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एमपी में ठंड की वापसी, कई जिलों में कोहरा; 27-28 जनवरी में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सर्दी और कोहरे के बीच गुजर रहे दिनों के बाद अब प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को राज्य के लगभग आधे हिस्से के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इसकी वजह उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है, जिसका असर अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। रविवार को कई जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में दिख रहा नए सिस्टम का असर पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने सर्दी को और तीखा कर दिया। यही मौसम प्रणाली अब मध्य प्रदेश में भी असर दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बीते 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल अंचल के कुछ जिलों में बारिश भी दर्ज की गई है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड के इलाकों में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौती भरा हो गया। भोपाल समेत आसपास के जिलों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को भी कई जगहों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक का एहसास बना रहा। रायसेन में तापमान गिरा, फिर लौटी कड़ाके की ठंड हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड तक हुई बर्फबारी के असर से रायसेन जिले में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। शनिवार दोपहर से मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बर्फीली हवाओं ने लोगों को फिर से सर्दी का एहसास कराया। मौसम में इस बदलाव के बाद दिन के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। शनिवार को यह 27 डिग्री से घटकर 24 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह, रात के न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जो 14 डिग्री से गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। कोहरे के कारण लोग घरों से नहीं निकले रविवार सुबह जिले में बर्फीली हवाओं के साथ कोहरा छाया रहा, लोगों देर तक घरों में कैद रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट या उतार-चढ़ाव की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। महीने के अंत में फिर ठंड की दस्तक मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तेज ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन जनवरी के आखिरी दिनों में सर्दी का एक और दौर देखने को मिल सकता है। शनिवार शाम नरसिंहपुर के सालीचौका इलाके में अचानक हुई तेज बारिश ने लोगों को चौंका दिया, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सुबह कोहरा, दिन में बादल बढ़ाएंगे परेशानी प्रदेश के कई जिलों में आज सुबह के समय घना और मध्यम कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, रीवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क पर चलना चुनौतीपूर्ण हो गया। भोपाल और आसपास के इलाकों में भी हल्का कोहरा छाया रहा। शनिवार को कई स्थानों पर तेज हवाएं चलीं और दिनभर बादल बने रहे, जिससे ठंडक बनी रही। नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सीधी, रायसेन, उज्जैन, दमोह, सतना, उमरिया, राजगढ़, ग्वालियर, गुना, छिंदवाड़ा, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सागर, मलाजखंड में भी कोहरा छाया हुआ है। दूसरी ओर, कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री पहुंच गया। दतिया में 7.4 डिग्री, गुना में 7.7 डिग्री, पचमढ़ी-श्योपुर में 8.4 डिग्री, नौगांव में 9 डिग्री और रतलाम-रीवा में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 11.9 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15 डिग्री रहा। दो दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट प्रदेश के आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) स्ट्रॉन्ग है। यह एमपी में भी असर दिखाएगा। इससे पहले ग्वालियर-चंबल में बादल-बारिश और कोहरे वाला मौसम है। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल के अनुसार, उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। वहीं, एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ की भी एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश हुई। एक दिन पहले भी छाए रहे बादल एक दिन पहले शनिवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से ज्यादा जिलों में तेज हवाएं चली। भोपाल में दिन में बादल भी छाए रहे। शनिवार को नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में देर शाम 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्वालियर-चंबल के जिलों में हुई बारिश  मौसम विभाग के मुताबिक, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब एमपी में असर दिखाएगा। इसका सबसे पहला असर ग्वालियर-चंबल संभाग में दिख रहा है, जहां बादल, हल्की बारिश और घना कोहरा बना हुआ है। वहीं उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर नरसिंहपुर एवं ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश … Read more

