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8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

चंडीगढ़  शादियों में पैसा उड़ाना बेहद आम बात है. लेकिन आप सोचिए अगर किसी ने अपनी शादी में 8 करोड़ रुपये से कैश उड़ा दिया हो तो… जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों पंजाबी शादी का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें कपल के ऊपर नोटों की बारिश की जा रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि दुल्हे ने दुल्हन पर करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश उड़ा दिए हैं. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है आइए जानते हैं… हकीकत है कुछ और… इसी बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिससे यह आयोजन कई लोगों के अनुसार कैश पार्टी में बदल गया. हालांकि, दूल्हे के भाई सिकंदर सिंह ने साफ किया है कि शादी के दौरान पैसों की बारिश तो हुई, लेकिन ऑनलाइन हो रहे दावों का आसपास नहीं. उन्होंने बताया कि मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया में ट्रक का कारोबार करता है. शादी 14 फरवरी को हुई थी. हमने जमकर पैसे लुटाए लेकिन खर्च लगभग 2 लाख रुपये ही हुए थे. सोशल मीडिया ने इसे करोड़ों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जो गलत है. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले इवेंट मैनेजर और डीजे ने भी वायरल हो रहे 8 करोड़ रुपये के दावे को खारिज कर दिया. उनके अनुसार, कुल कैश लगभग 4 लाख रुपये थी, जिसमें कुछ डॉलर के नोट भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे सामने आया और इतना वायरल हो गया.  वीडियो में क्या दिख रहा? वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि पंजाबी शादी में दुल्हे ने दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहे हैं. ऐसे में दावा यह किया जा रहा है कि इस शादी में कम से कम 8 करोड़ रुपये से अधिक कैश उड़ाए गए हैं, जो बिल्कुल गलत है. दुल्हे के भाई ने साफ कर दिया है कि यह 8 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 2 लाख रुपये हैं. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हो गए हैं. कपल के ऊपर नोटों की ऐसी बारिश की गई जिसे देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएगी.

भूपेन बोरा ने कांग्रेस को ठुकराया, भाजपा में शामिल होने का लिया फैसला, CM हिमंत ने स्वागत किया

गुवाहाटी  असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे को लेकर नया ट्विस्ट नजर आ रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने  दावा किया कि 22 फरवरी को भाजपा ज्वॉइन करेंगे। उन्होंने यह भी कहाकि उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी भाजपा में आएंगे। बता दें कि सोमवार को भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में शीर्ष नेतृत्व के मनाने पर उन्होंने अपने फैसले पर फिर से विचार करने की बात कहते हुए इस्तीफा वापस ले लिया था। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाया था। लेकिन मंगलवार को उनके भाजपा जॉइन करने की बातें होने लगीं। हिमंत बोले उनके लिए घरवापसी हिमंत ने अपने बयान में कहाकि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पहले ही उनकी जॉइनिंग अप्रूव कर दी है। भाजपा में उनका स्वागत है। उन्होंने कहाकि भूपेन बोरा को वह सभी सम्मान दिया जाएगा, जिसके वह हकदार हैं। भाजपा से जुड़ना उनके लिए घरवापसी जैसा होगा, क्योंकि यह उनके जैसे लोगों की ही पार्टी है, जो अपने पिता की विरासत वाली सियासत नहीं करते हैं। इससे पहले सरमा, गुवाहाटी के घोरमारा इलाके में बोरा के आवास पर गए, जहां उनकी पत्नी और बेटे ने मुख्यमंत्री की आरती की और स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बोरा के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हैं और वादा किया था कि वह उन्हें विधानसभा चुनाव में सुरक्षित सीट से जीतने में मदद करेंगे। दिन में क्या बोले थे भूपेन बोरा वहीं, आज दिन में कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि वह केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूछे जाने पर मंगलवार रात तक इस बारे में अपना अंतिम निर्णय घोषित करेंगे कि वह इस्तीफा वापस लेंगे या नहीं। बोरा ने आज सुबह पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले वह अपने शुभचिंतकों, करीबी सहयोगियों और लखीमपुर जिले के लोगों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करना चाहेंगे, जहां से वह ताल्लुक रखते हैं। बोरा ने बिना नाम लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि वह असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) में रहने को तैयार हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं, जो स्पष्ट रूप से पार्टी के धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन की ओर इशारा था। उन्होंने कहाकि मैंने अपने त्यागपत्र में भी इस बात को स्पष्ट कर दिया है। आरोप भी लगाया था बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके नाम का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया गया। हुसैन के धुबरी लोकसभा सीट से चुने जाने के बाद समागुरी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था। पार्टी का टिकट उनके बेटे तंजील हुसैन को दिया गया था, जो भाजपा के दीप्लू रंजन शर्मा से चुनाव हार गए थे। बोरा ने दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में, कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का विरोध किया था और मैंने इस संबंध में पार्टी आलाकमान को कई बार पत्र लिखा था। चुनावों के बाद, गठबंधन खत्म हो गया और पिछले लोकसभा चुनाव में हुसैन को इसका सबसे बड़ा फायदा हुआ, उन्होंने एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल को रिकॉर्ड अंतर से हराकर सीट जीती।

