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कड़े इंतजामों के बीच यूपी बोर्ड एग्जाम की शुरुआत, शिक्षा मंत्री ने किया पारंपरिक स्वागत

 लखनऊ यूपी बोर्ड परीक्षा बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरंभ हुई। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित परीक्षा उत्सव में छात्राओं को चंदन टीका लगाकर स्वागत किया। यूपी बोर्ड परीक्षा बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरंभ हुई। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित परीक्षा उत्सव में छात्राओं को चंदन टीका लगाकर स्वागत किया। उन्होंने परीक्षार्थियों को मिठाई खिलाई और गुलाब के फूल देकर परीक्षा अच्छे अंक लाने की शुभकामनायें दी और कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। शिक्षा मंत्री परीक्षार्थियों से बोली निडर और तनाव मुक्त होकर परीक्षा दें। उन्होंने कहा पूरी तैयारियों की साथ परीक्षा शुरू हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बोर्ड परीक्षा नकल मुक्त हुई है। बाहर के विद्यार्थी यहां आकर परीक्षा देते थे। अब नकल पर अंकुश लगा है। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी, जीडी डॉ.प्रदीप कुमार और डीआईओएस राकेश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। परीक्षार्थियों में दिखा उत्सव बोर्ड परीक्षा केंद पर पहुंचे परीक्षार्थियों ने गजब का उत्साह दिखा। परीक्षार्थियों ने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है। परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने सघन तलाशी के बाद बोर्ड परीक्षार्थियों को केंद्र के भीतर प्रवेश दिया भीतर पहुंचे परीक्षार्थियों को शिक्षक और शिक्षिकाओं ने कक्षाओं में दाखिल किया।सभी परीक्षार्थियों को रोल नंबर के हिसाब से कक्षाओं में बैठाया गया। सीट पर पहले से ही रोल नंबर चस्पा कर दिए गए थे। पुलिस बल तैनात रायबरेली जनपद के 107 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड परीक्षा की शुरू हो गई है। परीक्षार्थियों को प्रवेश के पहले गेट पर ही स्कूल के शिक्षकों ने चेक किया। सभी स्कूलों में प्रश्न पत्र पहुंच गए हैं। केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। निगरानी में रहेंगे प्रश्नपत्र डीआईओएस ने केन्द्र व्यवस्थापकों से कहा कि स्टैटिक मजिस्ट्रेट और वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक की मौजूदगी में सीसी कैमरे की निगरानी में स्ट्रांग रूम में रखी अलमारी खोलेंगे। अलमारी से विषय वार प्रश्न पत्र निकालेंगे। इन्हें अलमारी खोलने व बंद करने का समय और तारीख भी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। रात में प्रत्येक केन्द्र की निगरानी के लिए टीमें गठित शिक्षा विभाग के छह सचल दल केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर नकलचियों पर नजर रखेंगे। रात में प्रत्येक केन्द्र की निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं। केन्द्रों पर मंगलवार शाम से ही पुलिस बल तैनात हो गया है। स्ट्रांग रूम में रखे प्रश्न पत्रों की कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही सचल दल परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर स्ट्रांग रूम समेत अन्य व्यवस्थाएं परखी। परीक्षा केन्द्रों की हर गतिविधि की लाइव निगरानी होगी राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बने कंट्रोल रूम से परीक्षा केन्द्रों की हर गतिविधि की लाइव निगरानी होगी। डीआईओएस राकेश कुमार ने मंगलवार को सभी केन्द्र व्यवस्थापकों को नकल अध्यादेश के तहत सुचिता और पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए। परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