बॉयफ्रेंड के साथ जंगल घूमने गई थी युवती, तभी आए दो लोग और फिर

सागर   सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में एक युवती संग गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामला 20 जनवरी का है। युवती का कथित तौर पर गैंगरेप तब किया गया जब वह अपने एक दोस्त के साथ जंगल घूमने गई थी। पीड़िता की उम्र 20 साल के आसपास है। युवती दोस्त संग जंगल में जब एक जगह बैठी हुई थी इसी दौरान दो व्यक्ति जंगल के भीतर से ही उनके पास आए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने इस दौरान युवती के दोस्त को पीटकर भगा दिया और फिर उसे घसीटकर जंगल के भीतर ले गए। इस दौरान युवती चीखती चिल्लाती रही और दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसका रेप किया। रेप करने के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। इसके बाद युवती किसी तरह जंगल के नजदीक मौजूद सड़क तक पहुंचने में कामयाब रही और उसने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक युवती के साथ 20 जनवरी को गैंगरेप हुआ और उसी रात आरोपियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज हो गई थी। रेप करने के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। कोर्ट में पेश किया गया पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। पीड़िता का बयान दर्ज अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच की गई है और बयान भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी जंगल के पास स्थित एक छोटी बस्ती में रहते हैं। आरोपियों की पहचान रानू उर्फ ​​जयगोपाल गौर (27) और सुंदर भगवान दास (26) के रूप में हुई है।

तराना में दो गुटों के संघर्ष ने मचाई दहशत, सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद 25 दंगाइयों को गिरफ्तार, रासुका लगाई

तराना  तराना में बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने में पुलिस-प्रशासन को तीन दिन लग गए। शनिवार को हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने शांति बहाल होने का दावा किया। पुलिस के अनुसार अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही माहौल बिगाड़ने में शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है। 22 जनवरी गुरुवार रात से तराना में हालात बेकाबू हो गए थे। उपद्रवियों ने 12 बसें, 10 से अधिक कारें और कई बाइकें तोड़ दीं। एक दुकान, बस और आरामशीन टाल को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों पर जमकर पथराव हुआ। करीब 72 घंटे बाद शनिवार को स्थिति पूरी तरह शांत हुई। पुलिस ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बलराम जोशी मार्ग पर घरों में की गई तोड़फोड़ और पथराव को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी शक्तिबाला जोशी की शिकायत पर छह से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिह्नित आरोपियों की तलाश जारी है। नुकसान व कामधंधा भी प्रभावित : तराना में उपद्रव की घटना से स्थानीय रहवासी दहशत में हैं। घरों पर पथराव हुआ और वाहन तोड़ दिए गए। पीड़ितों का कहना है कि दो गुटों की आपसी रंजिश में पूरा नगर सुलग उठा। करीब 12 बसों और 10 कारों में तोड़फोड़ से लाखों का नुकसान हुआ। बस मालिक खालिक शाह ने एक बस में आग लगने से चार लाख से अधिक के नुकसान की बात कही। तीन दिन बाद बाजार खुले, लेकिन रौनक गायब रही। शाम को हिंदुवादी संगठनों ने थाना पहुंचकर कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब सौहार्द और शांति की अपील शहर काजी सफीउल्लाह ने नगर में शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। विधायक महेश परमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमन-चैन और भाईचारे की बात कही। पूर्व भाजपा विधायक ताराचंद गोयल ने प्रशासन पर भरोसा जताया। तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज (जूना अखाड़ा) ने नगर की प्राचीन परंपरा शांति, सामंजस्य और सद्भाव से रहने की याद दिलाते हुए संयम बरतने की अपील की। बाजार खुल गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके आपराधिक रिकाॅर्ड है और माहौल खराब करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रासुका के तहत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। – प्रदीप शर्मा, एसपी 