SC ने ग्राम सभाओं के अधिकारों पर लगाई मुहर, आदिवासी समुदाय के मतांतरण पर अब लगेगा पेसा का अंकुश

 रायपुर  छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में मतांतरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने ग्राम सभाओं के अधिकारों को मजबूती दी है। 16 फरवरी 2026 को दिए गए निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ‘पेसा’ कानून के तहत ग्राम सभाओं को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा का पूर्ण अधिकार है। इस फैसले के बाद बस्तर से सरगुजा तक जनजातीय समाज को अपनी परंपराओं की सुरक्षा के लिए कानूनी आधार मिल गया है। मामला कांकेर जिले की उन ग्राम पंचायतों से जुड़ा था, जिन्होंने बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। ग्रामीणों ने गांवों में सूचना पट्ट लगाकर इस संबंध में स्पष्ट संदेश भी दिया था। हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट की मुहर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पहले ही ग्राम पंचायतों के इस निर्णय को वैध माना था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे बरकरार रखते हुए कहा है कि अपनी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए ग्राम सभाओं द्वारा उठाए गए एहतियाती कदम पूरी तरह वैधानिक हैं। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि ग्राम सभाएं केवल औपचारिक संस्था नहीं, बल्कि वास्तविक स्वशासन की इकाई हैं। फैसले पर सियासी प्रतिक्रिया निर्णय के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने धर्म प्रचारकों से सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने की बात कही। वहीं आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के चेयरमैन विकास मरकाम ने इसे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान की बड़ी जीत बताया। गांव-गांव जनजागरण अभियान सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा और अन्य संगठनों ने गांवों में जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व मंत्री और जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि अब जब सर्वोच्च न्यायालय ने ग्राम सभाओं के अधिकारों को मान्यता दे दी है, तो समाज को जागरूक कर परंपराओं की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।

गणित परीक्षा में गड़बड़ी! CBSE बोर्ड की कमी से तीन शिफ्ट में परीक्षा लेने की नौबत आई

विश्रामपुर मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिससे परीक्षा तीन चरणों में करानी पड़ी। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के 132 और साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर के 51 परीक्षार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय था। पैकेट खोलते ही सामने आई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, बैंक से प्राप्त सीलबंद बंडल खोलने पर पाया गया कि गणित (बेसिक) कोर्स के पैकेट में अधिकांश प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के थे। स्थिति गंभीर होने पर केंद्र प्रभारी विधु शर्मा ने बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया। निर्देश मिलने के बाद अन्य परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने से परीक्षार्थियों को कक्ष में इंतजार करना पड़ा। तीन अलग-अलग चरणों में परीक्षा अंततः प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण सुबह 10:30 बजे, दूसरा 11:15 बजे और तीसरा 12:35 बजे शुरू हुआ। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

