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कांग्रेस में CM चेहरे पर घमासान चलते चन्नी के समर्थन में हाईकमान को लिखा पत्र

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में एकजुटता की कोशिश पर गुटबाजी भारी पड़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल दावा कर रहे हैं कि 2027 में कांग्रेस 2022 वाली गलती नहीं दोहराएगी। कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश प्रभारी का यह दावा कांग्रेस के बड़े वर्ग को रास नहीं आ रहा है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का विरोधी गुट पूर्व मुख्यमंत्री चरणजी सिंह चन्नी को 2027 के विधानसभा चुनाव का चेहरा बनाना चाहता है। समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी इन दिनों भीतर खाते जोरों पर चल रहा है। चन्नी की अगुवाई के लिए की जा रही लाबिंग के तहत कांग्रेस के 32 जट्ट नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर मिलने के लिए समय भी मांगा है। पत्र दोनों ही नेताओं के दफ्तर में भेजा जा चुका है। 42 से अधिक नान जट्ट नेताओं ने भी हाईकमान से समय मांगने वाले पत्र पर हस्ताक्षर किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पत्र में इन नेताओं ने केवल अपनी बात सुनने की मांग की है। इस कवायद से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पार्टी में बड़ी लड़ाई देखने को मिल सकती है। बेशक प्रदेश प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद वड़िंग और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा मुख्यमंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग बता रहे हैं, लेकिन चन्नी और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा इस दौड़ में शामिल हैं। दूसरी तरफ अगर हाईकमान विरोधी गुट की बात मानता है तो चन्नी को चुनावी वर्ष में पार्टी की कमान भी सौंपी जा सकती है। बता दें कि 2022 में भी चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था और फिर उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। चन्नी दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर हार गए थे। हालात यह हुए कि 78 विधायकों वाली कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। चन्नी एससी समुदाय से हैं, इसलिए कांग्रेस में यह तर्क दिया गया कि जट्टों ने पार्टी को वोट नहीं डाला। हालांकि दोआबा क्षेत्र में एससी मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया, लेकिन मालवा और माझा में कांग्रेस के एससी चेहरे को आगे करने का कोई खास लाभ नहीं मिला। यही कारण है कि बघेल इस बार यह कह रहे हैं कि कांग्रेस 2022 की गलती को नहीं दोहराएगी और पार्टी हाईकमान के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश आज सीतामढ़ी में करेंगे 554 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

सीतामढ़ी. समृद्धि यात्रा के चौथे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीतामढ़ी जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बेलसंड के चंदौली गांव पहुंच गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की भारी भीड़ मौजूद है। वहीं, सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। इस दौरान वे करीब 554 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे। इसमें बागमती नदी पर बना आरसीसी पुल और ढ़ाई किलोमीटर बांध सुदृढ़ीकरण व कालीकरण शामिल हैं। वे विद्यालय परिसर में नक्षत्र वन का भी उद्घाटन करेंगे। साथ ही विद्यालय परिसर में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न समूहों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले की स्थानीय पुलिस के अलावा मुजफ्फरपुर और वैशाली से करीब ढ़ाई सौ पुलिस अधिकारी और जवान बुलाए गए हैं। जिला और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हैं। संबंधित मार्ग पर करीब 100 -100 मीटर की दूरी की पर जवान तैनात किए गए हैं। विद्यालय की रंगाई-पुताई के साथ साथ वर्षों से बंद पड़े बस पड़ाव को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। बागमती के तटबंध सज-धजकर तैयार है। की भी मरम्मत कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बेलसंड को दुल्हन की तरह तैयार किया गया है। परिसर में कई स्टॉल बनाए जा रहे हैं।

