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कृतिका कमरा की शादी का ऐलान, मुंबई में होगा समारोह, हलचल शुरू हो गई

मुंबई  पॉपुलर टेलीविजन एक्ट्रेस कृतिका कमरा इस साल मार्च में जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रही हैं. कृतिका अपने बॉयफ्रेंड गौरव कपूर से शादी करने वाली हैं. कपल ने डेस्टिनेशन वेडिंग छोड़कर मॉडर्न मिनिमलिस्ट सेलिब्रेशन चुना है. दोनों पूरी तरह से शादी की तैयारियों में जुट गए हैं. शादी के हर एलिमेंट पर बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है. कृतिका और गौरव अपनी शादी में किसी भी चीज को ओवर नहीं करना चाहते.  एक-दूजे के होंगे कृतिका-गौरव कृतिका और गौरव दोनों ही अपनी ग्राउंडेड पर्सनालिटी के लिए जाने जाते हैं. दोनों की इच्छा है कि उनकी शादी में उनकी पर्सनालिटी की झलक दिखे. उन्होंने क्लीन, एलिगेंट और कंटेम्परेरी लुक ट्रेंड की वजह से नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व की वजह से चुना है.  पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक कृतिका और गौरव के लिए शादी का मतलब किसी तरह का दिखावा नहीं है. इसलिए उन्होंने डेस्टिनेशन वेडिंग छोड़कर मुंबई में मॉडर्न, मिनिमल और इंटिमेट सेलिब्रेशन चूज किया है. वो कुछ ऐसा चाहते हैं जो उनकी पर्सनालिटी और शेयर्ड वैल्यूज से मैच करे. शादी की हर डिटेल को केयरफुली हैंडल किया जा रहा है. वो खुद भी हर चीज पर फोकस कर रहे हैं. ताकि वो लाइफ के नए चैप्टर को रियल में महसूस कर सकें. डेकोर से लेकर स्टाइलिंग तक, सबकुछ दोनों की पर्सनालिटी के हिसाब से किया जाएगा.  कौन है कृतिका का होने वाला दूल्हा? जिनके साथ एक्ट्रेस की शादी की  ये एक निजी समारोह होगा, जिसमें सिर्फ कपल का परिवार और करीबी शामिल होंगे. हालांकि, अब तक कपल ने शादी की खबरों पर रिएक्ट नहीं किया है.  पिछले साल ऑफिशियल किया था रिश्ता  कृतिका कमरा और गौरव कपूर ने पिछले साल इंस्टाग्राम पर अपना रिश्ता ऑफिशियल करके फैन्स को सरप्राइज किया था. कृतिका और गौरव की शादी को लेकर इनके फैन्स एक्साइटेड हैं.  दोनों के प्रोफेशन की बात करें, तो कृतिका एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. गौरव कपूर IPL के एक्स्ट्रा इनिंग्स टी20 की होस्टिंग के लिए मशहूर हैं. वो यूट्यूब पर 'ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस' शो भी होस्ट करते हैं. गौरव से पहले कृतिका, करण कुंद्रा के साथ रिश्ते में थीं. कई सालों की डेटिंग के बाद दोनों ने अपनी राहें अलग कर लीं. 

