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रायपुर साहित्य महोत्सव में काव्य-पाठ करने दूर-दूर से आए साहित्य प्रेमी

रायपुर. रायपुर साहित्य महोत्सव का आज दूसरा दिन है. नवा रायपुर पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित महोत्सव में आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि इस महोत्सव में देशभर से 120 से अधिक ख्यातिनाम साहित्यकार हिस्सा लेंगे. आयोजन की हो रही है प्रशंसा आयोजन के दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इस आयोजन में आकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति छत्तीसगढ़ की बोली छत्तीसगढ़ की उपलब्धि छत्तीसगढ़ के गठन वर्ष का रजत जयंती समारोह है. इस मौके पर भव्य और सुंदर कार्यक्रम देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई. दूर-दूर से आए साहित्य प्रेमी जशपुर की लेखिका अंकिता जैन ने बताया कि मुझे लगता है कि यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साहित्य का आयोजन हो रहा है, जो बेशक ही अच्छा इंपैक्ट डालने वाला है. युवाओं और लेखन पर क्योंकि उनको भी लगेगा कि दिल्ली लखनऊ मुंबई के अलावा हमारे क्षेत्र और हमारे राज्य में अच्छे कार्यक्रम हो सकते हैं. मैं एक लेखक हूं और मेरी 7 किताबें आ चुकी है. हाल ही में मुझे इफको युवा साहित्य सम्मान भी मिला है. इसके साथ ही मुझे मेदनी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है.

रतलाम मौसम अपडेट: दिन का तापमान गिरी, रात बढ़ी, बारिश से फिर लौटेगी सर्दी

भोपाल  भोपाल में वसंत ऋतु ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए है। ठंड के तेवर अब नरम पड़ते नजर आ रहे है और रातें कुछ गर्म होने लगी है। शुक्रवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में 6.2 डिग्री अधिक है। इससे पहले गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस की गई। शुक्रवार सुबह से ही राजधानी में पतझड़ी मौसम का एहसास हुआ। आसमान साफ रहा और दिनभर हवाएं चलती रहीं, लेकिन इनमें पहले जैसी ठंडक नहीं थी। प्रदेश में हवाओं की रफ्तार करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक वहीद खान के अनुसार हवा की दिशा उत्तर से बदलकर दक्षिण-पश्चिम हो गई है। इसी बदलाव के कारण रात के तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला है।  इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के चलते प्रदेश के मौसम में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसी सिस्टम का असर शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में बादलों के रूप में दिखा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद बादल छाने से दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ गई। शनिवार को बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह के वक्त ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्के कोहरे ने सुबह की रफ्तार धीमी कर दी। 26 जनवरी के बाद फिर बदलेगा मौसम, बारिश के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक और स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस असर डाल सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। दो दिन नहीं पड़ेगी तेज ठंड, कोहरा रहेगा मेहमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक प्रदेश में तेज ठंड के हालात नहीं बनेंगे, हालांकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। शुक्रवार को भी सतना, नौगांव, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो और मलाजखंड समेत कई शहरों में कोहरा दर्ज किया गया। भोपाल-इंदौर में पारा 17 पार, कल्याणपुर में कंपकंपी गुरुवार-शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में इस सीजन जनवरी में पहली बार न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। भोपाइसल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शिवपुरी में 8, चित्रकूट में 8.4, कटनी के करौंदी में 8.6, रीवा में 8.4, खजुराहो में 9.4 और मंडला में 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। हल्की बारिश के आसार मौसम का यह मिजाज स्थायी नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

