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आज का राशिफल 30 जनवरी: सितारों की स्थिति बदलेगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- 30 जनवरी के दिन अपनी खामियों का सामना करें और उन पर विजय पाना शुरू करें। इस बारे में सोचें कि प्यार या माफी के बारे में बेहतर ढंग से बोलने के लिए आप क्या कर सकते हैं। सपोर्ट देकर छोटे कदमों से शुरुआत करें। वृषभ राशि- 30 जनवरी के दिन खुद के प्रति धैर्यवान रहने का अभ्यास करें। कुछ टाइम लें और न केवल कार्यों की बल्कि इमोशनल हेल्थ की भी एक लिस्ट बनाएं। लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना शुरू करें। मिथुन राशि- 30 जनवरी के दिन जीवन में संतुलन का आनंद लें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका दिन कैसा गुजर रहा है, सीमाएं स्थापित करना महत्वपूर्ण है। जान लें कि स्किल्स ही आपका सबसे तेज हथियार हो सकती है। कर्क राशि- 30 जनवरी के दिन सम्मान पाने के लिए हकदार हैं। आपकी ये स्किल्स आपके होने वाले पार्टनर को आपकी ओर अट्रैक्ट कर सकती हैं। अपने आस-पास के लोगों की तारीफ करें। सिंह राशि- 30 जनवरी के दिन आज ही अपने करियर की आकांक्षाओं में समय और प्रयास लगाकर अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना शुरू करें। काम के प्रति आपके जुनून और प्रोफेशनल दुनिया में योगदान देने के साथ आप सफलता पाएंगे। कन्या राशि- 30 जनवरी के दिन समय पर विश्वास करें और खुला दिमाग रखें। अगर आपके पास कोई प्रेम समस्या है, जिसे आपको सॉल्व करने की आवश्यकता है, तो सोल्यूशन निकालने पर फोकस करें। तुला राशि- 30 जनवरी के दिन जब आप अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से निपट रहे हों तो धैर्य दिखाएं। प्यार पर अपना विश्वास रखें। बातचीत में शामिल होना आपको सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। वृश्चिक राशि- 30 जनवरी के दिन काम के प्रेशर के बावजूद, आपके पार्टनर के साथ आपका रिश्ता मजबूत होगा, जो आपको परेशानियों से बचाएगा। जान लें कि आप दोनों के पास कई ऐसे लोग हैं, जिन पर आप भरोसा कर सकते हैं। धनु राशि- 30 जनवरी के दिन सहयोग की शक्ति का लाभ उठाएं और किसी रोमांचक और इनोवेटिव दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार रहें। रियल बने रहें। आपका पार्टनर जो सोचता है और महसूस करता है, उसमें रुचि दिखाएं। मकर राशि- 30 जनवरी के दिन अपने दोस्तों को अपना सपोर्ट और मार्गदर्शन का नेटवर्क मानें। सामाजिक दायरे का हिस्सा होने के बारे में सबसे अविश्वसनीय चीजों में से एक है किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका, जिससे आप नहीं मिल पाते है। कुंभ राशि- 30 जनवरी के दिन करियर में कोई आपको जरूरी सपोर्ट दे सकता है,और साथ मिलकर आप किसी भी प्रॉब्लम से बच सकते हैं। भले ही दिन कठिन हो लेकिन आपके कनेक्शन को और ज्यादा स्ट्रॉंग बनाने का अवसर मौजूद है। मीन राशि- 30 जनवरी के दिन आपका रवैया शानदार है। किसी नए व्यक्ति के साथ बातचीत करने से लेकर कुछ नया आजमाने तक, कदम आगे बढ़ाना शुरू करें और दिल के मामलों में खुद को तलाशें।

शंकराचार्य का बड़ा बयान: चेहरा साधु का, काम राक्षसों जैसे— धर्म के नाम पर ढोंग पर निशाना

