samacharsecretary.com

बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौ कथा का दिव्य समापन, धर्म व गौ संरक्षण का लिया संकल्प

भोपाल . बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में स्थित  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर परम पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का तीसरा एवं अंतिम दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ कथा श्रवण किया। महाराज  ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पृथ्वी सात स्तंभों पर आधारित है। प्रथम स्तंभ गौ माता हैं, द्वितीय ब्राह्मण, तृतीय वेद, चतुर्थ सती-सावित्री पतिवृता नारियां, पंचम सत्यवादी पुरुष, षष्ठम लोभरहित पुरुष और सप्तम दानशील पुरुष। इन सातों तत्वों के संरक्षण से ही समाज और सृष्टि का संतुलन बना रहता है। चित्रकूट के संत शिरोमणि संकादिक महाराज भी गोकथा में शामिल हुए। मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में बसामन मामा गौधाम परिसर में ऋषिकुलम आवास गृह का भूमिपूजन किया एवं पीपल का पौधा रोपण किया। महाराज  ने कहा कि युग निर्माता ब्राह्मण होता है। जो संपूर्ण समाज की पीड़ा को अनुभव करे, वही सच्चा ब्राह्मण है। धर्माचरण से ही अर्थ और काम रूपी पुरुषार्थ की सिद्धि संभव है। जब अर्थ की प्राप्ति धर्म के अनुशासन और नियंत्रण में होती है, तब वह अर्थ अनर्थ का कारण नहीं बनता, बल्कि लोक कल्याण का साधन बनता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपवित्र धन कभी पवित्र कार्यों में नहीं लगता और जो धन धर्मकार्य में समर्पित होता है, वह स्वयं पवित्र हो जाता है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम सबके लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज के मुखारविंद से अमृतवाणी श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। एक ओर बसामन मामा की पुण्यभूमि, जहाँ दस हजार गौ माताओं के संरक्षण एवं संवर्धन का विशाल प्रकल्प संचालित है, और दूसरी ओर पूज्य महाराज  का दिव्य प्रवचन यह संगम सचमुच त्रिवेणी के समान है, जो दीर्घकाल तक समाज का कल्याण करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि गौ माता का सम्मान ही मानवता का सम्मान है। यदि गौ माता का अपमान होगा तो मानव जाति का कल्याण संभव नहीं। उन्होंने कहा कि महाराज  के प्रवचनों से उन्हें गौ संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में और अधिक ऊर्जा एवं संकल्प प्राप्त हुआ है। उन्होंने भावुकता से कहा कि कभी-कभी जब वे किसी कठिन कार्य का दायित्व लेते हैं और वह सहज ही पूर्ण हो जाता है, तो उन्हें अनुभव होता है कि यह सब गौ माता की कृपा और उनकी प्रसन्नता का ही परिणाम है। कार्यक्रम का समापन भक्ति, भाव और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें गौ सेवा, धर्माचरण और समाज कल्याण के लिए कार्य करने का संदेश प्रमुख रहा। कथा समापन के बाद बसामन मामा में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के समापन दिवस पर सांसद  जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक, पूर्व मंत्री  पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने शिव बाबा रथयात्रा का किया शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रीवा में शिव बाबा रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रजापिता ब्राम्हकुमारी विश्वविद्यालय आश्रम से आरंभ हुई। शिव बाबा रथयात्रा को हरी झण्डी दिखाई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव संहार से साथ-साथ कल्याण के देवता हैं। भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान शिव कालों के महाकाल हैं। प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिव चेतना को जगाने के लिए किये जाने वाले प्रयास सराहनीय हैं। इस संस्थान ने सामाजिक क्षेत्र में भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया है। इस अवसर पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी संस्थान द्वारा उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