AAP नेता हत्याकांड के नामजद दलबीरा ने किए कई बड़े खुलासे

जालंधर. आम आदमी पार्टी नेता लक्की ओबेरॉय हत्याकांड से जुड़ी नई अपडेट सामने आई है। इस मामले में नामजद दलबीर सिंह उर्फ दलबीरा पहली बार मीडिया के सामने आया और कई बड़े खुलासे किए हैं। दलबीरा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उसने दावा किया कि उसका लक्की ओबरॉय की हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें राजनीतिक रंजिश के चलते केस में घसीटा गया है। दलबीरा ने सच बताते हुए कहा कि उसकी आज तक कभी लक्की ओबेरॉय से न तो फोन पर बातचीत हुई और न ही किसी तरह का संपर्क था। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्की के भाई ने उन पर धमकी देने के झूठे आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनकी पुरानी रंजिश शशि शर्मा उर्फ बुद्धी के साथ है, जो लक्की का दोस्त बताया जाता है। दलबीरा ने कहा कि, बुद्धी के साथ पहले मारपीट की घटना हुई थी और उसी दुश्मनी के चलते उनका नाम इस मामले में शामिल करवाया गया। दलबीरा का आरोप है कि शशि शर्मा ने ही लक्की के भाई को कहकर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया। पुलिस और परिवार वाले उस पर लक्की को धमकियां देने की बात कह रहे हैं  जोकि गलत है। दलबीरा ने आगे कहा कि, उसका किसी तथाकथित ‘प्रधानगी’ विवाद से कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि छात्र राजनीति या प्रधानगी की वजह से कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद हुई है और आज कई आपराधिक गिरोहों की जड़ में यही संस्कृति है। आज के समय में जो भी गैंगस्टर बनता है, उसका बेस ही प्रधानगी है। इसी प्रधानगी के वजह से लक्की हत्या हुई है वह खुद ही इसका शिकार हो गया। लक्की, जोगा और शशि शर्मा शुरू से एक साथ थे। और मेरे विरुद्ध। कालेज में प्रधानगी को लेकर इनके बीच ही विवाद हुआ। लक्की भी इसी माहौल का शिकार हुआ। उन्होंने दोहराया कि न तो उनकी लक्की से बातचीत हुई और न ही जोगा नामक किसी व्यक्ति से कोई संपर्क था। दलबीरा ने कहा कि यह पूरा मामला आपसी विवाद का है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। दलबीरा ने आगे कहा कि, वह 2 साल से आपराधिक गतिविधियों से दूर होकर विदेश में बैठ अपनी जिन्दगी शान्ति से जी रहा है। बिना किसी सबूत के उसे गैंगस्टर कहा जा रहा है। उसने कहा कि जब किसी का नाम हत्या मामले में दर्ज किया जाता है उसमें कई तरह की एनक्वायरी होती है। लेकिन मुझे पहले ही गैंगस्टर घोषित कर दिया है, इसमें कोई क्या एनक्वायरी करेगा। इसमें पुलिस को भी पता है कि मेरा नाम जानबूझकर इस केस में शामिल किया जा रहा है। मेरे पर गलत FIR लिखी गई है।  दलबीरा ने आगे कहा कि हत्या जैसी गंभीर धारा 302 के तहत किसी व्यक्ति को बिना ठोस जांच के नामजद करना गलत है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा और जीवन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहर बैठकर धमकियां देते हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माहौल भड़काते हैं, जिसके चलते बेगुनाह लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ तक: PM मोदी का नया ऑफिस, जानिए क्या होगा खास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है।   प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नई इमारतें भारत की प्रशासनिक शासन संरचना को दर्शाती हैं। बता दें कि इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति सचिवालय, और कैबिनेट सचिवालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। सेवा तीर्थ का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी को किया। असल में इस तारीख का ऐतिहासिक महत्व है। 13 फरवरी 1931 को नई दिल्ली औपचारिक रूप से भारत की आधुनिक राजधानी बनी थी। यह तारीख उद्घाटन के 95 वर्षों को दर्शाती है। सेवा तीर्थ के साथ, पीएम मोदी कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन करेंगे। इसमें कई प्रमुख मंत्रालयों के विभाग होंगे, जिनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन और उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।  

दो बाइकों की टक्कर में पति-पत्नी समेत 3 की मौत

रायपुर. राजधानी रायपुर में फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है. विधानसभा थाना इलाके में गुरुवार रात भीषण सड़क हादसा हुआ. दो तेज रफ्तार बाइक की आपस में भिड़ंत हो गई. (Raipur News) हादसे में पति-पत्नी समेत तीन की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ. मृतकों की पहचान टेकारी निवासी भोजराज विश्वकर्मी, प्यारी बाई विश्कर्मा और मांढर निवासी सुभम यादव के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है. बाइक सवार भोजराज विश्कर्मा, प्यारी बाई विश्कर्मा और सुभम यादव की मौत हो गई. सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. एक गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसका इलाज जारी है. 

