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दिल्ली में ट्रैफिक का कहर: मेरठ एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी कतार, 5 किलोमीटर जाम

दिल्ली/मेरठ   देश की राजधानी दिल्‍ली से बड़ी खबर सामने आ ही है. दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों-हजानों वहनों के साथ ही बड़ तादाद में आमलोग इसमें फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि पूर्वी दिल्‍ली के पांडव नगर इलाके से मेरठ एक्‍सप्रेसवे पर जाम लगना शुरू हुआ. उसके बाद धीरे-धीरे गाड़ियों का रेला सराय काले खां तक पहुंच गया. तकरीबन 5 किलोमीटर तक लगे लंबे ट्रैफिक जाम की वजह से वाहन रेंगने को मजबूर हैं. बता दें कि सुबह बड़ी तादाद में नौकरीपेशा लोग दिल्‍ली से एनसीआर और आसपास के शहरों से राष्‍ट्रीय राजधानी की ओर आते हैं, ऐसे में पीक आवर में वाहनों की संख्‍या भी काफी ज्‍यादा रहती है. अब इसी समय ट्रैफिक जाम लगने से हालात बेकाबू होने लगे हैं. ऑफिस और अन्‍य काम के सिलसिले में जा रहे लोग ट्रैफिक जाम में फंसे पड़े हैं. बता दें कि इससे पहले दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से कुछ रूट को लेकर एडवायजरी जारी की गई थी. इसके अनुसार, दिल्‍ली में कुछ प्रमुख रास्‍तों पर 19 जनवरी 2026 को ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे, जिसको लेकर दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने एडवायजरी जारी की. ये प्रतिबंध गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियों को लेकर लागू किए गए हैं. सोमवार को सेंट्रल दिल्‍ली की कुछ सड़कों पर प्रतिबंध लागू रहेंगे. ये सड़कें परेड की रिहर्सल को लेकर प्रभावित रहेंगी. ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सेंट्रल दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे. ऐसे में सोमवार को ऑफिस और स्‍कूल-कॉलेज को खासकर प्रभावित ट्रैफिक रूट का इस्‍तेमाल न करने की सलाह दी गई. कौन सा रूट बंद, कौन ओपन ट्रैफिक एडवायजरी के मुताबिक, परेड की रिहर्सल 17 जनवरी शनिवार से शुरू हुई. 18 जनवरी को रिहर्सल शेड्यूल नहीं थी, जबकि 19 जनवरी, 20 जनवरी और 21 जनवरी को परेड की रिहर्सल होगी. इसको लेकर सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सेंट्रल दिल्‍ली की कुछ सड़कें प्रभावित रहेंगी. परेड रिहर्सल का रूट विजय चौक (Vijay Chowk) से इंडिया (India Gate) तक और कर्तव्‍य पथ से C-हेक्सागन तक रहेगा. इसके अलावा विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ पूरी तरह बंद रहेगा. ऐसे में एडवायजरी में घर से निकलने से पहले रूट के बारे में जानकारी लेने की सलाह दी गई है. ट्रैफिक पुलिस का नया अभियान दिल्ली में लगातार बढ़ती जाम की समस्या और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने नए अभियान की शुरुआत की है. पुलिस ने शहर के छह ऐसे स्थानों का चयन किया है, जहां दिनभर वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ता है. इन स्थानों को जीरो टोलरेंस जोन बनाकर यहां दिनभर ट्रैफिक पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं जिससे जाम से राहत मिल सके. शनिवार से शुरू किए अभियान के बाद रविवार को सभी स्थानों पर लोगों को जाम से निजात मिल गई. बड़े जाम प्वाइंट आनंद विहार बस अड्डा के बाहर भी पुलिस टीमें तैनात रहीं और ट्रैफिक का संचालन सुचारू रहा. दरअसल, ट्रैफिक पुलिस ने उन स्थानों को नो टोलरेंस जोन बनाया है, जहां आए दिन जाम की शिकायत मिलती थी. आनंद विहार और अन्य स्थानों पर अवैध बस पार्किंग से जाम का मुद्दा अक्‍सर ही उठता रहता है. इन स्थानों पर बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालक अवैध पार्किंग कर सवारी चढ़ाते-उतारते थे जिससे जाम लग जाता था.

BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कल, राजस्थान से भारी समर्थन के संकेत

नईदिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी संगठन में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मण द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इस दौरान पार्टी के लगभग सभी मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में राजस्थान की भूमिका इस बार खास मानी जा रही है। राजस्थान से पार्टी के 20 वरिष्ठ नेताओं को प्रस्तावक के रूप में नामित किया गया है। इन नेताओं में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बेरवा सहित कई केंद्रीय व राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हैं। दिल्ली में दिखेगा शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा सोमवार को होने वाले नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपा मुख्यालय में शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी कई केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी चर्चा हो सकती है। राजस्थान से ये 20 नेता बने प्रस्तावक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए राजस्थान से जिन 20 नेताओं को प्रस्तावक बनाया गया है, उनमें संगठन और सरकार दोनों का संतुलित प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है। प्रस्तावकों की सूची इस प्रकार है— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर अरुण चतुर्वेदी अशोक परनामी सतीश पूनिया सीपी जोशी पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी सांसद मंजू शर्मा ओंकार सिंह लखावत सी. आर. चौधरी जसवंत विश्नोई कैलाश चौधरी प्रभु लाल सैनी नारायण पंचारिया अजय पाल सिंह पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावकों की यह सूची न केवल संगठनात्मक अनुभव को दर्शाती है, बल्कि राजस्थान में भाजपा के भीतर मौजूद विभिन्न राजनीतिक धाराओं का भी प्रतिनिधित्व करती है। 20 जनवरी को होगा नए अध्यक्ष का ऐलान नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी। पार्टी में लंबे समय से इस ऐलान का इंतजार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, खरमास के कारण वे औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे। खरमास की अवधि 14 जनवरी को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। संगठन को मजबूत करने पर फोकस कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से नितिन नबीन लगातार सक्रिय नजर आए हैं। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें कीं। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति पर उनका खास फोकस रहा है। इससे पहले वे पार्टी में कई अहम संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष का पद भी शामिल है। राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही प्रक्रिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब पार्टी लोकसभा चुनावों के बाद नए राजनीतिक समीकरणों और आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है। ऐसे में नए अध्यक्ष की भूमिका संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और सरकार व संगठन के बीच समन्वय के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। राजस्थान से बड़ी संख्या में प्रस्तावकों का चयन यह संकेत देता है कि पार्टी राज्य नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर खास महत्व दे रही है। अब सभी की निगाहें सोमवार के नामांकन और 20 जनवरी को होने वाले औपचारिक ऐलान पर टिकी हैं

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, विजय शाह केस में कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़े गंभीर आरोपों पर होगी चर्चा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी। यह याचिका उनके उस विवादित बयान से संबंधित है, जो उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिया था। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में यह अपील की है कि मामले में दर्ज FIR को रद्द किया जाए। शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने तर्क दिया था कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी किया है, जिसे ऑनलाइन साझा किया गया था और इसे अदालत के रिकॉर्ड में रखा जाएगा। शीर्ष अदालत ने तब कहा था, ऑनलाइन माफी क्या होती है? हमें उनकी मंशा और ईमानदारी पर संदेह होने लगा है। आप माफी को रिकॉर्ड पर रखें। हमें इसे देखना होगा। उसने मंत्री के बयानों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को 13 अगस्त 2025 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। पीठ ने कहा था कि शाह के बयानों के बजाय उन लोगों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए थे जिनकी भावनाएं आहत हुई थीं। उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए शाह को फटकार लगाई और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता व नफरत को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। छह महीने बाद होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह के बयान मामले पर पिछले साल 28 जुलाई को सुनवाई हुई थी। इसके छह महीने बाद आज सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई होगी। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर फटकार लगाई थी महू में पिछले साल 11 मई को दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' मंत्री शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती बता दें कि मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सोमवार 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट ने माफी मांग ली है। इस पर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। आप पब्लिक फिगर हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। जुलाई में सुनवाई पर कोर्ट ने माफी पर जताई थी नाराजगी पिछले साल 28 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की थी। कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा– वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। बैंक खाते फ्रीज करने के नियमों पर आज सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज करने की प्रक्रिया से जुड़ी एक अहम याचिका को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से इस विषय पर एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग करती है। बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई होगी। मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा करेगा और तय करेगा कि क्या उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। इस सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला नेताओं की संपत्ति और जवाबदेही के संबंध में अहम माना जाता है। बीएस येदियुरप्पा POCSO केस और चुनावी रजिस्टर सुधार पर भी सुनवाई कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीएस येदियुरप्पा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और आज कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा।वहीं चुनाव आयोग से जुड़ा है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के सारांश संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसके तहत निर्वाचन रजिस्टर में सुधार किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट आज इस याचिका पर भी विचार करेगा। 

