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सरकारी व्यवस्था का असर: धान खरीदी ने बदली महिला किसान चौती बाई की ज़िंदगी

रायपुर. धान खरीदी व्यवस्था ने बदली महिला किसान चौती बाई की ज़िंदगी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी के साथ ही छत्तीसगढ़ के गांवों में सिर्फ धान नहीं, बल्कि भरोसे, संतोष और आत्मविश्वास की नई फसल भी लहलहा उठी है। शासन की किसान-हितैषी नीतियों का जीवंत प्रमाण हैं धमतरी जिले के ग्राम संबलपुर की महिला किसान श्रीमती चौती बाई साहू, जिनकी कहानी संवेदनशील शासन और सुशासन की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है।       अब तक परिवार में धान विक्रय की जिम्मेदारी चौती बाई के पति निभाते रहे थे, लेकिन इस वर्ष स्वास्थ्य कारणों से यह दायित्व उन्होंने स्वयं संभाला। यह उनके लिए केवल धान बेचने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की एक नई यात्रा थी। पूर्व निर्धारित तिथि पर कटे टोकन के अनुसार वे 57 क्विंटल धान लेकर खरीदी केंद्र पहुँचीं। पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद चौती बाई के चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नहीं, बल्कि संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र की सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-मैत्री व्यवस्था ने पूरे अनुभव को आसान और सम्मानजनक बना दिया। केंद्र में बारदाना, हमाल, डिजिटल तौल मशीन, प्रशिक्षित ऑपरेटर, पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध थीं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।      धान विक्रय से प्राप्त राशि से चौती बाई अपने पति का बेहतर इलाज कराने की योजना बना रही हैं। उनकी आवाज़ में सरकार के प्रति आभार स्पष्ट महसूस किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय किसानों के लिए संबल साबित हुआ है। इससे खेती न केवल लाभकारी बनी है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी मिली है। चौती बाई मानती हैं कि बढ़े हुए समर्थन मूल्य से उनके परिवार के जीवन में स्थिरता आई है। घर के खर्च, इलाज और भविष्य की जरूरतों को लेकर अब पहले जैसी चिंता नहीं रही। उन्होंने धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों, हमालों और प्रशासनिक अमले की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने सहयोग, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ कार्य किया।      चौती बाई की कहानी केवल एक महिला किसान की सफलता नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि जब शासन की नीतियाँ ईमानदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो उनका लाभ सीधे अंतिम पंक्ति में खड़े किसान तक पहुँचता है। आज संबलपुर की चौती बाई सिर्फ धान बेचने वाली किसान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की किसान-केंद्रित नीतियों की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। जिनकी मुस्कान में व्यवस्था पर भरोसा और बेहतर भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई देती है।

उम्मीद की किरण: किस्टाराम और मुकर्रम के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के मरीजों को मिली नई नजर

रायपुर. नक्सल प्रभावित किस्टाराम और मुकर्रम जैसे अंदरूनी क्षेत्रों के मरीजों को मिली नई दृष्टि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के “सुशासन“ और “अंत्योदय“ के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के  मार्गदर्शन में  जिले के 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कराकर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है। अंदरूनी गांवों से मेडिकल कॉलेज तक का सफर शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्लानार“ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कोंटा विकासखंड में स्थित दूरस्थ गांव मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के मरीजों की पहचान की गई थी। इन चिन्हित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार हेतु जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। ऑपरेशन के पश्चात सभी मरीजों को आई असिस्टेंट की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले 4 दिनों तक जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की निरूशुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा की गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी 2 को कैबिनेट बैठक में तय करेंगे बजट की तारीख