ट्रंप बदल सकते हैं फैसला! भारत से 25% टैरिफ हटाने के मिल रहे संकेत

 नई दिल्ली अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत पर लगाया गया यह टैरिफ अमेरिका के लिए "काफी सफल" रहा है. बेसेंट के मुताबिक, इस टैरिफ के बाद भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद में भारी गिरावट आई है. फिलहाल यह टैरिफ लागू है, लेकिन अमेरिका इसे स्थायी नहीं मानता. स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ हटाया भी जा सकता है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अब इसे हटाने का एक रास्ता बन सकता है." यानी अगर हालात अनुकूल रहे और बातचीत आगे बढ़ी, तो अमेरिका भारत को टैरिफ में राहत दे सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर तेल व्यापार और रूस से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर लगातार चर्चा चल रही है. भारत पर अमेरिका ने कितना टैरिफ लगाया है? अमेरिका ने भारत से आने वाले कई सामानों पर फिलहाल कुल मिलाकर 50% तक का टैरिफ लगा रखा है. इसमें से करीब 25% सामान्य टैरिफ है, जो भारत के लगभग 55% निर्यात पर लागू होता है. इसके अलावा अगस्त 2025 से एक अतिरिक्त 25% "ऑयल से जुड़ा पेनल्टी टैरिफ" लगाया गया, जो रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर दबाव बनाने के लिए है. अमेरिका, G7 और यूरोपीय देशों का रूसी तेल पर प्राइस कैप रूस के तेल को लेकर अमेरिका, G7 और यूरोपीय देशों ने एक प्राइस कैप सिस्टम भी लागू किया है. जनवरी 2026 तक यह कैप लगभग 47.60 डॉलर प्रति बैरल है, जिसे 1 फरवरी 2026 से घटाकर 44.10 डॉलर किया जाएगा. नियम यह है कि अगर रूसी तेल तय कीमत से ऊपर बेचा गया, तो उस पर बीमा, शिपिंग और फाइनेंस जैसी सेवाएं नहीं दी जाएंगी. अमेरिका का 500% टैरिफ का बिल अमेरिका का दावा है कि इस दबाव के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस जैसी बड़ी भारतीय रिफाइनरियों ने जनवरी 2026 में रूसी तेल लेना रोक दिया. वहीं भारत का कहना है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतें राष्ट्रीय हित और किफायती दामों के आधार पर तय करता है, लेकिन 500% टैरिफ वाले नए अमेरिकी बिल पर वह नजर बनाए हुए है.

रैगिंग का मामला: जूनियर्स को घंटों खड़ा कराया और शराब-सिगरेट पीने को कहा

बेंगलुरु  कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले से रैगिंग की गंभीर घटना सामने आई है। देवनहल्ली पुलिस ने बताया कि आकाश ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 23 सीनियर छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इन पर जूनियर छात्रों के साथ उत्पीड़न करने का आरोप है। इस मामले में तीन मुख्य आरोपी छात्रों को गिरफ्तार भी कर लिया है। शिकायत के अनुसार, जूनियर छात्रों को शराब और सिगरेट लाने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें घंटों खड़े होकर अपनी किताबें ऊपर उठाकर सजा के रूप में खड़ा रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज के एडमिन हेड मिदुन माधवन तक इस मामले की शिकायत पहुंची। जब वह इसकी जांच करने गए, तो गुस्साए सीनियर्स ने उन पर हमला कर दिया। सीनियर्स पर जूनियर छात्रों पर लोहे की रॉड, पत्थर और लकड़ी की छड़ियों से हमला करने का भी आरोप है। घटना के दौरान एक छात्र की सोने की चेन भी छीन ली गई। इस मामले में देवनहल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों (बिलाल, झिरिल और मिशाल) को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी 20 आरोपित छात्रों की तलाश जारी है। एक बाहरी व्यक्ति भी शामिल सीनियर छात्रों ने 15 जनवरी को रैगिंग फिर से शुरू कर दी, जिसके बाद जूनियर छात्रों ने माधवन को इसकी सूचना दी थी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद माधवन जूनियर छात्रों के साथ कॉलेज के पीछे एक चाय की दुकान के पास सीनियर छात्रों से मिलने गए और उन्हें चेतावनी दी। इस दौरान स्थिति और बिगड़ गई। सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर जूनियर छात्रों और माधवन से मारपीट की। प्राथमिकी में कहा गया है कि सीनियर छात्रों के साथ आए एक बाहरी व्यक्ति नवीन ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। उन्हें धमकी भी दी थी।

अंबाला के सैन्य इलाके में खंडहरनुमा घर में छिपा जासूस?

