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गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें। मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।  

टी20 रैंकिंग में सूर्या का जादू, हार्दिक और बुमराह को भी फायदा

दुबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले भारतीय टीम को बड़ी खुशखबरी मिली है. आईसीसी टी20I प्लेयर्स रैंकिंग के ताजा अपडेट में भारत के कई स्टार खिलाड़ियों को फायदा पहुंचा है. इसके कारण टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया का मनोबल और मजबूत हुआ है. भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने अपनी शानदार फॉर्म का इनाम पाते हुए टी20I बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-1 पोजीशन और मजबूत कर ली है. न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20I सीरीज में दो अर्धशतकों के दम पर अभिषेक ने अपनी बढ़त 80 रेटिंग पॉइंट्स तक पहुंचा दी है. अभिषेक के खाते में अब 929 रेटिंग पॉइंट्स हैं, जो उनके करियर बेस्ट 931 से सिर्फ दो कम हैं. दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के फिल साल्ट (849 अंक) हैं. जबकि तीसरे स्थान पर भारत के ही तिलक वर्मा (781 अंक) मौजूद हैं. भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी बड़ी छलांग लगाई है. गुवाहाटी में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे T20I में नाबाद 57 रनों की पारी खेलने के बाद सूर्या पांच पायदान ऊपर चढ़कर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं. बुमराह-हार्दिक भी चमके टीम इंडिया के लिए गेंदबाजी रैंकिंग में भी अच्छी खबर है. जसप्रीत बुमराह तीसरे T20I में तीन विकेट लेकर 4 स्थान की छलांग के साथ 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती न्यूजीलैंड के खिलाफ अब भी T20I गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 बने हुए हैं. T20I ऑलराउंडर्स रैंकिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों को फायदा हुआ है. हार्दिक पांड्या एक स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे और शिवम दुबे छह पायदान की छलांग लगाकर 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं. हालांकि इस कैटेगरी में जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं. अन्य टीमों के खिलाड़ियों ने भी रैंकिंग में सुधार किया है. टी20I बैटिंग रैंकिंग में साउथ अफ्रीका के एडन मार्करम 9 स्थान ऊपर चढ़कर 20वें नंबर पर आ चुके हैं. जबकि वेस्टइंडीज के ब्रैंडन किंग 15 स्थान के फायदे से 35वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 18 स्थान ऊपर उठकर 44वें नंबर पर आ गए हैं. टी20I गेंदबाजी रैंकिंग में अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान 9वें, साउथ अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश 32वें और वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड 47वें नंबर पर विराजमान हैं. टी20I ऑलराउंडर्स रैंकिंग में नेपाल के दीपेंद्र ऐरी और अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई संयुक्त रूप से छठे नंबर पर आ चुके हैं. श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच हाल ही में खत्म हुई ODI सीरीज के बाद भी रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बैटिंग रैंकिंग में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक 17 स्थान की छलांग लगाकर 11वें और जो रूट छह स्थान ऊपर चढ़कर 17वें नंबर पर पहुंच गए हैं. ODI बल्लेबाजों में डेरिल मिचेल नंबर-1 बने हुए हैं, जबकि गेंदबाजों में आदिल राशिद (5वें) और ऑलराउंडर्स में चरिथ असलंका (13वें) ने भी बड़ा फायदा उठाया है. टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने में अब सिर्फ 10 दिन बचे हैं और ऐसे में रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का यह उछाल टीम इंडिया के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है..

