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सीवरेज सिस्टम का अब ठेकेदार ही करेंगे संचालन और रखरखाव

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सीवरेज सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडरों की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। अब इनके निर्माण के साथ-साथ लंबी अवधि तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों की होगी। नई व्यवस्था के तहत परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें 40 एमएलडी तक के एसटीपी, 40 एमएलडी से बड़े एसटीपी और बिना ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी शामिल हैं। हरियाणा सरकार ने नये नियमों में हर श्रेणी के लिए अलग लागत बंटवारा, डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) अवधि तथा सुरक्षा राशि व परफार्मेंस बैंक गारंटी (PBG) की स्पष्ट शर्तें तय कर दी हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम प्लांटों की दीर्घकालिक कार्यक्षमता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 40 एमएलडी तक की क्षमता वाले एसटीपी के लिए कुल परियोजना लागत का 80 प्रतिशत हिस्सा निर्माण (कैपिटल वर्क) और 20 प्रतिशत आपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए निर्धारित किया गया है। 80 प्रतिशत कैपिटल कास्ट में से 40 प्रतिशत पैसा सिविल वर्क और 40 प्रतिशत मैकेनिकल वर्क पर खर्च होगा। 20 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल व इंस्ट्रूमेंटेशन पर खर्च किया जाएगा। बिना आपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) श्रेणी वाले एसटीपी की श्रेणी में संबंधित एजेंसी या ठेकेदार को केवल सीवरेज नेटवर्क का निर्माण करना है। इसमें आपरेशन एंड मेंटेनेंस शामिल नहीं है। यानी तीन साल का डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड तय किया गया है। इसके तहत सिक्योरिटी राशि तीन चरणों में वापस दी जाएगी। पहले साल के बाद 30 प्रतिशत, दूसरे साल के बाद 30 और फिर तीसरे साल के बाद 40 प्रतिशत सिक्योरिटी राशि वापस मिलेगी। परफार्मेंस बैंक गारंटी (पीबीजी) का पांच प्रतिशत पैसा तीन साल पूरे होने के 45 दिन बाद जारी होगी। हरियाणा सरकार का तर्क है कि पहले कई परियोजनाओं में निर्माण तो हो जाता था, लेकिन रखरखाव में ढिलाई से प्लांट पूरी क्षमता से नहीं चल पाते थे। इससे सीवरेज ओवरफ्लो, प्रदूषण और सार्वजनिक शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। नई व्यवस्था में भुगतान का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक रोके जाने से ठेकेदार गुणवत्ता और संचालन पर ध्यान देने को मजबूर होंगे। हरियाणा सरकार ने 55 से अधिक विभागों के प्रशासनिक सचिवों को इस संदर्भ में पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि भविष्य के सभी संबंधित टेंडरों में इन संशोधित शर्तों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन

रायपुर शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ     छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा। शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ       ‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।        उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।       कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।       इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘       कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।    इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।     शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।

तिहाड़ जेल से बाहर आए राजपाल यादव, भावुक होकर कहा—बूढ़े, बच्चे और फिल्म इंडस्ट्री सभी ने साथ दिया

