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फरवरी-मार्च में शुरू होगा SIR, पंजाब सहित 12 राज्यों में 6.59 करोड़ वोटर नामों की जांच

लुधियाना/चंडीगढ़   पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में फरवरी और मार्च के महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाना और योग्य मतदाताओं के विवरण को अपडेट करना है। CEO पंजाब के सख्त निर्देश : सुधारें 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने राज्य के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' 50 फीसदी से कम है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। क्या है इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट? इसका अर्थ है कि मतदाता सूची में दर्ज लोगों का विवरण (नाम, पता, उम्र, फोटो) डिजिटल सिस्टम से कितना सही तरह से जुड़ा और सत्यापित है। यह प्रतिशत जितना अधिक होगा, मतदाता सूची उतनी ही सटीक मानी जाएगी। SIR के लिए पंजाब CEO ने 2 बड़ी हिदायतें दीं..     इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट सुधारें: CEO पंजाब ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50 फीसदी से कम है उनकी मतदाता सूचियों की गलियों तो ठीक करवाएं और उनका मैपिंग परसेंट सुधारें। SIR से शुरू होने से पहले मतदाता सूचियों को ज्यादा से ज्यादा करेक्ट करवा दें।     BLO को 5 दिन का टाइम: BLO आज यानी 30 जनवरी से 3 फरवरी तक मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करेंगे। इसके लिए उन्हें पांच दिन के लिए उनके डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया गया है। इन पांच दिनों में बीएलओ उन गलतियों को ठीक करेंगे जो उन्होंने रंगीन मतदाता सूची बनाते समय की थी। BLO ने कुछ मतदाताओं की ब्लैक एंड वाइट फोटो लगाई तो कुछ की फोटो सूचियों में ब्लर हैं। इसके अलावा कुछ फोटो तिरछी लगी हैं। नाम व अन्य जानकारियां भरते समय टाइपिकल गलतियां हैं। बीएलओ को इन पांच दिनों में ये सभी गलतियां दूर करनी हैं। इस बारे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक दिन पहले सभी राज्यों से वर्चुअल मीटिंग में पंजाब में SIR फरवरी मार्च में शुरू करने की बात कही। केंद्रीय चुनाव आयोग की हिदायत के बाद सीईओ पंजाब ने मतदाता सूचियों की गड़बड़ी को ठीक करने के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का पहला फेज कंप्लीट हो चुका है। जिसमें 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट क्या होता है, जानिए इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में से कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से वैरिफाइड और डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है। इसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो और संबंधित मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है। यह प्रतिशत जितना अधिक होता है, मतदाता सूची उतनी ही ठीक और भरोसेमंद मानी जाती है। कम इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत का अर्थ है कि सूची में गलतियां मौजूद हैं। इसी कारण चुनाव आयोग समय-समय पर SIR करवाकर मतदाता सूचियों को सुधारता है। मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस लुधियाना के अतिरिक्त जिला चुनाव अफसर व ADC राकेश कुमार ने कहा कि SIR का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या ट्रांसफर हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को साफ करना है। अभी मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में जो टाइपिंग की गलतियां हैं या फिर फोटो सही नहीं लगे हैं उनको ठीक किया जा रहा है। 12 राज्यों में SIR हुआ, वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे 2 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो गया। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्टूबर, 2025 से शुरू हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। SIR से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए। करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं का 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए। हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है, जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। BLO को मिला 5 दिन का विशेष जिम्मा मतदाता सूचियों में सुधार के लिए बीएलओ (BLO) को उनके मूल विभागों से 5 दिनों के लिए रिलीव किया गया है। 3 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में बीएलओ गलतियों को ठीक करेंगे। फोटो सुधार : ब्लैक एंड व्हाइट, धुंधली (Blur) या तिरछी लगी फोटो को बदला जाएगा। टाइपिंग त्रुटियां : नाम, पिता का नाम या पते में हुई स्पेलिंग की गलतियों को दुरुस्त किया जाएगा। रंगीन सूचियां : नई रंगीन मतदाता सूचियों में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करना। फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची SIR प्रक्रिया के दौरान मृत व्यक्तियों, शहर छोड़कर जा चुके लोगों और एक ही व्यक्ति के दो जगह बने (डुप्लीकेट) वोटों को हटाया जाएगा। इससे चुनाव के दौरान होने वाली धांधली की गुंजाइश खत्म होगी। मतदाता खुद भी कर सकते हैं जांच निर्वाचन आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक करें। यदि नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। यदि विवरण में गलती है, तो फॉर्म-8 के जरिए सुधार करवाएं। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में पूरा फोकस टाइपिंग और फोटो संबंधी त्रुटियों को सुधारकर मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने पर है, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा सके। 1. राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। 2. … Read more