अंबाला. सैन्य क्षेत्र में 16-17 वर्षीय युवक एक साल तक बिना किसी रोक-टोक के खंडहरनुमा भवन में रहता रहा और किसी को भनक नहीं लगी। शुक्रवार को छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में जिस युवक को खंडहर भवन से रेस्क्यू किया गया, उसके तौर-तरीकों और गतिविधियों ने इस मामले को सामान्य से कहीं अधिक गंभीर बना दिया है। युवक के पास एयरफोर्स कर्मी जैसी वर्दी होना, रात के अंधेरे में ही बाहर निकलना और दीवारों पर कोडवर्ड लिखना, सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाने वाले संकेत माने जा रहे हैं। युवक कमरे की शेल्फ के ऊपर बैठता और यहीं पर सोता था जोकि ग्राउंड लेवल से 10 फुट ऊंची थी। पूछताछ में उसने अपना नाम बस दिनेश बताया। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता रहा। महाराणा प्रताप मार्ग स्थित यह खंडहर भवन सैन्य एरिया में आता है। जानकारी के अनुसार युवक दिन के समय पूरी तरह नजरों से ओझल रहता था और रात के समय ही बाहर निकलकर भोजन की व्यवस्था करता था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से इसी भवन में रह रहा था, किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। यह स्थिति तब सामने आई, जब वंदेमातरम दल को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। दीवारों व छत पर लिखे थे कोडवर्ड सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह छावनी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने कार्रवाई कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी के दौरान कमरे की दीवारों और छत पर चाक से लिखे गए कई नंबर, शब्द और प्रतीक मिले, जिन्हें कोडवर्ड के रूप में देखा जा रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस ने अपने रिकॉर्ड में लिया है। युवक को लुधियाना स्थित मनुखता दी सेवा सेवा सोसायटी के हवाले किया गया। रात को ही क्यों निकलता था बाहर प्रारंभिक जांच में युवक के मंदबुद्धि होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उसके व्यवहार और गतिविधियों ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसके पास एयरफोर्स कर्मी की वर्दी आखिर कहां से आई।

रोकेया प्राची का दर्दनाक खुलासा! बोलीं—यूनुस ने करवाया हमला, जान बचाकर छोड़ा बांग्लादेश

ढाका  बांग्लादेश में कट्टरपंथी हैवानों की भीड़ हिंदुओं को ढूंढ-ढूंढ कर दर्दनाक मौत दे रही है. ये हिंदू किसी और देश नहीं बल्कि बांग्लादेश के ही नागरिक हैं लेकिन यूनुस ने अपने आंख-कान बंद कर लिए हैं. दीपू दास की मौत के बाद हुई कई हिंदुओं की हत्याओं पर कार्रवाई तो दूर की बात, यूनुस ने एक स्टेटमेंट तक जारी नहीं किया है. हाल ही में बांग्लादेश से भागीं एक एक्ट्रेस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है.  बातचीत के दौरान बताया है कि किस तरह यूनुस ने उन पर अटैक करवाया था. एक्ट्रेस ने बांग्लादेश के अंदर हिंदुओं दर्दनाक हालातों को भी बयां किया है. ‘भीड़ ने किया अटैक, मेरे कपड़े फट गए’ ये बांग्लादेशी एक्ट्रेस रोकेया प्राची हैं, जो बांग्लादेश से भाग कर भारत में शरण ले चुकी हैं. उन्होंने हाल ही में  एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि भागने से पहले उन पर कैसे अटैक हुआ था. रोकेया ने बताया कि 5th अगस्त 2024 के बाद अल्पसंख्यकों का नरसंहार हुआ, मंदिरों को निशाना बनाया गया, रेप और हत्याएं भी हुई हैं. अपने साथ हुई खौफनाक घटना के बारे में बताते हुए रोकेया ने कहा कि ’14 अगस्त 2024 को मुझपर भी हमला हुआ, यूनुस के मॉब ने मुझपर अटैक किया था. मेरे कपड़े फट गए, मुझे मारने की कोशिश हुई, लेकिन कुछ लोगों ने मुझे बचाया’. बांग्लादेश से कैसे भागीं उन्होंने बताया कि ‘अटैक में किसी तरह बचकर निकलने के बाद मैं अंडरग्राउंड हो गई थी और पिछले महीने में भारत आ गई. मैंने यूनुस के खिलाफ आवाज उठाई इसलिए मुझे रेप की, हत्या की धमकियां मिलीं. मैं तो सुरक्षित निकल आई लेकिन बांग्लादेश की दूसरी महिलाएं मेरी तरह खुशकिस्मत नहीं हैं. यूनुस दंगाईयों के गॉडफादर रोकेया ने कहा ‘यूनुस सरकार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर को रोकना नहीं चाहते, वहां एक नहीं कई बल्कि कई दीपू चंद्र दास हैं, जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है. यूनुस अपराधियों, दंगाईयों के गॉडफादर हैं. अगर आवामी लीग को चुनाव नहीं लड़ने दिया गया, तो बांग्लादेश नहीं रहेगा, यह जंगिस्तान बन जाएगा. यूनुस संविधान का इस्तेमाल संविधान को खत्म करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं’.

