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योगी सरकार की विमानन नीति को मिला राष्ट्रीय सम्मान

आरसीएस–उड़ान में यूपी बना ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ योगी सरकार की विमानन नीति को मिला राष्ट्रीय सम्मान CM योगी  के नेतृत्व में हवाई कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार, नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में यूपी देश में अव्वल 2016 की तुलना में 2025 में यूपी में हवाई यात्रियों की संख्या में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी, घरेलू उड़ानों के विस्तार से छोटे शहरों को मिला राष्ट्रीय संपर्क एयर कार्गो में पांच गुना उछाल, एमएसएमई व निर्यात को मिले नए पंख, जेवर एयरपोर्ट सहित नए हवाई अड्डे यूपी को बना रहे विमानन हब ‘उड़े देश का आम नागरिक’ का सपना सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हो रहा साकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व व सक्रिय नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस-उड़ान) के तहत ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किया गया है। यह सम्मान नॉन-प्रायोरिटी एरिया श्रेणी में दिया गया है, जिसमें देश के वे राज्य शामिल हैं, जो न तो पर्वतीय हैं और न ही उत्तर-पूर्व क्षेत्र में आते हैं। इस उपलब्धि ने उत्तर प्रदेश को देश के विमानन मानचित्र पर एक सशक्त और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। योगी सरकार की नीति से बदला प्रदेश का विमानन परिदृश्य योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कनेक्टिविटी को विकास का आधार बनाया। हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, नए रनवे, नाइट लैंडिंग सुविधाएं व क्षेत्रीय उड़ानों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश के छोटे शहरों को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ा गया। आरसीएस-उड़ान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने गैर-प्राथमिक राज्यों की श्रेणी में सबसे तेज प्रगति दर्ज की।  यात्री यातायात में 2.6 गुना वृद्धि उत्तर प्रदेश सिविल एविएशन के डायरेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि योगी सरकार की नीतियों का असर यात्री आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। वर्ष 2016 में प्रदेश में कुल 59.97 लाख हवाई यात्री थे। 2024 में यह संख्या 1.28 करोड़ से अधिक और 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1.55 करोड़ से अधिक हो गई। बीते नौ वर्षों में प्रदेश में 9.98 प्रतिशत कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से यात्री यातायात बढ़ा है, जो यह दर्शाता है कि हवाई यात्रा अब आम नागरिकों के लिए भी सुलभ होती जा रही है। यह ‘उड़ान-उड़े देश का आम नागरिक’ के मूल उद्देश्य को जमीन पर उतारने का प्रमाण है। घरेलू उड़ानों से मजबूत हुआ क्षेत्रीय संपर्क उन्होंने बताया कि प्रदेश में घरेलू उड़ानों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। 2016 में घरेलू यात्रियों की संख्या 52.30 लाख थी, जो 2024 में 1.16 करोड़ से अधिक और 2025 में 1.41 करोड़ से अधिक पहुंच गई। इससे न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिला, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए। इसी तरह, इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या जो 2016 में 7.66 लाख थी वो 2024 में 12.63 लाख से अधिक और 2025 में 13.37 लाख से अधिक पहुंच गई।  एयर कार्गो में पांच गुना उछाल, अर्थव्यवस्था को बल योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश एयर कार्गो के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है। 2016 में एयर कार्गो ट्रैफिक 5,895 मीट्रिक टन था, जो 2024 में 27,998 मीट्रिक टन और 2025 में बढ़कर 29,761 मीट्रिक टन हो गया। एयर कार्गो में इन 9 वर्षों में 17.58 प्रतिशत सीएजीआर से हुई वृद्धि ने प्रदेश को कृषि उत्पादों, एमएसएमई और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म दिया है। जेवर एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हब की भूमिका नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) सहित प्रदेश में विकसित हो रहे नए और क्षेत्रीय हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक तेज, सुरक्षित और सस्ती हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े। ‘मोस्ट प्रोएक्टिव स्टेट’ का यह सम्मान योगी सरकार की इसी विकासोन्मुख सोच, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मान्यता है, जो उत्तर प्रदेश को ‘नए भारत’ की उड़ान में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रहा है।

