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देश व प्रदेश की जनजातियों के 200 से अधिक लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों का किया जा रहा है संरक्षण

लखनऊ  प्रदेश के जंगलों, पहाड़ों और नदियों के किनारे गूंजने वाली जनजातीय वाद्य यंत्रों की धुनें आज आधुनिक संगीत की चकाचौंध में खोती जा रही हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश का लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान इन धुनों को फिर से जीवंत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के उद्देश्य से संस्थान देश व प्रदेश की जनजातियों के 200 से अधिक लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहा है। इस दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा समय-समय पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से न केवल वाद्य यंत्रों को सहेजा जा रहा है, बल्कि उन्हें बजाने वाले जनजातीय कलाकारों को भी मंच मिल रहा है।  संरक्षित वाद्य यंत्रों में शामिल हैं प्राचीन ढोलक, नगाड़ा, डफ, ढफली, डमरू व थाली उत्तर प्रदेश के गोंड, थारू, बुक्सा, खरवार, सहरिया, बैगा, अगरिया, चेरो व माहीगीर जैसी जनजातियों के लोकजीवन में संगीत की विशेष भूमिका रही है। मंजीरा, चिमटा, खड़ताल व घुंघरुओं की खनक,  बीन व सारंगी की सुरमयी धुनें इन समुदायों की पहचान रही हैं। डिजिटल दौर में जब ये वाद्य यंत्र धीरे-धीरे विलुप्त हो रहे हैं, ऐसे समय में संस्थान का यह प्रयास सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की मिसाल बन रहा है। इस क्रम में संस्थान द्वारा जनजातियों के प्राचीन ताल वाद्य यंत्रों जैसे ढोलक, नगाड़ा, डफ, ढफली, डमरू, ढक व थाली का संरक्षण किया जा रहा है। वहीं, सुर वाद्यों में बांसुरी, बीन व सारंगी तथा लय वाद्यों में मंजीरा, चिमटा, घुंघरू व खड़ताल जैसे 200 से अधिक पारंपरिक वाद्य यंत्रों को भी संरक्षित किया जा रहा है। कला कुंभ व कला गांव में लगाई गई वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी  प्रदेश के लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान ने इस दिशा में पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के अवसर पर कला कुंभ में इन वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया था, जिसे देश-विदेश से आए कला प्रेमियों और पर्यटकों ने खूब सराहा। इसी तरह यूपी दिवस के अवसर पर कला गांव में भी इन वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। जनजातीय गौरव बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजातीय भागीदारी महोत्सव में जब पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दी, तो यह स्पष्ट हो गया कि ये प्रयास केवल संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक खोती हुई विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी हैं। लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान की यह पहल संदेश देती है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर ही सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखा जा सकता है।

पंजाब में होगी विशाल रैली, अमित शाह करेंगे जनसभा को संबोधित

चंडीगढ़ अगले महीने भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता पंजाब दौरे पर आएंगे। महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब पहुंचेंगे। अमित शाह मोगा में एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह डेरा सच्चखंड बल्लां में माथा टेकेंगे। इस संबंध में जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सांझा की। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को संसद में बजट सत्र होगा और उसके बाद प्रधानमंत्री सीधे पंजाब के लिए रवाना होंगे। उनके लगभग शाम चार बजे तक डेरा बल्लां पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का प्रकाश पर्व पूरे देश के लिए एक पवित्र दिन है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री का डेरा बल्लां में नतमस्तक होना संगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की वाणी और उनके संदेश समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। अगले वर्ष श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में पंजाब का दौरा करेंगे। शाह मोगा में भाजपा द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार अभी शाह के दौरे की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन यह निश्चित है कि उनका दौरा फरवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। पार्टी के अंदरूनी स्तर पर कुछ नेताओं द्वारा अमित शाह की रैली को लेकर जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोर ग्रुप, प्रदेश पदाधिकारियों और जिला प्रधानों के साथ अभी तक इस रैली को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है।

स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान: मैपकास्ट में शुरू हुआ AI आधारित उद्यमिता कार्यक्रम