CM का बड़ा ऐलान- केन-बेतवा लिंक से 300 गांवों को मिलेगा पानी

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव और किसान सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के लिए विकास योजनाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रक्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और पर्यटन विस्तार से जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, सूखे खेत को पानी मिल जाए तो फसल सोने जैसी हो जाती है और केन-बेतवा लिंक परियोजना दमोह की तस्वीर बदल देगी। चीतों की संख्या 35 हुई सीएम ने बताया कि प्रदेश में चीतों का पुनर्स्थापन देश के लिए उदाहरण बना है। श्योपुर के उद्यान में लाए गए चीतों की संख्या अब बढ़कर 35 हो चुकी है और इसी वर्ष जून से पहले नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़े जाएंगे। इससे दमोह क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए घर ठहराव योजना के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है। 600 करोड़ की घोषणा सिंचाई के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने व्यारमा नदी से पानी लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाने और दमोह विधानसभा के 33 गांवों की 14 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए 600 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही राजनगर तालाब, सीतानगर और सतधरू बांध पर पर्यटन गतिविधियां तथा जल क्रीड़ा केंद्र विकसित किए जाएंगे। एक नजर में घोषणाएं-:     नौरादेही अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापन     गीता भवन निर्माण के लिए 2 करोड़     600 करोड़ की लिफ्ट सिंचाई योजना     नवीन जिला जेल के लिए 70 करोड़     तेंदूखेड़ा और हटा में खेल स्टेडियम     राजनगर तालाब व बांधों पर पर्यटन और बोट क्लब     नोहटा को नगर परिषद बनाने पर परीक्षण     व्यारमा नदी पर जल क्रीड़ा केंद्र

‘योगी और सत्ता साथ कैसे?’ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने CM पर उठाए सवाल

वाराणसी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शंकराचार्य की पहचान राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती। सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, तो मुख्यमंत्री  कैसे रह सकते हैं? शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बयानबाजी को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं कह सकता और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इस बयान के बाद शंकराचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र या सरकारी मान्यता से तय नहीं होती। उन्होने कहा कि जो योगी बन गया, उसे राजपाट से दूर रहना चाहिए। राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से राजा नहीं बनता। तो सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, विरक्त हैं, तो मुख्यमंत्री सत्ता स्वीकार कैसे कर रहे हैं? 'कोई सीएम शंकराचार्य नियुक्त नहीं करेगा' एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सपा ने शंकराचार्य को मारा था। आप भी मार चुके हो। मतलब सपा ने जिसे मारा, उसे हम भी मार सकते हैं। अगर यही परिभाषा है, तो सपा से अलग कैसे हो सकते हो? जो अहंकार 2015 में अखिलेश के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार चढ़ गया है। अखिलेश तो बर्बाद हो गए। अब इनका देखिएगा। सनातन में ऐसी कोई परंपरा नहीं कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करे। उन्होने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं सदियों पुरानी हैं और इनमें धार्मिक पदों का निर्धारण आध्यात्मिक परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार या कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य होगा या नहीं। सीएम योगी ने क्या कहा था? शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से ऊपर कोई नहीं है, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं। योगी ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है और इसकी अपनी परंपराएं व नियम हैं, जिनका पालन जरूरी है। उन्होने आरोप लगाया कि माघ मेले में जिस मुद्दे को लेकर विवाद बनाया गया, वह वास्तविक नहीं था बल्कि जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था बनाई थी और किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो पूर्व में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। 'गेरुआ वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता' वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता और संतों का सम्मान होना चाहिए। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।  

ग्वालियर के डॉ. श्रीवास्तव ने किया देहदान प्रदेश सरकार के निर्णय अनुसार दिया गया गार्ड ऑफ़ ऑनर

भोपाल. ग्वालियर के डॉ. अरुण श्रीवास्तव के देहांत के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में देहदान का फैसला लेने वालों की पार्थिव देह को पुलिस दस्ते के द्वारा गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है। ग्वालियर में लम्बे समय तक शासकीय चिकित्सक रहे डॉ. अरुण श्रीवास्तव का शुक्रवार की रात लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनकी इच्छा अनुरूप उनके परिजनों ने उनकी पार्थिव देह को गजराराजा मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने पार्थिव देह को गार्ड ऑफ़ ऑनर देने के लिये आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किये। निर्देशानुसार डॉ. श्रीवास्तव की पार्थिव देह को ग्वालियर के गांधीनगर में गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। गार्ड ऑफ़ ऑनर के बाद दिवंगत डॉ. श्रीवास्तव के परिजनों ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज पहुँचकर देहदान की औपचारिकताएं पूरी की।  