पंजाब सीएम का ऐलान, नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार से

चंडीगढ़ महाराष्ट्र के नांदेड़ में तख़्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब में श्रद्धा के साथ माथा टेकते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगर सिखों और विशेष रूप से समूची मानवता के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह स्मरण कराते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबानों के दर्शन के व्यापक प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कलगीधर पातशाह जी के पवित्र स्थान पर भी माथा टेका और इस धार्मिक स्थल के प्रबंधकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने पहुँचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ भी देखी, जो पंथ, उसकी ऐतिहासिक संस्थाओं और उनसे प्रेरणा लेने वाले लोगों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए पवित्र स्थल है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इस पवित्र नगरी में व्यतीत किया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी—जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए—का 350वां शहीदी दिवस गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। पिछले वर्ष लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने तीन शहरों, जहाँ सिखों के तख़्त साहिब स्थित हैं, को पवित्र शहर घोषित किया था। उन्होंने कहा कि वाल्ड सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने संबंधी आधिकारिक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे विश्व भर की संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज़ पर महाराष्ट्र सरकार को भी नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब में स्थित पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही नांदेड़ में श्रद्धालुओं के लिए वेरका दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। देश के लिए पंजाबियों के योगदान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा की बात हो या बलिदान देने की, पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहते हैं। यह गर्व की बात है कि किसी भी आपदा के समय पंजाबी अक्सर रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं से भी पहले जरूरतमंदों की सेवा के लिए मौके पर पहुँच जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार का कर्तव्य है कि वह युवा पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिबानों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखे। उन्होंने कहा कि हम महान गुरु साहिबानों के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जिन्होंने मानवता को अत्याचार, दमन और अन्याय के विरुद्ध खड़े होना सिखाया और ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ियों को गुरु साहिबानों के जीवन, दर्शन और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानियों से जोड़ना है। इस दौरान तख़्त श्री हज़ूर साहिब में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति, विकास और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि तख़्त श्री हज़ूर साहिब सिख धर्म के पाँच सर्वोच्च स्थलों में से एक है, जो समुदाय के लिए आध्यात्मिक, दिव्य और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सिखों के अन्य चार तख़्त—अमृतसर में श्री अकाल तख़्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख़्त श्री केशगढ़ साहिब, तलवंडी साबो में तख़्त श्री दमदमा साहिब तथा बिहार में तख़्त श्री पटना साहिब—स्थित हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की स्थापना, मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अतुलनीय योगदान दिया तथा इन आदर्शों के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग नांदेड़ साहिब की पवित्र धरती पर व्यतीत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें पंजाब के लोगों की और अधिक विनम्रता व समर्पण भाव से सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत उन्होंने जाति, रंग, नस्ल और धर्म के किसी भी भेदभाव के बिना लोगों की सेवा करने तथा एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।  

हरियाणा में फिर झमाझम बरसेंगे मेघ

हिसार. पहाड़ों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। बीते दो दिनों में हुई वर्षा और तेज हवाओं ने तापमान को तेजी से नीचे गिराया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण 27 जनवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना है। इसी बीच शुक्रवार रात को हिसार प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफेद चादर में लिपटी प्रकृति शुक्रवार को प्रदेशभर में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद शनिवार सुबह जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप रहा। भीषण सर्दी के चलते गांव बड़ोपल के खेतों में पाला जम गया जिससे सफेदे के पौधों पर ओस की बूंदें जम गईं। किस जिले में कौन सा अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत यलो अलर्ट: पंचकूला, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, पलवल 29 जनवरी तक परिवर्तनशील रहेगा मौसम हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में मौसम आमतौर पर 29 जनवरी तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की वर्षा हो सकती है। इस दौरान हल्की से मध्यम गति की ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। 10 से 12 डिग्री तक गिरा तापमान भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार वीरवार रात और शुक्रवार को हुई वर्षा के बाद तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले दिन का तापमान 25 डिग्री और रात का तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया था। हिसार के अलावा नारनौल, भिवानी, महेंद्रगढ़, सिरसा और सोनीपत में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।

