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बिहार के शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

पटना. बिहार समेत पूरे देश में आज महाशिवरात्रि का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही विभिन्न शहरों के तमाम शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। भोर होते ही भक्तजन भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। गया के प्रमुख शिवालयों, विशेषकर रामशिला मंदिर और मारकंडेय महादेव मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसरों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सुविधा में जुटे हैं। दिन भर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन जारी रहेगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। इसी तरह पूर्वी चंपारण जिले के रामनगर स्थित नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में मध्यप्रदेश करेगा एआई-सक्षम शासन और डीप-टेक नवाचारों का प्रदर्शन

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा ‘मध्यप्रदेश पैवेलियन’ स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण और शहरी प्रबंधन में एआई समाधान होंगे प्रस्तुत भोपाल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। समिट में प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग “मध्यप्रदेश पैवेलियन” स्थापित कर राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रदर्शनी हॉल-4, प्रथम तल, बूथ क्रमांक 4F32 एवं 4F34 में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होगी। मध्यप्रदेश पैवेलियन में एआई-सक्षम शासन मॉडल, डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप आधारित समाधानों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। यह सहभागिता 15 जनवरी 2026 को भोपाल में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के बाद हो रही है, जहाँ प्रदेश ने शासन, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी तंत्र और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया था। समिट में प्रदेश के चार प्रमुख शासकीय विभागों द्वारा एआई के व्यावहारिक उपयोग प्रस्तुत किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा टीबी जोखिम पूर्वानुमान के लिए पीएटीओ, एआई आधारित मल्टीमॉडल टीबी स्क्रीनिंग के लिए सीएटीबी, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के लिए संवादात्मक एआई आधारित सुमन सखी और शासकीय अस्पतालों में निदान दक्षता बढ़ाने के लिए एआई-सहायित रेडियोलॉजी निर्णय समर्थन पायलट प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के लिए एआई-चालित जिला प्रदर्शन प्रतिवेदन प्रणाली प्रस्तुत करेगा, जो लाइव एपीआई डेटा को केपीआई बेंचमार्किंग, अपवाद पहचान और ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक एआई-जनित अंतर्दृष्टियों में परिवर्तित कर जमीनी स्तर पर योजना निर्माण और पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाती है। शहरी प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी अर्बन लॉकर, जेनरेटिव एआई आधारित जीआईएस गरुड़ लैब, एआई-सक्षम फ्लीट एवं ईंधन प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण ढांचा प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होलोग्राफिक डिस्प्ले, महाकाल दर्शन अनुभव, इंटरैक्टिव डिजिटल कियोस्क और वीआर आधारित 360 डिग्री पर्यटन सहभागिता उपकरण प्रस्तुत करेगा, जो पर्यटन प्रोत्साहन के लिए उन्नत डिजिटल इंटरफेस को दर्शाते हैं। पैवेलियन में एमपीएसईडीसी की एआई पहलों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। ये पहलें संप्रभु एआई, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एआई, डीप-टेक, एवीजीसी-एक्सआर, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक एवं औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन को रेखांकित करती हैं।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य नवाचार केंद्रों से स्टार्टअप्स उत्पादन-तैयार एआई समाधान प्रस्तुत करेंगे। इनमें संप्रभु एआई प्लेटफॉर्म, बहुभाषी डिजिटल अवतार, टेली-फिजियोथेरेपी उपकरण, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एआई एजेंट, औद्योगिक पूर्वानुमान एवं डिजिटल ट्विन, एआई आधारित कृषि समाधान, फसल निदान प्रणाली, रोबोटिक्स और जेनेरेटिव एआई आधारित सृजनात्मक तकनीक शामिल हैं। भारत मंडपम, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश पैवेलियन में सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक स्वचालन, शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को समाहित करते हुए राज्य के समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करेगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश एआई आधारित शासन एवं आर्थिक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर होते हुए स्वयं को टियर-2 प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है।  