हरियाणा में तेजी से बदलने लगा मौसम, गिरेगा तापमान

हिसार. देश में शुक्रवार को सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से सुबह से आंशिक बादलवाही देखने को मिल रही है। जिससे तापमान में हल्की गिरावट हो रही है। बादलों की आवाजाही के बीच प्रदेश में 17-19 फरवरी के दौरान केवल 30-40 प्रतिशत एरिया में ही तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ बिखराव वाली हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। दिन और रात के बढ़े तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। शुक्रवार को हल्की गिरावट के साथ हिसार का अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबाला में 23.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। महेंद्रगढ़ में दिन-रात के तापमान सामान्य से अधिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि संपूर्ण इलाके में धीरे-धीरे तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड व शीत ऋतु की विदाई लगभग तय हो चुकी है, हालांकि संपूर्ण इलाके में सुबह शाम को मीठी गुलाबी ठंड का असर बरकरार है। वसंत बहार से मौसम सुहावना बना हुआ है। एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ठंड के तेवर ढीले पड़ गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बार-बार मौसम में बदलाव व संपूर्ण इलाके में धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही। प्रदेश में गर्मी की आहट शुरू हो गई है। अधिकतर स्थानों पर रात का तापमान 9 से 12.5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। जबकि दिन का तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच है। आने वाले तीन चार दिनों तक हरियाणा में धीरे-धीरे तापमान में उछाल देखने को मिलेगा।     तापमान (डिग्री सेल्सियस में)     जिला – अधिकतम – न्यूनतम     अंबाला – 23.9 – 12.0     हिसार – 25.9 – 10.1     करनाल – 23.6 – 9.4     रोहतक – 23.5 – 9.6     भिवानी – 26.6 – 12.5     फरीदाबाद – 26.8 – 10.6     गुरुग्राम – 24.6 – 9.9     मेवात – 26.6 – 10.0

कमरे में बंद कर खौफनाक हमला, कोरबा में चापड़ से पत्नी पर वार; बीच-बचाव में आई परिजनों को भी नहीं छोड़ा

कोरबा. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीतामणी वैष्णो दरबार बस्ती में घरेलू विवाद ने शनिवार को भयावह रूप ले लिया। एक युवक ने अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पत्नी को बचाने पहुंची उसकी मां और बहन पर भी आरोपित ने वार कर दिया। तीनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना वैष्णो देवी मंदिर के पास स्थित बस्ती की है। पुलिस के अनुसार आरोपित रामेश्वर साहू का अपनी पत्नी सुकृता साहू से लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार को विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को कमरे के भीतर बंद कर दिया और दौड़ा-दौड़ाकर चापड़ से हमला करने लगा। घर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सतर्क हो गए। इसी दौरान आरोपित की मां सावन साहू और बहन निर्मला साहू मौके पर पहुंचीं। दरवाजा नहीं खुलने पर खिड़की तोड़कर अंदर घुसीं, लेकिन आरोपित ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 और कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने सुकृता साहू की स्थिति गंभीर बताई है। अन्य दोनों महिलाओं का भी इलाज जारी है। निर्मला साहू ने बताया कि वह घर के पास दुकान पर थी। शोर सुनकर पहुंची तो देखा कि उसका बड़ा भाई कमरे में बंद कर भाभी पर वार कर रहा था। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तब खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। बीच-बचाव के दौरान आरोपी ने उन पर भी चापड़ से हमला कर दिया। पहले भी जेल जा चुका है आरोपी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित पहले भी पत्नी से मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। उस पर पत्नी के चरित्र पर संदेह करने और पैसों की मांग को लेकर विवाद करने के आरोप हैं। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।  