वाराणसी प्रयागराज में माघ अमावस्या से ही प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच शंकराचार्य का एक और बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यहां लोगों के काम राक्षसों के हैं और चोला साधुओं का पहने बैठे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि संत कभी बंट नहीं सकते। संत के नाम पर जो लोग वेशधारी बनकर दिखाई देते हैं, वो अपने आप ही अलग हैं। वे असली संत नहीं हैं। ढोंगी संत और सच्चा संत हमेशा अलग होते हैं। प्रयागराज में जो लाठी चलाई गई, उसका निशाना सिर्फ असली संत नहीं थे। लाठी उन लोगों पर भी चली जो गुरुकुल में शिक्षा लेने आए थे, संन्यासियों, ब्रह्मचारियों, साध्वियों और बुजुर्गों पर भी। ये सब लोग सनातन धर्म का हिस्सा हैं। जिनको इससे पीड़ा नहीं हो रही, वे असली संत नहीं हैं, बल्कि ढोंगी संत हैं। उन्होंने सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले किसी पर हमला होता था, लेकिन महिलाओं और बच्चों को नहीं छुआ जाता था। अब ऐसा हो रहा है कि ब्राह्मण बच्चों को भी निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस घटना के बाद किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे यह साबित होता है कि सरकार अब ब्राह्मणों के खिलाफ नजरिया रखती है। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि माफी मांगना या अपराध को स्वीकार करना प्रशासन के ऊपर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि संतों ने ग्यारह दिन तक संयम बनाए रखा और मौके दिए कि प्रशासन अपनी गलती सुधार सके, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसका सबूत जनता ने देखा। उन्होंने कहा कि वीडियो और फोटो ने साफ दिखा दिया कि लोगों को कैसे मारा और पीटा गया, चोटी पकड़कर अपमानित किया गया, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब माघ समाप्त हो गया है और संत वहां से निकल गए हैं। उन्होंने जो अहंकार दिखाया, वो सभी के सामने है। अब जनता खुद देख रही है कि प्रशासन ने संतों के साथ कैसा व्यवहार किया। उन्होंने मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि बनारस और अन्य जगहों पर मंदिरों की परंपरागत मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं और फेंकी जा रही हैं। ये औरंगजेब के समय जैसी घटना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को औरंगजेब कहने पर कुछ संतों को गुस्सा आ रहा है और ये स्वाभाविक भी है कि जिससे आपको प्रेम या लगाव होगा, उसे कोई कुछ कहे तो आपको बुरा लगता है, लेकिन सरकार से लगाव रखने वाले इन संतों को भगवान या मंदिरों से लगाव नहीं है क्या? अगर आपको मंदिर, मूर्तियों और भगवान से लगाव है, तो उनकी हानि देखकर दर्द होना चाहिए। उन्होंने 'कालनेमी' शब्द को लेकर कहा कि मंत्री ने उनका अपमान करने और अपनी भड़ास निकालने के लिए यह शब्द इस्तेमाल किया। अगर उनके पास इसका प्रमाण है तो लाएं और इस बात को सिद्ध करें। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आज कुछ लोग साधु-संतों का चोला पहने हैं और काम राक्षसों जैसा है। आज ब्राह्मणों पर हमला हो रहा है और गायों, मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर राक्षसों का काम बताया, जबकि साधु-संत धर्म और समाज के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार ने संतों के खिलाफ जो कदम उठाए, वह संसद और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। संतों को अलग-अलग करने और हिंदू समाज को विभाजित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह सब देखकर जनता और साधु संतों का विश्वास कमजोर हुआ है। लोग अब यह सोचने लगे हैं कि देश में न्याय और लोकतंत्र पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। प्रशासन की तानाशाही ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सरकार ने संतों और जनता के अधिकारों का उल्लंघन किया है और जांच या कार्रवाई करने का कोई इरादा नहीं दिखाया।

