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बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा केस में बड़ा फैसला, 17 आरोपी दोषमुक्त, क्या बोले वकील

बेमेतरा छत्तीसगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर बेमेतरा से निकलकर सामने आई. बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है. जिला न्यायालय ने जिन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है, उनमें चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम पिता गौतम सिन्हा (28 साल), ग्राम खैरी, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी मनीष वर्मा पिता नंदकुमार वर्मा (23 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी समारू नेताम पिता जेठूराम नेताम (43 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी पूरन पटेल पिता खेमकुमार पटेल (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी राजकुमार निषाद पिता संजय निषाद (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी भोला निषाद पिता श्रवण निषाद (23 साल), पेंण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी दूधनाथ साहू पिता कमल साहू (27 साल), पेण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी अरुण रजक पिता मनहरण रजक (18 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी चंदन साहू पिता देवकुमार साहू (20 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी होमेन्द्र नेताम पिता नीलकंठ नेताम (25 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी टाकेन्द्र साहू पिता परसराम साहू (22 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी राम निषाद पिता हिरेश निषाद (19 साल) मासुलगोदी, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी संजय कुमार साहू पिता नेमराम साहू (25 साल), निवासी कोरवाय, थाना साजा, जिला बेमेतरा निवासी चिंताराम साहू पिता स्व. बिरझुराम साहू (68 साल), निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी लोकेश साहू पिता चतुरराम साहू (23 साल) निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा वरूण साहू पिता रामकुमार साहू (18 साल 3 माह) और मासुलगोदी, थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी राजेश साहू पिता बल्लु साहू (23 साल) शामिल हैं. बिरनपुर मामले में साजा थाना में कुल 173 लोगों के विरूद्ध दर्ज धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3) भादवि तथा 201, 109, 34 भादवि के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दिक्षित की न्यायालय में विचारण किया गया है. 64 अभियोजन साक्षियों का कथन के बाद आज संदेह का लाभ देकर न्यायालय से सभी 17 लोगों को छोड़ दिया गया है. क्या था बिरनपुर हिंसा मामला? बिरनपुर हिंसा मामला शुरू हुआ था दो बच्चों की मामूली लड़ाई से, जो देखते-देखते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया. गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) व उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या हो गई. प्रशासन ने धारा 144 लागू किया, जो करीब दो सप्ताह तक जारी रहा. पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 6 नए आरोपियों का उल्लेख किया है.

राजस्थान विधानसभा में गरमाये मुद्दे के बीच हाथापाई की नौबत!

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया जब विपक्ष ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला के पास गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को सत्ता पक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। इस बयान ने सदन में ऐसी आग सुलगाई कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज आमने-सामने आ गए। बालमुकुंदाचार्य का सवाल: क्या गाय बनेगी 'राज्य पशु'? हंगामा तब शुरू हुआ जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सरकार से सवाल किया कि क्या राजस्थान में गाय को 'राज्य पशु' (State Animal) का दर्जा देने का कोई विचार है? इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्री के इस जवाब ने हिंदूवादी राजनीति करने वाले धड़े को असहज कर दिया, लेकिन असली विस्फोट अभी बाकी था। टीकाराम जूली का 'पोस्टर' वार और गंभीर आरोप सदन में माहौल तब गरमाया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने खड़े होकर राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। जूली ने कहा, 'जयपुर में हिंगोनिया गौशाला के पास से बछड़े का कटा सिर लाकर लटकाया गया। यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है।' जूली ने दावा किया कि इस मामले में जो आरोपी है, उसे भाजपा का एक विधायक बचा रहा है। जूली ने इशारों-इशारों में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर संकेत किया। गोपाल शर्मा का पलटवार: 'इस्तीफा दे दूँगा' अपना नाम घसीटे जाने पर सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने सदन में खड़े होकर दहाड़ते हुए कहा, "आप मेरा नाम ले रहे हैं? अगर इस मामले में कोई भी मेरा आदमी शामिल पाया गया, तो मैं इसी वक्त विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूँगा।" शर्मा के इस तेवर ने सत्ता पक्ष के खेमे में जोश भर दिया, वहीं विपक्ष ने शोर-शराबा और तेज कर दिया। सदन में हाथापाई की नौबत !  राजस्थान के विधानसभा में उस वक्त हाथापाई की नौबत बनती दिखाई दी, जब भाजपा विधायक गोपाल शर्मा सदन की कार्यवाही के बीच ना पक्ष की वेल की तरफ़ आक्रोश के साथ बढ़ने लगे। तभी कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक चांदना भी गोपाल शर्मा की तरफ़ आक्रोशित होकर बढ़ गए .इससे माहौल और ज़्यादा गरमा गया। स्पीकर की फटकार, "पहले से तय थी प्लानिंग" हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने बछड़े के कटे सिर वाले पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सख्त नजर आए। उन्होंने पोस्टर लहराने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "जिस तरह से पोस्टर लहराए जा रहे हैं, उससे साफ लगता है कि आप लोग सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए पहले से प्लानिंग करके आए थे।" स्पीकर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को निर्देश देकर गोपाल शर्मा को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच तीखी बहस सदन में उस वक्त मर्यादा की सीमाएं लांघती दिखीं जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और गोपाल शर्मा के बीच सीधी बहस शुरू हो गई। दोनों ओर से तीखी टिप्पणियां की गईं। विपक्ष का आरोप था कि सरकार गौवंश की रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करती है, जबकि हकीकत में राजधानी में ही गौवंश सुरक्षित नहीं है।

