमियर में की चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहाली में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी के साथ हुई इस अहम बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कनाडा भारत और पंजाब का मजबूत साझेदार रहा है और यह संबंध समय के साथ और गहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं, और राज्य कनाडाई उद्योगों के साथ बड़े स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार और उत्सुक है। सीएम ने बताई पंजाब की प्रगति  मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण निर्माण, आईटी सेवाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की मजबूत बुनियादी ढांचा सुविधा, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और अंग्रेजh में दक्ष कुशल कार्यबल पंजाब को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। मान ने कनाडाई कंपनियों को असवर से अवगत करवाया मान ने स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में फार्मास्यूटिकल उद्योग, मेडिकल उपकरण निर्माण और टेलीमेडिसिन को कनाडाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताये। उन्होंने कहा कि पंजाब सोलर पार्कों, बायो-एनर्जी परियोजनाओं और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है। आईटी और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश बनने का न्योता दिया। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन 13 से 15 मार्च 2026 को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, विषय-आधारित सत्र और उच्च स्तरीय गोलमेज़ बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक के अंत में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने मुख्यमंत्री मान का आभार जताते हुए कहा कि पंजाब की मेहमाननवाजी ने उनके दौरे को यादगार बना दिया है। दोनों नेताओं ने आगे भी आपसी संबंध मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री फिर चर्चा में, CM मोहन यादव ने लिया स्थल का दौरा

भोपाल  सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरा यूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी। 40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था। पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

CM योगी का बयान: काशी में मूर्ति तोड़ने का आरोप झूठा, AI के जरिए फैलाया जा रहा भ्रम

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए काशी को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम और सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, टूटी हुई मूर्तियों की एआई तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर यह झूठ फैलाया जा रहा है कि काशी में मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी अविनाशी है. काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है. लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, जो विकास होना चाहिए था और समग्र विकास के कार्यक्रमों को जो महत्व मिलना चाहिए था, वह आज़ादी के तत्काल बाद नहीं मिल सका. पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों के भीतर काशी ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन किया है. साथ ही भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से काशी ने नई ऊंचाइयों को भी प्राप्त किया है. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है. यह हम सभी का सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. प्रारंभ से ही उनका साफ दृष्टिकोण रहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसी सोच के अनुरूप पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में काशी के लिए योजनाएं तैयार की गईं. काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं. शेष परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं. ये सभी परियोजनाएं काशी के समग्र विकास से जुड़ी हैं, जिनमें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है. इन योजनाओं का उद्देश्य यह भी है कि काशी में नए संस्थान खुलें, परंपरागत उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को जीआई टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान मिले और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके. इन सभी क्षेत्रों में पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में युद्ध स्तर पर काम हुआ है. काशी की गलियों की स्थिति दो हजार चौदह से पहले कैसी थी, यह किसी से छुपी नहीं है. काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले औसतन श्रद्धालुओं की संख्या पांच हजार से लेकर अधिकतम पच्चीस हजार तक रहती थी. आज वही संख्या प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच चुकी है. सावन मास, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यह संख्या छह लाख से लेकर दस लाख तक पहुंच जाती है. केवल पिछले साल ही काशी में ग्यारह करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए. काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक काशी ने देश की जीडीपी में लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं – चाहे वह गाइड के रूप में हो, पुरोहित्य कर्म के रूप में, व्यापार, फूल-पत्ती और प्रसाद की बिक्री, होटल, रेस्टोरेंट, नाविक, टैक्सी या अन्य सेवाओं के माध्यम से. आज काशी की सभी प्रमुख सड़कें फोर लेन से जुड़ी हैं. यातायात की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और घंटों के जाम की जगह अब सुगम यातायात व्यवस्था है. काशी के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से वंदे भारत, अमृत भारत सहित नई रेल सुविधाएं शुरू हुई हैं. एयर कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और देश में पहली बार वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वॉटरवे की सुविधा विकसित की गई है, जिससे व्यापार और परिवहन के नए आयाम खुले हैं.