कितने वादे हुए पूरे? बजट से पहले डिंपल यादव ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र और आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से आम जनता के हितों पर ध्यान देने की मांग की है। समाजवादी पार्टी और बीजू जनता दल के सांसदों ने कहा कि बजट और सर्वे केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लोगों को मिलने वाले लाभों की सच्ची तस्वीर सामने आए। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बजट में इस बात को प्रमुखता से दिखाया जाना चाहिए कि आम लोगों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सराहनीय है कि देश की एक महिला वित्त मंत्री बजट पेश कर रही हैं, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी यह है कि जनता को वास्तविक लाभ क्या मिल रहा है। डिंपल यादव ने सवाल उठाया कि पिछले बजटों में किए गए वादे कितने पूरे हुए हैं और उन योजनाओं का असर लोगों की जिंदगी में कितना दिख रहा है। समाजवादी पार्टी के ही सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी इसी तरह की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि महिला वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया जाना खुशी की बात है, लेकिन असली मुद्दा बजट की सामग्री है। उन्होंने सवाल किया कि इस बजट में युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मजदूरों के लिए क्या खास है। उनके मुताबिक, बजट का असली मूल्यांकन इस बात से होगा कि वह आम लोगों के हितों को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाता है। उधर, राज्यसभा सदस्य और बीजू जनता दल के नेता सस्मित पात्रा ने संसद में पेश हो रहे आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर अपनी उम्मीदें जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि यह सर्वे देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति को ईमानदारी से सामने रखे और मौजूदा चुनौतियों को नजरअंदाज न करे। सस्मित पात्रा ने महंगाई, बेरोजगारी, डॉलर के मुकाबले रुपए के अवमूल्यन, पूंजी निवेश से जुड़ी दिक्कतों और वित्तीय ढांचे से संबंधित समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट और सच्ची तस्वीर पेश की जानी चाहिए।

भारत के विकास में योगदान के लिए पीएम मोदी ने HD देवगौड़ा की तारीफ की

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी पीएम मोदी ने खुद दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। सोशल मीडिया पर शेयर की गई दो तस्वीरों में से एक में पीएम मोदी देवगौड़ा को पुष्पगुच्छ देते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में देवगौड़ा के हाथों को पकड़कर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने एचडी देवगौड़ा के साथ हुई वार्ता की जानकारी देते हुए कहा, "एचडी देवेगौड़ा के साथ बातचीत हुई। अहम मुद्दों पर उनके सार्थक विचार काफी ध्यान देने लायक हैं। भारत के विकास के लिए उनका उत्साह भी उतना ही सराहनीय है।" एचडी देवेगौड़ा 1996-1997 तक भारत के प्रधानमंत्री थे और वर्तमान में वे जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख हैं। उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन का हिस्सा है और कर्नाटक में भाजपा के साथ मिलकर काम करती है। देवेगौड़ा लंबे समय से कृषि, ग्रामीण विकास और जल संसाधनों जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते आए हैं। वे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और अभी राज्यसभा सदस्य हैं। उनकी उम्र और राजनीतिक अनुभव के कारण उनकी सलाह राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हाल के वर्षों में दोनों नेताओं के बीच कई बार मुलाकातें और बातचीत हुई हैं, जो एनडीए के सहयोगी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने का संकेत देती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने अतीत में भी प्रधानमंत्री मोदी की कई योजनाओं की सराहना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ सौजन्य नहीं, बल्कि रणनीतिक महत्व भी है। खासकर कर्नाटक जैसे महत्वपूर्ण राज्य में जहां जद(एस) का प्रभाव अभी भी बना हुआ है, और आगामी विधानसभा या अन्य चुनावों को देखते हुए गठबंधन की मजबूती जरूरी है।