सुहागरात से पहले दुल्हन का बड़ा फैसला, फौजी पति को छोड़ प्रेमी के साथ भागी

  कौशांबी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. जहां मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में विवाह के तुरंत बाद दुल्हन फुर्र हो गई. आरोप है कि दुल्हन ने सुहागरात से पहले ही फौजी दूल्हे को ठुकरा दिया और घर में रखे 5 नकद और 15 लाख के जेवरात लेकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. घटना के बाद ससुराल पक्ष सदमे में है, वहीं पुलिस मामले में केस दर्ज कर जांच में जुटी है. पूरा मामला करीब एक सप्ताह पहले सराय अकिल थाना क्षेत्र के एक गांव की है. युवती की शादी 8 फरवरी को मंझनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक के साथ हुई थी. युवक भारतीय थल सेना में है. बहरहाल बरात लेकर गेस्ट हाउस पहुंचे दूल्हे के साथ युवती ने दुल्हन बनकर पूरे रीति-रिवाज से सात फेरे लिए. फिर मां-बाप समेत अन्य परिजन व रिश्तेदारों ने बेटी की विदाई की. लेकिन शायद दुल्हन किसी और को ही अपना दूल्हा मान बैठी थी. आरोप है कि दुल्हन सुहागरात से पहले ही ससुराल से 5 लाख नकद और लगभग 15 लाख के गहने लेकर फरार हो गई. दुल्हन ने दूल्हे के सांवले रंग पर जताई थी आपत्ति देर रात जब ससुराल के लोगों को जानकारी हुई तो सभी के होश उड़ गए. बताया जा रहा है कि दुल्हन ने दूल्हे के सांवले रंग को लेकर आपत्ति जताई थी. हालांकि, परिजनों ने इसे नजर अंदाज कर दिया. आरोप है कि दुल्हन पहले से ही किसी अन्य युवक के संपर्क में थी और उसी के साथ जाने की योजना बना चुकी थी. पीड़ित पति ने एफआईआर दर्ज कराई है. जिसमें कहा गया है कि मेरी पत्नी जब रात में सो रही थी, तभी सराय अकिल थाना क्षेत्र का रहने वाला निकेश कुमार बहला फुसलाकर भगा ले गया.  सीओ सदर शिवांक सिंह का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नवविवाहिता की तलाश की जा रही है.

समीर के साथ रहने की जिद पर अड़ी युवती, माता-पिता ने उठाया चौंकाने वाला कदम

अजमेर राजस्थान के अजमेर में  जो कुछ हुआ, उसने पूरे शहर को कई घंटों तक थामे रखा. सड़कों पर भीड़, थाने के बाहर जमा लोग, पुलिस की समझाइश, आंसुओं और नारों के बीच जिद पर अड़ी एक लड़की यह सब किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग रहा था, लेकिन यह हकीकत थी. मामला एक हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से शादी की जिद से शुरू होकर पारिवारिक टकराव तक जा पहुंचा. बाबूगढ़ इलाके की रहने वाली तान्या यादव (परिवर्तित नाम) की मुलाकात इंस्टाग्राम पर सुजानगढ़ नया बाजार चौक निवासी समीर दमामी से हुई थी. पहले सामान्य बातचीत, फिर रोज मुलाकात, और देखते ही देखते यह बातचीत रिश्ते में बदल गई. परिजनों के अनुसार दोनों पिछले कुछ समय से संपर्क में थे. कहानी का मोड़ तब आया जब 2 फरवरी को तान्या बिना किसी को बताए घर से चली गई. परिवार ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो चिंता गहराने लगी. कुछ ही घंटों में मामला गुमशुदगी से बढ़कर संवेदनशील बन गया. प्रेम, धर्म और फैसला परिवार का दावा है कि समीर ने तान्या को अपने साथ रहने के लिए राजी किया. वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक युवक ने युवती से विवाह की इच्छा जताते हुए धर्म परिवर्तन तक की बात कही थी. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इधर तान्या का कहना है कि वह अपनी मर्जी से समीर के साथ गई है और किसी के दबाव में नहीं है. उसने स्पष्ट शब्दों में कहा मैं मर जाऊंगी, मगर समीर के साथ ही रहूंगी.  घर पर मिली बेटी, भड़क उठा माहौल परिजनों को सूचना मिली कि तान्या समीर के घर पर है. जब वे वहां पहुंचे तो दोनों साथ मिले. इसके बाद देखते ही देखते बड़ी संख्या में परिवारजन, स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के सदस्य वहां जुटने लगे. माहौल गर्म होने लगा. लड़की को समझाने की कोशिशें हुईं, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही. परिजनों का आरोप है कि उसे बहला-फुसलाकर साथ ले जाया गया. दूसरी ओर युवती का कहना है कि उसने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया है. युवक समीर ने भी गंभीर आरोप लगाए कि लड़की के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की. हालांकि पुलिस ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांच जारी है. 45 हजार का ‘लिव-इन कार्ड’? परिवार का कहना है कि दोनों ने करीब 45 हजार रुपए खर्च कर लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक कार्ड बनवाया है, जिसे कोर्ट प्रक्रिया से तैयार कराने का दावा किया जा रहा है. दस्तावेजों की वैधता को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. घटनाक्रम के बीच सबसे भावुक और तनावपूर्ण क्षण तब आया जब युवती के पिता ने कथित तौर पर खुद पर केरोसिन डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की. मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोक लिया. पिता का कहना था कि उनकी बेटी को गुमराह किया गया है और वे किसी भी कीमत पर उसे वापस घर लाना चाहते हैं. दूसरी ओर युवती बार-बार यही दोहराती रही कि वह बालिग है और अपने फैसले लेने का अधिकार रखती है. सड़कों पर हंगामा, दुकानों में तोड़फोड़ मामला बढ़ता गया और भीड़ का गुस्सा कुछ जगहों पर फूट पड़ा. थाने के पास एक कचोरी की दुकान में तोड़फोड़ की गई. वहीं पास की एक शराब की दुकान में भी अज्ञात लोगों द्वारा नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली. पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल बुलाकर हालात संभालने की कोशिश की. कई घंटों तक अजमेर की सड़कों पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. गंज थाने के बाहर भी परिजन और कुछ संगठनों के लोग जमा रहे. युवती को समझाने का प्रयास चलता रहा, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रही. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बालिग है, इसलिए उसके बयान और इच्छा को कानूनी रूप से महत्व दिया जाएगा.  फिलहाल दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस दस्तावेजों की जांच, कथित मारपीट के आरोपों और तोड़फोड़ की घटनाओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.  