भोपाल. मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित छह सप्ताह के उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में किया गया। यह प्रशिक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रवर्तन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमशील सोच को सशक्त करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एआई की मौलिक एवं उन्नत अवधारणाओं, आधुनिक टूल्स तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सामाजिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु नवाचारी, स्केलेबल एवं सतत स्टार्ट-अप विकसित कर सकें। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह–संगठन मंत्री, विज्ञान भारती  प्रवीण रामदास ने कहा कि स्टार्ट-अप एवं स्वरोजगार रोजगार सृजन के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप न केवल युवाओं के कैरियर निर्माण में सहायक होते हैं, बल्कि इनके प्रारंभ होने से अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग व्यापार एवं उद्योग, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि तथा स्वास्थ्य सेवा सहित सभी क्षेत्रों में किया जाए। जल संरक्षण विशेषज्ञ  सुनील चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम को सामयिक एवं महत्वपूर्ण बताया। महानिदेशक, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को तकनीक, विपणन एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने में सहयोग देना परिषद की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में स्टार्ट-अप फाउंडर  प्रदीप कर्मबेलकर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्यमिता की समझ, एमएसएमई सहायता योजनाएं, वित्तीय संस्थान, परियोजना चयन एवं पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन, बाजार सर्वेक्षण, प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट निर्माण, संचार एवं सॉफ्ट स्किल्स विकास, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, जनरेटिव एआई, उत्पादन योजना, कार्यशील पूंजी प्रबंधन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन, कानूनी औपचारिकताएं, कराधान तथा नेतृत्व कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव टूल्स, ग्राफिक्स एवं ऑगमेंटेड रियलिटी के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ, शासकीय विभागों के अधिकारी, सफल उद्यमी, बैंकर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विपणन एवं प्रेरणात्मक विशेषज्ञ तथा उद्यमिता विकास संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रशिक्षण की कार्य प्रणाली में व्याख्यान, केस स्टडी, समूह अभ्यास, प्रस्तुतिकरण, हैंड्स-ऑन सत्र एवं उद्यमियों के साथ संवाद शामिल रहेगा।  

सोशल मीडिया पर कड़ा नियम: फ्रांस में अब 15 साल से कम उम्र वालों का प्रवेश बंद

फ्रांस फ्रांस ने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देश की नेशनल असेंबली ने एक अहम विधेयक पारित किया है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अब टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों की मानसिक सेहत को बचाने, साइबर बुलिंग पर रोक लगाने और युवाओं में बढ़ती हिंसा व गलत व्यवहार की प्रवृत्तियों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। उम्र सत्यापन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना नए कानून के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की उम्र की सटीक जांच के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था लागू करनी होगी। अगर कंपनियां इसमें विफल रहती हैं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में 13 से 15 वर्ष के बच्चों में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सोशल मीडिया की भूमिका को एक बड़ा कारण माना गया है। राष्ट्रपति मैक्रोन का समर्थन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इसे बच्चों और किशोरों की सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बताया। मैक्रोन ने कहा कि युवा वर्ग को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के नकारात्मक प्रभाव से बचाना समय की मांग है और स्क्रीन टाइम को सीमित करना बेहद जरूरी हो गया है। संसद में भारी बहुमत से पास हुआ बिल यह विधेयक नेशनल असेंबली में रात भर चली लंबी बहस के बाद पारित किया गया। मतदान में 130 सांसदों ने इसके पक्ष में जबकि 21 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। अब यह प्रस्ताव कानून बनने से पहले मंजूरी के लिए सीनेट में भेजा जाएगा। 2026 से लागू होंगे नए नियम सरकार की योजना है कि ये नए नियम सितंबर 2026 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से नए सोशल मीडिया खातों पर लागू किए जाएं। वहीं, जो मौजूदा खाते उम्र सीमा को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें साल के अंत तक बंद कर दिया जाएगा। यूरोपीय संघ की भूमिका भी अहम यूरोपीय आयोग ने कहा है कि इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन यूरोपीय संघ के नियमों और भरोसेमंद आयु-सत्यापन प्रणालियों पर निर्भर करेगा। इस कानून के तहत शैक्षणिक प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा सेवाएं और डिजिटल विश्वकोश को छूट दी गई है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और जानकारी तक पहुंच प्रभावित न हो।  

