samacharsecretary.com

6 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की स्थिति से इन राशियों की किस्मत में आ सकता है बड़ा बदलाव

मेष राशि :– आज का मिश्रित फलदायी रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आकस्मिक धनलाभ के योग भी बन रहे हैं। नौकरी में मनचाaहा स्थानांतरण या पदोन्नति की संभावना रहेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। दाम्पत्य जीवन भी सुखद रहेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा किसी विवाद में फंस सकते हैं। सेहत को लेकर सावधान भी रहें। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भाग ले सकते हैं। यात्रा पर जाने से बचें। वृषभ राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। गृह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल रहने से भाग्य-वृद्धि के योग बन रहे हैं। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी। नौकरी में तरक्की मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी, लेकिन सहयोगियों की मदद से कार्य सफल होंगे। आकस्मिक धन प्राप्ति हो सकीत है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों के साथ दिन आनंदपूर्वक बीतेगा। सेहत भी अच्छी रहेगी। यात्रा पर जाने का आयोजन हो सकता है। मिथुन राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यापारिक गतिविधियां मध्यम रहेंगी और छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यभार की भी अधिकता रहेगी, लेकिन सहकर्मियों की मदद से कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। पैसों के लेन-देने और कोर्ट-कचहरी के कार्यों से दूर रहना बेहतर होगा। सेहत को लेकर सावधान रहें। विद्यार्थियों को सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। कर्क राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। व्यापार-धंधा मध्यम रहेगा और कार्यभार की अधिकता रहने से दिन भागदौड़ में व्यतीत होगा। कार्यक्षेत्र में आशानुरूप सफलता नहीं मिलने से मन में व्यग्रता रहेगी। क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम रखें, अन्यथा किसी विवाद में फंस सकते हैं। धार्मिक कार्यों में भाग ले सकते हैं। ईश्वर भक्ति मन को शांति प्रदान करेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों का सहयोग भी मिलेगा। धन व्यय की अधिकता रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी और कार्य सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से थकान का अनुभव कर सकते हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। परिवार का माहौल आपके अनुकूल रहेगा, लेकिन ध्यान रहे कि आपकी बातों से किसी को ठेस न पहुंचे। सेहत को लेकर सतर्क रहें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। कन्या राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कारोबार विस्तार की योजनाएं बनाएंगे। कार्यक्षेत्र में वातावरण आपके अनुकूल रहेगा और सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे कार्य आसानी से पूरे होंगे। काम को लेकर किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा, लेकिन किसी बात को लेकर विवाद होने की भी संभावना रहेगी। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। सेहत का ध्यान रखें। तुला राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में वातावरण आपके अनुकूल रहेगा और सहकर्मियों का सहयोग भी मिलेगा, लेकिन आशानुरूप कार्यों में सफलता नहीं मिलने से मन व्यथित रहेगा। व्यापार-धंधे में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी। परिवार का माहौल ठीक रहेगा, लेकिन वाणी पर नियंत्रण रखना होगा, वरना किसी से विवाद होने की संभावना रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और खान-पान का ध्यान रखें। वृश्चिक  राशि :- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। व्यवसाय में लाभ और नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। कारोबार विस्तार को लेकर योजनाएं शुरू कर सकते हैं। प्रॉपर्टी में निवेश लाभदायक सिद्ध होगा। कार्यभार की अधिकता रहेगी, लेकिन कार्यों में सफलता मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों के साथ समय आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। परिजनों-मित्रों के साथ किसी यात्रा या पिकनिक पर जा सकते हैं। सेहत भी बनी रहेगी। धनु राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा और कारोबार विस्तार की योजनाएं बनेंगी, लेकिन नए कार्यों की शुरुआत करने से बचें, वरना बड़ा नुकसान होने की संभावना रहेगी। कार्यों में सफलता मिलने से धनलाभ होगा, अनावश्यक धन व्यय की भी अधिकता रहेगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। उधार लेन-देन से बचें। परिश्रम और प्रयासों से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। परिजनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने से खुश रहेंगे। आय में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं। हालांकि, कार्यभार की अधिकता रहेगी और कार्यों सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों और मित्रों का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। जोखिम लेने से नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लें। बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें। सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। कुम्भ राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में योजनाएं बनाकर काम करने से सफलता मिलेगी, लेकिन कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी और दिन भागदौड़ में व्यतीत होगा। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पुराने कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। परिजन, दोस्त, रिश्तेदारों का पूरा सहयोग मिलेगा। जमीन-जायदाद के मामले में पडऩे से बचें, अन्यथा कानूनी विवाद में फंस सकते हैं। आपका व्यवहार पार्टनर को खुशी देगा। तरक्की के नए मार्ग खुलेंगे। मीन राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कामकाज अच्छा चलेगा और धनलाभ के योग भी रहेंगे, लेकिन छोटी-छोटी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी और दिन भागदौड़ में व्यतीत होगा। शारीरिक रूप से थकान का अनुभव करेंगे। क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम रखें, अन्यथा विवाद होने की संभावना रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और परिजनों का भरपूर सहयोग मिलेगा। लेन-देन से बचें।

