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एसओजी ने फर्जीवाड़े में 3 बड़ी भर्तियों में नौकरी लगे अभ्यर्थियों की मांगी OMR शीट्स

जयपुर. राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों बेरोजगारों के भविष्य से जुड़े सबसे बड़े दस्तावेज, यानी ओएमआर शीट्स पर ही अब सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड पर गंभीर आरोप है कि उसने 3 बड़ी भर्ती परीक्षाओं की मूल ओएमआर शीट्स या तो नष्ट कर दी हैं या फिर जानबूझकर एसओजी को उपलब्ध नहीं करवा रहा। सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा–2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा–2018 और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा–2018 में ओएमआर शीट्स में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाने के मामले की जांच कर रही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बोर्ड से अब तक करीब 8 से अधिक पत्र लिखकर मूल OMR शीट्स मांगी हैं, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड ने जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। सबकी नहीं, नौकरी लगने वालों की ही दे दें ओएमआर शीट्स एसओजी सूत्रों के मुताबिक, अब तक जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, वे सिर्फ शुरुआत हैं। यदि बोर्ड मूल OMR शीट्स उपलब्ध करवा देता है तो और भी कई मामलों में छेड़छाड़, फर्जीवाड़ा और अंक बढ़ाने के ठोस प्रमाण मिल सकते हैं। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कितने और अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ और कितनों को गलत तरीके से नौकरी दिलाई गई। बोर्ड सबकी ओएमआर शीट्स उपलब्ध नहीं करवाना चाहता तो केवल नौकरी में लगने वाले अभ्यर्थियों की ही मूल ओएमआर शीट्स उपलब्ध करवा दें। ओएमआर शीट्स में हेरफेर एसओजी की जांच में सामने आया है कि इन तीन परीक्षाओं में कम से कम 42 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट्स में हेरफेर कर उनके नंबर बढ़ाए गए। इनमें से 38 अभ्यर्थियों के अंकों में भारी बढ़ोतरी की गई। सबसे चौंकाने वाला मामला उस अभ्यर्थी का है, जिसके वास्तविक रूप से माइनस 6 नंबर आ रहे थे, लेकिन उसकी ओएमआर शीट में सीधे 259 नंबर दर्ज कर दिए गए। यह आंकड़ा खुद इस बात का सबूत है कि गड़बड़ी मामूली नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित तरीके से की गई। जब भी मांगी…जवाब मिला, नहीं मिल रही एसओजी सूत्रों के मुताबिक जब भी बोर्ड अधिकारियों से ओएमआर शीट्स मांगी, लेकिन बोर्ड में वर्षों से तैनात कर्मचारी अधिकारियों को नहीं मिलने का जवाब देकर गुमराह देते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एसओजी जैसी जांच एजेंसी बार-बार दस्तावेज मांग रही है, तो बोर्ड उन्हें उपलब्ध क्यों नहीं करवा रहा? क्या ओएमआर शीट्स नष्ट कर दी गई हैं या फिर इसलिए रोकी जा रही हैं ताकि और बड़े खुलासे न हो सकें?