अन्नपूर्णा मंडप में रात के समय बागेश्वर महाराज ने किया किचन का काम, भक्तों के लिए बनाई प्रसादी

छतरपुर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध आस्था केंद्र बागेश्वर धाम में आयोजित होने जा रहे सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 13 और 14 फरवरी को हल्दी एवं मेहंदी की रस्में संपन्न होंगी, जबकि 15 फरवरी को 300 बेटियों की बारात धाम पहुंचेगी। पिछले एक महीने से दिन-रात चल रही तैयारियों के बीच 12-13 फरवरी की आधी रात को अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी गई। रात 3:30 बजे अन्नपूर्णा मंडप में महाराज पहुंचे।  मध्य रात्रि के दरमियान बागेश्वर महाराज मोटरसाइकिल से अचानक अन्नपूर्णा मंडप पहुंचे। उस समय सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता और सेवादार आगामी मंडप के दिवस पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भंडारे की तैयारी में जुटे थे। महाराज के अचानक पहुंचने से वहां मौजूद सेवादार, कार्यकर्ता आश्चर्यचकित रह गए। इस दौरान महाराज श्री ने स्वयं भट्टी पर बैठकर पूड़ियां तलीं और भंडार गृह, प्रसाद वितरण, प्रसाद पाने आदि व्यवस्था को पैदल घूमकर देखा।  तदोपरांत अन्नपूर्णा मंडप के बाद महाराज सीधे उस मुख्य विवाह मंडप में पहुंचे, जहां 300 कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार होना है। मंडप की साज-सज्जा, बैठने की व्यवस्था, आवागमन मार्ग और सुरक्षा इंतजाम, सज सज्जा सहित आदि जगहों का बारीकी से अवलोकन किया गया। वहीं बगल में लगे 57 मायने वाले बेटियों के उपहार सामग्री कक्ष प्रांगण में जाकर विवाह हेतु तैयार किए गए सामान की जानकारी ली और वीडियो के माध्यम से व्यवस्थाओं को साझा किया। बागेश्वर महाराज हर वर्ष रात्रि निरीक्षण करते हैं। धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाले सामूहिक कन्या विवाह से पूर्व एक-दो दिन पहले बागेश्वर महाराज स्वयं रात्रि निरीक्षण करते हैं। उद्देश्य यह रहता है कि आने वाले श्रद्धालुओं और बारातियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो चाहे वह प्रसाद, आवास, पेयजल या आवागमन से जुड़ी हो। निरीक्षण के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्यक्रम सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। समिति द्वारा महाराज के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 300 जरूरतमंद बेटियों के विवाह को लेकर पूरे धाम में सेवा और समर्पण का वातावरण है। हल्दी, मेहंदी और विवाह समारोह के साथ यह आयोजन आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण बन रहा है। कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव हल्दी, मेहंदी कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शुक्रवार को दोपहर 3 बजे बागेश्वर धाम आएंगे। धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री के आने की सूचना है। अधिकृत जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3.45 पर हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचेंगे और बाद में खजुराहो एयरपोर्ट से शाम 5.20 बजे विमान से भोपाल रवाना हो जाएंगे। शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा देने के उद्देश्य से पूज्य संतों की उपस्थिति में शुक्रवार को गुरुकुलम का शुभारंभ हो रहा है। वैदिक शिक्षा के साथ यहां पढऩे वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से भी अवगत कराया जाएगा। गुरुकुलम का शुभारंभ करने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक रमेश भाई ओझा एवं प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले बागेश्वर धाम आ रहे हैं। दोनों प्रख्यात संत पहली बार बागेश्वर धाम आ रहे हैं। गुरुकुलम की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। गौशाला में इसकी शुरुआत होगी। पूरी तरह से प्राकृतिक परिवेश में 31 बच्चों को गुरुकुल परंपरा के तहत शिक्षा दी जाएगी। बनारस के प्रकांड विद्वान आचार्य द्वारा गुरुकुलम के बच्चों को शिक्षित किया जाएगा। 

तारिक रहमान हो सकते हैं बांग्लादेश के अगले पीएम, बचपन की जेल से लेकर सत्ता तक का अनोखा सफर

