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बड़ा आतंकी अलर्ट! पंजाब में RDX धमाका, ट्रेन निशाना, रेलवे लाइन के उड़े परखच्चे

  फतेहगढ़ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद इलाके में शुक्रवार की आधी रात को बड़ा धमाका हुआ. यह घटना रेलवे लाइन पर हुई, जहां आरडीएक्स जैसे शक्तिशाली विस्फोटक से मालगाड़ी को निशाना बनाया गया. धमाके की तीव्रता इतनी तेज थी कि रेलवे ट्रैक के परखच्चे उड़ गए. सूत्रों का कहना है कि आरडीएक्स से ही ट्रेन को उड़ाने की कोशिश हुई. इस धमाके में मालगाड़ी का इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. रेलवे अधिकारियों और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. प्रारंभिक रिपोर्ट्स में इसे आतंकी हमला माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि बाकी है. दरअसल, घटना रात करीब 11 बजे की है. सरहिंद के खानपुर फाटक के पास नई बनी नई रेलवे लाइन से एक मालगाड़ी गुजर रही थी. यह लाइन विशेष रूप से माल परिवहन के लिए बनाई गई है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है. जैसे ही इंजन फाटक के नजदीक पहुंचा, तभी जोरदार ब्लास्ट हुआ. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ट्रैक का 3-4 फीट का हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया. यह धमाका तभी हुआ, जब मालगाड़ी गुजर रही थी. धमाके से मालगाड़ी पटरी से उतर गई चश्मदीदों का कहना है कि मालगाड़ी के इंजन के आगे का हिस्सा उड़ गया और मालगाड़ी पटरी से उतर गई. आसपास की जमीन पर मलबा बिखर गया. इसके बाद तो हड़कंप मच गया. इस ब्लास्ट में चालक को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं. उसे तुरंत लोकल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज से उसकी जान बच गई. 26 जनवरी से पहले आतंकी साजिश देखने को मिली है. ट्रायल पर है यह रेलवे लाइन रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह नई लाइन अभी ट्रायल पर थी. मालगाड़ी में कोई खास सामान नहीं था, लेकिन धमाके से बड़ा हादसा टल गया. अगर पैसेंजर ट्रेन होती, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था. धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और मदद की. पुलिस ने इलाके को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया. आरडीएक्स के इस्तेमाल का शक जताया जा रहा है, जो एक हाई-एक्सप्लोसिव है. यह कैसे लगा, किसने लगाया, यह जांच का विषय है. पंजाब पुलिस की मानें तो यह सुनियोजित साजिश लगती है. आतंकी संगठनों की भूमिका की जांच की जा रही है. कांग्रेस क्या बोली? रेलवे ट्रैक पर धमाको की घटना पर पंजाब कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का पोस्ट भी सामने आया है. अमरिंदर सिंह राजा ने लिखा, ‘रेलवे ट्रैकों के पास RDX, सार्वजनिक स्थानों पर धमाके-यह कोई सामान्य अपराध नहीं है. यह पंजाब को अस्थिर करने और भय फैलाने के जानबूझकर किए गए प्रयास हैं. असल सवाल यह है: अराजकता से किसे लाभ होता है, और राज्य इसे रोकने में क्यों विफल है?’

