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आठवें वेतन आयोग के नाम पर होने वाले सायबर फ्रॉड से रहे सावधान

इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के कैलक्यूलेशन के नाम पर होने वाले सायबर  फ्रॉड से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।आठवें  वेतन आयोग में एम्पलाईज की सैलरी बढ़ने व एरियर चेक करने के कैलक्यूलेशन की उत्सुकता को ध्यान में रखते हुए सायबर क्रिमिनल्स द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यम से APK फ़ाइल और लिंक से सायबर फ्रॉड किया जा रहा है। अतः ऐसे अनजान मैसेज/लिंक, apk फाइल से सावधान रहे और इन पर बिना जांच पड़ताल के बिल्कुल भी क्लिक न करें।

कार चालक से मोबाइल फोन छीनकर भागे स्कॉर्पियो सवार दो युवक, आधी रात को ओवरटेक को लेकर हुआ था विवाद

हबीबगंज स्थित शालीमार बिल्डिंग के पास का मामला भोपाल राजधानी के हबीबगंज इलाके में आधी रात को ओवरटेक करने की बात को लेकर स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने कार चालक के साथ पहले विवाद किया और बाद में उसके हाथ से 2 मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले।घटना शालीमार बिल्डिंग के पास दानापानी रोड पर रात करीब साढ़े बारह बजे होना बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात स्कॉर्पियो सवार दो आरोपियों के खिलाफ झपटमारी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्कॉर्पियो का नंबर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।  जानकारी के अनुसार पीयूष मालवीय (22) रातीबड़ में रहता है और किराए पर टैक्सी चलाता है। शनिवार-रविवार की रात करीब साढ़े बारह बजे वह हबीबगंज स्थित शालीमार बिल्डिंग के पास सवारी छोडऩे गया था। वापस लौटते समय दानापानी रोड पर एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवकों ने उसे रोक लिया और ओवरटेक की बात को लेकर विवाद करने लगे। दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद चल रहा था, तभी स्कॉर्पियो चालक के साथी ने पीयूष के हाथ से उसके दो मोबाइल फोन छीन लिए। उसके बाद दोनों युवक स्कॉर्पियो में बैठकर वहां से भाग निकले।  झगड़े के दौरान पीयूष उनकी गाड़ी का नंबर नहीं देख पाया था। पहले उसे लगा कि स्कॉर्पियो वाले युवक उसके मोबाइल फोन वापस कर देंगे, लेकिन जब मोबाइल नहीं मिले तो रविवार की शाम को उसने थाने जाकर दोनों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज करवा दिया। इधर कोलार इलाके में रहने वाली संध्या शर्मा (58) कल दोपहर ऑटो में बैठकर जा रही थी, तभी ललिता नगर के पास उनके गले से किसी ने सोने की चैन चोरी कर ली। बाद में उन्होंने थाने जाकर चैन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  युवक का पर्स और मोबाइल लूटने वालों का सुराग नहीं इधर शाहजहांनाबाद इलाके में एक युवक का पर्स और मोबाइल लूटने वाले ऑटो चालक और उसके साथियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार न्यू जेल रोड करोंद निवासी जितेंद्र कुमार शाक्य (33) एक निजी कंपनी में काम करते हैं शुक्रवार-शनिवार की रात वह बाहर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई थी। रात करीब डेढ़ बजे वह एक ऑटो में बैठकर अपने घर करोंद लौट रहे थे। ऑटो चालक करोंद के बजाए ऑटो को बड़ा बाग कब्रिस्तान की तरफ लेकर जाने लगा।  जितेंद्र ने उसे मना किया तो कहने लगा कि छोटा सा काम है, उसके बाद वह उन्हें घर छोड़ देगा। कब्रिस्तान के पास चालक ने ऑटो रोका, जहां उसके तीन अन्य साथी मौजूद थे। चारों ने मिलकर जितेंद्र के साथ मारपीट की और जेब में रखा पर्स तथा मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। लूटे गए पर्स में एटीएम कार्ड और साढ़े पांच हजार रुपये नकद रखे हुए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