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद राजनीतिक तस्वीर तेजी से साफ होती दिख रही है. मतगणना के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने जीत का दावा किया है और कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 300 सदस्यीय संसद में पार्टी 151 से ज्यादा सीट हासिल कर चुकी है, जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त मानी जाती है. हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और कुछ सीटों के नतीजे आने बाकी हैं. बीएनपी ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार है. 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त की भी खबर है. चुनाव जीतने वाली पार्टी उस अंतरिम प्रशासन की जगह लेगी, जिसने अगस्त 2024 में आवामी लीग सरकार के हटने के बाद सत्ता संभाली थी. इसी बीच यह भी खबर है कि पार्टी प्रमुख तारिक रहमान शनिवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बांग्लादेश चुनाव BNP के जीतने के साथ ही विदेशों से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रहमान को जीत पर बधाई देते हुए कहा कि यह बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दिखाता है और भारत साझा विकास लक्ष्यों पर साथ काम करने को तैयार है. अमेरिका ने भी चुनाव को सफल बताते हुए शुभकामनाएं दी हैं. वहीं पाकिस्तान के नेतृत्व की ओर से भी बधाई संदेश भेजे गए हैं. बांग्लादेश चुनाव को बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर माना गया, क्योंकि आवामी लीग मैदान में नहीं थी. जमात ने मतगणना में देरी और हेरफेर के आरोप लगाए हैं और चेतावनी दी है कि जनादेश छीना गया तो बड़ा आंदोलन होगा. नेशनल सिटिजन पार्टी ने भी कुछ सीटों पर धांधली के आरोप लगाए. दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नतीजों में उतार-चढ़ाव सामान्य है. गुरुवार को देशभर में 299 सीटों पर मतदान गुरुवार सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 4:30 बजे तक चला, जिसके बाद तुरंत मतगणना शुरू कर दी गई. चुनाव के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए और करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई, जिसे अब तक की सबसे बड़ी चुनावी तैनाती माना जा रहा है. आयोग के अनुसार हजारों केंद्रों से अलग-अलग समय पर नतीजे आने के कारण अंतिम तस्वीर बनने में वक्त लग रहा है. बीएनपी पिछली बार 2001 से 2006 के बीच सत्ता में रही थी. पार्टी ने पहले ही साफ किया था कि जीत मिलने पर तारीक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे. करीब 17 साल विदेश में रहने के बाद पिछले साल देश लौटे रहमान ने समर्थकों से जश्न के बजाय संयम रखने और दुआ करने की अपील की है. फिलहाल आधिकारिक नतीजों की घोषणा का इंतजार है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि बांग्लादेश की राजनीति में एक नया दौर शुरू होने की तैयारी है. 4 साल की उम्र में जेल से PM की कुर्सी तक बांग्लादेश के 2026 के आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ऐतिहासिक जीत में तारिक रहमान की रणनीतिक और करिश्माई भूमिका ने केंद्रबिंदु की तरह काम किया। लंबे निर्वासन और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने पार्टी को एकजुट किया, युवा मतदाताओं को आकर्षित किया और जनसमर्थन की नई लहर खड़ी की। यह जीत सिर्फ बीएनपी की नहीं, बल्कि तारिक रहमान की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक दृष्टि का प्रतीक बनकर उभरी है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि बांग्लादेश की राजनीति दशकों से दो मुख्य पारिवारिक‑राजनीतिक धारणाओं के बीच घूमती रही है। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया की विरासत के बीच। ऐसे में 2026 के चुनावों में बीएनपी की जीत और तारिक रहमान की उभरती भूमिका यह संकेत देती है कि अब देश का नेतृत्व एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर सकता है।  पहले तारिक रहमान के बारे में जानिए 20 नवंबर 1965 को जन्मे तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता और पार्टी के चेयरमैन हैं। वह पार्टी की सर्वोच्च राजनीतिक इकाई का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने ढाका यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना शुरू किया। वे बांग्लादेश के इतिहास में एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता जिया उर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, जिनकी 1981 में हत्या हो गई थी। उनकी मां बेगम खालिदा जिया 1991 से 1996 व 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं और बीएनपी की प्रमुख चेयरपर्सन थीं। अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों से ही तारिक अपने परिवार की राजनीति में शामिल रहे हैं और बीएनपी के भीतर स्थायी भूमिका निभाई है।  जब चार साल की उम्र में जेल गए थे तारिक तारिक रहमान, जिन्हें बांग्लादेश की राजनीति में अक्सर तारिक जिया कहा जाता है, अपने परिवार के नाम से ही पहचान रखते हैं। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान वे केवल चार साल के थे और कुछ समय के लिए हिरासत में भी रहे। इसी वजह से उनकी पार्टी बीएनपी उन्हें युद्ध के सबसे कम उम्र के बंदियों में शामिल बताकर सम्मान देती है। उनकी राजनीतिक पहचान भी इसी पारिवारिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ी है। छोटे उम्र में संघर्ष और परिवार की विरासत ने उन्हें बांग्लादेश की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।  अब तारिक रहमान की मां खालिदा जिया के बारे में जानिए तारिक रहमान की मां और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने 3 जनवरी 1982 को पहली बार बीएनपी के सदस्य के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। बाद में वे बीएनसपी की अध्यक्ष बनीं और अपनी मौत तक वह इस पद पर रहीं। बांग्लादेश में सैन्य शासन के खिलाफ खालिदा जिया एक प्रमुख आवाज बनकर उभरीं। लोगों को सैन्य शासन के खिलाफ एकजुट करने में खालिदा जिया ने अहम भूमिका निभाई।  जिया 1991 में पहली बार बनीं पीएम खालिदा जिया साल 1991 में पहली बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। इसके साथ ही बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी हासिल किया। इसके बाद साल 2001 से 2006 तक दूसरी बार भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। बताते चले कि खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1946 को अविभाजित भारत के दिनाजपुर जिले … Read more

अचानक बढ़े बिजली बिल से घरवालों की नींद उड़ी, स्मार्ट मीटर मामले में आयोग ने आदेश जारी किए

 ग्वालियर  ग्वालियर में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के खिलाफ दायर एक महत्वपूर्ण प्रकरण में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अचानक बढ़े बिजली बिल को सेवा में कमी मानते हुए बिजली कंपनी को संशोधित बिल जारी करने और क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। स्मार्ट मीटर लगते ही बढ़ गया बिल प्रकरण में सामने आया कि स्मार्ट मीटर लगाने के दो दिन के भीतर ही उपभोक्ता का बिजली बिल चार गुना बढ़ गया। अप्रैल 2025 में 159 यूनिट खपत पर 437 रुपए का बिल जारी हुआ था, लेकिन दो दिन बाद ऑनलाइन पोर्टल पर 157 यूनिट खपत के साथ 1830 रुपए की राशि दर्शा दी गई। दो दिन में चार गुना बढ़ा बिल शशि वाजपेयी ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी ने बिना स्पष्ट सहमति के उनका पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया। विरोध के बाद पुराना मीटर दोबारा लगाया गया, लेकिन इसका सही रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया। आयोग ने माना कि एक ही माह में दो अलग बिल जारी करना और शिकायत के बावजूद सुधार न करना सेवा में कमी है। आयोग ने मानी कमी आयोग ने कंपनी को 45 दिनों में वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने के आदेश दिए। साथ ही 2,000 रुपए मानसिक क्षति और 2,000 रुपए वाद व्यय देने के निर्देश दिए। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विवाद शहर में अब तक करीब 23 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि इनसे बिजली बिल बढ़ रहा है। विरोध के चलते फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है। ये स्थिति केवल ग्वालियर शहर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बनी हुई है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद लगातार दो-तीन गुना बिल बढ़ने की शिकायतें बिजली विभाग तक पहुंच रही हैं।

फैंस की बढ़ी चिंता: चोट के कारण मेस्सी का ओपनिंग मैच खेलना संदिग्ध

फोर्ट लॉडरडेल (अमेरिका) स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी की बायीं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया है जिसके कारण उनका इंटर मियामी की तरफ से एमएलएस कप में 21 फरवरी को एलएएफसी के खिलाफ होने वाले सत्र के पहले मैच में खेलना संदिग्ध है। इंटर मियामी की टीम ने बुधवार को मेस्सी के चोटिल होने के बारे में जानकारी दी। एमएलएस के लगातार दो बार के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मेस्सी ने पिछले सप्ताहांत इक्वाडोर में सत्र से पहले खेले गए मैच में एक गोल किया, लेकिन दूसरे हाफ के लगभग 12 मिनट बाद उन्हें संभवतः हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण मैदान छोड़ना पड़ा था। इंटर मियामी ने एक बयान में कहा, ‘‘अभ्यास में उनकी वापसी आने वाले दिनों में उनकी फिटनेस की प्रगति पर निर्भर करेगी।’’  

महाशिवरात्रि पर खास योग: ये 3 राशियां बनेंगी धनवान, 300 साल बाद आया मौका

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 15 फरवरी 2026 को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि को एक बड़ी खगोलिय घटना होने वाली है. इस पावन दिन पर ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है जो पिछले 300 सालों में नहीं देखी गई. इस दिन एक साथ 4 बड़े राजयोग और 12 शुभ योगों का अद्भुत मिलन हो रहा है. कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की मौजूदगी से 'चतुर्ग्रही योग' बनेगा, जो ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देगा. इसका सबसे शुभ प्रभाव मेष, सिंह और मकर राशि के जातकों पर पड़ेगा. एक साथ सक्रिय होंगे 12 शुभ और 4 राजयोग इस महाशिवरात्रि की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाले योगों की लंबी लिस्ट है. इस दिन प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, साध्य, शिव, शुक्ल, शोभन, सर्वार्थसिद्धि, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव जैसे 12 शुभ योग एक साथ सक्रिय रहेंगे. इन योगों के साथ-साथ सूर्य, बुध और शुक्र की युति से बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और शुक्रादित्य जैसे 4 बड़े राजयोग भी बन रहे हैं. ये सभी योग आपस में जुड़कर एक ऐसी शक्ति पैदा करेंगे जो सीधे तौर पर व्यक्ति की बुद्धि, सुख-सुविधाओं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम करेगी. मेष राशि: करियर में सुनहरी तरक्की ग्रहों के इस महासंयोग का सबसे पहला और बड़ा असर मेष राशि के जातकों के जीवन में दिखाई देगा. इन जातकों के लिए करियर के मोर्चे पर एक नया और शानदार समय शुरू होने वाला है, जहां नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या किसी बड़ी जिम्मेदारी का तोहफा मिल सकता है. जो लोग अपना खुद का काम या बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान धन लाभ के ऐसे अवसर मिलेंगे जो उनकी आर्थिक स्थिति को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और स्थिर बना देंगे.  सिंह राशि: मान-सम्मान और पद की प्राप्ति इसी क्रम में सिंह राशि के जातकों के लिए भी यह महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आएगी.  चूंकि इस राशि का स्वामी सूर्य स्वयं राजयोग का हिस्सा है, इसलिए समाज और कार्यक्षेत्र में आपका रुतबा पहले से काफी बढ़ जाएगा.  आपके जो काम सरकारी दफ्तरों या कानूनी कागजों की वजह से लंबे समय से अटके हुए थे, वे अब महादेव की कृपा से बिना किसी रुकावट के पूरे होने लगेंगे, जिससे आपके आत्मविश्वास में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होगी.  मकर राशि: संपत्ति और पारिवारिक सुख अंत में, इस शिव कृपा का सीधा लाभ मकर राशि के जातकों को मिलेगा, जिनके लिए यह समय नई संपत्ति या निवेश के लिहाज से सबसे उत्तम रहेगा. यदि आप नया घर खरीदने या जमीन-जायदाद में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो इन शुभ योगों के प्रभाव से आपको बड़ा मुनाफा होने के प्रबल संकेत हैं.  इसके साथ ही, परिवार में लंबे समय से चला आ रहा कोई तनाव दूर होगा. घर के सभी सदस्यों के बीच प्रेम और तालमेल बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी.

हिमाचल कैबिनेट ने मंजूर की टोल टैक्स और आबकारी नीति, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी लिए

शिमला  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का भी निर्णय लिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई।  इसके साथ ही ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर और बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ को लागू करने की मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके तहत उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध करवाया जाएगा। दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए अनुदान राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में, प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 600 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षक के 150-150 पद शामिल हैं। ये पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। साथ ही, राज्य के 31 बालक एवं बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, शिमला, सुंदरनगर, नूरपुर, ऊना, भोरंज और बिलासपुर के अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी गई। नाहन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना का भी निर्णय लिया गया। राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने, स्वास्थ्य विभाग में नर्स, फार्मेसी अधिकारी, रेडियोग्राफर और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित कई पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू करने, लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति और सड़कों की मरम्मत के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना, विभिन्न जिलों में खेल छात्रावास खोलने और सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग मंडलों के पुनर्गठन जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले भी कैबिनेट बैठक में लिए गए।