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जमशेदपुर में कैरव के आठ किडनैपर दबोचे

रांची/ जमशेदपुर. झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर के व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में जमशेदपुर पुलिस ने अपनी पेशेवर कार्यकुशलता और रणनीति का लोहा मनवाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. कैरव की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के बाद पुलिस कप्तान के निर्देश पर चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत गिरोह के आठ अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने अपराधियों के पास से दो एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हिकल्स) गाड़ियां और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. फिलहाल, पकड़े गए अपराधियों से अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर पूछताछ की जा रही है.   पुलिस ने सादे लिबास में बिछाया जाल सूत्रों के अनुसार, पुलिस को अपराधियों के मूवमेंट की सटीक जानकारी मिल चुकी थी. हजारीबाग के बरही इलाके में पुलिस की विशेष टीम ने सादे लिबास में मोर्चा संभाला था. अपराधियों को भनक तक नहीं लगी कि उनकी हर हरकत पर खाकी की पैनी नजर है. जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, पुलिस ने घेराबंदी कर आठों को दबोच लिया. जिस जगह से पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार किया है, वह पहले भी कई बार डील के लिए प्रमुख और गोपनीय स्थल के रूप में फेमस है. बरामद गाड़ियों को जमशेदपुर के एक थाने में लाकर रखा गया है. एसएसपी का संकल्प हुआ पूरा मंगलवार को जब व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस का आभार जताने पहुंचा था, तब एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस की पहली प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षित रिहाई थी. उन्होंने सांकेतिक रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा था कि अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे. बुधवार सुबह जैसे ही गिरफ्तारी की खबर सार्वजनिक हुई, शहर के औद्योगिक और व्यापारिक जगत में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ गया है. मास्टर माइंड की तलाश तेज गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस गिरोह के नेटवर्क और इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड के बारे में उगलवाने में जुटी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सनसनीखेज वारदात में शहर के किन स्थानीय गुर्गों ने मदद की थी. एसएसपी जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकते हैं.

ऑस्ट्रेलियन ओपन: जेसिका पेगुला ने अमांडा अनिसिमोवा को हराकर पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई

मेलबर्न जेसिका पेगुला ने पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल में पेगुला ने अमांडा अनिसिमोवा को 6-2, 7-6(1) से हराया। दुनिया की नंबर 6 खिलाड़ी पेगुला ने 1 घंटे 35 मिनट तक चले क्वार्टरफाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और दमदार जीत हासिल की। इस जीत से पेगुला अपने करियर में तीसरी बार और यूएस ओपन के बाहर पहली बार किसी मेजर ग्रैंड स्लैम के आखिरी चार में पहुंची हैं। सेमीफाइनल में पेगुला का मुकाबला एलेना रायबाकिना से होगा। इससे पहले पेगुला पिछले चार ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में हार चुकी थीं, लेकिन इस मैच में उन्होंने दोनों विंग्स से गहराई और सटीकता के साथ खेल को शुरू में ही कंट्रोल किया, और दो बार अनिसिमोवा की सर्विस तोड़कर पहला सेट अपने नाम किया। दूसरा सेट उतार-चढ़ाव वाला रहा। अनिसिमोवा ने अपना लेवल बढ़ाया, अपने आक्रामक बेसलाइन गेम पर ध्यान दिया, और पेगुला को आगे नहीं बढ़ने दिया। नंबर 4 सीड ने हिम्मत दिखाई, बराबरी पर रहीं, और मैच पॉइंट्स बचाकर सेट को टाईब्रेक में पहुंचा दिया, लेकिन एक बार वहां पहुंचने के बाद, पेगुला को कोई छू नहीं सका। पेगुला ने शुरू से ही ब्रेकर पर दबदबा बनाया, बिना डरे सर्विंग और तेज रिटर्न के दम पर लगातार सात पॉइंट्स बनाए। बढ़ते दबाव में अनिसिमोवा ने गलतियां कीं, जबकि पेगुला की रफ्तार और सटीकता निर्णायक साबित हुई। इस जीत ने अनिसिमोवा के खिलाफ पेगुला का बिना हारे रिकॉर्ड 4-0 कर दिया। यह किसी अमेरिकी विरोधी के खिलाफ उनकी लगातार आठवीं ग्रैंड स्लैम जीत थी। जेसिका पेगुला तीन दशकों से ज्यादा समय में एक ही ऑस्ट्रेलियन ओपन में तीन हमवतन खिलाड़ियों को हराने वाली पहली अमेरिकी महिला भी बनीं, इससे पहले उन्होंने टूर्नामेंट में मैककार्टनी केसलर और डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज को हराया था। मैच के बाद जेसिका ने कहा, “यह बहुत बढ़िया है। मैं पिछले कुछ सालों में यूएस ओपन के अलावा अन्य मेजर ग्रैंड स्लैम में आगे नहीं जा पाई थी। यह पहला स्लैम था जिसमें मैंने सच में कमाल कर दिया। मैं तीन बार, और फिर इस साल, चार बार क्वार्टर फाइनलिस्ट थी। मुझे यहां के हालात पसंद हैं। मैं यहां बहुत अच्छा टेनिस खेल पा रही हूं। इसलिए मैं सेमीफाइनल का इंतजार कर रही थी।”  

गूगल ने फ्रांसीसी दंपति को पाली के गाँव पहुंचाकर पूरी की ख्वाहिश

पाली. निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज साल 1995 में राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव में गए थे। सोड़ावास गांव की यादें वो दम्पति कभी भूला नहीं सके। उनका मन एक बार फिर सोड़ावास गांव आने को कर रहा था। पर अब वह उसका रास्ता व पता दोनों भूल गए थे। इस मौके पर गूगल ने उनकी मदद की। गिरार्ड की बेटी ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उठाया। उनकी बेटी ने गूगल की मदद से गांव को ढूंढ निकाला। बेटी पहले वर्ष 2025 में अपने पति के साथ राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव आई। पता मिलने के बाद गिरार्ड को 4700 किमी दूर बसे इस सोड़ावास गांव की यादें बुलाने लगी। 15 जनवरी को गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज सोड़ावास गांव आए, जहां एक बार फिर वो अपने गुजरे पलों को फिर से जी सके। गिरार्ड दंपति 30 वर्ष बाद दोबारा सोड़ावास पहुंचे। तो गांव की बदली तस्वीर देखकर वे चौंक गए। अब गांव में कच्चे घर की जगह पक्की इमारते और आधुनिक सुविधाएं थी। हालांकि समय के साथ विकास हुआ था, लेकिन गांव की संस्कृति और लोगों का अपनापन आज भी वैसा ही था जैसा 30 साल पहले, जिसने दंपति को भावुक कर दिया। चाय के लिए अपने घर आने का ग्रामीण ने दिया न्योता कहानी कुछ ऐसे शुरू हुई। साल 1995 में फ्रांस निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज अपने तीन बच्चों के साथ भारत घूमने आए थे। उन्होंने एक रिक्शा खरीदी। पूरा परिवार इसी रिक्शे से राजस्थान भ्रमण करने लगा। रणकपुर दर्शन के बाद पाली लौटते समय उनका सफर सोड़ावास गांव से होकर गुजरा, जहां भोपाल सिंह नामक ग्रामीण ने उन सब को चाय के लिए अपने घर आने का न्योता दिया। अपना रिक्शा गांव को कर दिया गिफ्ट इस आग्रह को दंपति टाल नहीं सके और गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनका जमकर स्वागत किया। पूरा परिवार एक महीने तक सोड़ावास गांव में रुका। उन्होंने इस दौरान गांव की संस्कृति, परम्पराएं, खान-पान और जीवनशैली को बहुत करीब से देखा। जब जाने का वक्त आया तो उन्होंने अपना रिक्शा गांव को ही गिफ्ट कर दिया। उनके दिल में बसता है भारत-गिरार्ड मौजूदा वक्त में गिरार्ड 85 वर्ष तो उनकी पत्नी शोलेज 73 वर्ष की हैं। गिरार्ड कहते हैं कि भारत उनके दिल में बसता है। यहां की संस्कृति में सच्चा अपनापन झलकता है। गांव का शांत वातावरण मानसिक सुकून देता है। अब उनकी इच्छा है कि जीवन की शेष सांसें भी भारत में ही लें। गिरार्ड ने फ्रांस में बनवाया मंदिर सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि गिरार्ड ने सोड़ावास के मंदिर और लोगों की धार्मिक आस्था से प्रेरित होकर फ्रांस में एक मंदिर बनवाया है, जहां वे प्रतिदिन पूजा करते हैं। गिरार्ड पेशे से आर्टिस्ट हैं।

विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव में कई पुलिस जवान घायल

रांची/रामगढ़.  रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुकरीगढ़ा गांव के बमहनीडीह में बीती रात सरस्वती पूजा के अवसर पर निकाले गए विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए। शांतिपूर्ण माहौल में निकला जुलूस देखते ही देखते विवाद और हिंसा में बदल गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।  मूर्ति विसर्जन के दौरान ग्रामीणों व पुलिस के बीच हुई झड़प में मूर्ति विसर्जन में शामिल लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।  प्रतिमा विसर्जन को लेकर जुलूस निकाला दरअसल सुकरीगढ़ा में बीती रात ग्रामीणों द्वारा सरस्वती माता की प्रतिमा विसर्जन को लेकर जुलूस निकाला गया था। इसी बीच गाजे बाजे के साथ ग्रामीण मूर्ति लेकर देवी मंडा के समीप पहुंचे थे। वहीं रजरप्पा थाना पुलिस द्वारा ग्रामीणों से जल्द से जल्द प्रतिमा विसर्जन करने को लेकर आग्रह कर रहे थे। साथ ही डीजे को बंद कर समीप के तालाब में प्रतिमा विसर्जन करने का लगातार अनुरोध कर रहे थे। लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा डीजे बंद नहीं करने की बात पर करने लगे। साथ ही मूर्ति विसर्जन भी आगे आने वाले तालाब में करने की बात पर अड़ गए।  पास के तालाब में मूर्ति विसर्जन करने की बात वहीं पुलिस द्वारा समीप के तालाब में मूर्ति विसर्जन करने की बात कर रहे थे। इसी बीच ग्रामीणों व पुलिस में जोरदार झड़प शुरू हो गई। इस दौरान रात का फायदा उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अचानक पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में रजरप्पा थाना के कॉन्स्टेबल सह अंगरक्षक फूलचंद महतो के सर पर गंभीर चोट लग गई। जिससे उनका माथा फट गया। साथ ही वहां मौजूद अवर निरीक्षक रंजीत कुमार महतो, मो इकबाल, चालक हवलदार, रोहित कुमार सिंह व पुलिस सहयोगी रूपेश महतो भी घायल हो गए। सभी का इलाज सदर अस्पताल रामगढ़ में किया गया।  ग्रामीणों के भी घायल होने की खबर इसके बाद पुलिस द्वारा भी जवाबी करवाई की गई। जिससे कई ग्रामीणों के भी घायल होने की खबर है। घटना की सूचना मिलने के बाद रामगढ एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पहुंच गए और आरोपियो की धर पकड़ में जुट गई।  पुलिस के इस कार्यवाई के बाद पूरा सुकरीगढ़ा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एसडीपीओ खुद कमान संभालते हुए कई घरों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान दर्जनों लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। साथ ही मौके पर से डीजे साउंड सिस्टम, 5 मोटरसाइकिल व एक टेम्पू भी जब्त कर थाना लाया गया है। 43 नामजद व 150 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज सुकरीगढ़ा में बीते रात को हुए पथराव मामले में रजरप्पा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 नामजद व 150 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है। साथ ही सभी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान तेज कर दिया गया है। इस बाबत रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने कहा कि सुकरीगढ़ा में बीती रात ग्रामीणों के द्वारा पुलिस पर हमला किया गया है। जिसपर सख्त कार्रवाई की गई है। आरोपियों को किसी भी हाल में नही छोडा जाएगा। 10 गिरफ्तार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा जेल सुकरीगढ़ा में हुए पुलिस और ग्रामीणों की झड़प व पथराव मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जेल जाने वालों में अक्षय कुमार सोनी, नारायण साव, विशाल वर्मा, सुजीत कुमार, संतोष कुमार, अजय कुमार, प्रीतम कुमार, उत्तम कुमार, पिंकू प्रसाद, हीरालाल मुंडा शामिल है। उनपर संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