दहेज का विरोध: भिंड में दूल्हे के पिता ने 51 लाख लौटाए, सिर्फ 1 रुपया और नारियल लिया

  भिंड मध्य प्रदेश के भिंड से जो कहानी सामने आई है, उसने पूरे समाज को पॉजिटिव मैसेज दिया है. यहां एक शादी समारोह में दूल्हे के पिता ने दहेज के रूप में दिए गए 51 लाख रुपये लौटा दिए और सिर्फ 1 रुपये व एक नारियल स्वीकार कर बेटे का विवाह कराया. दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ इस फैसले की सराहना हो रही है. भिंड के खिड़किया मोहल्ले में रहने वाले अनोज पाठक के बेटे आकर्ष पाठक का विवाह 5 फरवरी को शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में तय हुआ था. दुल्हन पक्ष जबलपुर से लगुन फलदान लेकर पहुंचा. पारंपरिक रीति के तहत दहेज के रूप में 51 लाख रुपये फलदान में रखे गए. समारोह में मेहमान मौजूद थे. इसी बीच ऐसा निर्णय हुआ, जिसने लोगों को भावुक भी किया और सकारात्मक मैसेज भी दिया. फलदान की रस्म के दौरान जब यह राशि दूल्हे को भेंट की गई, तभी अनोज पाठक ने सभी के सामने दहेज लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम शादी करने आए हैं, कोई सौदा करने नहीं. यह कहते हुए उन्होंने पूरी राशि लौटा दी और केवल 1 रुपया व नारियल स्वीकार कर रस्म आगे बढ़ाई. दूल्हे के पिता अनोज पाठक का कहना है कि हमें अपने घर में बहू के रूप में बेटी चाहिए. रिश्ते पैसों से नहीं, अपनापन और संस्कार से बनते हैं. दहेज लेना हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है. उनके इस फैसले ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया. लोगों ने फैसले की सराहना की. लोगों ने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दहेज के कारण बेटियों के परिवार आर्थिक बोझ तले दब जाते हैं. कई बार कर्ज, अपमान और सामाजिक दबाव उनकी जिंदगी को कठिन बना देता है. ऐसे में यह एक सकारात्मक संदेश है. 51 लाख रुपये लौटाना आर्थिक निर्णय कम और सामाजिक संदेश ज्यादा था. यह संदेश कि बेटी कोई बोझ नहीं, और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं. दूल्हे के पिता अनोज पाठक ने कहा कि मेरे दो बेटे हैं. मेरा विचार था कि मैं अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लाऊंगा. जो अच्छी बच्चियां हैं, संस्कार वाली बच्चियां हैं, उनके घर वाले संकोचवश हमसे संपर्क नहीं कर पाते थे. इसलिए मैंने ऐसा सोचा कि मैं अपने बेटे की शादी में पैसे नहीं लूंगा. जब मैंने पैसे वापस किए तो वह बहुत व्यथित हो गए. उन्हें लगा कि मैंने नाराजगी में ऐसा किया है, लेकिन जब और रिश्तेदारों ने मुझसे बात की तो उन्होंने समझाया तो उनकी समझ में आ गया. फिर वह बहुत खुश हुए.

पंचकूला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने परिसर को खाली कराया और सुरक्षा बढ़ाई

पंचकूला  पंचकूला में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल आने की खबर सामने आ रही है,  जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कोर्ट परिसर को खाली करवाया दिया है। वहीं डॉग स्कवॉयड भी मौके तलाशी अभियान चला रही है।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज पंचकूला कोर्ट के सेशन जज को थ्रेट मेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दी गई थी। जिसकी जानकारी उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों को दी। पंचकूला डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा मेल आने के बाद कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि अभी तक जांच में ऐसा कुछ पाया नहीं गया है। यह केवल धमकी का ही मामला है, लेकिन फिर भी उन्होंने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर की जांच की।

MP बोर्ड परीक्षा कल से: 16 लाख छात्र होंगे परीक्षा में शामिल, चोरी रोकने के लिए तैनात होगा तीसरी आंख और फ्लाइंग स्क्वॉड