BJP कार्यकर्ताओं के लिए हेमंत खंडेलवाल ने शुरू की ‘सहयोग सेल’, समस्याओं का होगा समाधान

भोपाल  मध्य प्रदेश में भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए एक नया तंत्र ‘सहयोग सेल’ तैयार किया है। यह पहल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर शुरू की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यदि जिले स्तर पर किसी कार्यकर्ता या नागरिक की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है, तो मामला सीधे प्रदेश संगठन तक पहुंचेगा। प्रदेश भर में इस सेल की स्थापना की प्रक्रिया जारी है, जिसमें प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ लिया जा सके। पदाधिकारियों के बैठने के दिन अब निर्धारित कर दिए गए इसके अलावा, पार्टी के जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन अब निर्धारित कर दिए गए हैं, ताकि कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं का समय पर और व्यवस्थित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। 'सहयोग सेल' में रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों किया जाएगा शामिल  इस सेल में प्रदेश संयोजक और जिला संयोजक की नियुक्ति की जाएगी, ताकि संगठनात्मक स्तर पर बेहतर समन्वय बनाया जा सके. सहयोग सेल में प्रशासनिक अनुभव का लाभ लेने के लिए रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन भी तय किए जाएंगे. इन निर्धारित दिनों में पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और उनके निराकरण की दिशा में कार्रवाई करेंगे. सेल कैसे करेगा काम जिला कार्यालय  में आने वाली जो समस्याएं अगल प्रशासन से संबंधित हैं तो उन्हें समाधान के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को भेजा जाएगा. अगर किसी पार्टी कार्यकर्ता की समस्या पार्टी संगठन से जुड़ी है, तो जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी उसे देखेंगे. जो मामले जिला स्तर पर हल नहीं हो पाएंगे, उन्हें प्रदेश कार्यालय के सपोर्ट सेल में भेजा जाएगा. यह सेल प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों तरह के मामलों को देखेगा. ऐसे काम करेगी सहयोग सेल जिला कार्यालय में आने वाली समस्याएं यदि प्रशासनिक हैं तो उन्हें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों में भेजकर समाधान कराया जाएगा। यदि किसी कार्यकर्ता की समस्या पार्टी संगठन से संबंधित है तो जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी उसका समाधान कराएंगे। जिन मामलों का निराकरण जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है तो ऐसे मामलों को प्रदेश कार्यालय की सहयोग सेल के पास भेजा जाएगा। इनमें प्रशासनिक समस्याएं और संगठन दोनों तरह के मामलों का निराकरण किया जाएगा। प्रदेश कार्यालय में रोज बैठ दो घंटे बैठ रहे मंत्री बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मप्र सरकार के मंत्रियों के प्रदेश कार्यालय में बैठने का रोस्टर बनाया है। इस व्यवस्था में सोमवार से शुक्रवार तक एक मंत्री दोपहर एक बजे से तीन बजे तक प्रदेश कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से संवाद करके उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। अब सहयोग सेल के जरिए आने वाले मामलों को सुलझाने के लिए संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रदेश पदाधिकारियों की जवाबदारी तय की जाएगी। पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच का माध्यम बनेगी सहयोग सेल प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा इस संबंध में सभी भाजपा जिला अध्यक्षों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह सहयोग सेल पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद, समन्वय एवं समस्याओं के समाधान का एक स्थायी माध्यम बनेगा। किन मामलों को मिलेगा सहयोग सेल के माध्यम से समाधान पत्र के अनुसार, सहयोग सेल के अंतर्गत वही विषय प्रस्तुत किए जाएंगे जिनका समाधान जिला अथवा संभाग स्तर पर संभव न हो और जिनमें मंत्रीगण अथवा प्रदेश पदाधिकारियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। भोपाल आने वाले आगंतुकों के प्रशासनिक, विभागीय, जनहित से जुड़े एवं संगठनात्मक विषयों को निर्धारित प्रारूप, संक्षिप्त और तथ्यपरक रूप में संकलित किया जाएगा। समय-सारणी और अनुशासन पर जोर निर्देशों में कहा है कि मंत्रीगण एवं प्रदेश पदाधिकारी प्रदेश कार्यालय में अपनी घोषित उपलब्धता, दिन और समय का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे। किसी कार्यक्रम की तिथि या समय में परिवर्तन होने की स्थिति में पार्टी द्वारा सोशल मीडिया माध्यम से सूचना दी जाएगी। जिला स्तर पर समन्वय की नई व्यवस्था सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे “सहयोग सेल” से संबंधित संपूर्ण जानकारी जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों तथा सक्रिय कार्यकर्ताओं तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाएं। इसके साथ ही प्रत्येक जिला अध्यक्ष अपने जिले से एक जिला सहयोग समन्वयक नामांकित करेंगे, जो प्रदेश कार्यालय से संपर्क, विषय निर्धारण, समन्वय एवं अनुवर्ती कार्यवाही का दायित्व निभाएगा। इस दिन प्रदेश कार्यालय में बैठेगे मंत्री  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों के लिए प्रदेश पार्टी ऑफिस में बैठने का एक रोस्टर बनाया है. इस व्यवस्था के तहत, सोमवार से शुक्रवार तक, एक मंत्री दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक राज्य ऑफिस में बैठकर पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं. अब सहयोग सेल के जरिए आने वाली समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों के मंत्रियों और राज्य पार्टी अधिकारियों को सौंपी जाएगी.   

