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दो हाई-स्पीड ट्रेनें टकराईं स्पेन में, 21 मृत और दर्जनों घायल; बचाव अभियान सक्रिय

मैड्रिड: स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ. इस दुर्घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 लोग घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद राहत बचाव अभियान चलाया गया. इस हादसे में एक ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन में टक्कर मारने से ये भीषण रूप ले लिया. यूरो न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत में एक तेज रफ़्तार इरियो ट्रेन के पटरी से उतरकर दूसरी ट्रेन से टकराने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह हादसा एडमुज के पास हुआ. घटना के समय इरियो ट्रेन में करीब 300 यात्री थे. ये ट्रेन मलागा से मैड्रिड-पुएर्ता डे अटोचा जा रही थी. इरियो ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई और मैड्रिड-ह्यूएलवा रूट पर चल रही एक एवीई ट्रेन से टकरा गई. दूसरी ट्रेन स्पेन की सरकारी रेलवे कंपनी रेनफे चला रही थी. सोशल मीडिया पर यात्रियों द्वारा शेयर किए गए फुटेज में टक्कर के बाद कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि टक्कर भूकंप जैसी लगी, जबकि यात्रियों को बचाने के लिए खिड़कियां तोड़नी पड़ीं, जिससे कई लोग कटने से घायल हो गए. यूरो न्यूज ने बताया कि कई यात्रियों ने ट्रेनों के अंदर धुआं होने की भी सूचना दी और मेडिकल मदद मांगी. स्पेनिश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर एडीआईएफ ने कहा कि मैड्रिड और अंडालूसिया के बीच सभी ट्रेन सर्विस अगली सूचना तक रोक दी गई हैं. इसने पुष्टि की कि मौके पर इमरजेंसी सर्विस तैनात कर दी गई हैं और स्थानीय अधिकारियों, रेनफे और इरियो के साथ मिलकर रात भर ऑपरेशन जारी रखेंगी. स्पेन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर आरटीवीई के पत्रकार साल्वाडोर जिमेनेज जो मलागा से इरियो ट्रेन में सफर कर रहे थे, ने कहा कि आखिरी दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें से एक पूरी तरह पलट गया. उन्होंने कहा, 'हम शाम 6:40 बजे मलागा से समय पर निकले थे. एक पल ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो और ट्रेन पटरी से उतर गई हो.' उन्होंने आगे कहा कि यात्रियों को हथौड़ों से खिड़कियाँ तोड़कर बाहर निकाला गया. इमरजेंसी टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात का जायजा ले रही है, घायलों का इलाज कर रही हैं और नुकसान का पूरा पता लगा रही हैं. रेड क्रॉस ने कॉर्डोबा से एक मेडिकल एम्बुलेंस और जैन से तीन और एम्बुलेंस मंगाई हैं. यूरो न्यूज ने बताया कि यह हादसे में शामिल दोनों ट्रेनों के यात्रियों को जरूरी चीजें भी दे रहा है. स्पेन के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ऑस्कर पुएंते ने कहा कि वह एडीआईएफ ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर से हालात पर नजर रख रहे हैं और जैसे ही पक्की जानकारी मिलेगी, अपडेट शेयर करेंगे. मैड्रिड की रीजनल प्रेसिडेंट इसाबेल डियाज आयुसो ने घायलों के इलाज के लिए कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पतालों की मदद की पेशकश की. उन्होंने कहा, 'कॉर्डोबा में हुए दुखद हादसे के बाद कम्युनिटी ऑफ मैड्रिड के अस्पताल और 112 इमरजेंसी टीमें स्टैंडबाय पर हैं और अंडालूसी रीजनल गवर्नमेंट के पास हैं,' उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों की मदद के लिए मैड्रिड के एटोचा स्टेशन पर सपोर्ट टीमें तैनात की जाएंगी. अधिकारियों ने ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है.