अकाली सरकार के विकास कार्यों को विधानसभा क्षेत्रों में गिनाएगी आम आदमी पार्टी

चंडीगढ़. 2007 से लेकर 2017 तक अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों को लेकर मास कांटेक्ट प्रोग्राम के तहत हर विधानसभा हलके में जाने का शिरोमणि अकाली दल ने फैसला लिया है। आज यहां जिला प्रधानों और हलका प्रभारियों के साथ बैठक के बाद में यह फैसला लिया गया। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल की प्रधानगी में हुई बैठक में यह भी कहा गया कि हर हलके रैलियां की जाएंगी और लोगों के पास जाकर न केवल अपनी सरकार की प्राप्तियों के बारे में बताया जाएगा बल्कि आप सरकार की नकारात्मक कार्यवाहियों को भी उनके सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता डा दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मास कांटेक्ट प्रोग्राम फरवरी महीने से शुरू होगा जिसमें हलका वाइस बड़ी रैलियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन रैलियों को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल और पार्टी के अन्य बड़े सीनियर लीडर संबोधित करेंगे। एक सप्ताह में चार रैलियां करने का कार्यक्रम रखा गया है लेकिन इन की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपनी सरकार के दौरान हुए डेवलपमेंट के काम और इस सरकार में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और प्रापर्टियों को बेचने का मुद्दा उभारा जाएगा। इन सभी मुद्दों को लेकर हम लोगों की कचहरियों में जाएंगे। सेहत बीमा योजना के नाम पर लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा डॉ. चीमा ने कहा की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लोगों को मूर्ख बनाने के लिए है। इसका मकसद चुनाव के लिए सिर्फ लोगों का डाटा एकत्रित करना है। अगर सब को बीमा की सुविधा मिलनी है तो फिर फार्म क्यों भरवाए जा रहे हैं। अगर फार्म भरवाए जाने हैं तो उन पर आम आदमी पार्टी के नेता के हस्ताक्षर की क्या जरुरत है? चीमा ने कहा कि योजना चलाने के लिए पैसा ही नहीं है। एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा कि आपरेशन प्रहार भी लोगों को गुमराह करने के लिए है। रेलवे पटरी पर धमाका हो जाता है और अगर पुलिस इतनी सचेत और बारीकी से काम कर रही है तो धमाका कैसे हुआ? पुलिस बिना किसी सर्च वारंट के लोगों के घरों में घुस रही है। लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार ने एजेंडा सेट करने के लिए बनाया वार रूम सरकार ने एक वार रुम बना रखा है जिस का मकसद लोगों की भलाई करना नहीं बल्कि एजेंडा सेट करना है कि किस दिन कौन सा एजेंडा चला लोगों का असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। यह सिर्फ लोगों को गुमराह करने का जरिया है ताकि असली मुद्दे न उठे। पार्टी संगठन को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि आज जिला प्रधानों से का गया है कि वे सर्कल , कोर कमेटी और बूथ लेवल कमेटियों के नेताओं की नियुक्तियां दस फरवरी तक पूरी कर लें। इसके अलावा पार्टी के समस्त विंगों का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। ब्लाक समिति चुनावों में कार्यकर्ताओं ने दिखाया दमखम उन्होंने कहा कि जिला परिषद और ब्लाक समितियों के चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेहतर दमखम दिखाया है जहां भी हमारे पर्चे रद नहीं हुए वहां हमने जीत प्राप्त की है। अब स्थानीय निकाय चुनाव को भी मजबूती से लड़ा जाएगा। पंचायतों में ट्यूबवेलों के बकाया बिल लेने को लेकर डाॅ. चीमा ने कहा कि सभी पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे वित्त कमीशन ग्रांट को ट्यूबवेलों के बिल भरने पर लगाएं। डाॅ. चीमा ने कहा कि सरकार पैसा देने की बजाए अफसरों के माध्यम से बिल भरने पर लगा रही है। नियमों के मुताबिक वित्त कमीशन के पैसे को डाइवर्ट नहीं किया जा सकता।

अनन्या पांडे के बयान से उड़ी बहस, ‘प्यार अब पॉपकॉर्न जैसा…’, लिव-इन और कमिटमेंट पर सवाल