मुंबई एक्टर राजपाल यादव जेल से रिहा हो गए हैं। सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एक्टर को 17 फरवरी की शाम 5 बजे तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। वह 9 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल में बंद थे। राजपाल यादव ने जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बात की और कहा कि उनके साथ पूरे देश का सपोर्ट रहा और अगर उन पर कोई आरोप है, तो उसका जवाब देने के लिए वह हर जगह और चौराहे पर उपलब्ध रहेंगे। साथ ही कहा कि बाकी कानूनी बातें सिर्फ उनके वकील भास्कर उपाध्याय ही बता पाएंगे। राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के 4 फरवरी को आदेश के बाद 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। राजपाल यादव ने भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर 12 फरवरी को सुनवाई हुई थी, पर कोर्ट ने जमानत नहीं दी और सुनवाई 16 फरवरी तक के लिए टाल दी थी। सोमवार 16 फरवरी को राजपाल यादव द्वारा डेढ़ करोड़ रुपये विपक्षी पार्टी को दिए जाने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत दी गई। हालांकि, यह सिर्फ 18 मार्च तक मिली है। 18 तारीख को राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट में मौजूद रहना होगा। जेल से बाहर आने पर यह बोले राजपाल यादव तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने मीडिया से कहा, 'जो भी लीगल जानकारी लेनी हो, तो आप हमारे वकील साहब भास्कर उपाध्याय से पूछ सकते हैं। बाकी मैं जनरल बात ये कहना चाहूंगा कि मुझे 30 साल हो जाएंगे बॉलीवुड में। पूरे देश का, दुनिया का बच्चा-बच्चा मेरे साथ रहा तभी तो मैं 200-250 फिल्में कर पाया। ये किस्सा 2012-13 में शुरू हुआ था, 2026 में मैं 200-250 फिल्में किए हुए हूं। भारतीय सिनेमा का बच्चा-बूढ़ा और नौजवान मेरे कलेजे का टुकड़ा है। वो मेरे साथ था और साथ है। पिछले 10 साल में माननीय हाई कोर्ट ने जहां-जहां आदेश दिए मैं वहां-वहां हाजिर रहा। आगे भी जहां-जहां आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाजिर रहूंगा।' जो भी लीगल जानकारी लेनी हो, तो आप हमारे वकील साहब भास्कर उपाध्याय से पूछ सकते हैं। बाकी मैं जनरल बात ये कहना चाहूंगा कि मुझे 30 साल हो जाएंगे बॉलीवुड में। देश का बच्चा-बूढ़ा और नौजवान मेरे कलेजे का टुकड़ा है। वो मेरे साथ था और साथ है। पिछले 10 साल में माननीय हाई कोर्ट ने जहां-जहां आदेश दिए मैं वहां-वहां हाजिर रहा। आगे भी जहां-जहां आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाजिर रहूंगा। 'अगर मुझ पर आरोप हैं तो हर जगह जवाब को उपलब्ध हूं' राजपाल यादव ने आगे कहा, 'बाकी जो कानूनी दांव होते हैं, वो मैं आपको नहीं बता पाऊंगा। मेरे साथ सबका समर्थन था। जो लोग सोशल मीडिया पर नहीं हैं, वो भी मेरे सपोर्टर हैं। बचपन से लेकर 55 तक, 150 करोड़ लोग हैं, तो उनसे हमारा व्यवहार रहा होगा और बाकी सबके साथ हमारा एंटरटेनमेंट का रिश्ता है। और मुझे जिस तरीके से पूरे देश ने और मेरे पूरे बॉलीवुड ने प्यार दिया, तो मुझ पर अगर कोई आरोप है, तो मैं 100% हर जगह, हर चौराहे पर उपलब्ध हूं रिप्लाई के लिए। थैंक यू हाई कोर्ट मुझे सुनने के लिए।' मुझे जिस तरीके से पूरे देश ने और मेरे पूरे बॉलीवुड ने प्यार दिया, तो मुझ पर अगर कोई आरोप है, तो मैं 100% हर जगह, हर चौराहे पर उपलब्ध हूं रिप्लाई के लिए। थैंक यू हाई कोर्ट मुझे सुनने के लिए। राजपाल को अंतरिम जमानत पर यह बोले थे भाई श्रीपाल वहीं, राजपाल यादव को अंतरिम जमानत मिलने के बाद भाई श्रीपाल ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रिएक्ट किया। उन्होंने बताया कि परिवार में खुशी का माहौल तो है, लेकिन अभी उनके परिवार के अच्छे दिन आने बाकी हैं। उधर, राजपाल को अंतरिम जमानत मिलने के बाद उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में एक-एक पाई का हिसाब दिया था। उन्होंने बताया था कि एक्टर ने विपक्षी पार्टी को कितनी रकम वापस कर दी है और कितनी बाकी है। राजपाल यादव को इन शर्तों पर मिली अंतरिम जमानत राजपाल यादव को 1.5 करोड़ का DD जमा कराने के बाद अंतरिम जमानत मिली थी, पर साथ ही कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई थीं। जैसे कि उनका पासपोर्ट कोर्ट के पास जमा रहेगा। वह बिना इजाजत देश छोड़कर कहीं नहीं जा सकते। साथ ही उन्हें एक लाख रुपये का बेल बॉन्ड भी भरना होगा और जो 25 लाख रुपये का डीडी रजिस्ट्रार जनरल के नाम कोर्ट में लाए थे, वह भी कोर्ट में जमा करवाना होगा।