‘काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका’: CM नायब सैनी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीबी-जी रामजी योजना पर फैलाए जा रहे विपक्ष के भ्रम को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका की गारंटी इस योजना के मुख्य पहलू हैं। उन्होंने राज्य भर से आए श्रमिकों के साथ संवाद करते हुए उनकी बात सुनी और आशंकाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी- जी रामजी) मेहनतकश श्रमिकों के जीवन स्तर को उंचा उठाने की मजबूत नींव है। सीएजी (कैग) की रिपोर्टों से लेकर सामाजिक आडिट तक में बार-बार यह सामने आया कि मनरेगा योजना के रहते असली मजदूर काम करता रहा और जेबें औरों की भरती रहीं। वीबी-जी रामजी योजना में मजदूरों की आय बढ़ेगी तथा राज्य के हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। नायब सिंह सैनी पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में वीबी- जी रामजी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है, उसे गांवों और श्रमिकों के विकास के बिना पूरा नहीं किया सकता। विकसित भारत का रास्ता गांवों की गलियों से होकर गुजरता है। वीबी- जी रामजी केवल रोजगार देने की योजना नहीं है बल्कि मेहनतकश लोगों के जीवन को ऊंचा उठाने, उनको सम्मान देने और उनका स्वाभिमान बनाये रखने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नये कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। नये कानून में राज्यों को फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिन के लिए काम रोकने का अधिकार दिया गया है। इससे श्रमिकों को इन 60 दिनों का काम तो मिलेगा ही, विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत भी 125 दिन का काम मिलेगा। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन सात हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। हरियाणा में प्रतिदिन देश में सर्वाधिक 400 रुपये की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है। इससे हर श्रमिक की वार्षिक आय कम से कम 50 हजार रुपये हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना में अब 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि मजदूर को समय पर उसका पैसा मिल सके। अब न तो फर्जी मजदूर होंगे, न फर्जी काम होगा और न ही फर्जी भुगतान होगा। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। मनरेगा के नाम पर देश के कई हिस्सों में भ्रष्टाचार, फर्जी जाब कार्ड, ठेकेदारों का वर्चस्व और मजदूरों के हक की लूट हुई थी। भाजपा ने किया पांच हजार करोड़ का भुगतान मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भाजपा के अब तक के कार्यकाल और कांग्रेस के 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के भुगतान की तुलना की। अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक श्रमिकों को भाजपा सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों में यह आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपये से भी कम था। नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दाविहिन हो चुकी है और जी रामजी योजना पर लोगों को भ्रमित करने के लिए हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस के नेताओ ने मनरेगा योजना को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बना रखा था। पंजाब सरकार नहीं कर रही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आप सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब सरकार केवल वोट की राजनीति के लिए जी रामजी योजना का विरोध कर रही है। पंजाब में मनरेगा के तहत श्रमिकों के भुगतान में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद भी पंजाब सरकार दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि श्रमिकों के पसीने की हर बूंद में भारत के निर्माण की कहानी छिपी है, जिसे लंबे समय तक अनदेखा किया गया। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. साकेत कुमार ने कहा कि जी रामजी से श्रमिकों को न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि हर स्तर पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया और हरियाणा मनरेगा मेट मजदूर संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार शामिल हुए।

सामूहिक दुष्कर्म का दर्दनाक मामला: मैहर में नाबालिग को बनाया शिकार, वीडियो भी बनाया गया

मैहर   मध्य प्रदेश के मैहर से हैवानियत का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां दोस्तों के साथ घूमने गई नाबालिग के साथ 5 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने गंभीर मामले में नाबालिग की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है. पहाड़ी पर घूमने गई थी 14 वर्षीय पीड़ित पुलिस के अनुसार, 14 वर्षीय पीड़िता शनिवार शाम घर से सब्जी लेने निकली थी. इसी दौरान रास्ते में उसके दो दोस्त मिल गए. तीनों बाइक से पहाड़ी क्षेत्र की ओर घूमने चले गए. कुछ समय आसपास घूमने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया और नाबालिग के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. अश्लील हरकतों का विरोध करने पर पीटा आरोप है कि बाइक सवार 3 युवकों ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं. जब उसके दोस्तों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की. इसके बाद एक आरोपी नाबालिग को जबरन पहाड़ी के पीछे की ओर ले गया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया. पीड़िता का आरोप है कि आरोपी युवकों ने दुष्कर्म करते हुए वीडियो बनाने की भी कोशिश की. इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई और ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस, मामला दर्ज घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को थाने लाया गया. परिजनों को बुलाकर उनकी मौजूदगी में पूछताछ की गई, जिसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता को घुमाने ले जाने वाले उसके दो दोस्तों सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. शेष दो आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है. थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने कहा, '' देर शाम की इस घटना की जांच गंभीरता से की जा रही है. पीड़िता को आवश्यक चिकित्सकीय जांच और परामर्श सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसमें एक आरोपी व 2 सह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, फरार हुए 2 अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएग.