CUET UG 2026 को लेकर NTA का नोटिस- ‘उम्मीदवार समय पर पूरी करें आवेदन प्रक्रिया’

अमृतसर. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए एक अहम सार्वजनिक सूचना जारी की है। एजेंसी ने उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है, ताकि आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके। NTA के अनुसार, CUET (UG) 2026 की परीक्षा संभावित रूप से 11 मई से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के अलावा भारत से बाहर 15 शहरों में भी कराई जाएगी। CUET UG 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 रात 11:50 बजे निर्धारित की गई है। NTA ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन पूरा कर लें। किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार NTA हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। CUET परीक्षा के माध्यम से देश की विभिन्न केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है।

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी उछाल आई. बीएसई सेंसेक्‍स 487.20 या 0.60 फीसदी चढ़कर   82,344.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 167.35 अंक या 0.66%  चढ़कर 25,342.75 पर क्‍लोज हुआ.   BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर गिरवाट पर थे, बाकी 22 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. BEL के शेयर सबसे ज्‍यादा 8.90 फीसदी चढ़कर 453 रुपये पर पहुंच गए. इसके बाद  ETERNAL के शेयर 5 फीसदी चढ़कर 266 रुपये पर आ गए. बजाज फाइनेंस, फिनसर्व, ट्रेंट और पावरग्रिड शेयरों में 2 फीसदी की तेजी रही. मारुति सुजुकी, सनफार्मा, इंफोसिस, एयरटेल  जैसे शेयर गिरावट पर बंद हुए.   निवेशकों की हुई मोटी कमाई  शेयर बाजार में मिड और स्‍मॉलकैप में भी शानदार रैली देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 में 954 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी स्‍मालकैप 100 में 371 अंकों की तेजी आई. जिस कारण निवेशकों के पोर्टफोलियों में भी जबरदस्‍त उछाल देखने को मिला.  बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 453.67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 459.64 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 6 लाख करोड़ की उछाल है.  शेयर बाजार में क्‍यों आई तेजी?  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को आई तेजी का सबसे बड़ा कारण भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील को माना जा रहा है. जिसके तहत दोनों देश ज्‍यादातर समानों पर कम टैरिफ या शून्‍य टैरिफ लगाने पर सहमत हुए हैं. इस डील से भारत के एक्‍सपोर्ट में उछाल होने की उम्‍मीद है, जिससे कई कंपनियों को लाभ होगा. इस कारण शेयर बाजार का सेंटिमेंट बदल गया है.  वहीं लार्ज, मिड और स्‍मॉलकैप शेयरों में भी शानदार तेजी देखने को मिली, जिस कारण अच्‍छी खासी खरीदारी आई है. खासकर मार्केट बंद होने के कुछ ही घंटे पहले इन स्टॉक्‍स में बड़ी खरीदारी हुई.  इन शेयरों में 20 फीसदी की तेजी  स्‍टारलाइट शेयरों में आज 20 फीसदी की तेजी आई है, जो 103 रुपये पर पहुंच गया. तेजस नेटवर्क का शेयर 15 फीसदी चढ़ा, डेटा पैटर्न के शेयर में 13.63 फीसदी की उछाल आई. हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयरों में 12.67 फीसदी की उछाल आई है. ऑयल इंडिया के शेयरों में 9 फीसदी की तेजी आई है. मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में 8 फीसदी की उछाल आई है. 