फर्जी मौत के सहारे भिलाई में 1.19 करोड़ रुपये की बीमा राशि हड़पने का खुलासा

भिलाई  दुर्ग पुलिस ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़े एक करोड़, 19 लाख रुपये की बीमा राशि की धोखाधड़ी का राजफाश किया है। मामले में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर राशि निकासी की गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपित राजेश कनोजिया (44) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपित बोरसी दुर्ग का रहने वाला है। वह क्षेत्र में ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है और एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक संबंधी जानकारी लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त पुलिस ने आरोपित से 10 हजार रुपये नकद और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। वहीं अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई कि एनपीएस खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करीब 1.19 करोड़ रुपये की अनुचित निकासी की गई है। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार दावे प्रस्तुत किए जांच में सामने आया कि आरोपीतों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार और अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा दावे प्रस्तुत किए। जांच के दौरान यह भी पता चला कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम से मृत्यु दावा दाखिल किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।  

क्रिकेट जगत में चिंता: पाकिस्तान विवाद के कारण भारत की मेजबानी पर उठे सवाल

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का सबसे बड़ा नुकसान इंडियन क्रिकेट फैंस को होने वाला है. खबर है कि भविष्य में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट भारत से बाहर ट्रांसफर हो सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया के अखबार ‘द एज’ में छपी रिपोर्ट की माने तो आईसीसी 2029 चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 वनडे विश्व कप को भारत से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है ताकि भारत और पाकिस्तान के एक-दूसरे के देशों में खेलने से इनकार करने के कारण पैदा होने वाली लॉजिस्टिक परेशानियों से बचा जा सके. भारत के टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में होंगे! खबर के मुताबिक अगर भारत से 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 का वनडे वर्ल्ड कप शिफ्ट होता है तो इसकी मेजबानी के लिए ऑस्ट्रेलिया का नाम सबसे ऊपर होगा, जहां 2015 में वनडे विश्व कप और 2022 में टी-20 विश्व कप हो चुका है. भारत-पाकिस्तान के बीच समझौता भारत और पाकिस्तान ने पहले आईसीसी के साथ एक समझौता किया था, जिसमें वैश्विक टूर्नामेंटों के दौरान एक-दूसरे के देशों में न खेलने पर सहमति बनी थी. यह फैसला भारत द्वारा 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार करने के बाद लिया गया था. मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह संभावना है कि 2027 तक किए गए इस समझौते को भविष्य के टूर्नामेंटों तक भी बढ़ाया जा सकता है. कोलंबो में हो रहे भारत-पाक मैच भारत-श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में जारी मौजूदा टी-20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो में ही खेल रही है, पाकिस्तान से मैच खेलने के लिए भारतीय टीम ने श्रीलंका का दौरा किया था, इस मैच में पाकिस्तान की शर्मनाक हार हुई थी. अब अगर टूर्नामेंट में सेमीफाइनल या फाइनल में दोनों टीम टकराती है तब भी वो मुकाबले कोलंबो में ही खेले जाएंगे.

असम राजनीति में नया ट्विस्ट: हिमंत सरमा-भूपेन बोरा गठजोड़, कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं

गुवाहाटी  असम विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. यह खबर आते ही कांग्रेस में भूचाल मच गया. पार्टी आलाकमान के एक्टिव होने और मान-मनौव्वल के बाद भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने जरूर कहा कि उन्हें मना लिया गया है और मामले को सुलझा लेंगे, लेकिन लगता है कि बात नहीं बन सकी है. यही वजह है कि अब भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने जा रहे है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को भपेन बोरा के घर जाकर मुलाकात किया. इसके बाद हिमंत ने मीडिया से कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे.उन्होंने कहा कि बोरा को बीजेपी में लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरी झंडी दे दी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया इस मामले में भूपेन बोरा से बात करेंगे. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा.  असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने की बात मीडिया से कह रहे थे, तो उनके बगल में भूपेन बोरा बैठे हुए थे. कांग्रेस को झटका ऐसे समय लगा है, जब प्रियंका गांधी असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि हेमंत सरमा और भूपेंद्र बोरा की यारी, असम में कितना पड़ेगी कांग्रेस पर भारी?  प्रियंका के दौरे से पहले कांग्रेस को लगा झटका कांग्रेस दस साल से असम की सत्ता से बाहर है और बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने के रोकने के लिए हरसंभव कोशिश में कर ही थी. कांग्रेस अपनी वापसी के लिए असम चुनाव की कमान प्रियंका गांधी के हाथों में सौंप रही है. प्रियंका असम चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष हैं. प्रियंका असम के दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचेंगी.  प्रियंका गांधी अपने दो दिवसीय दौरा पर संगठन को सियासी धार देने की है. दोनों दिन प्रदेश नेताओं, जिला अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठकों करेंगी. मकसद साफ है, पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद सुलझाना,आपसी तालमेल बेहतर करना और उम्मीदवारों के चयन से पहले एकजुट ढांचा तैयार करना. इन कवायद के बीच भूपेन बोरा का कांग्रेस से इस्तीफा और अब बीजेपी के दामन थामने से प्रियंका गांधी के जरिए माहौल बनाने की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.  भूपेन बोरा और हिमंता सरमा से सियासी यारी भूपेन बोरा से कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद दूसरे दिन ही असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को उनके घर जाकर मुलाकात की. इसके बाद बोरा के साथ मीडिया के सामने आए उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे. हिमंत सरमा ने कहा कि दिलीप सैकिया भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे. उनके साथ गुवाहाटी और उत्तर लखीमपुर में कई कांग्रेस नेता भी बीजेपी में शामिल होंगे. वे कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं. मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा को पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे. कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रह गई है. उन्होंने कहा कि एक सच्चा कांग्रेसी नेता इस बात से दुखी होगा कि उसकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है.  हिमंत सरमा ने कहा कि मैंने भी यही पीड़ा झेली थी.जब मैं बीजेपी में शामिल होने गया, तब मुझे भी ऐसे फोन आए थे.ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं. उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा. भूपेन बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो फिर उनकी और हिमंत की सियासी जोड़ी का मुकाबला कांग्रेस को असम में करना होगा?  भूपेन बोरा कौन है और क्या है सियासी आधार भूपेन बोरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं. 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठनात्मक राजनीति में मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं. भूपेन बोरा ऐसे नेता हैं, जिन्होनें जमीनी कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाला नेता माना जाता है. भूपेन बोरा का जन्म असम में हुआ और उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े और धीरे-धीरे पार्टी संगठन में अहम भूमिकाएं निभाते गए. वे चार बार विधायक रहे और आक्रामक राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं. एक संगठनकर्ता के रूप में बोरा की पहचान अनुशासित कार्यशैली, कैडर-बेस्ड राजनीति और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति के लिए होती है.  कांग्रेस को दोबारा से खड़े करने में रोल अदा किया 5 साल पहले 2021 में जब असम में लगातार दूसरी बार कांग्रेस को बीजेपी से करारी हार का सामना करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के फौरन बाद जुलाई में दो बार के विधायक रह चुके भूपेन बोरा को असम प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. करीब चार साल साल तक बोरा ने पूरी मेहनत की. उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर पूरे असम में पदयात्रा भी की और हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर नज़र आए.प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने, बूथ-स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और युवाओं व अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने पर खास जोर दिया. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राहुल गांधी ने मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली थी. यात्रा जब गुवाहाटी पहुंची तो प्रशासन ने राहुल गांधी को शहर के अंदर से गुजरने से रोक दिया और बाहर से निकालने को कहा.इससे नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड पर आक्रामक प्रदर्शन किया जिसकी अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा कर रहे थे. उस समय भूपेन बोरा महज प्रदर्शन की औपचारिकता नहीं कर रहे थे बल्कि वाक़ई में आरपार में मूड में थे.  भूपेन बोरा ks बीजेपी में जाने से क्या होगा नुकसान असम विधानसभा चुनाव … Read more

आध्यात्मिक मुलाकात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी कैलाशानंद गिरी से की विचार-विमर्श