रायपुर में तीन दिन चलेगा राज्य स्तरीय रोजगार मेला

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के तत्वावधान में आगामी 29, 30 एवं 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, सेजबहार (रायपुर) में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में निजी क्षेत्र के लगभग 15 हजार रिक्त पदों पर चयन की कार्यवाही विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा की जाएगी। रोजगार मेले में अधिसूचित रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट Also Read – शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक करतूत…वीडियो वायरल https://erojgar.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक आवेदकों के लिए विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी प्रदान की गई है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रायगढ़ जिले से अब तक 2870 आवेदकों का सफलतापूर्वक पंजीयन हो चुका है। जिले के पंजीकृत आवेदकों के लिए साक्षात्कार की तिथि 31 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक पात्र एवं इच्छुक आवेदकों से कहा है कि वे निर्धारित तिथि को रोजगार मेले में उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग लें एवं इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। मिली जानकारी के अनुसार इस मेला में तकनीकी और गैर तकनीकी 15 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। जिले के इच्छुक युवा 30 जनवरी को समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों एवं अनुभव प्रमाण पत्रों के साथ रोजगार मेला में शामिल हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र जमकोर में सम्पर्क कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने कई नामी कंपनियों के साथ हाथ मिलाए हैं ताकि युवाओं को योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। ऐसे में अब सरकार 15000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। सबसे अहम बात ये है कि इन कंपनियों में नौकरी के लिए कोई परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। यानि सीधे इंटरव्यू के बाद युवाओं को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। गौरतलब है कि सीएम साय ने जब से सत्ता की कुर्सी संभाली है प्रदेश के गांव-गरीब और युवाओं के लिए काम कर रहे हैं। सत्ता में आते ही उन्होंने कई ऐसी योजनाएं बनाई है जो अंतिम व्यक्ति तक सीधे लाभ पहुंचा रही है। वहीं, अब सरकार ने हर ‘हाथ में रोजगार’ देने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 15000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। सरकार की ये पहल युवाओं के लिए संजीवनी की तरह काम करेगी।