पाक सेना का दावा: बलूचिस्तान ऑपरेशन में 216 आतंकवादी ढेर, कई जानें गईं

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकी हमलों के जवाब में कई दिनों तक चले अभियान में कम से कम 216 आतंकवादी, 36 नागरिक और 22 जवान मारे गए हैं। सेना ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा 'इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि उसने 26 जनवरी को शुरू किया गया अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि विश्वसनीय और खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद पंजगुर और हरनाई जिले के बाहरी इलाकों में अभियान शुरू किए गए। इसने बताया कि कई दिन चले अभियान में 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया।  आईएसपीआर ने बताया कि अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 36 आम नागरिक तथा सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 22 कर्मी मारे गए। भारत ने बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में उसकी संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह इस्लामाबाद की अपनी ''आंतरिक विफलताओं'' से ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा है।

संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्ती, नगर निगम ने कई व्यावसायिक भवन सील किए

रायपुर राजधानी के जोन क्रमांक 10 में बकाया संपत्ति कर की वसूली को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। कई वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके संस्थानों को सील की गई है। इस कार्रवाई के बाद बकायादारों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम ने पूर्व में संबंधित बकायादारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा तक संपत्ति कर जोन कार्यालय में जमा नहीं किया गया। इसके बाद निगम प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों को ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्रवाई की। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बकाया कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर जमा कर अनावश्यक कार्रवाई से बचें।

107 लोगों की मौत का मामला: SIR के खिलाफ बंगाल विधानसभा में प्रस्ताव मंजूर

कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि राज्य में विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर फैली घबराहट और चिंता के कारण 107 लोगों की जान चली गई है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए SIR की प्रक्रिया चल रही है। सत्ताधारी दल TMC का आरोप है कि इस प्रक्रिया ने आम जनता के बीच भारी डर पैदा कर दिया है। लोगों को लग रहा है कि यह NRC का ही एक दूसरा रूप है, जिसके माध्यम से उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए जाएंगे और उनकी नागरिकता पर सवाल खड़े होंगे। नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को परेशान किया गया और मानसिक तनाव के कारण 107 लोगों की मौत हो गई। निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग 'परेशान करने का आयोग बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला अभी उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए विधानसभा इस पर विचार-विमर्श नहीं कर सकती। इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है: ममता बनर्जी का पक्ष: हाल ही में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में हर दिन 3-4 लोग इस 'SIR के डर' के कारण अपनी जान दे रहे हैं। उन्होंने इसे पिछले दरवाजे से NRC लाने की कोशिश करार दिया है। BJP का पलटवार: विपक्षी दल बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि टीएमसी सरकार लोगों के बीच जानबूझकर अफवाहें और डर फैला रही है ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके। उन्होंने इन मौतों को निजी त्रासदियों का राजनीतिकरण बताया है। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद इस मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। इससे एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की जारी कवायद में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि 'लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को निशाना बनाया जा रहा है और इसके लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ममता बनर्जी बुधवार को उच्चतम न्यायालय में बहस करने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन गईं। SIR क्या है और डर क्यों है? SIR चुनाव आयोग की एक नियमित प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। हालांकि, बंगाल में विपक्ष और सरकार के बीच चल रहे टकराव के कारण यह एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। लोगों में डर है कि अगर उनके पास 1971 या पुराने दस्तावेज नहीं हुए, तो उन्हें अवैध घुसपैठिया घोषित कर दिया जाएगा, जैसा कि असम में NRC के दौरान देखने को मिला था। हालांकि चुनाव आयोग के अपने तर्क हैं।