कोठा बैराज परियोजना की प्रगति पर मंत्री सिलावट की कड़ी नजर

भोपाल. जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को विदिशा जिले की कुरवाई तहसील में निर्माणाधीन कोठा बैराज परियोजना के कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर कुरवाई विधायक  हरि सिंह सप्रे,  हमीर सिंह दांगी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री  सिलावट ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संपूर्ण कार्य तय अवधि में पूर्ण गुणवत्‍ता के साथ पूरे किये जायें। मंत्री  सिलावट ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार वर्तमान में 54 लाख हैक्‍टेयर सिंचाई से वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हैक्‍टेयर क्षेत्र में प्रदेश के अन्‍नदाताओं को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाने के लिये दृढ़ संकल्‍पित है। मंत्री  सिलावट ने कहा कि विदिशा जिले की कोठा बैराज परियोजना लागत 860 करोड़ है, से विदिशा जिले के कुरवाई तहसील के 77 ग्रामों की 20 हजार 622 हैक्‍टेयर एवं गंजबासौदा तहसील के 6 ग्रामों की 1650 हैक्‍टेयर कुल 22 हजार 272 हैक्‍टेयर क्षेत्र में सूक्ष्‍म सिंचाई प्रणाली द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना से कुल 83 ग्रामों के 25 हजार 500 कृषक लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही लगभग 325 ग्रामों के लगभग 2.5 लाख आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा भी उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना अंतर्गत बांध का 92 प्रतिशत कार्य एवं पाइप लाइन का 75 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। मंत्री  सिलावट ने परियोजना को जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा प्रत्‍येक 15 दिवस में मुख्‍य अभियंता स्‍तर पर एवं प्रत्‍येक माह में एक बार राज्‍य स्‍तर पर वी‍डियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से भी करने के निर्देश दिये हैं।  

दूसरी बड़ी विमान घटना: अजित पवार प्लेन के बाद Air India की उड़ान में खौफनाक झटके

मुंबई महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत की खबर के बाद देशभर में दहशत का माहौल है। इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से भी एक गंभीर घटना सामने आई है। बुधवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक विमान की पहली लैंडिंग असफल हो गई, जिससे विमान में बैठे यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। यह विमान दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हुआ था और दोपहर लगभग 1 बजे जयपुर पहुंचा। 1:05 बजे पायलट ने रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन किसी तकनीकी या अन्य कारण से विमान रनवे को छूते ही दोबारा हवा में चला गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराने लगे। इसके बाद विमान करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। विमान में मौजूद थे कांग्रेस के बड़े नेता इस विमान में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। एयरपोर्ट पर पहले से ही राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। जब पहली बार विमान की लैंडिंग फेल होने की खबर मिली, तो एयरपोर्ट पर मौजूद कांग्रेस नेताओं में भी चिंता और बेचैनी साफ नजर आई। लेकिन विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत महसूस की। एयरपोर्ट प्रशासन में मचा हड़कंप इस घटना के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से पहली लैंडिंग के दौरान विमान को वापस उड़ान भरनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट ने समय रहते सही फैसला नहीं लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। अजित पवार हादसे से जुड़ा संदर्भ गौरतलब है कि इसी दिन सुबह महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा हुआ था। वहां लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि रनवे साफ नजर नहीं आने के कारण पायलट ने पहले विमान को ऊपर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन दोबारा लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया।

सिनेमा को मिला मुख्यमंत्री का समर्थन: डॉ. यादव ने ‘गोदान’ का ट्रेलर–पोस्टर जारी किया

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में गौमाता पर केंद्रित फिल्म 'गोदान' का ट्रेलर लाँच किया और फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को रिलीज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म "गोदान" देखने जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से गोपालन और गोसेवा से जुड़े हैं। गौमाता न सिर्फ दूध देती है बल्कि वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य करती है। गो सेवा से जो संतोष प्राप्त होता है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व हमारी संस्कृति में आज से नहीं भगवान राम और कृष्ण के युग से सर्वोपरि रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौशालाओं के प्रबंधन, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बड़ी गौशालाओं के संचालन, गौवंश संरक्षण, गोपालकों को दूध के विक्रय पर समुचित लाभ दिलवाने की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में पशुपालन से संबंधित पाठ्यक्रमों को समावेश कर युवाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गाय आहार के लिए 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए प्रदान की जा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध, गोपालकों को प्रति लीटर 8 रुपए तक लाभ प्रदान करने और जबलपुर एवं ग्वालियर के दुग्ध संयंत्रों को नवीनीकृत करने के प्रयास शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामधेनू फिल्म प्रोडेक्शन और इसके निर्माता, निर्देशक  विनोद चौधरी सहित  अजीत प्रसाद महापात्र,  शान्तनु शुक्ला, डॉ. इन्द्रेश प्रताप सिंह, डॉ. मधुसूदन शर्मा,  वेदपाल झा को फिल्म निर्माण के लिए बधाई दी। इस अवसर पंचगव्य उत्पाद भी लांच किए गए।