यूएसएस अब्राहम लिंकन तेहरान के पास, अमेरिका की तैयारी इराक के बाद ईरान पर

वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर से बड़े स्ट्राइक की धमकी दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस बार का हमला पिछली बार से भी बड़ा होगा। अमेरिका ने हिंद महासागर में घातक यूएसएस अब्राहम लिंकन को उतारा है, जो ईरान के करीब पहुंच रहा है। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को हिंद महासागर में दाखिल हुआ और ईरान के करीब जा रहा है। यह ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित ऑपरेशन में मदद कर सकता है, चाहे वह हमलों में मदद करना हो या ईरान के संभावित जवाबी हमले से क्षेत्रीय सहयोगियों की रक्षा करना हो। अमेरिकी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान इस महीने की शुरुआत में मैसेज का लेन-देन कर रहे थे, जिसमें ओमानी डिप्लोमैट्स के जरिए और ट्रंप के विदेशी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच मैसेज का लेन-देन शामिल था। इस बातचीत में अमेरिकी हमले को रोकने के लिए एक संभावित मीटिंग के बारे में बात हो रही थी। दरअसल, यह उस अमेरिकी हमले की बात हो रही है, जिसकी धमकी ट्रंप प्रदर्शनकारियों की मौत के जवाब में दे रहे थे। ट्रंप ने हाल के दिनों में सैन्य कार्रवाई की अपनी धमकियां बढ़ा दी हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यूएस की सेना इस इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम भेज रही है, जिसमें एक्स्ट्रा पैट्रियट बैटरी भी शामिल हैं, ताकि वहां मौजूद यूएस फोर्स को ईरान के संभावित जवाबी हमले से बचाया जा सके। अमेरिकी मीडिया ने कई सोर्स के हवाले से बताया कि अमेरिका इस इलाके में एक या ज्यादा थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी तैनात किया है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एएफसीईएनटी कमांडर और कंबाइंड फोर्सेज एयर कंपोनेंट कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डेरेक फ्रांस ने एक बयान में कहा, "अमेरिकी एयर फोर्स मिडिल ईस्ट में कई दिनों की एयर एक्सरसाइज करने वाली है, जिससे एयरमैन यह साबित कर सकेंगे कि वे मुश्किल हालात में भी सुरक्षित, सही तरीके से और अपने पार्टनर्स के साथ बेहतर तालमेल के जरिए काम को अंजाम दे सकते हैं।” दूसरी ओर ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर चेतावनी दे दी है कि फ्लीट ईरान की तरफ बढ़ रहा है। इसे अब्राहम लिंकन लीड कर रहा है, जो बहुत तेजी से, बहुत ताकत और मकसद के साथ आगे बढ़ रहा है।

सुरक्षित यात्रा का वादा: मचैल माता यात्रा में वैष्णो देवी जैसी आधुनिक सुविधाएं

जम्मू-कश्मीर मचैल माता की पवित्र यात्रा को अब और ज्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल की दर्दनाक घटना से सीख लेते हुए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाने का फैसला किया है। अब मचैल यात्रा में आरएफआईडी (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि हर श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दरअसल, 14 अगस्त 2025 को मचैल यात्रा के दौरान बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। इस हादसे में 60 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, 100 से अधिक लोग घायल हुए थे और कई लोग लंबे समय तक लापता रहे। राहत और बचाव कार्य करीब एक महीने तक चला। इस घटना ने साफ कर दिया कि पुरानी व्यवस्थाएं अब पर्याप्त नहीं हैं और नई तकनीक अपनाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब मचैल यात्रा को वैष्णो देवी यात्रा की तरह आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना चाहता है। नई व्यवस्था के तहत हर श्रद्धालु को यात्रा के दौरान एक RFID कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड से यह पता लगाया जा सकेगा कि श्रद्धालु किस समय कहां मौजूद है। अगर किसी तरह की आपात स्थिति आती है, तो राहत और बचाव टीम को तुरंत सही जानकारी मिल सकेगी। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अप्रैल से सितंबर के बीच, मानसून से पहले, आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली जाए। खास तौर पर बाढ़, भूस्खलन और खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं को लेकर प्रशासन हमेशा सतर्क रहे। राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग के साथ लगातार तालमेल रखा जा रहा है। मौसम की पहले से चेतावनी, लगातार निगरानी और सही समय पर जानकारी पहुंचाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। RFID सिस्टम के साथ-साथ मचैल यात्रा मार्ग पर सुरक्षित शरण स्थल और सहायक ढांचे बनाने की भी योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, वैष्णो देवी समेत सभी बड़े तीर्थ स्थलों पर नियमित मॉक ड्रिल कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। किश्तवाड़ जिला प्रशासन का कहना है कि मचैल हादसे से मिले अनुभवों के आधार पर एक पूरा आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन का साफ संदेश है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उम्मीद है कि नई तकनीक, बेहतर योजना और अलग-अलग एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल से मचैल माता की यात्रा आने वाले समय में आस्था के साथ-साथ सुरक्षा की मिसाल बनेगी।