विवाहिता की दहेज़ हत्या में दारोगा गिरफ्तार और पति फरार

नयागांव. सोनपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या–17 स्थित हरिहरनाथ थाना क्षेत्र के कोइरी पट्टी में विवाहिता सरिता प्रकाश उर्फ सुबु की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह दहेज हत्या कांड के रूप में सामने आ चुका है।  इस सनसनीखेज मामले में हरिहरनाथ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर थाना में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार रजक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिता के आवेदन पर दर्ज हुई प्राथमिकी इस मामले में मृतका के पिता जयप्रकाश महतो, निवासी सोनपुर चिड़िया बाजार कोइरी पट्टी ने 17 जनवरी को हरिहरनाथ थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में वैशाली जिले के करताहा बुजुर्ग गांव निवासी स्वर्गीय रघुनाथ सिंह के पुत्र सत्येंद्र कुमार (पति) के अलावा उसके भाई जीतन सिंह, तथा उनकी पत्नी पड़ोसी रीना देवी समेत पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि शादी के बाद से ही सरिता को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी प्रताड़ना के चलते उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। आधी रात को स्कॉर्पियो, सुबह मिली लाश परिजनों के अनुसार 16 जनवरी की रात करीब 12:38 बजे एक काले रंग की स्कॉर्पियो से सरिता को उसके मायके सोनपुर लाया गया। गाड़ी स्टार्ट हालत में ही रही, चालक अंदर बैठा रहा और एक व्यक्ति उतरकर सरिता को सड़क किनारे उसके मायके के सामने रखकर फरार हो गया। सुबह जब परिजन बाहर निकले तो घर के ठीक सामने दरवाजे के पास सरिता का शव पड़ा मिला। उसके गले पर गहरे दबाव के निशान थे, जिससे गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होती है। पुलिस स्टीकर वाली गाड़ी से बढ़ा शक परिजनों ने बताया कि स्कॉर्पियो पर पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था, जिससे शक और गहरा गया। इसी कड़ी में जांच आगे बढ़ी और मामला खाकी तक पहुंच गया। जांच में सामने आए अहम साक्ष्य हरिहरनाथ थाना अध्यक्ष विमलेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। आरोपी दारोगा से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार इस कांड में अब तक एक आरोपी और दो अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मृतका का पति सत्येंद्र कुमार फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सीसीटीवी और साजिश की परतें खुलेंगी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि दहेज, सत्ता और वर्दी के दुरुपयोग से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड बनता जा रहा है।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के ‘डबल अटैक’ से 11 जिलों में पड़े ओले

हिसार/पानीपत. प्रदेश में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को मौसम बदला है। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 15 से अधिक जिलों में वर्षा हुई। जिन जिलों में ओलावृष्टि हुई है, उनमें हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी क्षेत्र में ओलावृष्टि अधिक रही। इन जिलों के 200 के करीब गांवों में ओले पड़े हैं। भिवानी, रोहतक, हिसार और यमुनानगर में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं में अभी बालियां नहीं निकली हैं, इसलिए ओलावृष्टि से गेहूं को नुकसान नहीं हुआ। वर्षा से गेहूं, चना और जौ की फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। वहीं प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज हुआ है। मौसम विभाग का अलर्ट कोहरा: पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, पानीपत व जींद। शीत लहर: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी व चरखी दादरी। कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और असर को हिसार: जिले में बुड़ाक, सरसाना, बांडाहेड़ी, खासा महाजन, घुड़साल, बगला और कालीरामन गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। यहां खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। सिरसा: नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के मोरीवाला, डिंग और शक्कर मंदोरी सहित 13 गांवों में ओले गिरे। इससे सरसों और गेहूं को भारी नुकसान पहुंचा है। झज्जर, बहादुरगढ़ और बादली ब्लाक के पेलपा सहित कुल 16 गांवों में ओलावृष्टि हुई। कृषि विभाग के अनुसार फसलों में 15 प्रतिशत तक नुकसान है। चरखी दादरी: बाढड़ा उपमंडल के बाढड़ा, हंसावास और कादमा सहित 10 गांवों में सुबह ओले गिरे। सरसों की फसल में अधिक नुकसान का अंदेशा जताया गया है। रोहतक, महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, सैमान, खेड़ी, बहलबा और भराण गांवों में हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई। यहां फसलों में विशेष नुकसान नहीं है। जींद: उचाना के घोघड़ियां, कुचराना व कसूहन और नरवाना के दनौदा व जाजनवाला गांवों में ओले गिरे। शीतलहर के बीच सरसों की फसल प्रभावित हुई है। फतेहाबाद : दहमान, गोरखपुर, चिंदड़, कुम्हारिया और भोडा होसनाक गांवों में ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और सरसों की पैदावार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। कुरुक्षेत्र जिले के दयालपुर और बारवा गाँवों में सुबह के समय हल्की ओलावृष्टि हुई। रुक-रुक कर हुई बारिश से क्षेत्र में दोबारा ठंड बढ़ गई है।