सालभर में उत्तराखंड में UCC ने बदल दी जिंदगी की तस्वीर, शादी और रिश्तों पर असर

देहरादून  उत्तराखंड में UCC यानी समान नागरिक संहिता लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. 27 जनवरी को राज्य में ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाया गया – और, ठीक एक दिन पहले 26 जनवरी को कानून में संशोधन प्रस्ताव लाया गया, जिसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.  2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से सत्ता में लौटने पर राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सत्ता में लौटने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. जनसंवाद, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और विधायी प्रक्रिया के बाद 7 फरवरी 2024 को यूसीसी विधेयक उत्तराखंड विधानसभा से पारित हुआ.  11 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करके 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना.  हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी केस नहीं यूसीसी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले जब उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया गया था, तब कई लोगों ने मजाक उड़ाया. पुष्कर सिंह धामी ने कहा, विपक्ष ने कहा था कि ये सिर्फ घोषणा भर है, और इसे लागू करना संभव नहीं है… लेकिन, सरकार ने कमेटी गठन से लेकर राष्ट्रपति की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया 27 जनवरी, 2025 तक पूरी करके UCC लागू भी कर दिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, बीते एक साल में हलाला, बहुविवाह और तीन तलाक का एक भी मामला सामने नहीं आया है. पुष्कर सिंह धामी कहते हैं, अगर भविष्य में कहीं ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार, यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में विवाह पंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, पहले जहां औसतन हर रोज 67 विवाह पंजीकरण होते थे, कानून लागू होने के बाद ये संख्या बढ़कर रोजाना 1400 से भी ज्यादा पहुंच गई है. उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026, राज्यपाल (रिटा.) लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की मंजूरी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. बीजेपी सरकार ने यूसीसी 2024 में आवश्यक संशोधनों के लिए ये अध्यादेश लाया है – फरवरी-मार्च के बजट सत्र में इसे विधेयक के रूप में सरकार विधानसभा में पास कराएगी. अध्यादेश को 6 महीने के भीतर सदन से पास करना जरूरी होता है.  संशोधन में जो बदलाव हुए हैं संशोधन के तहत दो बड़े बदलाव सबसे महत्वपूर्ण हैं. एक, विवाह में पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने पर अब कठोर सजा का प्रावधान जोड़ा गया है. और, 2010 से 2025 (26 जनवरी तक) के बीच शादी करने वाले सभी दंपतियों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.  1. विवाह के वक्त पहचान छुपाने या गलत जानकारी देने को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है, जबकि विवाह और लिव-इन संबंधों में बल प्रयोग, जबरदस्ती, धोखाधड़ी या कोई भी गैरकानूनी तरीका अपनाने पर सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं. 2. नए प्रावधानों में समय सीमा का पालन करने पर भी ज्यादा जोर दिया गया है. समय-सीमा का पालन न करने पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है. 3. संशोधन में ये भी प्रावधान है कि अगर सब-रजिस्ट्रार निर्धारित समय-सीमा के भीतर एक्शन नहीं लेता, तो मामला अपने आप रजिस्ट्रार और रजिस्ट्रार जनरल के पास चला जाएगा. और, रजिस्ट्रार जनरल को विवाह, तलाक, लिव-इन संबंधों और उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण रद्द करने की शक्ति दी गई है. 4. अध्यादेश में ये भी तय किया गया है कि रजिस्ट्रार जनरल का पद अब केवल अपर सचिव स्तर के अधिकारी को ही दिया जाएगा.  5. लिव-इन संबंध खत्म होने पर रजिस्ट्रार की तरफ से टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान किया गया है – और 'विडो' शब्द की जगह 'स्पाउज' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. यूसीसी के संशोधित स्वरूप को नए आपराधिक कानूनों के हिसाब से भी अपडेट किया गया है. अब आईपीसी और CrPC यानी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के नियमों को जोड़ा गया है.

एनसीपी नेता अजित पवार की मौत, राजनीतिक गलियारों में छाया मातम, नेताओं ने कही संवेदनाएं

भोपाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में आज सवेरे पौने नौ बजे हुए प्लेन क्रेश में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया। विमान में सवार अन्य चार लोग भी इस हादसे में नहीं बचे पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। उपमुख्यमंत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने शोक व्यक्त किया है। सीएम यादव ने जताया दुख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर दिए अपने संदेश में कहा- महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जी गरीबों, वंचितों और पिछड़ों की सेवा में सदैव समर्पित रहे। महाराष्ट्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वे जमीन से जुड़े नेता थे। उनके असामयिक निधन पर मैं श्रद्धांजलि व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहने की शक्ति दें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने जताया दुख कमलनाथ ने अपने संदेश में अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजीत पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। दिग्विजय सिंह ने भी जताया दुख पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी अजीत पवार के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि अजित दादा के विमान हादसे में दुखद निधन की खबर सुनकर अत्यंत व्यथित हूं। सुनेत्रा जी और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