चलती ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में लगी आग, नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ट्रेन में हड़कंप

 नागपुर नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन में आग लग गई। जीटी एक्सप्रेस ( ट्रेन नंबर 12616) के स्लीपर कोच में मंगलवार दोपहर आग लग गई। यह घटना सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन में सिंधी और तुलजापुर स्टेशनों के बीच हुई। ट्रेन चल रही थी तभी SLR कोच से धुआं निकलता देखा गया. धुआं देखते ही ट्रेन को सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और किसी को चोट नहीं आई है। रेलवे स्टाफ ने तेजी से कार्य करते हुए प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने शुरुआती तौर पर कोच में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी मामले की आगे जांच कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रेन 12616 नई दिल्ली-चेन्नई (तंबरम) ग्रांट ट्रंक एक्सप्रेस सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। वर्धा के सिंधी रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय सुबह 11:09 बजे ट्रेन के आखिरी गार्ड कोच में धुआं देखा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को सिंधी-तुलजापुर खंड पर रोक दिया गया, प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया गया और दमकल कर्मियों को बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन और उस डिब्बे में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. विस्तृत जांच के बाद आग लगने का कारण पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रभावित डिब्बे के बिना ट्रेन कुछ समय बाद रवाना होगी।

शक से शुरू हुआ झगड़ा बना खौफनाक अपराध: हत्या के बाद लाश से हैवानियत, इंदौर कांड से दहशत