झारखंड निकाय चुनाव में रांची के 5 भवनों का मतगणना के लिए चयन

रांची. नगर निकाय चुनाव को लेकर मतगणना स्थल को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कवायद तेज हो गई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद रांची के पंडरा बाजार स्थित मतगणना स्थल पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शहर के पांच प्रमुख भवनों को चिह्नित किया है और इन स्थलों का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रांची की ओर से संबंधित विभागों को पत्र जारी कर मतगणना एवं बज्रगृह के लिए संभावित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया है। स्पष्ट किया गया है कि आगामी चुनावों को देखते हुए मतगणना और बज्रगृह के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया जाना आवश्यक है। इसी क्रम में गैर सरकारी और सरकारी भवनों को विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है। जिन पांच स्थलों को विकल्प के तौर पर रखा गया है, उनमें खेलगांव स्थित शेख भिखारी प्रशासनिक भवन परिसर, मोरहाबादी स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, नामकुम के सिरका टोली स्थित झारखंड यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाजी, नामकुम के रिंग रोड पर स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी तथा कांके के रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं। इन सभी स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे आगे कार्यालय को भेजा जाएगा। वहीं इस पूरे मामले पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पंडरा बाजार में ही मतगणना की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से अभी तक किसी वैकल्पिक स्थल को लेकर कोई प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को प्राप्त नहीं हुआ है। आयोग की ओर से जैसे ही कोई प्रस्ताव आएगा, उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। स्पष्ट है कि हाईकोर्ट के आदेश के चलते जिला प्रशासन एहतियातन विकल्प तैयार कर रहा है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी फिलहाल पंडरा बाजार को केंद्र में रखकर ही चल रही है। आने वाले दिनों में जिला प्रशासन के प्रस्ताव के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 को जगदलपुर में संभागीय बस्तर पंडुम में आएंगी

जगदलपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी को बस्तर पंडुम संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जगदलपुर आएंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है। मुख्य सचिव विकास शील ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास के मद्देनजर आज यहां मंत्रालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। मुख्य सचिव विकास शील ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर बस्तर पंडुम के संभागीय कार्यक्रम के आयोजन और इससे संबंधित अन्य तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव विकासशील ने राष्ट्रपति महोदया के प्रवास अवसर पर सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर कलेक्टर से वहां की सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने रायपुर कलेक्टर को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

भागीरथपुरा की जल आपदा: दूषित पानी से 30वीं मौत दर्ज, शहर में हड़कंप

इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इससे पहले मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।बुधवार को उनके स्वजन और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। समझाइश के बाद वे लोग अंत्येष्ठि के लिए माने और शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवना हुए। लक्ष्मी रजक जैन (निवासी)दूध वाली गली) दूषित पानी से फैले संक्रमण की शिकार हुईं। विडंबना यह रही कि उनके पति स्वर्गीय डॉ. के.डी. रजक ने जीवनभर मरीजों का इलाज किया, लेकिन उनके ही परिवार को यह त्रासदी झेलनी पड़ी। परिजनों के अनुसार रविवार को लक्ष्मी रजक को अचानक घबराहट और पेट में तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश गुप्ता ने बताया कि जांच में लक्ष्मी रजक की किडनी में गंभीर संक्रमण पाया गया था। संक्रमण तेजी से फैल चुका था और अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि उनके पति का निधन भी महज 17 माह पहले हुआ था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इसी दिन भागीरथपुरा निवासी 62 वर्षीय पूर्व पहलवान खूबचंद बंधोनिया की भी उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से सीवरेज मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसकी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को पटखनी देने वाले खूबचंद दूषित पानी के संक्रमण से जंग हार गए। दो मरीज वेंटिलेटर पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस बीमारी का कहर भले ही अब काफी हद तक कम चुका है, लेकिन क्षेत्र के लोग अब भी परेशान है। भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 4,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से लगभग 450 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में पानी की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।    

हार की हैट्रिक या फाइनल की छलांग? स्मृति मंधाना की टीम के लिए निर्णायक मुकाबला

नई दिल्ली अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) लगातार दो मैच में हार को पीछे छोड़कर यूपी वॉरियर्स के खिलाफ गुरुवार को वडोदरा में होने वाले महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के मैच में जीत दर्ज करके फाइनल में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगा।   आरसीबी (10 अंक) डब्ल्यूपीएल प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने वाली एकमात्र टीम है लेकिन वॉरियर्स के खिलाफ जीत से उसकी फाइनल में जगह भी पक्की हो जाएगी। वहीं दूसरी तरफ प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कड़ी चुनौती का सामना कर रही वॉरियर्स की टीम को अपनी शीर्ष स्कोरर फोबे लिचफील्ड (243 रन) की चोट से बड़ा झटका लगा है। लिचफील्ड टूर्नामेंट से बाहर हो गई है और एमी जोन्स को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया गया है। 5 लगातार जीत के बाद बिगड़ी आरसीबी की लय स्मृति मंधाना की अगुवाई वाली आरसीबी की टीम पहले पांच मैच जीत कर सभी टीमों से काफी आगे निकल गई थी, लेकिन उसके बाद मिली दो हार ने निश्चित रूप से उसके अभियान को झटका लगा है। आरसीबी को दिल्ली कैपिटल्स से हार का सामना करना पड़ा जब बल्लेबाजों की नाकामी के कारण उसने सात विकेट से हार झेली। इसके बाद आरसीबी को मुंबई इंडियंस के हाथों भी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में एक समय उसका स्कोर पांच विकेट पर 35 रन था लेकिन ऋचा घोष की 90 रन की विस्फोटक पारी ने हार के अंतर को काफी कम कर दिया। मुंबई इंडियंस ने नैट साइवर-ब्रंट के टूर्नामेंट के इतिहास के पहले शतक की बदौलत आरसीबी के सामने 200 रन का लक्ष्य रखा था। इस मैच में मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों ने आरसीबी के गेंदबाजों की पोल भी खोल दी। आरसीबी के गेंदबाजों को अब अच्छा प्रदर्शन करना पड़ेगा। उसके गेंदबाजी विभाग में लॉरेन बेल (11 विकेट) पर काफी कुछ निर्भर करेगा, लेकिन उन्हें सायली सतघरे (08) और नादिन डी क्लर्क (11) से भी उचित सहयोग की जरूरत है। पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है यूपी वॉरियर्स वॉरियर्स की टीम अभी सबसे निचले पायदान पर है और उसके लिए अब करो या मरो जैसी स्थिति बन गई है क्योंकि शीर्ष तीन टीम में जगह बनाने के लिए उसे न सिर्फ अपने बाकी बचे मैच जीतने होंगे बल्कि अगर मगर की कठिन डगर से भी गुजरना पड़ेगा। वॉरियर्स के छह मैचों में दो जीत से चार अंक हैं। यही नहीं उसका नेट रन रेट भी अच्छा नहीं है जिससे उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। लिचफील्ड के बाहर हो जाने के बाद उसकी बल्लेबाजी अब बहुत हद तक कप्तान मेग लैनिंग (207 रन) और भारतीय स्टार हरलीन देओल (150 रन) पर निर्भर रहेगी। गेंदबाजी में उसका दारोमदार सोफी एक्लेस्टोन (6 विकेट) और दीप्ति शर्मा (5 विकेट) की स्पिन जोड़ी पर टिका रहेगा। टीम इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दयालन हेमलता, प्रथ्योशा कुमार (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, नादिन डी क्लर्क, ग्रेस हैरिस, गौतमी नाइक, श्रेयंका पाटिल, सयाली सतघरे, लॉरेन बेल, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, लिन्से स्मिथ, पूजा वस्त्राकर और राधा यादव। यूपी वॉरियर्स: मेग लैनिंग (कप्तान), हरलीन देयोल, शिप्रा गिरी (विकेटकीपर), किरण नवगिरे, एमी जोन्स, प्रतिका रावल, सिमरन शेख, गोंगाडी त्रिशा, डिआंड्रा डॉटिन, चार्ली नॉट, शिखा पांडे, श्वेता सहरावत, दीप्ति शर्मा, आशा शोभना, क्लो ट्रायॉन, सोफी एक्लेस्टोन, क्रांति गौड़ और सुमन मीना। समय: मैच शाम 7.30 बजे शुरू होगा।