नए भारत की नई उड़ान : राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद नितिन नवीन ने गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संयुक्त सदनों को संबोधित करने के साथ हुई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत विकास के नए आयाम लिख रहा है। नितिन नवीन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "दोनों सदनों में अभिभाषण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्पष्ट रूप से बढ़ते हुए भारत की तस्वीर को बयां किया है। किस प्रकार भारत विकास के नए आयाम लिख रहा है। पीएम मोदी की सरकार किसान, मजदूर, युवा हर वर्ग की चिंता कर रही है।" उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति बन रहा है। जिस प्रकार से आज चावल उत्पादन में भारत 150 मिलियन टन से आगे बढ़कर विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक केंद्र बन गया, उसी प्रकार से मछली उत्पादन में भी हम दुनिया के दूसरे नंबर के देश बन गए हैं। कहीं न कहीं ये ग्रोथ हमें स्पष्ट रूप से इंडिकेट करता है कि भारत विकास के पथ पर किस प्रकार से आगे बढ़ रहा है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आधारभूत संरचना का ग्रोथ देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही हम मेडिकल सर्विसेज और हेल्थ एजुकेशन को प्रमोट कर रहे हैं। यह भारत के बढ़ते हुए विकास का मापदंड बन रहा है। साथ ही लुक ईस्ट के हमारे संकल्प को भी राष्ट्रपति ने दोहराया है कि हम ईस्ट के विकास के प्रति संकल्पित हैं। हमारे जितने भी राज्य ईस्ट में हैं, चाहे वह नॉर्थ ईस्ट हो, बिहार, बंगाल, ओडिशा या झारखंड, इन सभी राज्यों के ग्रोथ से भारत का विकास ग्रोथ बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने भारत के बढ़ते विकास को पूरी तरह से संबोधित किया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ''पिछले 11 सालों में हमारी सरकार ने पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबी हटाने की योजनाओं के जरिए गरीबों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिस तरह से काम किया है, उन सभी बातों का जिक्र राष्ट्रपति ने किया।" उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र में किस तरीके से हम लोगों ने विकास किया है, वह सब लोग जान रहे हैं। पिछले 11 सालों में हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। हमारी सरकार ने गरीब कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर चिराग पासवान ने कहा, "ये कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर यकीन नहीं होता कि ऐसा सच में हुआ है। अजीत पवार न सिर्फ जमीन से जुड़े नेता थे, बल्कि अपने विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ थी। उनका जाना न सिर्फ महाराष्ट्र के लिए, बल्कि देश की राजनीति के लिए भी एक बहुत बड़ी क्षति है। मेरी पार्टी की ओर से मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि पूरे परिवार को दुख की इस घड़ी से उबरने की शक्ति दे।"

शॉकिंग कदम! पाकिस्तान का नया पैंतरा, टी20 वर्ल्ड कप में खिलाड़ी करेंगे काली पट्टी पहनकर खेल

नई दिल्ली पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में शामिल होगा या नहीं, उसे लेकर अभी तक अपने पत्ते नहीं खेले हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी को बांग्लादेश मामले पर दूसरा लेटर लिखने वाला है। इसमें वह अपने इस इरादे की जानकारी देगा कि अगर उसकी टीम वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी तो उसके खिलाड़ी प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलेंगे।   टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अब औपचारिक तौर पर आईसीसी को बताएगा कि बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर उसे काफी निराशा हुई है। उसके खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे। रिपोर्ट में पीसीबी से जुड़े सूत्र के हवाले से कहा गया है, ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी को वर्ल्ड कप के दौरान अपने प्रोटेस्ट के बारे में लेटर लिखने वाला है।’ पाकिस्तान वर्ल्ड कप में अपनी भागीदारी को लेकर सोमवार को अंतिम फैसला लेगा। इससे पहले इस हफ्ते की शुरुआत में पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि बहुत अच्छी बातचीत हुई और वर्ल्ड कप को लेकर पाकिस्तान अपना अंतिम फैसला शुक्रवार या अगले सोमवार को बताएगा। शुक्रवार चूंकि बीच चुका है, इसलिए जाहिर है कि पीसीबी सोमवार को अपने फैसले का ऐलान करेगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इससे पहले इसी महीने आईसीसी को बांग्लादेश मुद्दे पर पहला ईमेल लिखा था और सीसी में बाकी सभी बोर्ड मेंबर को भी रखा था। लेटर में उसने बांग्लादेश का समर्थन करते हुए कहा था कि उसके मैच भारत से बाहर कराए जाएं। उसने बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी की भी पेशकश की थी। हालांकि आईसीसी ने बोर्ड मीटिंग में फैसला किया कि बांग्लादेश की चिंताएं आधारहीन हैं और उसके मैचों के वेन्यू नहीं बदले जाएंगे। आईसीसी ने तब बांग्लादेश को दो टूक कहा था कि उसके मैच पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे यानी उसके सभी ग्रुप मैच भारत में ही होंगे। आईसीसी ने बांग्लादेश को आखिरी मौका देते हुए उसे 24 घंटे की मोहलत दी थी लेकिन बीसीबी ने आखिरकार भारत नहीं जाने का फैसला किया। उसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप 2026 में शामिल कर लिया। इससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दे रहा है। बांग्लादेश से जुड़े विवाद की शुरुआत तब हुई जब आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर ने अपने स्क्वाड के एक मात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया। इसकी प्रतिक्रिया में बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप के मैच भारत में खेलने से इनकार करते हुए आईसीसी से अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट किए जाने की मांग की थी। बांग्लादेश ने इसके लिए 'सुरक्षा चिंताओं' को वजह के रूप में गिनाया था लेकिन आईसीसी ने स्वतंत्र सिक्यॉरिटी एजेंसी के सर्वे में पाया कि बांग्लादेश की चिंताओं में कोई दम नहीं है।  