मध्य प्रदेश में बजट पेशी का दिन, जगदीश देवड़ा लाएंगे नया बजट, CM ने नवाचार का जताया भरोसा

भोपाल   मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार, 18 फरवरी को बजट 2026 (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा के पटल पर बजट पेश करेंगे. अगले साल 2027 के पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए इस बार का बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है. सरकार आज बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा कुछ नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की जा सकती हैं.  विधानसभा में बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें इस बजट का मंजूरी दी जाएगी. इस बार का बजट एमपी सरकार का सबसे बड़ा बजट हो सकता है. ये बजट मोहन सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा.  किसानों से महिलाओं तक… मोहन सरकार कर सकती है बड़ी घोषणाएं माना जा रहा है कि सरकार इसमें महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा किसानों को लेकर भी अहम वादे कर सकती हैं. बजट में किसानों के लिए अलग से कुछ प्रावधान किए जा सकते हैं.  इस बजट में ‘सीएम केयर' योजना से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर, अंग प्रत्यारोपण संस्थान, मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट सुपर, 1.40 करोड़ बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध, युवाओं के लिए 50 हजार नई भर्तियों की तैयारी में हैं. कर्ज को लेकर क्या बोले वित्त मंत्री देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आगे कहा कि महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों गंभीर हैं. बजट से सभी लोगों को राहत मिलेगी. देवड़ा ने बताया कि एमपी में कर्ज नहीं निवेश है. पूंजीगत कार्यों के लिए कर्ज लिया जाता है. ऐसा कोई प्रदेश नहीं है, जिसने कर्ज लेकर काम नहीं किया हो. हम समय पर ब्याज देते हैं और कर्ज चुकाते हैं. कर्ज लिमिट में है. कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन भत्ते में खर्च किया, जबकि बीजेपी की सरकार ने पूंजीगत व्यय में खर्च किया. वित्त मंत्री देवड़ा ने आगे कहा कि पहले जीरो बजटिंग के हिसाब से बजट था. अब रोलिंग बजट के हिसाब से हमने प्रयोग किया है. बजट के जरिए 3 साल आगे तक का रोडमैप तैयार किया है, जिसका वित्तीय प्रबंधन में लाभ मिलेगा. कैबिनेट में आज नई आबकारी नीति (MP New Excise Policy) आ सकती है. आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित: देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश का आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट “जनता का और जनता के लिए” होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट में चार प्रमुख वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब पर विशेष फोकस किया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण और विकास के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष को सरकार ने ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया था, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और निवेश को बढ़ावा मिला। वहीं इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उनकी आय में वृद्धि हो। बजट में इस दिशा में विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बजट निर्माण प्रक्रिया में आम जनता से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि यह बजट अधिक सहभागी और जनहितकारी बन सके। सीएम बोले- अनूठा नवाचार करने जा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जो अनूठा नवाचार करने जा रहा है। हमारे इस बजट में अगले 3 साल का खाका होगा, जिसमें इस वर्ष के विस्तृत बजट के साथ अगले 2 साल की विकास योजनाओं की आउटलाइन भी शामिल रहेगी। नेता प्रतिपक्ष बोले- बजट जमीनी हकीकत से दूर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बजट में प्रदेश को नई सौगात नहीं मिलने वाली। बेहतर बजट वो होता है, जो आम जनता को लाभ पहुंचाए। यह जमीनी हकीकत से दूर का बजट है। बीजेपी की सपने दिखाने की आदत है। बजट एससी-एसटी, किसान, ओबीसी किसी के पक्ष में नहीं है। जो पुरानी योजनाएं चल रही हैं, उन्हीं को नए आंकड़ों के साथ लाएंगे। किसान की आय दोगुनी नहीं कर सकते। किसान को काम नहीं देना चाहते और किसानों का वर्ष मना रहे हैं।  

