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जलेबी की मिठास और सांस्कृतिक झलक: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल

फरीदाबाद  गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप को भी लॉन्च किया। बाद में उपराष्ट्रपति समेत मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाई गई। सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने प्रस्तुति दी। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम और केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी कला और शिल्प के उस महाकुंभ में साक्षी बनने जा रहे हैं, जिनकी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है। मैं इस मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। यहां हम उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों में कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है। 39वें कार्यक्रम की थीम 'लोकल टू ग्लोबल' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने का प्रतिबिंब है, जिसमें भारत के हर कोने में बैठे हुए हुनरमंद हाथ को वैश्विक बाजार से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ सिर्फ आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने पेश करना भी शामिल है। सूरजकुंड मेला इसी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण है।

लोकतंत्र से साक्षात्कार: स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन

रायपुर. स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन  राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।  विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई।  इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री के गोरक्षा से जुड़े अभूतपूर्व कार्यों से मिली उनसे मुलाकात की प्रेरणा

सीएम योगी से मिले ‘गोदान’ फिल्म के निर्माता-निर्देशक, ट्रेलर लांच मुख्यमंत्री के गोरक्षा से जुड़े अभूतपूर्व कार्यों से मिली उनसे मुलाकात की प्रेरणा गोरक्षा के संकल्प, भारतीय संस्कृति और पंचगव्य विज्ञान को बड़े पर्दे पर लाएगी ‘गोदान’ पंचगव्य से पंच परिवर्तन व वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाती है फिल्म, 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होगी लखनऊ गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया। फिल्म के निर्माता व निर्देशक ने स्पष्ट किया कि देश में गो-रक्षा को लेकर सबसे व्यापक, ठोस और जमीनी स्तर पर कार्य उत्तर प्रदेश में हुआ है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन और प्रतिबद्ध नेतृत्व है। इन्हीं बातों ने उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए प्रेरित किया। सीएम योगी के सत्ता संभालते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर शुरु हुआ ताबड़तोड़ एक्शन योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु हुआ और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई। गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित ‘गोदान’ फिल्म 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समग्र दस्तावेज है। निर्माता ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया। गोरक्षा को लेकर सीएम योगी के अभूतपूर्व कार्य बने प्रेरणा फिल्म निर्माता विनोद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान कहा कि आज देश में गो-रक्षा के क्षेत्र में जो ठोस कार्य दिख रहा है, उसका सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में गोशालाओं का विस्तार, निराश्रित गोवंश की व्यवस्था, तस्करी पर सख्ती और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाना, ये सभी कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हो पाए हैं। निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि जो दायित्व सामान्यतः समाज और हर नागरिक का होना चाहिए, उसे मुख्यमंत्री स्वयं उदाहरण बनकर निभा रहे हैं। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है, जो वैदिक काल से हमारे जीवन का आधार रही है। समुद्र मंथन से कामधेनु की प्राप्ति की कथा से लेकर आज तक गाय भारतीय सभ्यता की पोषक रही है। नई पीढ़ी को गाय के महत्व से जोड़ने का प्रयास विनोद चौधरी ने कहा कि नई युवा पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूलती जा रही है। दूध देने तक गाय को रखा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, फिर यह कहा जाता है कि इसकी जिम्मेदारी सरकार निभाए। जबकि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि गोमाता का पालन-पोषण करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाय हमारी माता है। जो लोग गाय को केवल पशु कहते हैं, वे स्वयं पशुता की मानसिकता में जी रहे हैं। जैसे मां हमें पोषण देती है, वैसे ही गाय संपूर्ण मानव समाज का पोषण करती है।   पंचगव्य से पंच परिवर्तन का संदेश फिल्म ‘गोदान’ में पंचगव्य से पंच परिवर्तन को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि पंचगव्य किस प्रकार मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। निर्माता के अनुसार, गाय पर हाथ फेरने मात्र से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप संतुलित होता है और अनेक बीमारियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। फिल्म में यह संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए फिल्म निर्माता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिल्म को टैक्स-फ्री किए जाने की अपेक्षा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक जाति, धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए है। विशेषकर युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। स्कूल के बच्चों, परिवारों और समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचना चाहिए। सीएम योगी से मुलाकात के दौरान विनोद चौधरी (निर्माता), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर उपस्थित रहे। प्रदेश में गो सेवा-संरक्षण के अभूतपूर्व प्रबंध गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन, सभी के लिए गोमाता  सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गोमाता पर बनी यह फिल्म हर युवा, बच्चे और बुजुर्ग को सपरिवार देखनी चाहिए।