बिहार में पूर्णिया एयरपोर्ट से 4 महीने में 1 लाख यात्रियों ने भरी उड़ान

पटना. पटना और दरभंगा के बाद अब पूर्णिया एयरपोर्ट ने बिहार के विमानन क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है. उद्घाटन के महज चार महीनों के भीतर 1.10 लाख यात्रियों को उड़ान भरवाकर पूर्णिया एयरपोर्ट ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया है. बढ़ती भीड़ और फुल फ्लाइट्स को देखते हुए इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं. चार महीने में बदली सीमांचल की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2025 को उद्घाटन के बाद से ही पूर्णिया एयरपोर्ट यात्रियों की पहली पसंद बनता गया. सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि वर्षों पुराने इंतजार का अंत साबित हुआ. चार महीनों में 1.10 लाख से अधिक यात्रियों का सफर करना इस बात का संकेत है कि यहां की डिमांड अनुमान से कहीं ज्यादा है. पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए इंडिगो और स्टार एयर की पांच नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. यात्रियों का उत्साह ऐसा है कि लगभग सभी फ्लाइट्स लगातार फुल बुकिंग के साथ उड़ान भर रही हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि एयरपोर्ट से न केवल पूर्णिया, बल्कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों और पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन जिलों को सीधा लाभ मिल रहा है. आंकड़े बताते हैं सफलता की रफ्तार एयरपोर्ट डायरेक्टर दीप प्रकाश गुप्ता के मुताबिक 12 दिसंबर तक यात्रियों की संख्या 50 हजार थी, लेकिन जनवरी खत्म होते-होते यह आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया. मनिहारी-साहिबगंज पुल के पूरा होने के बाद यात्रियों की संख्या में और उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है. बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन एयरपोर्ट को सौंपी जा चुकी है, जहां अत्याधुनिक और स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है. अगले महीने टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. नए टर्मिनल में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ 500 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता होगी. अधिकारियों का लक्ष्य भविष्य में यहां से मुंबई, बेंगलुरु और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू करना है. सीमांचल का नया पावरहाउस पूर्णिया एयरपोर्ट अब सिर्फ एक घरेलू हवाई अड्डा नहीं, बल्कि बिहार के एविएशन भविष्य का मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है. जिस इलाके को कभी पिछड़ेपन की पहचान से जाना जाता था, वही आज विकास की उड़ान भरता दिख रहा है.