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने राज्य के आम बजट और सात शहरी निकायों के चुनाव से पहले उच्च अधिकारियों के कार्य दायित्व में बड़ा बदलाव किया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभाल रहे। साल 1990 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है। सुधीर राजपाल निवर्तमान गृह सचिव डा. सुमिता मिश्रा का स्थान लेंगे। सुधीर राजपाल राज्य के वरिष्ठतम आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन वित्तायुक्त एवं गृह सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों से पूर्व में वंचित रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालेंगी सुमिता मिश्रा अब सुमिता मिश्रा राज्य की वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व संभालेंगी। सुधीर राजपाल को गृह सचिव बनाने के साथ-साथ सरकार ने पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी है। सुमिता मिश्रा को चकबंदी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी कार्यभार सौंपा गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुए इन तबादलों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यभार थोड़ा कम किया गया है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार और अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार के दायित्व में बढ़ोतरी की गई है। अनुराग रस्तोगी का हुआ है हार्ट का ऑपरेशन मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का पिछले दिनों हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। उनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का भी दायित्व था। चूंकि मार्च माह के पहले सप्ताह में बजट पेश होने वाला है और मुख्यमंत्री लगातार बजट पर सुझाव लेने के लिए बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, ऐसे में अनुराग रस्तोगी के स्थान पर मुख्यमंत्री ने अपने प्रधान सचिव अरुण गुप्ता को वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। अरुण गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बने रहेंगे। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव साकेत कुमार को उनके मौजूदा दायित्व के अलावा अरुण गुप्ता के स्थान पर शहरी निकाय विभाग का आयुक्त एवं सचिव बनाया गया है। साकेत कुमार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। राय कुमार विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव राम कुमार को उनके इस दायित्व के अलावा पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त सीईओ नियुक्त किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी आइआरपीएस अधिकारी विनय कुमार के पास थी। हरियाणा सरकार ने विनय कुमार को नगर निगम पंचकूला का आयुक्त तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ओएसडी नियुक्त किया है। ओएसडी के पद पर अभी तक चिन्मय गर्ग सेवाएं दे रहे थे। विनय कुमार को जिला नगर आयुक्त का भी दायित्व सौंपा गया है।

बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासन सतर्क, मुख्य सचिव ने तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर. राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक भारत की राष्ट्रपति   द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में बस्तर पंडुम के शुभारंभ के अवसर पर 7 फरवरी 2026 के प्रस्तावित प्रवास पर विविध तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव   विकासशील ने राष्ट्रपति महोदया के प्रवास अवसर पर सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर कलेक्टर से की जा रही तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी तरह से मुख्य सचिव ने रायपुर कलेक्टर से भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव   रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव   अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव   नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव   अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

फिर करवट लेगा मौसम: जयपुर समेत 10 जिलों पर ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों में यलो चेतावनी

जयपुर राजस्थान में मौसम फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने जयपुर समेत 10 जिलों में आज से तीन दिन तक कड़ाके की सर्दी के साथ बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। मंगलवार सुबह जयपुर के कई इलाकों में बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक, आंधी-बारिश का यह दौर थमने के बाद अगले दो दिन घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे फिर बारिश हो सकती है। बादलों से गिरा तापमान सोमवार शाम से जयपुर और आसपास के जिलों में घने बादल छाए रहे। मंगलवार सुबह धूलभरी हवा और हल्की बारिश के चलते मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। मावठ की संभावना बढ़ने से महीने के आखिरी दिनों में तेज सर्दी लौटने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। सोमवार को बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में दोपहर बाद बादल छाए रहे। इससे ठंडी हवाएं कमजोर पड़ीं और लोगों को कड़ाके की सर्दी से कुछ राहत मिली। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस पाली में रिकॉर्ड किया गया। 28-29 जनवरी को कोहरा, 31 से फिर बारिश संभव मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 28 और 29 जनवरी को कई जिलों में घना कोहरा छा सकता है और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, 31 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके असर से 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (26 जनवरी): अजमेर में अधिकतम तापमान 21.7 और न्यूनतम 6.4 रहा। भीलवाड़ा में अधिकतम 21.8 और न्यूनतम 7.5, जबकि अलवर में अधिकतम 21 और न्यूनतम 2.2 दर्ज किया गया। जयपुर का तापमान 20.6 और 6.7 रहा। पिलानी में अधिकतम 20 और न्यूनतम 3, सीकर में अधिकतम 21 और न्यूनतम 0.5, तथा कोटा में अधिकतम 21.5 और न्यूनतम 10.4 रहा। चित्तौड़गढ़ में पारा 25.6 और 9.4 के बीच रहा, उदयपुर में 23.7 और 8.9, बाड़मेर में 24.6 और 9.3, जबकि जैसलमेर में अधिकतम 19.5 और न्यूनतम 7 रहा। जोधपुर में तापमान 25.8 और 9.2, बीकानेर में 21.1 और 5, चूरू में 21.4 और 2.7, तथा गंगानगर में 20.1 और 6.5 दर्ज किया गया। नागौर में अधिकतम 22.1 और न्यूनतम 1.1, बारां में 22 और 8.5, जालौर में 26.2 और 8.7, सिरोही में 21.5 और 5, तथा फतेहपुर में अधिकतम 22.4 और न्यूनतम सबसे कम 0.1 रहा। करौली में तापमान 20.4 और 2.5, दौसा में 22.1 और 1.4, प्रतापगढ़ में 25.8 और 11.9, झुंझुनूं में 20.7 और 3.2, तथा पाली में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 27.5 और न्यूनतम 3.6 रहा।