इमरान हाशमी के साथ रोमांस पर जोया अफरोज का बयान: स्क्रिप्ट में किसिंग सीन नहीं था

हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'Taskaree: The Smuggler's Web' को इसके सब्जेक्ट, ट्रीटमेंट, मजेदार और ड्रामेटिक पलों और कास्टिंग के लिए बहुत पसंद किया गया है. एक्ट्रेस जोया अफरोज़ ने स्मगलर (शरद केलकर) की कोर टीम में जासूस प्रिया खुबचंदानी के रोल में अपनी छाप छोड़ी है. इसके साथ ही इमरान हाशमी के साथ उनकी केमिस्ट्री को काफी पसंद किया है. बॉलीवुड हंगामा के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जोया ने नेटफ्लिक्स वेब सीरीज को मिले रिस्पॉन्स और को-एक्टर इमरान हाशमी के साथ भी किए शूट के कुछ पलों के बारे में बात की है. तस्करी में आपको यह रोल कैसे मिला? एक्ट्रेस जोया ने कहा, 'मैंने अक्सर लोगों को कहते सुना है कि अगर नीरज पांडे सर आपकी टैलेंट और एक एक्टर के तौर पर आपकी नीयत पर भरोसा करते हैं, तो वे आपके साथ फिर से काम करना चाहते हैं. मैंने इसे कभी मानकर या उम्मीद करके नहीं लिया, लेकिन जब Taskaree मेरे पास आई, तो मुझे चुपचाप यह भरोसा हुआ कि मेरे अप्रोच में कुछ ऐसा था जो पहले उनके लिए काम आया था.' फिल्म 'सिकंदर का मुकद्दर' में मेरा रोल छोटा था, लेकिन इससे हमें एक साथ काम करने और एक-दूसरे के प्रोसेस को समझने का मौका मिला. तस्करी सिर्फ जान-पहचान या पिछले काम के बारे में नहीं थी; यह इस बारे में थी कि क्या मैं इस दुनिया और इस किरदार के लिए सही हूं. अगर उन शुरुआती दिनों ने उस समझ को बनाने में मदद की, तो मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए, यह एक याद दिलाता है कि इस इंडस्ट्री में, कंसिस्टेंसी और ईमानदारी एक रोल की लंबाई से ज्यादा मायने रखती है. आप आते हैं, ईमानदारी से काम करते हैं, और उम्मीद करते हैं कि सही लोग समय के साथ उसमें वैल्यू देखेंगे.' इमरान हाशमी के साथ काम करने के अपने एक्सपीरियंस पर बात करते हुए जोया ने कहा, 'इमरान के साथ काम करना एक शानदार अनुभव था. वह अपनी परफॉर्मेंस में एक खास सहजता और सहज ज्ञान लाते हैं जो सीन को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाता है. जिस बात ने मुझे सरप्राइज़ किया, वह यह थी कि वह कितने चुपचाप ऑब्जर्वेंट हैं. वह ध्यान से सुनते हैं, उसी पल रिएक्ट करते हैं, और चीजों को बहुत रियल रखते हैं. यह जमीनी अप्रोच उनके साथ काम करना आसान और फायदेमंद बनाता है.' स्क्रिप्ट में Kiss का प्लान नहीं था? जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि आप दोनों (जोया-इमरान) के कुछ रोमांटिक पल थे और ऐसा लगा कि उस सीन में किस होगा जहां प्रिया सेफ हाउस में अर्जुन को कसकर गले लगाती है. क्या स्क्रिप्ट में किस था या यह शुरू से ही प्लान नहीं किया गया था? इस पर एक्ट्रेस ने कहा, 'Kiss कभी लिखा ही नहीं गया था. उस सीन में इंटीमेसी कमजोरी से आनी थी, न कि फिजिकल होने से. कभी-कभी संयम, पूरा करने से कहीं ज्यादा बताता है, खासकर ऐसी कहानी में जहां भरोसा ही नाजुक हो.' वहीं तस्करी के सीजन-2 पर एक्ट्रेस ने कहा, 'यह पूरी तरह से क्रिएटर्स के हाथ में है. अगर कहानी स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ती है और प्रिया की यात्रा में ईमानदारी से जाने के लिए कोई जगह है, तो मैं उसे एक्सप्लोर करने के लिए उत्साहित हूं, और जाने के लिए तैयार हूं.'