जनजातीय सशक्तिकरण पर फोकस: राज्यपाल का भारिया समुदाय से संवाद

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और जीवन स्तर में सुधार है। उन्होंने उपस्थित समुदाय को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। योजनाओं का लाभ उठाकर, प्रगति करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। पीएम जनमन अभियान अंतर्गत पीएम आवास निर्माण में देश में अग्रणी रहने पर उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन की सराहना की। राज्यपाल  पटेल बुधवार को छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारिया जनजातीय समुदाय से आत्मीय संवाद के दौरान कही। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के प्रयासों में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सिकल सेल एवं क्षय रोग की समय पर जांच, उपचार और जागरूकता पर बल दिया। शासन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं मिलने की जानकारी दी। दवाओं के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में तुलनात्मक रूप से कम संख्या में जनजातीय समुदाय के प्रभावित होने के दृष्टिगत जिले को सिकल सेल मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दिशा में जागरूकता के प्रसार की आवश्यकता बताई। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम के प्रारंभ में पारंपरिक मोर मुकुट पहनाकर विधायक अमरवाड़ा  कमलेश प्रताप शाह, राज्य भारिया प्राधिकारण अध्यक्ष  दिनेश कुमार अंगारिया ने अभिनंदन किया। स्थानीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सैला व गैंडी लोकनृत्य से स्वागत किया। कन्या आश्रम में छात्राओं से की चर्चा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने ग्राम पंचायत में संचालित आदिवासी नवीन कन्या आश्रम की रहवासी छात्राओं से आत्मीय चर्चा की उन्हें मन लगाकर पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भारिया हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये की सहायता चेक वितरित किए। बिरसा मुंडा स्वरोजगार, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, मुख्यमंत्री दुधारू पशु, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाओं हितलाभ और सिकल सेल मरीजों को डिजिटल प्रमाणपत्र, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए। हिंसक वन जीवों से बचाव के लिए असाधारण साहसिक कार्य के लिए कुंवाखुट्टी की कक्षा 9वीं की छात्रा कु. कपूरी भारती को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। राज्यपाल ने पंचायत में ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का शुभारंभ किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वच्छ भारत एवं जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारने की जिला पंचायत की अभिनव पहल ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का पंचायत भोड़ियापानी में शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि इस सेवा का राज्यपाल द्वारा 26 सितंबर 2024 को शुभारंभ किया गया था। उनको बताया गया कि सेवा के अंतर्गत व्यक्तिगत, संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई एवं आवश्यक मरम्मत के कार्य निर्धारित सुविधा शुल्क पर किए जा रहे है। वर्तमान में 55 हजार यूनिट व्यक्तिगत एवं संस्थागत शौचालयों की सफाई के द्वारा कार्य में संलग्न 50 साथियों द्वारा 55 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित की गई है। राज्यपाल ने जनमन आवास और होम-स्टे का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया के भोड़ियापानी में जनमन आवास योजना हितग्राही मती राजवती भारती के घर पारंपरिक ग्रामीण खाद्य पदार्थों का सेवन किया। ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण किया। उनको हितग्राही  रूपलाल पन्द्राम ने बताया कि होम-स्टे में प्रति माह लगभग 15 से 20 पर्यटक रुकते हैं। उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। राज्यपाल ने स्वास्थ्य शिविर और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में सिकल सेल एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लगे स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन कर मरीजों से संवाद किया। उन्हें नियमित उपचार की सलाह दी। उन्होंने दो एकड़ में प्राकृतिक खेती से केले की उन्नत फसल से 8 लाख की आय अर्जित करने वाले किसान पूरनलाल इनवाती का उत्साहवर्धन किया। “एक जिला एक उत्पाद” पहल तथा “पातालकोट आजीविका उत्पाद” ऑनलाइन मंच के नवाचार और कृषि, उद्यानिकी व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जैविक और प्राकृतिक उत्पाद प्रदर्शनी की सराहना की।