साय सरकार का अहम फैसला, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को रजिस्ट्री और पंजीयन से जुड़ी सेवाएं अधिक सहज और सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के तीन जिलों में चार नए उप पंजीयक कार्यालय  खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस निर्णय से अब लोगों को रजिस्ट्री के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इन चार स्थानों पर खुलेंगे नए कार्यालय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 के तहत स्वीकृत किए गए नए कार्यालय निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे:     भखारा: जिला धमतरी     लवन: तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा     सकरी: जिला बिलासपुर     राजकिशोर नगर: जिला बिलासपुर समय और धन की होगी बचत इन नए कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी. अब तक लोगों को छोटे से पंजीयन कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था. नए केंद्रों से पंजीयन प्रक्रिया में न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि जिला मुख्यालयों में होने वाली भीड़ से भी मुक्ति मिलेगी. सुशासन की दिशा में सशक्त कदम: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को सुशासन का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य शासन की सेवाओं को नागरिकों के दरवाजे तक पहुँचाना है. नए कार्यालयों की स्वीकृति से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति आएगी और आमजन को कार्यालयों की दौड़-भाग से राहत मिलेगी.” पंजीयन विभाग के ’10 क्रांतिकारी सुधार’ भी होंगे लागू वित्त एवं वाणिज्य कर (पंजीयन) मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि इन नए कार्यालयों में भी विभाग द्वारा शुरू किए गए 10 हाई-टेक सुधारों का लाभ मिलेगा. पंजीयन विभाग की आधुनिक सेवाएं:     घर बैठे रजिस्ट्री: अब ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और प्रक्रियाओं की सुविधा.     ऑटो डीड जनरेशन: दस्तावेजों को तैयार करने की स्वचालित व्यवस्था.     स्वतः नामांतरण: रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होना.     WhatsApp और डिजीलॉकर: व्हाट्सएप आधारित सेवाएं और डिजिटल दस्तावेजों का एकीकरण.     कैशलेस पेमेंट: पारदर्शी और सुरक्षित भुगतान के लिए एकीकृत व्यवस्था. मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन सर्च जैसी सुविधाओं से अब धोखाधड़ी की संभावना भी खत्म होगी.

बीजेपी विधायक का तंज- राजस्थान में 200 जिले बना देते गहलोत

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के आखिरी दिन जमकर हंगामा ​हुआ। केकड़ी से बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने गुरुवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि गहलोत ने जाते-जाते बिना सोचे समझे राजस्थान में नए जिले बना दिए। गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी, तो वे 200 जिले बना देते। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर क्षेत्र में बंटाधार किया। शिक्षा को नाथी का बाड़ा किसने बनाया? गहलोत ने जाते-जाते जिले बना दिए, उन्हें अगर जिले ही बनाने थे साल 2019 में बनाते। लेकिन, जब लगा कि हमारे नेता नहीं जीतेंगे तो व​हां-वहां बिना सोचे समझो जिले बना दिए। उन्होंने कहा कि गहलोत राज में केकड़ी, मालपुरा, शाहपुरा, दूदू को जिला बना दिया। लेकिन, क्या हुआ जीत पाए? गहलोत को अगर कोई यह गारंटी दे देता कि सरकार रिपीट हो जाएगी ते वे 200 जिले बना देते। दूदू को नया प्रदेश ही बना देते। जयपुर की खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर हमला बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के बाद भी खराब ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुंबई पुलिस से ज्यादा ताकतवर जयपुर में कमिश्नरेट बनाया। विधानसभा में इसलिए हुआ हंगामा इस पर कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने टोकते हुए कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के समय गुलाबचंद कटारिया गृह मंत्री थे, उनकी सिफारिश से ही जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट बना था। बीच में टोकने पर संसदीय कार्यमंत्री ने आपत्ति जताई तो सदन में हंगामा शुरू हो गया।

PM मोदी के भाषण में अचानक आया मास्टर सदानंद का नाम, विपक्ष पर साधा गया निशाना

 नई दिल्ली राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक हिंसा का जिक्र किया और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपमानित करने का भी आरोप लगाया। पीएम मोदी ने इसी बहाने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी। यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है। पीएम ने कहा कि देश के शीर्ष पद पर बैठे शख्स का अपमान करने वाले विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कल लोकसभा में बड़ी दर्दनाक घटना घटी। सदन में इस तरह का माहौल बना दिया गया कि मंगलवार को आसन पर कागज फेंके गए, तब आसन पर असम के ही एक सदस्य थे। पीएम ने पूछा कि क्या यह असम का अपमान नहीं है? पीएम ने कहा कि कल बुधवार को भी आसन पर कागज फेंके गए, तब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य पीठासीन थे। शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कहा पीएम ने आरोप लगाया कि जब भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, तब भी कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने कहा, "ये असम का विरोध है, पूरे देश के कला प्रेमियों का विरोध है। असम इसे भूलने वाला नहीं है। इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया। अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका। कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा लेकिन ये सिख थे, इसलिए इन्हें गद्दार कहा, ये सिखों का, गुरुओं का अपमान है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल ऐसा कहा गया। उन्होंने कहा कि वह भी ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहा गया, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार रहा है। पीएम ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है। सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में क्या भाव है। मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं प्रधानमंत्री ने इसी दौरान एक दूसरे दर्द का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "एक तरफ ये दर्द, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है। राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए गए। कटे पैर से जिंदगी गुजार रहे, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में जरा भी कटुता नहीं। उन्होंने जब अपने लिंब को टेबल पर रखा, वह दृष्य़ पीड़ादायक था। हम ऐसे लोगों से ही राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं।" प्रधानमंत्री ने इसके बाद कांग्रेस को मोहब्बूत की तथाकथित दुकान पर भी तंज कसा और कहा कि मोहब्बत की बात करने वाले लोग मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। कौन हैं मास्टर सदानंद, कैसे कटे दोनों पैर? सी. सदानंदन मास्टर (C. Sadanandan Master) केरल के एक प्रमुख शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जुलाई 2025 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। वह भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय तक RSS से जुड़े रहे हैं। 25 जनवरी 1994 को, जब वे मात्र 30 वर्ष के थे,तब केरल के कन्नूर जिले में उन पर एक जानलेवा हमला हुआ था। कथित तौर पर कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के कार्यकर्ताओं ने उनके दोनों पैर काट दिए थे। यह हमला उनकी विचारधारा बदलने (वामपंथ से संघ की ओर) की सजा के तौर पर किया गया था। कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए इस भयानक त्रासदी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए और 25 वर्षों तक त्रिशूर के एक स्कूल में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में सेवा दी। वे नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। दो दिन पहले ही राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपनी नकली टांगें टेबल पर रखकर राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया, जिसकी देश भर में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें "साहस का प्रतीक" बताया है। उन्हें भाजपा और संघ के हलकों में एक "जीवित शहीद" के रूप में देखा जाता है। मास्टर सदानंद ने राज्यसभा में बताई थी आपबीती राज्यसभा में सोमवार को अपने संबोधन में सदानंद मास्टर ने बताया कि किस तरह विचारधारा अलग होने के कारण केरल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं को अमानवीय यातनाएं सहनी पड़ी हैं। वर्षों से कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किए गए, कई लोगों की हत्या हुई और कई को स्थायी शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने अपने भाषण में उन दृश्यों का उल्लेख किया, जिन्हें देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का पैर काट देना या केवल वैचारिक असहमति के कारण किसी की जान ले लेना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इस हिंसा को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसके बावजूद भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं ने धैर्य, साहस और लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखा।

‘हमने देश को ऑक्सीजन दी और उन्होंने हमारी फैक्ट्रियों पर कब्जा किया’: CM हेमंत सोरेन

कोडरमा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज एक दिवसीय दौरे पर कोडरमा पहुंचे। कोडरमा के लोकाई मैदान में झामुमो द्वारा आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में वो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंनो सभा में मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि 25 साल का झारखंड आज स्वाभिमान से जी रहा है। एकीकृत बिहार में यह काफी पिछड़ा हुआ था। गुरु जी शिबू सोरेन ने लंबे संघर्ष कर अलग राज्य बनाया। जब भारत आजादी का सपना भी नहीं देखता था उसे समय झारखंड के लोग अंग्रेजों से लड़ रहे थे। यहां के सेनानी सिद्धू कानू चांद भैरव बिरसा ने लंबा संघर्ष किया। आजादी की लड़ाई झारखंड से शुरू उन्होंने आगे कहा आजादी की लड़ाई तो यहां के संघर्ष के बाद शुरू हुई। हम ऐसे वीर भूमि में पैदा हुए जहां लोगों जल जंगल जमीन की रक्षा करने की कुर्बानी दी। यह प्रदेश सैकड़ों वर्षों से सिर्फ देने का काम किया। कोई ऐसा खनिज नहीं जो यहां नहीं मिलता है। यहां की बेशकीमती खनिजों का सही तरीके से खनन कार्य हो तो कोई बेकारी नहीं रहती। कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर इसके साथ ही उन्होंने कि दुखद है कि कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर है। दूसरे राज्य चमकते रहे यहां के खनिज से और हमारे हिस्से में गरीबी बेकारी मिली। आजादी के बाद यहां  कल कारखाना लगे लेकिन यहां के लोग कोई लाभ नहीं हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत झारखंड को मजदूर प्रदेश बनाया गया।  कोरोना आने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि कितने बड़े पैमाने पर लोग बाहर में रहते हैं। मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन आने के बाद इसका खुलासा हुआ। झारखंड के कितने लोग कोरोना में रास्तों पर मर गए। आपका बेटा हेमंत  पहला मुख्यमंत्री रहा जो यहां के मजदूरों के लिए अपने खर्चे से ट्रेन से लाया। दूसरे राज्य के लोग मर रहे थे और हम अपने मजदूरों को झारखंड ला रहे थे। केंद्र सरकार ने फैक्ट्री में कब्जा कर लिया उन्होंने दावा करते हुए कहा कि झारखंड में कोविड कैसे आया कैसे चला गया इसका भनक भी हमने नहीं लगने दिया। हमने झारखंड से पूरे देश को ऑक्सीजन सप्लाई करके लोगों को बचाया। बाद में केंद्र सरकार ने हमारे ऑक्सीजन फैक्ट्री में कब्जा कर लिया। हमारे लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिलने लगा।

मेघालय कोयला खदान हादसा: विस्फोट में 16 मजदूरों की मौत

मेघालय मेघालय में कोयला खदान में विस्फोट से 16 लोगों की मौत; PM ने किया दो-दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है। यह कोयला खदान जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवाजा देने की घोषणा की है।   पुलिस ने क्या कहा? पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दूरदराज के इलाके में स्थित इस खदान से चार शव बरामद किए गए हैं और एक झुलसे हुए व्यक्ति को उपचार के लिए शिलांग भेजा गया है।  घटना को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?  अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और दमकल व आपात सेवाओं की टीमें मौके पर भेजी गईं।      उन्होंने कहा कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।     घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, जिस पहाड़ी में अवैध खनन हो रहा था, विस्फोट के बाद उसका एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। दिसंबर 2025 में भी हुआ था ऐसा ही विस्फोट यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जिले में अवैध कोयला खनन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी थांग्स्को इलाके में पिछले साल 23 दिसंबर को भी ऐसा ही डायनामाइट विस्फोट हुआ था। उस विस्फोट में दो खनिकों की मौत हो गई थी।  तब पुलिस शुरू में विस्फोट की खबरों को बेबुनियाद बताया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य में अवध कोयला खनन और उसके परिवहन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति (सेवानिवृत्त जज बीपी काटेकी समिति) ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। मेघायल के मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।  इससे पहले 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था। उसमें जिले के जमुना मौदंगा निवासी मौसाद अली (48 वर्षीय) की मृतक के रूप में पहचान हुई थी, जो उम्थे गांव के निवासी थे। पुलिस ने उस घटना की पुष्टि की थी। वह मामला भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।  प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयला खदान में विस्फोट की घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से कहा, मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनो को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने घोषमा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।  एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर भेजी गईं: अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तीन टीमें भेजी गई हैं।