सेवा लंबी, तबादला लंबा? पुलिस अफसरों के ट्रांसफर की खबरें तेज, जल्द होगी सूची जारी

इंदौर मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सैशन चल रहा है और सदन में बीजेपी-कांग्रेस के बीच जबरदस्त घमासान देखा जा रहा है । वहीं दूसरी ओर अब एक हलचल पुलिस महकमे में मचने वाली है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल किए जाने के संकेत है। दरअसल लंबे समय से एक ही जगह सेवाएं दे रहे  पुलिस अफसरों के तबादले को लेकर आहट तेज हो गई है। बहुत जल्द ये तबादला सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इस सूची में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के साथ ही पास के  जिलों के कई अधिकारियों को बदलाव सहन करना पडेगा । क्यों होने जा रहा  है प्रशासनिक फेरबदल? इस प्रशासनिक फेरबदल के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं । जानकारी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था, अपराध में सुधार लाने के साथ ही  पुलिस को जवाबदेह बनाने के मकसद से  पुलिस महकमे में बदलाव का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बदलाव बडे स्तर पर होगा जिसमें एसपी से लेकर डीआइजी स्तर तक के अधिकारी होगें। इसके साथ ही निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को यहां से वहां किए जाने की खबर है। कब तक है ये फेरबदल संभव? जानकारी है कि अभी बजट सत्र चल रहा है लेकिन फरवरी के लास्ट हफ्ते तक  प्रशासनिक सर्जरी की पूरी संभावना है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत आइपीएस और डीआइजी स्तर के करीब 2 दर्जन अधिकारी प्रभावित होंगे। वहीं दूसरे ओर  लंबे समय से एक ही जिले और थाने में चिपके बैठे अधिकारियों पर भी नजर है।  गृह विभाग ने इस संबंध में समीक्षा कर ली है। गृह विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के सुझाव और दिशा-निर्देशों पर चर्चा के बाद सूची फाइनल हो जाएगी। वहीं इंदौर डीआरपी लाइन में निरीक्षक स्तर के करीब 1 दर्जन पुलिस अधिकारी थाना मिलने के इंतजार में हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने, असंतोषजनक कार्यशैली, विभागीय जांच जैसे कई  बिंदुओं का आकलन किया गया है।  