बिहार में गरीब परिवार फ्री सोलर पैनल लगवाकर पाएं बिजली बिल से मुक्ति

पटना/भभुआ. कुटीर ज्योति यानी बीपीएल बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें बिजली बिल की चिंता नहीं करनी होगी। कैमूर के विद्युत कार्यपालक अभियंता भभुआ शशिकांत कुमार ने बताया की सरकार उनकी छत पर 1.1 केवीए का मुफ्त में सोलर पैनल लगाने जा रही है। इसके लिए बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहमति मांगी है। अगर आपके पास पक्की छत है और योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 28 फरवरी तक सुविधा एप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। जिले में करीब 66512 कुटीर ज्योति कनेक्शनधारी हैं। इस Kutir Jyoti Yojana का मकसद गरीब परिवारों को बिजली बिल से राहत देना और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है। सोलर यूनिट लगाने के लिए उपभोक्ता के पास करीब 64 वर्ग फीट पक्की छत होनी चाहिए व जगह छायामुक्त भी होनी चाहिए। उन्होंने बताया की 1.1 केवीए क्षमता के सोलर पैनल के लिए दो सोलर प्लेट लगेंगे। सोलर पैनल और इंस्टॉलेशन का पूरा खर्च विद्युत विभाग उठाएगी। उपभोक्ता को अपनी जेब से एक पैसा नहीं देना है, बस शर्त यह है कि पैनल लगने के बाद उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा (रखरखाव) की जिम्मेदारी उपभोक्ता को खुद की होगी। कुटीर ज्योति योजना एक सरकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को घरेलू बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराना है। सुविधा एप कर सकेंगे आवेदन पहले बहुत से गांवों में लोग मिट्टी के दीये, लालटेन या केरोसिन लैंप का इस्तेमाल करते थे। इससे न केवल खर्च बढ़ता था बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरा रहता था। आवेदन करने के लिए उपभोक्ता को अपने मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से सुविधा एप डाउनलोड करना होगा। उसके उपरांत एप खोलें और रूफटाप सोलर पैनल स्थापन के लिए सहमित (कुटीर ज्योति) लिंक पर क्लिक करें। तत्पश्चात अपना कंज्यूमर नंबर (सीए नंबर) डालें उसके बाद रजिस्ट्रड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा व योजना की जानकारी आएगी उसपर क्लिक करें। सहमति प्रदान करते समय आवेदक को किसी एक पता प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र आदि) के साथ बीपीएल कार्ड या अन्य पात्रता प्रमाण पत्र जमा करना एवं मांगी गई जानकारी (छत का फोटो या एरिया) भरकर सबमिट कर दें। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वह प्रमंडल कार्यालय के सुविधा काउंटर पर या वसुधा केंद्र की मदद ले सकते हैं। विभागीय सुविधा काउंटर पर यह सेवा बिल्कुल ही मुफ्त है। पहले चरण में इस योजना का लाभ उठाने की आखिरी तारीख 28 फरवरी तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी सहमति दें।

AI से बना कंटेंट डालना पड़ेगा भारी! सोशल मीडिया के लिए नए IT नियमों की तैयारी

 इंदौर इंटरनेट मीडिया पर एआई टूल्स के जरिए फोटो, वीडियो और टेक्स्ट बनाकर पोस्ट करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार 20 फरवरी से नए आईटी नियम लागू करने जा रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाना और डीपफेक तथा फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है। AI कंटेंट की जानकारी देना होगी अनिवार्य नई व्यवस्था के तहत यदि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है या उसमें किसी व्यक्ति की शक्ल, आवाज या घटना को बदला गया है, तो पोस्ट करते समय इसकी स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट और दिखाई देने वाला लेबल भी लगाएंगे, ताकि दर्शकों को तुरंत पता चल सके कि सामग्री वास्तविक नहीं है। सामान्य एडिटिंग पर नहीं लागू होगा नियम सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य संपादन कार्य इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे। जैसे- फिल्टर लगाना, रंग सुधारना, अनुवाद करना, शोर हटाना या प्रस्तुति तैयार करना ‘सिंथेटिक कंटेंट’ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अलग से घोषणा करना आवश्यक नहीं होगा। AI उपयोग की सीमा तय आम यूजर, कंटेंट क्रिएटर और छोटे कारोबारी एआई का इस्तेमाल डिजाइन, लेखन, पोस्टर निर्माण, अनुवाद या सामान्य एडिटिंग जैसे कार्यों में कर सकेंगे। लेकिन किसी की फोटो या आवाज बदलकर फर्जी वीडियो बनाना, पहचान का दुरुपयोग करना, फेक न्यूज या नकली दस्तावेज तैयार करना और बिना अनुमति निजी या आपत्तिजनक सामग्री बनाना सीधे अपराध माना जाएगा। डीपफेक पर कड़ी नजर सरकार का मानना है कि AI के दुरुपयोग से गलत सूचना तेजी से फैल रही है। इसलिए नए नियमों के जरिए लोगों को वास्तविक और कृत्रिम सामग्री में अंतर समझाने तथा डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