भोपाल  मध्य प्रदेश में कल से माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र अपने भविष्य की परीक्षा देंगे। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें वीडियोग्राफी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की मदद ली जा रही है। परीक्षा का कार्यक्रम और समय बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे की शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। 12वीं बोर्ड: परीक्षाएं कल यानी 10 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। शिक्षा मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को संशोधित समय सारणी के प्रति जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने 'फुलप्रूफ' योजना तैयार की है: सीसीटीवी और वीडियोग्राफी: प्रदेश के 3856 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते): हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। इनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। भोपाल में विशेष तैयारी: राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। छात्रों की संख्या का गणित इस वर्ष कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं: कक्षा 10वीं : लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी। कक्षा 12वीं : लगभग 7 लाख विद्यार्थी। विशेषज्ञों की सलाह: सेहत और तनाव का रखें ध्यान परीक्षाओं के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। अभिभावकों के लिए भी टिप्स जारी किए गए हैं कि वे घर का माहौल सकारात्मक रखें और बच्चों पर अत्यधिक अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।

शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन  हर नागरिक की सेवा, सुरक्षा को प्रतिबद्ध है सरकारः मुख्यमंत्री शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’  हापुड़ से आए सैनिक ने जमीन कब्जे की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश  सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए प्रत्येक नागरिक से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने बच्चों को सीख दी कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूर रहो। सैनिकों ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत  हापुड़ से आए दो सैनिक भी ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। एक सैनिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। बताया कि वह और उनके भाई सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी जमीन ताऊ के लड़कों ने कब्जा कर ली है, जिनकी आपराधिक छवि है। ताऊ के लड़के हथियार के बल पर धमकी भी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।  आप एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आप मरीज के स्वास्थ्य की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त बिजली, नगर निगम, राजस्व आदि से जुड़े मामले भी आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित निस्तारण का निर्देश दिया।  सीएम ने बच्चों को दुलारा और सीख भी दी  'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से समस्याएं जानीं तो बच्चों का हालचाल पूछा। उनकी पढ़ाई के बारे में भी जाना। फिर कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करना और मोबाइल से दूर रहना। सीएम ने इन बच्चों पर स्नेह बरसाने के साथ उन्हें चॉकलेट भी दी।

RSS प्रमुख बनने के लिए हिंदू होने की शर्त जरूरी, मोहन भागवत ने बताया चुनाव की प्रक्रिया मोहन भागवत का बड़ा खुलासा: RSS प्रमुख बनने के लिए जरूरी है हिंदू होना, जानिए चुनाव की प्रक्रिया

मुंबई  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ या RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने रिटायरमेंट को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि 75 वर्ष का होने के बाद भी संघ ने उनसे काम जारी रखने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि संघ के कहने पर वह काम छोड़ सकते हैं पर काम से रिटायर नहीं होंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संघ प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया और उम्मीदवारी पर भी बात की। कैसे होता है चुनाव भागवत ने यह भी कहा कि संघ का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति हमेशा एक हिंदू ही होगा, चाहे उसकी जाति कुछ भी हो और शीर्ष पद सबसे योग्य उम्मीदवार को ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'RSS प्रमुख के पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्रीय और मंडल प्रमुख ही संघ प्रमुख की नियुक्ति करते हैं। आम तौर पर कहा जाता है कि 75 वर्ष की आयु के बाद किसी को कोई पद धारण किए बिना काम करना चाहिए।' RSS में कैसे होता है प्रमोशन भागवत ने कहा कि RSS में समुदाय आधारित प्रतिनिधित्व नहीं है और स्वयंसेवक अपने काम के आधार पर प्रमोशन पाते हैं। उन्होंने बताया कि जब RSS की स्थापना हुई थी, तब इसका काम ब्राह्मण-बहुल समुदाय में शुरू हुआ था और इसलिए इसके अधिकांश संस्थापक ब्राह्मण थे, जिसके कारण उस समय संगठन को ब्राह्मण संगठन के रूप में जाना जाता था। उन्होंने कहा कि लोग हमेशा ऐसे संगठन की तलाश करते हैं जिसमें उनके समुदाय के प्रतिनिधि हों। SC-ST से होगा प्रमुख? भागवत ने कहा कि वह इस बारे में कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकते कि संघ प्रमुख अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति पृष्ठभूमि से होगा या नहीं क्योंकि यह निर्णय संघ प्रमुख की नियुक्ति करने वालों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से होना अयोग्यता नहीं है, और न ही ब्राह्मण होना संघ प्रमुख बनने की योग्यता है। मोहन भागवत ने बताई अपनी नियुक्ति की कहानी उन्होंने कहा, 'अगर मुझे किसी प्रमुख का चयन करना होता, तो मैं 'सबसे योग्य उम्मीदवार' के मानदंड को अपनाता। जब मुझे RSS प्रमुख नियुक्त किया गया था, तब कई योग्य उम्मीदवार थे लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। मैं ही वह व्यक्ति था जिसे कार्यभार से मुक्त किया जा सकता था और नियुक्त किया जा सकता था।' भागवत ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि संगठन 'अपने स्वयंसेवकों से खून के आखिरी कतरे तक काम निकलवाता है'। उन्होंने दावा किया कि RSS के इतिहास में अब तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है जब किसी को सेवानिवृत्त करना पड़ा हो।

भारत-पाक मैच पर अड़ंगा! PAK ने रखीं 3 शर्तें, ICC के सामने बड़ी चुनौती

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम 'बुलबुल' ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

नकली नोटों की गड्डी थमाकर महिला के जेवरात ले उड़े जालसाज

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में नकली नोटों की गड्डी थमाकर एक महिला के जेवरात लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने महिला का रास्ता रोककर उन्हें बातों में उलझाया और लूटपाट तथा चोरी का डर दिखाकर जेवरात उतरवाकर एक पोटली में बंधवा दिए।बाद में महिला ने देखा तो पोलटी के अंदर पत्थर बंधा मिला और नोटों की गड्डी में कागज की कतरन लगी हुई थी।पुलिस बताए गए हुलिए के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार बरखेड़ी जहांगीराबाद में रहने वाली केशरबाई यादव (55) आंगनबाड़ी में काम करती हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने पासबुक की एंट्री कराने के लिए न्यू मार्केट स्थित बैंक गई थी। वहां से लौटते समय वह लिली टॉकीज तिराहे पर बस से उतरी और घर जाने लगी। रशीदिया स्कूल रोड पर रास्ते में उन्हें दो युवक मिले। युवकों ने कहा कि अम्मा आप थक गई होगी थोड़ी देर बैठ जाओ हम आपको पानी पिलाते हैं। युवकों की बातों में आकर केशरबाई एक मकान के सामने चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान युवकों ने नोटों की गड्डी देते हुए कहा कि यह एक लाख रुपए हैं, आप इसे अपने थैले में संभाल कर रख लो, हम आपके लिए नाश्ता लेकर आते हैं। इसके साथ ही युवकों ने यह भी कहा कि इलाके में लूटपाट और चोरी का डर है, इसलिए आप अपने गहने भी उतारकर थैले में रख लीजिए। उसके बाद केशरबाई ने मंगलूसत्र, कान के टॉप्स और चांदी की चेन उतारकर युवकों को दे दी। उन्होंने जेवरात एक पोटली में बांधे और केशरबाई के थैले में रखकर नाश्ता लेने का कहकर चले गए। काफी देर बाद भी जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे तो केशरबाई ने अपना थैला चेक किया। उन्होंने देखा तो पोटली के अंदर पत्थर बंधा हुआ था, जबकि नोटों की गड्डी में कागज लगे हुए थे। उसके बाद वह तुरंत ही घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन जब उनका कुछ पता नहीं चला तो रविवार को थाने जाकर केशरबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बताए गए हुलिए और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

रायबरेली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार की चपेट में आए 8 लोग, चार की मौत

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.