नई दिल्ली प्यार, शादी का दवाब, शक, हत्या, लाश से रेप और फिर आत्मा से मुलाकात की कोशिश। इंदौर में एमबीए की एक स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी और उसके कातिल की हैवानियत ने सबको झकझोर दिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि किस तरह शादी के दबाव और शक के उपजे गुस्से में उसने गर्लफ्रेंड को बेरहमी से मार डाला और फिर बार-बार लाश के साथ रेप करता रहा। बाद में उसने तंत्र-मंत्र के जरिए गर्लफ्रेंड की आत्मा से बात करने की कोशिश की थी। मंदसौर के पीयूष धामनोदिया को मां-बाप ने इंदौर में पढ़लिखकर अपना करियर बनाने के लिए भेजा था। उसके पिता एक किराना व्यापारी हैं। एक बहन और एक भाई जो पढ़ाई कर रहे हैं। इंदौर में पीयूष एक निजी कॉलेज में पढ़ता था, जहां उसकी मुलाकात द्वारकापुरी की रहने वाली एक एमबीए स्टूडेंट से हुई। डीसीपी कृष्णलाल चंदानी ने बताया कि दोनों करीब एक साल से रिलेशन में थे। दोनों शादी करना चाहते थे पर लड़के के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इस बात पर दोनों के बीच झगड़े होते थे। डीसीपी ने कहा कि आरोपी ने यह भी कहा है कि उसे शक था कि डेटिंग ऐप के जरिए वह दूसरे लड़कों के साथ संपर्क में थी। आधार कार्ड बनवाने निकली लड़की हो गई थी लापता मृतक लड़की 10 फरवरी को घर से यह कहकर निकली थी कि आधार कार्ड अपडेट कराने जा रही है। लेकिन वह लौटकर नहीं आई। लड़की के परिजनों ने काफी तलाश के बाद 11 फरवरी को पंढरीनाथ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश के बीच 13 फरवरी को द्वारकापुरी के ही अंकल वाली गली में उस कमरे से उठी दुर्गंध ने लड़की की गुमशुदगी का राज खोला। पड़ोसियों की शिकायत के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो 25 वर्षीय लड़की की निर्वस्त्र लाश देखकर हैरान रह गई। शरीर को चाकू से गोदा गया था। उधर मुंबई में गर्लफ्रेंड की आत्मा बुलाने की कोशिश में जुटा था पीयूष इधर, पुलिस लड़की हत्यारे की तलाश में जुटी थी तो दूसरी तरफ इंदौर से भागकर मुंबई पहुंचा पीयूष 'जादू-टोने' में जुट गया था। यूट्यूब से कथित तौर पर कुछ 'तंत्र-मंत्र' सीखकर वह उस लड़की की आत्मा को बुलाना चाहता था। जिंदा रहते उसने जिसकी 'ना' नहीं सुन सका उसकी आत्मा को अब वह अपनी बात समझाना चाहता था। अगले ही दिन पकड़ा गया आरोपी हत्या के बाद आरोपी ने पीड़िता की लाश के साथ कई बार संबंध बनाए और अपनी इस गंदी हरकत को उसने लड़की के मोबाइल में कैद किया। आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसने उस मोबाइल को तोड़कर चलती ट्रेन से रास्ते में कहीं फेंक दिया। पुलिस अभी इस मोबाइल को बरामद नहीं कर पाई है, जिसमें कई तरह के सबूत हो सकते हैं। पुलिस ने आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर उसे 14 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था। वह 18 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर है। डेटिंग ऐप्स की वजह से हुआ झगड़ा आरोपी का कहना है कि पीड़िता ने उसे बताया था कि वह कुछ और लड़कों के साथ भी उसके अफेयर रहे हैं, लेकिन उसने वादा किया था अब उसके साथ ही रहेगी। लेकिन हाल ही में उसने देखा कि उसके मोबाइल में डेटिंग ऐप है और वह लड़कों से बातचीत करती है। उसे शक हो गया कि प्रेमिका उसे धोखा दे रही है और इस बात से वह बहुत गुस्से में था। हत्या वाले दिन दिन क्या-क्या किया उसने पीयूष ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उस दिन जब वह पीड़िता को अपने साथ कमरे पर लेकर पहुंचा तो उसे बहुत भूख लगी थी। उसने लड़की के लिए मैगी बनाई। मैगी खिलाने के बाद वह उससे संबंध बनाना चाहता था। लेकिन लड़की ने इससे इनकार कर दिया। लड़की ने उसे बताया कि उसके पीरियड्स चल रहे हैं। उसने जबरन उसने छात्रा से संबंध बनाए। छात्रा का गला दबाकर दोबारा ज्यादती की। इस दौरान अप्राकृतिक कृत्य भी किया। उसने लड़की के हाथ-पैर बांध दिए थे और रस्सी से गला घोंट दिया। इसके बाद वह बीयर पीने चला गया। लौटा तो उसे लगा कि लड़की के प्राण बाकी हैं तो उसने चाकू से 18 बार गोद डाला। इसके बाद भी वह लाश के साथ बार-बार संबंध बनाता रहा। छात्रा के मोबाइल से वीडियो बनाया। बाद में कमरे में लाश को बंद कर वह मुंबई भाग गया। साइको जैसी कर रहा हरकत पुलिस सत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पीयूष कभी हंसने लगता है तो कभी रोने लगता है। वह लगातार साइको जैसी हरकत कर रहा है। वह खुद को साइको साबित करना चाहता है।