डोडा हादसे में बलिदान हुए हरियाणा के दो लालों की आज होगी अंतिम विदाई

यमुना नगर. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर हुए सैन्य वाहन हादसे ने झकझोर दिया। इस हादसे में सेना के 10 जवान बलिदान हो गए। हरियाणा के लिए यह हादसा और भी पीड़ादायक रहा। इनमें हरियाणा के दो शामिल हैं। बलिदानियों में यमुनानगर जिले के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल और झज्जर जिले के गिजाड़ौद गांव निवासी मोहित चौहान शामिल हैं। दोनों वीर सपूतों की शहादत की सूचना मिलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर अंबाला और मोहित का पािर्थव शरीर दिल्ली पहुंच गया है। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज उनके गांवों में किया जाएगा। हादसे में बलिदान जवान यमुनानगर के छछरौली खंड के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल (30) हैं। सुधीर वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। वह 72 टैंक बटालियन में तैनात थे। करीब दो वर्ष पहले उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई थी। हादसे में सुधीर नरवाल के बलिदान होने की सूचना सेना के अधिकारियों ने वीरवार शाम उनके स्वजन को फोन पर दी। यह सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। राजकीय सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार सेना अधिकारियों ने स्वजनों को बताया कि शुक्रवार सुबह सुधीर का पार्थिव शरीर अंबाला एयरपोर्ट पर पहुंचना था, लेकिन सुबह से दोपहर बाद तक लगातार वर्षा होने के कारण इसमें देरी हो गई। परिजनों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। फोन आने के बाद पत्नी हो गई थी बेसुध परिजनों के अनुसार सुधीर की पत्नी रूबी अपनी जेठानी के साथ खेतों की ओर टहलने गई हुई थीं। उसी दौरान सेना के एक अधिकारी का फोन आया। जैसे ही फोन पर सुधीर के बलिदान होने की जानकारी मिली, रूबी सदमे में बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। घटना की जानकारी फैलते ही रिश्तेदारों और गांव के लोगों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। हर आंख नम थी और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा था। दो बहनों के इकलौते भाई थे सुधीर सुधीर नरवाल के पिता हरपाल सिंह किसान थे, जिनका वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। पिता के निधन के बाद से ही परिवार पहले से दुख के साये में था। अब जवान बेटे के बलिदान ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुधीर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों के भाई थे। परिवार में उनकी मां उर्मिला देवी, पत्नी रूबी और सात वर्षीय मासूम बेटा अयांश है। इस हादसे ने मां से उनका सहारा, पत्नी से जीवनसाथी और मासूम बेटे से पिता का साया छीन लिया। झज्जर के मोहित भी हुए बलिदान डोडा हादसे में मां भारती के चरणों में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले झज्जर जिले के गांव गिजाड़ौद निवासी मोहित चौहान का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात 8:55 पर दिल्ली पहुंच गया। लेकिन पैतृक गांव में शनिवार सुबह पहुंचेगा। दिनभर स्वजन और ग्रामीण वीर सपूत का इंतजार करते रहे। शुक्रवार सुबह से ही गिजाड़ौद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर आंख गांव की दहलीज पर टकटकी लगाए बैठी रही। सेना के अधिकारियों ने पहले सुबह 11 बजे और फिर दोपहर 2 बजे पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचने की सूचना दी थी बाद में रात 8:55 पर पहुंचने की जानकारी दी गई। गांव के सरपंच नरेश कुमार सैन्य मुख्यालय के निरंतर संपर्क में हैं। बलिदानी के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ जीतू ने रुंधे गले से बताया कि उसकी मोहित से अंतिम बार बुधवार शाम को ही बात हुई थी। मोहित ने वादा किया था कि वह मार्च में छुट्टी लेकर घर आएगा। करीब दो महीने पहले ही मोहित शादी की सालगिरह मनाने घर आया था। वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुए मोहित की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। गांव में बनेगा स्मारक जीतू ने बताया कि पहले घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन शाम पांच बजे जब शहादत की खबर आई, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता सतपाल, माता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गिजाड़ौद गांव ने अपने वीर सपूत के सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत ने मुख्य सड़क के साथ लगती 500 वर्ग गज पंचायती भूमि बलिदानी मोहित चौहान के स्मारक के लिए आवंटित की है। शुक्रवार को दिनभर जेसीबी मशीनों से इस जमीन को समतल करने का कार्य चला। शनिवार को मोहित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पंजाब के कई जिलों में आज फिर बारिश और जलभराव