53 साल की मंदिरा बेदी ने दिखाया 30 जैसा जोश, फिनेस टिप्स 40 पार महिलाओं के लिए

मुंबई  शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' फेम एक्ट्रेस मंदीरा बेदी अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं. 53 साल की उम्र में भी मंदिरा बेहद फिट और एक्टिव हैं. वो अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी फोटोज और वीडियो शेयर करती रहती हैं, जिसमें वो जिम में एक्सरसाइज करती दिखती हैं. मंदिरा बेदी को  फिटनेस आइकन माना जाता है, उन्होंने साबित किया है कि उम्र सिर्फ नंबर होता है. 50 की पार होते ही जहां लोग ठीक से चल नहीं पाते हैं, वहां पर  मंदिरा की फिटनेस और एनर्जी लोगों को चौंका देती है.  हाल ही में हर्बालाइफ के यूट्यूब चैनल पर दिए एक इंटरव्यू में मंदीरा ने अपनी फिटनेस जर्नी, उम्र के साथ बदलते शरीर और सेहत को लेकर अपनी खुलकर बातें की. इस दौरान एक्ट्रेस ने कहा कि इस उम्र में वो खुद को पहले से कई गुना ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस करती हैं.  उम्र के साथ बढ़ी ताकत  मंदिरा ने बताया कि वो आज के समय में अपने 30 और 40 के मुकाबले में ज्यादा वजन उठा पाती हैं, उनकी बॉडी में कोई ऐसी लिमिट नहीं है जो पहले नहीं थी. सही ट्रेनिंग और रोजाना एक्सरसाइज की वजह से उनका शरीर अधिक स्ट्रॉन्ग और बैलेंस हो गया है. मंदिरा बेदी ने अपनी फिटनेस के पीछे की सीक्रेट का खुलासा किया, उन्होंने बताया है कि उनकी स्ट्रॉन्ग बॉडी का असली सप्लीमेंट किया है.  क्या है मंदिरा की फिटनेस का सीक्रेट मंदिरा से जब फिटनेस सप्लीमेंट्स के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए सिर्फ एक्सरसाइज ही सबसे बड़ा सप्लीमेंट है, वो किसी चमत्कारी गोली या शॉर्टकट में यकीन नहीं रखती हैं. रोजाना एक्सरसाइज करने से ही हमारा शरीर बीमारियों से दूर रहता है. 40 और 50 की उम्र में महिलाओं में काफी सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं, लेकिन अगर आपकी बॉडी एक्टिव रहती है. तो आपके शरीर में इन बदलावों का ज्यादा असर नहीं पड़ता है.  महिलाओं को दिया खास मैसेज मंदिरा बेदी ने खासतौर पर मिडिल एज महिलाओं को मैसेज देते हुए कहा कि फिटनेस को कभी ऑप्शन की तरह नहीं देखना चाहिए. ये कुछ दिनों की चीज नहीं है बल्कि आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा होना चाहिए. एक्सरसाइज सिर्फ वर्तमान के लिए नहीं बल्कि भविष्य की सेहत के लिए सुरक्षाकवच की तरह है.   रोजाना वर्कआउट करना सेल्फ लव की तरह है यानी यह खुद से प्यार करने का तरीका है. इससे आप भी फिट रहते है और आपका दिल भी हेल्दी रहता है.  40 पार महिलाएं घर पर ही करें ये 5 एक्सरसाइज 40 पार महिलाएं घर पर रहकर भी खुद को फिट रख सकती हैं,  रोजाना सिर्फ 20–25 मिनट की ये 5 एक्सरसाइज शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखती हैं.     वॉल स्क्वैट करने से महिलाओं को बढ़ती उम्र में घुटने और जांघ मजबूत होते हैं.     कुर्सी की मदद से बैठना-उठना करें, इससे आपके पैरों की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती है.     आर्म रेज एक्सरसाइज भी महिलाओं के लिए बेहतर है, क्योंकि इससे कंधे और बाजू टोन होते हैं.     पेट और कमर को सपोर्ट देने के लिए लेग लिफ्ट एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल करें.     महिलाओं को हर छोटी-बड़ी बात का स्ट्रेस होता है और इसे कम करने के लिए वो प्राणायाम और हल्की स्ट्रेचिंग कर सकती हैं. इससे उनके शरीर में लचीलापन भी आता है.  महिलाएं डाइट में शामिल करें ये हेल्दी फूड्स  30 के बाद ही महिलाओं को अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल कर लेने चाहिए, जो उनकी हेल्थ और स्किन के लिए बेहतर होते हैं.      संतरा, पपीता, अमरूद जैसे फल खाएं     हरी सब्जियां, चुकंदर, गाजर, जैसी सब्जियां खाएं, यह उनकी स्किन के लिए भी अच्छी होती हैं.     बादाम, अखरोट, काली किशमिश और अन्य नट्स भी रोजाना मुट्ठी भर खाएं.     चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और कद्दू के बीजों को भी डाइट का हिस्सा बनाएं. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं : राज्यमंत्री श्रीमती गौर भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि उद्योग हमारे राष्ट्र के विकास की रीढ़ हैं और इनमें कार्यरत कामगारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। श्रीमती गौर ने बुधवार को सेफ्टी काउंसलिंग मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित अवार्ड समारोह में अपने संबोधन के दौरान ये बात कही।  राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि प्रत्येक उद्योग और प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंडस्ट्रीज में सुरक्षित कार्य वातावरण न केवल श्रमिकों की जान बचाता है, बल्कि उत्पादन क्षमता और विकास को भी मजबूती देता है। सुरक्षा को बाधा के रूप में देखने की मानसिकता बदलनी होगी, क्योंकि यह किसी भी उद्योग की सतत प्रगति का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है और औद्योगिक संस्थानों को आधुनिक सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी चाहिए। सुरक्षित उद्योग ही मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में सेफ्टी काउंसलिंग के सचिव श्री एस. ए. पिल्लई, श्री एस. एन. डागा, श्री प्रफुल्ल कोहड़े, श्री के. एन. महापात्र समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिश्तों को समझ की नई दिशा: भोपाल में शुरू हुआ ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल सेंटर