लुक में किलर, स्टाइल में पावर! Black Theme वाली Thar Roxx Star की कीमत आई सामने

  नई दिल्ली        महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर एसयूवी थार रॉक्स का नया स्टार एडिशन (Thar Roxx Star) भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है. आकर्षक लुक और दमदार इंजन से लैस इस लाइफस्टाइल एसयूवी की शुरुआती कीमत 16.85 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. यह एडिशन नाम के साथ ही नहीं, बल्कि नए लुक और फील के साथ पेश किया गया है. ये नया थार रॉक्स स्टार एडिशन एसयूवी के टॉप-स्पेक AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें ब्लैक थीम के साथ कुछ नए कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे ज्यादा बोल्ड और प्रीमियम बनाते हैं. एक्सटीरियर में ब्लैक टच Thar Roxx Star एडिशन को रेगुलर थार रॉक्स से अलग पहचान देने के लिए महिंद्रा ने इसमें ग्लॉस-ब्लैक फिनिश वाली ग्रिल और अलॉय व्हील्स दिए हैं. रेगुलर मॉडल में जहां बॉडी कलर ग्रिल और सिल्वर अलॉय मिलते हैं, वहीं स्टार एडिशन ज्यादा एग्रेसिव नजर आता है. इसके साथ ही थार रॉक्स रेंज में नया सिट्रीन येलो कलर भी जोड़ा गया है, जो ब्लैक एलिमेंट्स के साथ काफी यूनिक दिखता है. इसके अलावा यह एडिशन टैंगो रेड, एवरेस्ट व्हाइट और स्टील्थ ब्लैक कलर ऑप्शन में भी उपलब्ध है. इस एसयूवी के C-पिलर पर स्टार एडिशन बैज दिया गया जो इसे बाकी वेरिएंट्स से अलग बनाता है. कीमत और वेरिएंट  महिंद्रा थार रॉक्स स्टार एडिशन तीन वेरिएंट में पेश की गई है. डीजल मैनुअल वेरिएंट की कीमत 16.85 लाख रुपये है. पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट 17.85 लाख रुपये में आता है. वहीं डीजल ऑटोमैटिक वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 18.35 लाख रुपये रखी गई है. वेरिएंट   फ्यूल और ट्रांसमिशन  कीमत (एक्स-शोरूम) थार स्टार एडिशन पेट्रोल-ऑटोमेटिक 17.85 लाख थार स्टार एडिशन डीजल-मैनुअल 16.85 लाख थार स्टार एडिशन डीजल-ऑटोमेटिक 18.35 लाख इंटीरियर में ऑल-ब्लैक थीम  Thar Roxx Star एडिशन के केबिन के अंदर भी खास ट्रीटमेंट मिला है. पहले मिलने वाली हल्के रंग की अपहोल्स्ट्री की जगह अब ऑल-ब्लैक इंटीरियर दिया गया है. इसमें ब्लैक लेदरेट सीट्स के साथ सुएड टच देखने को मिलता है, जो इसे ज्यादा स्पोर्टी फील देता है. फीचर्स के मामले में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें ऑल-एलईडी लाइटिंग, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और टचस्क्रीन के लिए दो 10.25 इंच की स्क्रीन, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, 360 डिग्री कैमरा, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो, पैनोरमिक सनरूफ, 9-स्पीकर हरमन कार्डन साउंड सिस्टम और टेरेन मोड्स जैसे फीचर्स मिलते हैं. इंजन और परफॉर्मेंस स्टार एडिशन में वही पावरट्रेन दिए गए हैं, जो स्टैंडर्ड थार रॉक्स में मिलते हैं. इसमें 2.0 लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 177 एचपी की पावर और 380 एनएम टॉर्क जेनरेट करता है. इसके अलावा 2.2 लीटर डीजल इंजन मिलता है, जो 175 एचपी की पावर और 400 एनएम टॉर्क जनरेट करता है. पेट्रोल इंजन केवल ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है, जबकि डीजल इंजन में मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों विकल्प मिलते हैं. खास बात यह है कि स्टार एडिशन में 4×4 सिस्टम नहीं दिया गया है और यह केवल रियर-व्हील ड्राइव में ही उपलब्ध है. महिंद्रा थार रॉक्स साल 2024 में लॉन्च हुई थी और तब से यह कंपनी के लिए एक बेस्ट सेलर बनी हुई है. स्टार एडिशन के जरिए महिंद्रा ने इस मॉडल में नई ताजगी भरने की कोशिश की है. खासकर ऐसे समय में, जब एसयूवी बाजार में टाटा सिएरा, नई जनरेशन किआ सेल्टॉस और मारुति सुजुकी विक्टोरिस जैसी नई गाड़ियां दस्तक दे रही हैं. स्टाइल और प्रीमियम टच के साथ थार रॉक्स स्टार एडिशन ग्राहकों को एक नया विकल्प देने का काम करेगी.    