बिहार में मैट्रिक परीक्षा देने कड़ी सुरक्षा के बीच सेंटरों में पहुंचे छात्र

पटना. बिहार में आज मैट्रिक की परीक्षा हो रही है। इसके लिए छात्र अपने-अपने सेंटर्स में पहुंच रहे हैं। जहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां छात्राओं का फूल और चंदन से स्वागत किया गया। परीक्षा समिति ने कहा कि विद्यार्थियों को जूता-मोजा पहनकर आना वर्जित है। विद्यार्थी चप्पल पहनकर परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्र पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। बोर्ड ने ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका जमा कराने का भी समय निर्धारित किया है, ताकि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। बिहार बोर्ड ने सभी जिलों के डीएम, एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा संचालन में सख्ती से निर्देशों का पालन कराने को कहा है।

लेप्रोस्कॉपिक सर्जन की पदस्थापना से बलौदाबाजार जिला अस्पताल की बढ़ी क्षमता

रायपुर. जिला अस्पताल बलौदा बाज़ार में नए जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ क़ादिर बेग की पदस्थापना से अस्पताल की क्षमताओं में इज़ाफ़ा हुआ है। अस्पताल में अब हर्निया, हाइड्रोसिल,बवासीर,फिमोसिस,सेलुलाइटिसब्रेस्ट एबिस,फाइब्रोडेमा,लिम्फोमा,सिबेशियस सिस्ट जैसी गंभीर बीमारियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है । जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के अनुसार उक्त ऑपरेशन निःशुल्क किये जा रहे हैं साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड का भी उपयोग किया जाता है । भर्ती मरीज को भोजन नाश्ता भी दिया जाता है। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि,उक्त ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थित अनुसार कुछ दिन भर्ती किया जाता है बाद में छुट्टी हो जाती है। सर्जन की पदस्थापना से अब तक 16 ऐसे ऑपरेशन किये जा चुके हैं।  सेलुलाइटिस का उपचार करा चुके भाटापारा निवासी 45 वर्षीय अनिता के परिजनों ने बताया कि,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रिफर किया गया था।उसके बाद वहां ऑपरेशन किया गया।इसमें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। एक हफ्ते भर्ती रहे उसके बाद छुट्टी हो गई। अभी स्थिति ठीक हैं ।

दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले पहुंचकर योजनाओं का किया निरीक्षण, पशुपालकों से की चर्चा