भोपाल. मजबूत परिवार, सशक्त समाज की दिशा में निर्णायक पहल महिला बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के मार्गदर्शन में विवाह-पूर्व संवाद को संस्थागत स्वरूप देने वाली देश की पहली संरचित पहल ‘तेरे मेरे सपने’ के अंतर्गत प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर (PMCC) का शुभारंभ भोपाल में किया। इस अवसर पर उन्होंने शक्ति सदन का भी शुभारंभ किया। मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि जब “तेरे” और “मेरे” सपने मिलकर “हमारे” सपने बनते हैं, तभी एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। मजबूत समाज की नींव मजबूत परिवार होते हैं और मजबूत परिवार सोच-समझकर बनाए गए रिश्तों से ही संभव हैं। उन्होंने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिदृश्य में विवाह से पहले संवाद, समझ और भावनात्मक तैयारी अत्यंत आवश्यक हो गई है। ‘तेरे मेरे सपने’ पहल युवाओं को विवाह से पूर्व आपसी अपेक्षाओं, मूल्यों, जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा करने का सुरक्षित एवं मार्गदर्शित मंच प्रदान करती है। मंत्री  भूरिया ने कहा कि संवाद की कमी, अवास्तविक अपेक्षाएँ और भूमिका स्पष्टता के अभाव में कई वैवाहिक रिश्ते तनाव, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा तक पहुँच जाते हैं। ऐसे में प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर न केवल विवादों की रोकथाम में सहायक होंगे, बल्कि सम्मान, सहमति और समानता पर आधारित रिश्तों को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्भया फाउंडेशन द्वारा संचालित यह परियोजना महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूती प्रदान करती है। विवाह से पहले स्पष्टता और संवाद घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों की संभावनाओं को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं। मंत्री  भूरिया ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया राहटकर के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल का चयन किया गया।अभियान से जुड़ी डॉ. प्रतिभा राजगोपाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण अनुभव से इस पहल को व्यावहारिक और सशक्त दिशा मिलेगी। उन्होंने समाज के अध्यक्षों, धर्मगुरुओं, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे विवाह को केवल सामाजिक औपचारिकता नहीं, बल्कि समझदारी और साझेदारी का निर्णय बनाएं तथा विवाह से पूर्व संवाद को स्वीकार करें। मंत्री   भूरिया ने निर्भया फाउंडेशन की पूरी टीम को इस संवेदनशील और दूरदर्शी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो समाज को सुरक्षित, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ‘तेरे मेरे सपने’ पहल के अंतर्गत अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को संवाद कौशल, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय योजना, लैंगिक समानता और पारिवारिक जिम्मेदारियों से संबंधित परामर्श प्रदान किया जा रहा है।   भूरिया ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को जिन्हें पीएमसीसी का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है उन्हें प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। तेरे मेरे सपने’ – PMCCs की विशेषताएँ यह भारत की पहली संरचित पहल है, जो युवाओं को विवाह पूर्व संवाद, भावनात्मक शिक्षा और आपसी समझ प्रदान करती है। विवाह पूर्व परामर्श सत्र करके अपेक्षाएँ, मतभेद प्रबंधन, वित्तीय योजना, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक भूमिकाओं पर मार्गदर्शन दिया जाता है। इंटरैक्टिव गतिविधियाँ के माध्यम से मनोवैज्ञानिक टूल्स और अभ्यासों के जरिए भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को बढ़ाया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेजों, विवाह पंजीकरण कार्यालयों और समुदायों के माध्यम से संवाद कौशल को प्रोत्साहित किया जाता है। आगे की राह उल्लेखनीय है कि अब तक देश के 9 राज्यों में 23 प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर प्रारंभ किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग का लक्ष्य है कि भविष्य में देश के प्रत्येक ज़िले में ऐसा केंद्र स्थापित किया जाए। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों के मामले अधिक हैं।  