यूसीसी केवल कानून नहीं, समाज में समरसता लाने का सशक्त माध्यम: सीएम पुष्कर सिंह धामी

देहरादून,  उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को एक साल पूरा होने पर इसे ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पहल सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता की एक सशक्त नींव है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों में पूर्ण समानता दिलाना है। यह व्यवस्था विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों में महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करते हुए उन्हें समान और न्यायसंगत अधिकार सुनिश्चित करती है।” उन्होंने लिखा, “पिछले एक साल में यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण और नागरिक सेवाओं में उल्लेखनीय तेजी आई है। राज्य सरकार की ओर से 23 भाषाओं में सहायता और एआई-आधारित सपोर्ट की सुविधा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि हर नागरिक इस सकारात्मक परिवर्तन का लाभ उठा सके।” इससे पहले, सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून में एक अहम संशोधन किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 को मंजूरी दी। इसमें, आपराधिक प्रक्रिया संहिता-1973 के स्थान पर अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 को लागू किया गया है। धारा 12 के अंतर्गत सचिव के स्थान पर अपर सचिव को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है। संसोधन के जरिए विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत जानकारी को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है। विवाह और लिव-इन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी व विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। लिव-इन संबंध की समाप्ति पर पंजीयक की ओर से समाप्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूची-2 में ‘विधवा’ शब्द के स्थान पर ‘जीवनसाथी’ शब्द का प्रतिस्थापन किया गया है। विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध और उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है।  

मर्दानी 3 के साथ रानी की 30 वर्षों की आइकॉनिक विरासत का जश्न मनाने के लिए पूरे फिल्म उद्योग का एकजुट होना वाकई अद्भुत है : रणबीर कपूर

मुंबई,  बॉलीवुड के रॉकस्टार रणबीर कपूर को यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि भारतीय फिल्म उद्योग पूरी तरह एकजुट होकर उनकी पसंदीदा अभिनेत्री रानी मुखर्जी के सिनेमा में 30 वर्षों के शानदार सफर का जश्न मर्दानी 3 के साथ मना रहा है। रानी मुखर्जी, रणबीर कपूर की डेब्यू फिल्म सांवरिया में उनकी को-स्टार थीं और उनके करियर के शुरुआती दिनों में, जब उन्हें सबसे ज़्यादा सहारे की ज़रूरत थी, रानी उनके साथ खड़ी थीं। यही वजह है कि रणबीर हर फिल्म, हर परफॉर्मेंस में रानी की जीत के लिए दिल से दुआ करते हैं। रणबीर कपूर ने कहा, “रानी मेरी पहली फिल्म सांवरिया की को-स्टार थीं और वही पहली शख्स थीं जिन्होंने मुझसे कहा था कि अगर मैं मेहनत करूंगा, तो बहुत आगे जाऊंगा। उस बातचीत को मैं कभी नहीं भूल सकता क्योंकि उस वक्त, जब मुझे इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, उसने मुझे जबरदस्त आत्मविश्वास दिया। मैंने उन्हें एक इंसान के तौर पर बहुत करीब से देखा है, उनके काम को बहुत नज़दीक से देखा है और उनकी गरिमा, आकर्षण और प्रतिभा से हमेशा अभिभूत रहा हूं।” रणबीर कपूर ने कहा, “रानी मुखर्जी की 30 साल की आइकॉनिक विरासत का जश्न मनाने के लिए पूरे उद्योग का आगे आना वाकई अद्भुत है। मैंने हमेशा महसूस किया है कि रानी सदियों तक याद की जाने वाली कलाकार हैं ।भारत की अब तक की सबसे महान अभिनेत्रियों में से एक। उन्होंने अपने काम के ज़रिए हमारी इंडस्ट्री को परिभाषित किया है। उनके प्रोजेक्ट्स और किरदारों के चुनाव ने आज स्क्रीन पर महिलाओं को दिखाने का नजरिया ही बदल दिया है।” रणबीर ने बताया कि रानी अपने सिनेमा के ज़रिए सिर्फ खुशी फैलाना चाहती हैं। वह एक ऐसी एंटरटेनर हैं जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी लोगों को खुश करने के लिए समर्पित कर दी है। मेरे लिए यह शब्दों में बताना मुश्किल है कि उनकी फिल्मों का मुझ पर कितना गहरा असर रहा है। अभिराज मिनावाला द्वारा निर्देशित और आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्मित मर्दानी 3,30 जनवरी, 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।  