रायपुर. प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की भारत सरकार द्वारा नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान वे पशुधन विकास विभाग के केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की छत्तीसगढ़ प्रगति की जानकारी ली केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दल दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया और पशुपालकों से चर्चा की। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दल ने छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना की।   प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की  केंद्रीय दल प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके पश्चात दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही एवं डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी पशु सखियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की     उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों तथा दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से संवाद किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में उपलब्ध दवाइयों व उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रवास के दौरान बालोद जिले में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले में भी दल ने सहभागिता की। प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना की    राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत टीम ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग का भ्रमण किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मैत्री एवं एवीएफओ रिफ्रेशर ट्रेनिंग संस्थान तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। जिला बालोद के विकासखंड गुण्डरदेही एवं डौंडी में बिहान अंतर्गत कार्यरत 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।       नेशनल लाइवस्टॉक मिशन अंतर्गत ग्राम भरदा (दुर्ग) में  देवनाथ देशमुख, नवागांव (बेमेतरा) में मती मनीषा राजपूत तथा बालोद जिले के ग्राम गब्दी एवं बरही में संचालित बकरी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा एवं सुरहोली स्थित स्काईलार्क हैचरी तथा बालोद जिले की एबीस हैचरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया।     नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट अंतर्गत टीम ने उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट का भ्रमण कर दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी एवं मक्खन निर्माण इकाई का अवलोकन कर जानकारी ली। बालोद जिले के अर्जुंदा तथा बेमेतरा जिले के सरदा एवं मौली भाठा स्थित दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से चर्चा की गई।    इसी तरह लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत बेमेतरा जिले में कोल्ड केबिनेट एवं शीत श्रृंखला उपकरणों का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट में उपलब्ध दवाईयों, टीकाकरण सामग्री एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। ग्राम बोहारडीह (बेमेतरा) के उन्नत पशुपालक  मानसिंह वर्मा के डेयरी फार्म का भी अवलोकन किया गया। दौरे के दौरान जिला बालोद के ग्राम भेंगारी में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेला में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की टीम शामिल हुई। टीम ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ एवं पशुपालन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इस्तीफा नामंजूर करना कानून के खिलाफ, बंधुआ मजदूरी की तरह माना

तिरुवनंतपुरम केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा इस्तीफा देने की स्थिति में कंपनी को उसे स्वीकार करना ही होगा। हाईकोर्ट ने इस दौरान कहा है कि अगर कोई एंप्लॉयर कर्मचारी का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार करता है तो यह ‘बंधुआ मजदूरी’ के समान माना जाएगा। बार एंड बेंच की की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में अहम टिप्पणी करते हुए जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि जब कोई कर्मचारी सेवा शर्तों के अनुसार इस्तीफा देता है तो नियोक्ता का कर्तव्य है कि वह उसे स्वीकार करे, बशर्ते अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन ना हुआ हो। अदालत ने साफ किया कि इस्तीफा सिर्फ कुछ खास हालात में ही रोका जा सकता है, जैसे नोटिस पीरियड पूरा ना होना, गुस्से में दिया गया इस्तीफा जिसे वापस लिया जा सकता हो, गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो या संस्था को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी। कंपनी द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देकर कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा ना मानना कानूनी रूप से सही नहीं है। क्या था मामला? दरअसल यह मामला ट्राको केबल कंपनी लिमिटेड नाम की एक संस्था से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ग्रीवस जॉब पनक्कल कंपनी में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2022 से उनका वेतन नियमित नहीं मिल रहा था, जिससे वे अपना और अपनी बीमार मां का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने मार्च 2024 में इस्तीफा देकर सेवा से मुक्त करने का अनुरोध किया। हालांकि कंपनी बोर्ड ने यह कहकर इस्तीफा खारिज कर दिया कि उनकी भूमिका जरूरी है और कंपनी आर्थिक संकट में है। प्रबंधन ने उन्हें ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। अंत में पनक्कल ने इन नोटिस को रद्द करने और इस्तीफा स्वीकार करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पाया कि कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति कंपनी अधिनियम 2013 के तहत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दर्ज होती है। जब तक कंपनी जरूरी फॉर्म दाखिल नहीं करती, तब तक कर्मचारी दूसरी जगह नौकरी नहीं कर सकता। इससे याचिकाकर्ता के रोजगार के अवसर बाधित हो रहे थे। अनुच्छेद 23 का उल्लंघन कोर्ट ने इस्तीफा अस्वीकार करने और अनुशासनात्मक नोटिस को रद्द कर दिया। साथ ही कंपनी को दो महीने के भीतर इस्तीफा स्वीकार कर सेवा से मुक्त करने और वेतन बकाया, अवकाश समर्पण लाभ तथा अन्य देय राशि का भुगतान जल्द करने का निर्देश दिया। जस्टिस नागरेश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “वित्तीय समस्या या आपात स्थिति के नाम पर किसी कंपनी सेक्रेटरी को उसकी इच्छा और सहमति के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।” अदालत ने यह भी कहा कि कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना उसके इस्तीफा देने के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा स्वीकार ना करना संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत प्रतिबंधित बंधुआ मजदूरी जैसा है।