पैसों से ऊपर सिद्धांत: सुनील शेट्टी ने छोड़ा 40 करोड़ का ऑफर, वजह बना परिवार

मुंबई      बॉलीवुड के कई सितारे तंबाकू और शराब के ब्रांड्स का ऐड करते हैं. जिसे लेकर काफी बहस छिड़ चुकी हैं. ऐसे ऐड्स से भारी पैसे मिलते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग होती है. लोग कहते हैं कि पब्लिक फिगर होने के नाते सितारों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए. खासकर युवाओं पर उनके असर को देखते हुए. लेकिन बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने करोड़ों के तंबाकू ऐड को ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि वो ऐसी चीज को प्रमोट नहीं करेंगे, जिसमें उनका यकीन नहीं है.  सुनील शेट्टी ने क्यों ठुकराया तंबाकू ऐड  सुनील बॉलीवुड के वो एक्टर हैं जिन्होंने कभी तंबाकू ब्रांड्स को प्रमोट नहीं किया. इसके लिए उन्हें भारी रकम भी ऑफर की गई थी. PeepingMoon के पॉडकास्ट में उन्होंने इसकी वजह बताई है. सुनील शेट्टी ने बताया कि मैं अपनी सेहत का आभारी हूं. मेरे शरीर ने ही मुझे फिल्म बिजनेस में मौका दिया. अगर मैं इसे अपनी पूजा स्थली न समझूं, तो खुद से नाइंसाफी करूंगा.  आगे उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के लिए क्या विरासत छोड़ूंगा? आज मैं सिनेमा या बॉक्स ऑफिस में रेलेवेंट न भी रहूं, फिर भी 17-20 साल के लड़के-लड़कियां मुझे इतना प्यार और सम्मान देते हैं. ये कमाल की बात है. 40 करोड़ हुए थे ऑफर  सुनील शेट्टी ने खुलासा किया कि उन्हें 40 करोड़ का तंबाकू ऐड ऑफर हुआ था. उन्होंने कहा, मुझे 40 करोड़ का तंबाकू ऐड ऑफर हुआ. मैंने उनसे कहा, क्या तुम्हें लगता है मैं फंस जाऊंगा? मैं नहीं फंसूंगा. शायद पैसे की जरूरत थी, लेकिन नहीं. मैं वैसी चीज नहीं करूंगा, जिसमें मेरा यकीन न हो. क्योंकि ये अहान, अथिया और राहुल पर, सब पर दाग लगा देगा. उसके बाद किसी ने मुझे अब तक ऑफर ही नहीं किया.  सुनील शेट्टी से पहले भी कई सितारे तंबाकू ब्रांड्स को प्रमोट करने से मना कर चुके हैं. दूसरी ओर अक्षय कुमार और अजय देवगन को पान मसाला ब्रांड्स के ऐड्स के लिए ट्रोलिंग झेलनी पड़ चुकी है. सोशल मीडिया यूजर्स और फैंस का कहना था कि फिटनेस लवर अक्षय को चबाने वाले तंबाकू का ऐड नहीं करना चाहिए.   

सीएम योगी बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान

मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: सीएम योगी  – सीएम योगी पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में हुए शामिल – बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान  – हर कार्य के लिए सरकार पर निर्भर रहना उचित नहीं, स्वयंसेवकों की भागीदारी से बढ़ेगी कार्यक्षमता – वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया चल रही, आवश्यक होने पर आपदा मित्र के रूप में किया जाएगा प्रशिक्षित  लखनऊ, देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता आंदोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर नेताजी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह शानदार मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान कही।  हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने स्वीकार किया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी के आंदोलन के दौरान देश को दिया था। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। भारत की नारी शक्ति की सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड का गठन कर देश को उस समय ही महिला शक्ति की ताकत से अवगत कराया था। भारत के अंदर हो या विदेश में, जहां-जहां नेताजी रहे, उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए जो योगदान दिया, हर भारतवासी उसके प्रति कृतज्ञ है और एक राष्ट्रनायक के रूप में उन्हें सम्मान देता है। सीएम ने कहा कि आज का यह मॉक ड्रिल हम सभी को सम और विषम परिस्थितियों के प्रति हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा देता है। युद्धकाल हो या शांति काल, आपदा हो या आकस्मिक दुर्घटना हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है। इसी महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा संगठन का गठन किया गया। सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा संगठन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब सभी 75 जिलों में भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर बढ़ रही है। साइरन लग चुके हैं और इस तरह के मॉक ड्रिल कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में हर काम के लिए सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता। स्वावलंबन की पहली शर्त यही है कि हम अपने देश और समाज के प्रति भी सोचें और सरकार के साथ मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएं, जिससे कार्यों की गति कई गुना बढ़ सके। इसी सोच के साथ नागरिक सुरक्षा संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों के माध्यम से यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है और आज 75 जिलों में मॉक ड्रिल हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब नागरिक सुरक्षा संगठन केवल शांति काल में पर्व और त्योहारों तक सीमित नहीं है। पर्व-त्योहार, बाढ़ या अन्य आपदा, कोई घटना-दुर्घटना, बड़े आयोजन में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना या फिर यदि देश पर दुश्मन द्वारा युद्ध थोपा गया हो तो युद्धकाल में समाज की व्यवस्था संभालने, हर परिस्थिति में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह क्षमता आज प्रस्तुत की गई है। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है और इसे निरंतर हमारी प्रैक्टिस का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें युद्ध के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के लिए, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और यदि दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को समय पर उपचार दिलाने के लिए निरंतर अभ्यास करना होगा। पीड़ित का जीवन अमूल्य है और ‘गोल्डन आवर’ की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश में एसडीआरएफ के माध्यम से ‘आपदा मित्रों’ की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आपदा मित्र के रूप में जो स्वयंसेवक कार्य करेंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और आवश्यक होने पर उन्हें आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में होमगार्ड स्वयंसेवक मौके पर राहत कार्यों में बड़ा सहयोग कर सकता है और हम सबको इनके महत्व के प्रति जागरूक रहना चाहिए। आज के समय में विकास तीव्र गति से बढ़ रहा है, टूरिज्म तेजी से बढ़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक हुआ है। ऐसे में हाईराइज बिल्डिंग में यदि कहीं अग्निकांड जैसी घटना हो जाए, तो नागरिक सुरक्षा संगठन या आपदा मित्र फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कैसे योगदान दे सकते हैं, इसके लिए नियमित मॉक ड्रिल जरूरी है। केवल संकट पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, सामान्य जीवन में भी हमेशा तैयार रहना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन की मदद के लिए खड़ा हो जाए, तो समाज के सहयोग से जनहानि और धनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल संकट आने पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में भी हमेशा इसके लिए तैयार रहना होगा, तभी सफलता मिलेगी।    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, … Read more

अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग! ISRO ने किया ड्रीम प्रोजेक्ट का आगाज़

बेंगलुरु  भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपने स्‍वदेशी स्थायी स्पेस स्टेशन के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो-ISRO) ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station – BAS) की आधारशिला रखने की प्रक्रिया तेज कर दी है. योजना के अनुसार, इसका पहला मॉड्यूल वर्ष 2028 तक अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, जबकि 2035 तक इसे पूरी तरह से वर्किंग स्‍पेस स्‍टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) ने हाल ही में भारतीय कंपनियों से ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EoI) जारी कर BAS-01 नामक पहले मॉड्यूल के निर्माण में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है. यह पहली बार है जब भारत ने अपने स्थायी मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण की दिशा में औपचारिक और ठोस कदम उठाया है. यह स्टेशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, लेकिन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और संसाधनों के बल पर. ISRO के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के बाद अगला कदम है. गगनयान के जरिए भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा तक भेजने की तैयारी कर रहा है, जबकि BAS के माध्यम से लक्ष्य अंतरिक्ष में लंबे समय तक इंसानी उपस्थिति स्थापित करना है. सरल शब्दों में कहें तो भारत अब केवल अंतरिक्ष में जाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वहां रहकर वैज्ञानिक शोध और तकनीकी प्रयोग भी करेगा. क्‍या है BAS-01 मॉड्यूल? BAS-01 मॉड्यूल का स्‍ट्रक्‍चर अल्‍ट्रा मॉडर्न होगा. प्रत्येक मॉड्यूल का व्यास लगभग 3.8 मीटर और ऊंचाई करीब 8 मीटर होगी. इन्हें हाई-पावर्ड एल्यूमिनियम एलॉय (AA-2219) से तैयार किया जाएगा, जो ह्यूमन मिशनों के लिए मान्यता प्राप्त सामग्री है. ISRO ने स्पष्ट किया है कि इन मॉड्यूल्स को वही सुरक्षा और गुणवत्ता मानक पूरे करने होंगे, जो गगनयान मिशन के लिए अनिवार्य हैं, क्योंकि भविष्य में अंतरिक्ष यात्री इन्हीं मॉड्यूल्स के भीतर रहकर काम करेंगे. क्‍या है ISRO की योजना? ISRO ने दो पूर्ण सेट मॉड्यूल धरती पर तैयार करने की योजना बनाई है, ताकि परीक्षण और गुणवत्ता मूल्यांकन के बाद सर्वश्रेष्ठ हार्डवेयर को अंतरिक्ष में भेजा जा सके. यह कार्य सामान्य निर्माण प्रक्रिया से कहीं अधिक जटिल है. कंपनियों को विशेष वेल्डिंग तकनीकों का विकास करना होगा और हाई स्‍टैंडर्ड का पालन करना होगा. आधे मिलीमीटर की भी त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी. इसके अलावा प्रेशर टेस्ट, लीक टेस्ट और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग जैसी कठोर प्रक्रियाओं से गुजरना अनिवार्य होगा. पूरी तरह से स्‍वदेशी इस परियोजना की एक खास बात यह है कि यह पूरी तरह भारतीय प्रयास होगा. सरकार की ओर से उत्पादन सुविधाएं स्थापित करने के लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी और न ही किसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को आउटसोर्स करने की अनुमति होगी. इसरो कंपनियों को कच्चा माल, तकनीकी ड्रॉइंग और थ्री-डी मॉडल उपलब्ध कराएगा, लेकिन हाई क्‍वालिटी वाला हार्डवेयर समय पर तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी सेलेक्‍टेड कंपनियों की होगी. स्‍पेस स्‍टेशन क्‍यों जरूरी? ISRO का मानना है कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन देश के वैज्ञानिक और तकनीकी भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा. यहां माइक्रोग्रैविटी में दीर्घकालिक प्रयोग किए जा सकेंगे (मानव शरीर पर अंतरिक्ष वातावरण के प्रभावों का अध्ययन होगा और नई तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा) जो भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक होंगी. यदि तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो 2028 तक भारत का पहला स्पेस स्टेशन मॉड्यूल पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित हो सकता है. यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा करेगी, जिन्होंने न केवल अंतरिक्ष में मानव भेजा है, बल्कि वहां स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने की क्षमता भी हासिल की है. यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक नया अध्याय होगा और आने वाले दशकों में देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक बनेगा.