दिल्ली-NCR में कांपी धरती, भूकंप के झटकों से मचा हड़कंप

नई दिल्‍ली दिल्ली में सोमवार की सुबह भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया. रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में दर्ज किया गया है. सुबह 8:44 बजे भूकंप का झटका दर्ज किया गया और भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के काफी पास रहा. दिल्‍ली में आए भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था. दिल्‍ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है और उच्‍च जोखिम वाले सिस्‍मिक जोन 4 में आता है. भूकंप का केंद्र दिल्‍ली जरूर था, लेकिन भूकंप का झटका बेहद हल्‍का था. ऐसे में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप के बाद दिल्‍ली-एनसीआर में हालात सामान्‍य हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, 2.8 तीव्रता के भूकंप से किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं होती है.  इस महीने कई जगहों पर दर्ज किए गए भूकंप  भारत के विभिन्‍न इलाकों में जनवरी महीने के दौरान कई भूकंप दर्ज किए गए हैं. शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात गुजरात के कच्छ जिले में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी. गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने बताया था कि भूकंप शुक्रवार देर रात एक बजकर 22 मिनट पर आया और इसका केंद्र जिले के खावड़ा से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था. भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है दिल्ली-NCR भूकंप के झटके एक बार फिर याद दिलाते हैं कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप संवेदनशील जोन-4 में आता है और यहां भूकंप के बड़े झटके कभी भी आ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे झटके बड़े भूकंप का संकेत भी हो सकते हैं, इसलिए लोगों को तैयार रहना चाहिए. अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सुबह के इस झटके ने लोगों को डरा दिया है. इससे पहले बुधवार 14 जनवरी को भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूंकप का केंद्र हरियाणा के सोनीपत स्थित गोहाना था, जिसकी तीव्रता रीक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई. इस भूकंप के झटके दिल्ली तक झटके महसूस किए गए और कई लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए थे. क्यों आते हैं भूकंप? भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारी धरती की सतह मुख्य रूप से सात बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है. ये प्लेट्स लगातार हरकत करती रहती हैं और अक्सर आपस में टकराती हैं. इस टक्कर के परिणामस्वरूप प्लेट्स के कोने मुड़ सकते हैं और अत्यधिक दबाव के कारण वे टूट भी सकती हैं. ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर फैलने का रास्ता खोजती है और यही ऊर्जा जब जमीन के अंदर से बाहर आती है, तो भूकंप आता है. भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है दिल्‍ली  भारत के भूकंप संवेदनशील इलाकों में दिल्‍ली भी शामिल है. दिल्ली भूकंप के लिहाज से बहुत जोखिम वाले जोन 4 में है. जोन 2 कम जोखिम वाले, जोन 3 मध्यम जोखिम वाले और जोन 5 सबसे अधिक जोखिम वाले इलाके हैं. दिल्ली ऐसा इलाका है, जहां पर बहुत जोखिम वाले भूकंप आ सकते हैं. साथ ही हिमालयी इलाके में आने वाले भूकंप की जद से भी दिल्‍ली बहुत दूर नहीं है.  खासतौर पर पर सेंट्रल हिमालय जहां 8 या उससे अधिक की तीव्रता का भूकंप आने की आशंका बनी रहती है.   इसलिए आता है भूकंप  पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टोनिक प्लेटों में अक्‍सर हलचल है और इसके कारण ही भूकंप आते हैं. पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी होती है और यह धीमी गति से खिसकती हैं. हालांकि जब यह प्लेटें आपस में टकराती हैं तो ऊर्जा का बड़ा विस्फोट होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की मजबूत मौजूदगी, अजित डोभाल समेत 6 मुख्यमंत्री दावोस रवाना