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्ण भूमि स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुँचकर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद और विधायक भी इस आध्यात्मिक समागम का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री साय शाम साढ़े सात बजे से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक स्वामी जी के सानिध्य में रहे और विभिन्न विषयों पर चर्चा की. स्वामी जी का 50वां जन्मदिन और स्वर्ण जयंती वैवाहिक वर्षगांठ यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि कल महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी का 50वां जन्म दिवस था. साथ ही, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और श्रीमती अंगूरी देवी अग्रवाल की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ भी थी. मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित अतिथियों ने स्वामी जी को जन्मदिन की बधाई दी और अग्रवाल दंपत्ति को उनकी वैवाहिक स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं. “माता कौशल्या की पवित्र धरा पर आना सौभाग्य” : स्वामी कैलाशानंद भक्ति और अध्यात्म के रस में डूबी स्वर्ण भूमि में अपने अनमोल वचनों में स्वामी जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों का यह परम सौभाग्य है कि उनका जन्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा पर हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि नितिन अग्रवाल के आग्रह पर इस पवित्र भूमि पर आने और प्रभु श्री राम के दर्शन करने का अवसर मिलना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है. दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी स्वामी जी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने वालों में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

भयंकर लूट का वीडियो वायरल: बिलासपुर में कारोबारी से हथियार के साथ 3.35 करोड़ की चोरी, 2KG सोना और कैश लिया