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

हिंदू धर्म में 16 संस्कारों का जिक्र किया गया है, जिनमें से एक है अंतिम संस्कार. अंतिम संस्कार को बहुत पवित्र और गंभीर कर्म माना जाता है. दरअसल, इस संस्कार के दौरान मृतक व्यक्ति के शव को मुखाग्नि दे दी जाती है, जिसके बाद उसका शरीर पंचतत्व लीन हो जाता है. गरुड़ पुराण के अनुसार, यह संस्कार आत्मा की शांति और उसकी आगे की यात्रा से संबंधित होता है. इसलिए, अंतिम संस्कार के समय माहौल शांत और संयमित रहना जरूरी होता है. इसी वजह से गरुड़ पुराण में कुछ लोगों को इस दौरान वहां न जाने की सलाह दी गई है. तो आइए गरुड़ पुराण के द्वारा जानते हैं कि अंतिम संस्कार में किन किन लोगों को शामिल नहीं होना चाहिए.  गर्भवती महिलाएं गरुड़ पुराण के अनुसार, श्मशान घाट या अंतिम संस्कार में गर्भवती महिलाओं को शामिल होने की अनुमति नहीं है. दरअसल, अंतिम संस्कार का माहौल दुख और तनाव से भरा होता है, जो कि गर्भवती महिला मन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. श्मशान घाट में नकारात्मक ऊर्जाएं भी सक्रिय होती हैं, जिसका प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है.  छोटे बच्चे छोटे बच्चों को भी श्मशान घाट या अंतिम संस्कार में जाने की मनाही होती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, छोटे बच्चों के लिए श्मशान का दृश्य, जलती चिता और लोगों का रोना मन में डर या बेचैनी पैदा कर सकता है. इसी कारण बच्चों को अंतिम संस्कार में ले जाना सही नहीं माना जाता है.  बीमार लोग बीमार और कमजोर हृदय वाले व्यक्तियों को भी श्मशान घाट या अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होना चाहिए. गरुड़ पुराण के अनुसार, जो लोग पहले से बीमारी से जूझ रहे हों, उनके लिए यह माहौल भारी पड़ सकता है. शोक और तनाव उनकी ज्यादा तबीयत और खराब कर सकता है.  जिनके घर सूतक चल रहा हो गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर किसी के घर हाल ही में मौत हुई हो और सूतक लगा हो, तो उस दौरान दूसरे अंतिम संस्कार में जाना वर्जित माना जाता है. मान्यता है कि सूतक के समय व्यक्ति को धार्मिक कार्यों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. जो बहुत ज्यादा दुखी या भावुक हों गरुड़ पुराण के अनुसार, अंतिम संस्कार आत्मा की शांति से जुड़ा होता है. इस दौरान शांत मन और संयम जरूरी होता है. इसलिए, अत्यधिक रोना आत्मा की शांति में बाधा बन सकता है, इसलिए ऐसे लोगों को इस कर्म से दूर रहने की सलाह दी जाती है.  

मुख्यमंत्री मान ने मजीठा में 23 सड़कों का किया उद्घाटन

मजीठा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए दोनों नेता और उनका परिवार सीधे तौर पर जिम्मेदार रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह वही परिवार है जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों को खाना खिलाया था और आज भी पंजाब की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।” दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही मजीठा के समीप स्थित बिकरौर गांव में एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दों को हवा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को अनावश्यक राजनीतिक लड़ाइयों में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए तथा किसानों पर बेबुनियाद आरोप लगाने की राजनीति से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री को घेरने पहुंचे किसान उधर, किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहती थी और इस सिलसिले में मजीठा में उनका घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें काफिले के समीप जाने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर रोककर स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि कुछ स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन हालात को जल्द ही सामान्य कर लिया गया।

पटना में ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ से युवाओं को मिलेगा नई उड़ान का मंच