नई दिल्ली WEF यानी विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक सोमवार से दावोस में शुरू हो रही है। इस बैठक में भारत दमदार प्रतिनिधित्व के लिए तैयार है। पांच दिवसीय इस आयोजन में दुनिया भर के दिग्गज दुनिया की चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। सरकार, व्यापार, शिक्षा, नागरिक समाज और श्रम संघों के 3000 से अधिक नेता इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंत्रिमंडल के पांच सदस्यों के साथ बैठक में शामिल होंगे। चार केंद्रीय मंत्री, छह सीएम शामिल हो रहे भारत से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा केंद्रीय मंत्रियों – अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू के साथ ही छह मुख्यमंत्रियों और देश के 100 से अधिक शीर्ष सीईओ बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल हैं। इसके अलावा, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष रमेशभाई संघवी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दुनिया भर के अमीर और शक्तिशाली लोगों के इस वार्षिक जमावड़े के लिए दावोस की यात्रा करेंगे। भारतीय नेता कई चर्चाओं में शामिल होंगे भारतीय नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान कई समूह चर्चाओं में भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है विषय पर एक चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा वे द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन इरानी भी अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में वहां मौजूद रहेंगी, जिसकी स्थापना कुछ साल पहले दावोस में ही हुई थी। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भरतिया समूह के हरि एस भरतिया और टीवीएस मोटर के सुदर्शन वेणु भी शामिल होंगे। बैठक में कई भारतीय कंपनियों के सीईओ भी शामिल होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी भी वहां मौजूद रहेंगे। इंडिया पवेलियन का संदेश: भारत के साथ पार्टनरशिप करें डब्ल्यूईएफ की बैठक में बर्फ से ढकी दावोस शहर की गलियों में हर जगह लिखा हुआ है -भारत के साथ पार्टनरशिप करें और भविष्य को सब्सक्राइब करें। इंडिया पवेलियन का यह मुख्य संदेश है। टॉप इंडस्ट्री चैंबर सीआईआई के पवेलियन में भी ऐसा ही मैसेज है। भारत की कई बड़ी आईटी कंपनियों ने भी अपने पवेलियन और लाउंज सजाए हैं, और उनके लिए कॉमन थीम एआई। उनके द्वारा लगाए गए चाय और कॉफी स्टॉल्स के अलावा, एक एआई लाउंज भी है। विप्रो और टीसीएस के लाउंज के विपरीत दिशाओं में एक-दूसरे के सामने हैं, जबकि इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा भी आसपास ही हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्य सरकारों के पवेलियन भी हैं। दावोस में सुरक्षा कड़ी दावोस में पांच हजार से ज्यादा सशस्त्र बल के जवान, अहम जगहों पर स्नाइपर्स, एआई से लैस ड्रोन और स्पाइवेयर और जासूसी का मुकाबला करने के लिए खास उपकरण सुरक्षा में तैनात हैं। स्विटजरलैंड के इस छोटे से शहर में इससे पहले इतनी सुरक्षा कभी नहीं रही। सभी एंट्री पॉइंट्स के साथ-साथ रैंडम जगहों पर भी चेकिंग की जा रही है।

NEET छात्रा मौत कांड: आरोपी मनीष हॉस्टल में रहता था, सेक्स रैकेट चलाने के आरोप से हड़कंप

पटना पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा मौत मामले में गिफ्तार हॉस्टल मकान मालिक मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों के हॉस्टल में ही ऊपरी तल्ले पर रहता था। उसका आपराधिक इतिहास भी है। पुलिस अब हॉस्टल के संचालिका शंभू अग्रवाल की पत्नी नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से सभी फरार है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की मांग की है। यह भी कहा है कि वह बड़े रसूखदारों को लड़कियों की सप्लाई भी करता था। नीट छात्रा मौत मामले में एक के बाद एक कड़ी खुल रही है। पता चला है कि मकान मालिक मनीष रंजन हॉस्टल के ऊपर एक फ्लैट में रहता था। उसके मकान में नीलम अग्रवाल नाम की महिला अपने पति शंभू अग्रवाल के नाम पर चला थी। उसने केयर टेकर के तौर पर नीतू के बहाल कर रखा था। नीतू ही लड़की को लेकर अस्पताल गई थी। नीलम अग्रवाल के दो बेटे भी हैं जो घटना के बाद से फरार हैं। 13दिनों के बाद भी नीलम अग्रवाल तक पुलिस नहीं पहुंची है। हॉस्टल से अन्य लड़कियां शिफ्ट हो गई हैं। लड़कियों ने बताया कि कभी भी हॉस्टल की सुरक्षा जांच नहीं होती थी। तीन साल से रहने वाली एक लड़की ने बताया कि भी किसी एजेंसी ने वहां आकर जांच पड़ताल नहीं किया। एक बड़ी जानकारी यह मिली है कि पांच जनवरी को जब छात्रा जहानाबाद से पटना आई थी उस दिन मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी इसी रूट पर था। पुलिस अब यह छानबीन कर रही है कि यह महज एक संयोग है या साजिश। इस कांड के बाद यह भी खुलासा हुआ है कि पटना में लड़कियों का हॉस्टल चलाने को लेकर कोई निश्चित प्रोटोकॉल का पालन नहीं होता। सैकड़ों की संख्या में हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। लेकिन कोई ऑथोरिटी इनकी चेक नहीं करता। संचालक जिस प्रकार से चाहें, अपना हॉस्टल चलाते हैं। पुलिस भी इन्हें लेकर संवेदनशील नहीं दिखती। कई लड़कियों ने बताया कि बदमाश लड़के फब्ती कस कर भाग जाते हैं। उन्हें पकड़ने वाला कोई नहीं है।