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 कार्यक्रम का शनिवार से आयोजन

राज्य की विकास यात्रा, संस्कृति और स्वाद का भव्य जनोत्सव होगा 'उत्तर प्रदेश दिवस-2026' ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 कार्यक्रम का शनिवार से आयोजन फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड में भी मनाया जाएगा यूपी दिवस, प्रदेशवासियों को किया जाएगा सम्मानित गृह मंत्री अमित शाह करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन, ओडीओसी की प्रदर्शनी होगी मुख्य आकर्षण लखनऊ उत्तर प्रदेश प्रतिवर्ष अपनी स्थापना के गौरवशाली दिन को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के रूप में 24 जनवरी को मनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, इस वर्ष ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश भर में मनाया जाएगा तथा राज्य की प्रगति यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनोत्सव बने, जिसमें प्रदेश के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत आत्मा के साथ-साथ विकास यात्रा की भी झलक मिले। ऐसे में, इस विशिष्ट आयोजन के माध्यम से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी। गृह मंत्री अमित शाह करेंगे यूपी दिवस-2026 का उद्घाटन उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का मुख्य समारोह लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्र सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। देश भर से आमंत्रित गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। लखनऊ में मुख्य समारोह के आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विकास प्रदर्शनियां और जनभागीदारी वाले आयोजन किए जाएंगे। वहीं, मुख्य समारोह का दूरदर्शन के माध्यम से पूरे प्रदेश में लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे प्रदेश का जन-जन यूपी दिवस के इस आयोजन का सहभागी बन सकेगा। ओडीओसी योजना होगी यूपी दिवस का मुख्य आकर्षण इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री योगी द्वारा घोषित ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना होगी। ओडीओसी योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के एक पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजन को चुना गया है। इस विशिष्ट आयोजन में प्रदेश के सभी ओडीओसी व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के भोजन की विविधता को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगी। यह यूपी के स्वाद को यूपी की पहचान बनाने का माध्यम बनेगी। साथ ही यूपी दिवस के अवसर पर ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत शिल्पकारों के उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जाएगा। इसके अलावा जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को भी ट्रेड शो की तर्ज पर प्रदर्शित किया जाएगा। यूपी गौरव 2025-26 सम्मान का किया जाएगा वितरण हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश दिवस के समारोह में ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ का वितरण किया जाएगा। इस वर्ष शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण तथा अंतरिक्ष विज्ञान में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच विभूतियों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना की औपचारिक लॉन्चिंग तथा सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन योजना का शुभारंभ करेंगे। विविध प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनियों और शिल्प मेलों का आयोजन किया जाएगा। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की झलक देखने को मिलेगी। लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश भर में आयोजित संस्कृति उत्सव 2025-26 के कार्यक्रमों को भी इससे जोड़ा जाएगा। प्रत्येक जनपद में आयोजित प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, मिशन शक्ति, नवाचार तथा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा, उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, कलाकार, खिलाड़ी तथा पंचायती राज, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि एवं श्रम क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा। देश की सीमाओं के परे भी होगा यूपी दिवस का आयोजन डबल इंजन सरकार के विजन के अनुसार, इस वर्ष यूपी दिवस-2026 के आयोजन को राज्य और देश की सीमाओं से बाहर भी ले जाया जाएगा। इसके अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों के लोकभवनों में यूपी दिवस-2026 के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए एमएसएमई और पर्यटन विभाग द्वारा स्मृति-चिह्न उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से इन देशों और राज्यों में निवासरत उत्तर प्रदेश के नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। इस क्रम में, प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्री, सांसद और विधायक राज्य के प्रतिनिधि के रूप में इन देशों और राज्यों में उत्तर प्रदेश की संस्कृति और प्रगति से लोगों को परिचित कराएंगे तथा उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करेंगे। जन-जन की भागीदारी को सुनिश्चित करेगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 प्रदेश की संस्कृति, स्वाद, शिल्प और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने के साथ-साथ जन-जन की भागीदारी का सबसे बड़ा मंच बने। ऐसे में, यह उत्सव प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य का पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहयोग से यूपी दिवस के आयोजन को गरिमापूर्ण, अनुशासित और भव्य बनाने की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर चुका है। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का उत्सव होगा, बल्कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा। पूरे प्रदेश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का यह जनोत्सव प्रदेश की एकता और प्रगति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति भी रहेगी। … Read more