पटना. पटना में जल्द ही ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ का भव्य शुभारम्भ होने जा रहा है। यह पहल खास तौर पर बिहार के उन युवाओं के लिए है, जो नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। इस आयोजन के जरिए राज्य के युवाओं को न सिर्फ प्रेरणा मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने आइडिया को व्यवसाय में बदलने का व्यावहारिक अवसर भी प्राप्त होगा। ‘भारत स्टार्टअप यात्रा’ की सफलता के बाद अगला कदम देशभर में चर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘भारत स्टार्टअप यात्रा’ की सफलता के बाद अब अक्टूबर स्काई (October Sky) बिहार में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस बार फोकस डॉक्यूमेंट्री से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर युवाओं को जोड़ने और उन्हें सीधे मार्गदर्शन देने पर है। उद्यमिता शिखर सम्मेलन का रूप लेगा आयोजन ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ को एक बड़े उद्यमिता शिखर सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसमें देश की अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के अनुभवी लीडर्स, निवेशक और मेंटर्स शामिल होंगे। इसके साथ ही बिहार सरकार के कई मंत्री, कैबिनेट स्तर के जनप्रतिनिधि और नीति निर्माता भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्टार्टअप्स को मिलेगा सीधा मार्गदर्शन और नेटवर्किंग इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य बिहार के स्टार्टअप्स और नवाचार करने वाले युवाओं को सीधे मेंटरशिप और नेटवर्किंग का लाभ देना है। शुरुआती चरण के स्टार्टअप संस्थापक यहां निवेशकों और अनुभवी उद्यमियों से संवाद कर सकेंगे। इससे उन्हें फंडिंग, बिजनेस मॉडल और मार्केट एक्सपोजर से जुड़ी अहम जानकारियां मिलेंगी। नौकरी नहीं, उद्यमिता भी बने करियर विकल्प आयोजकों के अनुसार ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ का मकसद युवाओं की सोच को सिर्फ नौकरी तक सीमित न रखना है। इस मंच के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि उद्यमिता भी एक मजबूत और सम्मानजनक करियर विकल्प हो सकता है। राज्य के युवा अपने विचारों और कौशल के दम पर रोजगार देने वाले बन सकते हैं। बिहार में छिपी है अपार प्रतिभा अक्टूबर स्काई की निदेशक नलिनी सिन्हा ने कहा कि ‘भारत स्टार्टअप यात्रा’ डॉक्यूमेंट्री के दौरान यह साफ हुआ कि प्रतिभा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बिहार के युवाओं में भी नई सोच, नवाचार और आगे बढ़ने की पूरी क्षमता मौजूद है, जिसे सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है। पटना को स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में कदम उन्होंने बताया कि ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ पटना को नवाचार और उद्यमिता के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल होगी। यह आयोजन न केवल बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने के लिए भी प्रेरित करेगा। आत्मनिर्भर बिहार की ओर बढ़ता कदम कुल मिलाकर, ‘बिहार स्टार्टअप यात्रा’ बिहार के युवाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकती है। यह मंच राज्य में उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगा और बिहार को स्टार्टअप के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हरियाणा के कर्मचारियों को ‘जाब सुरक्षा’ आवेदन करने में हो रही दिक्कत

चंडीगढ़. हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में लगे हजारों कर्मचारियों को जाब सुरक्षा के लिए आवेदन करने में देरी हो रही है। इसकी वजह यह है कि अभी तक विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी नजदीक आ रही है। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन ने अभी तक पत्र जारी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। यूनियन के राज्य प्रधान ईश्वर शर्मा और राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने कहा कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी जाब सुरक्षा नियमों की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। फिर भी अभी तक कोई विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है, जिस कारण कर्मचारियों में अपनी जाब सुरक्षा को लेकर असमंजस और भय बना हुआ है। यूनियन के राज्य महासचिव संदल सिंह राणा ने बताया कि विभागीय देरी से होने वाले नुकसान पर चर्चा और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए 21 जनवरी को हरियाणा सयुंक्त कर्मचारी संघ ने रोहतक में राज्य प्रधान ईश्वर शर्मा की अध्यक्षता में बैठक बुलाई है। इस बैठक में हरियाणा कौशल रोजगार निगम, ट्रंप अप्वाइंटी, पंचायत के अधीन, दैनिक वेतन भोगी, कर्मचारियों को जाब सुरक्षा दिलाने के लिए, सभी ब्रांचों के सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने और आगामी त्रिवार्षिक जिला कमेटी के चुनाव की तारीख निश्चित करने के प्रस्तावों पर फैसले लिए जाएंगे। सभी ट्रंप अप्वाइंटी कर्मचारियों के डाटा को कौशल रोजगार निगम पर अपलोड कर उन्हें जाब सुरक्षा दी जानी चाहिये। कोर्ट केस के बाद भी जाब सुरक्षा नहीं दी जा रही है। वर्ष 2020 से 2023 तक की बाकी एलटीसी अभी तक जिन कर्मचारियों को नहीं मिली है, वह भी देने की मांग इस बैठक में होगी। वित्त विभाग द्वारा इस वर्ष की एलटीसी को रद कर देने की सूचना आ रही है। यदि यह सूचना सही है तो फिर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार कर उन्हें एलटीसी को बहाल करने के लिए तैयार किया जाएगा। संदल सिंह राणा ने बताया कि विभाग द्वारा रेगुलर कर्मचारियों के सर्कल स्तर पर पदों को बढ़ाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। उनको तीन महीने बीत जाने के बाद भी एचआरएमएस पर नहीं चढ़ाया गया है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति में रूकावट आ रही है। वाशिंग भत्ते की किस्त भी जारी नहीं की जा रही है। राज्य प्रभान ईश्वर सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से पांच वर्ष से ज्यादा समय वाले सभी कर्मचारियों को जाब सुरक्षा की गारंटी दी जानी चाहिए, जिसके लिए सरकार की ओर से 31 जनवरी तक सभी कर्मचारियों का डाटा अपलोड करवाना है, लेकिन कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं, मगर अभी तक न तो कर्मचारियों के लागिन करने के लिए ओटीपी आ रहें हैं और न ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है। उनका डाटा आनलाइन नहीं हो रहा। आवेदन करने के लिए साफ दिशानिर्देश नहीं होने के कारण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के हजारों कर्मचारी दुविधा की स्थिति में हैं।