लुधियाना. पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को मौसम में बड़ा बदलाव आया। बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों को प्रभावित किया। पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में वर्षा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पंजाब के कई जिलों में तेज वर्षा हुई। जालंधर, लुधियाना व मुक्तसर में ओलावृष्टि भी हुई है। जालंधर में लगभग 15 घंटे तक वर्षा से जलभराव हो गया। पठानकोट में सबसे अधिक 59.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। तापमान में भी 11 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से कई शहरों में 10 से 15 घंटे तक बिजली बंद रही। मौसम विभाग ने शनिवार को भी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटियाला के नाभा में खंभे में करंट आने से आईटीआई के छात्र भावेश की मौत हो गई। गुरदासपुर के गांव तिब्बड़ में बिजली गिरने से शेड गिर गई, जिससे मलबे में दबने से करीब आठ हजार चूजे मर गए। हिमाचल के शिमला व मनाली शहर में सर्दी के सीजन में पहला हिमपात हुआ। वहां करीब एक फीट हिमपात हुआ। डल्हौजी में भी बर्फबारी हुई। पंजाब सहित कई राज्यों से पहुंचे पर्यटक बर्फ के साथ मस्ती करते रहे। मां वैष्णो देवी भवन पर भी हिमपात हुआ। श्रीनगर एयरपोर्ट पर बर्फ गिरने से उड़ानें रद रहीं। मौसम विभाग ने हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। कृषि विभाग ने इस वर्षा को गेहूं की खेती के लिए लाभकारी बताया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे ही वर्षा जारी रही तो खेतों में पानी खड़ा होने पर यह वर्षा आलू की फसल के लिए हानिकारक हो सकती है।

बिलासपुर में राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के संचालक का जिला स्तरीय अधिकारियों से संवाद

बिलासपुर. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के संचालक श्रीराम तरणिकांति ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर ने जिले का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए। प्रशासनिक संरचना, विभागीय समन्वय एवं शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। अपने उद्बोधन में तरणिकांति ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में व्यापक, समावेशी एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को केवल उन्हीं कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए जो प्रत्यक्ष रूप से उनके समक्ष आते हैं, बल्कि उन विषयों पर भी सक्रिय पहल करनी चाहिए जो सामान्यतः सामने नहीं आ पाते। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि वे संवेदनशीलता, नवाचार एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारें तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026