मुंबई  बदलते वक्त के साथ रिश्तों की परिभाषा में भी काफी बदल गई है, जिसकी वजह से ब्रेकअप, तलाक भी ज्यादा बढ़ गई हैं. मॉर्डन रिलेशनशिप में रिश्ते बनने से पहले टूट रहे हैं और समय के साथ-साथ लोग कमिटमेंट से भी डरने लगे हैं. हाल ही में द कपिल शर्मा शो में अनन्या पांडे ने आज के रिश्तों पर खुलकर बात की.एक्ट्रेस ने आज के प्यार की 90 के दौर के प्यार से तुलना की, उन्होंने आजकल के प्यार को पॉपकॉर्न जैसा भी बताया. उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है, जहां कुछ लोग उनकी बात को सपोर्ट कर रहे हैं तो कुछ उनकी बात से असहमति जता रहे हैं.  अनन्या पांडे को हाल ही में कार्तिक आर्यन के साथ फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी' में देखा गया था, जो एक लव स्टोरी थी. अनन्या पांडे अक्सर ही अपने बयानों के चलते सुर्खियों का हिस्सा बन जाती हैं और इस बार भी उनका बयान उनको लाइमलाइट में ले आया है. हाल ही में कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में अनन्या ने मॉर्डन वर्ल्ड के प्यार को पॉपकॉर्न लव बताया और 90 के दशक के रिश्तों को ज्यादा कमिटमेंट वाला.  मॉर्डन रिलेशनशिप में कोई इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं अनन्या ने कपिल के शो में बताया कि पहले जमाने का प्यार एक तरह से इंश्योरेंस पॉलिसी जैसा होता था, एक बार कमिटमेंट हो जाए, तो उम्र भर निभाने का इरादा रहता था. मुझे लगता है कि यही कारण है कि अब वफादारी नहीं रही. ऐसा लगता है कि प्यार अब पॉपकॉर्न जैसा हो गया है. थोड़ी सी गर्मी और लोग उछलने लगते हैं, बिल्कुल पॉपकॉर्न की तरह. लिव-इन रिलेशनशिप को समझ रहे कमिटमेंट एक्ट्रेस ने आगे कहा कि आजकल लोग लिव-इन रिलेशनशिप को कमिटमेंट समझ लेते हैं, उनको लगता है कि खर्चा शेयर करना और किराया बांटना ही कमिटमेंट है, हालांकि ये सब तो रूममेट्स भी करते हैं. जबकि आजकल फोन के पासवर्ड शेयर करने जैसी छोटी बातों पर भी ब्रेकअप हो जा रहे हैं और यही वजह है कि रिश्तों में लॉयल्टी कम होती जा रही है. सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस के इस बयान पर तरह-तरह रिएक्शन आ रहे हैं. इसके साथ ही उनकी बातों को सुनकर लोगों के बीच यह सवाल भी उठ गया है कि क्या सच में आज का प्यार इतना सेंसिटिव हो गया है और इसके पीछे की वजह क्या है?  डिजिटल दौर ने रिश्तों को कैसे बदला? आकाश हेल्थकेयर की एसोसिएट कंसल्टेंट साइकाइट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि  डिजिटल लाइफ ने हमारी कमिटमेंट को देखने की सोच बदल दी है.      डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया पर आजकल लोगों को अनगिनत ऑप्शन दिखते हैं.     जब लोगों के पास ज्यादा ऑप्शन होते हैं तो वो अपने पार्टनर से कमिट करने से घबराते हैं.     लोगों के मन में कमिटमेंट को लेकर ख्याल आते हैं कि उनको इससे अच्छा ऑप्शन मिल जाएगा.     पार्टनर को समझने की बजाय आज के दौर में रिलेशनशिप में थोड़ी-सी बोरियत होते ही आजकल लोग सीधे ब्रेकअप करने पर उतर आते हैं.       सोशल मीडिया पर ज्यादा ऑप्शन मिलने और लोगों के साथ बातें करने की वजह से इमोशनल कनेक्शन जैसे खत्म हो गया है. डॉ. शंकर का मानना है कि आज भी कमिटमेंट है, लेकिन अब वो लोगों की शर्तों और टाइमलाइन के हिसाब से आता है. पहले एक के साथ ही रिश्ता परमानेंट माना जाता था, लेकिन वो तो किसी सब्सक्रिप्शन की तरह हो गया है.  जल्दी ब्रेकअप की वजह क्या है?  साइकोलॉजी के मुताबिक, आजकल रिश्ते जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से टूट भी जाते हैं. इसके पीछे काफी सारी वजह है, जो आज के दौर में रिश्तों को कमजोर बना रही है.  सबसे बड़ा कारण तो यही है कि लोगों के दिमाग में यही चलता है कि कही इस रिश्ते की वजह से उनके हाथों से कोई दूसरा बेहतर ऑप्शन न छूट जाए.  सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज की वजह से आजकल लोग एक-दूसरे से इमोशनली अलग हो गए हैं. एक-दूसरे के साथ रहने के बाद भी लोग एक-दूसरे की फीलिंग को समझ नहीं पाते हैं. कई बार कपल एक-दूसरे की अलग सोच को इनकम्पैटिबिलिटी का नाम दे देते हैं और फिर वो बिना कोशिश किए उस रिश्ते से बाहर निकल जाते हैं.  क्या खर्चा शेयर करना ही कमिटमेंट है? अनन्या का कहना था कि साथ रहना या खर्चा बांटना इमोशनल कनेक्शन की गारंटी नहीं देता. उनकी इस बात पर डॉ. शंकर ने सहमत जताते हुए कहा, दो लोगों का साथ रहना नजदीकी ला सकता है, लेकिन सुविधा कमिटमेंट नहीं होती. जब हालात आसान न हों, तब भी रिश्ता निभाने की कोशिश ही असली कमिटमेंट होती है.