हितग्राहियों को मिली बड़ी सौगात: उज्ज्वला कनेक्शन और ई-रिक्शा से बढ़े रोजगार के अवसर

रायपुर. मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री  साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

‘युवराज’ नाम पड़ा था प्रेरणा से, अब खुद बन गया स्टार: टी20 वर्ल्ड कप में चमके युवराज सामरा

नई दिल्ली युवराज सामरा चर्चा में हैं। कनाडा का ये क्रिकेटर मंगलवार को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया। टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। कनाडा मैच नहीं जीत पाया लेकिन युवराज ने लाखों क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया। उनके पिता ने भारत के दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के नाम पर उनका नाम रखा था। उस समय उन्हें क्या पता कि एक दिन उनका बेटा भी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच में से एक टी20 विश्व कप में नाम करेगा। बल्ले का ऐसा जौहर दिखाएगा कि गेंदबाजों की शामत आ जाएगी। टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 173 रन का स्कोर खड़ा किया। ओपनर युवराज सामरा ने सिर्फ 65 गेंदों में 110 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 6 छक्के जड़े। इसके साथ ही युवराज ने टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ये शतक 19 वर्ष और 141 दिन की उम्र में पूरा किया। युवराज सामरा ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ पहले विकेट के लिए 116 रन की शानदार साझेदारी निभाई। बाजवा ने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। युवराज सामरा के शतक पर भारी पड़ी ग्लेन फिलिप्स की पारी जवाब में न्यूजीलैंड ने प्लेयर ऑफ द मैच ग्लेन फिलिप्स की 36 गेंदों में खेली गई 76 रनों की नाबाद तूफानी पारी की बदौलत 29 गेंद बाकी रहते ही 8 विकेट से मैच जीत लिया। युवराज सिंह के नाम पर पिता ने रखा नाम युवराज सामरा का पूरा नाम युवराज सिंह सामरा है। उनके पिता बलजीत सिंह भारत से जाकर कनाडा में बस गए थे। युवराज का वही पर जन्म हुआ और उनके पिता ने उनका नाम दिग्गज ऑलराउंडर और भारत की विश्व विजयी टीम के हीरो युवराज सिंह के नाम पर रखा था। सिर्फ 15 गेंद में फिफ्टी भी जड़ चुके हैं युवराज सामरा युवराज सामरा ने पिछले साल जून में बहामास के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत के युवराज सिंह के नाम है। उन्होंने सिर्फ 12 गेंद में अर्धशतक जड़ा था। युवराज सामरा ने भी अपनी उस पारी से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले कनाडाई बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उस मैच में कनाडा को जीत के लिए सिर्फ 53 रन चाहिए थे और सामरा ने फिफ्टी जड़ दी थी। युवराज सामरा के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 8 ओडीआई खेले हैं। इसमें उनके नाम 24.57 की औसत से 172 रन है। ओडीआई में उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन है। युवराज सामरा ने अब तक 19 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 37.93 की शानदार औसत से 569 रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 3 अर्धशतक और 1 शतक दर्ज हैं। सामरा युवराज सिंह की तरह गेंदबाजी भी करते हैं। वह राइट ऑर्म मीडियम फास्ट बोलर हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 विकेट भी दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।  अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।