नोएडा में सनसनी: प्रेमी ने वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका की हत्या कर खुद को मारी गोली

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर 39 छात्रा क्षेत्र से खौफनाक घटना सामने आई है। वैलेंटाइन डे पर यहां एक कार से एक लड़का और लड़की के शव बरामद हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। पुलिस को कार से एक पिस्टल भी बरामद हुई । अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक मामला हत्या और आत्महत्या का है। पहले लड़के ने लड़की को गोली मारी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कार के अंदर से दो खोखे और पिस्टल मिले हैं। स्थानीय लोगों मे पुलिस को मामले की सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान त्रिलोकपुरी के सुमित और सलारपुर की रेखा देवी के रूप में हुई है।

पाकिस्तान मुकाबले से पहले खुशखबरी, अभिषेक शर्मा की एंट्री पर सूर्यकुमार यादव ने लगाई मुहर

कोलंबो पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले भारतीय प्रशंसकों के लिए खुशखबरी है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि अभिषेक शर्मा रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंदी टीम के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। दरअसल, विस्फोटक बल्लेबाज हाल ही में नामीबिया के खिलाफ मैच में भारत की प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उन्हें पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा था। हालांकि, उन्हें छुट्टी मिल गई थी। अभिषेक की होगी वापसी टी20 विश्व कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पुष्टि कर दी है कि इस मैच में अभिषेक शर्मा खेलते नजर आएंगे। उन्होंने कहा, 'अगर आप सब चाहते हैं कि अभिषेक शर्मा खेले तो हम उसे खिलाएंगे।' मौजूदा टूर्नामेंट में अभिषेक ने अब तक सिर्फ एक मैच खेला है। अमेरिका के खिलाफ वह खाता भी नहीं खोल पाए थे। वहीं, नामीबिया के खिलाफ वह खराब स्वास्थ्य के कारण शामिल नहीं हुए। अब वह पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वापसी करेंगे। एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक का प्रदर्शन अभिषेक ने पिछले साल एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ दो टी20 मैचों में 31 और 74 रन बनाए थे, जबकि फाइनल में वह सिर्फ 5 रन पर आउट हुए थे। बावजूद इसके भारत ने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। कम समय में अभिषेक शर्मा भारत के उभरते हुए टी20 सितारे बन गए हैं। 39 मैचों में 1297 रन बनाते हुए उन्होंने दो शतक और आठ अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 135 रन है, जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में बनाया था।