भाजपा प्रमुख नितिन नवीन ने बताई टीम बनाने की योजना: मेहनत इन राज्यों में, दिल्ली में मिलेगा मौका

नई दिल्ली भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यभार संभालने के बाद पार्टी में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए देश भर से चुने गए भाजपा नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर ही उन्हें नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की संभावना है। असम के लिए विशेष टीम की तैनाती भाजपा ने असम के लिए लगभग एक दर्जन राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की सूची तैयार की गई है। इस पूरी टीम का मार्गदर्शन राज्य के चुनाव प्रभारी बैजयंत 'जय' पांडा कर रहे हैं। इस टीम में दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, प्रवेश वर्मा, विधायक अनिल शर्मा और पवन शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर जैसे 'परखे हुए' नेताओं को भी इस मिशन में जोड़ा गया है। यह टीम राज्य में भाजपा, आरएसएस और नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगी। नेताओं की जिम्मेदारियां और कार्य इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं को केवल प्रचार तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर के ठोस काम सौंपे गए हैं। जैसे हर नेता को एक से दो लोकसभा सीटों के भीतर चुनावी प्रबंधन का जिम्मा दिया गया है। जनसांख्यिकीय आंकड़ों का विश्लेषण और बूथ स्तर की रणनीति बनाना का काम भी दिया गया है। इसके अलावा, चुनाव करीब आने पर ये नेता टिकटों के बंटवारे से जुड़े फैसलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि को मजबूत करेंगे। चयन का आधार क्या है? इन नेताओं के चयन में उनकी आरएसएस पृष्ठभूमि, ABVP और युवा मोर्चा के साथ उनके पुराने जुड़ाव को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि भाजपा पहले भी अन्य राज्यों के नेताओं को चुनावी ड्यूटी पर लगाती रही है, लेकिन इस बार का उद्देश्य नए अध्यक्ष के तहत 'संगठनात्मक निरंतरता' बनाए रखना है। चुनाव परिणामों के बाद किए जाने वाले विश्लेषण में जिन नेताओं का प्रदर्शन शानदार रहेगा, उन्हें नितिन नवीन की टीम में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पीढ़ीगत बदलाव के संकेत 45 वर्षीय नितिन नवीन की नियुक्ति को भाजपा में एक पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि नबीन की टीम में नए चेहरों और अनुभवी दिग्गजों का मिश्रण होगा। चूंकि इस साल कई बड़े नेता राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं और एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का आधा समय पूरा होने वाला है, ऐसे में कैबिनेट फेरबदल की भी संभावनाएं हैं। वर्तमान में असम के लिए जो टीम बनाई गई है, वैसी ही टीमें जल्द ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए भी घोषित की जाएंगी। इन नेताओं के लिए यह चुनाव केवल जीत-हार का सवाल नहीं है, बल्कि भाजपा के नए सांगठनिक ढांचे में अपने भविष्य को सुरक्षित करने का एक मौका है। नितिन नवीन की पहली परीक्षा असम और पश्चिम बंगाल के आगामी 2026 विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। नए अध्यक्ष नितिन नबीन के लिए ये चुनाव उनकी नेतृत्व क्षमता की पहली बड़ी परीक्षा होंगे। असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने (हैट्रिक) के लक्ष्य के साथ मैदान में है। भाजपा का पूरा जोर 'घुसपैठ' और 'जनसांख्यिकीय परिवर्तन' जैसे मुद्दों पर है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार 'मियां' वोटर्स और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को उठाकर हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। नितिन नवीन ने असम में बूथों की संख्या को 28,000 से बढ़ाकर 31,400 करने का लक्ष्य रखा है, ताकि माइक्रो-मैनेजमेंट को मजबूत किया जा सके। कांग्रेस ने इस बार प्रियंका गांधी को असम के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस विपक्षी एकजुटता के जरिए भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। भाजपा अपने पुराने सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि गठबंधन लगभग 103 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की स्थिति में है। हालांकि असम के मुकाबले बंगाल में भाजपा के लिए चुनौती थोड़ी कठिन है क्योंकि यहां वह 14 साल के ममता बनर्जी के शासन को चुनौती दे रही है। भाजपा के पास बंगाल में ममता बनर्जी के कद का कोई एक 'मास लीडर' नहीं है। इसलिए पार्टी एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे और 'विकास' के मॉडल पर निर्भर है। भाजपा ने बंगाल को अलग-अलग जोन में बांटकर 'क्षेत्रीय वॉर-रूम' बनाए हैं। हर जोन के लिए राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को तैनात किया गया है। पार्टी भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और कानून-व्यवस्था को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रही है। साथ ही, केंद्रीय योजनाओं के लाभ को सीधे जनता तक पहुँचाने का वादा किया जा रहा है। नितिन नवीन ने पद संभालते ही बंगाल का दौरा शुरू कर दिया है। उन्होंने दुर्गापुर में कोर टीम के साथ बैठक कर जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का 'रोडमैप' तैयार किया है।

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़

रायपुर. अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़ अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया।    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।  मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।  उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की।  आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्सा  इस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।  कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक   केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद   महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्म हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर   डोमन सिंह, आईजी   पी. सुंदरराज, कलेक्टर  मती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक   राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ  मती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

सर्वाधिक धनराशि बाढ़ से नुकसान की क्षतिपूर्ति और पुनर्वास के लिए की गई आवंटित

आपदा राहत प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है प्रदेश सरकार, वर्ष 2025-26 में जारी किए 710.12 करोड़ रुपये सर्वाधिक धनराशि बाढ़ से नुकसान की क्षतिपूर्ति और पुनर्वास के लिए की गई आवंटित  निराश्रितों को शीतलहरी से बचाने के लिए रैन बसेरों, कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था से दी गई राहत लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़, भूकंप, सूखा, अग्निकांड, शीतलहर एवं मानव-जीव संघर्ष जैसी आपादाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध और संवेदनशील है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश का राहत आयुक्त कार्यालय आपादा प्रभाव को कम करने तथा पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपदा राहत निधि के तहत 710.12 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इस धनराशि से विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदा पीड़ितों को सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही राज्य में आपदा राहत तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किये गए हैं, जिससे वर्तमान में उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल राज्य के रूप में उभर रहा है। त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को मिली रफ्तार    प्रदेश में आपदा न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रभावी राहत वितरण एवं पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी 710.12 करोड़ रुपये में सर्वाधिक 365.73 करोड़ रुपये बाढ़ प्रभावितों के बचाव के लिए जारी किए गए। इसे विशेष रूप से सरयू, गंगा और घाघरा के बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास पर खर्च किया गया। चक्रवात व आंधी-तूफान से होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति के लिए 14.13 करोड़, ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए 0.13 करोड़, अग्निकांड में क्षतिपूर्ति के लिए 14.63 करोड़ रुपये और शीतलहरी से बचाव के लिए 50.72 करोड़ रुपये जारी किये गये। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्य आपदाओं के लिए लगभग 246.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सामान्य मद के लिए 0.44 करोड़ व अन्य राहत कार्यों के लिए 17.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। इस राशि को प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, पुनर्वास एवं बचाव कार्यों को गति प्रदान करने एवं आपदा राहत तंत्र को प्रभावी बनाने में खर्च किया गया।  बांटे गये 5 लाख 89 हजार से अधिक कंबल  राहत आयुक्त कार्यालय ने ठंड के मौसम में बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिससे इस वर्ष शीतलहर से होने वाली जनहानि में विशेष रूप से कमी आई। इस क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित एवं असहाय व्यक्तियों को कंबल वितरण हेतु 45.51 करोड़ व अलाव जलाने के लिए 3.51 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में 27,027 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जहां अब तक 1,69,834 अलाव जलाए जा चुके हैं, जरूरत के हिसाब से ये कार्य अभी भी जारी है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा गरीबों और निराश्रितों को 5,89,689 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में 1,242 रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 64 हजार से अधिक व्यक्तियों को रैन बसेरों ने राहत प्रदान की। ये व्यवस्थाएं शीतलहरी के दौरान निराश्रित और असहाय लोगों की जान बचाने में उल्लेखनीय प्रयास साबित हुईं। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि हर आपदा प्रभावित व्यक्ति को त्वरित सहायता मिले और जीवन-रक्षा के साथ आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित हो। इसके लिए राहत आयुक्त कार्यलय की ओर से आपदा प्रहरी एप और 1070 टोल फ्री नंबर का संचालन भी किया जाता है। जो आपदा प्रभावितों को त्वरित सहायता और प्रभावी समन्वय को सुनिश्चित करता है।

‘धुरंधर’ का सुपरहिट गाना, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज, दुनियाभर में धूम

मुंबई  बहरीन के फेमस रैपर फ्लिपराची ने म्यूजिक की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसका सपना हर कलाकार देखता है. दरअसल फिल्म 'धुरंधर' के सुपरहिट गाने 'फासला' (Fa9la) ने आधिकारिक तौर पर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपनी जगह बना ली है. बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' में सुनाई दिए इस गाने ने बिलबोर्ड अरबिया चार्ट्स में सबसे लंबे समय तक टॉप पर रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. अब इस उपलब्धि ने फ्लिपराची को रातोरात भारत में एक बड़ा नाम बना दिया है. रैपर ने अपनी इस खुशी को एक वीडियो के जरिए शेयर किया है. रैपर फ्लिपराची ने क्या कहा? 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में नाम आने के बाद अपनी इस बड़ी जीत पर रिएक्शन देते हुए फ्लिपराची ने कहा, 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, हबीबी! यह एहसास बहुत ही शानदार है.' उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि यह गाना उस भाषा (हिंदी) में लोकप्रिय हुआ, जिसमें इसे गाया ही नहीं गया था. उन्होंने बताया कि जब वे एक फोटोशूट में व्यस्त थे, तब उन्हें यह खबर मिली कि उनका गाना एक साथ चार अलग-अलग चार्ट्स में टॉप पर है. एक दूसरी भाषा और संस्कृति में गाने को इतना प्यार मिलना उनके लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है. 'धुरंधर' की जान बना यह गाना फिल्म 'धुरंधर' में 'फासला' गाना एक बेहद अहम मोड़ पर आता है. जब अक्षय खन्ना का किरदार हथियारों की डील के लिए बलूच पहुंचता है. गाने की जबरदस्त एनर्जी और कमाल की बीट ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. जैसे ही फिल्म रिलीज हुई, यह गाना थिएटर से निकलकर सीधे लोगों के फोन तक पहुंच गया. आज इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और मीम्स की दुनिया में इस गाने का ही बोलबाला है. फिल्म की कमाई में भी इस गाने ही सबसे बड़ा योगदान है. वहीं भारत से मिल रहे प्यार को देखकर फ्लिपराची काफी इमोशनल हैं. उन्होंने बताया कि उनके सोशल मीडिया इनबॉक्स (DMs) हर दिन हजारों मैसेज से भरे रहते हैं. लोग उन्हें गानों पर बने वीडियो में टैग कर रहे हैं और अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं. बता दें कि Fa9la गाना चार बड़े चार्ट्स — टॉप 100 आर्टिस्ट, हॉट 100 गाने, टॉप 50 खलीजी, और टॉप 50 अरेबिक हिप हॉप — सभी बिलबोर्ड अरबिया द्वारा बनाए गए चार्ट्स में टॉप पर पहुंच गया है. जल्द भारत टूर पर फ्लिपराची सिंगर, रैपर फ्लिपराची के इंडिया टूर की शुरुआत 14 मार्च 2026 से होगी. अपने ऑफिशियल इंस्टा हैंडल से फ्लिपराची ने इसकी जानकारी दी है. म्यूजिक टूर की बाकी तारीखों और शहर की की घोषणा भी जल्द ही की जाएगी. इसके लिए उन्होंने इंडियन फैंस से सजेशन मांगे हैं.  

नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण

रायपुर. मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा। प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री   टंकराम वर्मा, सांसद   महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष   रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

सेवा और समर्पण की मिसाल: मुख्यमंत्री ने रामकृष्ण मिशन की भूमिका को सराहा

रायपुर. रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री ने की सराहना मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय ने आज नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है। शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन में बड़ा अंतर होता है। अशिक्षित व्यक्ति शोषण का शिकार होता है, जबकि शिक्षित व्यक्ति अपने विवेक का उपयोग कर निरंतर आगे बढ़ता है। रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री ने की सराहना मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह समय अध्ययन का है। उन्होंने एक आदर्श विद्यार्थी के पांच गुणों- “काकचेष्टा बको ध्यानं श्वाननिद्रा तथैव च। अल्पहारी गृहत्यागी विद्यार्थी पञ्चलक्षणम।” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता के सपनों को साकार करते हुए देश और प्रदेश की सेवा करें। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नारायणपुर के रामकृष्ण आश्रम के बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में आर्थिक स्थिति कभी बाधा नहीं बननी चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, छात्रवृत्ति, प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उच्च शिक्षा के लिए ऋण की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नालंदा परिसर का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री   साय ने रामकृष्ण मिशन के सेवा भावी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अबूझमाड़ जैसे सुदूर और अंदरूनी क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। मिशन द्वारा यहां कृषि के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी लोगों की सहायता की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सेवा कार्य करते हुए रामकृष्ण मिशन को 40 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद प्रभावित होने के कारण पहले लोग इस क्षेत्र में आने से डरते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे माओवाद समाप्ति की ओर है और विकास कार्यों में तेजी आई है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब तक 400 ग्रामों में विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। लोगों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी बन रहे हैं। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय अपने भविष्य को संवारने का है। भगवान ने सभी को विवेक और क्षमता प्रदान की है, जिससे जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच रखने, अच्छी पुस्तकें पढ़ने और अच्छे संगत में रहने का आग्रह किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद   महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  रूपसाय सलाम, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

15-16 फरवरी महाशिवरात्रि: पूजा का सही समय, विधि और मंत्र की पूरी जानकारी

 इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा. फाल्गुन माह की शिवरात्रि व्रत का यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सनातन धर्म की शाश्वत परंपरा में महाशिवरात्रि को एक ऐसा दिव्य पर्व माना गया है जिसमें अज्ञान का अंधकार विलीन हो सकता है. साधक के भीतर ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है और जीवन शिव तत्व की अनुभूति से आलोकित हो उठता है. महाशिवरात्रि की तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने विस्तार से जानकारी दी है. महाशिवरात्रि की तिथि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को दोपहर 05:04 बजे होगा और इसका समापन 16 फरवरी को दोपहर 05:34 बजे होगा.  ऐसे में महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा और व्रत का पारण 16 फरवरी को किया जाएगा. श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि का संयोग इस बार महाशिवरात्रि का पर्व श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि के दुर्लभ संयोग में आ रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई महापर्व सिद्ध योग में पड़ता है तो उसमें किए गए जप, तप, दान और पूजा असाधारण फल प्रदान करती है. सर्वार्थ सिद्धि योग का अर्थ ही है सभी कार्यों की सिद्धि कराने वाला योग. ऐसे में महाशिवरात्रि का यह दुर्लभ संयोग साधकों के लिए सांसारिक सुख ही नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की दिशा में अग्रसर होने का स्वर्णिम अवसर लेकर आई है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ था. कठोर तपस्या के पश्चात माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में प्राप्त किया और वैराग्य में लीन शिव ने गृहस्थ जीवन स्वीकार कर लोक कल्याण का मार्ग अपनाया. यह प्रसंग केवल विवाह कथा नहीं बल्कि प्रेम त्याग और समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है. इसी कारण महा शिवरात्रि को दांपत्य सुख-सौभाग्य और पारिवारिक स्थिरता का महापर्व भी माना जाता है. 1. ओम नमः शिवाय 2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्। 3. ॐ हौं जुं स: मृत्युंजयाय नम:॥ 4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