स्वामित्व योजना से गांव-गांव मजबूत हुए कानूनी अधिकार

ग्रामीण भारत को संपत्ति अधिकारों का उपहार, एक करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण स्वामित्व योजना से गांव-गांव मजबूत हुए कानूनी अधिकार भूमि विवादों में कमी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को लेकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रदेश में अब तक एक करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण किया जा चुका है। यह पहल न केवल ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार प्रदान कर रही है, बल्कि दशकों से चले आ रहे भूमि विवादों के समाधान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रही है। ग्रामीण स्वामित्व को मिली कानूनी मजबूती स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्ति का विधिक प्रमाण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से अब तक 72,961 ग्रामों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं, जो सर्वे योग्य ग्रामों का लगभग 80.59 प्रतिशत है। इससे ग्रामीणों को पहली बार अपने मकान और भूमि पर स्पष्ट कानूनी स्वामित्व प्राप्त हुआ है। यह दस्तावेज अब बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए भी मान्य आधार बन गया है। घरौनी बनी आर्थिक सुरक्षा की कुंजी राजस्व विभाग द्वारा सहमति के आधार पर अब तक 1,14,43,688 घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें से 1,01,31,232 घरौनियों का वितरण ग्रामीण परिवारों को किया जा चुका है। घरौनी केवल स्वामित्व का प्रमाण नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। इसके जरिए ग्रामीण परिवार अब औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ रहे हैं, स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए ऋण ले पा रहे हैं तथा सामाजिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। भूमि विवादों में कमी, प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ स्वामित्व योजना के प्रभाव से गांवों में भूमि और मकान से जुड़े विवादों में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। स्पष्ट रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों के कारण फर्जी दावों और अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगी है। इससे न केवल ग्रामीण स्तर पर शांति और विश्वास बढ़ा है, बल्कि न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह पहल सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। निरंतर जारी है वितरण प्रक्रिया सरकार द्वारा घरौनियों के वितरण की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। 18 जनवरी 2025 के बाद 13,12,456 नई घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं, जिनका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। आने वाले समय में लाखों और ग्रामीण परिवारों को संपत्ति स्वामित्व का लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित न रहे। ड्रोन तकनीक से सर्वे की संभावनाएं स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1,10,344 अधिसूचित ग्रामों में से 90,530 ग्राम ऐसे हैं, जहां ड्रोन सर्वे कराया जाना तकनीकी रूप से संभव है। इन ग्रामों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्वे कर सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। योगी सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अनुरूप यह तकनीक भविष्य में ग्रामीण भूमि प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। कुल मिलाकर, स्वामित्व योजना के माध्यम से योगी सरकार ने ग्रामीण समाज को संपत्ति अधिकार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान का मजबूत आधार प्रदान किया है, जो उत्तर प्रदेश को देश में भूमि सुधार और ग्रामीण सशक्तिकरण का अग्रणी राज्य बना रहा है।

सिरपुर महोत्सव 2026: विदेशी कलाकारों की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

महासमुंद महासमुंद जिले के पुरातात्विक नगरी सिरपुर के ऐतिहासिक वैभव और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को नजदीक से समझने-देखने इस बार आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे। 1 से 3 फरवरी तक तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का आयोजन इस वर्ष और भी भव्य व आकर्षक होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के इतिहास, कला और संस्कृति के जानकार भाग लेंगे। महोत्सव में दक्षिण कोरिया से इतिहास, कला और संस्कृति के विशेषज्ञ आमंत्रित किए गए हैं। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जानकारी देते हुए बताया कि, इनमें दक्षिण कोरिया के प्रो. जंग संगीर, किम डांग ग्वी, डॉ. ली ची रैन और एन नाजियम प्रमुख रूप से शामिल हैं, जिनकी सहभागिता से सिरपुर की अंतर्राष्ट्रीय पहचान और सशक्त होगी। वहीं, नागपुर से दीक्षा भूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई जी तथा कर्नाटक से भदंत प्रज्ञा बोधि थेरो की भी उपस्थिति सुनिश्चित हो चुकी है। देश के विभिन्न हिस्सों से बौद्ध धर्म के आर्य एवं विद्वान भी इस आयोजन में शामिल होकर सिरपुर की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत पर अपने विचार साझा करेंगे। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि, महोत्सव में बॉलीवुड के कलाकार प्रस्तुति देंगे। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव सिरपुर की प्राचीन सभ्यता, विरासत, कला-संस्कृति और पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

राज्यपाल रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

रायपुर. राज्यपाल  रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल राज्यपाल  रमेन डेका   रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्म   मती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार   रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक  विजय मिश्रा को   डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की।           राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।             डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ मंे लगे हुए हैं।   डेका ने कहा  कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढ़ना है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।               डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अतः उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार,    सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है।   डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।            समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री   श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।              समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति   रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया।               इस अवसर पर विधायक   पुरंदर मिश्रा,   इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

हत्याकांड का खुलासा : सूरज बिहारी केस में पहला आरोपी दबोचा गया, पुलिस की छापेमारी जारी

पूर्णिया पूर्णिया में चर्चित युवा व्यवसायी और ब्लॉगर सूरज बिहारी हत्याकांड में पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल कुमार के रूप में हुई है, जिसके पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नेवालाल चौक के पास 56-55 गांव में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की और विशाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक लोडेड हथियार बरामद किया गया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है, ताकि हत्याकांड में शामिल अन्य मुख्य आरोपियों स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से मामले की कई अहम कड़ियां जुड़ने लगी हैं और जल्द ही अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। गौरतलब है कि सूरज बिहारी हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीन अलग-अलग विशेष जांच टीमें गठित की गई थीं। दर्ज प्राथमिकी में ब्रजेश सिंह, नंदू सिंह, स्नेहिल झा, आदित्य, अमन सिंह, रजनीश सिंह, अंशू सिंह समेत तीन अज्ञात आरोपियों को नामजद किया गया है। मक्का व्यापार से जुड़े 18 गोदामों के मालिक थे बताया जाता है कि मात्र 28 वर्ष की उम्र में सूरज बिहारी लगभग 15 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यवसाय का संचालन कर रहे थे। वे मक्का व्यापार से जुड़े 18 गोदामों के मालिक थे और रियल एस्टेट व बिल्डिंग मैटेरियल के कारोबार में भी सक्रिय थे। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर वे अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के कारण काफी चर्चित थे। सूरज करीब ढाई करोड़ रुपये की डिफेंडर कार में चलते थे और निजी सुरक्षा गार्ड भी रखते थे। सूरज बिहारी की हत्या से आक्रोश का माहौल सूरज बिहारी की हत्या के बाद से पूरे शहर में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कैंडल मार्च निकालकर जल्द न्याय की मांग की है। पुलिस पर बढ़ते दबाव के बीच विशाल कुमार की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। थानाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस मामले की तह तक जाकर सभी दोषियों को गिरफ्तार करेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।  

इंदौर में साइबर क्राइम: शादी से मना करने पर इंजीनियर ने युवती की बदनामी की, आरोपी अरेस्ट

इंदौर   इंदौर क्राइम ब्रांच ने सिविल इंजीनियर व डाटा एनालिस्ट का काम करने वाले युवक को गिरफ्तार किया है. वह सनकी आशिक की तरह गंदी हरकतें कर रहा था. उसने क्राइम के कई सीरियल देखकर युवती को बदनाम करने की साजिश रची. उसने युवती के एडिट न्यूड फोटोग्राफ इंदौर के विभिन्न सुलभ शौचालय में चस्पा किए. युवती व परिजनों की शिकायत पर उसे दबोचा गया. शादी नहीं होने से बौखलाया इंजीनियर इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार आरोपी आयुष अग्निहोत्री सिविल इंजीनियर है. वह डाटा एनालिस्ट के रूप में काम करता है. बीते दिनों परिवार वालों ने उसकी शादी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली एक युवती से तय की. कुंडली का मिलान नहीं होने के कारण युवती से रिश्ता तय नहीं हो पाया.  आरोपी आयुष अग्निहोत्री को आशंका थी कि युवती के परिजनों ने उसकी शादी नहीं होने दी. इसके बाद वह युवती और उसके परिवार को बदनाम करने की साजिश रचने लगा. क्राइम के सीरियल देखकर रची साजिश आरोपी ने क्राइम के कई एपिसोड देखे. इस दौरान उसने एक एपिसोड देखा, जिसमें युवती को बदनाम करने के लिए साजिश रची जाती है. आरोपी आयुष अग्निहोत्री ने युवती और उसके परिवार की कुछ महिलाओं के फोटो सोशल मीडिया से निकाले. इन फोटो को एडिट कर इंदौर के विभिन्न सुलभ शौचालयों और अन्य जगहों पर चस्पा कर दिए. इस दौरान कई आपत्तिजनक बातों का जिक्र भी युवती और उसकी परिवार की महिलाओं के बारे में किया. आपत्तिजनक फोटो डाक से युवती के घर भेजे जब युवती और उसके परिवार को एक के बाद एक कई फोन आने लगे तो वे परेशान हो गए. इसकी शिकायत बाणगंगा पुलिस थाने में की. पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो परिजनों ने इंदौर क्राइम ब्रांच से शिकायत की. क्राइम ब्रांच ने जांच पड़ताल कर 25 दिन में आरोपी आयुष अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि जब युवती से उसकी शादी नहीं हुई तो वह उसे बदनाम करने के लिए ये कृत्य करने लगा. युवती के घर के आसपास भी फोटो चस्पा किए आरोपी ने बताया "उसने युवती और उसके परिजनों के कुछ न्यूड फोटो बनाए. इसे वह डाक विभाग के माध्यम से भेजता था. वह देवास व उज्जैन जाता था. वहां से डाक के माध्यम से युवती और उसके परिजनों को पोस्ट कर देता था. इसके अलावा कई जगहों पर न्यूड फोटो चस्पा किए. युवती के घर के आस-पास भी ये फोटो चस्पा किए. डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया "आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. उसके घर से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है." 

200 करोड़ की विकास परियोजनाओं का एलान: सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

TRP की तालिका में ‘नागिन’ सबसे आगे, पोपटलाल की शादी से भी नहीं बिगड़ी बाजी

मुंबई  बार्क के तीसरे हफ्ते की TRP रेटिंग्स सामने आ गई हैं. हर हफ्ते की तरह, इस बार भी लिस्ट में कई बदलाव देखे गए हैं. जो शो पिछले हफ्ते टीआरपी के मामले में पिछड़ रहे थे, वो इस हफ्ते छाए हैं. दर्शकों को एकता कपूर के सीरियल्स बेहद पसंद आ रहे हैं. टॉप पर पहुंचा 'नागिन 7', 'क्योंकि सास भी…' का क्या है हाल? टीवी पर एकता कपूर के दोनों सीरियल्स 'नागिन 7' और 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' का राज दिखा है. पिछले हफ्ते जहां नागिन तीसरे नंबर पर थी, अब नंबर 1 पर पहुंच गई है. वहीं 'क्योंकि सास भी…' नंबर 1 से फिसलकर नंबर 2 पर आ गया है. इसी बीच 'अनुपमा' भी टॉप 3 में अपनी जगह बनाने में कायम रहा है.  'नागिन 7' और 'क्योंकि सास भी…' में दिखाए जाने वाले ट्विस्ट एंड टर्न्स दर्शकों को बेहद पसंद आ रहे हैं. जबसे टीवी पर तुलसी और नागिन की वापसी हुई है, ऑडियंस की बेताबी उन्हें देखने के लिए नजर आई है. हालांकि 'अनुपमा' शो जो एक समय पर नंबर 1 पोजिशन पर जमा हुआ बैठा था, अब वो दूसरे या तीसरे स्थान पर ही खिसक रहा है. माना जा सकता है कि शो का चार्म पहले के मुकाबले थोड़ा कम हुआ है.  वहीं टॉप 5 की रेस में 'तुम से तुम तक' और 'वसुधा' जैसे शोज का डंका बजा हुआ है. ये शोज लगातार टीआरपी की रेस में अपना दम दिखा रहे हैं. हालांकि टॉप 10 में इस हफ्ते एक बड़ा उलटफेर देखने मिला है. सीरियल 'गंगा माई की बिटिया' 6वें स्थान पर रहा, वहीं 'उड़ने की आशा' ने 7वें स्थान पर अपनी जगह बनाई. पिछले हफ्ते 9वें स्थान पर रहा 'लाफ्टर शेफ' इस हफ्ते 8वें पर रहा. 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' इस हफ्ते 9वें स्थान पर जा गिरा, जबकि पिछले हफ्ते ये शो 7वें स्थान पर था. नहीं चला पोपटलाल की शादी का ट्रैक सीरियल 'तारक मेहला का उल्टा चश्मा' ने इस हफ्ते सबसे निराशा जनक परफॉर्म किया है. पिछले हफ्ते जो शो 11वें स्थान पर था, इस बार 12वें पर जा गिरा है. शो की टीआरपी हर दिन गिरती दिख रही है. इन दिनों सीरियल में पोपटलाल की शादी का ट्रैक चल रहा था. उम्मीद की जा रही थी कि ये कहानी शो की टीआरपी को बढ़ाने में मदद करेगी. लेकिन अफसोस ना पोपटलाल की शादी हो पाई, ना शो की टीआरपी में इजाफा हुआ. 

शीतलहर की चपेट में राजस्थान, कई इलाकों में तापमान 10 डिग्री से कम

जयपुर राजस्थान में शुक्रवार को 12 जिलों में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों- जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा। इस दौरान बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 2 फरवरी तक बना रहेगा। गुरुवार को सीकर, जयपुर, फतेहपुर, भीलवाड़ा सहित कई शहरों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। हल्के बादल और धुंध के कारण दिन में धूप कमजोर रही, जिससे दिन के समय भी सर्दी का असर बना रहा। शेखावाटी क्षेत्र के सीकर समेत कई जिलों में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। बीते 24 घंटों में सुबह तक मौसम साफ रहा, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में धुंध और बादल छा गए। गुरुवार को श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, बारां, डूंगरपुर, नागौर, फतेहपुर, करौली, सिरोही, उदयपुर, कोटा, सीकर, पिलानी, जयपुर, अलवर, टोंक, भीलवाड़ा और अजमेर में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में सुबह और शाम गलनभरी सर्दी का असर बना रहा। हल्की सर्द हवाओं के चलते कोटा, बाड़मेर, जोधपुर, फलोदी और प्रतापगढ़ को छोड़कर लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे ठंडा जिला पाली रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के शहरों का अधिकतम-न्यूनतम तापमान प्रदेश के प्रमुख शहरों में 29 जनवरी को दर्ज तापमान के अनुसार अजमेर में अधिकतम 21.6 और न्यूनतम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। अलवर में दिन का अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम 5.2 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम 21.5 और न्यूनतम 8.5 डिग्री दर्ज हुआ। पिलानी में अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 6 डिग्री रहा, जबकि सीकर में अधिकतम 19.5 और न्यूनतम 6 डिग्री दर्ज किया गया। कोटा में अधिकतम तापमान 20.2 और न्यूनतम 10 डिग्री रहा। चित्तौड़गढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। उदयपुर में अधिकतम 19 और न्यूनतम 8 डिग्री रहा। बाड़मेर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री और न्यूनतम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 23 और न्यूनतम 8.9 डिग्री रहा, जबकि जोधपुर में अधिकतम तापमान 23.9 और न्यूनतम 10.3 डिग्री दर्ज हुआ। बीकानेर में अधिकतम 21 और न्यूनतम 9.6 डिग्री रहा। चूरू में दिन का अधिकतम तापमान 21.2 और न्यूनतम 7 डिग्री दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर में अधिकतम 21.1 और न्यूनतम 7.3 डिग्री रहा। बारां में अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। जालोर में अधिकतम 24 और न्यूनतम 7.5 डिग्री रहा। सिरोही में अधिकतम तापमान 18.6 और न्यूनतम 4.7 डिग्री दर्ज किया गया। फतेहपुर में अधिकतम 21.1 और न्यूनतम 4.4 डिग्री रहा। करौली में अधिकतम 19 और न्यूनतम 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। दौसा में अधिकतम तापमान 22.9 और न्यूनतम 6.3 डिग्री रहा। प्रतापगढ़ में अधिकतम 19.4 और न्यूनतम 10.3 डिग्री दर्ज किया गया। डूंगरपुर में अधिकतम 19.5 और न्यूनतम 5.7 डिग्री रहा। वहीं पाली प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री और अधिकतम 21.1 डिग्री दर्ज किया गया।

Chrome में नया फीचर, Google करेगा ऑटो टिकट बुकिंग और फॉर्म फीलिंग की सुविधा

 नई दिल्ली सोचिए, आप किसी वेबसाइट पर टिकट बुक कर रहे हैं. फॉर्म भरना है, सीट चुननी है, पेमेंट करना है. अब तक ये सब आपको खुद करना पड़ता था. लेकिन अब Google एक ऐसा फीचर ला रहा है, जहां Chrome ब्राउज़र खुद ये काम करने में मदद करेगा. वेब ब्राउजिंग का तरीका बदलने वाला है. अगर आपने Perplexity का Comet ब्राउजर यूज किया है तो पता होगा. नहीं किया तो बता दें कि ये Comet एजेंटिक ब्राउजर है. इसमें एक इनबिल्ट Assistant दिया गया है. आपको सिर्फ कमांड लिखना है और ये ब्राउजर खुद से ही सबकुछ करेगा. ऐसे में आपका टाइम भी बचेगा और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी.  Perplexity के अलावा OpenAI का भी एजेंटिक ब्राउजर ATLAS चर्चा में रहता है. हालांकि ये फिलहाल एक्सपेरिमेंटल ब्राउजर है, लेकिन ये भी एजेंटि ब्राउजर है. यहां भी आपको सिर्फ कमांड डालना है और ये खुद से ही आपके लिए ब्राउजिंग करता है और तमाम जरूरी काम करता है. एजेंटिक वेब ब्राउजिंग का फ्यूचर एजेंटिक वेब ब्राउजर का बूम आने ही वाला है और गूगल इस रेस में पीछे नहीं रह सकता. गूगल ने Chrome में Gemini ऐड कर दिया है और काफी हद तक ये फीचर रोल आउट होने के बाद ये एजेंटिक ब्राउजर की तरह बन कर तैयार हो जाएगा.  Google ने Chrome में अपने Gemini AI को जोड़ना शुरू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब ब्राउज़र सिर्फ वेबसाइट खोलने का टूल नहीं रहेगा, बल्कि एक छोटा डिजिटल असिस्टेंट बन जाएगा, जो आपकी तरफ से वेब पर काम कर सकेगा. ब्राउजर बिना आपके ही करेगा ब्राउज टेक दुनिया में इसे Auto Browse या AI एजेंट फीचर कहा जा रहा है. आसान भाषा में समझें तो, अगर आप Chrome से कहेंगे – 'इस वेबसाइट से मेरा ट्रेन टिकट बुक कर दो'… तो AI पेज को समझेगा, बटन पहचानेगा, जरूरी जानकारी भरेगा और प्रोसेस को आगे बढ़ाएगा. यानी वेबसाइट चलाने की मेहनत कम, काम ज्यादा तेज. Google की तरफ से बताया गया है कि Gemini AI अब Chrome के अंदर सीधे काम करेगा. अभी तक AI टूल सिर्फ चैट तक सीमित थे. आप सवाल पूछते थे, जवाब मिलता था. लेकिन अब Gemini वेब पेज के साथ इंट्रैक्टर भी करेगा. वो स्क्रीन पर दिख रहे टेक्स्ट, बॉक्स और बटन को पहचान सकेगा और आपके निर्देश पर काम करेगा. उदाहरण के तौर पर अगर आप इंटरनेट पर कोई रिसर्च कर रहे हैं तो आप Assistant में लिख सकते हैं. या फिर अगर शॉपिंग कर रहे हैं और आपको प्रोडक्ट समझ नहीं आ रहा है तो भी आप लिख सकते हैं. ब्राउजर खुद से ही आपके पसंद का सामान ढूंढ देगा. कोडिंग में भी ये काफी फायदेमंद होने वाला है. इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा, जो टेक्निकल वेबसाइट्स या ऑनलाइन फॉर्म्स से घबराते हैं. बुजुर्ग यूजर्स, पहली बार इंटरनेट चलाने वाले लोग, या जिन्हें ऑनलाइन प्रोसेस जटिल लगता है… उनके लिए ये फीचर गेमचेंजर हो सकता है. अब सवाल उठता है कि क्या ये सुरक्षित रहेगा? Google का कहना है कि AI सिर्फ तभी काम करेगा जब यूजर अनुमति देगा. यानी बिना पूछे कोई फॉर्म नहीं भरेगा, ना कोई पेमेंट करेगा. हर अहम स्टेप पर यूजर का कंट्रोल रहेगा. साथ ही कंपनी दावा कर रही है कि डेटा ब्राउज़र के अंदर ही प्रोसेस होगा और आपकी निजी जानकारी बिना इजाजत कहीं शेयर नहीं होगी. फिलहाल ये फीचर टेस्टिंग फेज में है. कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए इसे धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है. आने वाले महीनों में Chrome यूजर्स को इसका अनुभव मिलने लगेगा. अगर ये टेक्नोलॉजी ठीक से काम करती है, तो इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है. अभी हम वेबसाइट चलाते हैं. आने वाले समय में हम AI को बताएंगे क्या करना है..और ब्राउज़र खुद काम करेगा. सीधे शब्दों में कहें तो, Chrome अब सिर्फ ब्राउज़र नहीं रहेगा. वो आपका वेब वाला असिस्टेंट बन जाएगा. और यही वजह है कि टेक इंडस्ट्री में इस अपडेट को लेकर काफी चर्चा है. क्योंकि ये सिर्फ नया फीचर नहीं, बल्कि इंटरनेट इस्तेमाल करने की नई शुरुआत मानी जा रही है.