राज्यमंत्री टेटवाल बोले: डिग्री के साथ जरूरी है व्यवहारिक कौशल और कार्य अनुभव

डिग्री के साथ व्यवहारिक कौशल और कार्य स्थल का अनुभव जरूरी:राज्यमंत्री  टेटवाल फिक्की सेंट्रल इंडिया एड स्किल्स समिट में प्रशिक्षण संस्थानों के ट्रेनर्स एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और रोजगार सृजन देश और प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तेजी से बदलते आर्थिक और तकनीकी परिवेश में युवाओं को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और कार्यस्थल का अनुभव देना आवश्यक है, जिससे वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें। राज्यमंत्री  टेटवाल कोर्टयार्ड मैरियट में आयोजित FICCI सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और राज्य सरकार इन पहलों को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुसार जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रही है। समिट के दौरान शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग जगत के बीच समन्वय को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। चर्चा के दौरान यह सामने आया कि उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और रोजगार से जुड़ा बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशिक्षण पूर्ण करते ही युवाओं को कार्यस्थल के लिए तैयार किया जा सके। राज्यमंत्री  टेटवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में कौशल विकास को सुदृढ़ करने के लिए संस्थागत स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों से युक्त और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देकर उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच व्यावहारिक साझेदारी विकसित की जा रही है, जिससे युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि युवा संगम मेलों और रोजगार से जुड़े कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वेतन आधारित रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार कार्यालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से सशक्त कर उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा और प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे रोजगार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ बनी है। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और एमएसएमई क्षेत्रों में हो रहे निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएँ बन रही हैं। ऐसे में शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों के साथ मिलकर कौशल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी को कम किया जा सके। समिट के दौरान समावेशी कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, जनजातीय समुदायों और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। फिक्की सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट में हुए संवाद, सहभागिता और विचार-विमर्श को मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।  

सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, चांदी 85,000 रुपये सस्ती

 नई दिल्‍ली सोने और चांदी के दाम में शुक्रवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. 24 घंटे में चांदी का भाव 85,000 रुपये कम हुआ. वहीं सोने के दाम में भी भारी गिरावट देखने को मिली. इतनी बड़ी गिरावट तब आई है, जब चांदी 4.20 लाख रुपये पर और सोना 2 लाख रुपये के करीब पहुंच गए थे. शुकवार, 3.30 बजे  MCX पर मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत करीब 65000 रुपये गिरकर 3,35,001 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन गुरुवार की शाम तक सिल्‍वर 4,20,048 रुपये अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई थी. इस हिसाब से देखें तो 24 घंटे में ही चांदी के भाव (Silver Price) में 85,000 रुपये की गिरावट आई है.  इसी तरह, सोने की कीमत में भी भारी गिरावट आई है. सोना 29  जनवरी, गुरुवार को अपने रिकॉर्ड स्‍तर 1,93,096 रुपये पर था, लेकिन शुक्रवार को यह 16000 रुपये टूटकर 1,67,406 रुपये पर आ गया. यानी कि 24 घंटे के दौरान सोने में 25,500 रुपये की गिरावट आई है.  कल रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंचा था सोना-चांदी वायदा बाजार में गुरुवार को चांदी ने रिकॉर्ड बनाते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा ना सिर्फ पार किया, बल्कि वहां से भी इसमें जबरदस्‍त उछाल आई थी. चांदी का भाव गुरुवार को 34,000 रुपये चढ़कर अपने ऑल टाइम हाई लेवल 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी. इसी तरह, वायद बाजार 29 जनवरी को सोना 16000 रुपये चढ़कर अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1,93096 रुपये पर पहुंच गया था. हालांकि अब इन दोनों कीमती धातुओं में तगड़ी गिरावट आई है.  अचानक क्‍यों आई ये बड़ी गिरावट?      एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह मुनाफावसूली है, क्‍योंकि कई दिनों से सोने और चांदी के भाव तेजी देखी जा रही थी और इनकी कीमतें हर दिन रिकॉर्ड स्‍तर बना रही थीं. चांदी ने तो कुछ ही हफ्ते में 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये का लेवल पार कर लिया था. वहीं सोने ने भी खूब तेजी दिखाई है. ऐसे में अपने प्रॉफिट को बचाने के लिए निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं .      कुछ एक्‍सपर्र्ट्स का तो यह भी कहना है कि सोने और चांदी में जैसे ही बिकवाली हावी हुई वैसे ही शॉर्ट सेलर एंटर हो गए और ट्रेडिंग के दौरान सिल्‍वर को शॉर्ट किया, जिस कारण इसके दाम में भारी गिरावट आई है.      इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी और धातुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे भारत में भी MCX पर भाव नीचे आ गए.      डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि वह फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह अपने पसंदीदा शख्‍स को रखना चाहते हैं, जिस कारण डॉलर में मजबूती आई और कुछ वैश्विक तनाव भी कम हुए, जिस कारण सोने और चांदी के भाव में गिरावट आई है .  गोल्‍ड -सिल्‍वर ईटीएफ में भी बड़ी गिरावट?  सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट के कारण सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ के दाम बड़ी तेजी से गिरे हैं. शेयर बाजार बंद होने तक सिल्‍वर और गोल्‍ड ETF के दाम 20 फीसदी तक टूट गए. ICICI Silver ETF 20.14 फीसदी गिरा,  निप्‍पॉन इंडिया सिल्‍वर ईटीएफ 18.59 फीसदी टूटा, Tata सिल्‍वर ईटीएफ में 13 फीसदी की गिरावट आई. वहीं गोल्‍ड ईटीएफ की बात करें तो Tata Gold ETF 9.16 फीसदी गिरा, निप्‍पॉन इंडिया गोल्‍ड ईटीएफ 10.50 फीसदी गया.  (नोट- सोना-चांदी या किसी अन्‍य ईटीएफ में निवेश से पहले अपने योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

आवास निर्माण में मिसाल: पीएम आवास योजना में बलौदाबाजार नंबर वन

रायपुर पीएम आवास निर्माण में बलौदाबाजार छत्तीसगढ राज्य में अव्वल प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है।इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। बलौदाबाजार- भाटापारा जिले की उपलब्धियों की फेहरिश्त में एक और कामयाबी शुमार हो गया है। जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बलौदाबाजार -भाटापारा जिला पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है।       बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत के नेतृत्व में  जिले ने न केवल आवासों की स्वीकृति में तेजी दिखाई है, बल्कि धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में भी रिकॉर्ड कायम किया है।        वर्ष 2025-26 में कुल 26843 आवास स्वीकृत किया है जिसमें  24 हजार 313 आवासों को प्रथम किश्त जारी, 20 हजार 480 आवास का निर्माण प्रारम्भ हो गया है और 15 हज़ार 120 आवास प्लिंथ स्तर तक पूर्ण हो गया है। सर्वाधिक प्लिंथ निर्माण – बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में 15 हजार 120 आवासों का प्लिंथ स्तर तक का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो राज्य के किसी भी जिले की तुलना में सर्वाधिक है।26 हजार 439 आवासों का एफटीओ किया जा चुका है जिसमें से 24 हजार 313 हितग्राहियों के खातों में पहली किश्त का सफलतापूर्वक हस्तांतरण किया जा चुका है।          कुल स्वीकृत आवासों में से 20 हजार 480 मकानों पर काम शुरू हो जाना एवं 139 आवास पूर्ण प्रशासन की मुस्तैदी और ग्रामीणों के उत्साह को दिखाता है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत भी जिला में प्राथमिकता से कार्य कराके 25 पात्र हितग्राहियों का आवास स्वीकृत कर सभी का शतप्रतिशत आवास पूर्ण करा लिया गया है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण         जिले को जल संचयन में देश मे द्वितीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों का विशेष योगदान रहा है। आवास योजनान्तर्गत पूर्ण आवासो में 15 हजार 260 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का निर्माण कराया गया है।          इस उपलब्धि से जिले के हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। यह न केवल ग्रामीण विकास को गति दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।

अब केदारनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाना पड़ेगा महंगा, नई गाइडलाइन जारी, सख्त कार्रवाई तय

रुद्रप्रयाग आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार नई गाइडलाइन लाने की कवायद में जुटा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी भारी जुर्माना लगाए जाने की संभावना है। जिला प्रशासन इस योजना को लागू करने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर बातचीत कर रहा है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में मोबाइल जमा कराने जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी मंदिर समिति को सौंपी जा सकती है। बता दें कि बीते कुछ वर्षों से केदारनाथ क्षेत्र में दर्शन के दौरान मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दर्शन भाव और श्रद्धा भाव में कमी आने को लेकर तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और बीकेटीसी के बीच लगातार चर्चा होती रही है। पिछली यात्रा में भी मोबाइल फोन प्रतिबंध का मुद्दा उठा था। इसी को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश में हुई चारधाम से जुड़ी अहम बैठक में सभी धामों में मोबाइल बैन पर विचार किया गया। इधर, मंदिर परिसर में मोबाइल बैन को लेकर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ क्षेत्र में मोबाइल प्रतिबंध को लेकर बीकेटीसी से बातचीत चल रही है। मंदिर परिसर के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने और मोबाइल उपयोग पर जुर्माना लगाने समेत मोबाईल फोन जमा जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर. श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित मुख्य चिकिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, किंतु सरकार की प्राथमिकता अब भी यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से निरंतर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने प्रत्येक माह आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए। आपातकालीन सेवाओं को लेकर मंत्री   जायसवाल ने 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसके लिए सभी स्तरों पर मिशन मोड में कार्य किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता तथा जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नए जांच उपकरणों की खरीदी कर सभी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही बाहर की दवाएँ लिखने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए मानव संसाधन को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए   जायसवाल ने नए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं । जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मार्क एंथोनी की खुशखबरी: 57 साल की उम्र में आठवीं बार पिता, पत्नी नादिया कर रही हैं प्रेग्नेंसी की घोषणा

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड के फेमस सिंगर मार्क एंथोनी के घर फिर से बच्चे की किलकारी गूंजने वाली है। 57 साल की उम्र में वो जल्द ही अपने 8वें बच्चे के पिता बनेंगे। उनकी 26 साल की बीवी नादिया फरेरा प्रेग्नेंट हैं। दोनों ने अपनी तीसरी वेडिंग एनिवर्सिरी पर प्रेग्नेंसी का ऐलान किया और खुशखबरी सुनाई। ये इन दोनों का दूसरा बच्चा होगा। मार्क एंथोनी और नादिया फरेरा ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। इसमें वो बेबी बंप फ्लॉन्ट कर रही हैं। इस पर अपने अलावा उनके पति और उनके बच्चे का हाथ रखा हुआ है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'तीसरी सालगिरह मुबारक!! मार्क्विटो एक बड़ा भाई बनने जा रहा है।' इससे पहले उन्होंने 2023 में बेटे को जन्म दिया था। उनके इस पोस्ट पर फैंस के अलावा जाने-माने सेलेब्स ने प्यार बरसाया है। फुटबॉल के दिग्गज डेविड बेकहम ने भी उन्हें बधाई दी है। ये मार्क का 8वां और नादिया का दूसरा बच्चा होगा। उनका पूरा नाम मार्को एंटोनियो मुनिज है। 16 सितंबर 1968 को जन्में मार्क अमेरिकी सिंगर और एक्टर हैं, जो सबसे ज्यादा बिकने वाले साल्सा आर्टिस्ट के तौर पर जाने जाते हैं। अपने करियर में 4 ग्रैमी अवॉर्ड, 8 लैटिन ग्रेमी अवॉर्ड और 29 लो नुएस्ट्रो अवॉर्ड जीत चुके हैं। साल 2014 तक मार ने वर्ल्ड लेवल पर 12 मिलियन से ज्यादा एल्बम बेचे थे। साल 1999 में जन्मीं नादिया तमारा फरेरा पैराग्वे की फैशन मॉडल और ब्यूटी पेजेंट विनर हैं। उन्हें मिस यूनिवर्स पैराग्वे 2021 का ताज पहनाया गया था। उन्होंने मिस यूनिवर्स 2021 में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें वो फर्स्ट रनरअप रहीं। उन्होंने मिस टीन यूनिवर्स पैराग्वे 2015 का खिताब जीता था। इंटरनेशनल लेवल पर फैशन मॉडल के रूप में 2018 में पहचान मिली थी, जब उन्होंने न्यूयॉर्क फैशन वीक के फॉल/विंट शो के दौरान कस्टो बार्सिलोना के लिए रैंप वॉक किया था। उसके बाद से वो कई बड़े पब्लिकेशन का चेहरा बन चुकी हैं। साल 1994 को मार्क की एक बेटी हुई, जिसका नाम एरियाना मुनिज है, जो उनकी उस समय की गर्लफ्रेंड डेबी रोसाडो से है। डेटिंग के दौरान उन्होंने चेज मुनिज को गोद लिया, जिसका जन्म 1995 में हुआ था। 1996 से 1998 तक, मार्क ने डोमिनिकन-अमेरिकन एक्ट्रेस क्लॉडेट लाली को डेट किया और उनसे सगाई कर ली। फिर 2000 में पूर्व मिस यूनिवर्स डायनारा टोरेस से शादी की। इस कपल का एक बेटा क्रिस्टियन मार्कस मुनिज है। इस कपल का दूसरा बेटा रयान एड्रियन मुनिज 2003 को पैदा हुआ। मार्क ने 2004 में जेनिफर लोपेज से शादी की। जेनिफर ने 2008 में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। 2011 में मार्क और जेनिफर अलग हो गए। 2014 में मार्क ने मॉडल शैनन डी लीमा से शादी की, लेकिन 2016 में सेपरेट हो गए। फरवरी 2022 में नादिया संग रिलेशनशिप में आए। 2023 में शादी की।

आवास, पेंशन व स्वच्छता में रिकॉर्ड प्रदर्शन से सामाजिक योजनाओं को नई गति

विकास के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश की बढ़त, कई योजनाओं में बना देश में नंबर वन  आवास, पेंशन व स्वच्छता में रिकॉर्ड प्रदर्शन से सामाजिक योजनाओं को नई गति कृषि, उद्योग व निवेश में अग्रणी भूमिका से बनी मजबूत अर्थव्यवस्था की तस्वीर इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी व ऊर्जा सुधारों से बदला प्रदेश का विकास परिदृश्य डिजिटल गवर्नेंस व ई-प्लेटफॉर्म के उपयोग में उत्तर प्रदेश की नेशनल लीडरशिप लखनऊ उत्तर प्रदेश ने केंद्र व राज्य की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दम पर विकास के हर मोर्चे पर देश में मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं में पहला स्थान हासिल कर रहा है। इससे शासन-प्रशासन की परिणाम आधारित कार्यशैली स्पष्ट रूप से सामने आई है। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने योजनाओं को कागज से जमीन तक पहुंचाने का कार्य किया है। यही कारण है कि आवास,  कृषि,  उद्योग,  इन्फ्रास्ट्रक्चर,  ऊर्जा,  डिजिटल गवर्नेंस व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सुदृढ़ उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कारोबारी सहूलियत (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मामले में प्रदेश टॉप अचीवर्स स्टेट है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी’ के अंतर्गत आवास निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। पिछले पौने नौ वर्षों में लगभग 62 लाख परिवारों को पक्के घर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे गरीब व मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में ठोस सुधार हुआ है। ‘अटल पेंशन योजना’ के अंतर्गत पंजीकरण के मामले में भी उत्तर प्रदेश ने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सूक्ष्म, लघु व मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को मजबूती दी है। देश में सर्वाधिक, 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों की स्थापना उत्तर प्रदेश में हो चुकी है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। सरकार का फोकस स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर रहा है। कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश लगातार अपनी अग्रणी भूमिका बनाए हुए है। गन्ना, चीनी, खाद्यान, आम, दूध व आलू के उत्पादन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। किसानों को कृषि निवेश पर मिलने वाली अनुदान राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई। इस व्यवस्था को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। इन्फ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में 7 एक्सप्रेस-वे और 04 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे क्रियाशील हैं। एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) निर्माणाधीन है। सड़क एवं हवाई संपर्क के विस्तार से निवेश व पर्यटन को नई गति मिली है। स्वच्छता व ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नए मानक स्थापित किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण में प्रदेश का देश में पहला स्थान रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन वितरण में भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इससे गरीब परिवारों की रसोई में बड़ा बदलाव आया है।  डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया है। ई-मार्केटप्लेस जेम के माध्यम से देश में सर्वाधिक सरकारी खरीद करने वाला राज्य भी उत्तर प्रदेश है। एनपीएस ट्रेडर्स के अंतर्गत कामगारों के पंजीकरण में भी प्रदेश अग्रणी रहा है। इससे सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व कार्य की गति बढ़ी है। शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की कार्ययोजना विकसित करने में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। कौशल विकास नीति को लागू करने में प्रदेश नंबर वन है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार करना है। एथेनॉल उत्पादन एवं आपूर्ति मामले में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले पायदान पर खड़ा है।

गढ़बेगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप

रायपुर. आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री  साय   मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री   साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।     मुख्यमंत्री   साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।    मुख्यमंत्री   साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री   साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।      इस दौरान वन मंत्री   केदार कश्यप, राजस्व मंत्री   टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष   नारायण मरकाम, पद्म    पंडीराम मंडावी, लोककलाकार   बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  मती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट     मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं – वैद्यराज पद्म  हेमचंद मांझी, पद्म  पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की।  इको-फ्रेंडली घोटुल:     वन विभाग और पद्म  पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्म  पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।

ऑस्ट्रेलियन ओपन: अल्कारेज ने ज्वेरेव को मात दी, फाइनल में जगह बनाई और रिकॉर्ड्स तोड़े

मेलबर्न  टेनिस स्टार कार्लोस अल्कारेज के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा. एक साल पहले, स्पेन के इस युवा स्टार ने यानिक सिनर के खिलाफ फ्रेंच ओपन फाइनल में 5 घंटे 29 मिनट तक चली ऐतिहासिक जंग जीतकर खिताब अपने नाम किया था. अब 2026 में, अल्कारेज ने एक बार फिर ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली है.  सातवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की कोशिश में जुटे अल्कारेज ने पुरुष एकल सेमीफाइनल में अलेक्ज़ेंडर ज़्वेरेव को 6-4, 7-6, 6-7, 7-6, 7-5 से हराया. यह मुकाबला 5 घंटे 27 मिनट तक चला और इसे आधुनिक टेनिस इतिहास के सबसे यादगार मैचों में गिना जाएगा. महज़ 22 साल की उम्र में अल्कारेज ओपन एरा में चारों ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. उन्होंने 1993 में जिम कूरियर द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इसके अलावा, यह जीत उनके उस शानदार रिकॉर्ड को भी बरकरार रखती है जिसमें उन्होंने पहले दो सेट जीतने के बाद कभी कोई मैच नहीं गंवाया है. यह उनके फोकस और मानसिक मजबूती को दर्शाता है. शुरू से ही अल्कारेज ने बनाया दबाव मैच की शुरुआत में अल्कारेज पूरी तरह हावी नजर आए और पहले दो सेट जीतकर मुकाबले पर पकड़ बना ली. लेकिन इसके बाद ज़्वेरेव ने जोरदार वापसी की और स्पेनिश खिलाड़ी की परीक्षा लेनी शुरू कर दी. दूसरे सेट के बाद से ही अल्कारेज को ऐंठन की समस्या ने परेशान किया, जिससे उनका अभियान खतरे में पड़ता दिखा. वहीं ज़्वेरेव ने लगातार दबाव बनाते हुए मैच में वापसी की. लेकिन पांचवें सेट के अंतिम क्षणों में अल्कारेज ने अद्भुत हिम्मत और मानसिक ताकत दिखाई और दबाव में शानदार शॉट्स खेलते हुए जीत अपने नाम की. मैच के बाद क्या बोले अल्कारेज मैच के बाद अल्कारेज़ ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि हालात चाहे जैसे भी हों, खुद पर भरोसा रखना चाहिए. तीसरे सेट के बीच में मैं शारीरिक रूप से काफी संघर्ष कर रहा था. यह मेरे छोटे से करियर का सबसे कठिन मैचों में से एक था. लेकिन मैं पहले भी ऐसे हालात में रहा हूं. मुझे अपना दिल इस मैच में झोंकना था. मैंने आखिरी तक लड़ाई लड़ी. ज़्वेरेव के लिए यह हार बेहद दर्दनाक रही. उन्होंने अपने करियर का सबसे लंबा मैच खेला, लेकिन जीत से बस एक कदम दूर रह गए.