गरीबी से करोड़पति बना ट्रैक्टर चालक, ₹10 करोड़ की लॉटरी से परिवार में जश्न

सिरसा  ट्रैक्टर चालक पृथ्वी सिंह ने कभी नहीं सोचा था कि एक ही रात में उसकी किस्मत बदल जाएगी. उसकी 10 करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है. मामला हरियाणा के सिरसा का है, जहां पर ट्रक ड्राइवर ने लोहड़ी की लॉटरी में पहला इनाम जीता है. जानकारी के अनुसार, सिरसा जिला के रानियां में गाँव महम्दपुरिया में ट्रक चालक पृथ्वी सिंह ने पंजाब की लोहड़ी को लेकर लॉटरी टिकट खरीदा था. जैसे ही गांव में यह फैली तो ढोल-नगाड़ों के साथ लोग पहुंचे और परवार को बधाई दी. पृथ्वी सिंह दिहाड़ी पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता है. बताया जा रहा है कि पृथ्वी सिंह ने सिरसा के डबवाली के साथ पंजाब के किलियाँवाली गाँव से लॉटरी खरीदी थी और उसे पंजाब स्टेट लोहडी मकर संक्रांति बंपर-2026 में 10 करोड़ का इनाम निकला. पृथ्वी सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. परिवार में खुशी का माहौल है. पृथ्वी सिंह की पत्नी स्कूल में स्वीपर का काम करती है. तीसरी बार खरीदा था टिकट पृथ्वी सिंह ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मैंने ये लॉटरी किलियांवाली गांव से ली थी और तीसरी बार मैंने ये लॉटरी खरीदी थी. वह बहुत खुश हैं औऱ इस पैसे से वह अपने सपने पूरे करेंगे और अपने बच्चों का भविष्य बनाऊंगा. पृथ्वी सिंह की पत्नी ने बताया कि मुझे बहुत ज्यादा खुशी है औ आज मेरे घर में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि इस तरह से हमारे घर में दस करोड़ रुपये की लॉटरी लगेगी. हम अपने बच्चों के सपने पूरा करेंगे. लॉटरी लगने पर लोगों ने पृथ्वी सिंह को मिठाई खिलाई. बताया जा रहा है कि पथ्वी सिंह ने 500, 200 और 100 रुपयों की तीन टिकट एजेंट से खरीदे थे और 500 रुपये की टिकट पर 10 करोड़ का ईनाम जीता है. अब पृथ्वी सिंह को लॉटरी टिकट और दस्तावेज चंडीगढ़ जाकर जमा करवाने होंगे और उसके बाद, 30 प्रतिशत टैक्स कटेगा औऱ सात करोड़ रुपये उसके खाते में आएंगे.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी, गंगा स्नान को लेकर नहीं माने

प्रयागराज  यूपी के प्रयागराज में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन दूसरे दिन भी जारी है. वह रविवार दोपहर से ही अपने शिविर में अनशन पर बैठे हुए हैं और लगातार प्रशासन से गंगा स्नान को लेकर अपनी मांग पर अड़े हैं. शंकराचार्य की मांग है कि पुलिस और प्रशासन उन्हें पूरे प्रोटोकॉल के साथ संगम नोज तक ले जाकर गंगा स्नान कराए. इसी मुद्दे को लेकर आज दोपहर 12 बजे वह अपने शिविर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखेंगे. दरअसल, मौनी अमावस्या के दिन पालकी और अपने शिष्यों व भक्तों के साथ संगम में स्नान की अनुमति न मिलने पर विवाद हुआ था. इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी. संगम नोज पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य को सीमित संख्या में पैदल जाकर स्नान करने का विकल्प दिया था, लेकिन वह इस पर राज़ी नहीं हुए. उनका कहना था कि उन्हें पूरे सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ संगम ले जाया जाए, जो भीड़ की वजह से संभव नहीं बताया गया. इसके बाद शंकराचार्य को वापस लौटा दिया गया, तभी से वह माघ मेले में गंगा नदी के उस पार सेक्टर-4, त्रिवेणी रोड स्थित अपने शिविर में अनशन पर बैठे हैं. दूसरी ओर, प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा है कि वे सभी साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन किसी को भी अव्यवस्था फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. प्रशासन के मुताबिक, बीते दिन करीब 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है. वहीं, देश के कई साधु-संतों ने भी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस कदम की आलोचना की है. उनका कहना है कि यह कुंभ नहीं है, जहां अमृत स्नान के लिए विशेष प्रोटोकॉल दिया जाए. जब संगम पर इतनी भारी भीड़ हो, तो किसी को भी विशेष सुविधा की मांग नहीं करनी चाहिए और सिंहासन या शिष्यों के साथ स्नान के लिए जाना उचित नहीं है.

नन्हे बेटे का रिजल्ट बना आखिरी पल, इंजीनियर पिता ने स्कूल में ही तोड़ा दम

 जोरहाट असम के जोरहाट से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बेटे का रिजल्ट लेने के बाद अचानक एक पिता की तबीयत खराब हो गई और वो जमीन पर गिर पड़े. जिसके बाद पिता को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन बचाया नहीं जा सका. रिजल्ट लेकर निकलते ही हुई तबीयत खराब जानकारी के अनुसार मंगलवार को सैमफोर्ड स्कूल में एक दुखद घटना हुई. जहां एक पिता अपने बेटे का परीक्षा परिणाम लेने स्कूल गए थे और वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान कछ गरल इलाके के सोनारी गांव के रहने वाले दीपांकर बोरदोलोई (35) के रूप में हुई है. सूत्रों के अनुसार बोरदोलोई अपने बेटे का रिजल्ट लेने स्कूल आए थे, जो UKG में पढ़ता है. लेकिन रिजल्ट लेने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वे गिर पड़े. स्कूल में मौजूद लोग तुरंत उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए जोरहाट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गए. लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी.  सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे दीपांकर इस घटना के बाद स्कूल कैंपस में मातम छा गया. शिक्षक, माता-पिता और छात्र इस अचानक हुए नुकसान से गहरे सदमे में हैं. दीपांकर बोरदोलोई तेओक डिवीजन के तहत सिंचाई विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनकी असामयिक मृत्यु से उनके परिवार, सहकर्मी और स्थानीय समुदाय गहरे शोक में हैं. हालांकि इंजीनियर के मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. पूरे मामले में अभी पुलिस का भी बयान नहीं आया है. 

चांदी की कीमत में बड़ा वृद्धि — ₹13,000 की तेज बढ़त, सोने के ताज़ा रेट देखें

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) को लेकर गिरावट के सारे अनुमान धरे के धरे नजर आ रहे हैं और दोनों कीमती धातुएं हर रोज रिकॉर्ड तोड़ती दिख रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने तो खुलते ही ऐसा गदर मचाया कि 1Kg Silver Price 3 लाख रुपये के पार निकल गया. चांदी ने इतिहास में पहली बार ये स्तर पार किया है. वहीं दूसरी ओर सोने का भाव (Gold Rate) भी ताबड़तोड़ तेजी के साथ नए शिखर पर पहुंच गया.  चांदी रुकने वाली नहीं Silver Price रुकता नजर नहीं आ रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोमवार को ओपन होने के साथ ही चांदी की कीमत 13,553 रुपये चढ़ गई और इसके साथ ही इसने तीन लाख का आंकड़ा पहली बार पार करते लिया. 1 किलो चांदी का नया ऑल टाइम हाई लेवल 3,01,315 रुपये प्रति किलो हो गया है. पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Rate 2,87,762 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था.  जनवरी में अब तक ₹65000 महंगी बीते साल 2025 में धमाल मचाने के बाद चांदी की कीमत ने इस साल के पहले महीने में भी शुरुआत से ही गदर मचाए रखा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Silver Price In January 2026 में अब तक 65,614 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है. जी हां 2025 के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को 1 किलो चांदी की कीमत 2,35,701 रुपये थी, जो कि अब 3,01,315 रुपये प्रति किलो पर पहुंच चुकी है.  झटके में 2900 रुपये महंगा हुआ सोना अब बात करें, सोने की कीमतों के बारे में तो MCX Gold Rate चांदी की तरह ही भागता हुआ नजर आया है. बीते सप्ताह शुक्रवार को 5 फरवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,42,517 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1,45,500 रुपये के नए हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 2983 रुपये बढ़ गया है.  वहीं इस साल की शुरुआत से अब तक गोल्ड प्राइस में आए उछाल पर गौर करें, तो 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का दाम 1,35,804 रुपये था, जिसके हिसाब से ये अब तक 9,696 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है.  क्यों चमक रहे सोना-चांदी?  सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के पीछे के कारणों की बात करें, तो ग्लोबल टेंशन को सबसे अहम वजह माना जा सकता है, ट्रंप टैरिफ से एक बार फिर से ये बढ़ी है और Greenland पर कब्जा करने के ट्रंप के प्लान में रुकावट डालते नजर आ रहे यूरोपीय देशों पर भी अमेरिका ने टैरिफ जड़ दिया है. इससे टेंशन और भी बढ़ गई है और निवेशक फिर से सुरक्षित ठिकाने की तलाश में Gold-Silver का रुख करने लगे हैं और इनकी कीमतों में तेज उछाल आया है.