‘तारक मेहता’ की बबीता जी बनने वाली हैं दुल्हन, विदेश में नया घर बसाने की योजना, मुनमुन दत्ता ने कहा प्यार…

मुंबई  तारक मेहता का उल्टा चश्मा फैन्स का फेवरेट शो है. इस शो ने कई चेहरों को लोकप्रिय बनाया है. इनमें से एक मुनमुन दत्ता भी हैं. मुनमुन शो में बबीता जी का किरदार निभाकर घर-घर लोकप्रिय हो गई हैं. मुनमुन पर्सनल और प्रोफेशनल को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं. पर बहुत कम होता है, जब उन्होंने किसी अफवाह पर रिएक्ट किया हो. पहली बार मुनमुन ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर कई सारी बातें शेयर की हैं.  कब शादी करेंगी मुनमुन? मुनमुन दत्ता ने रणवीर इलाहाबादिया के पॉडकास्ट में प्यार, शादी और ब्रेकअप को लेकर अनकही बातें बताईं. मुनमुन से पूछा गया कि आपको शादी करनी है? इस पर उन्होंने कहा कि मुझे प्यार से प्यार है. पर अभी तक मैं इसे लेकर क्लियर नहीं हूं कि मुझे शादी करनी है या नहीं. अगर मेरी किस्मत में लिखी होगी, तो शादी हो जाएगी. मैं वो लड़की नहीं हूं, जो शादी के पीछे भागे.  मुनमुन कहती हैं कि मेरा बचपन से कभी ऐस सपना नहीं रहा कि मेरा पति ऐसा होना चाहिए. या फिर मेरी शादी ऐसी होनी चाहिए. उनसे पूछा गया कि आपको कैसे लड़के पसंद हैं. वो कहती हैं कि लड़का गुड लुकिंग हो. होशियार हो. उसके पास पैसा होना. कम्युनिकेशन स्किल्स होने चाहिए. मैं वो लड़की नहीं हूं जो झूठ बोले. मुझे लड़के में ये सारी चीजें चाहिए.  मुनमुन कहती हैं कि आज कल मुझे कोरियन एक्टर्स पर बहुत क्रश हो रहा है. मुझे वो पसंद आ रहे हैं.  विदेशी लड़के संग बसाएंगी घर एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या वो किसी फॉरेनर (विदेशी) से शादी करेंगी. इस पर उन्होंने कहा कि हां. मेरी उनके साथ अच्छी बॉन्डिंग होती है. क्योंकि हिंदुस्तानी पुरुषों थोड़े अलग होते हैं. फॉरेनर के साथ सबसे अच्छी बात ये होती है कि वो पैदा कहीं होते हैं और रहते कहीं और हैं. इससे उनकी सोच पर बहुत असर पड़ता है. क्योंकि ट्रैवल से आपकी सोच बदलती है. वो महिलाओं के साथ बहुल सलीके से पेश से आते हैं.  मुझे लगता है कि बहुत सारी भारतीय महिलाएं मेरी बात से सहमत होगीं. मैं ये नहीं कह रही कि हिंदुस्तानी पुरुष गलत होते हैं या अच्छे नहीं होते हैं. कई हिंदुस्तानी लड़के मेरे अच्छे दोस्त हैं. वो बहुत अच्छे हैं, महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं. लेकिन हर कोई ऐसा नहीं होता है. 

सोने के भाव में बदलाव! 17 जनवरी के ताजा रेट जानें, 22-24 कैरेट के भाव अपने शहरों में

इंदौर  सोने व चांदी की कीमतों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है। शनिवार सुबह सोने की कीमतों में ₹380 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) की बढ़त देखी गई है। वहीं चांदी के भाव में भी ₹3,000 प्रति किग्रा का उछाल आया है। शुक्रवार शाम (16 जनवरी 2026) को 24 कैरेट का भाव ₹1,43,550 और चांदी का भाव ₹2,92,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। अगर आप 17 जनवरी 2026 को सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो पहले 18, 22 और 24 कैरेट का ताजा भाव देख लीजिए। भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) में आज 22 कैरेट सोने के दाम ₹1,31,950, 24 कैरेट का भाव ₹1,43,930 और 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,07,990 चल रहे हैं। चांदी ₹2,95,000 (प्रति किग्रा) दर्ज हुई। प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव     10 ग्राम: ₹2,950     100 ग्राम: ₹29,500     ₹2,95,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।     ₹3,10,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।) 18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,07,990     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,07,890     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,07,840     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,10,900 22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     ​मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,31,950     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,31,850     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,31,800     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,32,800 24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,43,930     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,43,830     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,43,780     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,44,870 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर) सोने-चांदी के भाव में बदलाव के प्रमुख कारण     अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक मांग, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें और शेयर बाजार का प्रदर्शन सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करते हैं।     भारतीय बाजार और स्थानीय कारक, भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर, घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क, जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज, देश की महंगाई दर और त्योहार और शादियों का सीजन भी कीमतों पर असर डालते हैं। सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान     भारत में सोने-चांदी के मानक भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाते हैं। हालांकि शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के दिन नए रेट जारी नहीं होते हैं।     IBJA के रेट में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों और ज्वेलरी शोरूम्स में अंतिम दाम अलग हो सकते हैं।     ​सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें।     हॉलमार्क के निशान में ​BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), ​कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है। कैसे जांचे कैरेट वाइज शुद्धता?     ​24 कैरेट (99.9% शुद्ध) पर 999 लिखा होता है। यह सबसे शुद्ध है, लेकिन इससे गहने नहीं बनते क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है।     ​22 कैरेट (91.6% शुद्ध) पर 916 लिखा होता है। गहने बनाने के लिए यह सबसे लोकप्रिय है। इसमें 8.4% तांबा या चांदी या अन्य धातु मिलाई जाती है, ताकि गहने मजबूत रहें।     ​18 कैरेट (75.0% शुद्ध) पर 750 लिखा होता है। अक्सर हीरे या कीमती पत्थरों वाले गहनों में इसका उपयोग होता है।     ​ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का ही सोना बेचते हैं। खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, गहने पर वही अंक (जैसे 916 या 750) दर्ज हो।  

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना में शामिल हुए सीएम नीतीश

पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण. पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथोलिया स्थित जानकी नगर में बने रहे Virat Ramayan Mandir में शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े सहस्र लिंगम की स्थापना के लिए की जानेवाली पीठ पूजा का उत्साह उत्कर्ष पर है। बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ मंदिर परिसर पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विराट रामायण मंदिर पहुंचकर सहस्र शिवलिंगम की स्थापना की प्रक्रिया को देखा। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के उपरांत सीएम मोतिहारी में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी भी मौजूद हैं। विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की आज मोतिहारी में बन रहे विराट रामाणय मंदिर परिसर में आज स्थापना हो रही है। आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी शांभवी चौधरी मुख्य यजमान हैं। सीएम नीतीश कुमार इस आयोजन में भाग लेंगे। सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक पीठ पूजा का कार्यक्रम संपन्न किया गया।इसके बाद हवन व शिवलिंग स्थापित करने का कार्यक्रम शुरू हुआ है। 33 फीट ऊंचे शिवलिंग को दो क्रेन से सीधा कर स्थापित किया जा रहा है।बनारस व पटना से आए आचार्य शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम को संपन्न करा रहे हैं। वैदिक मंत्रों से वातावरण गूंज रहा है। थोड़ी देर में सीएम नीतीश कुमार भी यहां पहुंचेंगे। वे यहां 15 मिनट तक रहेंगे। इधर, विराट शिवलिंग की स्थापना को लेकर माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है।सुबह से विराट रामायण मंदिर परिसर में लोग पहुंचने लगे थे। सड़कों पर लोगों की भीड़ है। सभी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने को लालायित दिख रहे हैं।वाहनों पर रोक के कारण पैदल ही लोग कार्यक्रम स्थल की ओर निकल पड़े हैं।लगातार हर हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मंदिर के चारो ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। लोग शिव मंत्र जप कर रहे हैं और महिलाएं महादेव के मंगलगीत गा रही हैं। अब से कुछ ही घंटों बाद महादेव की नगरी काशी समेत विभिन्न इलाकों से आए विद्वान पीठ पूजा की विधि शुरू करेंगे। समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति सायण कुनाल यजमान के रूप में बैठ हुए हैं। सायण कुणाल महावीर मंदिर न्यास पटना के सचिव भी हैं। याद रहे कि 20 जून, 2023 को विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए शिलापूजन का कार्य धार्मिक न्यास परिषद पटना के तत्कालीन अध्यक्ष आर्चाय किशोर कुणाल के नेतृत्व में की गई थी। तब से लगातार डेढ़ वर्षों तक प्रतिदिन ढाई सौ मजदूरों ने काम किया और जमीन के अंदर सौ फीट से कुल 3102 स्तंभ खड़े किए। नींव का कार्य पूरा करने के बाद परिसर में आधारपीठ तैयार किया गया, उसपर आज तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाये गये 33 फीट ऊंचे व 33 फीट मोटे सहस्रलिंगम की स्थापना होनी है। सम्राट चौधरी ने X पोस्ट के जरिए इस कार्यक्रम को लेकर बधाई दी है। उन्होंने लिखा, "पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के स्थापना समारोह के पावन अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। यह दिव्य आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन गौरव को और अधिक सशक्त करेगा।"

झारखंड निकाय चुनाव में 5 से 25 लाख तक कर सकेंगे खर्च

रांची. झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव में खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। इसमें दस लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में मेयर के प्रत्याशी 25 लाख और पार्षद के प्रत्याशी पांच लाख रुपए तक ही चुनावी खर्च कर पाएंगे। निर्वाचन आयोग ने जनसंख्या के आधार पर बांटे गए नगर निकायों के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की है। इसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए अलग-अलग खर्च की सीमा तय की गई है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव समाप्ति के 30 दिनों के अंदर अपने-अपने रिटर्निंग ऑफिसर को खर्च का हिसाब देना अनिवार्य है। प्रत्याशियों द्वारा नियुक्त निर्वाचन अभिकर्ता को प्रत्याशी के चुनाव खर्च का हिसाब देना होगा। अगर कोई जीता हुआ प्रत्याशी 30 दिनों के अंदर चुनाव खर्च का हिसाब नहीं देता है तो उसकी सदस्यता रद्द करते हुए उसे अगले तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोक दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार कोई भी प्रत्याशी अगर सरकारी भवनों पर झंडा-बैनर या प्रचार सामग्री लगाता है तो उसपर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं निजी भवनों में झंडा-बैनर लगाने पर उस भवन मालिक से लिखित में सहमति पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।

हरियाणा रोडवेज बस चालकों को सीट बेल्ट लगाना जरूरी

चंडीगढ़. हरियाणा रोडवेज की बसों के चालकों को अब अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगानी पड़ेगी। सड़क पर वाहन चलाते समय अगर सीट बेल्ट नहीं लगाई तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा किसी बस में सीट बेल्ट नहीं हुई तो संबंधित वर्कशाप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। सीट बेल्ट न लगाने पर ड्राइवर को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि बस में सीट बेल्ट नहीं है, तो इसके लिए ड्राइवर जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि वर्कशाप मैनेजर से जुर्माना वसूला जाएगा। आदेश जारी होने के बाद सभी डिपो की वर्कशाप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर उतरने वाली हर बस सुरक्षा मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। पुरानी हो या नई, सभी बसों में सीट बेल्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ई-बसों के लिए डिपो किए जा रहे तैयार राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है। जल्द ही 500 और नई ई-बसें विभिन्न डिपो में पहुंच जाएंगी। सभी इलेक्ट्रिक बस डिपो से मार्च अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इलेक्ट्रिक बसों के जरिये न केवल सार्वजनिक परिवहन को आकर्षक बनाया जाएगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी। प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क को गति देने के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विभाग विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कराने में लोगों को परेशानी न हो। इस दिशा में निजी क्षेत्र और वाहन निर्माता कंपनियों के सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप में 1100 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

जशपुर. बगीचा में मेगा हेल्थ कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन हुआ। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगीचा में 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण के साथ ही मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया था। मेगा हेल्थ कैंप में बगीचा सहित आसपास के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई। शिविर के दौरान कुल 1109 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी Also Read – रेरा में पंजीयन के बगैर जमीन की हो रही खरीदी-बिक्री किया गया। स्वास्थ्य शिविर में जनरल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हड्डी रोग, प्रसूति एवं स्त्री रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), नेत्र रोग, नेफ्रोलॉजी एवं प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं दी गईं। शिविर में गंभीर एवं जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर उपचार हेतु सर्वसुविधायुक्त उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किए जाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। शिविर में न्यूरोलॉजी के 125, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के 65, नाक-कान-गला के 148, मेडिसिन के 172, प्लास्टिक सर्जरी के 46, नेफ्रोलॉजी के 29, हड्डी रोग के 161, प्रसूति एवं स्त्री रोग के 60, नेत्र रोग के 80 तथा सामान्य ओपीडी में 223 मरीजों का स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया।