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आज का राशिफल 13 फरवरी: इन राशियों के जीवन में आ सकते हैं अहम बदलाव

मेष राशि- 13 फरवरी के दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आपके काम की सराहना होगी और तारीफ भी मिलेगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ राशि- 13 फरवरी के दिन करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। व्यवसायों में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है और कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। मिथुन राशि- 13 फरवरी के दिन व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। ऑयली फूड से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। कर्क राशि- 13 फरवरी के दिन आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। वहीं, खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। सिंह राशि- 13 फरवरी के दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं और आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। कन्या राशि- 13 फरवरी का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है, हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। तुला राशि- 13 फरवरी के दिन आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। वृश्चिक राशि- 13 फरवरी के दिन व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। धनु राशि- 13 फरवरी के दिन परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। मकर राशि- 13 फरवरी के दिन आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। दोपहर में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। कुंभ राशि- 13 फरवरी के दिन अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। कारोबार फलेगा-फूलेगा, इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। मीन राशि- 13 फरवरी का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। दोपहर के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है।

दिल्ली शराब नीति मामला: केजरीवाल और सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें? आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रख लिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई और अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया। अब इस नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। देखना होगा कि कोर्ट अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर आरोप तय करने के आदेश देती है या नहीं… क्या आरोप? अदालत 27 फरवरी को अपना फैसला सुना सकती है। सीबीआई ने सबसे पहले 2022 में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद उसकी ओर से पूरक आरोप पत्र पेश किए गए थे। आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों की साउथ लॉबी की ओर से 100 करोड़ रुपये दिए गए थे। 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट इस मामले में सीबीआई की ओर से 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इन आरोपियों में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राकेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, चनप्रीत सिंह रायत, अरविंद कुमार सिंह, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष माथुर और पी सरथ चंद्र रेड्डी शामिल हैं। आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत- सीबीआई सीबीआई ने कहा कि साजिश के अपराध को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। सीबीआई की तरफ से एएसजी डीपी सिंह और वकील मनु मिश्रा पेश ने अपनी दलीलों में कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए काफी सबूत और आधार मौजूद हैं। केजरीवाल के खिलाफ ठोस सबूत नहीं- बचाव पक्ष वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। केजरीवाल के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट पिछली चार्जशीट की बस एक कट-पेस्ट कॉपी है। वह उस समय मुख्यमंत्री के रूप में केवल अपना आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। केजरीवाल के खिलाफ आरोप कट-पेस्ट वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने यह भी कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो उनके साउथ लॉबी से पैसे लेने के अनुरोध से जोड़ता हो। केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट या उसके बाद की 3 पूरक चार्जशीट में नहीं था। उनका नाम चौथी पूरक चार्जशीट में आया। यह भी कहा गया कि चौथी चार्जशीट का विषय वही है जो पिछली चार्जशीट का था। केजरीवाल के खिलाफ लगाए आरोप कट पेस्ट ही हैं। पैसे लेने के लिए कहने के कोई सबूत नहीं अदालत ने वरिष्ठ वकील से मगुंटा के बयान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी है जो अब सरकारी गवाह बन गया है। आरोप है कि किसी ने मगुंटा को केजरीवाल की ओर से पैसे देने के लिए कहा था। यह भी बताया गया कि राघव मगुंटा पहले आरोपी था लेकिन बाद में उसे सरकारी गवाह बना दिया गया। वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि ऐसा कोई सबूत या लिंक नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि केजरीवाल ने किसी से भी साउथ लॉबी से पैसे लेने के लिए कहा था।

पूर्व PM इमरान खान की सेहत पर बड़ा खुलासा, 85% दृष्टि प्रभावित; पाक सुप्रीम कोर्ट के CJP को करनी पड़ी दखल

इस्लामाबाद पाक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान के दाहिनी आंख में 'सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन' (CRVO) नामक गंभीर बीमारी का पता चला है, जो समय पर इलाज न मिलने पर स्थाई अंधापन पैदा कर सकती है। इसी वजह से उनकी 85 फीसदी रोशनी चली गई। लंबे समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हेल्थ अपडेट से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खान की दाहिनी आंख की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो चुकी है। उसमें अब सिर्फ 15 फीसदी को रोशनी बची है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान की आंख की जांच के लिए एक स्पेशल मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया है। यह आदेश कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें PTI फाउंडर ने दावा किया था कि उनकी दाहिनी आंख में “सिर्फ़ 15 फीसदी” रोशनी बची है। SC ने यह भी निर्देश दिया कि इमरान को उनके बच्चों से बात करने की इजाज़त दी जाए। यह आदेश दिया गया कि आंखों की जांच और फोन कॉल दोनों 16 फरवरी (सोमवार) से पहले किए जाएं। SC का यह निर्देश तब आया जब पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (CJP) याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन सहित दो अन्य जजों की बेंच ने PTI संस्थापक के अदियाला जेल में रहने की स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई फिर से शुरू की। खून का थक्का जमने से गई रोशनी कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया गया कि इमरान खान ने कहा है कि उनकी दाईं आंख की केवल लगभग 15% दृष्टि बची है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य थी, लेकिन बाद में धुंधलापन शुरू हुआ और इलाज में देरी के कारण स्थिति बिगड़ गई। बताया गया कि बाद में डॉक्टरों ने जांच में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जैसी समस्या की पहचान की और इंजेक्शन सहित इलाज किया गया, लेकिन दृष्टि पूरी तरह वापस नहीं आ सकी। कैदी की सेहत राज्य की जिम्मेदारी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कैदी की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य का दायित्व है कि उसे उचित इलाज मिले। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। कोर्ट ने माना कि परिवार से संपर्क भी महत्वपूर्ण मानवीय पहलू है। इसलिए बच्चों से टेलीफोन पर बातचीत की अनुमति देने के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान टॉप जज ने कहा, “हम उनकी (इमरान की) हेल्थ के मामले पर सरकार का स्टैंड जानना चाहते हैं।” इस पर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (AGP) मंसूर उस्मान अवान ने कन्फर्म किया कि मेडिकल फैसिलिटी देना सरकार की ज़िम्मेदारी है। AGP अवान ने कहा, “अगर कैदी सैटिस्फाइड नहीं है, तो सरकार कदम उठाएगी।” इस पर CJP अफरीदी ने फिर कहा कि इमरान के “अपने बच्चों के साथ टेलीफोन कॉल का मामला भी जरूरी है”। जेल में इलाज पर उठे सवाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इमरान खान ने पहले जेल प्रशासन को आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन समय पर विशेष इलाज नहीं मिला। बाद में विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए गए। यह मामला सिर्फ एक कैदी के स्वास्थ्य का नहीं बल्कि जेलों में मेडिकल सुविधाओं, मानवाधिकार और राजनीतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा माना जा रहा है। इस बीच, इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार द्वारा फैलाई जा रही कहानी रिपोर्ट के सामने “पूरी तरह से गलत साबित हुई है।”

OBC आरक्षण पर फंसा पेंच, यूपी पंचायत चुनाव टलना तय, हाईकोर्ट में सरकार ने रखी साफ बात

लखनऊ यूपी पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। योगी सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले समर्पित ओबीसी आयोग बनाया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय होगा। आयोग की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव की तारीखें घोषित होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में यह कदम उठाया गया है।   उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव का टलना तय माना जा रहा है। चुनाव की तैयारियों के बीच योगी सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हलफनामा देते हुए बताया कि एक समर्पित पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का गठन किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के बाद चुनाव कराए जाएंगे। जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। दरअसल, हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि नए समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद पंचायत चुनाव यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों से पहले समर्पित आयोग का गठन जरूरी बताया गया है। प्रदेश का मौजूदा ओबीसी आयोग अक्टूबर 2025 में अपना मूल कार्यकाल पूरा कर चुका है। हालांकि सरकार ने इसका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है, लेकिन कानूनी तौर पर उसे समर्पित आयोग के अधिकार नहीं मिले हैं, जिस पर सवाल उठे थे। अब नया आयोग पिछड़े वर्गों का ‘रैपिड सर्वे’ करेगा, जिससे उनकी वास्तविक आबादी का आकलन कर आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थानीय निकाय चुनाव से पहले तीन साल के कार्यकाल वाला समर्पित आयोग जरूरी है। सरकार का कहना है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव होगा। सियासी गलियारों में क्या है चर्चा? वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने को लेकर नेगेटिव फीडबैक है। पार्टी के कई नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रधान से लेकर जिला पंचायत के चुनाव तक पार्टी के ही नेता और कार्यकर्ता आपस में लड़ेंगे। ऐसे नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव में किसी एक कैंडिडेट का समर्थन करने से विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं के एक वर्ग की नाराजगी उठाने का खतरा है। इसलिए ये बात चल रही है कि पहले विधानसभा हो जाए, फिर तनावपूर्ण पंचायत चुनाव की बिसात बिछे। पंचायत चुनाव का टलना तय! ऐसे में अब पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में हो जाएगा। वहीं, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच साल का कार्यकाल जुलाई के पहले सप्ताह में पूरा होगा। ऐसे में यदि समय पर चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों की जगह वहां सरकार की ओर से किसी सक्षम अधिकारी को रिसीवर (प्रशासक) नियुक्त किया जाएगा। पिछले पंचायत चुनाव 4 चरणों में हुए थे यूपी में 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं, जिला पंचायत वार्ड 3051, जिला पंचायत 75, क्षेत्र पंचायत 826 हैं। पिछले पंचायत चुनाव कोरोना लहर के बीच साल 2021 चार चरणों में हुए थे। पहले चरण में 18 जिले, दूसरे और तीसरे चरण में 20-20 जिले, और चौथे चरण में 17 जिलों में चुनाव हुए थे।  

वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का धमाका, तीसरा सबसे बड़ा स्कोर किया दर्ज

नई दिल्ली दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है। इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती। भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर 1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है। 2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था। 3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया। 4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

चीन का बढ़ता दखल या कर्ज़ का जाल? पेरू पर मंडराए संकट को लेकर अमेरिका अलर्ट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चिंता जताई है कि चीन लातिन अमेरिकी देश पेरू के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर अपना नियंत्रण मजबूत करके उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रहा है। अमेरिकी की यह चेतावनी पेरू की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है जिसमें एक स्थानीय नियामक ने चीन द्वारा बनाए गए विशाल बंदरगाह की निगरानी को सीमित कर दिया है। पेरू की राजधानी लीमा के उत्तर में चांकाय में स्थित 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से स्थापित गहरे पानी का बंदरगाह लातिन अमेरिका में चीन की पकड़ का प्रतीक बन गया है। यह बंदरगाह अमेरिका के साथ तनाव का केंद्र बिंदु भी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के पश्चिमी गोलार्ध मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि वह ''उन नवीनतम खबरों से चिंतित है कि पेरू अपने सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक, चांकाय पर नजर रखने में असहाय हो सकता है, जो लालची चीनी मालिकों के अधिकार क्षेत्र में है।'' अमेरिका ने कहा, ''हम पेरू के उसके क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की देखरेख करने के संप्रभु अधिकार का समर्थन करते हैं। इसे इस क्षेत्र और दुनिया के लिए एक सबक के रूप में लें, सस्ते चीनी ऋण की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है।'' यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, चीन लंबे समय से बड़े पैमाने पर ऋण और व्यापार के माध्यम से अपना प्रभाव स्थापित कर रहा है। चीन की सरकार ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बृहस्पतिवार को अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, ''चीन चांकाय बंदरगाह के बारे में अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।''  

9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

रायपुर. पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के क्षेत्र में सक्रिय ग्राम पोंड़, जिला गरियाबंद के युवा खेमराज साहू ने हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार कर जिले एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कुल्लू जिले की सोलंग वैली से पतालसू पीक ट्रैक के दौरान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 6 डिग्री तापमान में तिरंगा एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाप्रति के साथ मेले का संदेश प्रदर्शित किया। उल्लेखनीय है कि पतालसू पीक की कुल ऊंचाई लगभग 13,900 फीट है। 03 फरवरी 2026 को अत्यधिक बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के कारण कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी होने के बावजूद खेमराज साहू एवं उनके साथियों ने एडवेंचर वैली के प्रशिक्षु माउंटेनियर के मार्गदर्शन में सोलंग वैली से शगाडुग के जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग का प्रयास किया। सीने तक जमी बर्फ को हटाते हुए एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उन्होंने सफलतापूर्वक तिरंगा लहराते हुए राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ के नितेश अग्रवाल, राजनांदगांव तथा ओड़िशा की प्रवासिनी सहित अन्य साथी शामिल रहे। पूर्व में वर्ष 2023 में खेमराज साहू केदारकंठा (12,500 फीट), उत्तराखंड में भी जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

इंटरनेशनल स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत, होटल ने रोका—बिल नहीं भरा तो बाहर इंतजार

कैनबरा पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े क्योंकि पैसे के अभाव में पाकिस्तान हॉकी महासंघ होटल के बिल का भुगतान नहीं कर सका, जिससे होटल बुकिंग रद्द हो गई। पाकिस्तानी टीम होबर्ट में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे चरण के मैच खेलने आस्ट्रेलिया में है। टीम के सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को घंटों तक सड़क पर रहकर धूल फांकनी पड़ी। एक सूत्र ने बताया ,''खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये कैनबरा में एक चार सितारा होटल में कमरे बुक किये गए थे । उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिये सारे भुगतान कर दिये हैं ।'' सूत्र ने कहा , ''लेकिन पिछले सप्ताह कैनबरा पहुंचने पर पता चला कि उस होटल में कोई बुकिंग थी ही नहीं । टीम के मुख्य कोच ताहिर जमान टाइम जोन अलग होने के कारण पीएसबी और पीएचएफ अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सके ।'' सू्त्र ने कहा ,''ताहिर ने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया कि लाहौर से लंबा सफर करके आये खिलाड़ियों के पास आराम करने की कोई जगह नहीं है ।'' हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बता दें कि हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है और टीम प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से खेल रही है । सूत्र ने बताया कि कई घंटे बाहर इंतजार करने के बाद होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को कुछ कमरे दिये । सूत्र ने कहा ,''कमरे उपलब्ध नहीं थे लिहाजा एक ही कमरे में दो तीन खिलाड़ी रूके और अगले दिन आस्ट्रेलिया से मैच खेलने स्टेडियम गए जिसमें 2-3 से पराजय मिली ।''इससे पहले अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे जिससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई । सुरक्षा अधिकारियों से झड़प कैनबरा में टीम मैनेजर के बिना गई है क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को पीएचएफ ने निकाल दिया है ।उन्हें वापिस लौटते समय फ्लाइट में सिगरेट पीते पाया गया और हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों से उनकी झड़प भी हुई । सूत्र ने बताया कि कैनबरा में कुछ स्थानीय पाकिस्तानी लोगों से संपर्क किया गया जिन्होंने आकर उनकी मदद की । पाकिस्तान प्रो लीग के सभी छह मैच हार चुका है ।

बोड़ेगाँव में ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ की दस्तक, 137 लोगों को मिली सरकारी सेवा

रायपुर. जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ मोहला-मानपुर-चौकी जिले में संचालित ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ (दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ) बुधवार को जिले के अंतिम छोर, महाराष्ट्र सीमा से लगे दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्राम बोड़ेगाँव पहुँचा। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण देखा गया। पूर्व में जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु ग्रामीणों को दूरस्थ मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब सेवाएं सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं। सेवा रथ के माध्यम से दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान 48 डीएलसी भौतिक सत्यापन, 34 आधार सीडिंग, 32 वय वंदन योजना पंजीयन तथा 23 हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस प्रकार कुल 137 हितग्राही लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूरस्थ क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं राहतकारी कदम बताया। 

नायब सरकार का बड़ा फैसला: 13 कैटेगरी की पेंशन बढ़ी, दो दिन में जारी होगी बढ़ी हुई रकम

चण्डीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के पहले राज्य के पेंशन धारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 13 श्रेणियों की पेंशनों में 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के करीब 30 लाखों पेंशनरों को 3200 से लेकर 14000 रुपए तक की हर महीने पेंशन मिलेगी।   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के पहले राज्य के पेंशनधारियों को तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने 13 श्रेणियों की पेंशनों में 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के करीब 30 लाखों पेंशनरों को 3200 से लेकर 14000 रुपए तक की हर महीने पेंशन मिलेगी। सीएम नायब सैनी के निर्देश पर सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 9 श्रेणियों की पेंशन में 3000 रुपए हर महीने लाभार्थियों को दिए जा रहे थे, लेकिन अब सरकार की ओर से 200 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 3200 रुपए महीने दिए जाएंगे। सीएम ने अधिकारियों को ये बढ़ी हुई पेंशन दो दिनों के भीतर जारी करने के निर्देश दिए हैं। एसिड अटैक पीड़ितों को सबसे ज्यादा फ़ायदा हरियाणा में सबसे ज्यादा पेंशन की बढ़ोतरी एसिड अटैक पीड़ितों की हुई है। सरकार इनकी पेंशन विशेष फॉर्मूले के तहत देती है। यह प्रभावित प्रतिशत से तय की जाती है। अब 40 से 50 प्रतिशत प्रभावितों को 8000 रुपए महीने, 50 से 60 प्रतिशत वालों को 11200 रुपए और 60 प्रतिशत से अधिक वालों को 14400 रुपए मिलेंगे। यानी पहले के मुकाबले अब पेंशनरों को 500 से लेकर 900 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।स्कूल न जाने वाले दिव्यांग बच्चों के लिए वित्तीय सहायता कैटेगरी में भी 200 रुपए की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब इस कैटेगरी में 2600 रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले सरकार इस कैटेगरी में 2400 रुपए हर महीने लाभार्थियों को दे रही थी। कश्मीर माइग्रेट परिवारों को अब मिलेंगे 8500 रुपए अनाथ बच्चों को अभी तक सरकार 2100 रुपए से लेकर 4200 रुपए तक दे रही थी, लेकिन बढ़ोतरी के बाद अब सिंगल चाइल्ड को 2300 रुपए और दो बच्चों पर 4600 रुपए सरकार हर महीने पेंशन देगी। कश्मीर माइग्रेट हुए परिवारों को भी पेंशन देती है। इस कैटेगरी में अभी तक सरकार की ओर से एक व्यक्ति के लिए 1500 रुपए महीना, पूरे परिवार के लिए 7500 रुपए महीन पेंशन मिल रही थी, लेकिन अब सरकार के फैसले के बाद एक व्यक्ति को 1700 रुपए और पूरे परिवार को 8500 रुपए पेंशन देगी। किसी की भी पेंशन न रोकी जाए, न ही काटी जाए: सीएम सैनी हरियाणा परिवार पहचान पत्र के स्टेट कोर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि सीएम नायब सैनी ने कल एक अहम मीटिंग की थी। इस मीटिंग में सीएम सैनी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि किसी भी पेंशनर की पेंशन न तो रोकी जाएगी और न ही काटी जाएगी। जिस लाभार्थी के कागजों में कोई दिक्कत है तो उसके पास मैसेज भेजे और कागजों को दुरुस्त कराएं, लेकिन पेंशन काटने या होल्ड करने का अधिकार किसी भी अधिकारी को नहीं है। सीएम सैनी ने मीटिंग में ये भी कहा कि दो दिन के भीतर सारा पैसा जारी किया जाए। अब दो दिनों के भीतर ही रूकी हुई पेंशन और काटी गई पेंशन को जारी कर दिया जाएगा।