भारतीय हॉकी टीम का होबार्ट मिशन, हार्दिक की कमान में 24 खिलाड़ी होंगे मैदान में

नई दिल्ली  हॉकी इंडिया ने एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 के होबार्ट राउंड के लिए 24 सदस्यीय वाली टीम घोषित कर दी है। ये राउंड 20 से 25 फरवरी तक होबार्ट के तस्मानिया हॉकी सेंटर में आयोजित होगा। टूर्नामेंट के इस स्टेज में भारत के साथ स्पेन और होस्ट देश ऑस्ट्रेलिया शामिल होगा। टूर्नामेंट के राउरकेला लेग में भारतीय टीम का सामना बेल्जियम और अर्जेंटीना से हुआ था, लेकिन अब फैंस का ध्यान होबार्ट लेग पर है। 24 सदस्यीय भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ होनहार युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट हार्दिक सिंह को टीम का कप्तान चुना गया है। इस टीम में अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे होनहार युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने राउरकेला लेग के दौरान सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, हरमनप्रीत सिंह निजी कारणों की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। भारतीय टीम में सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार बतौर गोलकीपर नजर आएंगे। वहीं, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय और सुमित डिफेंस को मजबूती देंगे।कप्तान हार्दिक सिंह, संजय, विवेक सागर प्रसाद और राज कुमार पाल मिडफील्ड को लीड करेंगे। यहां उनका साथ राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह और विष्णु कांत सिंह देंगे। फॉरवर्ड लाइन की कमान मंदीप सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा जैसे जाने-माने स्टार संभालेंगे। अंगद बीर सिंह, जिन्होंने पिछले साल सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था, अपने पहले इंटरनेशनल टूर के लिए भी वापस आ गए हैं। इसके अलावा, उभरते हुए टैलेंट अरायजीत सिंह हुंडल और आदित्य अर्जुन लालागे अटैकिंग लाइनअप को पूरा करते हैं। एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 (होबार्ट लेग) के लिए 24 सदस्यीय भारतीय टीम: गोलकीपर: सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार। डिफेंडर: अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, अमनदीप लाकड़ा, यशदीप सिवाच और पूवन्ना चंदुरा बॉबी। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, हार्दिक सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह, विष्णु कांत सिंह और राज कुमार पाल। फॉरवर्ड: अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, अरजीत सिंह हुंदल, आदित्य अर्जुन लालगे, अंगद बीर सिंह और मनिंदर सिंह।

कांग्रेस के संगठन में फेरबदल की तैयारी, AICC महासचिव बनने की है दावेदारी

रायपुर: कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi 20 अगस्त से सभी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में उनका छत्तीसगढ़ दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि 20 से 31 अगस्त के बीच का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर भेजा जाए। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी और खरगे के दौरे की तिथि तय की जाएगी। संगठन में बदलाव की अटकलें तेज दिल्ली से लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि बैठक में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, बघेल को ओबीसी चेहरे के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जबकि सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सिंहदेव ने इन अटकलों पर कहा कि दिल्ली में केवल चुनावी हार के कारणों पर चर्चा हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू ने भी स्पष्ट किया कि संगठनात्मक बदलाव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभियान की तैयारी शुरू दिल्ली में सभी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को जाति जनगणना अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली से लौटने के बाद बैठक लेकर जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे जनता के बीच जाति जनगणना को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकें। ओडिशा में हाल ही में पूरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी संभावित बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर हाईकमान के फैसले पर टिकी है। 

‘सिफारिश नहीं, बस योग्यता’: MP कांग्रेस में प्रवक्ता खोजने के लिए टैलेंट हंट अभियान

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ता, शोध कोऑर्डिनेटर और प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के लिए 28 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे। कांग्रेस 'टैलेंट हंट प्रोग्राम' के माध्यम से युवाओं को मौके देगी। जीतू पटवारी ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे ऊर्जावान, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और शोधपरक सोच रखने वाले साथियों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें। जीतू पटवारी ने कहा कि ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता एवं स्पष्ट वैचारिक समझ, समसामयिक मुद्दों पर गहन अध्ययन एवं शोध क्षमता, प्रभावशाली संवाद कौशल एवं वाक्पटुता, साथ ही मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक प्रस्तुति की क्षमता के अलावा संगठनात्मक अनुशासन एवं जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता रखते हों। बताया गया है कि पार्टी में प्रवक्ता, 'शोध कोऑर्डिनेटर’ और 'प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर' का चयन किया जाना है। युवाओं को मौका देगी कांग्रेस यह टैलेंट हंट कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर तक होगा और प्रतिभाशाली युवाओं को पार्टी मौका देगी। यह आवेदन 28 फरवरी तक जमा होंगे। इसके तहत संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन इंटरव्यू में एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। अंतिम निर्णय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) द्वारा लिया जाएगा। योग्यता को मिलेगा मौका जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों का आंदोलन है। यह टैलेंट हंट कार्यक्रम उसी परिवर्तन की शुरुआत है, जहां अवसर सिफारिश से नहीं, योग्यता से मिलेगा। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पहल प्रदेश की राजनीति में वैचारिक मजबूती और तथ्याधारित विपक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस ऐसे युवाओं को मंच दे रही है जो पढ़ें, शोध करें और तथ्यों के साथ जनता की आवाज बनें। यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा और सरकार के दावों की तथ्य प्रदान समीक्षा सुनिश्चित करेगा। 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन होगा मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि इस टैलेंट हंट प्रक्रिया के माध्यम से सीमित एवं गुणवत्ता-आधारित चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से केवल 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा और कुछ मीडिया पैनलिस्ट, संभाग एवं जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट तथा एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा।