दंतेवाड़ा और जांजगीर चांपा में आज प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

रायपुर. अगर आप नौकरी की तलाश में है, तो आपके पास यह सुनहरा मौका है. सोमवार यानी 19 जनवरी को दो जिलों में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन होने जा रहा है. दंतेवाड़ा और जांजगीर चांपा में बेरोजगार युवा निजी कंपनियों द्वारा निकाली गई भर्तियों के लिए सीधे शामिल होकर नौकरी पाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे. जांजगीर-चांपा जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, जांजगीर-चांपा द्वारा 19 जनवरी 2026 (सोमवार) को एक दिवसीय प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है. यह कैंप लाइवलीहुड कॉलेज परिसर स्थित जिला रोजगार कार्यालय, जांजगीर में 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा. प्लेसमेंट कैंप में निजी क्षेत्र की नियोजक कंपनी पेरेनियल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, महाराष्ट्र भाग लेगी. डीजी ऑपरेटर के 20 पदों पर भर्ती की जाएगी. इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता आईटीआई डीजल मैकेनिक अथवा इलेक्ट्रिशियन उत्तीर्ण निर्धारित की गई है. चयनित अभ्यर्थियों को 13,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह वेतन के साथ अन्य भत्ते प्रदान किए जाएंगे. आवेदकों की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है. चयनित उम्मीदवारों का कार्यक्षेत्र एसईसीएल, बिलासपुर रहेगा.इच्छुक युवा अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति एवं जिला रोजगार कार्यालय का वैध रोजगार पंजीयन कार्ड अनिवार्य रूप से साथ लेकर उपस्थित हों. रोजगार पंजीयन के बिना प्लेसमेंट कैंप में भाग लेना संभव नहीं होगा. दंतेवाड़ा में लगेगा प्लेसमेंट कैंप जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दंतेवाड़ा द्वारा आज प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इस प्लेसमेंट कैंप में RCC एंड एसोसिएट, दंतेवाड़ा द्वारा ऑडिट असिस्टेंट (02 पद) और रिसेप्शनिस्ट (01 पद) के लिए भर्ती की जाएगी. इच्छुक आवेदक अपने शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रति, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड की छायाप्रति, पासपोर्ट साइज फोटो एवं बायोडाटा (रिज्यूमे) के साथ निर्धारित स्थल पर उपस्थित होकर आवेदन कर सकते हैं. यह प्लेसमेंट कैंप पूर्णतः निःशुल्क रहेगा.  

क्या लॉटरी सिस्टम तय करेगा मुंबई का अगला मेयर? शिंदे मॉडल पर सियासी हलचल

मुंबई  महाराष्ट्र के नगर महापालिका परिषद चुनाव नतीजों की चर्चा दिल्ली तक हो रही है, लेकिन सभी की निगाहें मुंबई के मेयर पद पर लगी हुई हैं. पिछले 28 सालों से बीएमसी पर काबिज रही उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को करारी मात खानी पड़ी है. ऐसे में बीजेपी को पहली बार मुंबई में मिली भारी जीत के बाद सवाल उठ रहा है कि देश की सबसे समृद्ध माने जाने वाली महानगर पालिका बीएमसी के मेयर कौन बनेगा?  मुंबई नगर महापालिका चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो शिंदे के शिवसेना के साथ बीएमसी पर अपना कब्जा जमाए रखने का नंबर गेम भी हैं. इसके बाद भी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया में वक्त लगेगा, इसलिए इस बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं.  बीएमसी के नए मेयर का चुनाव निगम सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए किया जाएगा.  मुंबई नगर प्रशासन द्वारा नवनिर्वाचित पार्षतों की बुलाई जाने वाली विशेष बैठक में यह चुनाव होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले मेयर किस जाति और किस वर्ग का होगा, ये फॉर्मूला एकनाथ शिंदे के मंत्रालय के द्वारा 'लॉटरी सिस्टम' से तय होगा?  शिंदे के 'लॉटरी सिस्टम' से तय होगा मेयर मुंबई में बीएमसी का मेयर किस जाति और किस वर्ग से होगा, इसका फैसला राज्य के अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (शहरी विकास विभाग) के द्वारा तय होता है. राज्य के शहरी विकास विभाग का जिम्मा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है. ऐसे में मेयर पद के आरक्षण का फैसला शिंदे के विभाग के द्वारा तय किया जाना है.   बीएमसी में मेयर का पद रोटेशन के आधार पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित होता है. महाराष्ट्र का शहरी विकास विभाग मेयर पद के श्रेणी तय करने के लिए लॉटरी की प्रक्रिया कराता है.  मेयर पद के लिए आरक्षण प्रक्रिया को चुनाव के पहले तय नहीं किया. इसी कारण किस महापालिका मे कौन सी जाति या वर्ग का मेयर होगा ये अभी तक तय नहीं हुआ है. ऐसे में मुंबई के मेयर का पद भी तय नहीं है. पुरुष, महिला, ओबीसी, अनुसूचित जाति के आधार पर रोटेशन अभी तय होना है. माना जा रहा है कि इसी हफ्ते अब एकनाथ शिंदे के अगुवाई वाला शहरी विकास विभाग मेयर पद के आरक्षण तय करने के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपना सकता है. ऐसे में पहले शहरी विकास विभाग के द्वारा मेयर का आरक्षण तय होगा. सूत्रों की मानें तो 22 जनवरी को आरक्षण तय हो सकता है और उसके बाद मेयर ही कौन बनेगा, उसे लेकर फैसला होगा.  महाराष्ट्र में कैसे होगा नए मेयरों का चुनाव मेयर पद पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएमसी के नए मेयर का चुनाव होगा. इस तरह से महाराष्ट्र के मुंबई को आखिरकार चार साल बाद मेयर मिलने जा रहा है. मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं, जो इस बार भी जीतकर आईं है, लेकिन उद्धव की सेना को बहुमत का नंबर नहीं मिल सका है. इसके चलते उनका मेयर बनने की राह काफी मुश्किल है.  बीएमसी मेयर को काफी ताकतवर माना जाता है और इस पद के लिए दावेदारी भी बड़ी होती है. मुंबई के बीएमसी में अलग-अलग वॉर्डों से कुल 227 पार्षद (नगर सेवक) चुनाव जीतकर आए हैं, जिन्हें मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है. ऐसे में जिस पार्टी का बहुमत होता है, वही मेयर पद की उम्मीदवारी में सबसे बड़ी दावेदार होती है.  नगर महापालिका चुनाव जीतकर आने वाले पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं. मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है, वहीं पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है. ऐसे में प्रशासन नवनिर्वाचित निगम पार्षदों की विशेष बैठक बुलाएगा, जिसमें मेयर और उपमेयर का चुनाव होगा. 28 जनवरी को नगर प्रशासन पार्षदों की विशेष बैठक बुला सकता है. बैठक में मेयर पद के लिए सभी निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे और जिसे सबसे अधिक वोट मिलेंगे, वही मेयर चुना जाएगा. हालांकि. यह जरूरी नहीं है कि सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी का उम्मीदवार ही मेयर बने, लेकिन बीते वर्षों के अनुभव बताते हैं कि आमतौर पर बहुमत या मजबूत गठबंधन वाली पार्टी इस पद पर काबिज होती रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी पहली बार मुंबई में अपने मेयर बना सकती है.  मेयर के साथ उपमेयर का भी होगा चुनाव शहरी विकास विभाग (यूडीडी) इसी हफ्ते मेयर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी निकालेगा. इसमें यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य वर्ग, महिला या किसी आरक्षित श्रेणी के लिए होगा. आरक्षण की घोषणा के बाद पात्र पार्षद नामांकन दाखिल करेंगे और उसके कुछ दिनों बाद मेयर का चुनाव कराया जाएगा. इस तरह मेयर चुनाव जनवरी के अंतिम सप्ताह में होना तय माना जा रहा है. मेयर के साथ उपमेयर का भी चुनाव होगा. इसके अलावा स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन के पद भी सभी की निगाहें हैं.  बीएमसी में भले ही मेयर का पद सबसे बड़ा हो, लेकिन असली ताकत किसी और के पास होती है. सबसे अमीर नगरपालिका में दो विंग होती है, पहली राजनीतिक विंग और दूसरी प्रशासनिक विंग. राजनीतिक विंग के मुखिया मेयर होते है जबकि प्रशासनिक विंग को नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) हेड करते हैं. ऐसे में बीजेपी के पास अपने दम पर मेयर बनाने का नंबर नहीं है, जिसके चलते शिंदे के समर्थन से ही बीएमसी पर कब्जा जमा सकता है. इस वजह से शिंदे की बार्गेनिंग पावर बढ़ गई है और उनकी नजर भी बीएमसी के अहम पद है.  बीजेपी और एकनाथ शिंदे में होगी शह-मात मेयर चुनाव की प्रक्रिया के तहत पहले आरक्षण तय किया जाता है, फिर विशेष बैठक में सभी पार्षद मतदान करते हैं. साधारण बहुमत हासिल करने वाला उम्मीदवार मेयर और उपमेयर घोषित किया जाता है. हालांकि, किसी दल के पास अगर स्पष्ट बहुमत नहीं होता, तो गठबंधन और चुनाव के बाद की राजनीतिक बातचीत निर्णायक भूमिका निभाती है. मुंबई में इस बार मेयर चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार 227 निर्वाचित पार्षदों के साथ 10 नामांकित पार्षद भी होंगे। मार्च 2023 में मुंबई नगर निगम अधिनियम में संशोधन … Read more

हरियाणा, दिल्ली, यूपी के लिए जा रही कारें, ग्वालियर मेले में रिकॉर्ड प्री-बुकिंग और रोड टैक्स छूट

ग्वालियर  ग्वालियर व्यापार मेले में आने वाले खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार द्वारा ग्वालियर व्यापार मेले में वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट की अधिसूचना  जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होते ही अब व्यापार मेले में रोड टैक्स छूट का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सीएम ने कैबिनेट में 13 जनवरी को छूट की घोषणा कर दी थी। लंबे समय से व्यापारी संगठनों और वाहन विक्रेताओं द्वारा रोड टैक्स में छूट की मांग की जा रही थी। अधिसूचना जारी होने के बाद व्यापार मेले में वाहन बिक्री में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खासतौर पर दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। यदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ग्वालियर व्यापार मेला इस समय सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। मेले में वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है, वहीं डीलर्स की ओर से भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। पिछले साल 2025 के मेले में रोड टैक्स छूट के बाद वैगन-आर LXI CNG की कीमत 6 लाख 57 हजार 80 रुपए थी, जबकि 2026 में लगभग वही ऑफर मिलने के बावजूद यही कार 6 लाख 40 हजार 396 रुपए में उपलब्ध है, यानी ग्राहकों को पिछले साल की तुलना में करीब 17 हजार रुपए का अतिरिक्त फायदा हो रहा है। मेला शुरू होने के बाद 25 दिन में अब तक 8 हजार से अधिक वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रोड टैक्स छूट का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 19 जनवरी से टैक्स में छूट मिलना शुरू होगी और इसके साथ ही वाहनों की डिलीवरी भी शुरू कर दी जाएगी। खास बात यह है कि ग्वालियर व्यापार मेले से हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक के लोग वाहन खरीदने पहुंच रहे हैं।  उज्जैन नहीं, ग्वालियर से खरीद रहे वाहन… ये है वजह ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हुआ है, जबकि उज्जैन का विक्रमोत्सव मेला 16 जनवरी से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों मेलों में वाहन खरीद पर 50 फीसदी रोड टैक्स में छूट का ऐलान किया है। उज्जैन मेले में भी कारें सस्ती मिल रही हैं, लेकिन इंदौर और उज्जैन के आसपास के शहरों के लोग लग्जरी कारों के लिए ग्वालियर मेले का रुख कर रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि ग्वालियर मेला पुराना और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए भरोसेमंद माना जाता है। दूसरा अहम कारण रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा है। उज्जैन से वाहन खरीदने पर MP 13 रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसे 13 अंक से जुड़ी मान्यताओं के कारण कई व्यापारी और कारोबारी शुभ नहीं मानते। वहीं, ग्वालियर से वाहन खरीदने पर MP 07 रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसे लोग अधिक शुभ मानते हैं। इसी का असर यह है कि पिछले वर्ष 50 लाख से 2 करोड़ रुपए कीमत की 128 लग्जरी कारें ग्वालियर व्यापार मेले से खरीदी गई थीं। मूल निवासी प्रमाण पत्र देना होगा सामान्य तौर पर दूसरे प्रदेश के लोगों को टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान या अन्य राज्यों के लोग यदि यह छूट लेना चाहते हैं तो उन्हें ग्वालियर में निवास का प्रमाण देना होगा। इसके लिए कम से कम दो साल का किरायानामा, आधार कार्ड में स्थानीय पता या ग्वालियर में रहने वाले किसी रिश्तेदार के नाम से वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि, प्रदेश के अन्य शहर का एड्रेस प्रूफ भी मान्य होगा। ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स छूट से बढ़ेगा व्यापार, सिंधिया बोले—विकास और व्यापार पूरक मध्य प्रदेश सरकार ने माधवराव सिंधिया व्यापार ग्वालियर मेले में बिकने वाले वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स में छूट देने का फैसला किया है। इस निर्णय को लेकर व्यापारिक संगठनों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया है। व्यापारियों ने जताया केंद्रीय मंत्री का आभार व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि व्यापार और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत व्यापारिक गतिविधियां किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का आधार होती हैं। ऑटोमोबाइल टैक्स में 50% छूट का फैसला गौरतलब है कि हाल ही में राज्य सरकार ने ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन व्यापार मेला के संदर्भ में बड़ा निर्णय लेते हुए ऑटोमोबाइल पर लगने वाले मोटरयान कर में 50% की छूट देने का ऐलान किया था। इस फैसले से मेले में वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। व्यापारिक संगठनों ने की मुलाकात मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन, ग्वालियर मेला व्यापारी संघ और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, ग्वालियर के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष मोटरयान कर में छूट का प्रस्ताव रखने और इस संबंध में पत्र लिखने पर केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। सिंधिया ने कहा व्यापार और उद्योग विकास की रीढ़ केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि व्यापार और उद्योग किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने राज्य सरकार के इस निर्णय को स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर व्यापार, उद्योग और रोजगार सृजन के लिए लगातार कार्य करती रहेंगी। ग्वालियर-चंबल अंचल को मिलेगी नई गति प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह निर्णय न केवल व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि इससे ग्वालियर-चंबल अंचल में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। वाहन बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद व्यापारिक संगठनों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में दी गई छूट से व्यापार मेले में वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स और सहायक उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स में आने का निमंत्रण इस अवसर पर मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चैंबर ऑफ कॉमर्स में आने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन में व्यापारिक समुदाय को आगे भी इसी … Read more