‘पूजा’ का दो दिन का विवाह और फिर फरार, कुंवारे लड़कों को शिकार बनाने वाली हैरान करने वाली कहानी

 खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन में सात फेरे के दो दिन बाद ही दुल्हन फरार हो गई.  दूल्हे के परिजनों ने आरोप लगाया पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा हैं, जो कुंवारे युवकों को निशाना बनाते हैं.पहले भी लुटेरी दुल्हन दो शादी कर चुकी है.   जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव थाना इलाके के नवलपुरा का यह मामला है. मकर संक्रांति के दिन रघुवीर चौहान निवासी नवलपुरा की शादी पूजा ठाकरे पिता शंकरलाल ठाकरे निवासी चिरापल्या तहसील पांडूपानी जिला बैतूल के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई. शादी के लिए लड़की पक्ष को एक लाख 60 हजार रुपए दिए गए.  रघुवीर के अनुसार, ''शादी के मात्र दो दिन बाद पूजा बगैर किसी को बताएं घर से फरार हो गई. जाते समय मेरा मोबाइल भी साथ में ले गई. जब परिजनों ने जानकारी जुटाई तो पता चला पूजा इससे पहले भी दो शादियां कर चुकी हैं और ये उसकी तीसरी शादी थी.''  पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि फरार दुल्हन पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा है, जो अविवाहित युवाओं को निशाना बनाकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते हैं. इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ धोखाधड़ी न हो.  दूल्हे रघुवीर का कहना है, ''परिजन के साथ दुल्हन की तलाश भी की थी, लेकिन वो नहीं मिली. इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत की है.'' इनका कहना भीकनगांव थाना इंचार्ज गुलाब सिंह रावत का कहना है कि शादी के बाद दुल्हन के पैसे लेकर फरार होने की शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर रहे हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

सुकमा में पंचायत सचिव पद के पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी

सुकमा. कार्यालय जिला पंचायत सुकमा में पंचायत सचिव पद की भर्ती हेतु प्राप्त आवेदनों का चयन समिति के द्वारा परीक्षण किए जाने उपरांत दावा आपत्ति हेतु पात्र व अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी किया गया, जिसके संबंध में प्राप्त दावा आपत्ति आवेदनों का चयन समिति के द्वारा नियमानुसार निराकरण किया. चयन समिति के द्वारा दावा आपत्ति निराकरण सूची, पात्र व अपात्र अभ्यर्थियों की सूची एवं पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सुकमा,कोन्टा, छिन्दगढ़ के सुचना पटल अथवा जिले के वेबसाईट www-sukma-gov-in का अवलोकन कर सकते है। स्वास्थ्य विभाग में संविदा भर्ती के लिए लिखित परीक्षा संपन्न खनिज न्यास निधि (डी.एम.एफ.) मद अंतर्गत विभिन्न रिक्त पदों की संविदा भर्ती प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति निराकरण उपरांत दस्तावेज सत्यापन एवं लिखित परीक्षा का आयोजन शनिवार को पी.एम. श्री स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारास, जिला सुकमा में किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की गई। उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट ग्रेड-02, रेडियोग्राफर, दन्त सहायक, आरएचओ, ओटी टेक्नीशियन एवं वाहन चालक पदों की पूर्ति की जानी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि लिखित परीक्षा में 268 पात्र अभ्यर्थियों में से कुल 117 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए और 151 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।