हिमंता का मास्टरस्ट्रोक: चुनाव से पहले महिलाओं को मिलेगा सीधे लाभ, आरक्षण की घोषणा भी

गुवाहाटी  असम में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सियासत गर्मा गई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की जनता के लिए बड़ी घोषणाओं की झड़ी लगा दी है.  असम कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिन्हें चुनाव से पहले सरकार का सबसे बड़ा कार्ड माना जा रहा है. सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 1 लाख से ज्यादा नए लाभार्थियों को जोड़ने का फैसला किया है. इसके अलावा आदिवासी और चाय बागान समुदाय के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. महिलाओं के खाते में सीधे पहुंचेगा पैसा, क्या है सरकार की स्कीम? असम सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ राज्य में काफी लोकप्रिय हो रही है. इस योजना के तहत राज्य की 32 लाख महिलाओं को पहले ही 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ पात्र महिलाएं इस फंड से वंचित रह गई थीं. इसी को देखते हुए कैबिनेट ने आज 1,03,500 नई लाभार्थियों को जोड़ने की मंजूरी दी है. बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कैश ट्रांसफर योजनाओं की तर्ज पर असम की यह स्कीम भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है. जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को कैश देना वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश है. नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और नए सैनिक स्कूल की सौगात हिमंता कैबिनेट ने केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि आदिवासी और चाय बागान समुदायों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य की सरकारी नौकरियों (ग्रेड 1 और ग्रेड 2) में इन समुदायों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. चाय बागान समुदाय असम की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है. ऐसे में यह आरक्षण चुनावी गणित को बदलने की ताकत रखता है. साथ ही कैबिनेट ने कार्बी आंगलोंग के लांगवोकु क्षेत्र में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल बनाने के लिए 335 करोड़ रुपये के फंड को भी हरी झंडी दिखा दी है. असम बना देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट (लेखानुदान) पेश किया. बजट भाषण के दौरान उन्होंने आरबीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि असम इस समय देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है. उन्होंने दावा किया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से भी अधिक हो गई है. साल 2020-21 में यह 86,947 रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1,85,429 रुपये पहुंच गई है. यह 113 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी है. सरकार का लक्ष्य असम को 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाना है. चुनाव आयोग की तैयारी और राजनीतिक दलों की मांग एक तरफ सरकार घोषणाएं कर रही है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की टीम असम के दौरे पर है. मंगलवार को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने मांग की है कि असम में चुनाव एक या अधिकतम दो चरणों में कराए जाएं. इसके साथ ही दलों ने सुझाव दिया है कि चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू त्योहार का खास ख्याल रखा जाए. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में मार्च या अप्रैल में चुनाव होने की पूरी संभावना है.

गेस्ट टीचर्स के लिए निराशाजनक खबर, 900 शिक्षकों को आरक्षण से वंचित किया गया

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी आइटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकली है, इस सीधी नियमित भर्ती में उन्हें न आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई है। इन शिक्षकों में कई ऐसे हैं जो 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब विभाग में नियमित स्टाफ की कमी थी, तब उन्होंने संस्थानों को संभाला। अब जब स्थायी नियुक्ति का अवसर आया, तो उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर दिया गया है। अलग नीति अपना रही सरकार कई शिक्षक आयु सीमा पार करने की स्थिति में हैं, जिससे उनकी नौकरी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि सरकार अन्य विभागों में अलग नीति अपना रही है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि उच्च शिक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। लेकिन आईटीआई अतिथि शिक्षकों को ऐसा कोई लाभ नहीं मिला। तत्कालीन मंत्री यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया के समय प्रस्तावित 'संविदा नीति' आज तक लागू नहीं हो सकी। वर्तमान मंत्री गौतम टेटवाल से भी संगठन कई बार मिल चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में भी यही हाल इधर उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वानों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। जिन कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हो रही है उनसे अतिथि विद्वानों को बाहर कर दिया गया है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर न करने की घोषणा की थी हरियाणा मॉडल पर नियम तैयार कर इनको नियमित करने की बात भी कही गई थी। स्थिति यह है कि अब तक 100 से अधिक अतिथि विद्वान सेवा से बाहर हो चुके हैं लेकिन अन्य कॉलेजों में नियुक्ति नहीं दी गई।