आस्था बनाम सत्ता: चीन में चर्चों पर कड़ा नियंत्रण, पादरियों के लिए अनिवार्य ‘राजनीतिक वफादारी’ प्रशिक्षण

बीजिंग चीन में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लागू किए गए नए वैचारिक और राजनीतिक कार्य नियम अब हर क्षेत्र में सख्ती से लागू किए जा रहे हैं। इन नियमों का मकसद पूरे समाज को शी जिनपिंग की विचारधारा के अनुरूप ढालना है। इस प्रक्रिया में सरकारी नियंत्रण वाला थ्री-सेल्फ पैट्रियॉटिक मूवमेंट (थ्री-सेल्फ चर्च) सबसे आगे नजर आ रहा है। जनवरी में दिए एक इंटरव्यू में थ्री-सेल्फ नेतृत्व ने इन नए नियमों को “मील का पत्थर” और “मार्गदर्शक सिद्धांत” बताया।  चर्च बैठकों में अब ‘शी जिनपिंग थॉट’ को पहला एजेंडा बनाया गया है। सेमिनरी छात्रों को केवल धर्मशास्त्र नहीं, बल्कि “राजनीतिक चेतना” भी पढ़ाई जा रही है ताकि वे पार्टी की दिशा के अनुरूप सोचें। चर्च परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान, समाजवादी मूल्यों और पारंपरिक चीनी कला को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। फुजियान जैसे इलाकों की धार्मिक सेमिनरियों में अब अलग से वैचारिक-राजनीतिक कक्षाएं चलाई जा रही हैं और राजनीतिक पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। कई चर्चों को देशभक्ति शिक्षा केंद्रों में बदला जा रहा है, जहां ‘रेड थीम’ प्रदर्शनी कक्ष, सुलेख, हस्तशिल्प और कन्फ्यूशियस ग्रंथों पर व्याख्यान हो रहे हैं।

मौसम ने बदली चाल: छत्तीसगढ़ में स्थिरता, रायपुर में बढ़ी धूप की तपिश

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है. पश्चिमी हवाएं तेज होने की वजह से रात में तापमान में हल्के उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. शहर में ढाई डिग्री तक चढ़ चुका न्यूनतम तापमान थोड़ा कम होगा. रायपुर में पिछले दो दिन से प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन का पारा दर्ज किया गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा. अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. अगले दो दिनों मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने मौसम को लेकर फ्रेश अपडेट दिया है. उन्होंने बताया कि सब ट्रॉपिकल पश्चिमी जेटस्ट्रीम के प्रबल हो जाने के कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की (गिरावट) उतार-चढ़ाव के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. प्रदेश में 15 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में 15 फरवरी को सुबह के वक्त धुंध छाए रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतन तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.

राज्यपाल पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात

राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

खुशी का दिन बना गम: महाशिवरात्रि पर नर्मदा में लापता हुआ किशोर, जारी है सर्च ऑपरेशन

नरसिंहपुर ठेमी थाना अंतर्गत ग्राम महादेव पिपरिया स्थित नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक 15 वर्षीय बालक डूबकर लापता हो गया। घटना रविवार को महाशिवरात्रि के दिन की है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल कॉलोनी जबलपुर निवासी टीकाराम राजोरिया अपने पुत्र ओम राजोरिया के साथ ग्राम बड़गवा में रिश्तेदार के यहां आए थे। महाशिवरात्रि के अवसर पर दोनों महादेव पिपरिया स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। सुबह लगभग 11.30 बजे पिता-पुत्र नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। स्नान के बाद टीकाराम मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए चले गए, जबकि ओम नदी में ही नहाता रहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ओम गहरे पानी में चला गया और डूब गया।   भीड़ अधिक होने के कारण अधिकांश लोगों को तत्काल घटना की जानकारी नहीं लग सकी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा शोर मचाने पर लोगों का ध्यान इस ओर गया। स्थानीय गोताखोरों और मौजूद लोगों ने नदी में गोता लगाकर बालक की तलाश की, परंतु सफलता नहीं मिल सकी।   जब पिता को घटना की जानकारी मिली तो वे व्याकुल हो उठे। सूचना मिलने पर पुलिस और होमगार्ड तैराक दल मौके पर पहुंचा और बालक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। शाम 5 बजे तक बालक का कोई सुराग नहीं लग सका था। ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार तलाश की जा रही है। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण खोज कार्य में कठिनाई आ रही है।

एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर

96 लाख इकाइयों को मजबूती, तीन करोड़ परिवारों की आजीविका को मिलेगा स्थायित्व क्लस्टर, आधारभूत संरचना और बाजार विस्तार से प्रतिस्पर्धी बनेगा प्रदेश का उद्योग लखनऊ, प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बजट 2026-27 में जिस प्राथमिकता के साथ रखा गया है, वह आने वाले वर्षों की औद्योगिक तस्वीर को बदलने का संकेत देता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो करीब तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं। इस बजट में 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीते साल की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि केवल बजटीय विस्तार ही नहीं बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रदेश सरकार एमएसएमई को अनुदान आधारित व्यवस्था से आगे बढ़ाकर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर प्रतिवर्ष एक लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पांच वर्षों में पांच लाख से अधिक नई इकाइयां खड़ी हो सकती हैं जिनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार सृजित होने का अनुमान है। बैंक ऋण और सरकारी प्रोत्साहन के संयोजन से निवेश का मल्टीप्लायर इफेक्ट्स (गुणक) कई गुना बढ़ सकता है। एमएसएमई क्षेत्र की सबसे बड़ी बाधा ऋण हासिल करना है। छोटे उद्यमियों के पास पर्याप्त जमानत (कोलैटरल) न होने से वे औपचारिक बैंकिंग तंत्र से दूर रह जाते हैं। बजट में ऋण गारंटी तंत्र को सुदृढ़ करने और बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे बड़ी जमानत के बिना ऋण लेने की राह आसान होगी। इसका सीधा असर यह होगा कि बड़ी संख्या में इकाइयां असंगठित क्षेत्र से निकलकर औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगी जिससे कर संग्रह, पारदर्शिता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। क्लस्टर आधारित विकास मॉडल को भी बजट में बल मिला है। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समूह आधारित औद्योगिक क्षेत्रों में साझा मशीनरी, परीक्षण प्रयोगशालाएं और सामान्य सुविधाएं उपलब्ध होने से उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे छोटे उद्यम बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। ओडीओसी के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की रणनीति को मजबूती देती है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यदि प्रत्येक नया उद्यम औसतन पांच से 10 लोगों को रोजगार देता है तो केवल इस योजना से ही हजारों युवाओं के लिए अवसर बन सकते हैं। यह ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि को नई गति देगा। प्रत्यक्ष प्रावधानों के अलावा बजट में आधारभूत संरचना पर निरंतर निवेश भी एमएसएमई के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन है। एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक गलियारे और बेहतर विद्युत आपूर्ति से उत्पादन लागत घटती है और समयबद्ध आपूर्ति संभव होती है। परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधा बेहतर होने से छोटे उद्योग भी निर्यात बाजार की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। व्यापार सुगमता सुधार, एकल खिड़की प्रणाली और ऑनलाइन स्वीकृति व्यवस्था निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है। आज जब 96 लाख इकाइयां तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं, तब लक्ष्य केवल संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने का है। बजट 2026-27 इस दिशा में बहुस्तरीय हस्तक्षेप का संकेत देता है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि रोजगार सृजन का सबसे बड़ा इंजन भी साबित होगा।

अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीपोत्सव से रूस के कलाकारों को मिली प्रेरणा

एवगेनी बनेंगे राम, दारिया निभाएंगी सीता का किरदार, मुरात लक्ष्मण और दिमित्री बनेंगे हनुमान दोनों देशों के बीच संबंधों को मिलेगी नई गति, 20 फरवरी को रामलीला में पहुंचकर मॉस्को और आसपास के लोग होंगे भाव विभोर लखनऊ, अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राममंदिर से जुड़े विकास कार्यों और दीपोत्सव समेत किए जा रहे अभूतपूर्व आयोजनों की ख्याति अब सात समंदर पार तक पहुंच रही है। योगी सरकार के सांस्कृतिक विजन और अयोध्या में हुए आध्यात्मिक नवजागरण से प्रेरित होकर रूस की राजधानी मॉस्को में 20 फरवरी को भव्य रामलीला का आयोजन होगा। यह रामलीला अयोध्या में विगत दिनों हुए दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर दिव्य और भव्य रूप में आयोजित की जा रही है। इसे भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। रूस में भारत के दूतावास और जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र (JNCC) के सहयोग से होने वाली इस रामलीला में रूस के कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। राम की भूमिका में एवगेनी, सीता के रूप में दारिया, लक्ष्मण के रूप में मुरात और हनुमान के रूप में दिमित्री मंच पर भारतीय आस्था की सजीव प्रस्तुति देंगे। रूसी दर्शकों में विशेष उत्सुकता रूसी-भारतीय मैत्री संस्था ‘दिशा’ इस आयोजन की मुख्य संचालक है। डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में यह संस्था वर्षों से नाट्य प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक उत्सवों और शैक्षिक पहल के जरिए भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक सेतु का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का सार्वभौमिक संदेश है। यही वजह है कि रूसी दर्शकों में भी इसके प्रति विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। अयोध्या में दीपोत्सव की भव्यता से मिली प्रेरणा उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अयोध्या का दीपोत्सव वैश्विक पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लाखों दीपों से जगमगाती अयोध्या की तस्वीरों ने दुनिया भर के सांस्कृतिक संगठनों और कलाकारों को प्रभावित किया है। योगी सरकार ने रूस के कलाकारों की टीम को अयोध्या दीपोत्सव में मंच प्रदान किया। यह टीम रामलीला प्रस्तुत कर पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। अयोध्या की आध्यात्मिक आभा और आयोजन की भव्यता देखकर रूस से यहां आए आयोजक और कलाकार इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मॉस्को में भी उसी भाव को साकार करने का निर्णय लिया। दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों में रामलीला की परंपरा का इतिहास भी उल्लेखनीय रहा है। 1960 के दशक में सोवियत अभिनेता पद्मश्री गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव ने मॉस्को में रामलीला का मंचन कर दोनों देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को नई ऊंचाई दी थी। यह पहल दोनों देशों के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अयोध्या की प्रेरणा से मॉस्को की रामलीला आयोजन का नेतृत्व कर रहे रामेश्वर सिंह ने बताया कि रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार के विशेष सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया दीपोत्सव और सांस्कृतिक नवजागरण अब वैश्विक प्रभाव दिखा रहा है। मॉस्को की रामलीला अयोध्या की प्रेरणा से आयोजित की जा रही है। 20 फरवरी को भाव-विभोर होगा रूस 20 फरवरी को मॉस्को में होने वाली रामलीला के लिए भव्य मंच सज्जा, पारंपरिक वेशभूषा और संगीत की विशेष तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रूसी नागरिक, भारतीय समुदाय और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल होंगी। जब मंच पर श्रीराम की लीला सजीव होगी तो पूरा वातावरण भारतीय संस्कृति की भक्ति, मर्यादा और आदर्शों से सराबोर नजर आएगा। यह आयोजन नाट्य प्रस्तुतियों, उत्सवों और शैक्षिक पहल के माध्यम से दोनों देशों की एकता की सशक्त मिसाल पेश करेगा।