डंके की चोट पर भारत ने दिया ईरान का साथ, UN में पलट गया पूरा समीकरण

नई दिल्ली ईरान और भारत की दोस्ती से दुनिया वाकिफ है. मुश्किल घड़ी में अक्सर भारत अपने दोस्तों का साथ देता है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. पश्चिम देशों ने शुक्रवार को ईरान को यूएन में फंसााया. ऐसे में भारत से देखा नहीं गया. भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया. दरअसल, हुआ कुछ यूं कि यूएनएचआरसी यानी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में ईरान की मानवाधिकार उल्लंघनों पर एक बड़ा विवाद हुआ. शुक्रवार को यूएनएचआरसी ने ईरान की निंदा की और हाल के विरोध प्रदर्शनों पर क्रूर कार्रवाई की जांच का आदेश दिया. यह जांच हजारों लोगों की मौतों से जुड़ी है. ईरान इस मुद्दे पर बुरी तरह फंस गया था. पश्चिमी देश और नाटो सदस्य जैसे अमेरिका, फ्रांस और दक्षिण कोरिया ईरान के खिलाफ थे. वे सख्त कार्रवाई चाहते थे. लेकिन भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया. जी हां, भारत ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया. इससे पश्चिमी देश भौंचक्के रह गए. वे सोच भी नहीं पाए कि भारत जैसे बड़ा लोकतांत्रिक देश ईरान के पक्ष में खड़ा होगा. भारत का यह कदम ईरान के लिए मजबूत समर्थन था. भारत ने साफ कर दिया कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है. इससे भारत की विदेश नीति की ताकत दिखी, जो संतुलित और स्वतंत्र है. पश्चिमी देशों को लगा कि वे आसानी से ईरान को अलग-थलग कर लेंगे, लेकिन भारत के वोट ने उनके प्लान पर पानी फेर दिया. भारत की तरह ही चीन ने भी ईरान का साथ दिया है. आखिर हुआ क्या? दरअसल, यह पूरी घटना जेनेवा में UNHRC की इमरजेंसी मीटिंग में हुई. यूएन की इस बॉडी ने ईरान के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया. यह 2022 में शुरू हुई जांच को बढ़ाने का था. अब UN जांचकर्ता हाल के दंगों की भी जांच करेंगे. यह जांच भविष्य में कानूनी कार्रवाई के लिए दस्तावेज तैयार करेगी. अधिकार समूहों का कहना है कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह सबसे बड़ा क्रैकडाउन था. इसमें आम नागरिक भी मारे गए. हालांकि, तेहरान सरकार ने इसे आतंकवादियों और दंगाइयों का काम बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल जैसे विदेशी दुश्मन इसके पीछे हैं. ईरान के यूएन मिशन ने इस प्रस्ताव की निंदा की. ईरान ने कहा कि वह बाहरी हस्तक्षेप नहीं सहन करेगा. बैठक में क्या हुआ? चीन, पाकिस्तान, क्यूबा और इथियोपिया जैसे देशों ने बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठाया. चीन के राजदूत जिया गाइड ने कहा कि ईरान का दंगा आंतरिक मामला है. जांच के खर्च पर भी सवाल है. यूए में फंडिंग संकट है, जिससे अन्य जांचें रुकी हैं. यह स्पष्ट नहीं कि इस जांच का पैसा कौन देगा. इसके बाद बात अब वोटिंग की थी. इसमें कुल 46 देशों ने वोट किया. प्रस्ताव ईरान के खिलाफ था, यानी जांच बढ़ाने के पक्ष में. ईरान के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में 25 वोट पड़े और विपक्ष में 7. 14 देशों ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया.     ईरान के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में कौन-कौन देश: फ्रांस, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, नीदरलैंड्स, स्पेन, इटली, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आयरलैंड, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, लिथुआनिया, लातविया, एस्टोनिया. ये सभी पश्चिमी और नाटो देश हैं.     प्रस्ताव के खिलाफ में कौन-कौन: भारत, चीन, पाकिस्तान, क्यूबा, इथियोपिया, वेनेजुएला, बोलीविया. ये देश ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के खिलाफ हैं.     वोटिंग से दूर कौन-कौन रहे: ब्राजील, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, मलेशिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, तुर्की, मिस्र, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, थाईलैंड, फिलीपींस. ये देश तटस्थ रहे, न पक्ष में न विरोध में. भारत का साथ क्यों अहम? ईरान पर यह वोटिंग दिखाती है कि दुनिया कितनी बंटी हुई है. पश्चिमी देश ईरान पर दबाव बनाना चाहते हैं. लेकिन भारत और चीन जैसे बड़े देशों ने ईरान का साथ दिया. भारत का वोट अहम था क्योंकि भारत ईरान से तेल आयात करता है और दोनों के बीच पुराने संबंध हैं. इससे भारत की नीति साफ हुई कि वह मानवाधिकार के नाम पर राजनीति नहीं होने देगा. ईरान में विरोध प्रदर्शन महिला अधिकारों से शुरू हुए थे. एक महिला महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत से भड़के. अब यह पूरे देश में फैल गया. हजारों गिरफ्तार हुए. महिलाएं हिजाब उतारकर विरोध कर रही हैं. सरकार ने इंटरनेट बंद किया और बल प्रयोग किया. अधिकार समूहों का कहना है कि मौतों की संख्या और बढ़ सकती है. बहरहाल, UN की जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन ईरान इसे मानने से इनकार कर रहा है.

पंजाब के लोगों को मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिलेगा 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री सेहत योजना के पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। राज्य में तीन करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें पंजीकरण करवाने के लिए परिवार के कम से कम दो सदस्यों एक साथ जाना पड़ेगा। बाद में बाकी सदस्य अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पंजीकरण से पहले अप्वाइंटमेंट पर्ची का होना अनिवार्य है। इसके लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ अनुबंध किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। तो आइए जानें इन सवालों का जवाब… सेहत योजना के तहत कौन-कौन कवर होगा? पंजाब का कोई भी निवासी और उसके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र होंगे। योजना में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और निवास प्रमाण के रूप में वोटर आइडी कार्ड होना चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों के लिए स्वयं का आधार कार्ड तथा माता-पिता में से किसी एक का वोटर आइडी कार्ड या अभिभावक का वोटर आइडी कार्ड पर्याप्त होगा। केंद्र और राज्य प्रायोजित आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को इस योजना में अतिरिक्त पांच लाख का टॉप अप मिलेगा। इस योजना के तहत पंजीकरण कैसे करें? सरकार ने लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए यूथ क्लब और आम पार्टी के यूथ विंग को कमान सौंपी है। वार्ड और गांव स्तर पर यूथ लोगों के घर-घर जाकर अप्वाइंटमेंट की पर्चियां बांटेंगे। इसके बाद लाभार्थी कामन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है। पंजीकरण के लिए कामन सर्विस सेंटर पर परिवार के कम से कम दो सदस्य जरूर पहुंचे। शेष बचे सदस्यों का नाम बाद में भी दर्ज हो सकता है। इसके बाद लाभार्थियों को कार्ड जारी किए जाएंगे। लगभग 16.60 लाख परिवार, जिनका फंड केंद्र से आता है और जो आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी के दिशा निर्देश के अनुसार कार्ड जारी किए जाएंगे। योजना के तहत परिवार की परिभाषा क्या है? परिवार में मुखिया पति/पत्नी, या तलाकशुदा व्यक्ति और उनके नाबालिग बच्चे तथा विधवा बहू और उसके नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। पंजीकृत परिवार के आकार की कोई सीमा नहीं होगी। सभी इसके पात्र होंगे। इसके लिए परिवार के मुखिया को पंजीकरण के समय घोषणा पत्र देना होगा। कोई भी व्यक्ति एक से अधिक परिवारों में पंजीकृत नहीं हो सकता। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी कवर होंगे? पंजाब सरकार के सभी विभागों, संगठनों, सोसायटियों, निगमों और ट्रस्टों में आउटसोर्सिंग, ठेका कर्मचारी सभी योजाना के पात्र होंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार के पेशनभोगी और नियमित कर्मचारी भी योजना के अंतर्गत आएंगे। हईएसआइसी, सीजीएचएस या अन्य केंद्रीय, राज्य सरकारी बीमा के तहत कदर लाभार्थी किसी एक योजना का ही लाभ ले सकेंगे। पांच लाख रुपये वाली पिछली योजना से यह कैसे अलग है? स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार यह योजना आयुष्मान भारत योजना के लिए हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एचबीपी 2.2) को अपनाती है। पिछली योजना में 1,669 बीमारियों का इलाज फ्री था। वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलाजी और आन्कोलाजी जैसी चिकित्सा विशेषज्ञताओं के अंतर्गत सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की सेवाएं शामिल हैं। हृदय शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, किडनी डायलिसिस एवं ट्रांसप्लांट, मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी, घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सर्जरी, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाएं, आइसीयू देखभाल तथा अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की सेवाएं शामिल हैं। लाभार्थी 824 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों में इसका लाभ उठा सकेंगे। इनमें 212 सार्वजनिक अस्पताल, पीजीआइ चंडीगढ़ सहित भारत सरकार के आठ अस्पताल और 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर राज्य से बाहर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। योजना के वितीय निहितार्थ क्या हैं? यह योजना हाइब्रिड मॉडल में लागू की गई है, जिसमें चयनित बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में एक लाख रुपये तक के दावों का निपटारा करेगी। एक लाख से अधिक के दावों में बीमा कंपनी दावों के प्रमाणीकरण और प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी निभाएगी, जबकि एक लाख से अधिक की देनदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी वहन करेगी।

आज से शुरू UP दिवस 2026 समारोह, अमित शाह करेंगे उद्घाटन, क्या है खास थीम?

 लखनऊ 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 शनिवार को लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में शुरू होगा. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि एक जन उत्सव बने जिसमें राज्य के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो. इसलिए कार्यक्रम में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत भावना के अलावा विकास यात्रा को भी दिखाया जाएगा. मुख्य आकर्षण होगा ODOC इस साल उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा घोषित 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन' (ODOC) योजना होगी. ODOC योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक पारंपरिक और मशहूर व्यंजन चुना गया है. इस खास कार्यक्रम में राज्य भर के सभी ODOC व्यंजन एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे. यह पहल न सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के व्यंजनों की विविधता को दिखाएगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करेगी. यह यूपी के स्वाद को राज्य की पहचान का प्रतीक बनाने का एक ज़रिया बनेगा. इसके साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. साथ ही उन्हें यूपी दिवस के मौके पर बेचा भी जाएगा. इसके अलावा GI टैग वाले उत्पादों को भी ट्रेड शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26' प्रदान किया जाएगा. साथ ही इस साल, शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से ODOC योजना लॉन्च करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार व औद्योगिक क्षेत्र योजना का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.  हर जिले में होगा कार्यक्रम का प्रसारण कार्यक्रम का प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा. साथ ही कार्यक्रम स्थलों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके अलावा यह कार्यक्रम फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी मनाया जाएगा.