बिलासपुर  बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में  रात एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। बदमाशों ने सराफा कारोबारी संतोष तिवारी पर हमला कर उनकी कार समेत करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपए का सोना और नकद लूट लिया। घटना कैसे हुई राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। वे रोज की तरह दुकान बंद कर सोने के जेवर कार में रखकर घर जा रहे थे। रात करीब 8.30 बजे जब वे बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचे, तभी एक सफेद कार ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मार दी। कार से उतरते ही बदमाशों ने उनसे झगड़ा शुरू किया और अचानक पिस्टल निकाल ली। इसी दौरान बाइक से उनके अन्य साथी भी वहां पहुंच गए। बदमाशों ने पिस्टल के बट और हथौड़े से संतोष तिवारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बदमाश उनकी कार लेकर फरार हो गए। कितना माल लूटा गया लुटेरे कारोबारी की कार में रखे: 2 किलो 200 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार रुपए नकद इस तरह लूट का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 35 लाख रुपए बताया जा रहा है। CCTV में कैद हुई वारदात घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें बदमाश कारोबारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी बाइक से उतरकर फायर करते हुए भी दिख रहा है। हालांकि पुलिस ने फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौके से एक मैगजीन और बुलेट बरामद हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, शहर के अरपापार स्थित पॉश कॉलोनी राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की राजकिशोर नगर वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। सराफा कारोबारी संतोष बिक्री के लिए दुकान में रखे सोने के जेवरों को रोज कार से लाना-ले जाना करते हैं। मंगलवार रात करीब 8.30 बजे वो दुकान बंद कर अपनी कार में गहनों को रखकर घर जा रहे थे। अभी वो राजकिशोर नगर कॉलोनी के बीएसएनल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचे। उसी समय सामने एक सफेद रंग की कार (सीजी 10 बीजे 8147) खड़ी थी। उनकी कार आते देखकर सामने कार में सवार ड्राइवर ने टक्कर मार दी, जिससे सराफा कारोबारी की कार पर डैश लगा। जिसके बाद वो कार से बाहर निकले। प्लानिंग के तहत विवाद और हमला इस दौरान कार सवार बदमाशों ने प्लानिंग के तहत सराफा कारोबारी से विवाद शुरू किया, जिसके बाद पिस्टल निकालकर मारपीट करने लगे। इस बीच लुटेरों के बाइक सवार साथी भी वहां पहुंच गए। लुटेरों ने पिस्टल तान दिया। झूमाझटकी के दौरान पिस्टल से मैग्जीन नीचे गिर गया, जिसके बाद लुटेरों ने पिस्टल के बट और हथौड़े से कारोबारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में संतोष तिवारी खून से लथपथ होकर बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें छोड़कर लुटेरे उनकी कार लेकर फरार हो गए। घर से रिश्तेदार को बुलाया, खून से लथपथ थाना पहुंचे खून से लथपथ घायल सराफा कारोबारी संतोष दौड़ते हुए अपने घर गए, जहां अपने साले के साथ सरकंडा थाना पहुंचे और लूट की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। वहीं, लूट की खबर मिलते ही टीआई प्रदीप आर्य सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। सीएसपी निमितेश सिंह, एडिशनल एसपी पंकज पटेल भी घटनास्थल पहुंचे। IG भी पहुंच गए घटनास्थल, पुलिस अफसरों को दिए दिशा निर्देश शहर में हुई लूट की बड़ी वारदात की खबर मिलते ही IG रामगोपाल गर्ग भी घटनास्थल पहुंचे। उनकी मौजूदगी में मौके को सील कर बारीकी से जांच की गई। जांच के लिए सर्च डॉग, फोरेंसिक टीम और फिंगर एक्सपर्ट को भी बुलाया गया। आईजी ने शहर के साथ ही जिले और पड़ोसी जिलों में भी नाकेबंदी कराने के निर्देश दिए। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि लूट की वारदात के बाद पूरा शहर हाई अलर्ट पर है। पुलिस सभी एक्जिट पाइंट पर नाकेबंदी कर कार की तालाश कर रही है। देर रात तक सभी संभावित ठिकानों में भी पुलिस दबिश दे रही। पुलिस को चकमा देने चोरी की कार और बाइक का इस्तेमाल वारदात के बाद लुटेरे अपनी बाइक और कार मौके पर छोड़ गए हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि कार और बाइक के जरिए बदमाशों की पहचान आसानी से की जा सकती है। लेकिन, जब पुलिस ने कार और बाइक की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि लुटेरों ने चोरी की वाहनों को वारदात में इस्तेमाल किया है। आउटर में मिली सराफा कारोबारी की कार इस वारदात के बाद से पुलिस टीम लगातार लुटेरों की तलाश में जुट गई है। शहर के आउटर इलाकों की तलाशी ली गई। खुद आईजी गर्ग सीपत क्षेत्र में घूमते रहे। इस दौरान शहर के आउटर में उरतुम के पास सराफा कारोबारी की कार बरामद हुई है। इससे अब आशंका है कि लुटेरों की संख्या करीब आधा दर्जन रही होगी। उनके गिरोह का सदस्य दूसरी गाड़ी से आउटर में उनका इंतजार कर रहा था। प्लानिंग के तहत लुटेरों ने आउटर में कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए। घायल कारोबारी की हालत संतोष तिवारी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सिर पर गंभीर चोट आई है जिसके चलते उन्हे करीब 50 टांके लगे हैं फिल्हाल उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें ICU में रखा गया है पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। IG रामगोपाल गर्ग, CSP और ASP ने जांच का नेतृत्व किया। वही फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगर एक्सपर्ट को बुलाया गया। जिसके बाद पूरे शहर और आसपास के जिलों में नाकेबंदी कर दी गई है। कारोबारी की कार बरामद पुलिस को शहर के आउटर इलाके उरतुम (सीपत क्षेत्र) में कारोबारी की कार मिली है। इससे आशंका है कि बदमाशों ने वहां कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार होने की योजना बनाई थी। चोरी की गाड़ियों से वारदात जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने वारदात में जिन कार और बाइक का इस्तेमाल किया, वे चोरी की थीं। वही पुलिस को शक है कि बदमाशों ने पहले से कारोबारी की रैकी (निगरानी) की थी। उन्हें यह जानकारी थी कि कारोबारी किस समय दुकान बंद करता है, … Read more

पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना के साथ मुख्यमंत्री ने शुरू की सतनाम सद्भाव पदयात्रा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया. उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी. साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है. पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी. कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है. उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी. कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे. गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा. पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है. इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए.