samacharsecretary.com

लोकसभा अध्यक्ष ने सस्ते पक्के घरों सहित 67 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

कोटा. शहर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार सुबह 11 बजे जगपुरा क्षेत्र में 832 अफोर्डेबल आवासों के निर्माण का शिलान्यास किया। ये आवास मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाएंगे। इस योजना से शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ते दामों में पक्का घर मिलने का सपना पूरा होगा। कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की ओर से जगपुरा क्षेत्र में लगभग 38 करोड़ रुपए की लागत से इन 832 अफोर्डेबल आवासों का निर्माण किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से अब तक अपने घर का सपना पूरा नहीं कर सके हैं। इन घरों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अफोर्डेबल आवासों के साथ-साथ लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में भी बड़े विकास कार्यों की शुरुआत की गई। करीब 27 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, खेल मैदान और सामुदायिक भवन जैसे विकास कार्य किए जाएंगे। इस तरह कुल 67 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। शहर के विकास को मिलेगी नई गति इन विकास कार्यों से न केवल आवास समस्या का समाधान होगा, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़कें, खेल मैदान और सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस अवसर पर लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिले और शहर के हर क्षेत्र में समान रूप से विकास हो। कार्यक्रम में केडीए के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा सीधा लाभ सरकार की इस पहल से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। सस्ते आवास और बेहतर सुविधाओं के साथ ये योजना कोटा शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिससे शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को पक्के घर का लाभ मिलेगा। अफोर्डेबल हाउस के साथ 27 करोड़ रुपए की लागत से लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण, खेल मैदान, सामुदायिक भवन सहित कुल 67 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों की भी आधारशिला रखी जाएगी। इस अवसर पर लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी उपस्थित रहीं।

गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में 12 विभागों की झांकियों में दिखेगा नया बिहार

पटना. गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां इसी थीम को मजबूती से उभारेंगी। संस्कृति से लेकर तकनीक तक का संगम कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी कहेगा, वहीं ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा और बैटरी भंडारण परियोजना के जरिए भविष्य की ऊर्जा नीति को दिखाएगा। पर्यटन विभाग की झांकी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक होगी, जो आस्था और पर्यटन विकास का संगम दर्शाएगी। विकास योजनाओं की सीधी झलक कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां गांवों की समृद्धि, औद्योगिक विकास, सुरक्षित विद्यालय, विकसित पैक्स और आपदा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सामने लाएंगी। हर झांकी एक अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा, विकसित बिहार, सशक्त बिहार। कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीम 24×7 सक्रिय है। गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच और पूर्वाभ्यास अनिवार्य किया गया है। कलाकारों की उम्र को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान में सजी झांकियां सिर्फ देखने का दृश्य नहीं होंगी, बल्कि बिहार के वर्तमान और भविष्य की झलक बनेंगी- जहां परंपरा, प्रगति और परिवर्तन एक साथ नजर आएंगे।

हरियाणा में फिर होगी झमाझम बारिश और मुसीबत बढ़ाएंगे ओले

हिसार/पानीपत. पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने हरियाणा में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। रात से शुरू हुई वर्षा और तेज हवा ने दिन-रात के तापमान के फासले को समेट दिया। सुबह 10 बजे तक अधिकतर जिलों में घने बादल छाने से कई बार अंधेरा छाया। वहीं, न्यूनतम तापमान में 5–6 डिग्री का उछाल आया, जबकि अधिकतम तापमान 8–12 डिग्री तक लुढ़क गया। सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा, वहीं अधिकांश जिलों में वर्षा रबी फसलों के लिए राहत बनकर आई। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश, ठंडी हवाओं और कोहरे की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। आगे कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे। 27–28 जनवरी को एक और बड़ा पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा को प्रभावित कर सकता है। कैथल (गुहला), कुरुक्षेत्र (पिहोवा, शाहबाद) और अंबाला में आंधी-ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। नमी बढ़ने से कई इलाकों में घना कोहरा छाने की चेतावनी, यलो अलर्ट प्रभावी। जिलों में ऐसे रहे हालात सिरसा: नाथूसरी चौपटा के 13 गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों में 8 एमएम वर्षा से फसलों को लाभ भी मिला है। 27 जनवरी तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यमुनानगर: जिले में 20 एमएम वर्षा और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रादौर में लोहे का शेड बिजली लाइन पर गिरा और अमादलपुर में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की 110 फीट ऊंची चिमनी गिर गई। शहर के आधे हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही, 200 पोल को नुकसान पहुंचा है। अंबाला: जिले में 42.2 एमएम की रिकॉर्ड वर्षा और तूफान के कारण 55 बिजली के पोल टूट गए और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए। अधिकतम तापमान में 12 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। बिजली का ढांचा चरमराने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। चरखी दादरी: वीरवार रात से जारी रुक-रुक कर बारिश से किसानों को करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ है क्योंकि उनकी एक सिंचाई बच गई। हालांकि, 7 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन लाख लोगों को कई घंटों तक बिजली संकट झेलना पड़ा। जींद: जिले में औसतन 13.7 एमएम वर्षा हुई है, जिसके कारण गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान पुलिस लाइन से बदलकर अनाज मंडी करना पड़ा। जलालपुर में हल्की ओलावृष्टि हुई, लेकिन फसलों को नुकसान नहीं है। नरवाना में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। फतेहाबाद: जिले में करीब 10 घंटे तक हुई 16 एमएम वर्षा से रबी फसलों को संजीवनी मिली है। टोहाना और जाखल में 25-25 एमएम बारिश के कारण बाजारों और सड़कों पर भारी जलभराव हुआ। वसंत पंचमी पर वर्षा और ठंडी हवाओं से ठिठुरन में काफी बढ़ोतरी हुई है। कैथल: शुक्रवार को हुई 35 एमएम वर्षा के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में कैद रहे। किसानों के अनुसार यह वर्षा गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। 25 जनवरी तक तेज हवाके साथ बूंदाबांदी की चेतावनी है। करनाल: जिले में 20.4 एमएम वर्षा और 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। शाम को नमी की मात्रा 98 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे घने कोहरे के आसार हैं। पानीपत: कुल 18.2 एमएम वर्षा होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ और एक्यूआई 204 दर्ज किया गया। दिन भर ठिठुरन रही। वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव देखा गया। रोहतक: शहर में 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान गिर गया और ठंड बढ़ गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए अच्छा बताया है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया।

जामताड़ा में जनसभा करने दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जामताड़ा आगमन का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र जामताड़ा आने की सहमति दी। इस अवसर पर जामताड़ा में एक ऐतिहासिक जनसभा और सम्मेलन के आयोजन पर भी सहमति बनी। मुलाकात के दौरान झारखंड की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और सरकार जनहित के मुद्दों पर मजबूती से काम कर रही है। संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी के मार्गदर्शन में कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जनता के बीच सक्रिय हैं। राहुल गांधी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। भाजपा को दें सशक्त जवाब बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा को हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ सशक्त और मुखर जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र और समाज की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी गई। उन्होंने 15 लाख रुपये तक के हेल्थ कार्ड से निश्शुल्क इलाज की योजना की सराहना की और स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। डॉ. अंसारी ने बताया कि झारखंड में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है और बीमा आधारित स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हैं। खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा में पीडीएस प्रणाली को मजबूत करने और फोर जी ई-पॉस मशीनों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। राहुल गांधी ने डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें जनहित में समर्पित भाव से कार्य करते रहने का संदेश दिया।

पंजाब में रेलवे लाइन पर धमाके से मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त

फतेहगढ़/सरहिंद. सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात एक बड़ा धमाका होने की खबर सामने आई है। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कोरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया। लोको पायलट हुआ घायल इस धमाके में मालगाड़ी के लोको पायलट को भी चोटें आई हैं। घायल चालक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इस बाबत रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई। वहीं, इसे लेकर डीजीपी लॉ ऑर्डर ने बताया की अलग अलग टीम मामले की जांच कर रही। धमाके में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया या नहीं। यह अभी कहना मुश्किल है। मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीम जुट गई हैं। धमाके में घायल लोको पायलट को चंडीगढ़ ले जाया गया है, क्षतिग्रस्त इंजनको अंबाला ले जाया गया है। आतंकी साजिश की ओर इशारा घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी रोपड़ डॉक्टर नानक सिंह ने बताया किइस घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रेलवे लाइन पर हुए ब्लास्ट के बाद डॉग स्क्वाडड और बम स्क्वाड ने रेलवे लाइन तथा आसपास के क्षेत्र में सघन जांच शुरू कर दी है। डीआईजी ने बताया की सभी जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आपसी तालमेल के साथ इस घटना की यह तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि रेलवे लाइन पर हुआ ब्लास्ट ज्यादा घातक नहीं था। क्षतिग्रस्त इंजन में सवार एक रेल कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुआ है। ब्लास्ट से रेल इंजन के शीशे टूट गए। क्षतिग्रस्त रेल इंजन को अंबाला भेज दिया गया है। देर रात चले सर्च अभियान के बाद अब दिन के उजाले में पंजाब पुलिस व एजेंसियां जांच में जुटी हैं।  

जशपुर जिले में 914 करोड़ से दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रहा सड़क नेटवर्क

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितैषी नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उनके मार्गदर्शन में जिले में प्रगति और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं। विशेष रूप से अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में कुल 914 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत के 603 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी विकास यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले में 18.26 करोड़ रुपए की लागत से 6 नई सड़कों के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन 6 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें 03 करोड़ 91 लाख 68 लाख रूपए लागत के भट्ठा से सरगुजा सीमा तक सड़क मार्ग। जिसकी लंबाई 4 किलोमीटर है। इसी तरह 04 करोड़ 38 लाख 24 हजार रूपए लागत के 4.42 किमी लंबी बांसटोली से पण्डुटोली पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 53 लाख रूपए लागत के 2.52 किमी लंबी दुर्गापारा से फरसापानी मैनी पहुंच मार्ग पुल-पुलिया सहित, 02 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए लागत के 2.34 किमी लंबी सरडीह से पतरापारा पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 36 लाख 54 हजार रूपए लागत के 1.75 किमी लंबी जरूड़ाड से टटकेला पहुंच मार्ग और 02 करोड़ 44 लाख 76 हजार रूपए लागत के 2.50 किमी लंबी बांसाटोली से अकरीकोना पहुंच मार्ग के निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अधोसंरचना विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों से जिले के हर कोने में विकास की रोशनी पहुंच रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे समुदायों को विद्यालयों, सेवाओं, अस्पतालों तथा मंडियों से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण और सुधार होने से उन्हें सहूलियत मिलने के साथ ही इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने में भी आसानी होती है। अच्छी सड़कें विकास की भी कुंजी भी कही जाती है। सुरक्षित, पक्की सड़कें जिनका उपयोग मौसम के सभी हालातों में किया जा सकता है, जो पहले कभी दुर्गम रास्तों से होकर अस्पताल पहुंचते थे, देरी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, अब आधुनिक चिकित्सा केन्द्र तक आसानी से पहुंच सकते हैं। कई शोध बताते हैं कि स्कूलों, कॉलेजों तक पहुंच मार्ग हो जाने से ड्रॉप आऊट संख्या में भी कमी आती है। बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों को फसल का बेहतर मूल्य भी मिल पाता है। सड़कों का यह व्यापक विस्तार न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहा है। जिले के लोग इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

बिहार में भैंस पालन पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

कटिहार. अब भैंस पालन पर अनुदान मिलेगा। कटिहार जिले को 39 भैंस पालन का लक्ष्य दिया गया है। एक भैंस पर 1.21 लाख रुपये का अनुदान है। यह पहल समग्र भैंस पालन योजना के तहत किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहली बार भैंस पालन पर अनुदान की योजना लाई गई है। पशु पालन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिला गव्य पदाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि योजना अंतर्गत चयनित पशुपालकों को विभाग द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से उन्नत मुर्रा नस्ल की दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएगी। यह नस्ल प्रतिदिन 12 से 16 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। इससे जिले के कुल दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। बताया कि निर्धारित लक्ष्य के तहत सामान्य वर्ग के लिए 25, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 5, अनुसूचित जाति के लिए 4 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 5 भैंस शामिल की गई हैं। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50 प्रतिशत, जबकि एससी, एसटी एवं ईबीसी वर्ग के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। भैंस दूध में वसा मात्रा होती अधिक बताया जाता है कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दुग्ध व्यवसाय को भी नई गति मिलेगी। भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होने के कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। इससे पशुपालक किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें एक स्थायी आय का साधन मिलेगा। 1.21 लाख मानी गई एक भैंस की कीमत समग्र भैंस पालन योजना के तहत उन्नत नस्ल की एक दुधारू भैंस की कीमत 1.21 लाख निर्धारित की गई है। इसमें EBC, एससी एवं एसटी वर्ग के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत या अधिकतम 90,750 रूपया का अनुदान दिया जाएगा। सामान्य वर्गों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 60 हजार 500 रूपया अनुदान मिलेगा।

शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस पर किया तीखा हमला, सरकार को उखाड़ने का किया आह्वान

नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश आतंक के दौर में डूब गया है. बांग्लादेश के इलाके और रिसोर्स को विदेशी हितों के लिए बेचने की एक धोखेबाजी भरी साजिश चल रही है. उन्होंने देश के लोगों से 'यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने' की अपील की. ​​बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है. इसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया है. बांग्लादेश आज एक खाई के किनारे पर खड़ा है, एक देश जो बुरी तरह से तबाह और खून से लथपथ है. देश अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है. राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में सबसे बड़े मुक्ति संग्राम में जीती गई मातृभूमि, अब कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के भयानक हमले से तबाह हो रही है. हमारी कभी शांत और उपजाऊ जमीन एक घायल, खून से लथपथ जगह में बदल गई है. सच तो यह है कि पूरा देश एक बड़ी जेल, फांसी की जगह, मौत की घाटी बन गया है.' उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में चलाए गए एक पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो मैसेज में कहा. अगस्त 2024 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश आने के बाद शेख हसीना का भारत में किसी सभा में यह पहला भाषण था. उन्होंने कहा कि हर जगह सिर्फ तबाही के बीच जिंदा रहने के लिए जूझ रहे लोगों की चीखें सुनाई देती हैं. जिंदगी के लिए एक बेताब गुहार, राहत के लिए दिल दहला देने वाली चीखें. हत्यारे फासिस्ट यूनुस, एक सूदखोर, एक मनी लॉन्ड्रर, एक लुटेरा, और एक भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार ने अपने हर तरह के तरीकों से हमारे देश को सुखा दिया है, हमारी मातृभूमि की आत्मा को दागदार कर दिया है. 5 अगस्त, 2024 को, एक सोची-समझी साजिश में देश के दुश्मन, हत्यारे फासिस्ट यूनुस और उसके देश-विरोधी उग्रवादी साथियों ने मुझे जबरदस्ती हटा दिया, हालाँकि मैं सीधे तौर पर चुनी हुई जनता की रिप्रेज़ेंटेटिव हूँ. उस दिन से देश आतंक के एक ऐसे दौर में धकेल दिया गया है, जो बेरहम और दम घोंटने वाला है. डेमोक्रेसी अब देश निकाला में है. उन्होंने कहा, 'मानव अधिकार को रौंद दिया गया है. प्रेस की आजादी खत्म कर दी गई है. हिंसा, प्रताड़ना, और यौन उत्पीड़न बढ़ा है. महिलाओं और लड़कियों पर कोई रोक-टोक नहीं है. जान-माल की कोई सुरक्षा नहीं है. धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार जुल्म का सामना करना पड़ता है. कानून-व्यवस्था खत्म हो गई है.' अवामी लीग की लीडर ने कहा कि उग्रवादी चरमपंथियों के पागलपन ने पूरे देश में डर का माहौल बना दिया है. राजधानी से लेकर दूर-दराज के गांवों तक, भीड़ का आतंक, बड़े पैमाने पर लूटपाट, हथियारों के साथ डकैती और जबरन वसूली का बोलबाला है. हमारे सीखने के इंस्टीट्यूशन में अफरा-तफरी मची हुई है, और इंसाफ एक बुरा सपना बन गया है. इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि बांग्लादेश के इलाके और रिसोर्स को विदेशी हितों के लिए बेचने की एक धोखेबाजी भरी साजिश चल रही है. देश के साथ धोखा करके, खूनी फासीवादी यूनुस हमारी प्यारी मातृभूमि को एक मल्टीनेशनल लड़ाई की भट्टी की ओर धकेल रहा है. शेख हसीना ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में, पूरे देश को एक साथ उठना चाहिए और हमारे महान लिबरेशन वॉर की भावना से जोश में आना चाहिए. उन्होंने यूनुस को 'राष्ट्रीय शत्रु' कहा. उन्होंने कहा, 'इस देश के दुश्मन की विदेशियों की कठपुतली सरकार को किसी भी कीमत पर उखाड़ फेंकने के लिए, बांग्लादेश के बहादुर बेटे-बेटियों को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा करनी होगी और उसे फिर से बनाना होगा, अपनी आजादी वापस लेनी होगी, अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी होगी और अपनी डेमोक्रेसी को फिर से जिंदा करना होगा. उन्होंने आगे कहा, 'आइए, हम सभी डेमोक्रेटिक सरकार बनाने और हत्यारे फासीवादी और उसके साथियों के धोखेबाज इरादों का जल्द से जल्द सामना करने की कसम खाएं. शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश 'एक बिना चुने हुए हिंसक सरकार से दबा हुआ है, जिसके झूठे वादों की जगह जल्द ही अफरा-तफरी, हिंसा, नफरत और भ्रष्टाचार ने ले ली है.' उन्होंने कहा, 'अराजकता और आपके डेमोक्रेटिक अधिकारों के कम होने का सामना करते हुए, आपकी हिम्मत और ताकत का रोज टेस्ट होता है. प्लीज अब हार न मानें. शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग आजाद बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे जरूरी पॉलिटिकल पार्टी है, जो अजीब तरह से हमारे देश की संस्कृति और लोकतंत्र से जुड़ी हुई है. बांग्लादेश की पॉलिटिकल और धार्मिक बहुलवाद की शानदार परंपराओं की रक्षक है. हमारे कानूनों और संविधान की पक्की समर्थक है. हमारे देश के पुरुषों और महिलाओं के लिए इस सबसे बुरे समय में हम आपसे छीनी गई उस खुशहाल मातृभूमि को वापस लाने में आपकी मदद करने का अपना पक्का इरादा दोहराते हैं. उन्होंने कहा, 'सबसे पहले गैर-कानूनी यूनुस सरकार को हटाकर डेमोक्रेसी वापस लाएं. जब तक बांग्लादेश के लोगों से यूनुस गुट का साया नहीं हटता, तब तक बांग्लादेश में कभी भी निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे. तभी हम अवामी लीग के साथ मिलकर लोगों को पावर वापस दिलाने का प्रोसेस शुरू कर सकते हैं. दूसरा, हमारी सड़कों पर रोजाना होने वाली हिंसा को खत्म करें. हमें देश को स्थिर करने, सिविक सर्विसेज को ठीक से काम करने देने और एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए कानून-व्यवस्था को खत्म करना होगा, जिस पर हमारी इकॉनमी एक बार फिर फल-फूल सके. तीसरा, धार्मिक माइनॉरिटी ग्रुप्स, महिलाओं और लड़कियों, और हमारे समाज के सबसे कमजोर लोगों की सुरक्षा पक्की करने वाली पक्की गारंटी दें. उन्होंने कहा, 'अक्सर हम देखते हैं कि लोगों को उनकी पहचान और उनके विश्वास की वजह से टारगेट किया जाता है. यह खत्म होना चाहिए, और हर बांग्लादेशी को अपने समुदाय में सुरक्षित महसूस करना चाहिए. चौथा, पत्रकारों और बांग्लादेश अवामी लीग और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों को डराने, चुप कराने और जेल में डालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली राजनीति से प्रेरित कानूनी कार्रवाई को खत्म करें. न्याय व्यवस्था में हमारा भरोसा वापस लाएं, … Read more

बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर में हाईवे बंद, उधमपुर में आवाजाही रोकी गई, डोडा में स्थिति गंभीर

डोडा  जम्मू संभाग में डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से लगातार दूसरे दिन भारी बर्फबारी जारी रही. बर्फबारी की वजह से सड़कें और सर्विस रुक गई है, इसलिए डोडा जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम गंडोह, भलेसा ने लोगों को सुरक्षा के लिए घर के अंदर रहने की सलाह दी है. तपमान जीरो से नीचे चला गया है. मैदानी इलाकों में करीब एक फीट बर्फबारी हुई है, जबकि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में करीब दो से तीन फीट बर्फबारी हुई है. बिजली और पानी की सप्लाई समेत सभी जरूरी सर्विस रुक गई हैं. भूस्खलन, पेड़ गिरने और भारी बर्फ जमा होने की वजह से हाईवे और लिंक रोड समेत कई सड़कें बंद हैं. इलाके में हालात ठीक होने तक सिर्फ इमरजेंसी सर्विस को ही चलने दिया जा रहा है. लगभग तीन महीने के लंबे सूखे के बाद, शुक्रवार आधी रात से डोडा के भलेसा और उसके आस-पास के मैदानी इलाकों और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई. जब पूरा इलाका बर्फ से ढक गया, तो लोगों ने इस लंबे समय से इंतजार की जा रही बर्फबारी पर काफी राहत और खुशी जाहिर की. रामबन जिले के बनिहाल शहर में भी शुक्रवार को मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई, क्योंकि पूरे इलाके में ताजी बर्फबारी हुई, जिससे सर्दी अपने पूरे जोर पर आ गई. बर्फबारी देर रात शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और विजिबिलिटी कम हो गई. इस बीच, बारामूला, बडगाम और रामबन के हिल रिसॉर्ट शहर बटोटे में भी काफी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद कर दिया गया, साथ ही उधमपुर के जखनी चौक पर भी आवाजाही रोक दी गई. बर्फबारी की वजह से हवाई यात्रा में भी रुकावट आई. श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई फ्लाइट को कुछ समय के लिए रोकने और कैंसल करने का ऐलान किया. अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और रामसू तक जमा हो रही बर्फ को देखते हुए, सड़क पर फिसलन की वजह से एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सभी तरह के ट्रैफिक को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया. इससे पहले विधायक दलीप सिंह परिहार ने रविवार को कहा कि चल रहा भद्रवाह विंटर कार्निवल देश भर से टूरिस्ट को खींचकर जम्मू-कश्मीर की इकॉनमी में मदद कर रहा है. उन्होंने फेस्टिवल में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए विजिटर्स का शुक्रिया अदा किया.

मध्य प्रदेश में 26 जिलों में सर्च ऑपरेशन, पुलिस ने 3278 बांग्लादेशी संदिग्धों को चिह्नित किया

भोपाल:  मध्य प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य के 26 जिलों में चलाए जा रहे इस विशेष सर्च ऑपरेशन में अब तक 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। खुफिया इनपुट और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अवैध पाए गए 31 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। धार बना कार्रवाई का केंद्र इस विशेष अभियान में सबसे बड़ी सफलता धार जिले में मिली है, जहां से सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा ग्वालियर से 10, जबलपुर से 3 और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों से भी अवैध नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वर्तमान में चिह्नित किए गए अन्य संदिग्धों की वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है, जिसके बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैतूल में शरणार्थियों का बड़ा डेरा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 5 जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें अकेले बैतूल जिले में 5,669 परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा पन्ना, मंदसौर, इंदौर और देवास में भी बड़ी संख्या में शरणार्थी सदस्य रह रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट 26 जनवरी से पहले आतंकी साजिशों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी संदिग्ध तत्व राज्य की सुरक्षा में सेंध न लगा पाए। फर्जी पहचान पत्र बनाकर छिपे बैठे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रदेशव्यापी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। आकाश सिकरवार