3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड

त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले का बसंत पंचमी स्नान पर्व सकुशल संपन्न 3.56 करोड़  श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से श्रद्धालुओं में ऊर्जा का संचार माघ मेले में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं पुण्य की डुबकी महाकुंभ 2025 की बसंत पंचमी स्नान पर्व से ज्यादा माघ मेले की बसंत पंचमी में हुआ स्नान पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहित सभी प्रमुख संतों ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी कल्पवासी और किन्नर अखाड़े के संतों ने भी किया बसंत पंचमी का स्नान सीएम योगी ने दी श्रद्धालुओं को बधाई, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करने की माँ गंगा से की प्रार्थना प्रयागराज  प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बसंत पंचमी स्नान पर्व का आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। बसंत पंचमी स्नान पर्व में 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से माघ मेले में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व बसंत पंचमी पर त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि बसंत पंचमी में पुण्य स्नान के इस आंकड़े ने महाकुंभ 2025 की श्रद्धालुओं की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है। उनका यह भी कहना है कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। संगम के घाटों पर उमड़ी आस्था की इस लहर से सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था का पता चलता है। शंकराचार्य सहित प्रमुख संतो ने भी किया पुण्य स्नान माघ मेला के चौथे स्नान पर्व  पर कल्पवासियों सहित मेला क्षेत्र में साधना रत सभी प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने पुण्य की डुबकी लगाई। पूर्वाम्नाय श्री गोवर्द्धनमठ – पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूरी सादगी और आस्था के साथ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में पुण्य स्नान किया। इसके अलावा सभी दंडी स्वामी संतो, रामानंदी और रामानुजाचारी संतों ने भी बसंत पंचमी में गंगा और त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई। किन्नर अखाड़े के सदस्य भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ संगम तट पहुंचे और बसंत पंचमी का पुण्य स्नान किया।  सीएम योगी ने श्रद्धालुओं को दी बधाई माघ मेले के बसंत पंचमी स्नान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है। सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी में पुण्य स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। पावन संगम में 'आस्था की डुबकी' सभी के लिए शुभ-फलदायी हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों, माँ गंगा से यही प्रार्थना है।

यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान

सीएम युवा योजना में जौनपुर अव्वल, सीएम योगी करेंगे सम्मानित यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान जौनपुर में सर्वाधिक 3,315 युवाओं को दिया गया सीएम युवा योजना का लाभ दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई लखनऊ  सीएम युवा योजना का लाभ शत-प्रतिशत देने में पिछले कई माह से पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर प्रथम स्थान पर है, जबकि 22 जनवरी तक दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी दिवस के अवसर पर सीएम युवा योजना का सबसे अधिक लाभ देने वाले जौनपुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन आ चुके हैं, जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख लोन वितरण का लक्ष्य रखा है। साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वे इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक पूरे प्रदेश से 3,34,337 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि 2,81,277 आवेदनों को बैंकों को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 1,06,772 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है, जबकि 1,03,353 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है। जौनपुर ने 3,315 युवाओं को किया लोन वितरित मुख्यमंत्री युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,500 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 8,240 आवेदन प्राप्त हुए,  जिसमें 7,033 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया। इनमें से 3,315 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष लोन वितरण का अनुपात 132 प्रतिशत से अधिक है। पूरे प्रदेश में जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक युवाओं को योजना का लाभ देकर पहला स्थान प्राप्त किया है। सीएम योगी यूपी दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जौनपुर जिले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ   आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा को देने के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स व आवेदकों की आमने-सामने काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। 22 जनवरी तक योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में आजमगढ़ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 लोन वितरण का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 7,315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया, जिसमें से 3,219 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्यप्राप्ति का अनुपात 128.76 प्रतिशत रहा।  हरदोई, अंबेडकरनगर, झांसी, कौशांबी, बहराइच व रायबरेली का भी रहा शानदार प्रदर्शन हरदोई जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,800  लोन वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 10,930 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8,449 आवेदनों को बैंक को भेजा गया,  जिसमें से 2,628 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में कौशांबी, बहराइच, रायबरेली और महराजगंज का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

औरैया बना मॉडल जिला, आवासीय नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

आवासीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योगी सरकार की नई पहल औरैया बना मॉडल जिला, आवासीय नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य प्रदेश में ग्रीन एनर्जी व सतत विकास के लिए निरंतर नवाचार कर रही योगी सरकार, अन्य जिलों में भी लागू हो सकता है औरैया मॉडल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में औरैया जनपद ने आवासीय सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण व दूरदर्शी कदम उठाते हुए प्रदेश के लिए मॉडल प्रस्तुत किया है। औरैया जिले में रणनीतिक निर्णय के तहत अब नए बनने वाले आवासीय भवनों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया में सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बिजली की बचत करना है, बल्कि पर्यावरण व जल संरक्षण भी सुनिश्चित करना है। स्वच्छ ऊर्जा का दायरा होगा व्यापक प्रस्ताव के अंतर्गत संबंधित नगर पालिकाएं, नगर निगम एवं नगर पंचायतें अपनी बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित कर इस व्यवस्था को लागू कर सकती हैं। नक्शा स्वीकृति के बाद भवन निर्माण में सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन प्रणाली का क्रियान्वयन अनिवार्य होगा। इससे शहरी व ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी का दायरा भी व्यापक होगा। अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल औरैया जनपद की इस पहल को अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय बताया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि सभी जनपदों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेकर शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों के स्तर पर आवासीय सौर ऊर्जा का प्रयोग बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1191.64 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 50 लाख यूनिट कार्बनमुक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के माध्यम से आम नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग 3.25 करोड़ रुपये की बिजली बचत का लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और लगभग 50  हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही सोलर रूफटॉप मॉडल के कारण लगभग 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण संभव हो सका है, जिसे अब अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मज़बूत हो रही है। योगी सरकार का मानना है कि औरैया का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू होने से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल

सरलीकृत नीतियों व तेज फैसलों से योगी सरकार ने कारोबार के लिए आसान बनाया उत्तर प्रदेश एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल नियमों की जटिलता से मुक्ति दिलाकर निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों से उद्योगों को मिला समय, संसाधन और आत्मविश्वास पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रणाली ने निवेशकों का भरोसा किया मजबूत नीति निर्माण से लेकर जमीन पर क्रियान्वयन तक दिखा सरकार का प्रो-एक्टिव अप्रोच व्यवसाय के अनुकूल माहौल से रोजगार सृजन को मिली नई रफ्तार, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित समाधान बने कारोबार की रीढ़ स्थिर नीति, सुरक्षित वातावरण और आसान प्रक्रियाएं बनीं यूपी की नई पहचान लखनऊ  एक समय था जब उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने का विचार आते ही फाइलों के अंबार, जटिल नियम और विभागों के चक्कर आंखों के सामने आ जाते थे। निवेशक संभावनाएं देखते थे, लेकिन प्रक्रियाओं की जटिलता उन्हें रोक देती थी। आज वही उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की मिसाल बनकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुनियोजित, निर्णायक व निरंतर सुधारों का परिणाम है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधारों से आता है। इसी सोच के साथ व्यापारिक वातावरण को सरल, पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने की यात्रा शुरू हुई। 12वें पायदान से देश के शीर्ष राज्यों तक ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग इस बदलाव की सबसे ठोस गवाही देती है। वर्ष 2017-18 में बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें स्थान पर था। लेकिन सुधारों की रफ्तार इतनी तेज रही कि वर्ष 2019 में प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। वर्ष 2021 के गुड गवर्नेस इंडेक्स में वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर यह साबित किया कि सुधार केवल कागज़ों तक सीमित नहीं। इसके बाद 2022 और 2024 में उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी 2022, 2023 और 2024 में राज्य ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा।  सुधारों की लिखी गई नई इबारत बीआरएपी 2024 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को तीन अहम क्षेत्रों, उद्यम स्थापना, श्रम विनियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और भूमि प्रशासन में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह मान्यता उस नीति का परिणाम है, जिसमें सरकार ने औद्योगिक अवरोधों को पहचान कर उन्हें दूर करने पर फोकस किया। वर्ष 2024 के बाद बीआरएपी व बीआरएपी-प्लस  के तहत सरकार ने 24 क्षेत्रों में 426 बड़े सुधार लागू किए। उद्यम स्थापना से लेकर भूमि सुधार, श्रम पंजीकरण, पर्यावरण स्वीकृतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निर्माण अनुमति तक हर चरण को सरल और समयबद्ध बनाया गया। निवेश मित्र एक पोर्टल, अनगिनत समाधान इन सुधारों की धुरी बना ‘निवेश मित्र’, भारत के सबसे बड़े डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल्स में एक। इस पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों को 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पोर्टल नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी एकीकृत है, जिससे राज्य और केंद्र की प्रक्रियाएं एक-दूसरे से जुड़ गई हैं। निवेश मित्र की सबसे बड़ी सफलता इसकी दक्षता है। लाइसेंस से जुड़े आवेदनों में 97 प्रतिशत से अधिक निस्तारण दर और अब तक 20 लाख से अधिक डिजिटल स्वीकृतियां, ये आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम केवल मौजूद नहीं है, बल्कि काम भी कर रहा है। मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की जमीन पर तस्वीर योगी सरकार ने तय किया कि लाइसेंस व स्वीकृतियों के लिए कोई भी भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा। सभी आवेदन केवल निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ही लिए जाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुईं। यूजर फीडबैक के अनुसार, निवेश मित्र से जुड़े 96 प्रतिशत उपयोगकर्ता संतुष्ट हैं। यह डिजिटल गवर्नेंस में जनता के भरोसे का प्रमाण है। ‘निवेश मित्र 3.0’ के जरिए भविष्य की तैयारी सरकार यहीं नहीं रुकी है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से लैस होगा, जिसमें रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, शिकायत निवारण और व्हाट्सएप, ईमेल व ऐप के जरिए त्वरित सूचना व्यवस्था शामिल होगी। ‘निवेश मित्र 3.0’ को आईजीआरएस, निवेश सारथी, ओआईएमएस, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड ‘दर्पण’ से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत और अत्यंत कुशल डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा। नियम कम, भरोसा ज्यादा नियामक अनुपालनों को सरल करना योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लगभग 65 विभागों में 4,675 नियामक अनुपालनों को कम किया गया, 4,098 को सरल व डिजिटल किया गया। 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त किया गया और 948 पुराने अधिनियमों, नियमों-विनियमों को निरस्त कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश में व्यापार के लिए उप्र दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम-1962 के तहत पंजीकरण ही पर्याप्त है। ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है। कारोबार में डर नहीं, विश्वास का माहौल अग्निशमन, श्रम, परिवहन और विधिक माप विज्ञान विभागों के तहत कई अपराधों को डिक्रिमिनलाइज कर दिया गया है। औद्योगिक शांति अधिनियम के अंतर्गत कारावास के प्रावधान को हटाना सरकार के विश्वास और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ जनसंख्या या भूगोल के कारण नहीं, बल्कि स्थिर नीतियों, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।