करदाताओं को ओटीएस में मिलेगा पूरा ब्याज और जुर्माना भी माफ

पटना. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना के आलोक में नगर निगम ने संपत्ति कर प्रोत्साहन योजना–2025 लागू की है। यह योजना 28 नवंबर से प्रभावी है और 31 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके तहत लंबित संपत्ति कर पर 100 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना माफ किया जा रहा है। करदाताओं को केवल मूल कर राशि एकमुश्त जमा करनी है। मूल राशि जमा करते ही पूरा बकाया समाप्त माना जाएगा। योजना को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के रूप में लागू किया गया है। 5,511 लोगों ने कराया स्व-निर्धारण नगर निगम के अनुसार अब तक 5,511 करदाताओं ने होल्डिंग नंबर का स्व-निर्धारण कराया है। पाटलिपुत्र अंचल 1,424 आवेदनों के साथ सबसे आगे है। अजीमाबाद में 1,263, नूतन राजधानी में 1,024 आवेदन हुए हैं। कंकड़बाग में 788 और पटना सिटी में 531 लोगों ने आवेदन दिया। बांकीपुर अंचल में सबसे कम 481 स्व-निर्धारण दर्ज हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार योजना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल योजना का लाभ आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों को मिल रहा है। संस्थागत तथा केंद्र और राज्य सरकार की संपत्तियां भी दायरे में हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और उससे पूर्व के बकाया पर छूट दी जा रही है। कोर्ट या ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों के करदाता भी लाभ ले सकते हैं। इसके लिए मामला वापस लेने का लिखित प्रमाण देना होगा। निर्धारित अवधि के बाद यह छूट उपलब्ध नहीं रहेगी। स्व-निर्धारण का स्पष्ट प्रावधान जिनका अब तक स्व-निर्धारण नहीं हुआ है, वे भी योजना में शामिल हो सकते हैं। आवासीय संपत्ति का निर्धारण विद्युत कनेक्शन तिथि या अधिसूचना तिथि से होगा। जो भी तिथि बाद में होगी, वही प्रभावी मानी जाएगी। गैर-आवासीय संपत्ति के लिए जीएसटी निबंधन तिथि आधार होगी। या फिर नगर निकाय की अधिसूचना तिथि लागू मानी जाएगी। निर्धारण नगर निगम के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा। गलत जानकारी पर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने करदाताओं से समय पर भुगतान की अपील की है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत किए गए भुगतान की जांच होगी। तथ्य छिपाने या गलत सूचना देने पर छूट रद कर दी जाएगी। नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। भुगतान की सुविधा वाट्सएप चैटबॉट 9264447449 पर उपलब्ध है। इसके अलावा निगम कार्यालयों और अधिकृत वेबसाइट पर भी भुगतान किया जा सकता है।

सीएम ने दी बड़ी सौगात, लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर हुए 1500 रुपये

खंडवा सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त के 1500 रुपए उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए हैँ। ये राशि मोहन यादव ने एमपी के खंडवा की तहसील पंधाना से भेजे हैं। आपके मोबाइल पर मैसेज भी आया होगा। अगर नहीं तो ladli behna yojana portal पर जाकर आप खाते का अपडेट देख सकती हैं। इस बार इनके नहीं आएंगे 1500 रुपए हालांकि 14 फरवरी को उन लाड़ली बहनों के खाते में पैसे नहीं आएंगे, जिनके नाम से पूरे दस्तावेज नहीं हैं। उनके बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या समग्र आईडी डिलीट हो गई या फिर उनकी आयु 60 से पार हो चुकी है।   255 करोड़ का भूमिपूजन और 354 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया 255 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का भूमि पूजन किया और 354 करोड़ के 11 पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 252 करोड़ की लागत से बनने वाले खंडवा नगर निगम के सीवरेज प्रोजेक्ट के साथ-साथ 2.90 करोड़ की लागत से बनने वाले पंधाना बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और 'रैन बसेरा' के निर्माण का भूमि पूजन किया। क्या है लाडली बहनों के लिए पात्रता?     मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों     विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी     आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो।     महिला का स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है, संयुक्त खाता मान्य नहीं होगा     महिला के स्वयं के बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी सक्रिय होना चाहिए     समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई होना चाहिए कैसे चेक करें खाता? लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की भुगतान स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। पोर्टल पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प चुनें। फिर रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी भरने के बाद नवीनतम स्टेटस दिखाई देगा। लाड़ली बहना योजना के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स     समग्र पोर्टल द्वारा जारी परिवार आईडी अथवा सदस्य आईडी     UIDAI द्वारा जारी फोटो आईडी     समग्र पोर्टल में दर्ज मोबाइल नंबर लाडली बहना योजना के लिए अपात्र हैं ये महिलाएं     जिनके स्वयं/परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्‍य आयकरदाता हो।     जिनके स्वयं/परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो। नए रजिस्ट्रेशन कब होंगे शुरू? महिलाओं के बीच यह सवाल बना हुआ है कि लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन (Ladli Behna Yojana) कब शुरू होंगे। यहां बता दें कि 2023 से नए फॉर्म भरने की प्रक्रिया बंद है और इस बार भी कोई अपडेट नहीं है। अधिकारियों के अनुसार नए रजिस्ट्रेशन की योजना फिलहाल शुरू नहीं होगी।