निजी जानकारी साझा करने से इनकार पर राहत: CBI नोटिस के खिलाफ रिटायर्ड जज के पक्ष में HC

रायपुर दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में CBI द्वारा रिटायर्ड छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जज, जस्टिस आई.एम. कुद्दूसी को जारी की गई नोटिस को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 91 CrPC का इस्तेमाल आरोपी या गवाह से उसकी निजी जानकारी जबरदस्ती मंगवाने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि इस धारा का उद्देश्य केवल साक्ष्य जुटाने और जांच में सहयोग सुनिश्चित करने तक सीमित है, और इसे मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स या घरेलू स्टाफ के नाम जैसी निजी जानकारियां जबरदस्ती हासिल करने के लिए नहीं प्रयोग किया जा सकता। क्यों नहीं चलेगा आरोपी पर ‘टेस्टिमोनियल कम्पल्शन‘? दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा रिटायर्ड जज जस्टिस आई.एम. कुद्दूसी को नोटिस जारी करने को रद्द करते हुए धारा 91 CrPC के दायरे पर महत्वपूर्ण स्पष्टता दी है। कोर्ट ने कहा कि इस धारा का उद्देश्य केवल पहले से मौजूद दस्तावेज़ या चीज़ों को पेश करवाना है, न कि आरोपी को अपनी याददाश्त से जानकारी निकालकर लिखित रूप में देने के लिए मजबूर करना। हाईकोर्ट की बेंच ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसा करने पर आरोपी पर सेल्फ-इनक्रिमिनेशन (खुद को दोषी ठहराने की मजबूरी) का खतरा बनता है, जो संविधान के अनुच्छेद 20(3) के खिलाफ है। अनुच्छेद 20(3) के तहत किसी भी व्यक्ति को अपने खिलाफ कानूनी रूप से बोलने या लिखित में देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, चाहे वह जांच के किसी भी स्टेज पर क्यों न हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 91 CrPC का प्रयोग केवल उन चीज़ों या दस्तावेजों के लिए किया जा सकता है, जो पहले से मौजूद हैं, और जांच एजेंसियां आरोपी को अपनी याददाश्त या व्याख्या से जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं कर सकतीं। वैकल्पिक रास्ते भी हैं CBI के पास कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जांच एजेंसी को किसी जानकारी की आवश्यकता है, तो इसके लिए उसे विकल्प उपलब्ध हैं धारा 161 CrPC के तहत पूछताछ करना, जिसमें आरोपी के पास चुप रहने का अधिकार होता है। बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और अन्य संस्थानों से सीधे रिकॉर्ड मंगवाना। अदालत ने कहा कि जांच की सुविधा के नाम पर संवैधानिक सुरक्षा और व्यक्तिगत अधिकारों को ताक पर नहीं रखा जा सकता। पुराने फैसलों का हवाला कोर्ट ने कहा कि धारा 91 CrPC का प्रयोग आरोपी पर व्यक्तिगत जानकारी जबरदस्ती मंगवाने के लिए नहीं किया जा सकता, जैसा CBI चाह रही थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई पुराने फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि धारा 91 का मकसद केवल पहले से मौजूद दस्तावेज या वस्तुएँ पेश करवाना है, न कि आरोपी को खुद के खिलाफ सबूत देने के लिए मजबूर करना। क्या था पूरा मामला? यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आई.एम. कुद्दूसी से जुड़ा है। भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच के दौरान CBI ने उन्हें नोटिस जारी किया और उनके मोबाइल नंबर, बैंक खातों के विवरण (स्टेटमेंट सहित), ड्राइवर और घरेलू सहायकों की जानकारी मांगी। जांच एजेंसी का तर्क था कि यह जानकारी जांच के लिए जरूरी है। लेकिन रिटायर्ड जज ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए ट्रायल कोर्ट में चुनौती दी। ट्रायल कोर्ट ने उनकी बात मानते हुए नोटिस को खारिज कर दिया। CBI ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।