सर्दी का सितम जारी: कई जिलों में कोहरा और बादलों के बीच बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार सुबह भिंड, ग्वालियर, दतिया, सतना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिला, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई अन्य जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। सबसे ठंडे इलाके बने कल्याणपुर और करौंदी मौसम विभाग के अनुसार शहडोल जिले का कल्याणपुर और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, नौगांव, उमरिया, रीवा और पचमढ़ी जैसे इलाकों में भी तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा, जिससे सर्दी और ज्यादा तेज महसूस की गई। ग्वालियर-चंबल अंचल, मैहर, कटनी, अनुपपुर और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का असर बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल वाली स्थिति है। इस वजह से पारे में बढ़ोतरी हुई है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। दरअसल, प्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। यह एमपी में भी असर दिखा सकता है। यानी, 22-23 जनवरी के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान आज सुबह प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान उमरिया जिले में 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य स्थानों के तापमान इस प्रकार रहे: खजुराहो: 5.8°C नौगांव-उमरिया: 6°C रीवा: 6.4°C पचमढ़ी: 6.8°C मंडला: 7.2°C मलाजखंड: 7.6°C पांचों बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा भोपाल: 11°C इंदौर: 12°C ग्वालियर: 10°C उज्जैन: 13°C जबलपुर: 10.5°C आगामी मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के असर से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन 22 जनवरी के बाद मावठे की बारिश के साथ ठंड एक बार फिर लौट सकती है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर, पारा 3.7 डिग्री मौसम विभाग के अनुसार, अभी शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा है। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया है। शनिवार-रविवार की रात में इतना टेम्परेचर दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.8 डिग्री, नौगांव-उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े सभी 5 शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक है। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक तेज ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रहेगा। इसके बाद 22 और 23 जनवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट मंगलवार के लिए ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अनुपपुर, शहडोल, कटनी और मैहर में शीतलहर का अलर्ट है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है, हालांकि सुबह-शाम की ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

NZ के खिलाफ खराब फॉर्म बना कारण? कोहली-रोहित के बाद अब रोहित के वनडे करियर पर संकट