अंबाह कांड: 10 डकैतों ने किन्नर गुरु के घर की तोड़ी शांति, 2 घंटे तक चले लूटपाट

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह कस्बे में शनिवार देर रात एक किन्नर के घर बड़ी और सनसनीखेज डकैती की वारदात सामने आई है। हथियारों से लैस 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने किन्नर राबिया के घर घुसकर करीब 30 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद चार किन्नरों को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी दी और लूट के बाद फरार हो गए। घटना रात करीब 2 बजे की है। किन्नर राबिया के मुताबिक, उस वक्त वह अपने तीन चेलों के साथ घर में सो रही थी। बदमाश सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़े और गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वे दूसरी मंजिल से होते हुए सीधे ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे जहां कट्टे की नोक पर तीन चेलों को जगाया गया और डराकर काबू में कर लिया गया। इसके बाद बदमाशों ने किन्नर राधिका को धमकाया और गुरु राबिया का कमरा खुलवाया। बदमाशों ने कमरे में रखे 22 तोला सोना, करीब 4 किलो चांदी और लगभग 4 लाख रुपए नकद लूट लिए। इतना ही नहीं किन्नरों ने जो जेवर पहने हुए थे उन्हें भी बदमाशों ने उतरवा लिए। वारदात के दौरान बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और सभी मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए ताकि कोई सबूत न बच सके। सम्मेलन में जाने के लिए निकाले थे रुपए और गहने रविवार दोपहर के तीन बजे हैं। करीब 30 साल की सुर्ख लाल नाइटी और काली शॉल ओढ़े किन्नर गुरु राबिया अपने डेरे में पूजा वाले कमरे में बैठी हैं। उनके चेले कुछ खा लेने की गुजारिश कर रहे हैं, लेकिन वो मना कर देती हैं। पहले सिर पीटती और फिर ताली बजाते हुए कहती हैं- लुट गए हम। अब तो कुछ दिन खाने-पीने तक के लाले पड़ने वाले हैं। राबिया कहती हैं- अरे! हम लोगों को तो आज दिल्ली जाना था। वहां, रोहिणी के रामलीला मैदान में हम लोगों का बड़ा सम्मेलन चल रहा है। उसके लिए ही सोने-चांदी के गहने और रुपए निकालकर रखे थे। शनिवार को दिनभर शहर में घूमकर जो नेग मिला, उसे लेकर मैं और चेले शाम करीब 6 बजे डेरे पर आ गए थे। थोड़ी बहुत गपशप के बाद सात-साढ़े सात बजे के करीब शाम की पूजा की। फिर एकाध घंटे बाद खाना खाया। बातें करने के बाद अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। बदमाश ने मेरे कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया गुरु राबिया कहती हैं कि रात के करीब पौने 3 बज रहे होंगे। मुझे दरवाजा खटकने की आवाज सी आई। मैंने पूछा कौन है? बाहर से राधिका की आवाज आई। वो कह रही थी। मम्मा, गुरु दरवाजा खोलो। मैंने सोचा, ये इतनी जल्दी क्यों जाग गई। जैसे ही दरवाजा खोला। बाहर बदमाश खड़े थे। उन्हें देखकर दरवाजा वापस बंद करने की कोशिश की, लेकिन वे धक्का देते हुए कमरे में घुस आए। एक बदमाश ने मेरी कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया। दूसरा