यूपी दिवस-2026 पर प्रदेश की 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान, अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला होंगे सम्मानित अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026 शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में यूपी का नाम रोशन करने वाली 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान लखनऊ  उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मुख्य समारोह का आयोजन इस वर्ष राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य समारोह का उद्घाटन शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष जिन विभूतियों को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा, उनमें अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभांशु शुक्ला सम्मानित गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वाली विभूतियों में राजधानी लखनऊ निवासी अंतरिक्षयात्री एवं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा प्रक्षेपण के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचकर इतिहास रचा। वे आईएसएस पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्षयात्री बने। हालांकि, अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीयों में वे राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं। उनकी यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली है। शिक्षा में क्रांति लाने वाले अलख पांडेय को गौरव सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले प्रयागराज निवासी अलख पांडेय को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। अलख पांडेय ने वर्ष 2016 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। वर्ष 2020 में लॉन्च किए गए इसी नाम के ऐप ने किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर करोड़ों छात्रों को लाभान्वित किया। वर्ष 2022 में उनकी कंपनी भारत की छठी एडटेक यूनिकॉर्न बनी। 10 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर वाले इस प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को अधिक समावेशी और लोकतांत्रिक बनाया है। उन्हें शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार, टाइम्स 40 अंडर 40 और एडटेक सीईओ ऑफ द ईयर जैसे कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए डॉ. हरिओम पंवार होंगे सम्मानित साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बुलंदशहर के बुटना गांव में जन्मे डॉ. हरिओम पंवार इस वर्ष यूपी गौरव सम्मान प्राप्त करने वाली तीसरी विभूति हैं। मेरठ महाविद्यालय में विधि के प्रोफेसर रहे डॉ. पंवार की कविताएं ‘काला धन’, ‘घाटी के दिल की धड़कन’, ‘मैं मरते लोकतंत्र का बयान हूं’ और ‘बागी हैं हम, इंकलाब के गीत सुनाते जाएंगे’ समाज को जाग्रत करने वाली रचनाएं हैं। उन्हें निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनकी साहित्यिक कृतियों से होने वाली आय का उपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्ग के कल्याण में किया जाता है। महिला सशक्तिकरण के लिए रश्मि आर्य को सम्मान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मेरठ के नारंगपुर में 22 अक्टूबर 2007 को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना करने वाली रश्मि आर्य को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनका गुरुकुल वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय है। यहां संस्कृत, वैदिक शिक्षा, हवन, संगीत के साथ-साथ इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाती है। गुरुकुल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं, गीता-अष्टाध्यायी प्रतियोगिताओं, योग, धनुर्विद्या और जंप रोप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में यहां 600 से अधिक जरूरतमंद बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। कृषि विज्ञान में वैश्विक पहचान के लिए डॉ. सुधांशु सिंह होंगे सम्मानित कृषि क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए वाराणसी निवासी डॉ. सुधांशु सिंह को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से स्वर्ण पदक के साथ कृषि में स्नातक किया तथा फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। फ्लड-टॉलरेंट सब-1 चावल पर उनके शोध ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वर्तमान में वे आईएसएआरसी, वाराणसी के निदेशक हैं और बीएमजीएफ, वर्ल्ड बैंक तथा यूएसएआईडी जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर चुके हैं। 29 वर्षों के अनुभव में उन्होंने सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को नई दिशा दी है। प्रदेश की प्रतिभा और प्रेरणा का प्रतीक है यूपी गौरव सम्मान उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान संस्कृति विभाग द्वारा उन विभूतियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने कला, कृषि, विज्ञान, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। ये पांचों सम्मानित व्यक्तित्व उत्तर प्रदेश की बहुआयामी प्रतिभा के प्रतीक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यूपी दिवस-2026 के अवसर पर इनकी उपलब्धियां पूरे प्रदेश में गर्व, प्रेरणा और उत्साह का संचार करेंगी।

जबलपुर को मिलेगा मेट्रोपॉलिटन दर्जा, CM मोहन यादव ने दी सौगात

जबलपुर  स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को इसी वर्ष मेट्रोपॉलिटन सिटी (Jabalpur Metropolitan City) बनाने का बड़ा ऐलान किया। होटल कल्चुरी में उद्योगपतियों और व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और भोपाल में मेट्रोपॉलिटन सिटी की शुरुआत हो चुकी है और प्रदेश के चार बड़े महानगरों में शामिल जबलपुर को इससे अलग नहीं रखा जा सकता। जबलपुर के विकास का मास्टर प्लान तैयार- सीएम मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें शहर से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी नगरों को शामिल किया जाएगा। इससे औद्योगिक, व्यावसायिक और आधारभूत ढांचे का समन्वित विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां फूड सेक्टर व गारमेंट उद्योग को जल्द बड़ी सौगात नदी दी जाएगी। पर्यटन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं है, जिन पर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर के विकास को लेकर अपने विचार रखे। इससे पहले महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रवि गुप्ता सहित व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। इस अवसर पर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व उद्योगपति मौजूद रहे। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मुख्यमंत्री ने बताया कि दावोस में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया, जिसमें फोकस भारतीय प्रतिनिधिमंडल पर रहा। भारत सरकार के साथ 10 राज्यों ने सहभागिता की, जिसमें मध्यप्रदेश विशेष रूप से उभरकर सामने आया। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। पवन और सोलर ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश में 2.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यह सबसे सस्ती है। 118 हिन्दू व 3 मुस्लिम जोड़ों का विवाह-निकाह सदर गैरीसन ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के अंतर्गत 121 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इनमें 118 हिन्दू और 3 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवदंपतियों और उनके परिजन पर फूल बरसाकर आशीर्वाद दिया तथा एक जोड़े को 51 हजार रुपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। मंत्री राकेश सिंह ने सभी जोड़ों को एक-एक फ्रिज भेंट किया। आयोजन में नगर निगम का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अभिलाष पांडे, अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, अश्विनी परांजपे, स्वामी राघवदेवाचार्य, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। गौरीघाट तक किया रोड-शो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (Union Minister JP Nadda) ने झंडा चौक से गौरीघाट तक रोड-शो किया। इस दौरन लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। रोड-शो में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे और विधायक और भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए। शहर प्रवास के दौरान नड्डा एवं मुख्यमंत्री उजारपुरवा स्थित जल मंदिर (बावड़ी) देखने गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  सरस्वती घाट पर आयोजित दादा गुरु के प्रकटोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने सनातन संस्कृति, मां नर्मदा की महिमा और विज्ञान व अध्यात्म पर विचार रखे। इस मौके पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, विधायक अशोक रोहाणी मौजूद थे।

महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के हालचाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास महाराज का जाना हालचाल मुख्यमंत्री ने मेदांता अस्पताल, लखनऊ में भर्ती राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष से भेंट कर की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर अयोध्या के राम जन्मभूमि न्यास एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, परम पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से महाराज जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके उपचार की प्रगति के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाराज जी के करीबियों एवं ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से भी संवाद किया। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जानकारी दी और उनको दिए जा रहे चिकित्सीय उपचार से अवगत कराया।

सीएम नीतीश ने जीविका दीदियों से बात कर दिया योजनाओं का भरोसा

हाजीपुर/वैशाली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में वैशाली जिले के महुआ पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने महुआ में वाया नदी के गाद उड़ाही कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महुआ स्थित ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय स्टार्टअप, इनोवेशन स्टॉल और विभिन्न विभागों के स्टॉल का बारीकी से जायजा लिया। एक-एक स्टॉल पर जाकर ली योजनाओं की जानकारी महुआ मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जिले के विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने जीविका समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए उनसे संवाद किया और उनके उत्पादों एवं गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। 54 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, 98 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 54 करोड़ रुपये की लागत से 25 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 98 करोड़ रुपये की लागत से 103 योजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से विभागीय कर्मियों और जीविका दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जंदाहा पहुंचे सीएम, जनसंवाद कार्यक्रम में होंगे शामिल इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड स्थित बटेश्वर नाथ धाम परिसर भी पहुंचे। यहां जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री यहां आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री लखेन्द्र रोशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक अवधेश सिंह, सिद्धार्थ पटेल, महेन्द्र राम समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता उपस्थित रहे।

कटनी पुलिस महकमे में shake-up, आदेश के साथ 28 का तबादला

कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ 28 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न आरक्षित केंद्र, पुलिस चौकियों एवं थानों में पदस्थ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। तबादला आदेश के तहत आरक्षित केंद्र कटनी में पदस्थ कई प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं महिला आरक्षक को कोतवाली, यातायात थाना, माधवनगर, बरही, बहोरीबंद, स्लीमनाबाद सहित अन्य थानों एवं पुलिस चौकियों में पदस्थ किया गया है। वहीं कुछ कर्मचारियों को पुलिस चौकी से आरक्षित केंद्र तथा कार्यालय पुलिस उप अधीक्षक/मुख्यालय में भी पदस्थापना दी गई है। आगामी आदेश तक प्रभावशाली रहेगा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह तबादले अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेंगे। संबंधित सभी पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें। बताया जा रहा है कि इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना तथा पुलिसिंग को प्रभावी बनाना है। इनका हुआ तबादला सूबेदार सोनम उईके रक्षित केन्द्र से थाना यातायात, कार्य. सउनि सतीश भगत रक्षित केन्द्र से चौकी झिंझरी, प्रधान आरक्षक रामनरेश शुक्ला रक्षित केन्द्र से रंगनाथ नगर, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा रक्षित केन्द्र से थाना कुठला तबादला किया गया। इसी प्रकार प्रधान आरक्षक चंदा ठाकुर को रक्षित केंद्र से थाना विजयराघवगढ़, नीतीश डोंगरे को रक्षित केंद्र से थाना बड़वारा, प्रधान आरक्षक अखिलेश दीक्षित को रक्षित केंद्र से थाना विजयराघवगढ़, प्रधान आरक्षक अवधेश मिश्रा को रक्षित केंद्र से थाना बरही, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह उद्दे को रक्षित केंद्र से थाना बड़वारा, आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को रक्षित केंद्र से थाना स्लीमनाबाद, प्रधान आरक्षक सुनीता सिंह को कंट्रोल रूम से थाना एनकेजे भेजा गया है।  संदीप यादव को थाना बरही, तो प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र यादव को रक्षित केंद्र भेजा वहीं प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र यादव को पुलिस चौकी बिलहरी से रक्षित केंद्र, आरक्षक संतोष यादव को रक्षित केंद्र से रीठी, आरती साहू को यातायात, रजनी सिंह को थाना यातायात, नैना कश्यप को बरही, दीक्षा गर्ग को बरही, राजनंदनी मरावी को थाना यातायात, नैंसी गुप्ता को थाना यातायात, संदीप यादव को थाना बरही, प्रियंका शुक्ला को थाना कोतवाली, आदर्श मिश्रा को कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक आजाक से कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, विवेक कुमार को थाना बरही, अनमोल सिंह को थाना कोतवाली, उपेंद्र बहादुर को थाना कोतवाली, श्यामदास कोल को थाना विजयराघवगढ़, राजकुमार अहिरवार को थाना यातायात पदस्थ किया गया है।

पंजाब के CM भगवंत मान को जान से मारने की धमकी

गुरदासपुर. श्री हरिमंदिर साहिब, राज्य की अदालतों, जिलामुख्यालयों व स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अब शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। गुरदासपुर के दस स्कूलों और पठानकोट के एक स्कूल को भेजी गई ईमेल में कहा गया कि आज दोपहर एक बजते ही जिले के दस स्कूलों में बम धमाके होंगे। मेल में यह भी लिखा गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हमारे निशाने पर हैं क्योंकि वे हमारे साथियों को गैंगस्टर कहकर मार रहे हैं। अज्ञात मेल मिलने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस ने संबंधित स्कूलों को खाली करवाने के साथ ही वहां जांच शुरू की। जांच के लिए डाग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया लेकिन गहन जांच के बाद कहीं कुछ नहीं मिला। इससे पहले मेल से नहीं दी गई धमकी खास बात यह है कि इससे पहले जब भी धमकी भरी ईमेल भेजी गई तब कभी भी इसमें मुख्यमंत्री को धमकी नहीं दी गई थी। यही नहीं, इन धमकियों के बाद पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि यह धमकी कौन और कहां से भेज रहा है। शुक्रवार की सुबह वर्षा के बीच बहुत कम बच्चे स्कूल पहुंचे थे। इसी बीच स्कूलों को एक ईमेल प्राप्त हुई जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसकी सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित करने के साथ ही बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों को तुरंत ले जाने के संदेश भेजने शुरू कर दिए। स्कूल से संदेश मिलते ही वर्षा के बीच अभिभावन स्कूल पहुंचने लगे। वहीं पुलिस टीमों ने भी स्कूलों में पहुंचकर जांच शुरू की। स्कूल परिसरों की गहनता से हुई जांच मौके पर बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वायड को भी बुलाया गया। स्कूल परिसरों की गहन जांच के बाद पाया गया कि वहां पर कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं है। पुलिस का दावा है कि शरारती तत्वों ने केवल दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया था। फिलहाल जांच जारी है। साइबर क्राइम की विशेषज्ञ टीम ई-मेल के आइपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी हुई हैं। उधर गुजरात के अहमदाबाद के एक दर्जन स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हिमाचल में हमीरपुर व कांगड़ा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।