 नई दिल्ली टीम इंडिया के लिए नए साल का आगाज बेहद निराशाजनक रहा है. 37 साल बाद न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम की है. 3 मैचों की इस सीरीज में रोहित शर्मा का खराब फॉर्म चर्चा का विषय रहा. रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भी रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा. पहले दो मैचों में 26 और 24 रन बनाने के बाद तीसरे मैच में सिर्फ 11 रन बनाकर वह पवेलियन लौट गए. इस तरह, पांच महीने के लंबे वनडे ब्रेक से पहले रोहित शर्मा बिना कोई अर्धशतक लगाए इस फॉर्मेट से विदा हो गए. ऐसे में सोशल मीडिया पर हिटमैन के संन्यास को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शायद ये रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो और वो इस फॉर्मेट से भी संन्यास ले लें… रोहित शर्मा दिखे निराश रोहित ने पारी की शुरुआत काइल जेमीसन की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव से की थी. लेकिन जैसे ही जेमीसन ने अपनी लाइन बदली और बाहर की गेंदें फेंकना बंद किया, रोहित को रन बनाने में परेशानी होने लगी और वह लय में नजर नहीं आए. तीनों मैचों में रोहित ने कुल 61 रन बनाए, उनका औसत 20.33 और स्ट्राइक रेट 76.25 रहा. यह प्रदर्शन उनके पिछले अंतरराष्ट्रीय दौरे से बिल्कुल उलट रहा, जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों में 146 रन बनाए थे. क्या रोहित शर्मा ले रहे हैं संन्यास? सोशल मीडिया पर कई फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह रोहित शर्मा का आखिरी वनडे मैच था. अब रोहित सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने की भूख को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, सीरीज के बाद कप्तान शुभमन गिल ने रोहित शर्मा का बचाव किया. उन्होंने कहा कि वे कितने अनुभवी खिलाड़ी हैं ये सभी को पता है. कोई भी खिलाड़ी हर मैच में रन नहीं बना सकता है. वो अच्छी लय में हैं बस अपनी पारी को कन्वर्ट नहीं कर पाए. लेकिन वो जल्द ही लय में होंगे.  फिलहाल भारत का अगला वनडे दौरा जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होगा. उम्मीद है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे. बता दें कि रविवार को इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए डेरिल मिचेल के शानदार शतक के दम पर भारत को जीत के लिए 338 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन इसके जवाब में भारतीय टॉप ऑर्डर बिखर गया. कोहली ने शानदार शतक जरूर लगाया. लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके और भारतीय टीम 41 रन से हार गई. इस तरह सीरीज 2-1 से न्यूजीलैंड के नाम रही. 14 महीने पहले न्यूजीलैंड ने ही खत्म किया था कोहली-रोहित का करियर 'यह हार चुभेगी'… भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने ये बात रविवार को कही जब न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को वनडे सीरीज हराया. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम 338 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई. भारत यह मैच 41 रन से हार गया और इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज भी 1–2 से गंवा बैठा.  डेढ़ साल में दूसरी बार भारत को मिली शर्मनाक हार पिछले डेढ़ साल में यह दूसरी बार है जब न्यूजीलैंड ने भारतीय क्रिकेट को आईना दिखाया है. साल 2024 में टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम भारत आई थी और टेस्ट सीरीज में भारत को 3–0 से क्लीन स्वीप कर दिया था. यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था. उस हार के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव हुए. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की साख पर सवाल खड़े हुए और कुछ ही दिन बाद तीनों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. अब 14 महीने बाद न्यूजीलैंड ने फिर वही काम किया है लेकिन इस बार वनडे फॉर्मेट में. इस हार के बाद भी उठेंगे कई सवाल भारतीय क्रिकेट में घरेलू सीरीज की हार अक्सर सिर्फ मैच तक सीमित नहीं रहती. यह हार भी अलग नहीं होगी. शायद और ज्यादा असर डाले, क्योंकि भारत अब अगले पांच महीनों तक कोई वनडे मैच नहीं खेलेगा. यह समय आत्ममंथन के लिए काफी है. और फैसलों के लिए भी. 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू हो चुकी है. ऐसे में सबसे पहले नजर सीनियर खिलाड़ियों पर ही जाएगी.  कीमत कौन चुकाएगा? विराट कोहली फिलहाल सुरक्षित नजर आते हैं. पिछले तीन महीनों में उन्होंने अपने खेलने के अंदाज में बदलाव किया है और आधुनिक वनडे क्रिकेट के हिसाब से खुद को ढाला है. रोहित शर्मा के लिए राह इतनी आसान नहीं दिखती.  यह भी पढ़ें: रोहित शर्मा वनडे से भी लेने जा रहे संन्यास? न्यूजीलैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद उठे सवाल भारत की मौजूदा वनडे टीम में 36 साल से ऊपर के सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं. कोहली- रोहित और रवींद्र जडेजा. कोहली सुरक्षित हैं. रोहित के साथ उनका लंबा प्रभावी करियर है. लेकिन जडेजा पर गाज गिर सकती है. जडेजा का बेहद खराब सीरीज प्रदर्शन आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं. जडेजा पूरी सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले पाए. यह 2017 के बाद पहली बार हुआ जब वह लगातार तीन वनडे मैचों में विकेट नहीं निकाल सके. बल्ले से भी उनका योगदान बेहद कमजोर रहा. निर्णायक मुकाबले में, जब विराट कोहली को दूसरे छोर से सहारे की जरूरत थी, जडेजा ने गैर-जरूरी शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया. हैरानी की बात यह रही कि निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा ने उनसे बेहतर बल्लेबाजी की छाप छोड़ी. Advertisement जडेजा की सबसे बड़ी ताकत फील्डिंग में भी गिरावट दिखी. निर्णायक मैच में उन्होंने पॉइंट पर एक आसान कैच भी छोड़ दिया. अलग-अलग देखें तो ये छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन मिलाकर देखें तो यह गिरावट की कहानी कहती हैं. यह भी पढ़ें: पहले टेस्ट अब ODI, गंभीर युग में एक और शर्मनाक रिकॉर्ड… न्यूजीलैंड ने 37 साल, 7 ODI सीरीज का सूखा किया खत्म ये … Read more