बदमाश राधिका के सिर से बंदूक ताने खड़ा था। इसके बाद दो-तीन बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर अलमारी की चाबी मांगी। अलमारी में से 20-22 तोले सोने के गहने, चांदी और रुपए अपने साथ लाए झोलों में भर लिए। बदमाशों ने सोना नहीं इस शहर की इज्जत पर डाका डाला है। उन्होंने मुझसे बाहर चलने को कहा। जैसे ही हॉल में आई तो देखा तीनों चेले रस्सी से बंधे पड़े थे। बदमाश उनके ऊपर भी बंदूक ताने खड़े थे। इतने में दो बदमाशों ने मेरे हाथ-पैर भी बांध दिए। इसी दौरान उनमें से एक ने कुछ मजा देने की बात कही। कहने लगे कि ये नकली किन्नर लग रहे हैं। ये औरत जैसे हैं। इन्हें चेक करो। हम लोगों ने कसम खाई, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। बारी-बारी से हमारे कपड़े उतारे। अश्लील हरकतें कीं। हमारे शरीर पर काटा। प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की। हम बेबस सब कुछ सहन करते रहे। शुक्र है कि हम सब किन्नर ही हैं, अगर कोई नकली हमारे साथ होता तो न जाने वे क्या करते। उनमें से दो लोग आपस में फौजी और रवि कहकर एक-दूसरे को पुकार रहे थे। एक कह रहा था। देखो कोई गरिया (आदमी) तो नहीं है। जब उन्होंने गरिया कहा तो मुझे अजीब लगा, क्योंकि गरिया तो आदमी को हम किन्नर कहते हैं। बिस्तर पर पटक कर भागे बदमाश गुरु राबिया कहती हैं कि इसके बाद बदमाशों ने हमारे साथ घिनौनी हरकतें की। 20-22 तोला सोना और चांदी ले गए। उन्होंने चारों के मोबाइल ले लिए। कहने लगे कि ये हम लेकर नहीं जाएंगे। हमारे जाने के बाद तुम्हारी गाड़ी के नीचे मिल जाएंगे। इसके बाद मेन गेट से भाग गए। उन्होंने मेरे हाथ-पैर बांध पलंग पर उलटा पटक कंबल डाल दिया। जाते-जाते बाहर से कुंडी लगा दी। करीब 30-40 मिनट हम चारों इसी हालत में बिस्तर पर ही पड़े रहे। जब लगा कि बदमाश चले गए हैं तो हाथ खोलने के लिए एक-दूसरे के नजदीक आए। बमुश्किल एक-दूसरे के हाथ खोले। हम लोग घर के दूसरे दरवाजे से बाहर निकले। सुबह करीब 4.30 बजे कुछ दूर राठौर कॉलोनी के लोगों से मदद मांगी। उनके कहने पर डायल 112 पर कॉल पर पुलिस को सूचना दी। हमारे हाथ-पैर बांधे, उलटा लेटाकर कंबल डाल दिया राबिया के चले श्री शर्मा बताती हैं कि रात करीब दो-ढाई बज रहे होंगे। मैं और रिया जमीन पर गद्दे पर सो रहे थे। किसी ने हमें हिलाया तो नींद खुली। देखा तो आठ-दस बदमाश खड़े हैं। सबके चेहरों पर नकाब था। सभी हथियार लिए हुए थे। इतने में ही रिया की नींद खुल गई। वो चिल्लाने लगी तो एक बदमाश ने उसके मुंह में ही बंदूक डाल दी। वो बोला, चिल्लाए तो मार डालेंगे। इसके बाद उन्होंने दोनों के हाथ-पैर बांध दिए। गद्दे पर उलटा लेटाकर कंबल डाल दिया। अंबाह की इज्जत के लिए रखा था सोना घर में 22 तोला सोना, चार किलो चांदी और करीब चार लाख रुपए होने की वजह भी राबिया ने बताई है। वे कहती हैं कि ये दिल्ली में अंबाह की इज्जत रखने के लिए था। हम लोगों का दिल्ली में सम्मेलन चल रहा है। जो किन्नर जितना सोना पहनकर जाए, उसकी और जहां से वो … Read more

बड़ा हादसा झारखंड में, बारात ले जा रही बस की ब्रेक फेल, 9 मृत और 80 घायल

लातेहार झारखंड के लातेहार जिले में बारात ले जा रही एक बस के पलट जाने से उसमें सवार कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि यह हादसा महुआडांड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंगलाधारा घाटी में हुआ. पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी. बस पलट गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मरने वालों में से चार महिलाएं शामिल हैं. घायलों को अस्पताल ले जाया गया है.’’ सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक  वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लातेहार के अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई जबकि गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई. गुमला के सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि नौ घायलों को यहां के सदर अस्पताल में रेफर किया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया.  80 घायल, 32 लोग गंभीर हालत में  उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 20 से अधिक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर हालत वाले 32 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जा रहा है.’’ मृतकों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. उन्होंने बताया कि लातेहार अस्पताल में जिस महिला की मौत हुई, उसकी पहचान की जा रही है. ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ हादसा बस चालक विकास पाठक ने बताया कि बस में करीब 90 यात्री सवार थे. उसने कहा, ‘‘बस के ब्रेक फेल हो गए. हैंडब्रेक का इस्तेमाल करके और इंजन बंद करके गाड़ी रोकने की कोशिश करने के बावजूद, मैं उस पर नियंत्रण नहीं पा सका और अंततः बस पलट गई.’’

क्या है ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस और PM मोदी को इसके लिए कितना भुगतान करना होगा?

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पत्र में इस पहल को मध्य पूर्व में शांति को पुख्ता करने और वैश्विक संघर्ष को सुलझाने का एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रयास बताया है। भारत के लिए इस न्योते के मायने क्या हैं। जानते हैं अगर भारत इस बोर्ड का हिस्सा बनता है तो क्या होगा। पहले समझें क्या है बोर्ड ऑफ पीस ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड की शुरुआत की है। वॉशिंगटन, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को गाजा और उसके आसपास शांति एवं स्थिरता लाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह निकाय अन्य वैश्विक संघर्षों में भी अहम भूमिका निभा सकता है। मूल रूप से, इस नए निकाय को गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शासन की देखरेख और वित्तपोषण समन्वय का कार्य सौंपा जाना है। भारत के लिए क्या हैं मायने इस बोर्ड की अध्यक्षता ट्रंप के पास होगी। अगर भारत न्योता स्वीकार करता है, तो वह तीन सालों के लिए बोर्ड का हिस्सा बन जाएगा। हालांकि, अगर किसी देश को सदस्य बने रहना है, तो आर्थिक रूप से योगदान भी देना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हर देश को 1 बिलियन डॉलर देने होंगे। इसके साथ ही वह स्थाई सदस्य बन जाएगा और इस धन का इस्तेमाल बोर्ड की गतिविधियों में होगा। बहरहाल, शुरुआत के तीन सालों की सदस्यता के लिए किसी देश को आर्थिक योगदान नहीं देना होगा। शामिल देश गाजा में होने वाले अगले चरण के सीजफायर के बाद गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इनमें नए फिलिस्तीनी समिति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, हमास से हथियार लेने की प्रक्रिया और गाजा का दोबारा निर्माण शामिल है। पीएम मोदी को भेजा पत्र ट्रंप ने मोदी को एक पत्र लिखा, जिसे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में 'शांति बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शानदार प्रयास' में शामिल होने और साथ ही 'वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण' पर काम करने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। गोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ट्रंप का निमंत्रण मोदी तक पहुंचाने का सम्मान मिला है, जिसमें उन्हें ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है और यह निकाय 'गाजा में स्थायी शांति लाएगा'। राजदूत ने कहा कि बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा। ट्रंप ने मोदी को लिखे पत्र में 29 सितंबर को गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा के साथ-साथ मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए अपनी 20-सूत्री रूपरेखा का भी उल्लेख किया। किन देशों को न्योता भारत के अलावा इजरायल, मिस्र, तुर्की, कतर, पाकिस्तान, कनाडा और अर्जेंटीना सहित लगभग 50 देशों को आमंत्रित किया गया है। सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा आने वाले दिनों में दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान होने की संभावना है। व्हाइट हाउस ने बोर्ड के विजन को लागू करने के लिए एक कार्यकारी समिति की भी घोषणा की है। इस समिति में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जारेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।