लेखक सलीम खान की तबीयत बिगड़ी, सलमान खान सहित पूरा परिवार अस्पताल पहुँचा

मुंबई बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता और इंडस्ट्री के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की अचानक तबीयत बिगड़ी है। इसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिता की सेहत की जानकारी मिलते ही सलमान खान भी तुरंत ही अस्पताल पहुंचे हैं। हालांकि, सलीम की सेहत को लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। चिंतित दिखे सलमान पिता सलीम खान की तबियत बिगड़ने की खबर सुनते ही सलमान खान तुरंत लीलावती अस्पताल पहुंचे। हॉस्पिटल से सलमान खान का वीडियो सामने आया है। इसमें सलमान का चेहरा उतरा हुआ नजर आ रहा है और वो काफी चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। इसके बाद फैंस सलीम खान के स्वास्थ्य को लेकर और भी चिंतित हैं। सलमान खान के चारोंओर भारी सुरक्षा भी दिखाई दे। उन्होंने काले रंग की टी-शर्ट और पैंट पहनी हुई है। अलवीरा और आयुष समेत परिवार के कई सदस्य पहुंचे सलीम खान की तीबयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही अब परिजनों का अस्पताल पहुंचना जारी है। सलमान खान के बाद अब बहन अलवीरा और उनके पति अतुल अग्निहोत्री भी लीलावती अस्पताल पहुंचे हैं। इस दौरान दोनों ही उदास नजर आए। जबकि अलवीरा इस दौरान काफी जल्दी में दिखीं और कार से उतरकर भागते हुए अस्पताल पहुंचीं। बेटे अरबाज समेत परिवार के कई सदस्य भी अस्पताल पहुंचे।   सलीम खान की गिनती बॉलीवुड के दिग्गज लेखकों में होती है। जावेद अख्तर के साथ मिलकर सलीम-जावेद की जोड़ी ने कई कल्ट फिल्में दी हैं। इनमें ‘शोले’ से लेकर ‘दीवार’, ‘डॉन’, ‘जंजीर’, ‘त्रिशूल’ और ‘सीता और गीता’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। सलीम खान ने इससे पहले बतौर अभिनेता भी कुछ फिल्में की हैं। हेलन से की दूसरी शादी, अर्पिता खान को लिया गोद सलमान खान के अलावा सलीम खान के तीन और बच्चे भी हैं, इनमें अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने अर्पिता को गोद लिया है। सलीम खान ने सलमा खान से पहली शादी की थी। जबकि वेटरन एक्ट्रेस हेलन सलीम खान की दूसरी पत्नी हैं। उन्होंने साल 1981 में हेलन से शादी की थी। पहले उनकी दूसरी शादी से उनका परिवार नाराज था, हालांकि बाद में हालात सुधर गए। अब सभी एकसाथ रहते हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना से बिहार में बदल रहा रेलवे का चेहरा

कटिहार. भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का नया अध्याय लिख रही है। इस संबंध में सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि एनएफ रेल अंतर्गत बिहार, असम सहित पूरे पूर्वोत्तर में जहां बड़े पैमाने पर स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, वहीं बिहार के सीमावर्ती स्टेशन भी इस परिवर्तन यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत चयनित स्टेशनों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कर चरणबद्ध तरीके से यात्री सुविधाओं और आधारभूत संरचना का विकास किया जा रहा है। स्टेशन पहुंच मार्ग, सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट-एस्केलेटर, फ्री वाई-फाई, अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली और आकर्षक स्टेशन भवन इसके प्रमुख घटक हैं। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट कियोस्क के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर में 60 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य जारी है, जिनमें असम के 50 स्टेशन शामिल हैं। हैवर गांव रेलवे स्टेशन असम का पहला अमृत भारत स्टेशन बनकर आधुनिक सुविधाओं और असमिया विरासत के समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत कर चुका है। इसी कड़ी में बिहार के कटिहार और किशनगंज सहित अन्य रेलवे स्टेशन को भी अमृत भारत योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। सीमावर्ती और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ये दोनों स्टेशन पूर्वोत्तर और बिहार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके पुनर्विकास से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा। अमृत भारत स्टेशन योजना न केवल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रही है, बल्कि स्टेशनों को सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में भी स्थापित कर रही है। बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह पहल असम, पूर्वोत्तर और बिहार में विकास की नई रफ्तार का प्रतीक बनती जा रही है। जो अत्याधुनिक तकनीकों और सुख सुविधाओं से सज्जित होगा। जिससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसा सुखद अनुभव मिलेगी।

दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य

रायपुर. दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने  अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में अवरोध नहीं बनतीं। दृष्टि दिव्यांगता को चुनौती देते हुए  अभिनंदन नशीने ने आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐसी प्रेरक कहानी रची है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित रायपुर मठपुरैना  स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय  में वर्ष 2006 में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले  अभिनंदन ने वर्ष 2019 में बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप “रोशनी” के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी मधुर आवाज से अनेक मंचों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।संगीत के प्रति गहरी लगन ने उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से संगीत विषय में स्नातक शिक्षा पूर्ण कर अपनी प्रतिभा को शैक्षणिक आधार प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और आज उसी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। वर्तमान में  अभिनंदन दृष्टि दिव्यांग बच्चों को संगीत की विधिवत शिक्षा देकर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके मार्गदर्शन में कई बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।  अभिनंदन द्वारा संचालित “अभिनंदन म्यूजिकल परिवार” ऑर्केस्ट्रा समूह दिव्यांग कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। यह समूह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मोहला-मानपुर जिले में समाज कल्याण विभाग के कार्यक्रमों हेतु जागरूकता गीतों की रचना कर सामाजिक सरोकारों से भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।  अभिनंदन की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि यदि संकल्प अडिग हो तो चुनौतियां भी सफलता की सीढ़ियां बन जाती हैं। उनका संघर्ष और उपलब्धियां प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।राज्य सरकार की समावेशी नीतियों और सशक्तिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज ऐसे अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं।  अभिनंदन की उपलब्धियां इसी सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।

सादगी ने जीता दिल: Virat Kohli और Anushka Sharma ने Premanand Maharaj संग बिताया आध्यात्मिक समय

वृंदावन (मथुरा) भारतीय क्रिकेटर व‍िराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक मार्ग की ओर कदम बढ़ाते हुए संत प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए मंगलवार (17 फरवरी) को वृंदावन पहुंचे. जहां उन्होंने बेहद सादगी से जमीन पर बैठकर प्रवचन सुना और भक्ति भाव में लीन नजर आए. मथुरा के वृंदावन में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्ता और दर्शन करने पहुंचे. सुबह लगभग 5:30 बजे केली कुंज आश्रम वृंदावन पहुंचे जहां लगभग 1 घंटे तक रहे और प्रेमानंद महाराज जी से वार्ता की. इस दौरान स्टार कपल ने बेहद सादगी भरे अंदाज में प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना.  वहीं  दर्शन करने के बाद उनकी गाड़ी केलीकुंज आश्रम के बाहर जाम में फंस गई और प्रशंसक भी उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े. काली गाड़ी में बैठकर आए विराट कोहली अनुष्का शर्मा पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन करने आ चुके हैं. भारत ने वर्ल्ड कप में USA को हराकर बनाया 'महारिकॉर्ड', सूर्या ने कोहली को पछाड़ा रिपोर्टों के अनुसार- फरवरी 2026 के मध्य तक की विराट कोहली लंदन में समय बिताने के बाद भारत (मुंबई) लौटे थे. अब वे आगामी IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे, जो इस बार अपने खिताब ड‍िफेंड करने के लिए तैयार है. कोहली हाल ही में भारत और न्यूलीलैंड के बीच हुई सीरीज में खेलते दिखे थे. यहां उन्होंने 3 मैचों में 240 रन  80 के एवरेज और 105.26 के स्ट्राइक रेट से बनाए थे.      प‍िछले साल 2025 में विराट और अनुष्का ने तीन बार  वृंदावन का दौरा किया था. इससे पहले जनवरी में भी विराट, अनुष्का और उनके बच्चे बच्चे प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लेने वृंदावन पहुंचे थे. वहीं, मई महीने में विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक एक दिन बाद भी दोनों ने महाराज जी से मुलाकात की थी. इसके बाद वो द‍िसंबर में भी पहुंचे थे. इन मुलाकातों में मुख्य रूप से स्टार कपल ने आशीर्वाद ल‍िया. पहली मुलाकात में दोनों ने सफलता के मंत्र पूछे. तीनों मुलाकातों में विराट और अनुष्का काफी भावुक और भक्ति भाव में देखे गए.

हितग्राहियों को मिली बड़ी सौगात, 1 करोड़ 37 लाख से ज्यादा का लाभ

रायपुर विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि की गई वितरित श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा की अध्यक्षता में ऑडिटोरियम जांजगीर में आज श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियो को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि वितरित की गई।         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र हितग्राही योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रमिकों को योजनाओं से सीधे जोडने और संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक  चुन्नीलाल साहू,  नंदकुमार चौधरी,  विकास शर्मा,  पंकज अग्रवाल,  अनिल शर्मा,  हितेश यादव,  पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, मती इंद्रावती जांगड़े,  संजय शर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिक उपस्थित थे।

सुरक्षाबलों की बड़ी जीत: सुकमा में 22 नक्सलियों ने डाले हथियार, ‘लाल आतंक’ कमजोर

सुकमा नक्सल मुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा जिले में 22 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। इस घटना को नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बड़ी सफलता में जिला रिजर्व गार्ड, जिला पुलिस बल, क्षेत्रीय फील्ड टीम, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कोबरा बटालियन की सराहनीय भूमिका रही। सुरक्षाबलों द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे सघन तलाशी व घेराबंदी अभियानों के कारण नक्सली संगठनों पर लगातार दबाव बना हुआ था। पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने छोड़े हथियार प्रशासन के अनुसार, सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति, बेहतर जीवन की संभावनाओं और विकास कार्यों के विस्तार से प्रभावित होकर नक्सलियों ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में नक्सलवाद के प्रभाव वाले क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास का माहौल और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। यह कदम क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।