टोल टैक्स नियमों में बदलाव, सरकार ने 70% तक की बंपर छूट का ऐलान, देखें कहां मिलेगा लाभ

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने टोल टैक्स के नियम बदले हैं। इसके तहत अब 70 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। एनएचआई के नए नियम के मुताबिक, दो लेन के राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान टोल टैक्स में 70 फीसदी की छूट देने का निर्णय लिया है। सड़क यात्री टोल टैक्स का सिर्फ 30 प्रतिशत भुगतान करेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। इस नए नियम के तहत दो-लेन (पेव्ड शोल्डर सहित) वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को चार-लेन या उससे अधिक चौड़ा करने के दौरान वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से पूरा टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसमें 70 फीसदी की बड़ी कटौती की गई है। संशोधित नियमों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख से लेकर परियोजना पूरा होने तक सड़क यात्रियों को तय टोल का केवल 30 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा। यानी निर्माण के दौरान यात्रियों को टोल दरों में 70 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी। मालूम हो कि एनएचएआई हर साल टोल दरों में सात से 10 फीसदी की वृद्धि करता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह संशोधन नए साल से लागू कर दिया गया है। सरकार ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। नया नियम उन सभी वर्तमान और नई राजमार्ग परियोजनाओं पर लागू होगा, जहां दो-लेन राजमार्ग को चार-लेन या उससे अधिक में अपग्रेड किया जा रहा है। चार लेन के हाईवे पर 25 फीसदी की छूट नए नियम के अनुसार, राजमार्ग के चार-लेन से छह या आठ-लेन बनने पर टोल टैक्स में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। यानी टोल टैक्स की तय दर का 75 फीसदी भुगतान करना होगा। इसके अलावा, टोल रोड की लागत पूरी होने पर टैक्स सिर्फ 40 प्रतिशत लेने का नियम पहले से है। 25-30 हजार किमी पर चल रहा काम सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में लगभग 25 से 30 हजार किलोमीटर के दो-लेन राजमार्गों को चार-लेन में अपग्रेड किया जाना है। इसके लिए करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर माल ढुलाई का हिस्सा 40 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 80 फीसदी करने का लक्ष्य है। चार-लेन कॉरिडोर बनने से व्यावसायिक वाहनों की औसत रफ्तार 30-35 से बढ़कर 50 किमी प्रतिघंटा से अधिक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का सीएम साय ने वर्चुअल किया शुभारंभ

बीजापुर. मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करते हुए बीजापुर जिले को दो नई बस सेवाओं की सौगात दी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों में आवागमन को सुगम बनाते हुए परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिलेवासियों एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बस सेवा प्रारंभ होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सेवा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तृतीय चरण के अंतर्गत बीजापुर जिले में जिन बस मार्गों पर संचालन प्रारंभ किया गया, उनमें कचलारम से जगदलपुर (तोयनार-धनोरा मार्ग होते हुए), कोतापाल-बीजापुर-नैमेड, भैरमगढ़-गीदम (एक फेरा वापसी) प्रतिदिन कुल 190 किलोमीटर, तथा पामेड़ से बीजापुर (कोण्डापल्ली-तर्रेम-बासागुड़ा-आवापल्ली मार्ग होते हुए) कुल 104 किलोमीटर शामिल हैं। वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। ग्रामीण बस सेवा के प्रारंभ होने से बीजापुर जिले के सुदूर एवं आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ एवं नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गणतंत्र दिवस से पहले 94 जगहों पर रेड, 70 लोग पकड़े

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस से ठीक पहले राजधानी में किसी बड़ी साजिश की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर करारा प्रहार किया है. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में हाई अलर्ट के दौरान पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच-12’ के तहत एक साथ 94 जगहों पर छापेमारी कर 70 लोगों को गिरफ्तार किया है. सूत्रों के मुताबिक, 26 जनवरी को देखते हुए पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की इनपुट मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. इसी कड़ी में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने 78 विशेष टीमों का गठन कर संवेदनशील इलाकों में एक साथ कार्रवाई की. अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध वाहनों को रोका और उनकी तलाशी ली. जांच में कुछ गाड़ियों से आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें जब्त कर लिया गया. इसके अलावा अलग-अलग मामलों में पकड़े गए 70 आरोपियों के पास से हथियार, नशीले पदार्थ और नकदी भी बरामद की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए कई लोग पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकते थे. फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं थी. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘ऑपरेशन कवच-12’ का उद्देश्य गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी तरह की साजिश को नाकाम करना है. उन्होंने साफ कहा कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि 26 जनवरी का पर्व शांति और सुरक्षित माहौल में मनाया जा सके.