न‍िर्दलीय व‍िधायक ऋतु की ‘सीबीआई जांच’ वाली स्लोगन साड़ी बनी आकर्षण

जयपुर. राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत भी बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए व‍िधानसभा पहुंचीं। तो हर कोई उनको देखकर चौंक रहा था। ऋतु बनावत की साड़ी आकर्षण का केंद्र बन गई। हर कोई उस साड़ी की चर्चा करने लगा। जब लोगों ने साड़ी को ध्यान से देखा तो उन पर सरकार के खिलाफ कई रोचक लाइनें लिखी हुईं थी। एक लाइन थी कि विधायक निधि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। राजस्‍थान व‍िधानसभा बजट सत्र में पहुंची बयाना से निर्दलीय व‍िधायक ऋतु बनावत ने कहा, भ्रष्टाचार का मुझ पर जो आरोप लगा, उसकी जांच सीबीआई से कराई जाए। अगर सीबीआई से जांच नहीं कराई जाती है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज इस प्रकरण की जांच करें। ऋतु बनावत पर व‍िधायक न‍िधि में भ्रष्‍टाचार के आरोप लगे हैं। सीबीआई जांच के बाद होगा इस मामले का सही खुलासा ऋतु बनावत ने कहा, जब सीबीआई से जांच होगी, तब ही इस मामले का सही खुलासा हो सकेगा। नहीं तो ब्लैकमेलिंग का यह खेल चलता रहेगा। मैं इस मामले को जनता के समक्ष रखना चाहती हूं। जनता भी जानती है कि किस तरह का खेल उनके जनप्रतिनिधियों के साथ किया जा रहा है। आज इसीलिए मैं यह कपड़े पहन कर आई हूं। जब तक मुझे न्याय नहीं मिलेगा, मैं यह मामला उठाती रहूंगी। मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास ऋतु बनावत ने आगे कहा, मामले में कहीं कोई एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ न कोई लेटर, न कोई पैसा दिया गया, लेकिन कुछ लोग लगातार मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 माह से पीछे लगा था ऋतु बनावत ने कहा, जो व्यक्ति मिलने आया था, उसने खुद कहा कि वह तो 6 माह से पीछे लगा था, जब वह मेरे पास आया और उसने वीडियो रिकॉर्डिंग की बात कही तो मैं यह जानना चाहती हूं कि वह कितने लोगों के पास गया? कितने लोगों की रिकॉर्डिंग थी और उस रिकॉर्डिंग में क्या था?