सरकारी बैंकों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग तेज

नई दिल्ली, देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक कर्मचारी फाइव डे वर्किंग की मांग कर रहे हैं। हालांकि, निजी बैंक इस हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगे। कई सरकारी बैंकों ने पहले ही स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दे दी है कि हड़ताल की वजह से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह संगठन नौ बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद लिया गया था। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक शामिल हैं। हड़ताल के कारण कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और बैंक के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे यूपीआई पेमेंट और इंटरनेट बैंकिंग, सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। फिर भी, कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी की उपलब्धता थोड़ी प्रभावित हो सकती है। एसबीआई ने एक आधिकारिक जानकारी में कहा है कि सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए व्यवस्था की गई है, लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के कारण काम पर असर पड़ सकता है। एसबीआई के बयान में कहा गया है कि हड़ताल के दिन शाखाओं और कार्यालयों में कामकाज सुचारू रखने की कोशिश की गई है, फिर भी कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। यह प्रस्ताव मार्च 2024 में 12वें द्विपक्षीय समझौते में शामिल किया गया था, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।  

एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा: उड़ान भरते ही क्रैश हुआ प्राइवेट जेट, चीख-पुकार से दहला इलाका

बैंगोर – अमेरिका अमेरिका में भीषण बर्फीले तूफान और खराब मौसम के बीच एक बड़ा विमान हादसा सामने आया है। रविवार शाम करीब 7:45 बजे बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600  उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक हादसे के वक्त विमान में 8 लोग सवार थे। फिलहाल सवार लोगों की स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। खराब मौसम और बर्फबारी बनी चुनौती यह दुर्घटना उस समय हुई जब अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा कुदरत के कहर से जूझ रहा है। बैंगोर सहित अमेरिका के कई राज्यों में भारी बर्फबारी और जमा देने वाली बारिश हो रही है। लगातार गिरती बर्फ के कारण रनवे पर परिचालन मुश्किल हो रहा है। बैंगोर एयरपोर्ट बोस्टन से लगभग 200 मील उत्तर में स्थित है और यहाँ से फ्लोरिडा और वॉशिंगटन जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें चलती हैं।   जांच के घेरे में चैलेंजर 600 बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 एक लोकप्रिय बिजनेस जेट है जिसे 9 से 11 यात्रियों के सफर के लिए डिजाइन किया गया है। इसे 1980 में लॉन्च किया गया था। यह अपनी चौड़ी बॉडी और आरामदायक केबिन के लिए जाना जाता है।नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और FAA ने संयुक्त रूप से हादसे की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या खराब मौसम इसका मुख्य कारण था।   अमेरिका में जनजीवन अस्त-व्यस्त बर्फीले तूफान ने पूरे अमेरिका में कोहराम मचा रखा है। बर्फबारी की वजह से हवाई और सड़क यातायात लगभग रुक गया है। दक्षिण-पूर्वी अमेरिका में लाखों घरों और व्यावसायिक केंद्रों की बिजली गुल हो गई है जिससे लोग अंधेरे और कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं। बैंगोर सहित कई बड़े हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।