रीवा विकास के क्षेत्र में ही नहीं कला व संस्कृति के क्षेत्र में भी आगे है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एवं थियेटर फेस्टिबल में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा विकास के क्षेत्र में ही नहीं कला व संस्कृति के क्षेत्र में भी आगे है। कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम कला प्रेमियों के लिए वह स्थल बन गया है जहां महानगरों की तरह ही राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा आयोजित चित्रांगन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म एवं थियेटर फेस्टिबल के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि महाभारत सीरियल में कृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज के चर्चित नाटक चक्रव्यूह की प्रस्तुति रीवा के सुधी दर्शकों को अविभूत कर गई और हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें यह नाट्य मंचन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि श्री भारद्वाज व उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नाटक का मंचन मानस पटल पर चिरकाल तक अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि रीवा के लोग रिश्ते बनाना नहीं रिश्ते निभाना भी जानते हैं जिसका उदाहरण यह राजकपूर आडिटोरियम है जहाँ राजकपूर जी का विवाह हुआ था और अब इस स्थान में भव्य आडिटोरियम कला व संस्कृति प्रेमियों के लिये माध्यम बना है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयोजन समिति को बधाई दी। इस अवसर पर श्री भारद्वाज ने कहा कि रंगमच और सिनेमा समाज का दर्पण है। उन्होंने रीवा के सुधी दर्शकों की समझ की सराहना भी की। कार्यक्रम में कुलगुरू माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय श्री विजय मनोजर तिवारी, पूर्व मंत्री श्री पुष्पराज सिंह सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी एवं दर्शक उपस्थित रहे।  

SC की रोक के बाद मायावती का बयान, कहा- ‘सवर्ण होते तो विवाद नहीं होता’

लखनऊ यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर विपक्षी नेताओं के भी रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, अगर यूजीसी नियमों में सवर्णों को भी कमिटी में रख लिया जाता तो बवाल नहीं होता। उन्होंने आगे कहा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी द्वारा देश के सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों मे जातिवादी घटनाओं को रोकने के लिए जो नये नियम लागू किए गए है, जिससे सामाजिक तनाव का वातावरण पैदा हो गया है। ऐसे वर्तमान हालात के मद्देनजर रखते हुये माननीय सुप्रीम कोर्ट का यूजीसी के नये नियम पर रोक लगाने का आज का फैसला उचित। जबकि देश में, इस मामले में सामाजिक तनाव आदि का वातावरण पैदा ही नहीं होता अगर यूजीसी नये नियम को लागू करने से पहले सभी पक्ष को विश्वास में ले लेती और जांच कमेटी आदि में भी अपरकास्ट समाज को नेचुरल जस्टिस के अन्तर्गत उचित प्रतिनिधित्व दे देती।   अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सच्चा न्याय यह सुनिश्चित करने में है कि किसी पर भी अत्याचार या अन्याय न हो। यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है। कानून की भाषा भी साफ होनी चाहिए और भाव भी। बात सिर्फ़ नियम नहीं, नीयत की भी होती है।' उन्होंने कहा, ‘न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय, न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफ़ी।’ यूजीसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक उच्चतम न्यायालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हालिया नियमों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए इस पर रोक लगा दी। इन याचिकाओं में दलील दी गई थी कि आयोग ने जाति-आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और कुछ श्रेणियों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने विनियमन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किए। उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करने और समानता को बढ़ावा देने के लिए सभी संस्थानों द्वारा 'समानता समितियां' गठित करने को अनिवार्य बनाने संबंधी नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे।  

मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट से लोक का किया भ्रमण, यज्ञशाला में दी पूर्ण आहुति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से लोक का निर्माण किया गया है। लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मंदिर की पूर्व एवं वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करने वाली चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में पालकी में रजत प्रतिमा के रूप में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और इसकी भव्यता को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है। एमफी थियेटर परिसर स्थित यज्ञशाला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी। पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है। चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है। पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है। आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है। मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं। श्री पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है। लोकार्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, क्षेत्रीय सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, मंदसौर विधायक श्री विपिन जैन, सुवासरा विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, गरोठ विधायक श्री चंदर सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, पर्यटन सचिव श्री दिलीप कुमार यादव, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  

महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नारायणपुर से जारी करेंगे 24वीं किस्त

प्रदेश की 68.47 लाख महिलाओं के खातों में 641.34 करोड़ रुपए का होगा अंतरण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 जनवरी को नारायणपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 68 लाख 39 हजार 592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 641 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। योजना के शुभारंभ से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 14 हजार 954.42 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 24वीं किस्त के रूप में 641.34 करोड़ रुपए की राशि जारी किए जाने के पश्चात महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कुल वितरित राशि बढ़कर 15 हजार 595.77 करोड़ रुपए हो जाएगी। यह राज्य सरकार की महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह प्रमाणित करती है कि योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं।